पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो युवक गंभीर घायल, ट्रक चालक फरार बुरहानपुर (मध्यप्रदेश)। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इच्छापुर शनिमंदिर के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर अज्ञात ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के कई टुकड़े हो गए और युवक दूर जा गिरे। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़ने के बजाय तुरंत फरार हो गया। घायल युवकों की हालत नाजुक हादसे में घायल दोनों युवकों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे रेफर कर दिया है। मौके पर लोगों का आक्रोश घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी, लेकिन पुलिस के मौके पर देर से पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस ट्रैफिक नियंत्रण एवं सख्ती को लेकर गंभीर नहीं है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार बढ़ रहे हैं हादसे गौरतलब है कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने और ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

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नेपानगर में बड़ा हादसा टला

नेपानगर में बड़ा हादसा टला: ताप्ती पुल से लटक गया आयसर वाहन, बाल-बाल बचीं कई जानें

बुरहानपुर। जिले के नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने कुछ ही पलों में लोगों की सांसें थमा दीं। एक तेज़ रफ्तार आयसर वाहन ताप्ती नदी के पुल पर अचानक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए आधा हिस्सा नीचे की ओर लटक गया। वाहन पूरी तरह नदी में गिरने से बस एक कदम दूर था। सौभाग्य से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। — हादसा कैसे हुआ? मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 11 बजे की है। आयसर वाहन बुरहानपुर से नेपानगर की ओर तेज गति से आ रहा था। जैसे ही वाहन ताप्ती पुल के पास पहुंचा, चालक अचानक संतुलन खो बैठा। वाहन सीधे पुल की रेलिंग से टकराया और आधा हिस्सा तोड़ते हुए बाहर की ओर झुक गया। कुछ ही सेकंड के लिए ऐसा लगा कि वाहन नदी में गिर जाएगा, लेकिन किसी तरह उसका पिछला हिस्सा पुल पर अटका रह गया। आंखों देखा हाल बताने वाले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर वाहन थोड़ा और आगे खिसक जाता, तो वह सीधे नदी की गहराई में जा गिरता और एक बड़ा हादसा निश्चित था। मौके पर अफरा-तफरी जैसे ही यह घटना घटी, पुल पर और उसके आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ ही पलों में सड़क पर जाम लग गया और लोग भागकर वाहन की ओर दौड़े। मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। बड़ी जनहानि से बचाव सबसे राहत की बात यह रही कि वाहन में बैठे लोगों को गंभीर चोट नहीं आई। केवल कुछ हल्की खरोंचें और मामूली चोटों की सूचना मिली है। अगर वाहन पूरी तरह नदी में गिर जाता, तो न सिर्फ चालक और सवार लोग बल्कि नीचे से गुजर रहे अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि यह वाकई चमत्कार ही था कि इतने खतरनाक मोड़ पर भी कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर कई बार वाहन तेज गति से गुजरते हैं और प्रशासन इस पर सख्ती नहीं करता। ताप्ती पुल पर पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार तो मामला बेहद गंभीर था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गति, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही से सड़क हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से नियम लागू करने होंगे। सोशल मीडिया पर चर्चा जैसे ही घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर आए, लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। किसी ने इसे चालक की लापरवाही बताया, तो किसी ने प्रशासन की कमजोरी। कई यूजर्स ने लिखा कि पुल की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में टाले जा सकें। प्रशासन की प्रतिक्रिया हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन तेज गति में था और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। हालांकि, वाहन में किसी तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सीख लेनी चाहिए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे हादसे के समय अफरा-तफरी न फैलाएं और प्रशासन की मदद करें।

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फर्रुखाबाद में महिला की मौत का खुलासा

आरोपी के साथ चार साल से चल रहे संबंध, दबाव के चलते लगाई आग फर्रुखाबाद। जहानगंज थाना क्षेत्र में बीते दिनों जली हुई हालत में अस्पताल पहुंची महिला की मौत के मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला ने खुद पेट्रोल डालकर आग लगाई थी। इस घटना के पीछे आरोपी युवक से चल रहे अवैध संबंध और साथ रहने का दबाव कारण बताया गया है। घटना 6 सितंबर की है। उस दिन महिला स्कूटी से दरियायगंज स्थित एक निजी नर्सिंग होम पहुंची थी। गंभीर हालत देखकर वहां मौजूद स्टाफ ने परिजनों को सूचना दी। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लोहिया और फिर सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने जहानगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी बेटी को युवक दीपक और उसके पांच अज्ञात साथियों ने पेट्रोल डालकर जला दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीओ के नेतृत्व में पांच टीमें बनाई गईं और 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतका और आरोपी के बीच पिछले चार साल से संबंध थे। आरोपी महिला पर साथ रहने का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने आहत होकर पेट्रोल डालकर खुद को आग के हवाले कर लिया। आग लगने के बाद वह आरोपी के कपड़े पहनकर इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। मोबाइल लोकेशन की जांच में भी दोनों की मौजूदगी एक साथ मिली। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने फतेहगढ़ पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport: इस तरह लखनऊ एयरपोर्ट पर 250 हज यात्रियों से भरा विमान बचा बड़े हादसे से, जरा सी चूक पड़ सकती थी भारी

अहमदाबाद प्लेन क्रैश के बाद से देश की सभी एयरलाइन्स चौकन्ना हैं। कारण यही जो कंपनियां हर संभव सतर्कतता बरत रही हैं। यह इसी सतर्कतता का कमाल था जो चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दरअसल, सऊदिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV 3112 में लैंडिंग के दौरान ही तकनीकी खराबी आ (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) गई। जानकारी के मुताबिक इस विमान में कुल 250 हज यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे। यह विमान जेद्दा से लखनऊ पहुंचा था। फ़िलहाल सभी यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बता दें कि रविवार सुबह तकरीबन 6:30 बजे सऊदिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV 3112 ने लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद टैक्सी वे पर जाते समय विमान के पहिए से अचानक चिंगारी और धुआं निकलने लगा। पायलट ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत विमान को रोक दिया।  20 मिनट की मशक्कत के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पा (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) लिया इस बीच एयरपोर्ट की फायर टीम को तत्काल सूचना दी गई। फायर टीम ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पा (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) लिया। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में पता चला कि विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में रिसाव के कारण यह खराबी आई थी। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक यदि यह खराबी टेकऑफ के दौरान हुई होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट की आपातकालीन टीम की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े हादसे को रोक दिया। यह पायलट की सतर्कतता का ही कमाल था जो संभावित हादसा होते-होते टल गया और विमान में सवार सभी 250 हज यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। न सिर्फ उन्हें सुरक्षित निकाला गया बल्कि उनकी सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार फ्लाइट SV 3112 में तकनीकी खराबी की वजह से लैंडिंग के बाद यह स्थिति उत्पन्न (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) हुई फ़िलहाल घटना की पुष्टि करते हुए सऊदिया एयरलाइंस ने कहा, फ्लाइट SV 3112 में तकनीकी खराबी की वजह से लैंडिंग के बाद यह स्थिति उत्पन्न (250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport) हुई। एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा, मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना के बाद विमान में सवार हज यात्रियों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल रहा। एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत यात्रियों को शांत किया और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। लखनऊ एयरपोर्ट के निदेशक ने कहा, हमारी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है। हालांकि तकनीकी खराबी की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इस घटना पर विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हाइड्रोलिक रिसाव उड़ान भरते समय होता, तो संभवतः लैंडिंग गियर या ब्रेक फेल हो सकता था या फिर विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराने तक की नौबत आ सकती थी। यात्रियों की जान खतरे में पड़ती वो अलग। कुछ भी हो बड़ा हादसा हो सकता था। कारण यही जो इस घटना को पायलट की सतर्कता और एयरपोर्ट स्टाफ की त्वरित प्रतिक्रिया की मिसाल के दौरपर देखा जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi 250 Hajj Pilgrims Escape Major Mishap at Lucknow Airport #lucknowairport #hajjpilgrims #aviationnews #breakingnews #indiaaviation #flightsafety #lucknownews #majorincident

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India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case: इसलिए राजा रघुवंशी के भाई ने की सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट करवाने की मांग

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद मेघालय पुलिस ने भले ही हत्या में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस हत्याकांड का पूरा सच उजागर हो सके इसलिए राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने दो प्रमुख आरोपियों-सोनम और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए जाने की मांग (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) की है। दरअसल, सोनम पर आरोप है कि उसने राज कुशवाह और उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई। इस दौरान राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में पीटीआई-भाषा से हुई बातचीत में कहा, हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए, ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके। सचिन ने यह भी कहा कि सोनम और कुशवाह से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों की मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।  दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि सोनम और कुशवाह अपने दम पर उनके भाई की हत्या की साजिश को अंजाम नहीं दे सकते थे। बातचीत में सचिन ने यह भी कहा कि मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं। यही नहीं, राजा रघुवंशी के भाई ने हत्याकांड की विस्तृत जांच की मांग करते हुए यह संदेह भी जताया कि सोनम और राज के कथित करीबी रिश्ते के बारे में सोनम के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था। लेकिन पता होने के बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। इसके अलावा उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को दोहरे आजीवन कारावास की सजा दी (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) जाए। कुल मिलाकर राजा रघुवंशी हत्याकांड का सच पता लगाने के लिए राजा के बड़े भाई सचिन ने नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। साथ ही सचिन ने सोनम के परिवार पर भी पूरे मामले में शामिल होने का शक जताया है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। खैर, देश भर में चर्चा का केंद्रबिंदु बने हत्याकांड के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं जिनसे पूछताछ के जरिये इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इस बीच मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने गुरुरवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ शादी से ठीक पहले ही इंदौर में रची गई (Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case) थी। इसका मास्टरमाइंड कुशवाह है। सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी। बता दें कि राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में भाड़े के हत्यारे होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi Narco Test Demanded in Raja Raghuvanshi Case #rajaraghuvanshi #narcotest #sonam #rajkushwaha #breakingnews #crimeinvestigation #latestupdates #news

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Ahmedabad plane crash,

Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story: जाको राखे साईंया मार सके ना कोय, किसी चमत्कार से कम नहीं है अहमदाबाद प्‍लेन क्रैश में जिंदा बचना

गुरुवार को गुजरात के अमहदाबाद में हुए भयानक हादसे के बाद पूरी दुनिया सन्न है। हादसे का मंजर इतना खौफनाक है कि जिसने भी इसे देखा उसका कलेजा मुंह में आ गया। इस दर्दनाक हादसे ने देश के हर शख्स को गमगीन कर दिया।  एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के चंद मिनटों बाद ही क्रैश हो गया। प्लेन में कुल 242 लोग सवार थे, जिसमें 230 पैसंजर्स, 10 क्रू और दो अनुभवी पायलट सवार थे। इस प्लेन क्रैश में अभी तक कुल 265 लोगों की मौत की पुष्टि की जा चुकी है। जिस बिल्डिंग से प्लेन क्रैश हुआ, वहां मेडिकल कॉलेज के कई स्टूडेंट खाना खा रहे थे। वो भी इस हादसे का शिकार हो गए। प्लेन में सवार बस एक ही यात्री जीवित बचा। आपको जानकर यकीन नहीं होगा, जहाँ प्लेन क्रैश में किसी के जिन्दा बचने की कोई उम्मीद नहीं होती, ऐसे में वहां विश्‍वास रमेश का जिंदा बचना किसी चमत्‍कार से कम नहीं (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है।  विश्‍वास रमेश का क्रैश में जिंदा बचना और खुद पैदल चलकर आना अपने आप में अविश्विनीय (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है खैर, दमकल कर्मियों ने बताया कि विमान के क्रैश होने के बाद आग लगने से वहां का तापमान काफी बढ़ गया था। ऐसे में विश्‍वास रमेश का क्रैश में जिंदा बचना और खुद पैदल चलकर वहां से बाहर आना अपने आप में अविश्विनीय (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) है। लेकिन विश्‍वास रमेश ने बताया कि उनकी आंखों के सामने लोग मर रहे थे। विमान में आग लग गई थी। फिर भी वह विमान से बाहर निकल आए और बच गए। बता दें कि विमान के बीजे हॉस्‍टल की छत पर क्रैश होने के बाद जोरदार धमाका हुआ था। इस हादसे में एकलौते बचे विश्‍वास रमेश ने डीडी न्‍यूज को बताया कि सब मेरी नजरों के सामने हुआ था, लेकिन मुझे खुद नहीं पता कि आखिर कैसे मैं जीवित बच गया हूं। थोड़े टाइम के लिए मुझे लगा था कि मैं भी मरने वाला हूं। लेकिन आंख खुली, तो मैं जिंदा था। मैंने अपनी सीट बेल्‍ट निकालने की कोशिश की। इसके बाद मैं वहां से निकल गया। मेरी आंखों के सामने एयरहोस्‍टेज और दूसरे लोग मर गए थे। विश्वास ने आगे बताया टेकऑफ के बाद 5-10 सेकंड के अंदर ही सबकुछ हो गया। विमान के टेक ऑफ होते ही ऐसा लगा कि सबकुछ रुक गया हो। मुझे लगा कि कुछ तो हुआ है। इसके बाद विमान में हरी और सफेद रंग की लाइट ऑन हो गई। इसके बाद ऐसे लगा कि पायलट ने विमान को ऊंचा उठाने के लिए रेस बढ़ाई है। इतने में ही विमान गिर गया। मुझे नहीं पता कि विमान कहां गिरा था।   इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विश्‍वास कुमार का इस हादसे में बचना किसी चमत्‍कार से कम (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) नहीं हैं बेशक इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि विश्‍वास कुमार का इस हादसे में बचना किसी चमत्‍कार से कम (Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story) नहीं हैं। डीडी न्यूज़ से बात करते हुए उन्‍होंने बताया,मैं हॉस्‍टल पर गिरे विमान के हिस्‍से में नहीं था। मैं ग्राउंड पर गिरा था। वो हॉस्‍टल की छत नहीं थी। दूसरों के बारे में मुझे पता नहीं, लेकिन मैं जहां गिरा, वो जमीन थी। विमान जब नीचे गिरा और मैंने देखा कि थोड़ा-सा स्‍पेस है। इस स्‍पेस से मैंने निकलने की कोरिश की और मैं कामयाब हो गया। उन्होंने आगे बताया कि दूसरी साइड बिल्डिंग की दीवार थी। शायद वहां से कोई निकल नहीं सका होगा। सबसे ज्यादा नुकसान वहीं पर हुआ था। मैं जहां था, वहीं थोड़ा स्‍पेस था, इसलिए मैं निकल पाया, लेकिन मुझे नहीं पता कि मैं कैसे बच पाया. इसके बाद मैं वहां से पैदल चलकर बाहर आ गया. विमान में जब मैं फंसा हुआ था, तब वहां आग लग गई थी, तो इसकी वजह से मेरा एक हाथ भी जल गया। हादसे की जगह से बाहर आने के बाद मुझे एंबुलेंस हॉस्पिटल तक लेकर आई। यहां हॉस्पिटल में बहुत अच्‍छा इलाज हो रहा है। हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जाकर घटनास्‍थल का जायजा लिया। इसके बाद वह इस हॉस्पिटल में पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने विश्‍वास रमेश से भी मुलाकात की। विश्‍वास ने बताया कि पीएम सर ने उनका हालचाल पूछा,बोले क्‍या हुआ था, कैसे हुआ, आप ठीक हो ना?  Latest News in Hindi Today Hindi  Ahmedabad Plane Crash, A Miracle Survival Story #ahmedabadplanecrash #miraclesurvival #planeaccident #breakingnews #aviationnews #indianews #luckyescape #jakhorakhesaiyan

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Vijay Rupani death

गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का लकी नंबर 1206 ही बन गई मौत की तारीख, जानें क्यों था खास?

अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) में जान गंवाने वाले गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी अपने जीवन में नंबर्स को काफी अहम मानते थे। वो एक नंबर को अपने लिए बेहद लकी मानते थे। यह खास नंबर था ‘1206’। यह नंबर विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के जीवन से बेहद गहराई के साथ जुड़ा था। वो इस नंबर को अपने लिए सौभाग्यशाली मानते थे। यही वजह है कि विजय रूपाणी (Vijay Rupani) के हर गाड़ी का नंबर प्लेट पर यही नंबर है, चाहे वह स्कूटर हो या फिर कार। विजय रूपाणी को करीब से जानने वाले लोगों का कहना था कि इस नंबर से उन्हें हद से ज्यादा लगाव था, लेकिन 12/06 तारीख को यह लकी नंबर दुनिया के लिए एक त्रासदी में बदल गया। क्योंकि इस तारीख को विजय रूपाणी जिस फ्लाइट से लंदन अपनी पत्नी और बेटी से मिलने जा रहे थे, वह अहमदाबाद से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई।  साधारण जीवन, लेकिन असाधारण जनसेवा गुजरात के पूर्व सीएम 68 वर्षीय विजय रूपाणी (Vijay Rupani) का जन्म म्यांमार में 2 अगस्त 1956 को हुआ था। जैन परिवार से आने वाले रूपाणी सात भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। म्यांमार में जब राजनीतिक उथल-पुथल शुरू हुई तो उनका परिवार साल 1960 में वापस राजकोट लौट आया। रूपाणी ने यहीं से अपनी शिक्षा पूरी की और राजनीति में कदम रखा। इमरजेंसी के दौरान रूपाणी 11 माह जेल में रहे और 1987 में वह पहली बार राजकोट नगर निगम (आरएमसी) के पार्षद बने। वो साल 1996 से 1997 तक राजकोट के मेयर और 2006 से 2012 तक राज्यसभा सांसद रहे। इसके बाद रूपाणी राज्य की राजनीति में सक्रिय हुए और साल 2014 में पहली बार विधायक बनने के साथ कैबिनेट मंत्री के तौर पर भी शपथ लिया। रूपाणी को अगस्त 2016 में आनंदीबेन पटेल की जगह सीएम की जिम्‍मेदारी मिली। हालांकि रूपाणी ने सितंबर 2021 में सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था।   राजनीतिक करियर में अहम था यह नंबर  विजय रूपाणी (Vijay Rupani) 1206 को अपना लकी नंबर क्यों मानते थे, इसके बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, लेकिन उनको करीब से जानने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें इस नंबर से जुड़ाव राजनीति के शुरुआती दौर से ही रहा है। यही वजह है कि विजय रूपाणी के पहली स्कूटी से लेकर अब तक मौजूद सभी गाड़ियों में यही नंबर प्लेट है। बताया जा रहा है कि रूपाणी इस नंबर को अपने राजनीतिक करियर में बेहद अहम मानते थे, लेकिन 12/06 तारीख को यही नंबर उनकी जिंदगी का आखिर दिन बन गया।    इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक विजय रूपाणी ने कई बार टाली थी लंदन यात्रा भाजपा ने इस समय विजय रूपाणी को पंजाब और चंडीगढ़ का प्रभारी बना रखा था। पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने हादसे के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि विजय रूपाणी जी पहले यह यात्रा 5 जून को करने वाले थे, लेकिन लुधियाना वेस्ट उपचुनाव प्रचार के कारण उन्होंने इसे टाल दिया। इसके बाद 9 जून को जाने पर विचार कर रहे थे, लेकिन आखिर में वो 12 जून को लंदन के लिए रवाना हुए। सुनील जाखड़ ने कहा कि अगर वे इससे पहले ही लंदन चले जाते, तो शायद वो बच जाते। रूपाणी की मौत के बाद से राजकोट समेत पूरा गुजरात शोक में डूबा है। इनके कार्यकाल में हुए विकास के कई कार्यकाल के लिए इन्हें याद किया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi Vijay Rupani #vijayrupani #gujaratpolitics #luckynumber #breakingnews #rip #vijayrupaninews #indiaupdates #gujaratexcm #latestnews

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Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

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