Aadhaar fraud exposed in Bihar's Muslim-majority districts;

Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed: बिहार में गजब का खेल, मुस्लिम बहुल जिलों में 100 लोगों पर बने 120 आधार

साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने अभी से सही कमर कसनी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए (एसआईआर) शुरू किया है। आधार कार्ड को नागरिकता के सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा। दरअसल, हाल ही में बिहार में सामने आए आधार कार्ड सैचुरेशन के आंकड़ों ने सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। ऐसा इसलिए राज्य का औसत आधार सैचुरेशन 94% है। तो वहीं मुस्लिम बहुल जिलों में यह आंकड़ा हैरान करने वाला (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है। किशनगंज में 68 फीसदी मुस्लिम आबादी है। यहां आधार सैचुरेशन 126 फीसदी है। यानी, हर 100 लोगों पर 120 से अधिक आधार कार्ड। सामान्य तौर पर आधार कार्ड एक व्यक्ति-एक कार्ड की नीति पर आधारित है। लेकिन ये आंकड़े बताते हैं कि जनसंख्या से अधिक आधार कार्ड मौजूद हैं, तो यह संकेत देता है कि या तो डुप्लिकेट आधार कार्ड बनाए गए हैं या फिर गैर-नागरिकों को भी आधार कार्ड जारी किए गए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या अतिरिक्त आधार कार्डों का इस्तेमाल गैर-कानूनी मतदाताओं को शामिल करने के लिए किया गया है? सीमांचल में अधिकांश लोगों के पास आधार के अलावा अन्य दस्तावेज जैसे जन्म (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) प्रमाणपत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं हैं और उससे भी बड़ा सवाल यह कि ये अतिरिक्त आधार कार्ड किसके लिए और क्यों बनाए गए हैं? इस मुद्दे ने न सिर्फ बिहार बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल में भी चर्चा को तेज कर दिया है। दरअसल, ममता बनर्जी सरकार की पहले से ही आधार कार्ड डिएक्टिवेशन जैसे मुद्दों पर केंद्र से तनातनी चल (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) रही है। ऐसे सोचनीय बात यह कि क्या यह विपक्ष और वामपंथी लॉबी द्वारा आधार को नागरिकता का सबूत बनाने की कोशिश का हिस्सा है? महत्वपूर्ण बात यह कि सीमांचल में अधिकांश लोगों के पास आधार के अलावा अन्य दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाणपत्र या डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं हैं। जिससे मतदाता सूची से नाम हटने का खतरा बढ़ गया है। कहने की जरूरत नहीं यह स्थिति गरीब समुदायों विशेषकर मुस्लिम आबादी को सबसे अधिक प्रभावित कर सकती है।  आधार सैचुरेशन का 100 फीसदी से अधिक होना कई प्रश्न निर्माण करता (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है गौरतलब हो कि बिहार के सीमांचल क्षेत्र-किशनगंज, पूर्णिया कटिहार और अररिया में मुस्लिम आबादी 38 फीसदी से 68 फीसदी तक है। ऐसे में इन जिलों में आधार सैचुरेशन का 100 फीसदी से अधिक होना कई प्रश्न निर्माण करता (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं, सीमांचल क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे और संवेदनशील बनाती है। दरअसल, ये जिले पश्चिम बंगाल और नेपाल की सीमा से सटे हैं। बड़ी बात यह कि बांग्लादेश भी इससे ज्यादा दूर नहीं है। और तो और इस क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि इन जिलों में आधार कार्ड की अधिकता की सबसे बड़ी वजह बांग्लादेशी घुसपैठिए हो सकते हैं। जिन्हें स्थानीय नेताओं और कट्टरपंथी समूहों के सहयोग से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ  विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया, जिसमें आधार को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार न करने की बात कही (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) गई चुनावी सरगर्मी के बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ बिहार बंद का आह्वान किया, जिसमें आधार को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार न करने की बात कही (Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed) गई। दूसरी ओर कुछ लोग तर्क देते हैं कि विपक्ष आधार को नागरिकता का सबूत बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि अवैध आप्रवासियों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। महत्वपूर्ण बात यह कि विपक्ष खासकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने आधार कार्ड को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए जोर दिया है। लेकिन इसे नागरिकता का सबूत मानने के खिलाफ भी आवाज उठाई है। यही नहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आधार कार्ड डिएक्टिवेशन के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आधार डिएक्टिवेशन को एसी, एसटी और ओबीसी समुदायों के खिलाफ साजिश करार दिया था। ममता ने यह भी घोषणा की थी कि उनकी सरकार वैकल्पिक आधार कार्ड जारी करेगी, जिसे केंद्र ने गैर-कानूनी बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Aadhaar Scam in Bihar: 120 Cards for 100 People Exposed #aadhaar #biharnews #scamalert #identityfraud #breakingnews #aadhaarscam #fraudinindia #newsupdate #muslimdistricts #dataleak

आगे और पढ़ें
Tejashwi Slams Nitish on Bihar Law and Order Crisis

Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar: बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को घेरा, कही यह बात

बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों का तांडव है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। पटना के कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या के बाद बेख़ौफ़ अपराधियों रविवार (06 जुलाई, 2025) की रात एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। दरअसल, खगौल में डीएवी स्कूल के पास अपराधियों ने अजीत कुमार नामक एक 50 वर्षीय व्यक्ति को गोलियों से भून (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) डाला। गोली लगते ही मौके पर अजीत कुमार की मौत हो गई। अजीत मुस्तफापुर के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक अजीत कुमार प्राइवेट स्कूल का संचालन करते थे। बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। गोली मारने के बाद अपराधी  फरार हो गए। हालांकि अपराधी कौन थे क्योंकि मारा इसके बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि घटना पटना के खगौल थाना क्षेत्र की है। बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ है। हालांकि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।  बिहार सीएम नीतीश कुमार ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए डीजीपी को अधिकारियों को पकड़ने के (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) निर्देश दिए हैं इस बीच राजधानी पटना में बिनजेसमैन गोपाल खेमका हत्याकांड के बाद विपक्ष पूरी तरह सरकार पर हमलावर हो गया है। हालाँकि बिहार सीएम नीतीश कुमार ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए डीजीपी को अधिकारियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। लेकिन आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को निशाने पर लिया (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) है। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री अचेत हैं और अपराधी मस्त है।” इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए हैं। यही नहीं, उनकी पार्टी के एक्स हैंडल से भी लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। जिसमें लिखा है कि “रोज-रोज हत्याएं हो रही हैं, पुलिस वाले बाबाओं की सुरक्षा में लगे हैं। पटना के गांधी मैदान में लगे सनातन समागम पर आरजेडी का प्रहार है।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ कहीं कोई किसी की सुनने वाला (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) नहीं है- तेजस्वी यादव बता दें कि बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और हत्याओं को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने न सिर्फ नीतीश सरकार पर हमला बोला है बल्कि एक पोस्ट के जरिए सीएम और सरकार पर निशाना साधा है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “पटना में हत्या, नालंदा में डबल मर्डर! अपराधी मस्त, पुलिस पस्त। मुख्यमंत्री अचेत, अधिकारी जड़ और व्यवस्था निर्जीव। कहीं कोई किसी की सुनने वाला (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) नहीं है।” इसके अलावा आरजेडी द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा कि “बिहार में हत्या पर हत्या। रात में अपराधियों द्वारा कई हत्या। पुलिस बाबाओं की सुरक्षा में लीन है। पटना में हुए हत्याकांड पर राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि “भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया है। आज बिहार लूट और गोली के साए में चल रहा है। अपराध यहां पर न्यू नॉर्मल बन चुका है और सरकार पूरी तरह नाकाम है।” कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह से बिहार में हत्याएं हो रहीं हैं उससे एक बार पुनः कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। विपक्ष लगातार हमलावर है और आरोप लगा रहा है कि बिहार में महाजंगलराज है। सीएम नीतीश कुमार के पास गृह विभाग है जो उनसे संभल नहीं रहा। प्रदेश में एक के बाद एक बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में चुनावी वर्ष में कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tejashwi Yadav #TejashwiYadav #NitishKumar #BiharNews #LawAndOrder #BiharPolitics

आगे और पढ़ें
Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

आगे और पढ़ें
Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death

Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death: PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात

रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में एक नाबालिग दलित लड़की की मौत पर बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) नेतृत्व वाली नीतीश सरकार पर जमकर निशाना (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) साधा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए राहुल ने कहा, डबल इंजन सरकार की लापरवाही के कारण दलित लड़की की मौत हुई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि मुजफ्फरपुर में नाबालिग दलित लड़की के साथ हुई क्रूरता और उसके बाद उसके इलाज में बरती गई लापरवाही बेहद शर्मनाक है। यदि उसे समय पर इलाज मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी। लेकिन डबल इंजन की सरकार ने न सिर्फ सुरक्षा देने में बल्कि उसकी जान बचाने में भी लापरवाही बरती।  जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हम चुप नहीं (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) बैठेंगे- राहुल गांधी कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में आगे आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) मिलेगा। पोस्ट में लिखा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, हम चुप नहीं बैठेंगे। दोषियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि इससे पहले रविवार को कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए बिहार कांग्रेस प्रमुख राजेश राम ने कहा, इस मामले के दो पहलू हैं। पहला, उसके साथ बलात्कार हुआ। बलात्कार के बाद उसकी हत्या की नृशंस कोशिश की गई और दूसरा, सरकार ने लापरवाही में कोई कसर नहीं छोड़ी। इलाज में देरी के कारण वह लड़की अब ज़िंदा नहीं है। इसके लिए सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की विफलता के लिए सरकार ज़िम्मेदार है। आप खुद जाकर देख लीजिए। आरोपी ने लड़की को कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर किया (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) दुष्कर्म  दरअसल, मुजफ्फरपुर के कुंडली की एक नाबालिग लड़की के साथ दिल दहला देने वाला दुष्कर्म (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) हुआ था। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 30 वर्षीय आरोपी रोहित कुमार साहनी ने लड़की को कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर घर से बुलाया और फिर तालाब के पास एक सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। अपनी हवस मिटाने के बाद चाकू से हमला कर उसकी गर्दन काट दी। इस बीच लड़की को शाम करीब 7 बजे बेहोशी की हालत में तालाब के पास पाया गया। आरोपी को उसी रात गिरफ्तार कर लिया गया। खैर, एम्स, पटना द्वारा इलाज से इनकार किए जाने के चार दिन बाद पीएमसीएच लाया गया था। इस बीच दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग लड़की को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर घंटों तक एंबुलेंस में इंतजार कराया गया। कड़ी मशक्कत के बाद पीड़ित को आखिरकार अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि नाबालिग ने अगली सुबह दम ही तोड़ दिया। इस बीच सिस्टम की संवेदनहीनता और प्रशासन की विफलता पर उठे सवाल। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा नाबालिग लड़की बलात्कार की शिकार (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) थी अधिकारियों के मुताबिक नाबालिग लड़की बलात्कार की शिकार (Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death) थी। हालांकि, पीएमसीएच के प्रभारी अधीक्षक अभिजीत सिंह ने इलाज में देरी के पीड़ित परिवार के दावों को नकारते हुए कहा, गंभीर रूप से घायल अवस्था में पीएमसीएच लाई गई लड़की को उचित चिकित्सा सुविधा दी गई थी। इस अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, जब उसे यहां भर्ती कराया गया था, तब हमने अपनी तरफ से पूरी चिकित्सा देखभाल प्रदान की थी। परिवार द्वारा लगाए गए दावे कि इलाज में देरी हुई, निराधार हैं। हमने वह सब कुछ किया जो हम कर सकते थे। हमने सभी विभागों से परामर्श किया, जिनकी आवश्यकता थी और यह सुनिश्चित किया कि उसे आईसीयू में भी उपचार मिले। मुजफ्फरपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक विद्या सागर ने बताया कि पीड़िता के शरीर पर कई गंभीर चोटें थीं। गले की चोट की वजह से वह बोल नहीं पा रही थी, लेकिन उसने इशारों से हमसे पूरी बात बताई। आरोपी का पिछले रिकॉर्ड खराब है और वह लड़कियों को परेशान करता रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi Slams Bihar Govt Over Dalit Girl’s Death #RahulGandhi #BiharNews #DalitRights #PMCH #BreakingNews #BiharGovernment #JusticeForDalitGirl #PoliticsToday

आगे और पढ़ें
Bihar Liquor Ban Exposed Former Minister Raises Questions

Political expose Bihar: पूर्व मंत्री ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा शराबबंदी के बावजूद बिहार पुलिस बिकवा रही है शराब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने एनडीए की बिहार सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए (political expose Bihar) हैं। दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने रविवार को एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। कहने की जरूरत नहीं पूर्व मंत्री के बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर शराब बेचवाने का आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबीक आरके सिंह ने बिहार सरकार और पुलिस पर शराब बेचवाने का आरोप लगाया है। यही नहीं, उन्होंने शराबबंदी कानून हटाने की मांग की और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बड़हरा के सरैया बाजार स्थित भीखम दास मठिया के प्रांगण में आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि “शराबबंदी कानून को हटा देना चाहिए। इससे नौजवान बर्बाद हो रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि “थानाध्यक्ष समेत पुलिस ही शराब बेचवा रही है।”  आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर (political expose Bihar) लगाए थे गंभीर आरोप गौरतलब हो कि बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप (political expose Bihar) लगाए थे। बता दें कि आरके सिंह चार दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे हैं। जहां कि उनके इस बयान के सामने आने के बाद बवाल मच गया है, तो वहीं चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। यह कोई पहली बात नहीं है जब आरके सिंह ने अपनी ही सरकार पर अंगुली उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने अपनी पार्टी बीजेपी के कुछ नेताओं पर साजिश के तहत उनको हराने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब फिर से सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़ा कर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।  इसे भी पढ़ें:- क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा बता दें कि इस दौरान आरके सिंह जनसभा के दौरान पूरे फॉर्म में दिखे। इस बीच उन्होंने कहा कि “उन्होंने जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा।” आरके सिंह ने आगे कहा कि “उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार को कभी पनपने नहीं दिया। कारण यही जो इतना काम हो पाया। इस दरम्यान लोगों की समस्या सुनने के क्रम में सभा मंच से ही आरके सिंह ने मोबाइल पर एक अभियंता को हड़काते हुए कहा कि “सुनने में आ रहा है कि आप कुछ विधायकों के कहने पर टेंडर मैनेज कर रहे हैं। तो सुन लीजिए, हम जेल भेज देंगे।” यही नहीं, इस दौरान पूर्व मंत्री ने सरैया में महिला कॉलेज खोलने के लिए शिक्षा मंत्री से बात कर पहल करने को कहा।” इसके अलावा वर्तमान सांसद की कार्यशैली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “विकास कार्यों से अलग हो उन्हें जिताने में शामिल जनप्रतिनिधियों को पानी में डूब मरना चाहिए।”  Latest News in Hindi Today Hindi news  political expose Bihar #BiharPolitics #LiquorBan #BiharPolice #PoliticalExposé #BiharNews #Corruption #IllegalLiquor #FormerMinister #StateScandal #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Bihar crime news,

Araria Police Officer Dies: बिहार के अररिया में गांजा तस्कर को पकड़ने गए दारोगा की इस वजह से हुई मौत

बिहार अपने जंगल राज के लिए मशहूर रहा है। वहां आए दिन दिल को दहला देने वाली घटनाएं होती रहती हैं। बिहार में बदमाशों और अपराधियों के मन में कानून का जरा भी भय नहीं है। आम जनता छोड़िये बिहार की पुलिस खुद इनसे सुरक्षित नहीं है। ताजा मामला है, बिहार के अररिया जिले का, जहाँ एक बदमाश को पकड़ने गए दारोगा (Araria Police Officer Dies) की मौत हो गयी। जानकारी के मुताबिक छापेमारी करने गए फुलकाहा थाना में तैनात एएसआई राजीव रंजन मल की मौत हो गयी। दरअसल, कुख्यात गांजा तस्कर को पकड़ने गयी पुलिस के साथ समर्थकों की धक्का-मुक्की होने लगी। इस धक्का-मुक्की में एएसआइ नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गयी। इस तरह एक पुलिस पदाधिकारी की संदिग्ध हालत में हुई मौत से पूरे जिले में सनसनी फैली गई है। एएसआई मुंगेर निवासी राजीव रंजन मल की ज्वाइनिंग साल 2007 में हुई थी। बता दें कि राजीव रंजन मल फुलकाहा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर में छापामारी करने देर रात को गये थे। एएसआई का शव सदर अस्पताल अररिया में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। इस बीच बेटी का सिंदूरदान होने के बाद मुखिया पति सुभाष यादव समेत आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने देर रात ही हिरासत में ले लिया।  धक्का-मुक्की में गई एएसआइ राजीव मल की (Araria Police Officer Dies) जान प्राप्त जानकारी के अनुसार, पोसदाहा पंचायत के लक्ष्मीपुर गांव में मुखिया कंचन देवी की बेटी की शादी हो रही थी। शादी समारोह में गांजा और शराब तस्करों का भी जमावड़ा लगा हुआ था। तभी पुलिस को कुख्यात गांजा तस्कर अनमोल यादव के शादी में शामिल होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही फुलकाहा थानेदार रौनक कुमार सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम छापेमारी के लिए पहुंची थी। इस बीच पुलिस ने गांजा तस्कर अनमोल यादव को दबोच लिया। पुलिस ने अभी दबोचा ही था कि शादी समारोह में शामिल अनमोल यादव के समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और धक्का-मुक्की कर जबरन अनमोल को छुड़ा लिया। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में एएसआइ राजीव मल गिर गए और उनकी हालत बिगड़ गयी। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत (Araria Police Officer Dies) घोषित कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब एनडीपीएस सहित आर्म्स मामलों में आरोपी रहा है अनमोल यादव  इस बीच हैरान करने वाली बात यह कि सदर अस्पताल में फुलकाहा पुलिस व अररिया नगर थाना अध्यक्ष के अलावा कोई वरिष्ठ पदाधिकारी नहीं दिखे। खैर, सूचना मिलते ही कुछ देर बाद एसपी अंजनी कुमार भी सदर अस्पताल पहुंचे। इस पूरे मामले पर एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि “नरपतगंज निवासी एक अपराधी अनमोल यादव के आने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। अपराधी को पुलिस ने पकड़ भी लिया था। लेकिन इस दौरान अपराधी के सहयोगी ग्रामीणों ने उसे पुलिस के कब्जे से छुड़वा लिया। इस दौरान पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। जिसमें एएसआइ राजीव मल अचेत होकर गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मृत्यु (Araria Police Officer Dies) हो गयी। फिलहाल एसपी ने पीटकर हत्या किए जाने की बात को खारिज किया। बता दें कि अनमोल यादव नरपतगंज थाना क्षेत्र के खैरा गांव का रहने वाला है। इससे पहले भी वह एनडीपीएस सहित आर्म्स मामलों में आरोपी रहा है। गांजा तस्करी के दौरान वो पहले भी पुलिस पर हमला कर चुका है। यही नहीं भारत नेपाल के बीच गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों की तस्करी के साथ ही आर्म्स सप्लायर और लूट,राहजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देने का वो आरोपी रहा है। बहरहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi News Araria Police Officer Dies #ArariaPolice #BiharNews #PoliceOfficerDeath #GanjaSmuggling #CrimeNews #BreakingNews #BiharCrime #IndianPolice #LawAndOrder #PoliceSacrifice

आगे और पढ़ें
Tejashwi Yadav announcement

तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान: बिहार के मेडल विजेता खिलाड़ियों को मिलेगा DSP पद

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने हाल ही में खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि बिहार से जो भी खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर लाएंगे, उन्हें DSP के पद पर नियुक्त किया जाएगा। तेजस्वी यादव का यह बयान हाजीपुर जिले में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट (Cricket Tournament) के उद्घाटन के दौरान सामने आया। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का वादा तेजस्वी यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसी प्रतिभाएं पैदा हो सकती हैं, अगर उन्हें सही मौका और संसाधन दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में अपार प्रतिभा है, बस जरूरत है उन्हें प्रोत्साहित करने और सही मंच देने की। खेल और युवा नीति पर जोर तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बताया कि उनकी सरकार ने पहले भी बिहार के लिए एक मजबूत स्पोर्ट्स पॉलिसी लाई थी। इस नीति के तहत बिहार के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि उनकी सरकार के दौरान 73 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी (Government Service) दी गई थी। तेजस्वी यादव का कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं देने से ही बिहार के युवा खेलों में नाम कमा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो बिहार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। हाजीपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हाजीपुर के बिद्दूपुर में आयोजित इस क्रिकेट टूर्नामेंट (Cricket Tournament) के दौरान तेजस्वी यादव ने पिच पर उतरकर बल्लेबाजी भी की। उन्होंने इस मौके पर घोषणा की कि यहां अपनी दादी के नाम पर एक विशेष क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि इस टूर्नामेंट में देशभर के प्रतिष्ठित क्रिकेटरों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने पंचायत स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की योजना का भी खुलासा किया। पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मौका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपनी योजना के तहत बताया कि बिहार के प्रत्येक पंचायत में एक-एक टीम का गठन किया जाएगा। इसके बाद एक पंचायत की टीम दूसरी पंचायत के खिलाफ मुकाबला करेगी। इस तरह खिलाड़ियों को अपने खेल का प्रदर्शन करने का बेहतरीन मौका मिलेगा। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी की सरकार सत्ता में आती है, तो एक महीने के भीतर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स क्लब का निर्माण कराया जाएगा। उनका मानना है कि इस पहल से बिहार के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। नीतीश सरकार पर हमला खेल और खिलाड़ियों की बात के अलावा तेजस्वी यादव ने इस मौके पर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने वर्तमान सरकार को ‘खटारा’ बताते हुए कहा कि यह सरकार अब ‘थकी और हारी हुई’ हो चुकी है। तेजस्वी यादव ने कहा, “यह सरकार 20 साल पुरानी हो चुकी है और अब यह गाड़ी ज्यादा धुंआ देने लगी है। इस सरकार से अब उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि यह कभी भी धोखा दे सकती है।” उन्होंने जनता से अपील की कि बिहार में एक नई और ऊर्जावान सरकार लाने का समय आ गया है। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन तेजस्वी यादव का क्रिकेट करियर और अनुभव तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपनी क्रिकेट करियर के बारे में भी इस कार्यक्रम में चर्चा की। उन्होंने बताया कि अपने खेल करियर के दौरान उनके दोनों लिगामेंट्स में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह आगे क्रिकेट नहीं खेल सके। हालांकि, उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हारने का अफसोस करने के बजाय उन्हें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए। साथ ही, जीतने वाले खिलाड़ियों को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। तेजस्वी यादव का यह ऐलान बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है। उनकी सरकार द्वारा पूर्व में लागू की गई स्पोर्ट्स पॉलिसी ने पहले भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, और अब DSP पद देने का वादा युवाओं को प्रेरित कर सकता है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और पंचायत स्तर पर खेल को बढ़ावा देने की तेजस्वी यादव की योजना से बिहार में खेल संस्कृति को एक नया आयाम मिल सकता है। अगर इस योजना को सही तरीके से लागू किया गया, तो निश्चित ही बिहार से भी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसी महान हस्तियां उभर सकती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Cricket Tournament #TejashwiYadav #BiharSports #DSPForAthletes #BiharNews #MedalWinners #SportsQuota #BiharGovt #TejashwiAnnouncement #IndianAthletes #BiharUpdates

आगे और पढ़ें
Prisoner becomes teacher

Prisoner becomes teacher: 18 महीने से जेल में बंद कैदी बिहार में बना सरकारी टीचर, हाथ में हथकड़ी लगाए लिया नियुक्ति पत्र

दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी काम किसी भी परिस्थिति में मुश्किल नहीं होता। इस कहावत को सच कर दिखाया है बिहार के गया के एक कैदी ने। सोचिये एक कैदी जो पीछले 18 महीनों से जेल में बंद है, उसने जेल में रहते हुए टीआरई-3 परीक्षा पास कर ली है। है न हैरत की बात। जिस तरह जेल का माहौल होता है उस माहौल में परीक्षा पास कर शिक्षक (Prisoner becomes teacher) बनना वाकई में बहुत बड़ी बात है। सुविधाओं के आभाव में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना सच में बहुत बड़ी बात है। यह घटना अपने आप में अनोखी है क्योंकि किसी कैदी को हथकड़ी पहने मंच पर नियुक्ति पत्र लेते हुए शायद ही पहले कभी देखा गया हो। बता दें कि विपिन कुमार नामक इस कैदी को टीआरई-3 परीक्षा पास करने के बाद नियुक्ति पत्र मिला। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार को बोधगया में बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने उन्हें यह नियुक्ति पत्र दिया। दरअसल, विपिन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। और वो 18 महीने से जेल में बंद हैं। हालांकि,अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं। हथकड़ी पहने हुए ही मंच पर (Prisoner becomes teacher) पहुंचे नियुक्ति पत्र लेने   कार्यक्रम में विपिन को कड़ी सुरक्षा के बीच बेऊर जेल से लाया गया था। जब उनका नाम पुकारा गया, तो वे हथकड़ी पहने हुए ही मंच पर (Prisoner becomes teacher) पहुंचे। यह नजारा वहां मौजूद सभी लोगों के लिए हैरान करने वाला था। कैदी को हथकड़ी में नियुक्ति पत्र मिलते देखकर लोग दंग रह गए। ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई कैदी जेल में रहते हुए शिक्षक बना हो और हथकड़ी पहने नियुक्ति पत्र ले रहा हो। बता दें कि विपिन कुमार गया के मोहनपुर प्रखंड के ऐरकी गांव के रहने वाले हैं। वह 2023 में पटना के सगुना मोड़ स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाते थे। उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज है। विपिन का कहना है कि “पड़ोस के एक कोचिंग संस्थान ने उन्हें साजिश रचकर फंसाया है।” जानकारी के मुताबिक उनके ऊपर अभी आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं। वे पिछले 18 महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। शनिवार को बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें शिक्षक पद का नियुक्ति पत्र दिया गया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री और गया जिला प्रभारी नीतीश मिश्रा ने उन्हें यह नियुक्ति पत्र सौंपा। इसे भी पढ़ें:-  प्रभास की फिल्म देख 24 साल के मुस्लिम युवक ने शादीशुदा गर्लफ्रेंड का काटा सिर नियुक्ति पत्र मिलने के बाद (Prisoner becomes teacher) विपिन को वापस थाने ले जाया गया खैर,नियुक्ति पत्र मिलने के बाद (Prisoner becomes teacher) विपिन को वापस थाने ले जाया गया। वहां उन्होंने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि “मैं शिक्षक बनकर समाज की सेवा करना चाहता हूं।” इस बीच उन्होंने आगे कहा कि “जेल से बाहर आते ही बच्चों को शिक्षित करने में अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा। सच जल्द ही सामने आएगा।” वहीं, बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि “सरकार योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक देने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आगे कहा कि “विपिन की यह कहानी समाज के लिए प्रेरणादायक हो सकती है।” Latest News in Hindi Today Hindi News Prisoner becomes teacher #PrisonerTurnsTeacher #BiharNews #InspiringStory #EducationForAll #JusticeAndReform #TeacherTransformation #ViralNews #SocialChange #HumanRights #GovernmentJob #SecondChance #UnbelievableNews #BreakingNews #IndiaUpdates #Rehabilitation

आगे और पढ़ें
Translate »