प्रयागराज: सोमवार देर रात प्रयागराज के कीडगंज इलाके में लल्लू टेंट एंड संस के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि इसके धुएं और लपटों ने आसपास के घरों तक पहुंचकर मोहल्ले में खलबली मचा दी। स्थानीय लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और आसपास के घर खाली किए।
आग की घटना और समय
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, आग रात लगभग 2 बजे गोदाम से उठते हुए धुएं के रूप में दिखाई दी। देखते ही देखते लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं। गोदाम में रखे टेंट, सजावटी सामग्री और फर्नीचर लाखों रुपये का मूल्य रखते थे, जो आग की भेंट चढ़ गए।
फायर ब्रिगेड और राहत कार्य
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने में उन्हें लगभग 10 घंटे लगे। इस दौरान आसपास के घरों के लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आसपास के इलाके को पूरी तरह खाली करवा कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
हताहत और नुकसान
इस घटना में गोदाम की एक महिला कर्मचारी झुलस गई, जिसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सौभाग्यवश कोई और गंभीर चोट या जनहानि की सूचना नहीं है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, गोदाम में रखे लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
आग लगने का कारण और जांच
फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का मुख्य कारण माना जा रहा है। वहीं, थाना प्रभारी और फायर ब्रिगेड अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं। प्रशासन ने कहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के समय आसपास के लोग घबराए हुए थे। कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर गए। सोशल मीडिया पर भी इस आग की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लपटों की भयावहता साफ देखी जा सकती है।
प्रशासन की पहल
प्रशासन ने घटना के बाद आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और लोगों को आग से बचाव के लिए सतर्क किया है। अग्निशमन विभाग ने आग की पुनः रोकथाम और गोदामों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
कीडगंज में लगी यह आग न केवल संपत्ति का भारी नुकसान कर गई, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए डर और चिंता का कारण भी बनी। यह घटना आग सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की जरूरत पर ध्यान खींचती है। प्रशासन और फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़े नुकसान से बचा जा सका, लेकिन यह संकेत है कि बड़े गोदामों में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा उपायों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।





