इनफर्टिलिटी (Infertility) गर्भधारण न कर पाने की असमर्थता को कहा जाता है। आमतौर पर इनफर्टिलिटी (Infertility) यानी 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संभोग के बाद भी कंसीव न कर पाना। इनफर्टिलिटी को अधिकतर महिलाओं से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। अप्रैल 23 से अप्रैल 29 तक को नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। आजकल बहुत से लोग इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं को जल्दी फर्टिलिटी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। आइए जानें इस वीक और यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) के बारे में विस्तार से।
नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) क्यों मनाया जाता है?
रिजॉल्व: द नेशनल इनफर्टिलिटी एसोसिएशन (RESOLVE: The National Infertility Association) के अनुसार नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) को रिप्रोडक्शन हेल्थ से सम्बन्धित चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा इस सप्ताह उन लोगों को सक्षम बनाया जाता है जो बांझपन जैसी समस्या से गुजर रहे हैं।
कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है?
वीमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स (Women Fertility Problem) की वजह है जीवन जीने के तरीके में खराबी। हालांकि, इसके अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ 30 या 40 साल की उम्र की महिलाओं को प्रभावित नहीं कर रही है बल्कि आजकल 20 साल की उम्र की लड़कियों पर भी इसका असर हो रहा है। इस उम्र की लड़कियों में खासतौर पर लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) समस्या देखने को मिल रही है। इसीलिए डॉक्टर यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की सलाह देते हैं, ताकि लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) की समस्या से बचा जा सके। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी चेकअप और जागरूक रहने से महिलाएं इस समस्या से कुछ हद तक बच सकती है। इसके कुछ समाधान इस प्रकार हैं:
- लड़कियां एंटी-म्यूलरियन हार्मोन यानी एएमएच और अन्य स्कैन्स से अपनी शुरुआती जांच कराएं।
- शुरुआत में ही जांच और जागरूक रहने से लड़कियां रिप्रोडक्टिव फ्यूचर के लिए प्लान कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर एग्स भी फ्रिज कराये जा सकते हैं।
यह तो थी जानकारी कि यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? इसके कारणों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि महिलाएं इन्हें अवॉयड कर सकें।
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फर्टिलिटी प्रॉब्लम के कारण
कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी प्रॉब्लम और लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:
- खराब जीवनशैली जैसे एक्सरसाइज न करना, अनहेल्दी आहार (Unhealthy Food), तनाव आदि महिलाओं की फर्टिलिटी पर बुरा असर ड़ाल सकते हैं। इसलिए, अपनी लाइफस्टाइल को हेल्दी बनाये रखें।
- ऐसा माना गया है कि हार्मोनल असंतुलन से भी ओवेरियन फंक्शन प्रभावित हो सकता है। इसलिए समय रहते ही इसका उपचार कराएं।
नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।
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