Benefits of Green Tea

ग्रीन टी पीने से होते हैं ये 6 अद्भुत फायदे, जानें कैसे बनाएं अपने दिन को हेल्दी

ग्रीन टी (Green Tea) चीन और जापान में हजारों सालों से एक प्रसिद्ध ड्रिंक और इसके साथ ही पारंपरिक औषधि है। आज ग्रीन टी हर देश में बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होती है और आसानी से उपलब्ध है। यह कई फ्लेवर्ड और स्वीटेनड किस्मों के साथ-साथ ग्रीन टी पाउडर और लूज लीफ टी के रूप में भी मिलती है। यानी, आप जिस भी रूप में इसका इस्तेमाल करना चाहते हैं, वो बाजार में आपको मिल जाएगी। ऐसा माना जाता है कि ग्रीन टी (Green Tea) कॉग्निशन और वेट मैनेजमेंट के सपोर्ट में मदद करती है और इसके साथ ही यह एनर्जी को भो बूस्ट करने में भी फायदेमंद है। आइए जानें ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) के बारे में विस्तार से। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea): पाएं जानकारी क्लीवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार ग्रीन टी (Green Tea) के कई फायदे हैं, जिनमें एंग्जायटी कम करना, कोलेस्ट्रॉल घटाना, ब्रेन हेल्थ को प्रोटेक्ट करना, हड्डियों को हेल्दी बनाना और सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में मदद करना आदि शामिल हैं। ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) इस प्रकार हैं: 1. फोकस बढ़ाए ग्रेन टी में कई नेचुरल स्टिमुलैंट्स होते हैं, जिसमें कैफीन भी शामिल हैं। यह फोकस और एकाग्रता को बढ़ाने में फायदेमंद है। हालांकि, इसमें कैफीन की मात्रा कॉफी के समान ज्यादा नहीं होती। ग्रीन टी (Green Tea) के सेवन से मूड को अच्छा करने वाले केमिकल बढ़ते हैं, जिसमे डोपामाइन और सेरोटोनिन शामिल हैं।इसके साथ ही यह एमिनो एसिड एल-थेनिंग का अच्छा स्त्रोत है, जिसमें रिलेक्सिंग इफेक्ट होते हैं। यानी यह रिलेक्स होने में भी मदद करती है। 2. मेटाबॉलिज्म बूस्ट करे शोध यह बताते हैं कि वजन कम करने में ग्रीन टी (Green Tea) फायदेमंद हो सकती है। यानी, ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) मेटाबॉलिज्म से संबंधित है। ऐसा माना जाता है कि इसका कारण इसमें मौजूद कैटेचिन जैसे प्लांट कंपाउंड्स और नेचुरल थर्मोजेनिक प्रॉपर्टीज हैं। 3. ब्लड शुगर को करे कंट्रोल कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि ग्रीन टी (Green Tea) से इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधरती है और इसके कारण ब्लड शुगर (Blood Sugar) मैनेजमेंट पर अच्छा प्रभाव पड़ता है, जिससे डायबिटीज का जोखिम कम हो सकता है। 4. हार्ट डिजीज का लो रिस्क ग्रीन टी के बेनेफिट्स (Benefits of Green Tea) में हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करना शामिल है। शोध बताते हैं कि ग्रीन टी से हार्ट डिजीज और इससे जुडी समस्याओं जैसे स्ट्रोक आदि की संभावना को कम करने में मददगार है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें प्रोटेक्टिव इफेक्ट्स होते हैं जो आर्टेरियल डैमेज को कम कर सकते हैं। 5. हड्डियों के लिए फायदेमंद ग्रीन टी (Green Tea)  बोन डेंसिटी को मैंटेन करने में मददगार है, जिसके कारण फ्रैक्चर का रिस्क कम हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह इफेक्ट इस चाय में मौजूद पॉलीफेनॉल (Polyphenol) के कारण होता है। इसे भी पढ़ें: कोलकाता में कोरोनावायरस HKU1 के मामले की पुष्टि: यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय 6. पेट के लिए लाभदायक ग्रीन टी (Green Tea) में पॉलीफेनॉल (Polyphenol) जैसे प्लांट कंपाउंड्स होते हैं, जो एब्जॉर्ब हुए बिना लार्ज इंटेस्टाइन में चले जाते हैं, जहां उन्हें गट बैक्टीरिया द्वारा ब्रेक डाउन कर दिया जाता है। इस तरह वे गट के इस हिस्से में रहने वाले फायदेमंद  बैक्टीरिया के लिए ईंधन का सोर्स प्रदान करते हैं और गट फंक्शन में सुधार करने व इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने मदद मिलती है। ग्रीन टी (Green Tea) पॉलीफेनॉल (Polyphenol) नामक कंपाउंड शरीर को बीमारियों से बचाने के लिए जाने जाते हैं और स्वस्थ, संतुलित आहार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड फलों, सब्जियों और अन्य अनप्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की एक वाइड रेंज में पाए जाते हैं। ग्रीन टी (Green Tea) के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं, जिनमें से अधिकांश का श्रेय इस बात को जाता है कि यह अधिकतर अनप्रोसेस्ड होती है तथा इन प्लांट कंपाउंड्स से भरपूर होती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Benefits of Green Tea #GreenTea  #BenefitsofGreenTea #Polyphenol

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Amitabh Bachchan

अमिताभ बच्चन बने भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी, शाहरुख खान को छोड़ा पीछे

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अपने अंदाज और एक्टिंग की वजह से तो चर्चा में रहते हैं लेकिन अभी उनकी चर्चा सबसे ज्यादा टैक्स पेयर (Highest Tax Payer) होने के कारण हो रही है। दरअसल वित्तीय वर्ष 2024-25 में वह भारत के सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले सेलिब्रिटी बन गए हैं और उन्होंने इस मामले में बॉलीवुड के किंगखान शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) को भी पीछे छोड़ दिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके शानदार करियर को बल्कि भारतीय फिल्म उद्योग में उनकी सफलता को भी साबित किया है। अमिताभ बच्चन की कमाई और टैक्स भुगतान पिंकविला के अनुसार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कुल कमाई वित्तीय वर्ष 2024-25 में 350 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने 120 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया। यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे साफ जाहिर होता है कि वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे सशक्त सितारे बने हुए हैं। खास बात यह है कि 15 मार्च 2025 को उन्होंने 52.50 करोड़ रुपये की एडवांस टैक्स की आखिरी किस्त भी अदा कर दी। वैसे इससे पहले अमिताभ बच्चन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 71 करोड़ रुपये का टैक्स चुकाया (Tax Payer) था, जो अब इस साल की तुलना में 69% अधिक है। यह उनकी बढ़ती कमाई और सफलता का संकेत है। उनकी इस उपलब्धि से यह भी साफ है कि भले ही उनका करियर छह दशकों से अधिक पुराना हो, लेकिन उनके पास अब भी हर क्षेत्र में सफलता हासिल करने की क्षमता बरकरार है। कहां से हुई कमाई? अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की कमाई के कई स्रोत हैं, जिनमें प्रमुख फिल्में, ब्रांड एंडोर्समेंट और उनका प्रसिद्ध टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC)। KBC को वह पिछले 20 सालों से होस्ट कर रहे हैं और यह शो अब भी बेहद लोकप्रिय है। इसके साथ ही, वे कई बड़े ब्रांड्स के एंडोर्समेंट भी करते हैं। इनमें से कुछ ब्रांड्स भारतीय बाजार में उनके नाम और छवि का पूरा लाभ उठाते हैं। इसके अलावा अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा (Indian Cinema) के कुछ सबसे बड़े और हिट फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उनकी अभिनय क्षमता और फिल्मों में निभाए गए सशक्त किरदार उन्हें आज भी दर्शकों का प्रिय बनाते हैं। अभी भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने 82 साल की उम्र में भी बॉलीवुड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। उनका काम और फैन बेस आज भी पहले की तरह मजबूत है। उन्होंने हाल ही में फिल्म कल्कि 2898 ई. में अभिनय किया था और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वे जल्द ही फिल्म कल्कि 2 की शूटिंग शुरू करने वाले हैं। अमिताभ बच्चन का नाम केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किया जाता है। उनकी फिल्मों का प्रभाव न केवल भारतीय दर्शकों पर है, बल्कि उन्होंने दुनियाभर में अपना एक विशेष स्थान बना लिया है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? संपत्ति और व्यक्तिगत जीवन अमिताभ बच्चन की संपत्ति (Amitabh Bachchan’s Property) में हाल ही में एक और बड़ी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने ओशिवारा में स्थित अपने डुप्लेक्स अपार्टमेंट को 83 करोड़ रुपये में बेच दिया है। यह संपत्ति 1.55 एकड़ में फैली हुई थी और इसमें 4, 5 और 6 बीएचके वाले फ्लैट्स थे। इस संपत्ति को बेचने के बाद, अमिताभ ने अपनी संपत्ति को एक नई दिशा में निवेश किया है, जो उनके बेहतर फाइनेंशियल समझ को दर्शाता है। अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) न केवल भारतीय सिनेमा के एक जीवित किंवदंती हैं, बल्कि उनके करियर की सफलता, उनकी बढ़ती कमाई और लगातार टैक्स भुगतान यह साबित करते हैं कि वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (Indian Film Industry) के सबसे प्रभावशाली और सम्मानित कलाकार हैं। उनकी मेहनत, समर्पण, और समय के साथ लगातार खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें एक अनमोल हीरा बना दिया है। 82 साल की उम्र में भी वह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारे बने हुए हैं, और उनकी यह यात्रा प्रेरणा देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Amitabh Bachchan #AmitabhBachchan #Tax #TaxPayer #FY2024-25 #Bollywood

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Narendra Modi past life

Narendra Modi past life: बीजेपी सांसद के इस बयान पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक मचा हंगामा, कांग्रेस ने कही यह बात 

मुगल शासक औरंगजेब को लेकर महाराष्ट्र में बवाल मचा हुआ है। मचे बवाल के बीच बीजेपी सांसद के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। दरअसल, बीजेपी के सांसद ने शिवाजी महाराज को लेकर ऐसा बयान दिया कि उस पर विवाद शुरू हो गया है। बता दें कि ओडिशा के बारगढ़ से बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित ने संसद में कहा कि “पीएम मोदी (Narendra Modi) पिछले जन्म में (Narendra Modi past life) मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज थे। कहने की जरूरत नहीं सांसद के इस बयान पर बवाल मच गया।” लोकसभा में बोलते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि “उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी।” इस बीच उन्होंने कहा कि “गिरिजा बाबा नाम के एक संत ने मुझे बताया कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी का पूर्व जन्म छत्रपति शिवाजी महाराज के रूप में था। इसीलिए वह राष्ट्र निर्माण में काम कर रहे हैं।” इस पर अधिक जानकारी देते हुए सांसद प्रदीप पुरोहित ने आगे कहा कि “पीएम मोदी वास्तव में छत्रपति शिवाजी महाराज हैं, जिन्होंने महाराष्ट्र समेत पूरे देश को विकास और प्रगति की तरफ ले जाने के लिए पुनर्जन्म लिया है।” जाहिर सी बात है सांसद के इस बयान में हंगामा मचना ही था। हालांकि इस बयान के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आसन से आग्रह किया कि “अगर इस टिप्पणी से किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो इसे सदन की कार्यवाही से हटाने के बारे में विचार किया जाए।” खबर के मुताबिक उपसभापति ने उनके बयान को सदन की कार्यवाही को निकालने का आदेश दिया। बता दें कि चेयर पर बैठे दिलीप सैकिया ने निर्देश दिया कि प्रदीप पुरोहित की बातों की जांच करके उसे सदन की कार्यवाही से हटाने की प्रक्रिया की जाए।  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने जताया विरोध  बीजेपी सांसद के इस बयान (Narendra Modi past life) का कांग्रेस समेत विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध जताया। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने प्रदीप पुरोहित के बयान की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “अखंड भारत के आराध्य देव छत्रपति शिवाजी महाराज का बार-बार अपमान करने तथा महाराष्ट्र और दुनियाभर के शिव प्रेमियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के लिए भाजपा नेतृत्व द्वारा एक सुनियोजित साजिश रची जा रही है। इन लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मानद टोपी नरेन्द्र मोदी के सिर पर रखकर शिवाजी महाराज का घोर अपमान किया है। अब इस भाजपा सांसद का यह घिनौना बयान सुनिए। हम शिवाजी का बार-बार अपमान करने के लिए भाजपा की सार्वजनिक रूप से निंदा करते हैं। भाजपा शिव-द्रोही है। हम शिवाजी का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। नरेंद्र मोदी को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए और इस सांसद को निलंबित करना चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- नागपुर में औरंगजेब की कब्र के विवाद को लेकर हुई हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद कई इलाकों में लगा कर्फ्यू बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं सोशल मीडिया यूजर्स यही नहीं, सोशल मीडिया यूजर्स भी बीजेपी सांसद प्रदीप पुरोहित के बयान (Narendra Modi past life) की कड़ी निंदा कर रहे हैं। नेटिज़ेंस उनपर टूट पड़े हैं। उनका कहना है कि ये छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान है। एक यूजर ने लिखा कि “शिवाजी महाराज स्वराज्य के संस्थापक थे, न कि किसी पार्टी के प्रतीक। उनके शौर्य, बलिदान और विचारधारा को राजनीति से जोड़ना क्या उनकी महानता को सीमित करना नहीं? बता दें कि वर्तमान समय में मुगल बादशाह औरंगजेब को लेकर भी देश में काफी बहस चल रही है। इसलिए छत्रपति शिवाजी और मराठा साम्राज्य को लेकर भी देश में काफी बयानबाजी हो रही है और मुगल साम्राज्य की आलोचना की जा रही है Latest News in Hindi Today Hindi news Narendra Modi Narendra Modi past life #NarendraModi #ShivajiMaharaj #BJPMPStatement #PoliticalControversy #ParliamentDebate #SocialMediaBuzz #ModiShivajiRow #IndiaPolitics #ViralNews #BreakingNews

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Mivi Superpods Concerto TWS

दो फोन, एक कनेक्शन: मिवी सुपरपॉड्स कॉन्सर्टो टीडब्ल्यूएस हुआ लॉन्च

मिवी (Mivi) एक प्रसिद्धि भारतीय कंज्यूमर एलेक्ट्रॉनिस ब्रांड है जो हाई क्वालिटी ऑडियो प्रोडक्ट जिसमें हेडफोन, ईयरफोन, स्पीकर और अन्य उपकरणों का निर्माण करने के लिए जानी जाती है। भारतीय ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार यह कंपनी बेहतरीन डिजाइन और किफायती प्रोडक्ट्स को बनाती है। यह कंपनी समय-समय पर नए उतपदों को लांच करे रहते हैं। कम समय में ही इस कंपनी के उत्पादों ने लोकप्रियता हासिल की है। हाल ही ने इन्होने एक नए उत्पाद को लांच किया है, जो कई फीचर्स के साथ उपलब्ध है। इस उत्पाद का नाम है मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS)। आइए पाएं पूरी जानकारी मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस के बारे में विस्तार से और जानें इसके फीचर्स के बारे में। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस: पाएं जानकारी मिवी (Mivi) ने इंडियन मार्किट में एक नया उत्पाद निकाला है जिसके विशेष फीचर्स इसे और खास बना रहे हैं।इसकी कीमत भी किफायती है, यही कारण है कि यह कम समय में ही चर्चा का विषय बन सकता है। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) प्रीमियम Hi-Res ऑडियो, LDAC, एक्टिव नॉयस कैंसिलेशन और कई अन्य फीचर्स के साथ उपलब्ध है। जैसे इसकी बैटरी लाइफ जो लगभग साथ घंटे तक की है। यानी अगर आप इन्हें एक बार चार्ज कर ली हैं तो यह लम्बे समय तक चलते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें एक समय पर दो डिवाइस के साथ कनेक्ट कर सकते हैं और यह आईओएस व एंड्राइड दोनों के साथ काम करते हैं। यह ईयरबड्स (Earbuds) ग्लास फिनिश के साथ आते हैं यानी इसका डिजाइन और फिनिश भी बेहतरीन है। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) की कीमत मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) की कीमत 3,999 रुपये है और यह कई रंगों में उपलब्ध है। इसमें चार रंग उपलब्ध हैं जो इस प्रकार हैं स्पेस ब्लैक, मिस्टिक सिल्वर, मेटैलिक ब्लू और रॉयल शैंपेन। इन ईयरबड्स (Earbuds) को आप ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। यानी, मिवी (Mivi) की ऑफिशियल वेबसाइट के अलावा अमेजॉन, फ्लिपकार्ड से इसे खरीदा जा सकता है। आप ऑफलाइन स्टोर्स से भी इसे बाय कर सकते हैं। आपको इन ईयरबड्स (Earbuds) के साथ एक साल की वारंटी भी मिलेगी। मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस के फीचर्स मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) के जरिए कंपनी अपने ग्राहकों को कई सुविधाएं प्रदान कर रही है। इन ईयरबड्स (Earbuds) के कई फीचर्स हैं जैसे Hi-Res ऑडियो, LDAC और एक्टिव नॉयज कैंसिलेशन फीचर्स।    एक्टिव नॉयज कैंसिलेशन से एंबिएंट नॉयस को रोका जा सकता है। इसके अलावा मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) में डॉल्बी ऑडियो का सपोर्ट भी मिलेगा जिसकी वजह से ग्राहकों को बिलकुल साफ आवाज सुनाई देगी। यह ईयरबड्स (Earbuds) 3डी साउंडस्टेज के साथ हैं जो मिवी (Mivi) की खास ऑडियो टेक्नोलॉजी है। इस टेक्नोलॉजी की वजह से इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक और बेहतर हो सकता है।  इसे भी पढ़ें: Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च?  मिवी (Mivi) सुपर कनेक्ट ऐप का इन ईयरपॉड्स में इस्तेमाल किया जा सकता है। यह आप आईओएस और एंड्राइड दोनों प्लैटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। यह ईयरपॉड्स टाइप-सी पोर्ट के माध्यम से चार्ज होते हैं जो एक तेज चार्जिग स्पोर्ट है। इसमें दस मिनट की चार्जिंग से पांच सौ मिनट्स तक प्लेटाइम मिलेगा। इन ईयरबड्स (Earbuds) का वजन  44 ग्राम है और इसका मेजरमेंट 5.9×5.9×3.1 सेमी है। इनमें माइक्रो-टेक्सचर्ड यूनी-बॉडी मेटल डिजाइन के साथ उपलब्ध है। मिवी की सह-संस्थापक और सीएमओ, मिधुला देवभक्तुनी ने इन ईयरबड्स (Earbuds) को लांच किया। उनके अनुसार मिवी सुपरपॉड्स कंसर्टो टीडब्ल्यूएस (Mivi Superpods Concerto TWS) को 5 इंडस्ट्री लीडिंग टेक्नोलॉजीज द्वारा बनाया गया है। यह बेहतरीन ऑडियो अनुभव प्रदान करते हैं। देवभक्तुनी ने यंग यूजर्स की जरूरतों को पूरा करने वाले इस ऑडियो प्रॉडक्स्ट प्रदान करने के मिवी (Mivi) के मिशन को मजबूत करने में गर्व व्यक्त किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mivi Superpods Concerto TWS #MiviSuperpodsConcertoTWS #Mivi #earbuds #Superpods

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Human Coronavirus HKU1

कोलकाता में कोरोनावायरस HKU1 के मामले की पुष्टि: यहां जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय

हाल ही में कोलकोता में एक महिला में ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) का निदान हुआ है। यह एक सांस संबंधी वायरस है, जिसके लक्षणों में सर्दी-जुकाम आदि शामिल है। गंभीर मामलों में यह निमोनिया (Pneumonia) का कारण भी बन सकता है। हालांकि, डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस वायरस से किसी को डरने की जरूरत नहीं है लेकिन इसे लेकर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। डॉक्टर्स की मानें, तो मरीज महिला में सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या पिछले लगभग 15 दिनों से थी लेकिन अभी उसकी कंडीशन ठीक है। बहुत से लोगों को इस वायरस के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन इसके बारे में जानकारी होना आवश्यक है। जानिए ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) के बारे में विस्तार से।  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) क्या है? अल्बामा पब्लिक हेल्थ (Alabama Public Health) के अनुसार सामान्य ह्यूमन कोरोना वायरसिस में टाइप्स 229इ, एनएल63, ओसी43 और एचकेयू1 शामिल हैं। इनके कारण रोगी को माइल्ड से लेकर गंभीर अपर.रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इलनेस बीमारियां महसूस हो सकती हैं जैसे सामान्य सर्दी-जुकाम। अधिकतर लोग अपने जीवन में कभी न कभी इन वायरसिस से संक्रमित हो सकते हैं। यह बीमारियां आमतौर भी कम समय तक ही रहती हैं। अन्य हयूमन कोरोनावायरसिस की तरह ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) भी लो रेस्पिरेटरी ट्रेक्ट बीमारियों का कारण बन सकता है जैसे निमोनिया (Pneumonia) और ब्रोंकाइटिस आदि। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों, छोटे बच्चों, बूढ़ों और कार्डियोपल्मोनरी डिजीज से पीड़ित लोगों में यह रोग अधिक सामान्य है। ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 के लक्षण क्या हैं?  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) के सामान्य लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इन लक्षणों के अलावा रोगी को अन्य लक्षण भी नजर आ सकते हैं। जैसा की पहले ही बताया गया है कि गंभीर स्थितियों में यह समस्या निमोनिया (Pneumonia) और ब्रोंकाइटिस की वजह बन सकती हैं। यह लक्षण नजर आने पर सावधानी बरते और जरूरत पड़ने पर मेडिकल हेल्प लेना भी आवश्यक है। ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू 1 का उपचार  ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 या एचसीओवी-एचकेयू1 (HCoV-HKU1) के उपचार या सुरक्षा के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है और न ही इसके कारण होने वाली बीमारियों का कोई उपचार है। इससे पीड़ित अधिकतर लोग खुद ही ठीक हो जाते हैं। लेकिन, इसके लक्षणों से राहत पाने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित चीजों की सलाह दे सकते हैं: इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 से बचाव यह वायरस (Virus) संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक फैल सकता है। यह उनकी खांसी और छींक के माध्यम से फैलता है या क्लोज कांटेक्ट जैसे संक्रमित व्यक्ति को छूने या हाथ मिलाने से भी फैल सकता है। इस वायरस के कारण साल के किसी भी समय लोग संक्रमित हो सकते हैं, लेकिन पतछड़ और सर्दी के मौसम में इसकी संभावना बढ़ जाती है। छोटे बच्च्चों में भी इसकी संभावना अधिक रहती है। आप इन चीजों का ध्यान रख कर ह्यूमन कोरोनावायरस एचकेयू1 (Human Coronavirus HKU1) से बच सकते हैं:  अगर आपके मन में इस बीमारी के बारे में कोई भी सवाल या चिंता है, तो डॉक्टर की सलाह लेना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Human Corona virus HKU1 #HumanCoronavirusHKU1 #HCoV-HKU1 #Pneumonia #coronavirus

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International Masters League

सचिन तेंदुलकर की टीम ने वेस्टइंडीज को 6 विकेट से मात देकर जीती International Masters League

16 मार्च को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के पहले संस्करण का फाइनल मुकाबला इंडिया मास्टर्स और वेस्टइंडीज मास्टर्स के बीच खेला गया। जिसमें वेस्टइंडीज मास्टर्स  ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज मास्टर्स की टीम ने इंडिया मास्टर्स को 149 रनों का लक्ष्य दिया था। गौर करने वाली बात यह कि उसकी आधी टीम 85 के स्कोर पर ही आउट हो गई थी। ब्रायन लारा मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। उसके बाद विलियम पर्किन्स 6 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इस बीच लड़खड़ाती पारी को संभालने क्रीज पर आये लेंडल सिमंस ने अकेले अपने दम पर 57 रनों की आतिशी पारी खेल वेस्टइंडीज मास्टर्स को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। बता दें कि ड्वेन स्मिथ ने 35 गेंद पर 45 का स्कोर करके पारी का अंत किया। टीम के लिए स्मिथ और सिमंस के अलावा कोई और बड़ी पारी नहीं खेल पाया। शाहबाज नदीम टीम इंडिया के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने ओवर में 14 रन देकर 2 विकेट झटके।  सचिन तेंदुलकर की टीम ने इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के रोमांचक मुकाबले में दी वेस्टइंडीज मास्टर्स को मात इस बीच सचिन तेंदुलकर की टीम ने इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के रोमांचक मुकाबले में वेस्टइंडीज मास्टर्स की टीम को कड़ी पटखनी देते हुए और ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मास्टर ब्लास्टर तेंदुलकर (25) और अंबाती रायुडू (74) की 67 रनों की साझेदारी ने लक्ष्य को आसान बना दिया। मजे की बात यह कि इंडिया मास्टर्स ने अपनी बल्लेबाजी से सबको चौंका दिया, इस दौरान क्योंकि तेंदुलकर और रायुडू ने पुराने स्ट्रोक्स खेले। तेंदुलकर ने जहां शानदार खेल दिखाया और अपने खास कवर ड्राइव तथा फ्लिक से दर्शकों से खचाखच भरे मैदान को हिला दिया। बता दें कि टीम इंडिया ने महज 4 विकेट खोकर इस आसान से लक्ष्य को हासिल किया। बेशक सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा जैसे दिग्गज क्रिकेटरों के बीच फाइनल मुकाबला हर क्रिकेट प्रेमी के लिए एक सपने जैसा ही है। बता दें कि इंटरनेशनल मास्टर्स लीग टी20 2025 में कुल 5 देशों की टीम ने हिस्सा लिया था। जिसमें इंडिया मास्टर्स ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में पहुंची थी तो वहीं वेस्टइंडीज मास्टर्स ने लीग के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका को हराकर मैच जीता था। दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला 16 मार्च को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया। मैच के दौरान फैंस को कांटे की टक्कर देखने को मिली। फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने इस मैच का भरपूर लुत्फ़ उठाया।  इसे भी पढ़ें:- WPL 2025 का फाइनल: दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस के बीच महामुकाबला आज बात करें इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (International Masters League) के फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के प्लेइंग 11 की तो  वेस्टइंडीज मास्टर्स: ब्रायन लारा, ड्वेन स्मिथ, विलियम पर्किन्स, दिनेश रामदीन, एश्ले नर्स, टिनो बेस्ट, लेंडल सिमंस, चैडविक वाल्टन, जेरोम टेलर, सुलेमान बेन, रवि रामपॉल इंडिया मास्टर्स: सचिन तेंदुलकर, अंबाती रायडू, यूसुफ पठान, इरफान पठान, पवन नेगी, युवराज सिंह, स्टुअर्ट बिन्नी, गुरकीरत सिंह मान, धवल कुलकर्णी, विनय कुमार, शाहबाज नदीम  Latest News in Hindi Today Hindi news International Masters League

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Foods To Avoid Empty Stomach

जानिए इन 7 फूड्स के बारे में जिन्हें खाली पेट खाने से करना चाहिए नजरअंदाज

व्यस्त जीवनशैली के कारण हम में से अधिकतर लोग नाश्ते स्किप कर देते हैं, जो पूरी तरह से गलत है। ब्रेकफास्ट हमारे दिन का सबसे महत्वपूर्ण मील है, क्योंकि इसमें हम 10 से 12 घंटे बाद कुछ खाते हैं। जब इतने अंतर के बाद जब हम कुछ खाते हैं, तो सावधानियां बतरनी बहुत जरूरी हैं। दिन की शुरूआत में जो चीज सबसे पहले आपके पेट में जाती है, वही तय करती है कि आपका बाकी दिन कैसा बीतेगा? क्या आप जानते हैं कि जब हम खाली पेट (Empty Stomach) कुछ फूड्स का सेवन करते हैं, तो चाहे वो हेल्दी हों लेकिन पेट और डाइजेस्टिव प्रॉब्लम्स का कारण बन सकती हैं? जबकि कुछ फूड्स खाली पेट खाना सेहत के लिए अच्छा होता है। आइए जानें कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)? फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार जब बात कई सामान्य नाश्तों की आती है, तो उनमें प्रोटीन और फाइबर की कमी होती है, जिससे आपको खाने के अगले मौके से पहले ही भूख लगने लगती है। वहीं, दूसरी चीजें फैट से भरी होती हैं और पेट को भरा और असहज महसूस करा सकती हैं। ऐसे में इस बात का पता होना चाहिए कि कौन से हैं वो फूड्स जिन्हें खाली पेट नहीं खाना चाहिए (Foods To Avoid Empty Stomach)?  1. खट्टे फल (Citrus fruits) खट्टे फल (Citrus fruits) खाने में स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन यह कई बार समस्या के कारण भी बन सकते हैं। खट्टे फल (Citrus fruits) जैसे संतरा, निम्बू, चकोतरा आदि को खाली पेट (Empty Stomach) खाने से बचना चाहिए। इनमें सिट्रिक एसिड बहुत अधिक मात्रा में होते हैं, जिससे पेट में एसिडिटी बढ़ सकती है। सुबह खाली पेट इन्हें खाने से पेट में एसिडिटी बढ़ती है जिससे हार्टबर्न और अन्य कई समस्याएं हो सकती हैं।  2. चाय (Tea) अधिकतर लोग खाली पेट (Empty Stomach) सुबह उठते ही चाय (Tea) पीना पसंद करते हैं। इसी से उनके दिन की शुरुआत होती है। लेकिन, खाली पेट इसे पीना हानिकारक हो सकता है। स्टडीज की मानें तो अधिकतर लोग सुबह खाली पेट (Empty Stomach) चाय (Tea) पीने से परेशानियों का सामना कर सकते हैं। ऐसा भी माना गया है कि खाली पेट इसे पीने से जी मिचलाने और हार्टबर्न जैसे समस्याएं हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि इसके टैनिन के कारण पैंक्रियाज ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन रिलीज करता है। इस प्रक्रिया से थकान और भूख बढ़ सकती है। 3. मसालेदार आहार (Spicy food) सुबह खाली पेट (Empty Stomach) मसालेदार आहार का सेवन करने से भी बचना चाहिए। यह मसालेदार आहार पेट की लायनिंग में समस्या का कारण बन सकता है। इससे डायजेशन प्रभावित हो सकता है और इसके साथ ही इससे कुछ अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 4. कॉफी (Coffee) कॉफी उन प्रसिद्ध पेय पदार्थों में से एक है, जिसे बहुत से लोग सुबह उठते ही पीना पसंद करते हैं। लेकिन, यह बिलकुल भी हेल्दी नहीं है। कॉफी में कैफीन होता है जिसे इसकी अलर्टनेस को बढ़ाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) पिया जाता है, जो इसका प्रभाव उल्टा भी हो सकता है। इसके कारण लोग एंग्जायटी और घबराहट महसूस कर सकते हैं। 5. दही (Yogurt) दही खाने का एक हेल्दी विकल्प है, क्योंकि इसमें प्रोबायोटिक्स और कैल्शियम होता है। लेकिन, जब इसे खाली पेट (Empty Stomach) खाया जाता है तो पेट का एसिडिक एन्वॉयर्नमेंट हेल्दी गट बैक्टीरिया को नष्ट कर सकता है, जिससे उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू कम हो सकती है। 6. तला हुआ भोजन (Oily food) पूरी, पकोड़े, भटूरे जैसे पसंदीदा नाश्ते को भी खाली पेट (Empty Stomach) खाना नुकसानदायक हो सकता है। तले हुए आहार में फैट कंटेंट अधिक होता है जिससे ब्लोटिंग व अपच जैसी परेशानियां हो सकती है और सुस्ती आ सकती है। इसे भी पढ़ें: तुलसी का पानी: जानें क्या हैं रोजाना सुबह इसे पीने के 6 आश्चर्यकारी फायदे 7. अधिक मीठी चीजें (Sugary food) अगर आपको मीठी चीजें खाना पसंद है और आप अक्सर मिठाईयां, पेस्ट्रीज या मीठे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं, तो ध्यान रखें इन्हें नजरअंदाज करना बहुत जरूरी है। खासतौर पर इन्हें खाली पेट (Empty Stomach) नहीं खाना चाहिए। इससे इंसुलिन और ब्लड शुगर लेवल एकदम से बढ़ सकते हैं। इससे बाद में सुस्ती और थकावट का अनुभव हो सकता है। इसके साथ ही इससे डायरिया होने की संभावना भी बढ़ सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।  Latest News in Hindi Today Hindi  Foods To Avoid Empty Stomach #FoodsToAvoidEmptyStomach #EmptyStomach #Citrusfruits #Tea

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Health Benefits Of Curd

रोजाना दही खाने के हैं 7 कमाल के फायदे, लेकिन किस समय खाना है सही?

योगर्ट यानी दही (Curd), दूध के लैक्टिक फेरमेंटशन को कहा जाता है। फेरमेंटशन प्रोसेस के दौरान, दूध में बैक्टीरिया लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जो दूध को गाढ़ा कर देता है। इसे अपनी स्मूदनेस, फ्रेश और मजेदार स्वाद के लिए जाना जाता है। यह स्वास्थ्यवर्धक और सबसे वैल्युबल थेराप्यूटिक खाद्य पदार्थों में से एक है। यह कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन बी-12 पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। रोजाना अपनी डायट में एक कप दही (Curd) को शामिल करने से कई हेल्थ और ब्यूटी बेनेफिट्स हो सकते हैं। दही (Curd) की कंसिस्टेंसी स्मूद या गाढ़ी हो सकती है। जानें रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) के बारे में। यह भी जानें कि इसे दिन के किस समय खाना चाहिए? रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार दही (Curd) बहुत न्यूट्रिशियस होता है और इसे रोजाना खाने से हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद है, जैसे इसे खाने से हार्ट डिजीज और ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क कम होता है और वजन को सही बनाए रखने में भी मदद मिलती है। रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) इस प्रकार हैं: 1. पेट के लिए बेहतरीन  दही (Curd) में फायदेमंद बैक्टीरिया के लाइव कल्चर्स होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स (Probiotics) कहा जाता है। यह प्रोबायोटिक्स (Probiotics) पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पाचन को सही रखते हैं, पोषक तत्वों के एब्जोर्प्शन में मदद करते हैं और बोवेल मूवमेंट को सही बनाए रखने में मदद करते हैं। 2. इम्युनिटी बढ़ाए दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) इम्यून सेल्स के प्रोडक्शन को और नेचुरल किलर सेल्स की एक्टिविटी को बढ़ाते हैं। इससे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है और कई इंफेक्शंस व बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। 3. पाचन को सुधारे दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में पाचन में सुधार शामिल है। दही (Curd) में मौजूद लाइव कल्चर लैक्टोज को ब्रेक डाउन करने में मदद करते हैं और इससे लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले लोगों के लिए इसे पचाना आसान होता है। इसके साथ ही प्रोबायोटिक्स (Probiotics) हेल्दी गट बैक्टीरिया की ग्रोथ में भी फायदेमंद है। इससे डाइजेस्टिव डिसऑर्डर्स जैसे डायरिया, कब्ज आदि का जोखिम कम होता है। 4. न्यूट्रिएंट एब्जोर्प्शन में फायदेमंद दही (Curd) में लैक्टिक एसिड होता है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन को ब्रेकडाउन में मदद करता है और कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स के एब्जोर्प्शन को बढ़ाता है। इससे हड्डियों के स्वास्थ्य और शरीर में न्यूट्रिएंट्स के उपयोग में सुधार करने में मदद मिल सकती है।  5. वजन रहे सही दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में वजन को सही बनाए रखना भी जरूरी है। दही (Curd) में कैलोरीज कम और प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है। इससे भूख कम होती है और वजन को सही बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अधिक प्रोटीन कंटेंट से लीन मसल मास की डेवलपमेंट में भी हेल्प मिलती है। 6. बोन हेल्थ दही (Curd) कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए यह एक जरुरी मिनरल है। दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों से बचाव और बोन हेल्थ को सही बनाए रखना शामिल है। 7. हार्ट के लिए अच्छा दही (Curd) में बायोएक्टिव पेप्टिड्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट रखने और हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) को कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार भी जोड़ा जाता है। यानी इसके फायदों में हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करना शामिल है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत दही खाने का सही समय दही खाना सबके लिए फायदेमंद है लेकिन इसे सही मात्रा में ही खाना चाहिए। कुछ खास बीमारियों से पीड़ित लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से उनकी स्थिति बदतर हो सकती है। दही खाने का बेहतरीन समय है सुबह या दोपहर। आयुर्वेदा की मानें तो लंच और डिनर के बाद दही (Curd) खाने से डाइजेशन सही रहता है। रात को इसे खाने से स्लीप साइकिल में समस्या हो सकती है और कई पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Health benefits of curd #Healthbenefitsofeatingcurddaily #Probiotics #Benefitsofcurd #curd

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UCEED Counselling 2025

UCEED Counselling: काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू, जल्दी करें आवेदन और सुरक्षित करें अपनी सीट

अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी को आईआईटी बॉम्बे द्वारा आयोजित किया जाता है। इन्होने इसका रिजल्ट 7 मार्च 2025 को घोषित कर दिया है। अब आईआईटी बॉम्बे( IIT Bombay) ने इसके लिए कॉउंसलिंग शुरू कर दी है और इसके लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी की गयी है। उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस कॉउंसलिंग के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को देश के बेहतरीन डिजाइन इंस्टीट्यूट्स में यूजी डिजाइन कोर्सेस में प्रवेश मिलेगा। अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आइए पाएं जानकारी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के बारे में। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling): पाएं जानकारी जो उम्मीदवार यूसीडी परीक्षा में सफल हुए हैं, वो आईआईटी के विभिन्न परिसरों में बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्रमम में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस में भाग ले सकते हैं। इस कॉउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay), आईआईटी गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम जबलपुर आदि शामिल हैं। इस कॉउंसलिंग में कैंडिडेट्स को उनके रैंक्स, सीट्स, प्राथमिकता आदि के अनुसार सीट मिलने का मौका मिलेगा। अन्य जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) प्रोसेस और फीस यूसीडी परीक्षा में भाग लेने वाले कैंडिडेट्स को 4000 रुपए फीस जमा करानी होगी और यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है यानी यह बापस नहीं होगी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा इसके बारे में पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। इसमें इस प्रोग्राम के लिए 245 सीटें उपलब्ध हैं। यह सीट आवंटन कैंडिडेट्स को मेरिट लिस्ट और उमीदवार की प्राथमिकता के आधार पर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि इस सीटों का आवंटन स्टेप बाय स्टेप तरीके से किया जाएगा। अगर किसी कैंडिडेट को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो वो अगले राउंड में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह से पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी भी प्रतियोगियों को पहले ही प्रदान कर दी जाएगी। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन और अन्य जानकारी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी की परीक्षा के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन पिछले साल 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था और इसकी परीक्षा 19 जनवरी 2025 को आयोजित की गयी थी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन के लिए पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इस हर एक रौँफ के बाद कट-ऑफ लिस्ट को निकाला आएगा, जिससे यह तय होगा कि किस उम्मीदवार को अगले रॉउंड में सीट मिलेगी। कैसे करें अप्लाई? जो कैंडिडेट यूसीईईडी परीक्षा में उपस्थित हुए थे और कॉउंसलिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो इस तरह से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता ध्यान रखें कि अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और यह पांच राउंड्स में होगी। कॉउंसलिंग के लिए आप इस रेजिस्ट्रेशन को  केवल 31 मार्च तक ही कर सकते हैं। इसके बाद आप रेजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 21 अप्रैल को आएगा।  इस बात का भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन सीट अलॉट करने की प्रोसेस के दौरान किया गया एडमिशन ऑफर ही फाइनल होगा। जरूरी फीस के भुगतान, डाक्यूमेंट्स के वेरिफिएशन और अन्य फॉर्मलिटीज के बाद ही प्रतियोगी को प्रवेश मिलेगा। योग्य उमीदवार इस मौके को न गवाएं और आज ही यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के लिए आवेदन करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news UCEED Counselling #UndergraduateCommonEntranceExaminationforDesign #UCEED #UCEEDCounselling #IIT Bombay #IIT

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Colors of Holi

बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंगों को हटाने के लिए आसान टिप्स

होली (Holi) यानि रंगों का त्यौहार, जिसे हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का भी प्रतीक माना जाता है। सर्दियों के अंत और वसंत के आने पर इसका मजा दोगुना हो जाता है। इसमें लोग एक दूसरे को रंग लगते हैं, मिठाईयां खाते हैं और कुछ धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि रंगों से खेलना मौज-मस्ती से भरा और आनंददायी होता है। लेकिन, इसके बाद रंग को रिमूव करना एक मुश्किल काम है। कई बार यह होली के रंग (Colors of Holi) और रंगों को छुड़ाने का तरीका स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानें कि बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं? बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin): पाएं जानकारी द योगा इंस्टिट्यूट (The yoga institute) के अनुसार होली (Holi) का उल्लास खत्म होने के बाद रंगों के निशान भयभीत करने वाले होते हैं। यही नहीं, कुछ रंग त्वचा में जलन को दाग का कारण बन सकते हैं। ऐसे में बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं, इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  स्किन को साफ करें रेगुलर टिश्यू कि जगह स्किन से होली (Holi) के रंग को रिमूव करने के लिए सबसे पहले वाइप्स का इस्तेमाल करें। इसके लिए वेट वाइप्स का प्रयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए ऐसे वाइप्स का इस्तेमाल करें जिसमें नेचुरल और स्किन के लिए लाभदायक इंग्रेडिएंट्स मौजूद हों। इसके लिए आप नेचुरल ऑयल्स का भी प्रयोग कर सकते हैं जैसे कोकोनट ऑयल, ओलिव ऑयल और बेबी ऑयल आदि। कुछ फैसपैक्स आ सकते हैं काम कुछ घर पर बनाए नेचुरल फेस मास्क न केवल स्किन से रंगों को निकाल सकते ,हैं बल्कि स्किन और शांत और नरिश भी कर सकते हैं। इन फेस पैक्स को आप आसानी से बना सकते हैं। बेसन और दही, मुल्तानी मिटटी और रोज वॉटर या एलोवेरा और शहद का फेसपैक आपकी स्किन के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनसे स्किन को पोषण मिलेगा। स्क्रब का इस्तेमाल  होम मेड स्क्रब से भी होली के रंग (Colors of Holi) को छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए बेसन दही और हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डेड स्किन के साथ-साथ होली (Holi) के जिद्दी रंगों को स्किन से निकालने में मदद मिलती है। स्किन पर इस स्क्रब लगाएं, आराम से मालिश करें और फिर धो लें। इसके साथ ही निम्बू के रस और शहद का मिश्रण भी इसमें लाभदायक हो सकता है। निम्बू की ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज रंग को कम करने में मदद कर सकती हैं। आर्गेनिक साबुन का इस्तेमाल  बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) में आर्गेनिक साबुन के इस्तेमाल शामिल है। बाजार में कुछ ऐसे ऑर्गनिक साबुन मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें, जिनमे हार्श केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस न हों। इससे स्किन से रंग आसानी से निकल जाते हैं और त्वचा नरिश व मॉइस्चराइज होती है। यह तो थे होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाने के कुछ तरीके। अब जानिए कि त्वचा को कोई नुकसान न हो इसके लिए होली (Holi) से पहले आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत होली से पहले रखें इन बातों का ध्यान होली (Holi) खेलने से पहले भी आप कुछ बातों का ध्यान रख कर अपनी स्किन को नुकसान से बचा सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Ways to remove Holi colours #ColorsofHoli #Holi #WaystoremoveHolicolourswithoutharmingskin #harmfulcolors

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