10 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल गरम है, क्योंकि 29 नगर निगमों (जिसमें BMC मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक आदि शामिल हैं) के चुनाव 15 जनवरी 2026 को होने वाले हैं। मतगणना 16 जनवरी को होगी। ये चुनाव 2017-2018 के बाद पहली बार हो रहे हैं, जो OBC आरक्षण विवाद के कारण लंबे समय से लंबित थे। ये स्थानीय निकाय चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण टेस्ट हैं और 2029 विधानसभा चुनाव की झलक दिखा सकते हैं।
मुख्य गठबंधन और पार्टियां
राज्य स्तर पर महायुति (सत्तारूढ़) और महा विकास अघाड़ी (MVA) (विपक्ष) के बीच मुख्य मुकाबला है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गठबंधन काफी बदल गए हैं। विचारधारा से ज्यादा सत्ता की गणित और स्थानीय हित हावी हैं।
महायुति गठबंधन (BJP + शिवसेना शिंदे गुट + अजित पवार NCP):
- राज्य स्तर पर मजबूत, 2024 विधानसभा में भारी जीत के बाद।
- कई जगहों पर BJP अकेले लड़ रही है, आत्मविश्वास से भरी हुई।
- अजित NCP कुछ जगहों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतार रही है, जिससे महायुति में आंतरिक टकराव दिख रहा है।
- 68 उम्मीदवार बिना मुकाबले चुने गए (ज्यादातर महायुति के), जिस पर MVA ने धमकी और पैसे के आरोप लगाए हैं।
- BMC में BJP 137, शिवसेना शिंदे 90 सीटों पर लड़ रही है।
महा विकास अघाड़ी (MVA) (कांग्रेस + उद्धव शिवसेना UBT + शरद पवार NCP):
- कमजोर स्थिति में, 2024 में बुरी हार के बाद।
- ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज ठाकरे) ने 20 साल बाद एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, “मराठी अस्मिता” के मुद्दे पर।
- कांग्रेस ने Vanchit Bahujan Aghadi (VBA) के साथ गठबंधन किया है (BMC में कांग्रेस 165, VBA 62 सीटें)।
- कुछ जगहों पर MVA में दरार दिख रही है, जैसे कांग्रेस और उद्धव गुट अलग-अलग लड़ रहे हैं।
- BMC में उद्धव शिवसेना UBT 150+ सीटों पर, NCP(SP) कम सीटों पर लड़ रही है।
स्थानीय स्तर पर बदलते गठबंधन (क्रॉस-ओवर अलायंस)
- अंबरनाथ में BJP + कांग्रेस + अजित NCP ने मिलकर शिंदे शिवसेना को रोकने की कोशिश की।
- अकोट में BJP ने AIMIM (ओवैसी) के साथ गठबंधन किया।
- कई नगर निगमों में महायुति vs MVA का साफ मुकाबला नहीं, बल्कि सुविधा के अनुसार नए गठबंधन बने हैं।
- विचारधारा पीछे छूट गई है, सत्ता और स्थानीय प्रभाव हावी है।
पिछले परिणाम और वर्तमान ट्रेंड
- दिसंबर 2025 में हुए नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में महायुति ने भारी जीत हासिल की (288 में से 218+ पर जीत, BJP सबसे बड़ी पार्टी)।
- MVA काफी पीछे रही, जिससे महायुति का कॉन्फिडेंस बढ़ा है।
- BMC (227 सीटें) में मुकाबला कड़ा है, लेकिन महायुति को फायदा दिख रहा है।
प्रमुख मुद्दे
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास (मुंबई में ट्रैफिक, मेट्रो, स्लम रेगुलराइजेशन)।
- महायुति दावा करती है कि उनके शासन में प्रोजेक्ट तेजी से चलते हैं।
- MVA पर आरोप कि उन्होंने विकास रोका।
- OBC आरक्षण, मराठी अस्मिता, और स्थानीय मुद्दे हावी।
ये चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में मजबूती और कमजोरी को और साफ कर सकते हैं। 15 जनवरी को मतदान होगा, और परिणाम 16 जनवरी को आएंगे। राज्य स्तर पर अगला बड़ा चुनाव 2029 में विधानसभा का होगा।




