भारतीय सेना का म्यांमार में मिलिटेंट ग्रुप ULFA-1 पर ड्रोन हमला? 3 टॉप लीडर समेत कई आतंकी ढेर

ULFA-1

म्यांमार में रहकर भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले मिलिटेंट ग्रुप उल्फा (।) (ULFA) पर भारत ने ड्रोन हमला किया है। इस घटना में इस मिलिटेंट संगठन के टॉप लीडर्स समेत कई आतंकियों की मौत हुई है। यह दावा खुद इस मिलिटेंट संगठन ने किया है। उल्फा (I) (ULFA)  ने एक बयान जारी कर बताया कि भारतीय सेना (Indian Army) ने उसके कैंप पर ड्रोन से हमला किया है, जिसमें उसके टॉप लीडर्स को मौत हुई है। हालांकि भारतीय सेना (Indian Army) ने इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार करते हुए बताया कि उनकी तरफ से न तो सीमा पार कोई ऑपरेशन चलाया गया और न ही इस तरह के किसी ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी है। 

उल्फा (I) (ULFA)  की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना ने म्यामांर में मौजूद उनके कैंप्स पर ड्रोन के जरिए हमला किया है। इस आतंकी संगठन ने बताया कि, यह हमला देर रात 2 से 4 के बीच उस समय हुआ, जब उसके टॉप लीडर्स कैंप में आराम कर रहे थे। इस ड्रोन अटैक में उल्फा (।) का लेफ्टिनेंट जनरल नयान मेधी उर्फ नायन एसोम, ब्रिगेडियर गणेश एसोम और कर्नल प्रदीप एसोम समेत कई आतंकियों की मौत हो गई। इसके अलावा 20 से ज्यादा आतंकी घायल हो गए। इस आतंकी संगठन की तरफ से जारी एक दूसरे बयान में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने ड्रोन के बाद मिसाइल से भी हमला किया। 

भारतीय सेना ने कहा- हमने नहीं किया कोई हमला 

उल्फा (I) का प्रवक्ता ईशान एसोम ने यह बयान जारी करते हुए जवाबी कार्रवाई तक की धमकी दी है। उसने कहा कि भारतीय सेना फाइटर जेट की मदद से लगातार ऐसे हमले कर रही है। हमने असम के लोगों को यह बता दिया है कि इस कायरता पूर्ण हमले का बदला लेने का हमें भी हक है। हम जल्द ही भार को उनके इस हमले का ठोस जवाब देंगे। एक तरफ जहां उल्फा (I) भारत पर हमले का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। वहीं भारतीय सेना (Indian Army) इस तरह के किसी भी हमले से इंकार किया है। भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने इस संबंध में मीडिया द्वारा पूछ गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास सीमा पार इस तरह के किसी भी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है। भारतीय सेना ने इस तरह का कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है। 

वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने भी म्यांमार में उल्फा (I) के कैंप पर इस तरह के  किसी ड्रोन हमले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी ऑपरेशन न तो असम की धरती पर हुआ है और न ही असम पुलिस इसमें किसी भी तरह से शामिल है। भारतीय सेना अगर ऐसा कोई ऑपरेशन करती तो उसके बारे में बयान जारी करती, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शायद कुछ दिनों के बाद इस कथित हमले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आएगी। 

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भारत और असम सरकार ने 2003 में उल्फा (I) के साथ किया था समझौता 

बता दें कि उल्फा (I) जहां पर भारतीय हमले का जिक्र किया है, वह म्यांमार का सगईंग क्षेत्र है। आंतरिक गृहयुद्ध से प्रभावित म्यांमार के इस क्षेत्र में कई नक्सल और मिलिशिया समूह रहते हैं। यह क्षेत्र भारतीय विरोधी आतंकी समूहों का भी ठिकाना बना हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र और असम की राज्य सरकार ने उल्फा (I) के साथ 2023 में पीस पैक्ट साइन किया था। जिसके बाद से ही इसके भारत विरोधी अभियान रूके हुए थे। हालांकि बीते दिनों प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उल्फा (I) चीन के समर्थन से फिर अपने आप को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में इस आतंकी संगठन पर हमला होना बड़ी घटना है।

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