हरिद्वार: योग गुरु बाबा रामदेव एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान रामदेव ने कहा, “आजकल लोगों ने हमें खूब पेल रखा है तो हम ज्यादा बात नहीं करेंगे।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया गया और इसे हाल के दिनों में उनके खिलाफ हुई बयानबाजी और विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
रामदेव ने इसी बातचीत में देश में चल रहे आंदोलनों, सामाजिक सम्मान, आरक्षण, ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ और वंदे मातरम समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
किस मौके पर दिया बाबा रामदेव ने बयान?
यह बयान 23 अगस्त 2026 को हरिद्वार में सामने आया था। यहां ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर आयोजित संत सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बाबा रामदेव और कई प्रमुख संत शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में रामदेव से अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक विवादों को लेकर सवाल किए गए।
इसी दौरान उन्होंने हल्के अंदाज में कहा कि आजकल लोग उन्हें काफी निशाने पर ले रहे हैं, इसलिए वह ज्यादा बात नहीं करेंगे।
हाल में Kangana Ranaut से हुआ था विवाद
रामदेव का यह बयान ऐसे समय आया जब BJP सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के साथ उनकी जुबानी जंग चर्चा में रही।
विवाद की शुरुआत कंगना रनौत द्वारा Gen-Z को लेकर की गई टिप्पणी से हुई थी। बाबा रामदेव ने कंगना के बयान की आलोचना करते हुए उनके qualification, अतीत और निजी जीवन से जुड़ी टिप्पणियां की थीं।
इसके जवाब में कंगना ने भी रामदेव पर तीखा हमला किया और कहा कि उन्हें उनके निजी जीवन और चरित्र पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कंगना ने पतंजलि से जुड़े पुराने कानूनी विवादों का भी जिक्र किया।
इसके बाद मामला लगातार सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चा में बना रहा।
बाद में बोले- ‘ओछी सोच वालों पर कुछ नहीं कहना’
हरिद्वार में जब बाबा रामदेव से कंगना रनौत और अन्य आलोचनाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने ज्यादा प्रतिक्रिया देने से बचने का रुख अपनाया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रामदेव ने कहा कि वह ‘ओछी और घटिया सोच’ वाले लोगों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
इसके बाद उनका “लोगों ने हमें खूब पेल रखा है” वाला बयान सामने आया, जिसे सोशल मीडिया पर उनके पहले के आक्रामक बयानों की तुलना में बदले हुए अंदाज के रूप में देखा गया।
हालांकि इसे किसी औपचारिक माफी या अपने पुराने बयानों से पीछे हटने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आंदोलनों को लेकर भी दिया बड़ा बयान
बाबा रामदेव ने देश में चल रहे अलग-अलग आंदोलनों को लेकर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज उठाने का अधिकार है, लेकिन सड़क और संसद में लगातार हंगामा कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
रामदेव ने कहा कि कुछ लोग आंदोलन और हंगामे के जरिए देश की सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा संभव नहीं है।
बच्चों को आंदोलन में उतारने का किया विरोध
रामदेव ने आंदोलनों में नाबालिग बच्चों की भागीदारी पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि अगर किसी वयस्क को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना है तो वह लोकतांत्रिक तरीके से खुद अपनी लड़ाई लड़े, लेकिन बच्चों को आंदोलनों में आगे नहीं करना चाहिए।
उनका यह बयान हाल में दिल्ली में छात्र आंदोलनों और आरक्षण से जुड़े विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में सामने आया।
SC-ST के साथ Brahmin सम्मान पर भी बोले
बाबा रामदेव ने सामाजिक सम्मान और संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि यदि SC-ST समुदाय के किसी व्यक्ति का अपमान संविधान के खिलाफ माना जाता है तो ब्राह्मण समुदाय के किसी व्यक्ति का अपमान भी उसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान सम्मान और अधिकार देता है और किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
रामदेव का यह बयान आरक्षण और जातिगत मुद्दों को लेकर चल रही बहस के बीच आया था।
One Nation One Election का किया समर्थन
हरिद्वार के कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने केंद्र सरकार की ‘One Nation, One Election’ पहल का खुलकर समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि देश में सालभर किसी न किसी राज्य में चुनाव चलते रहते हैं, जिससे सरकारी मशीनरी और प्रशासन पर दबाव बढ़ता है।
रामदेव ने तर्क दिया कि चुनावों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की duty लगाई जाती है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है। अगर देशभर में एक साथ चुनाव हों तो प्रशासनिक संसाधनों और समय का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने ‘One Nation, One Education’ की जरूरत पर भी जोर दिया और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की वकालत की।
Vande Mataram पर भी रखी अपनी बात
बाबा रामदेव ने वंदे मातरम और भारत माता के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने भारत माता को आस्था, शक्ति, ज्ञान और कर्तव्य का प्रतीक बताते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना को समझने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद के बजाय व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए।
क्यों वायरल हुआ ‘पेल रखा है’ वाला बयान?
रामदेव अक्सर सार्वजनिक मंचों पर तीखे और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनका यह कहना कि “आजकल लोगों ने हमें खूब पेल रखा है, तो हम ज्यादा बात नहीं करेंगे” सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच गया।
हाल के दिनों में कंगना रनौत के साथ विवाद और दूसरे राजनीतिक मुद्दों पर आलोचना के कारण भी इस टिप्पणी को ज्यादा चर्चा मिली।
हालांकि रामदेव ने यह नहीं कहा कि वह अपने किसी पुराने बयान को वापस ले रहे हैं। इसलिए इसे केवल उनकी बातचीत के दौरान की गई टिप्पणी के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
नोट: यह बयान 23 अगस्त 2026 का है। इसे 25 अगस्त की ताजा घटना के रूप में प्रकाशित न करें।
स्रोत – इंडिया डेली, आजतक, नवभारत टाइम्स
जय राष्ट्र न्यूज़
