Study about beer and brain

अगर आप बीयर पीने के शौकीन हैं, तो हो जाएं सतर्क

बीयर (Beer) को दुनिया का सबसे पुराना ऐल्कोहॉल ड्रिंक माना जाता है, जिसकी उत्पत्ति 5000 ईसा पूर्व से हुई थी। यही नहीं, बीयर दुनिया का सबसे अधिक पीने वाला एल्कोहॉलिक पेय पदार्थ भी है। अधिक मात्रा में इसका सेवन हेल्थ के लिए नुकसानदायक और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। इसलिए, इसे सही मात्रा में पीना ही हमारे लिए फायदेमंद है। एक स्टडी के अनुसार कम मात्रा में बीयर (Beer) पीना यानी दिन में दो बियर पीना ब्रेन के लिए हानिकारक है। इसका माना जा रहा है कि इससे हमारा ब्रेन (Brain) समय से पहले ही 10 साल तक बूढ़ा हो सकता है। आइए पाएं जानकारी बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain) के बारे में। बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain): पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार किसी भी मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन स्वास्थ्य को खतरा होता है। जबकि मध्यम मात्रा में इसका सेवन करने पर जोखिम कम होता है। हाल ही में हुई स्टडी के अनुसार एल्कोहॉल का सेवन करने से ब्रेन को नुकसान हो सकता है और इसके बारे में पहले से ही पता ,है लेकिन एक नई स्टडी  की मानें तो एल्कोहॉल यानी बीयर (Beer) की कम मात्रा हमारे ब्रेन (Brain) को शरिंक कर सकता है। यानी, दिन में दो बियर बीने से ब्रेन को सिकोड़ सकता है और ब्रेन (Brain) की उम्र 10 साल तक बढ़ सकती है। यह स्टडी 36,678 मरीजों के ब्रेन के एमआरआई स्कैन (MRI Scan) पर आधारित है।  इस स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग दिन में दो या इससे अधिक बीयर (Beer) पीते हैं, उनके दिमाग को नुकसान हो सकता है। यह इफेक्ट एल्कोहॉल की मात्रा के अनुसार बढ़ सकता है। इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि बीयर (Beer) या एल्कोहॉल के सेवन का प्रभाव ब्रेन (Brain) पर एक जैसा नहीं होता है। अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो शराब या बीयर (Beer) के सेवन से बचें, ताकि आपके ब्रेन की हेल्थ सही रहे। किसी भी मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन करने से कैंसर का खतरा बढ़ता है और इससे इम्युनिटी भी कम होती है। लेकिन, यह नई स्टडी बियर पीने वाले लोगों के लिए एक और चिंता का कारण है। उन्हें एल्कोहॉल के सेवन से पहले खास ध्यान रखना चाहिए।  यह तो थी बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain) के बारे में जानकारी। कुछ अन्य फूड्स भी हैं जो हमारे ब्रेन (Brain) की उम्र को बढ़ा सकते हैं। अब जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।  इसे भी पढ़ें: Antioxidant: फिट एंड फाइन रहने के लिए एंटीऑक्सीडेंट क्यों जरूरी है? फूड्स जो ब्रेन की उम्र बढ़ाएं ब्रेन (Brain) की उम्र को केवल एल्कोहॉल ही नहीं बल्कि अन्य कई फ़ूड भी बढ़ा सकते हैं। इनके अधिक सेवन ब्रेन सिकुड़ कर सकते हैं। आइए जानें इन फूड्स के बारे में। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Study about beer and brain #Studyaboutbeerandbrain #beer #brain #alcohol

आगे और पढ़ें
Ramadan 2025 timetable

रमजान 2025 सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल: जानिए 30 दिन के रोजों का सही समय

रमजान (Ramadan) का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिकता, इबादत और संयम का समय होता है। यह महीना इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने के रूप में मनाया जाता है और इसमें रोजे (उपवास) रखने का विशेष महत्व होता है। रोजे के दौरान सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (शाम का भोजन) का समय निर्धारित होता है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार तय किया जाता है। 2025 के रमजान महीने के लिए सहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का टाइम टेबल जारी किया गया है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए रोजे रखने में मददगार साबित होगा। आइए, इस टाइम टेबल और रमजान के महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं। रमजान का महत्व रमजान (Ramadan) इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य शारीरिक इच्छाओं से परहेज किया जाता है। रोजे का मुख्य उद्देश्य आत्म-नियंत्रण, संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण को बढ़ाना है। इसके अलावा, रमजान के दौरान कुरान का पाठ, नमाज और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। सेहरी और इफ्तार का समय रोजे के दौरान सेहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का समय निर्धारित होता है। सेहरी सूर्योदय से पहले किया जाने वाला भोजन है, जिसे फज्र की नमाज से पहले खाया जाता है। इफ्तार सूर्यास्त के बाद किया जाने वाला भोजन है, जिसे मगरिब की नमाज से पहले खाया जाता है। सेहरी और इफ्तार का समय स्थान और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। रमजान 2025 का सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल 2025 में रमजान का महीना से 02 मार्च से मनाया जाएगा।  रोजा तारीख सेहरी इफ्तार 1 02 मार्च, रविवार सुबह 05:15 बजे शाम 06:34 बजे 2 03 मार्च, सोमवार सुबह 05:14 बजे शाम 06:34 बजे 3 04 मार्च, मंगलवार सुबह 05:13 बजे शाम 06:35 बजे 4 05 मार्च, बुधवार सुबह 05:12 बजे शाम 06:35 बजे 5 06 मार्च, गुरुवार सुबह 05:11 बजे शाम 06:36 बजे 6 07 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:10 बजे शाम 06:37 बजे 7 08 मार्च, शनिवार सुबह 05:09 बजे शाम 06:37 बजे 8 09 मार्च, रविवार सुबह 05:08 बजे शाम 06:38 बजे 9 10 मार्च, सोमवार सुबह 05:07 बजे शाम 06:38 बजे 10 11 मार्च, मंगलवार सुबह 05:06 बजे शाम 06:39 बजे 11 12 मार्च, बुधवार सुबह 05:05 बजे शाम 06:40 बजे 12 13 मार्च, गुरुवार सुबह 05:03 बजे शाम 06:40 बजे 13 14 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:02 बजे शाम 06:41 बजे 14 15 मार्च, शनिवार सुबह 05:01 बजे शाम 06:41 बजे 15 16 मार्च, रविवार सुबह 05:00 बजे शाम 06:42 बजे 16 17 मार्च, सोमवार सुबह 04:59 बजे शाम 06:43 बजे 17 18 मार्च, मंगलवार सुबह 04:57 बजे शाम 06:43 बजे 18 19 मार्च, बुधवार सुबह 04:56 बजे शाम 06:44 बजे 19 20 मार्च, गुरुवार सुबह 04:55 बजे शाम 06:44 बजे 20 21 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:54 बजे शाम 06:45 बजे 21 22 मार्च, शनिवार सुबह 04:53 बजे शाम 06:45 बजे 22 23 मार्च, रविवार सुबह 04:51 बजे शाम 06:46 बजे 23 24 मार्च, सोमवार सुबह 04:50 बजे शाम 06:46 बजे 24 25 मार्च, मंगलवार सुबह 04:49 बजे शाम 06:47 बजे 25 26 मार्च, बुधवार सुबह 04:48 बजे शाम 06:48 बजे 26 27 मार्च, गुरुवार सुबह 04:46 बजे शाम 06:48 बजे 27 28 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:45 बजे शाम 06:49 बजे 28 29 मार्च, शनिवार सुबह 04:44 बजे शाम 06:49 बजे 29 30 मार्च, रविवार सुबह 04:43 बजे शाम 06:50 बजे 30 31 मार्च, सोमवार सुबह 04:41 बजे शाम 06:50 बजे इसे भी पढ़ें:- कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत रमजान के 30 दिनों का महत्व रमजान (Ramadan) के 30 दिनों का हर दिन विशेष महत्व रखता है। पहले 10 दिन रहमत (दया) के, अगले 10 दिन मगफिरत (क्षमा) के और अंतिम 10 दिन नजात (मुक्ति) के माने जाते हैं। रमजान के आखिरी 10 दिनों में लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) का विशेष महत्व होता है, जिसे हजार महीनों से बेहतर माना जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news हिंदी समाचार Ramadan #Ramadan2025 #SehriIftarTimeTable #FastingTimings #RamadanSchedule #IslamicCalendar #SehriTime #IftarTime #RamadanMubarak #HolyMonth #FastingTips #RamadanPreparation #IndianMuslims #SpiritualJourney #RamadanGuidance #IslamicFaith #RamadanTimetable #SehriIftar

आगे और पढ़ें
Women empowerment scheme

Women’s Day Special: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से शुरू होगा  महिला समृद्धि योजना का रजिस्ट्रेशन

जब भी कोई राजनीतिक दल चुनाव लड़ता है, तो वह जनता के बीच जाकर कई तरह के वादे करता है। इनमें आर्थिक सहायता से लेकर नई योजनाओं की घोषणा तक शामिल होती है। ये वादे चुनावी घोषणा पत्र के माध्यम से किए जाते हैं, जिसमें सरकार बनने के बाद उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया जाता है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में अपनी सरकार बनने के बाद महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। अब इस योजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यह योजना महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) के नाम से जानी जा रही है, और इसके कार्यान्वयन को लेकर नई घोषणाएं की गई हैं। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं। 8 मार्च को क्या होगा? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि महिला दिवस (8 मार्च) को महिलाओं के बैंक खातों में ₹2500 की राशि भेजी जाएगी। लेकिन अब इस संबंध में नई जानकारी सामने आई है कि महिला दिवस पर पैसे नहीं भेजे जाएंगे। इसके बजाय, 8 मार्च को इस योजना की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी और उसी दिन से पंजीकरण (Ragistration) प्रक्रिया भी शुरू होगी। इससे पहले यह स्पष्ट नहीं था कि महिलाओं को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी। अब दिल्ली सरकार ने यह साफ कर दिया है कि 8 मार्च को विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी और उसी दिन से महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। महिला समृद्धि योजना ( Mahila Samriddhi Yojana) के तहत पैसे कब मिलेंगे? अब जब यह स्पष्ट हो चुका है कि 8 मार्च (8 March) को केवल योजना की घोषणा और पंजीकरण शुरू होगा, तो सवाल उठता है कि महिलाओं के खातों में पैसे कब आएंगे? चूंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी, इसलिए यह संभावना है कि पंजीकरण पूरा होने के बाद जल्द ही लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है कि महिलाओं को पैसे कब तक मिलेंगे। संभावना है कि रजिस्ट्रेशन पूरा होने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही भुगतान शुरू किया जाएगा। सरकार की ओर से इस संबंध में जल्द ही अधिक जानकारी दी जा सकती है। किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ? महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य दिल्ली की गरीब और मध्यम वर्गीय महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो योग्यता मानदंडों को पूरा करती हैं। पात्र महिलाओं की श्रेणी: आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़: किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा? इसका मतलब यह है कि योजना का उद्देश्य वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करना है, और इसे उन महिलाओं के लिए नहीं लागू किया जाएगा जो पहले से किसी अन्य सरकारी सहायता का लाभ ले रही हैं। महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की जा रही महिला समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना उन महिलाओं के लिए फायदेमंद होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। योजना के संभावित लाभ: इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा कैसे करें आवेदन? दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी। हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि आवेदन ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन। संभावना है कि महिलाएं दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगी, या फिर स्थानीय सरकारी कार्यालयों में जाकर पंजीकरण करा सकेंगी। इस बारे में सभी जरूरी जानकारी महिला दिवस पर दिल्ली सरकार द्वारा जारी की जाएगी। महिला समृद्धि योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। हालांकि, पहले यह कहा गया था कि 8 मार्च को महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि इस दिन केवल योजना की आधिकारिक शुरुआत और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। जो महिलाएं इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, उन्हें 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिसके बाद सरकार द्वारा उनका योग्यता परीक्षण किया जाएगा और फिर पात्र महिलाओं को ₹2500 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। महत्वपूर्ण बिंदु: अब सभी की नजरें 8 मार्च पर टिकी हैं, जब दिल्ली सरकार इस योजना के बारे में पूरी जानकारी साझा करेगी। महिलाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता मिलेगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samriddhi Yojana #WomensDay #March8 #Delhigovernment #MahilaSamriddhiYojana #BJP

आगे और पढ़ें
Dhananjay Munde resigns

Dhananjay Munde resigns : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने आज यानी मंगलवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जल्द ही विधानसभा में इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। धनंजय मुंडे का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ा इस्तीफा धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े घटनाक्रमों के बाद सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें हत्या की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इस हत्या के आरोप में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हत्या की जांच के दौरान यह साफ हुआ कि मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड धनंजय मुंडे के बेहद करीबी सहयोगी थे। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे विपक्ष का दबाव भी बढ़ता गया। इस पूरे मामले के कारण महाराष्ट्र सरकार को धनंजय मुंडे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष ने दिया सरकार को अल्टीमेटम विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। विपक्षी दलों ने ऐलान किया था कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) इस्तीफा नहीं देते, तो वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और हत्या के मुख्य आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। सदन में हंगामे की आशंका के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार रात उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के आवास पर एक बैठक की। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मामले की गंभीरता पर चर्चा की और धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। धनंजय मुंडे पर इस्तीफे का दबाव क्यों बढ़ा? हत्या के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड और धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के करीबी संबंध जगजाहिर हैं। खुद धनंजय मुंडे भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि कराड उनके विश्वासपात्र हैं। जब संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) के चौंकाने वाले सबूत सामने आए, तो धनंजय मुंडे की मुश्किलें बढ़ गईं। क्या है संतोष देशमुख हत्याकांड? संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) बीते साल दिसंबर का है, जब मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख को अगवा कर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अपहरण एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के कारण हुआ था। आरोप है कि संतोष देशमुख ने कंपनी से अवैध वसूली को रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें किडनैप कर लिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के आरोपियों के धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) से करीबी संबंधों की बात सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे धनंजय मुंडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे। सरकार की सख्ती और आगे की कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही संकेत दे दिए थे कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनसीपी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद थे, लेकिन पार्टी की छवि बचाने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। अब जब मुंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना राजनीतिक असर और विपक्ष की रणनीति धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह घटनाक्रम न केवल एनसीपी के लिए एक झटका है, बल्कि भाजपा और शिवसेना के लिए भी एक अवसर हो सकता है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को और उछालने की कोशिश कर सकते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल की छवि को नुकसान पहुंचे। इस बीच, एनसीपी (NCP) को अपनी छवि सुधारने और संगठन को मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक कदम उठाने होंगे। पार्टी नेतृत्व अब यह तय करेगा कि धनंजय मुंडे को आगे क्या भूमिका दी जाए या उनसे पूरी तरह दूरी बना ली जाए। धनंजय मुंडे का इस्तीफा (Dhananjay Munde Resignation) महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ी जांच और विपक्ष के भारी दबाव के चलते मुंडे को पद छोड़ना पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह भुनाने की कोशिश करता है। इस घटनाक्रम से साफ है कि अब महाराष्ट्र में राजनीति (Maharashtra Politics) और भी तीव्र होने वाली है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Dhananjay Munde #SantoshDeshmukhMurder #NCP #MaharashtraPolitics #Dhananjay Munde #Maharashtra #BJP

आगे और पढ़ें
Bangladesh's interim leader

Muhammad Yunus statement on India: नरम पड़े मोहम्मद यूनुस के तेवर, भारत को लेकर अचानक दिया बयान, कही यह बड़ी बात

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के सुर (Muhammad Yunus statement on India) भारत को लेकर बदलते जा रहे हैं। यूनुस भारत के खिलाफ लगातार हमलावर रहे हैं, लेकिन भारत का शिकंजा कसने पर अब उनके बोल बदल गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूनुस ने एक इंटरव्यू में कहा कि “बांग्लादेश के पास भारत से अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और अन्य विकल्प नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं।” हालांकि इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “कुछ दुष्प्रचार ने दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष को जरूर पैदा कर दिया है।” बता दें कि बीबीसी बांग्ला को दिए एक इंटरव्यू में मोहम्मद यूनुस ने उन दुष्प्रचार के स्रोतों का नाम नहीं लिया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “बांग्लादेश भारत के साथ अपने संबंध में सुधार करने हेतु गलतफहमी को दूर करने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, यूनुस का यह बयान 3-4 अप्रैल को थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के आयोजन के एक महीने पहले आया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित हो सकती है।  मोहम्मद यूनुस ने बताया भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India)  इंटरव्यू के दौरान गौर करने वाली अहम बात यह कि मोहम्मद यूनुस ने भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India) बताया। उन्होंने कहा कि “दोनों देशों के रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं आई है। हमारे संबंध हमेशा अच्छे रहेंगे। वे अभी भी अच्छे हैं और भविष्य में भी अच्छे ही रहेंगे। इस बीच उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।” अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “हमारे संबंध बहुत करीबी हैं। हम एक-दूसरे पर बहुत निर्भर हैं। दोनों देश ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से इतने करीब हैं कि हम कभी अलग-थलग नहीं रह सकते।” इस बीच मोहम्मद यूनुस ने यह भी कहा कि हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष हुए हैं, जो काफी हद तक दुष्प्रचार के कारण हुए हैं। अब दूसरे लोग यह तय करें कि दुष्प्रचार करने वाले कौन हैं। लेकिन इस दुष्प्रचार के नतीजा यह हुआ है कि दोनों देशों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई। हम उन सभी गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें :– अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं दरअसल, पिछले साल बांग्लादेश में हुए आरक्षण विरोधी उग्र छात्र आंदोलन के चलते बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उसके बाद से मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार का गठन होता है। इसके बाद से मुट्ठीभर कट्टरपंथियों द्वारा बांग्लादेश में रह रहे अल्संख्यक के न सिर्फ घरों को बल्कि मंदिरों को जानबूझकर निशाना बनाया जाने लगा। इस बीच आगजनी और लूटमार की कई घटनाएं आये दिन घट रही हैं लेकिन मोहम्मद यूनुस की सरकार है कान में तेल डाले बैठी है। इस बीच जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से मोहम्मद यूनुस के सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं। यह कह लें कि भारत को लेकर उनकी अकड़ ढीली होती देखी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Muhammad Yunus statement on India #MuhammadYunus #BangladeshIndiaRelations #FairDiplomacy#NobelLaureate #SheikhHasina #SouthAsiaPolitics #YunusStatement #BangladeshInterimGovt #EquitableRelations #IndiaBangladesh

आगे और पढ़ें
Election Fraud India

Voter List Scam: कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप

एक के एक बाद लगातार कई राज्यों में चुनाव जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस लंबे अरसे से एवीएम से छेड़छाड़ (Voter List Scam) जैसे कई गंभीर आरोप लगाती आ रही है।  पहले एवीएम और अब मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भगवा पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर पहले मतदाता सूची में हेरफेर करती है और फिर चुनाव जीतती है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि वह इसका समाधान कानूनी, राजनीतिक एवं अन्य तरीकों से निकालने की कोशिश करेगी।  जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने एक ही पहचान संख्या वाले कई मतदाताओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि “पार्टी इस मुद्दे को ऐसे ही जाने नहीं देगी क्योंकि इससे देश के चुनावी लोकतंत्र को गंभीर खतरा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं और विशेषज्ञों के अधिकार प्राप्त कार्य समूह (ईगल) ने एक बयान में कहा कि “यह चुनावी लोकतंत्र के रूप में भारत के विचार के लिए एक गंभीर खतरा है। यह राजनीतिक दलों और राजनीति से परे है। बाबासाहेब आंबेडकर ने चुनावों में विधायिका के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस इस मुद्दे को मिटने नहीं देगी और वह कानूनी, राजनीतिक, विधायी तथा किसी भी अन्य माध्यम से समाधान की तलाश में सक्रिय रूप से काम कर रही है।” बता दें कि इस समूह में अभिषेक सिंघवी, पवन खेड़ा, अजय माकन, दिग्विजय सिंह, नितिन राउत, गुरदीप सिंह सप्पल और वामशी चंद रेड्डी शामिल हैं। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं (Voter List Scam) के लिए किया जा रहा है कोंग्रेसी समूह ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर (Voter List Scam) में सहभागी है। और यह दावा भी किया कि इस मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पूरे मामले पर समूह ने कहा कि “एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं के लिए किया जा रहा है, चाहे वे एक ही राज्य के एक ही निर्वाचन क्षेत्र के हों या दूसरे राज्यों के। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला है। प्रत्येक भारतीय मतदाता के लिए एक अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र एक स्वच्छ मतदाता सूची की मूलभूत आवश्यकता और आधार है। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या वाले कई मतदाता एक ही पंजीकरण संख्या वाले कई वाहनों की तरह विचित्र हैं। किसी भी चुनावी लोकतंत्र में ऐसा सुनने में नहीं आता है।” गौरतलब हो कि दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताओं और असामान्य स्थितियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि यह तार्किक और सांख्यिकीय दोनों तरह से बेतुका है कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (40 लाख) ज्यादा नए मतदाता पंजीकृत किए, जबकि 2019 और 2024 के बीच पूरे पांच साल की अवधि में (32 लाख) इतने मतदाता पंजीकृत नहीं किए गए।”   इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में उठाया था चुनावों में धांधली (Voter List Scam) का मुद्दा  बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह मुद्दा (Voter List Scam) उठाया था। हालांकि इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी बुलाया था। इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने बयान में कहा कि “निर्वाचन आयोग की चुप्पी ने मतदाता सूची में हेराफेरी में उसकी मिलीभगत को और पुख्ता किया है। जब कई मतदाताओं द्वारा एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के सबूत सामने आए, तो आयोग ने शुरू में यह दावा किया कि एक मतदाता पहचान पत्र संख्या सभी राज्यों में हो सकती है, लेकिन यह किसी एक राज्य के लिए अलग होती है।” उन्होंने कहा कि “यह भी एक सरासर झूठ निकला, क्योंकि एक ही राज्य और एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदाताओं द्वारा एक ही पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद इस पर चुप्पी साध ली गई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Voter List Scam #VoterListScam #CongressVsBJP #ElectionFraud #IndianPolitics #VoteTampering #BJPCongressClash #ECUnderFire #ElectionScam #DemocracyAtRisk #PoliticalControversy

आगे और पढ़ें
USUkraineRelations

Trump suspends Ukraine aid: अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक

पिछले 3 वर्षों से भी अधिक समय से रूस और यूक्रेन के बीच खूनी जंग जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में जल्द से जल्द जंग को रुकवाना चाहते हैं। यही नहीं, वो इस हेतु हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बैठक भी हुई थी। उम्मीद थी कि इस बैठक में कोई न कोई हल निकाल लिया जायेगा। हल तो निकलना दूर की बात दोनों में आपस में ही तू-तू, मैं-मैं हो गई। हैरत यह कि इस बैठक में राष्ट्रपति अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वांस और वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बुरी तरह से बहस हो गई थी। हालांकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी चैनल को दिए एकसाक्षात्कार में ट्रंप के साथ अभद्र व्यवहार करने के लिए ज़ेलेंस्की से माफ़ी मांगने को कहा था। लेकिन उन्होंने से साफ इंकार कर दिया था। कहने की जरूरत नहीं, इस बहस के बाद डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह झल्लाए हुए हैं। अपनी इसी झल्लाहट के ही चलते यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए उन्होंने यूक्रेन को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक (Trump suspends Ukraine aid) लगा दी है। दरअसल, एपी द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से ओवल ऑफ़िस की एक बुरी बैठक के बाद यूक्रेन को अमेरिकी सहायता पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।” ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद अमेरिकी ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने (Trump suspends Ukraine aid) का दिया आदेश  अमेरिकी और यूक्रेन के तनाव के बीच सोमवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि” राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने का आदेश दिया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि “राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका ध्यान शांति पर है। अपने भागीदारों से भी उस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी सहायता रोक (Trump suspends Ukraine aid) रहे हैं। और इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि यह पीस डील में मदद करेगा।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि “यह रोक उन सभी सैन्य उपकरणों पर लागू होगी जो अभी यूक्रेन को दिए नहीं गए हैं। जो हथियार यूक्रेन को अमेरिका की ओर से पहले मिल चुके हैं, अभी भी वह उनका इस्तेमाल कर सकता है।”  इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का है हिस्सा  बता दें कि ब्लूमबर्ग न्यूज और फॉक्स न्यूज ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप तब तक सभी सहायता रोक देंगे जब तक कि कीव शांति के लिए बात करने के लिए प्रतिबद्धता न दिखाए। ट्रंप ने ये आदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद दिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि जेलेंस्की “जब तक अमेरिका का समर्थन उनके साथ है, वो शांति नहीं चाहते हैं।” सीएनएन के मुताबिक यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप को लगता है कि सहायता रोकने के बाद जेलेंस्की फिर समझौता करने के लिए तैयार होंगे। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी जाने वाली मदद पर रोक लगा दी है तो वहीं दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद अमेरिका ने इजराइल को दी जाने वाली मदद बढ़ा दी है। यही नहीं, बाइडेन प्रशासन में हथियारों की सप्लाई पर लगाए आर्जी प्रतिबंध को भी हटा दिया है। अमेरिका की इस पहल से गदगद नेतन्याहू ने ट्रंप का धन्यवाद किया है और अमेरिका को अपने सच्चा साथी बताया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump suspends Ukraine aid #TrumpUkraineAidPause #USMilitaryAidSuspension #ZelenskyPeaceTalks #USUkraineRelations #TrumpForeignPolicy #UkraineRussiaConflict #MilitaryAidReview#PeaceNegotiations #USForeignAssistance #GeopoliticalTensions

आगे और पढ़ें
Husband murder for insurance

Husband murder for insurance: 1 करोड़ के इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर की अपने ही पति की हत्या

पैसा इंसान की नीयत ख़राब कर देता है। बहुत मुमकिन है कि कभी-कभी पैसों की लालच में आकर अपने सगे रिश्ते ही खून के प्यासे हो जाते हैं। कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं जहां चंद पैसों की लालच में सगे खून ने ऐसा रंग बदला कि समूची इंसानियत ही शर्मसार हो उठी। ऐसा ही एक मामला हुआ है महाराष्ट्र के सांगली जिले में, जहाँ एक करोड़ रुपये की बीमा राशि के लिए पत्नी ने बेटे और एक साथी के साथ मिलकर अपने ही पति को ही (Husband murder for insurance) मौत की नींद सुला दिया। सोचने वाली बात यह कि यह हत्या पति के एक करोड़ रुपये के बीमा को हथियाने के लिए की गई। दोनों मां बेटे को मौत को दुर्घटना बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान वनिता बाबूराव पाटिल, उसके बेटे तेजस बाबूराव पाटिल और उसके मित्र भीमराव गणपतराव हुलवान के रूप में हुई है। 1 मार्च को इन्हें पुलिस ने सांगली से गिरफ्तार किया था। इस मामले पर सहायक पुलिस इंस्पेक्टर अमोल शिवशरण ने कहा कि “हालाँकि वनिता अपराध स्थल पर नहीं थी, लेकिन उसने ही योजना बनाई थी।” वनिता अपने पति पर आत्महत्या (Husband murder for insurance) का दबाव बनाने लगी बता दें कि पूरा मामला बीमा राशि के लिए किये कत्ल से जुड़ा है। दरअसल, 56 वर्षीय बाबूराव पाटिल पर 50 लाख रुपये का कर्ज था, जिसमें एक होम लोन भी शामिल था। अक्सर देनदार तकाजा करने घर आया करते थे। इस दरम्यान जब बैंक ने नीलामी नोटिस जारी कर दिया। रोज-रोज के तकाजे और बैंक की नोटिस से पत्नी वनिता और बेटा तेजस दोनों परेशान हो चुके थे। वो किसी भी तरह से इस कर्ज से मुक्त होना चाहते थे। आखिर समाज में उनकी अपनी इज्जत धूमिल जो हो रही थी। इस दरम्यान उन्हें अपने पति के इन्सुरेंस पॉलिसी के बारे में पता चला। उन्हें यह भी पता चला कि इन्सुरेंस के रकम करोड़ों में है। बता दें कि बाबूराव के पास चार बीमा पॉलिसियाँ थीं, जिनमें एक 1 करोड़ रुपये की टर्म प्लान भी शामिल थी। फिर क्या था, अपनी झूठी साख को बचाने के लिए एक दिन पत्नी वनिता बाबूराव से कहती है कि “वो आत्महत्या (Husband murder for insurance) कर ले। इससे हम कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।” लेकिन पति ने उसे अनसुना कर दिया।  पति द्वारा अनदेखा किए जाने से वनिता नाराज थी (Husband murder for insurance) अब वो आये दिन बाबूराव पर आत्महत्या करने के लिए दबाव बनाने लगी। वो दबाव तो बना रही थी लेकिन बाबूराव था कि हर बार अनदेखा किए जा रहा था। पति द्वारा इस तरह अनदेखा किए जाने से वनिता क्रोधित हो उठी। और इस बीच उसने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने ही पति को ठिकाने लगाने की साजिश बनाने लगी। चूँकि वनिता कोई पेशेवर कातिल तो थी नहीं। उसे यह भी पता था कि यह काम अकेले माँ-बेटे के बस का नहीं है। इस काम में एक और शख्स की आवश्यकता होगी। सो, इस काम के लिए उसने अपने बेटे के दोस्त भीमराव गणपतराव हुलवान को पैसों का लालच देकर राजी किया। फिर तीनों ने मिलकर एक्सीडेंट (Husband murder for insurance) दिखाने की साजिश रचने लगे।  बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसे कार से कुचल (Husband murder for insurance) दिया इस बीच वनिता रोज-रोज बाबूराव पर आत्महत्या करने हेतु दबाव बनाने लगी। पैसों के खातिर पत्नी यह रवैया देख बाबूराव टूट गया और हाईवे पर जाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। लेकिन वो असफल रहा। इस बीच 10 फरवरी की रात 2 से 3 बजे के बीच मिरज-पंढरपुर हाईवे स्थित लांडेवाड़ी के पास उसके अपने बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसके सर को डिवाइडर पर इतने जोर से पटका कि उसकी मौत (Husband murder for insurance) हो गई। इसके बाद दोनों घटनास्थल से फरार हो गए। ऐसा इसलिए ताकि पुलिस इसे एक्सीडेंट समझकर मामला रफादफा कर दे। अगले दिन सुबह बाबूराव पाटिल का शव आर्या होटल के पास उसके भाई सागर पाटिल को मिला। भाई को इस तरह जख्मी हालत में देख उसने आनन-फानन में उसे नजदीकी हॉस्पिटल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच डॉक्टरों ने घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे एक्सीडेंट ही मानकर चल रही थी। इस संबंध में पुलिस ने मृतक के परिवार वालों से पूछताछ शुरू कर दी। सबके बयान से तो पुलिस संतुष्ट दिखी, लेकिन माँ-बेटे के गुमराह करने वाले बयान ने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस की पहली शक की सुई माँ-बेटे पर ही गई।  इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ शुरुआती जांच में माँ-बेटे ने किया पुलिस को गुमराह (Husband murder for insurance) दरअसल, दोनों ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वे कराड में थे। खैर, पुलिस ने फिर से ज़ेरोईन करना शुरू किया। इसी बीच पुलिस मोबाइल के कॉल रिकार्ड्स, मोबाइल के लास्ट लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया। फिर उनके हाथ ऐसा सुराख़ लगा कि पुलिस ने एक बार फिर माँ-बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया। और इस बात सख्ती से पूछताछ की। जब पुलिस ने उन्हें कॉल डिटेल्स और लोकेशन दिखाई तो माँ-बेटे दंग रह गए। थोड़ी ही देर में उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद सांगली पुलिस ने मृतक बाबूराव की पत्नी वनिता, बेटे तेजस और उसके साथी भीमराव को हत्या और हत्या की साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder for insurance #InsuranceMurder #CrimeForMoney #HusbandMurder #ShockingCrime #FamilyBetrayal #CrimeNews #InsuranceFraud #TrueCrime #MurderMystery #JusticeForVictim

आगे और पढ़ें
US-Ukraine Tensions Rise

अमेरिका और यूक्रेन की रिश्तों में आ गई है दरार, क्या होगा इसका वैश्विक असर?

हाल ही में अमेरिका के व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Ukraine President Volodymyr Zelensky) और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) के बीच हुई तीखी बहस ने विश्व भर में राजनीति हलचल मचा दी है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की की आक्रामक रणनीति पर सवाल उठने लगे कि क्या इससे अमेरिकी मदद प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अब ऐसा लग रहा है कि जेलेंस्की अपने रुख में नरमी लाने के संकेत दे रहे हैं। अमेरिका से जेलेंस्की की मांगें मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने अमेरिका से कुछ ठोस गारंटी की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका उनकी शर्तों को मान लेता है, तो वे राष्ट्रपति पद छोड़ने और मिनरल डील करने के लिए तैयार हैं। उनकी प्रमुख मांगों में यूक्रेन को नाटो की सदस्यता और सुरक्षा की गारंटी शामिल है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि वह रूस के साथ किसी भी शांति समझौते के तहत अपनी जमीन छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। ट्रंप से दोबारा मुलाकात को लेकर जेलेंस्की का रुख वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) ने संकेत दिए कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति उन्हें गंभीर चर्चा के लिए बुलाते हैं, तो वे फिर से बातचीत के लिए तैयार हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार जेलेंस्की ने कहा कि वह वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने और निर्णायक निर्णय लेने के लिए हर तरह के संवाद के लिए तैयार हैं। व्हाइट हाउस (White House) में हुई थी बहस  पिछले शुक्रवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में दोनों नेताओं के बीच बहस काफी बढ़ गई थी। ट्रंप ने आरोप लगाया कि जेलेंस्की शांति वार्ता में रुचि नहीं रखते और अगर कोई समझौता नहीं होता, तो अमेरिका इस युद्ध से खुद को अलग कर लेगा। जवाब में जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन बिना सुरक्षा गारंटी के युद्धविराम को स्वीकार नहीं कर सकता। मिनरल डील और आपसी तनाव वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelensky) की अमेरिका यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच खनिज संपदा को लेकर समझौता करना था। हालांकि, वार्ता में तनाव इस कदर बढ़ गया कि रिश्तों में खटास आ गई और अंततः जेलेंस्की को व्हाइट हाउस (White House) छोड़ना पड़ा। बातचीत के दौरान, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि युद्ध का अंत कूटनीति से संभव है, तो जेलेंस्की ने तुरंत जवाब दिया और पूछा कि वे किस प्रकार की कूटनीति की बात कर रहे हैं। ट्रंप का कड़ा रुख डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जेलेंस्की को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यूक्रेन गंभीर संकट में है और अकेले यह युद्ध नहीं जीत सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को 350 अरब डॉलर की सहायता दी है, साथ ही सैन्य उपकरण भी प्रदान किए हैं। ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि अगर अमेरिका की सैन्य सहायता न होती, तो यह युद्ध दो हफ्तों में खत्म हो सकता था। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की पुतिन से नफरत करते हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी ठोस रणनीति के बिना डील की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जेलेंस्की चाहते हैं कि अमेरिका सख्ती दिखाए, तो वे दुनिया में किसी भी व्यक्ति से ज्यादा सख्त हो सकते हैं, लेकिन इस तरह से कोई समझौता नहीं हो सकता। इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल वैश्विक असर इस बहस के बाद वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। यूरोपीय देशों ने यूक्रेन के प्रति समर्थन जताया, जबकि कुछ अमेरिकी सांसदों ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की नीतियों पर सवाल उठाए। इस घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अमेरिका और यूक्रेन (America and Ukraine) के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है, खासकर अगर यूक्रेन को अपेक्षित सहायता न मिले। व्हाइट हाउस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस ने दोनों देशों के संबंधों पर गहरा प्रभाव डाला है। जेलेंस्की अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि ट्रंप अमेरिका की स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देश अपने संबंधों को किस दिशा में ले जाते हैं और रूस-यूक्रेन युद्ध का भविष्य क्या होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Ukraine President Volodymyr Zelensky #USUkraineRelations #GlobalTensions #UkraineCrisis #Geopolitics #RussiaUkraineWar #BidenZelensky #USForeignPolicy #NATO #WorldPolitics #DiplomaticCrisis

आगे और पढ़ें
Rohit Sharma fat remark

Rohit Sharma Fat Remark: कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना

इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की टीम ने अभी तक बड़ा ही उम्दा प्रदर्शन किया है। अपने प्रदर्शन के दम पर ही रोहित की सेना ने सेमीफइनल में प्रवेश किया है।।इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही तक टीम इंडिया ने बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को क्रिकेट के मैदान में धूल चटाई है। इतना शानदार परफॉर्मेंस करने के बावजूद रोहित शर्मा (Rohit Sharma Fat Remark) को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। यह आलोचना किसी क्रिकेटर ने नहीं बल्कि कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने की है। शमा मोहम्मद ने रोहित शर्मा की तुलना भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों से करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, कपिल देव, राहुल द्रविड़, महेंद्र सिंह धोनी,और रवि शास्त्री जैसे दिग्गजों की तुलना में रोहित शर्मा में ऐसा क्या है जो विश्व स्तरीय है? वह एक औसत खिलाड़ी और कप्तान है जिसे संयोग से भारतीय टीम की कप्तानी मिल गई।” उनके इस बयान की वजह से सियासी घमासान छिड़ गया है। उनके इस विवादित बयान पर बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस प्रवक्ता ने कप्तान रोहित शर्मा को एक खिलाड़ी के तौर पर मोटा कहा है। इसके अलावा उन्होंने रोहित शर्मा को भारत का अब तक का सबसे अप्रभावी कप्तान बताया है। कांग्रेस नेता शमा ने रोहित शर्मा के फिटनेस पर सवाल खड़े करते हुए उनकी कप्तानी को भी खराब कह दिया है। जिसके बाद भाजपा ने भी उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई है। बवाल बढ़ता देख कांग्रेस ने शमा मोहम्मद को अपनी पोस्ट (Rohit Sharma Fat Remark) डिलीट करने के लिए कहा  भाजपा नेताओं ने इसे कांग्रेस की सोच बताते हुए शमा मोहम्मद पर कड़ा हमला बोला है। मजे की बात यह कि पूरे मामले पर कांग्रेस पार्टी ने उनके इस पोस्ट से किनारा कर लिया है। कांग्रेस का कहना है कि “वह देश के खिलाड़ियों का सम्मान करती है।” बढ़ते विरोध को देखते हुए कांग्रेस ने शमा मोहम्मद को अपनी पोस्ट (Rohit Sharma Fat Remark) डिलीट करने के लिए भी कहा है। जानकारी के मुताबिक़ इसके बाद शमा मोहम्मद ने एक्स पर की गई अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया है। वहीं पूरे विवाद पर शमा मोहम्मद ने कहा कि “मैंने किसी का अपमान करने के लिए ट्वीट नहीं किया था। उस ट्वीट में मैंने कहा कि एक खिलाड़ी होने के नाते उनका (रोहित शर्मा) वजन ज्यादा है। ये बॉडी शेमिंग नहीं है। मैंने कहा कि वे एक अप्रभावी कप्तान हैं, क्योंकि मैंने उनकी तुलना पहले के कप्तानों से की थी। उन्होंने अपनी सफाई में आगे कहा कि जब विराट कोहली मोहम्मद शमी के साथ खड़े थे, तब उन पर भाजपा के लोगों ने क्यों हमला किया था? वे एक अच्छे कप्तान थे, वे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं और रन बनाते हैं। वे दूसरे टीम के खिलाड़ियों की भी अच्छा करने पर तारीफ करते हैं। मेरे हिसाब से विराट अच्छे कप्तान हैं। आज कल प्रधानमंत्री भी फिट इंडिया के बारे में बात करते हैं। खिलाड़ी को फिट होना चाहिए।” खैर, इस बीच जब शमा का एक्स पर किया गया पोस्ट वायरल हुआ तब न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि “यह एक खिलाड़ी की फिटनेस के बारे में एक सामान्य ट्वीट था। यह बॉडी शेमिंग नहीं था। मुझे अधिकार है। कहने में क्या गलत है? यह लोकतंत्र है।” Those who have lost 90 elections under captaincy of Rahul Gandhi are calling captaincy of Rohit Sharma unimpressive! I guess 6 ducks in Delhi and 90 election losses is impressive but winning T20 World Cup isn’t! Rohit has a brilliant track record as captain by the way! pic.twitter.com/5xE8ecrr4x — Shehzad Jai Hind (Modi Ka Parivar) (@Shehzad_Ind) March 3, 2025 इसे भी पढ़ें:-  हम तीनों ने मिलकर लड़ाई लड़ी’, CM फडणवीस ने मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए कहा- सब कुछ ‘कूल’ पूनावाला ने की रोहित के ट्रैक रिकॉर्ड (Rohit Sharma Fat Remark) की तारीफ  हालाँकि इस पूरे विवाद पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि “राहुल गांधी की कप्तानी में 90 चुनाव हारने वाले रोहित शर्मा की कप्तानी को बेकार बता रहे हैं। पूनावाला ने रोहित के ट्रैक रिकॉर्ड (Rohit Sharma Fat Remark) की भी तारीफ की और उनकी टी20 वर्ल्ड कप जीत का जिक्र किया। तो वहीं, कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुईराधिका खेड़ा ने आरोप लगाया कि “कांग्रेस ने दशकों तक खिलाड़ियों का अपमान किया और अब एक क्रिकेट लीजेंड का मजाक उड़ा रही है।” राधिका ने कहा कि “यह वही कांग्रेस है जिसने दशकों तक खिलाड़ियों का अपमान किया, उन्हें पहचाना नहीं और अब एक सेल्फ मेड चैंपियन का मजाक उड़ा रही है।” खैर, यह पहली बार नहीं हुआ है, जब किसी ने रोहित शर्मा की फिटनेस पर सवाल उठाया है, लेकिन इस बार कांग्रेस नेता नेत्री का भारतीय कप्तान की कप्तानी को बेअसर बताना और उन्हें मोटा कहना भारी पड़ गया है। अब उनके बयान को लेकर जमकर आलोचना हो रही है। जानकारी के लिए बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफइनल मैच में टीम इंडिया की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से होगी। यह मुकाबला 4 मार्च को भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2.30 बजे शुरू होगा। #WATCH | On her comment on Indian Cricket team captain Rohit Sharma, Congress leader Shama Mohammed says, "It was a generic tweet about the fitness of a sportsperson. It was not body-shaming. I always believed a sportsperson should be fit, and I felt he was a bit overweight, so I… pic.twitter.com/OBiLk84Mjh — ANI (@ANI) March 3, 2025 Latest News in Hindi Today Hindi news Rohit Sharma Fat Remark #RohitSharma #RohitSharmaFatRemark #CongressVsBJP #RohitVsRahul #PoliticalDebate #CricketControversy #BJPvsCongress #ViralNews #SportsPolitics #RohitSharmaFans

आगे और पढ़ें
Translate »