विधानसभा चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं लेकिन एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमों में सीटों के बंटवारे को लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है कहे तो अब सिर्फ चार दिन बचे हैं लेकिन राजनीतिक दलों के बीच खींचतान खत्म होने का नाम नहीं ले रही.
NDA-महागठबंधन में तनातनी
एनडीए में छोटे दल ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं वहीं महागठबंधन में आरजेडी और कांग्रेस के बीच सीटों को लेकर तनातनी बनी हुई है. कांग्रेस लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है और आरजेडी भी अपने स्टैंड पर अड़ी है. इस बीच नेताओं के बीच बातचीत अब दोहों और शायरियों तक पहुंच गई है.
RJD सांसद मनोज झा का पोस्ट आरजेडी सांसद मनोज झा ने सोशल मीडिया पर रहीम का दोहा पोस्ट करते हुए लिखा, “रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय, टूटे से फिर न मिले, मिले गांठ परिजाय. हर अवसर के लिए प्रासंगिक… जय हिंद.”
माना जा रहा है कि यह संदेश कांग्रेस को इशारों में दिया गया है.इमरान प्रतापगढ़ी का रीट्वीट
मनोज झा के इस पोस्ट के कुछ ही देर बाद कांग्रेस सांसद और शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने उसी पोस्ट पर शायरी में जवाब दिया,
“पानी आंख में भर कर लाया जा सकता है अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है.”
इस तुकबंदी से साफ है कि दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर तनाव है लेकिन बातचीत के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं.
कोई विवाद नहीं-भाई विरेंद्र
इस बीच आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि गठबंधन में सब कुछ ठीक है. विधायक भाई वीरेंद्र ने भी कहा कि “हम सिर्फ सलाह देने आए थे, कोई विवाद नहीं है.”
राबड़ी देवी आवास पर बैठक
सोमवार देर रात पटना में राबड़ी देवी के आवास पर आरजेडी नेताओं की एक अहम बैठक हुई. 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मनेर से भाई वीरेंद्र, मटिहानी से बोगो सिंह, संदेश से दीपू राणावत, अब्दुल बारी सिद्दीकी और अली अशरफ फातमी जैसे नेता पहुंचे. बैठक महज 15 मिनट चली और सभी नेता बाहर निकलते वक्त यही बोले कि गठबंधन में सब कुछ ठीक है.
अली अशरफ ने क्या कहा?
अली अशरफ फातमी ने कहा,
“हम यहां सिर्फ चाय पीने आए थे. अभी किसी को सिंबल नहीं दिया गया है. जो फोटो वायरल हो रहे हैं, वो पुराने हैं और उनमें AI का इस्तेमाल हुआ है. मंगलवार तक टिकट फाइनल कर दिए जाएंगे और उम्मीदवारों की घोषणा कर दी जाएगी.”
अंतिम दौर की बातचीत तेज
तेजस्वी यादव भी सोमवार को दिल्ली में कोर्ट में पेशी के बाद पटना लौट आए हैं. उनके साथ वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश सहनी भी थे. माना जा रहा है कि अब सीटों को लेकर अंतिम दौर की बातचीत तेज होगी और जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी.




