Donald Trump on India Pakistan tension

Trump Reacts to India-Pakistan Tension: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कही यह बात 

22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नाम में दम कर दिया है। भारत ने आतंकियों की जन्नत कहे जाने वाले पाकिस्तान के रातों की नींद ख़राब कर दी है। 6-7 मई की रात भारत सेना ने पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर घुसकर बहावलपुर स्थित जैश के हेड क्वार्टर को नष्ट कर दिया। भारत में एक साथ 9 जगह एयर स्ट्राइक कर बता दिया कि आतंकियों को वो किसी भी हाल में बख्शने वाला। गुजरते वक़्त के साथ दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में दुनिया दो परमाणु-सशस्त्र राष्ट्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर तनाव समूची दुनिया सकते में है। दरअसल, दोनों देश परमाणु संपन्न होने के नाते परमाणु युद्ध की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जितनी जल्दी हो सके कम हो।” ष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं दरअसल, एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि “राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष राष्ट्रपति ट्रम्प के पदभार संभालने से बहुत पहले से चला आ रहा है।” अहम बात यह कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब बुधवार की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा किए गए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। इसे भी पढ़ें:- अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे” ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) संबंध  जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने यह टिप्पणी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता या प्रभाव डालने के अमेरिकी प्रयासों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में की। पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) और रुबियो दोनों देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं और इस संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं, अपनी कॉल के दौरान, एस जयशंकर ने रुबियो को बताया कि भारत स्थिति को बढ़ाने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Reacts to India-Pakistan Tension #TrumpOnIndiaPakistan #IndiaPakistanTension #DonaldTrump #IndoPakConflict #USPresident #SouthAsiaCrisis #TrumpStatement #KashmirTension #PeaceTalks #BreakingNews

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Manimahesh Kailash

मणिमहेश कैलाश: भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है यह पर्वत

हमारे देश में ऐसे कई धार्मिक स्थान हैं, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है मणिमहेश (Manimahesh)। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) भगवान शिव को समर्पित है और पंच कैलाशों में से एक है। यह स्थान है हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले में। यहां पहुंचना आसान नहीं लेकिन यह एक पवित्र स्थान है जो भगवान शिव और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। कैलाश पर्वत के नीचे मौजूद मानसरोवर झील की तरह यहां भी एक झील है। आइए जानें मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के बारे में विस्तार से। यह भी जानें कि मणिमहेश (Manimahesh) की यात्रा कब की जा सकती है? मणिमहेश (Manimahesh) की कथा  मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) वो महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है, जो भगवान शिव जी के प्रेम और शक्ति का संकेत है। ऐसा माना गया है कि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के बाद इस पर्वत को बनाया गया था। कुछ पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी पर्वत पर भगवन शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था।यही नहीं इस पर्वत को उनका निवास स्थान भी माना गया है। मणिमहेश  (Manimahesh) पर्वत की चोटी तक कोई भी चढ़ाई नहीं कर पाया है। ऐसा भी माना गया है कि आज तक कई लोगों ने इसकी चोटी तक पहुंचने की कोशिश की है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाएं हैं। एक चरवाहें ने भी अपनी बकरियों के साथ यहां चढ़ने की कोशिश की थी लेकिन वो पत्थर की बन गई थी। इस पर्वत पर एक झील है जिसका पानी बेहद पवित्र माना गया है और लोग इसे अपने साथ ले जाते हैं। मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक इस पर्वत की यात्रा की जाती है। मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) के मणि का क्या है अर्थ  यह तो हम सभी जानते हैं कि मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) में मणि का अर्थ है भगवन शिव की मणि। इसके पीछे भी एक कथा है। ऐसा माना गया है कि पूर्णिमा (Purnima) की रात को मणिमहेश झील  (Manimahesh Lake) में इस पर्वत में मौजूद मणि की किरणों से परिवर्तित होती हैं और उसके बाद लोगों को दिखती हैं। लेकिन, यह दृश्य सभी को नहीं दिखाई देता है। हालांकि वैज्ञानिकों का इसके बारे में अलग मत है। उनके अनुसार यह किरणें ग्लेशियर से परावर्तित होकर आती हैं न की मणि से। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कैसे पहुंचा जा सकता है मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash)? मणिमहेश कैलाश (Manimahesh Kailash) पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को लगभग 13 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस साल यह यात्रा 26 अगस्त से शुरू हो रही है। आप जिस भी शहर से आ रहे हैं, वहां से आपको सबसे पहले चम्बा पहुंचना होगा। इस स्थान पर अगर आप वायुमार्ग या रेलमार्ग से आ रहे हैं, तो सबसे नजदीक एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आपको पड़ेगा पठानकोट। चम्बा पहुंचने के बाद आपको भरमौर पहुंचना होगा जो यहां से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। यहां आप बस या टैक्सी से पहुंच सकते हैं। भरमौर से आपको हड़सर पहुंचना होगा, जहां आप बस या टैक्सी से जा सकते हैं। हड़सर से ट्रैक शुरू हो जाता है। ट्रैक कर के आप मणिमहेश झील (Manimahesh Lake) तक पहुंच सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Manimahesh Kailash #ManimaheshKailash #Manimahesh #ManimaheshLake #Chamba #LordShiva #MataParvati

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Bowel Cancer

बाउल कैंसर: युवाओं के लिए बढ़ता खतरा, जानें कैसे करें इससे बचाव

बाउल कैंसर (Bowel cancer), लार्ज बाउल में शुरू होने वाला कैंसर (Cancer) है। इनमें कोलन और रेक्टरम आदि भी शामिल है। यह कैंसर (Cancer) सबसे सामान्य कैंसरस में से एक है। कोलन कैंसर के उपचार के लिए कई तरीके काम में आ सकते हैं। इसके उपचार में रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी आदि शामिल हैं। बाउल कैंसर (Bowel cancer) आमतौर पर बुजुर्गों को प्रभावित करता है, लेकिन यह किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है। आजकल बड़ी संख्या में युवाओं को भी यह कैंसर प्रभावित कर रहा है, जो एक चिंता का विषय है। आइए जानें युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के बारे में विस्तार से। बाउल कैंसर से बचाव के बारे में भी जानें। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People): पाएं जानकारी बाउल कैंसर (Bowel cancer) एक गंभीर बीमारी है जो मृत्यु का कारण भी बन सकता है। हर साल इस कैंसर (Cancer) के कई नए मामले सामने आते हैं। ऐसा पाया गया है कि साल 2023 में इस कैंसर के 19 लाख मामले सामने आए थे, जिनमें से लगभग 9 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी। एक स्टडी के अनुसार आजकल युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यह संख्या लगातार बढ़ रही है। स्टडी में ऐसा भी पाया गया है कि  20 साल में 55 साल से कम उम्र के लोगों में इस कैंसर (Cancer) के मामले लगभग डबल हो चुके हैं। जबकि बुजुर्गों में यह सख्या स्टेबल या इसके मामले में गिरावट हो रही है। अगर बात की जाए युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) के कारणों की, तो इसका कारण बिगड़ता लाइफस्टाइल, अनहेल्दी आहार, टेंशन आदि को माना जा रहा हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव कैसे संभव है? नेशनल हेल्थ सर्विस यानी एनएचएस (NHS) के अनुसार बाउल कैंसर (Bowel cancer) के सही कारणों के बारे में जानकारी नहीं है। यह समस्या जेनेटिक हो सकती है या लाइफस्टाइल, एनवायर्नमेंटल फैक्टर भी इसका कारण हो सकते हैं। युवाओं में बाउल कैंसर (Bowel Cancer in Young People) से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं:  नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Bowel cancer in young people Bowelcancer #Bowelcancerinyoungpeople #Cancer #PreventionofBowelcancer

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MS Dhoni Territorial Army

Dhoni Territorial Army: टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं एमएस धोनी, युद्ध की आकांक्षा के बीच तैयार रहने के दिए गए हैं आदेश

पहलगाम हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इस बीच भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नींद उड़ा रखी है। तीन दिनों से दोनों देश एक दूसरे पर लगातार हमला कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि इस हमले में भारत को बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है। भारत के पलटवार के बाद से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। पाकिस्तान की तिलमिलाहट की वजह से भारत ने तीनों सेनाओं को अलर्ट पर (Dhoni Territorial Army) रखा है। इस बीच खबर है कि टेरिटोरियल आर्मी को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में यदि आने वाले समय में हालात जस के तस रहते हैं तो बहुत मुमकिन है कि टेरिटोरियल आर्मी को भी जंग के मैदान में उतरना पड़ सकता है।  टेरिटोरियल आर्मी का (Dhoni Territorial Army) हिस्सा हैं एमएस धोनी महत्वपूर्ण बात यह कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी भी इस आर्मी का (Dhoni Territorial Army) हिस्सा हैं। वो इसी में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। उन्हें इसमें लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि से नवाजा गया है। धोनी ही नहीं, बल्कि सचिन तेंदुलकर भी भारतीय वायु सेना में ग्रुप कैप्टन हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि हालात यदि नहीं सुधरते हैं तो धोनी को भी तैयार रहना होगा। कहने की जरूरत नहीं, स्टेडियम की क्रीज पर खड़े हो गेंदबाजों की धुनाई करने वाले धोनी जंग के मैदान में भी अपना हुनर दिखाने से नहीं चूकेंगे। गौरतलब हो कि भारत को तीन-तीन आईसीसी खिताब जीतने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी अब इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर चुके हैं। हालाँकि वो अभी आईपीएल में खेल रहे हैं। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनावों को देखते हुए आईपीएल को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। आईपीएल स्थगित होने की वजह से सभी खिलाड़ी धीरे धीरे अपने घरों की ओर लौट रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  स्थगित हुआ IPL 2025 का मैच महेंद्र सिंह धोनी को देश सेवा करते देखना बड़ा दिलचस्प (Dhoni Territorial Army) होगा ऐसे में बड़ा सवाल यह कि टेरिटोरियल आर्मी होती क्या है? तो बता दें कि टेरिटोरियल आर्मी वैसे तो सीधे मोर्चा नहीं लेती है, लेकिन युद्ध के दौरान आपातकालीन स्थिति में उसे भी मैदान में उतारा जाता है। ध्यान देने वाली बात यह कि ये भारतीय सेना का ही एक हिस्सा (Dhoni Territorial Army) है। यह आर्मी सेना को भिन्न-भिन्न प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराती है। यही नहीं, जरूरत पड़ने पर इस आर्मी को नियमित सेना को यूनिट भी देनी पड़ती है। गौर करनेवाली बात यह कि टेरिटोरियल आर्मी की सेना की ओर से ट्रेनिंग भी कराई जाती है, ताकि मुश्किल घड़ी वो काम आ सकें। मुश्किल घड़ी में इस आर्मी का काम आंतरिक सुरक्षा देना भी होता है। दरअसल, टेरिटोरियल आर्मी एक स्वैच्छिक संगठन है। जरूरत पड़ने पर इस आर्मी के शख्स को मैदान में भी उतरना पड़ सकता है। कहने की जरूरत नहीं, महेंद्र सिंह धोनी को देश सेवा करते देखना बड़ा दिलचस्प होगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Dhoni Territorial Army #MSDhoni #TerritorialArmy #IndianArmy #LieutenantColonel #DhoniInArmy #WarReadiness #ArmyNews #PatriotDhoni #DefenceNews #MSDhoniUpdates

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JD Vance war comment

US Vice President JD Vance makes it clear: अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे”

22 अप्रैल हुए हमले के बाद गुजरते वक़्त के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है।  इन दोनों देशों के बीच मौजूदा हालत पर दुनिया के दुनिया भर के देशों की नजर है। ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लिया। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात भारत के कई इलाकों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया। पाकिस्तान की इस कार्रवाई के जवाब में सेना ने पाक के कई शहरों को निशाना बनाया। इसके अलावा भारत ने गुरुवार रात पाकिस्तान के 50 ड्रोन के साथ-साथ चार फाइटर जेट्स को भी ढेर कर दिया है। इस दरम्यान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान दिया है। दरअसल, अमेरिका के उप राष्‍ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि हम युद्ध के बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेंगे। यह भारत और पाकिस्‍तान के बीच का मसला है। इसके साथ ही वेंस ने यह भी कहा कि “उम्‍मीद है कि परमाणु युद्ध नहीं होगा।” हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे हैं (US Vice President JD Vance makes it clear)   गौरतलब ही कि साल 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई थी तो उस दौरान भारत पर सैन्य दबाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के साथ खड़ा दिख रहा था। अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में अपना जंगी जहाज तक उतार दिया था। लेकिन इस बार अमेरिका ने अलग ही रुख अख्तियार किया है। उसने साफ कर दिया है कि वह इसके बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेगा। जेडी वेंस ने कहा कि देखिए, हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं परमाणु शक्तियां आपस में टकरा न जाएं और कोई बड़ा संघर्ष न हो जाए। अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “वाशिंगटन चाहता है कि तनाव जल्द से जल्द कम हो। हम इन देशों को नियंत्रित नहीं कर सकते। भारत को पाकिस्तान से कुछ शिकायतें हैं। पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया है। हम इन लोगों से अपील कर सकते हैं कि वे तनाव को कुछ कम करने की कोशिश करें लेकिन हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे। वास्तव में इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।” इसे भी पढ़ें:-  जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता इस बीच जेडी वेंस ने कहा कि “अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता। हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते। इसलिए हम कूटनीतिक माध्यमों से इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। हमें आशा और अपेक्षा है कि यह किसी व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या भगवान न करे, किसी परमाणु संघर्ष में न बदल जाए, लेकिन हम इन चीजों को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं। मुझे लगता है कि यहां कूटनीति और शांत दिमाग से काम करना होगा,ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह परमाणु युद्ध न बन जाए। अगर ऐसा हुआ तो यह निश्चित रूप से विनाशकारी होगा। अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।  Latest News in HindiToday Hindi news US Vice President JD Vance makes it clear #JDVance #PakistanIsolation #USForeignPolicy #WarStance #USVPNews #MiddleEastCrisis #Geopolitics #PakistanAlone #GlobalTensions #JDVanceSpeech

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Army reshuffle Pakistan

Pakistan May Get New Army Chief: पाकिस्तान को  मिल सकता है नया आर्मी चीफ, क्या सच में असीम मुनीर को ले लिया गया है हिरासत में?

पाकिस्तान में मौजूदा हालात बड़े नाजुक हैं। एक तरफ जहाँ भारत ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नाक में दम कर रखा है तो वहीं दूसरी तरफ बलोच लड़ाके चुन-चुनकर पाकिस्तानी आर्मी को ढेर कर रहे हैं। इस बीच भारत के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान दूसरे देशों के साथ दबाव का सामना कर रहा है। यही नहीं पाकिस्तान के लोग खुद अपने ही देश के सेना प्रमुख असीम मुनीर से नाराज़ हैं। दरअसल, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की कोई खबर नहीं है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान सरकार ने असीम मुनीर को आर्मी चीफ के पद से हटाकर (Pakistan May Get New Army Chief) हिरासत में ले लिया है। उनपर पर अपना व्यक्तिगत एजेंडा चलाने का आरोप लगा है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस ताबड़तोड़ जवाबी एक्शन से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। इस कार्रवाई से पाकिस्तान में हड़कंप मचा हुआ है। इस बीच न सिर्फ पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के जेल से रिहा होने की चर्चा है बल्कि नए सेना प्रमुख की नियुक्ति की खबरे छन-छनकर आ रही हैं।  असीम मुनीर को हिरासत में लिए जाने की खबर (Pakistan May Get New Army Chief) है दरअसल, पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति 3 साल के लिए होती है। इसके मुताबिक आसिम मुनीर का कार्यकाल इस साल नवंबर में खत्म होने वाला था। लेकिन कानून में बदलाव कर इसे 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दिया गया है। इस संशोधन के साथ ही आसिम मुनीर का कार्यकाल नवंबर 2027 तक के लिए बढ़ गया था। बता दें कि सैयद असीम मुनीर अहमद शाह पाकिस्तान का आर्मी चीफ रहते हुए लगातार भारत और हिंदुओं के खिलाफ जहर उगल रहा था। मुनीर साल 2022 से ही पाकिस्तानी सेना के 11वें सेना प्रमुख के रूप में पदभार संभाला था। सेना प्रमुख बनने से पहले मुनीर क्वार्टरमास्टर जनरल के रूप में GHQ में तैनात था। खैर, इस बीच भारत-पाक तनाव के बीच अब असीम मुनीर को हिरासत में लिए जाने की खबर (Pakistan May Get New Army Chief) है। कहा जा रहा है पाकिस्तान को अब नया आर्मी चीफ मिल सकता है। इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी इस हमले के बाद असीम मुनीर की कुर्सी जानी (Pakistan May Get New Army Chief) तय है गौरतलब हो कि जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में गुरुवार रात पाकिस्तान ने ड्रोन अटैक किया जिसे भारत ने हवा में ही मार गिराया। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। इस कार्रवाई ने भारत ने ड्रोन से हमला किया। खबर के मुताबिक एक ड्रोन तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के घर के पास जा गिरा था। आपको बता दें कि गुरुवार शाम पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन से अटैक किया था। कमाल की बात यह कि भारतीय एयर डिफेन्स सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया। एयर डिफेन्स सिस्टम ने न सिर्फ ड्रोन हमलों को नाकाम किया बल्कि पाकिस्तान के 3 फाइटर जेट भी मार गिराए हैं। इनमें एक F-16 और दो JF-17 शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने लाहौर पर बड़ा हमला किया है। खैर, कुछ भी हो, इस हमले के बाद असीम मुनीर की कुर्सी जानी (Pakistan May Get New Army Chief) तय है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan May Get New Army Chief #PakistanArmy #AsimMunir #ArmyChiefPakistan #PakistanNews #MilitaryUpdate #PakPolitics #ISPR #BreakingNews #Pakistan2025 #AsimMunirArrest

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Indian Army shoots drone

Indian Army Shoots Down Pak Drone : भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा

ऑपरेशन संदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने 8-9 मई की दरमियानी रात कई जगहों से ड्रोन हमले किए। पाकिस्तान द्वारा किए भारतीय सेना ने बाकायदा मुंहतोड़ जवाब भी दिया। जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना की एयर डिफेंस सिस्टम ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर 50 से अधिक पाकिस्तानी ड्रोन को मार (Indian Army Shoots Down Pak Drone) गिराया। जम्मू के सांबा, जम्मू, अखनूर, नगरोटा, उधमपुर और पठानकोट सहित क्षेत्रों में पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। बता दें कि पाकिस्तान की ओर से तमाम स्थानों पर भारतीय क्षेत्र में कई ड्रोन भेजने के असफल प्रयासों के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया था। भारतीय सेना ने इस पूरे वाकये का एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ड्रोन को धुंआ-धुंआ कर दिया।  भारतीय सेना ने पाकिस्तान के F-16 और JF-17 विमानों को कर (Indian Army Shoots Down Pak Drone) दिया नेस्तनाबूत  पाकिस्तान ने भारतीय सीमा में कई ड्रोन हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने हमले को बेअसर कर दिया। भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने न सिर्फ हमले को बेअसर किया बल्कि पाकिस्तान के F-16 और JF-17 विमानों को नेस्तनाबूत कर (Indian Army Shoots Down Pak Drone) दिया। हालाँकि पाकिस्तान इस तरह की किसी भी तरह के हमले से इंकार कर रहा है। भारत ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अंदर उसके एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम यानि को भी मार गिराया। गौर करने वाली बात यह कि ये हमला पाकिस्तान की सीमा में हुआ। पाकिस्तान द्वारा किये गए हमले का भारत ने माकूल जवाब दिया। सेना ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम कर दिया। इस बीच अपने आधिकारिक बयान में भारतीय सेना ने कहा कि “पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने 8 और 9 मई की आधी रात को पूरे पश्चिमी सीमा पर ड्रोन और अन्य हथियारों का उपयोग करके कई हमले किए। पाक सैनिकों ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर कई बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया।” इस दौरान भारत सेना ने अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा का संकल्प दोहराया। अपने बयान में  सेना ने कहा कि “ड्रोन हमलों को प्रभावी ढंग से विफल किया गया और संघर्ष विराम उल्लंघन को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। भारतीय सेना राष्ट्र की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सभी नापाक मंसूबों का जबरदस्त जवाब दिया जाएगा।” OPERATION SINDOOR Pakistan Armed Forces launched multiple attacks using drones and other munitions along entire Western Border on the intervening night of 08 and 09 May 2025. Pak troops also resorted to numerous cease fire violations (CFVs) along the Line of Control in Jammu and… pic.twitter.com/WTdg1ahIZp — ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) May 9, 2025 भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर बड़े पैमाने पर काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन चलाकर 50 से अधिक (Indian Army Shoots Down Pak Drone) पाकिस्तानी ड्रोन नष्ट कर दिए हैं 8-9 मई की दरमियानी रात जम्मू-कश्मीर के एयरपोर्ट समेत कई इलाकों में धमाकों की आवाज सुनी गई। इंडियन एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ने पाकिस्तान के ड्रोन को हवा में ही मार गिराया और ड्रोन भारतीय इलाके में गिर ही नहीं पाए। हमले के दौरान शहर में सायरन बजाए गए। इसके अलावा हाई अलर्ट के बीच ब्लैकआउट भी किया गया। जम्मू-कश्मीर के सटे कई इलाकों में पाकिस्तान की तरफ से जम्मू के पुंछ, राजौरी, सांबा सेक्टर में भीषण गोलीबारी हुई। दरअसल, भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इसी बौखलाहट में आकर उसने 11 जगहों पर हमले की नाकाम कोशिश (Indian Army Shoots Down Pak Drone) की। पाकिस्तान की इस नापाक कोशिश को भारतीय सेना विफल कर दिया। बता दें कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर बड़े पैमाने पर काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन चलाकर 50 से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news  Indian Army Shoots Down Pak Drone #IndianArmy #PakDrone #LoC #BorderSecurity #DroneStrike #ArmyAction #PakistanIndia #BreakingNews #MilitaryAlert #DroneDown

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Effects of Ketu Mahadasha

केतु महादशा: सात वर्षों की रहस्यमयी यात्रा

केतु महादशा वैदिक ज्योतिष में एक रहस्यमयी और प्रभावशाली अवधि मानी जाती है, जो व्यक्ति के जीवन में गहरे बदलाव और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। हालांकि, इस महादशा में यदि व्यक्ति सत्कर्म करता है और भगवान शिव की उपासना करता है, तो उसे सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। शिव पूजा से मानसिक शांति, आध्यात्मिक बल और जीवन में स्थिरता आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। केतु महादशा की अवधि और महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केतु की महादशा लगभग सात वर्षों तक प्रभाव डालती है। इस दौरान शुरुआत में केतु की ही अंतर्दशा और प्रत्यंतर दशा होती है। यदि कुंडली में केतु उच्च राशि में स्थित हो, तो व्यक्ति को इस समय सकारात्मक और शुभ फल प्राप्त होते हैं। लेकिन यदि केतु नीच स्थिति में हो, तो यह जातक को मानसिक भ्रम, गलत निर्णय और करियर या व्यापार में असफलता की ओर धकेल सकता है। ऐसे समय में प्रयासों के बावजूद सफलता मिलना कठिन हो जाता है। केतु की महादशा (Ketu Mahadasha) के दौरान सूर्य, चंद्रमा और गुरु की अंतर्दशाएं शुभ फल नहीं देतीं, बल्कि चुनौतियां बढ़ा सकती हैं। इसके बाद क्रम से शुक्र और सूर्य की अंतर्दशा आती है, जिनमें भी सावधानी बरतनी चाहिए। केतु की अपनी अंतर्दशा लगभग पांच महीनों तक चलती है, उसके बाद शुक्र की बारी आती है। केतु की महादशा और गंडमूल नक्षत्र का प्रभाव ज्योतिष के अनुसार, जिन लोगों का जन्म छह विशेष नक्षत्रों में होता है, उन्हें गंडमूल नक्षत्र का जातक माना जाता है। इनमें अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र विशेष रूप से केतु के प्रभाव वाले माने गए हैं। माना जाता है कि ये नक्षत्र जातक के लिए नहीं, बल्कि उसके माता-पिता के लिए कठिनाइयां ला सकते हैं। इसलिए ज्योतिषाचार्यों की सलाह होती है कि ऐसे बच्चों के जन्म के 27 दिनों के भीतर गंडमूल नक्षत्र शांति पूजा अवश्य करानी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु लग्न में स्थित हो, तो उसका स्वभाव आमतौर पर चिड़चिड़ा और उग्र हो सकता है। वहीं, यदि केतु के स्वामित्व वाले नक्षत्र में कई अन्य ग्रह भी मौजूद हों, तो ऐसा जातक अत्यधिक महत्वाकांक्षी और लक्ष्य को लेकर जुनूनी स्वभाव का हो सकता है। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया केतु की महादशा में राहत पाने के उपाय नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Ketu Mahadasha #KetuMahadasha #VedicAstrology #PlanetKetu #MahadashaEffects #SpiritualJourney #KarmicCycle #KetuTransit #MysticAstrology #KetuRemedies #AstrologyInsights

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China Changes Tone After Operation Sindoor

China Changes Tone After Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भीगी बिल्ली बना पाकिस्तान, चीन के भी बदले सुर, कही यह बड़ी बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बना हुआ था। भारत ने पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर चलाकर आतंकी ठिकानों पर भारत के हवाई हमलों से पाकिस्तान में खलबली मच गई है। बढ़ते तनाव को देखते हुए पहले चीन पाकिस्तान के सुर में सुर मिला रहा था लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन के सुर बदले-बदले से नजर (China Changes Tone After Operation Sindoor) आ रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद चीन ने कहा कि “भारत और पाकिस्तान को क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों के बीच तनाव कम करने पर ध्यान देना चाहिए।” यही नहीं, चीन ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करना तनाव कम करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।” हम मौजूदा हालात को लेकर चिंतित (China Changes Tone After Operation Sindoor) हैं प्राप्त जानकारी के मुताबिक “चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि “हम मौजूदा हालात को लेकर चिंतित (China Changes Tone After Operation Sindoor) हैं। भारत और पाकिस्तान हमेशा एक-दूसरे के पड़ोसी रहेंगे साथ ही ये दोनों देश चीन के भी पड़ोसी हैं। चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है। लेकिन हम दोनों पक्षों से क्षेत्र में स्थिरता के लिए शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की भड़काऊ कार्रवाई से दूर रहने का आग्रह करते हैं।” हालांकि इस दरम्यान चीन ने यह भी कहा कि “हमें भारत की सैन्य कार्रवाई पर अफसोस है।” कहने की जरूरत नहीं, भारत ने पहलगाम घटना के बाद से ही आतंकियों को शरण देने वाले पाकिस्तान को करारा जवाब देने के अपने मंसूबे साफ कर दिया था। इसीके चलते बुधवार की देर रात डेढ़ बजे के आसपास की गई सेना की कार्यवाही में बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई आतंकियों के अड्डे को खत्म कर दिया है। इसे भी पढ़ें:- ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाया पाकिस्तान करेगा दुस्साहस तो मिल जाएगा खाक में, जानें कैसी है भारत की तैयारी बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मुदिरके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया (China Changes Tone After Operation Sindoor) गया जानकारी के लिए भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना के संयुक्त ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पीओके के जिन 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई, उनमें मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, बहावलपुर, चाक अमरू, बाग, मुजफ्फराबाद कोटली और सियालकोट शामिल है। बहावलपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मुदिरके में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया (China Changes Tone After Operation Sindoor) गया। खैर, इस बीच भारतीय सेना ने बताया कि “भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को एक नया अंजाम देते हुए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान थल सेना, वायु सेवा और नौसेना का संयुक्त अभियान चलाया गया है, जिसमें आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला करके टारगेटेड स्ट्राइक की है।” Latest News in Hindi Today Hindi news China Changes Tone After Operation Sindoor #OperationSindoor #ChinaIndia #PakistanNews #IndiaChinaRelations #Geopolitics #ChinaUpdates #IndiaNews #DefenseNews #AsiaPolitics #WorldNews

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Bada Mangal

बड़ा मंगल 2025: हनुमान जी की कृपा पाने के लिए इस दिन जरूर लाएं ये शुभ वस्तुएं

लखनऊ सहित उत्तर भारत में बड़े मंगल का पर्व हनुमान जी (Hanuman Ji) की कृपा प्राप्ति का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन बजरंगबली की पूजा और व्रत करने से संकट कटते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आइए जानें, बड़े मंगल 2025 की तिथि, महत्व और इस दिन क्या विशेष चीजें घर लाना शुभ होता है। कब है बड़ा मंगल 2025? हिंदू पंचांग के अनुसार, बड़ा मंगल (Bada Mangal) ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाया जाता है। साल 2025 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत 13 मई से हो रही है। ऐसे में बड़ा मंगल की पहली तिथि 13 मई 2025 को पड़ेगी।  पहला बड़ा मंगल: 13 मई 2025दूसरा बड़ा मंगल: 20 मई 2025तीसरा बड़ा मंगल: 27 मई 2025चौथा बड़ा मंगल: 3 जून 2025पांचवां बड़ा मंगल: 10 जून 2025 लखनऊ और उत्तर भारत में इस पर्व को बड़े श्रद्धा और उल्लास से मनाया जाता है। इस दिन हनुमान मंदिरों में विशेष पूजन और भंडारों का आयोजन किया जाता है। बड़ा मंगल का महत्व बड़े मंगल (Bada Mangal) का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। माना जाता है कि इस दिन उनकी पूजा करने से जीवन में हर प्रकार की बाधाएं समाप्त होती हैं और संकटों से रक्षा होती है। विशेषकर उत्तर भारत में यह पर्व बेहद लोकप्रिय है और लाखों श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। ऐसा विश्वास है कि बड़े मंगल पर हनुमान जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और भक्तों के कष्टों का निवारण होता है। बड़ा मंगल पर घर में लाएं ये चीजें हनुमान जी (Hanuman Ji) के प्रति श्रद्धा को व्यक्त करने के लिए सिंदूर अर्पित करना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसलिए, बड़े मंगल या बुढ़वा मंगल के दिन आप घर में नारंगी रंग का सिंदूर ला सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बजरंगबली को बूंदी और बेसन के लड्डू अत्यधिक प्रिय होते हैं। इस कारण, बड़े मंगल की पूजा के समय आप इन स्वादिष्ट पकवानों को हनुमान जी को भोग के रूप में अर्पित कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया बड़ा मंगल पर हनुमान जी की पूजा कैसे करें? बड़ा मंगल (Bada Mangal) के दिन हनुमान जी (Hanuman Ji)  को प्रसन्न करने के लिए प्रात: काल स्नान करके लाल रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें और मंदिर में या घर पर पूजा का आयोजन करें। सबसे पहले एक स्वच्छ स्थान पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। फिर उन्हें फूल, सिंदूर, चोला और चमेली का तेल अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें और “ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जप करें। भोग में गुड़-चना या बूंदी का प्रसाद चढ़ाएं और अंत में भक्तिपूर्वक आरती करें। आरती के बाद प्रसाद सभी भक्तों में वितरित करें। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Bada Mangal #BadaMangal2025 #HanumanJayanti #HanumanBlessings #BadaMangalPuja #AuspiciousItems #TuesdayPuja #HanumanDevotion #BadaMangalRituals #PujaEssentials #SpiritualOfferings

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