वायरल फीवर (Viral fever) एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकती है। इसका कारण कई वायरल इंफेक्शंस को माना जाता है। इस समस्या में रोगी के शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जो हानिकारक वायरस के प्रति हमारे इम्यून सिस्टम के रिस्पांस का संकेत है। इस समस्या के कई लक्षण हो सकते हैं जैसे शरीर में दर्द, थकावट आदि और गंभीर मामलों में इसके कारण रोगी को कई कॉम्प्लीकेशन्स का सामना भी करना पड़ सकता है। बुजुर्गों, बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए वायरल फीवर (Viral fever) चिंता का विषय हो सकता है। आइए जानें वायरल फीवर के लक्षणों (Symptoms of Viral Fever) के बारे में। इसके उपचार और बचने के तरीकों के बारे में भी जानें।
वायरल फीवर के लक्षण (Symptoms of Viral Fever)
हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार वायरल फीवर (Viral fever) में रोगी को हाई टेम्प्रेचर की समस्या हो सकती है। उनके शरीर का तापमान 103°F से भी अधिक बढ़ सकता है। मनुष्यों को कई तरह के वायरल इंफेक्शंस प्रभावित करते हैं। इनमें से कई इंफेक्शंस में रोगी को कम बुखार होता है जबकि कई वायरल इंफेक्शंस जैसे डेंगू में रोगी को हाई फीवर होता है। वायरल फीवर के लक्षण (Symptoms of Viral Fever) इस प्रकार हो सकते हैं:
- ठंड लगना
- पसीना आना
- डिहाइड्रेशन
- सिरदर्द
- मसल्स में दर्द
- भूख न लगना
यह लक्षण अधिकतर रोगी में कुछ दिनों तक ही दिखाई देते हैं। अब जानिए वायरल फीवर (Viral fever) के कारण क्या हो सकते हैं?
वायरल फीवर के कारण
- वायरल फीवर (Viral fever) एक वायरस के इंफेक्शन (Infection) के कारण होता है। यह वायरस बहुत छोटे संक्रमित एजेंट्स होते हैं, जो शरीर के सेल्स को इंफेक्ट करते हैं। कई तरीकों से हम वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। जानिए इनके बारे में:
- यह वायरल इंफेक्शन (Infection) संक्रमित व्यक्ति की छींक या खांसी के माध्यम से फैल सकता है। इन ड्रॉप्लेट्स को सांस के माध्यम से शरीर के अंदर लेने पर यह समस्या हो सकती है।
दूषित फ़ूड और ड्रिंक्स भी इस इंफेक्शन (Infection) का कारण बन सकती हैं।
- कीड़ों और अन्य जानवर भी इस वायरस को केरी करते हैं। अगर यह किसी व्यक्ति को काटते हैं तो इंफेक्शन (Infection) डेवलप हो सकता है।
- किसी संक्रमित व्यक्ति के शरीर के फ्लूइड के एक्सचेंज से भी यह समस्या हो सकती है।
वायरल फीवर का उपचार
ज्यादातर वायरल फीवर (Viral fever) के मामलों में खास उपचार की जरूरत नहीं होती है है। इसके उपचार के तरीकों में लक्षणों से आराम पाने पर फोकस किया जाता है। इसके सामान्य उपचार के तरीके इस प्रकार हैं:
बुखार कम करने के लिए ओवर-द-काउंटर दवाईयां लेना जैसे आइबूप्रोफेन और एसिटामिनोफेन आदि।
- जितना हो सके उतना अधिक आराम करे।
- हल्का और जल्दी पचने वाला खाना खाएं।
- अधिक से अधिक पानी और हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें।
- एंटीवायरल मेडिकेशन्स लें जैसे ओसेल्टामिविर फॉस्फेट।
- समय-समय पर अपनी जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें। अगर समस्या अधिक होती है तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
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वायरल फीवर से कैसे बचें?
- वायरल फीवर (Viral fever) से बचाव के लिए कई चीजों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे:
- हाइजीन का खास ध्यान रखें। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं। खांसते और छींकते हुए अपने मुंह को कवर करें और बीमार लोगों के संपर्क आने से बचें।
- विभिन्न वायरस जैसे इन्फ्लुएंजा, मीजल आदि के लिए वैक्सीनेशन कराएं। समय-समय पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इंजेक्शन लगवाएं।
- मच्छरों के कारण होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए सही तरीके अपनाएं। मॉस्क्वीटो रिपेलेंट्स का इस्तेमाल करें, सही कपड़े पहनें और अपने आसपास सफाई का खास ध्यान रखें।
नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।
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