अमूमन टूरिज्म का नाम सुनते ही मन में बैग पैक कर कहीं घूमने अथवा सैर-सपाटे का ही दृश्य नजर आता है। लेकिन स्लीप टूरिज्म में ऐसा नहीं है। स्लीप टूरिज्म यानी एक ऐसी ट्रिप्स या छुट्टियां जहां फोकस घूमने के बजाय अच्छी नींद पर होता है। आपको जानकर तज्जुब होगा कि अब लोग सिर्फ सोने के लिए सैर पर निकल रहे हैं। इस नए चलन को स्लीप टूरिज्म का नाम दिया गया है। इसमें नींद को सुधारने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा मेडिकल जांच और इलाज या फिर ऐसे स्पा ट्रीटमेंट्स दिए जाते हैं जो नींद लाने में मदद करते (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में ये इंडस्ट्री लगभग 690 बिलियन डॉलर की हो चुकी है और तो और साल 2028 तक इसमें 400 बिलियन डॉलर की और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इसके पीछे की वजह यह कि अब लोग हेल्थ को सिर्फ डाइट और एक्सरसाइज के रूप में ही नहीं देख रहे बल्कि वो नींद को भी अहमियत देने लगे हैं।
दुनिया भर में कई तरह के स्लीप-फोकस्ड ट्रिप्स मिल रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं
हालाँकि देखा यह भी गया है कि अब जब लोग जब छुट्टियों पर जाते हैं, तो वे काम से कोसों दूर रहते हैं और बच्चों के साथ टाइम स्पेंड करते हैं। अधिकतर लोग परिवार के बाद नींद को प्राथमिकता देना चाहते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि होटल्स भी इसीलिए नींद को लेकर नए-नए प्रोग्राम्स बना रहे हैं। इस नए ट्रेंड के तहत दुनिया भर में कई तरह के स्लीप-फोकस्ड ट्रिप्स मिल रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। स्पेन के कई वेलनेस क्लिनिक में तो मेडिकल स्लीप प्रोग्राम मिलता है। यहां डॉक्टर सबसे पहले आपकी नींद की जांच करते हैं। जैसे, बार-बार नींद खुलना या खर्राटे। इसके बाद फिर वो आपकी लाइफस्टाइल, डाइट और कुछ तकनीकों से नींद बेहतर करने की प्लानिंग करते हैं।
यूके में 74% लोग नींद न आने की बीमारी से ग्रसित (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं
इस बात इंकार नहीं किया जा सकता कि नींद की कमी अब एक आम समस्या बन चुकी है। दुनिया भर में लोग नींद न आने की बीमारी से पीड़ित हैं। एक आकड़ें के मुताबिक तो यूके में 74% लोग इस बीमारी से ग्रसित हैं। यहाँ तक 5 से 7 % लोग तो नींद पूरी न होने के चलते थकान की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास जा रहे हैं। बेशक आज के युग में अच्छी नींद को अब एक लक्जरी माना जाने लगा है। ध्यान देने वाली बात यह कि लोग इसे पाने हेतु बड़ी कोशिश भी कर रहे (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हैं। कारण यही जो आजकल एक नया ट्रेंड काफी मशहूर हो रहा है। जिसे स्लीप टूरिज्म कहा जा रहा है। यह इस कदर मशहूर हो रहा है कि इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं जहाँ एक तरफ सोशल मीडिया पर लोकबाग सुबह योगा करते दिखते हैं, वहीं कई लोग अपनी नींद से जुड़ी रिपोर्ट्स भी शेयर कर रहे हैं। है न, हैरत वाली बात? नीदं से जुड़ी रिपोर्ट्स।
इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार
टेक्नोलॉजी से नींद को बेहतर बनाने की दिशा में भी (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) हो रहा है प्रयास
गौरतलब हो कि स्लीप और ड्रीम एक्सपर्ट चार्ली मॉर्ली ने लंदन के किम्पटन होटल के साथ एक प्रोग्राम बनाया है। उनके इस प्रोग्राम में मेहमान वीआर हेडसेट लगाकर गाइडेड मेडिटेशन करते हैं। और इस दौरान खास हर्बल टी पीते हैं। बहुत मुमकिन है भविष्य में स्लीप टूरिज्म में स्मार्ट बेड्स, डेटा एनालिसिस और टेक्नोलॉजी से ये भी देखा जा सकेगा कि क्या तरीका आपके लिए सबसे असरदार (Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest) है। इसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि भले ही टेक्नोलॉजी नींद खराब करने का कारण बनती हो, लेकिन बड़ी बात यह कि उसी टेक्नोलॉजी से नींद को बेहतर बनाने की दिशा में भी प्रयास हो रहा है। ऐसे में यदि आप भरपूर नींद का मजा एक सुंदर नजारे को देखते हुए लेना चाहते हैं, तो भारत में ये जगह इसके लिए बेस्ट मानी गई हैं। इसमें मनाली, ऋषिकेश, गोवा, कुर्ग और मैसूर हैं। जहाँ सुकून की नींद के मजे ले सकते हैं।
Latest News in Hindi Today Hindi Sleep Tourism: The Latest Travel Trend for Deep Rest
#SleepTourism #WellnessTravel #TravelTrends2025 #RestfulVacations #Sleepcation #MindfulTravel #SleepRetreats






