Dengue

कर्नाटक में डेंगू का प्रकोप, 30 अप्रैल तक आए 1,186 मामले, जानें इससे कैसे बचें

डेंगू (Dengue) रोग गंभीर हो सकता है और इससे पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। अधिकतर मरीजों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता ,है लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, रैशेज, शरीर में दर्द आदि शामिल हैं। इसके गंभीर प्रकार को डेंगू (Dengue) हेमरेजिक फीवर कहा जाता है। हर साल इस रोग के कारण हजारों लोग प्रभावित होते हैं। अभी कर्नाटक राज्य में इस रोग के कई मामले सामने आ चुकें हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 30 अप्रैल तक इसके लगभग 1,186 मामले आ चुके हैं। आइए जानें कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) के बारे में विस्तार से। डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के बारे में भी जानकारी पाएं। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka): पाएं जानकारी  कर्नाटक में पिछले साल डेंगू (Dengue) के कुल 32,826 के केसेस सामने आएं थे। हालांकि, यह मामले इस साल अभी कम हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह मामले सबसे अधिक बेंगलुरु में पाए गए हैं। इसका कारण गर्मी में बारिश, पानी का भरना और कंस्ट्रक्शंस आदि को माना गया है। यह मामले  2 मार्च तक 707 थे जो 30 अप्रैल तक 1,186 हो गए। हेल्थ एक्सपर्ट्सने  इन केसेस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने और मच्छरों कि रोकथाम के उपायों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मच्छरों और डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के लिए लोगों का सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) चिंता का विषय हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि डेंगू (Dengue) के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। आइए जानें डेंगू के लक्षण क्या हो सकते हैं? डेंगू के लक्षण डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक डेंगू (Dengue) के हलके लक्षणों के मामले में रोगी एक या दो हफ्तों में स्वस्थ हो जाता है। लेकिन, दुर्लभ मामलों में यह गंभीर हो सकते हैं और यह बीमारी मृत्यु का कारण बन सकती है। इसके शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं: इसके गंभीर डेंगू के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डेंगू से बचाव (Dengue prevention) नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Dengue #Dengue #newdenguecasesinKarnataka #denguesymptoms #preventionfromdengue

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Tips to cool down overheat mobile

Mobile Overheating: मोबाइल को गर्म होने से बचाने और कूल रखने के 5 आसान ट्र‍िक

मोबाइल (Mobile) फोन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कुछ मिनट गुजारना भी हमारे लिए मुश्किल है। लेकिन, मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, नहीं तो यह परेशानी की वजह बन सकता है। कई बार आपने यह नोटिस किया होगा कि मोबाइल एकदम गर्म हो जाता है। मोबाइल (Mobile) के गर्म होने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के कई कारण हो सकते हैं जिसमें अधिक समय तक इसका इस्तेमाल, सीधी सनलाइट के संपर्क में आना या इंटरनल इशूज आदि शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इसे कूल करना बेहद जरूरी है। आइए जानें ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में पाएं जानकारी मोबाइल (Mobile) का गर्म होना हानिकारक होता है जिससे फोन आग पकड़ सकता है या फोन फट भी सकता है। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) इस प्रकार हैं: हीट और सनलाइट से हटाएं जैसे पहले ही बताया गया है कि हीट और सनलाइट मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण बन सकते हैं। इस मामले में तुरंत फोन को सनलाइट से हटाएं और किसी ठंडी जगह पर रखें। किसी गर्म जगह पर इसे रखने से भी बचना चाहिए। केस को रिमूव करें मोबाइल (Mobile) केस फोन कि सुरक्षा तो करते हैं, लेकिन यह हीट का कारण बन सकते हैं और नुकसान कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) हो गया है, तो मोबाइल केस को तुरंत निकाल दें। इससे फोन को ठंडा होने में मदद मिलेगी। अनावश्यक ऐप्स को बंद कर दें कई बार मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण यह भी हो सकता है कि आपने फोन में बहुत अधिक ऐप्स खोल रखी हों। इन्हें बंद करने से फोन का वर्कलोड कम होता है। जिससे फोन को कूल होने में मदद मिलती है। एयरप्लेन मोड ऑन करें अगर आपका फोन गर्म हो गया है तो इसे ठंडा करने के लिए तुरंत अपना वाई-फाई, ब्लूटूथ आदि को बंद करें और एयरप्लान मोड को ऑन करें। यह मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करने से भी इसमें लाभ होगा। इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें ठंडी जगह पर रखें  ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) में यह सबसे आसान है। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के मामले में अपने फोन को पंखे या एयर कंडीशनर (AC) के पास रखें। लेकिन, इसे फ्रिज या फ्रीजर में रखने की गलती न करें। मोबाइल (Mobile) को नियमित रूप से रीस्टार्ट करने या सॉफ्टवेयर को बार-बार अपडेट करने रहने से भी हीट मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi Mobile overheating #overheat #Tipstocooldownoverheatmobile #mobile #phone #mobile overheat

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Japanese firm Yes Bank deal

Yes Bank may be acquired by a Japanese firm: बिकने वाली है यह बैंक, जापान की इस कंपनी के साथ हो सकती है डील

आज यानी मंगलवार के दिन यस बैंक के शेयरों में अच्छी खासी हलचल देखने मिली। शुरुआती कारोबार में तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर यस बैंक के शेयर 9.6 परसेंट की उछाल के साथ 19.44 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। खैर, दोपहर के बाद कारोबार में इसमें थोड़ी बहुत गिरावट भी देखी गई। फ़िलहाल गिरावट के साथ बैंक के शेयर 18.11 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सेशन में यस बैंक के शेयर 17.73 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे। बात करें यस बैंक के शेयरों में आई हलचल की, तो यस बैंक 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जापान के दूसरे सबसे बड़े (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) बैंक सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप की यूनिट (एसएमबीसी) से बातचीत चल रही है। बात सिर्फ ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) हुई है अटकी  ऐसे में यदि डील डन हो जाती है तो यह शायद भारत के बैंकिंग सेक्टर में हुई अब तक की सबसे सबसे बड़ी डील मानी (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) जाएगी। गौरतलब हो कि इससे पहले साल 2020 में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लक्ष्मी विलास बैंक को सिंगापुर के डीबीएस  बैंक से मर्ज किया गया था। इसके बाद देश के बैंकिंग सेक्टर में इतनी बड़ी डील अब तक नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसएमबीसी पिछले साल से ही यस बैंक के सबसे बड़े इंवेस्टर भारतीय स्टेट बैंक और रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर रहा है। कहा जा रहा है कि बात ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर अटकी हुई है। आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है मंजूरी  हालाँकि आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है। खबर तो यह भी है कि इस डील को फुल एंड फाइनल करने के लिए एसएमबीसी की एसबीआई से भी बातचीत चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील लगभग 14,000 करोड रुपये (1.7 बिलियन डॉलर) में हो सकती है। खबर है कि सुमितोमो या तो सीधे 26 परसेंट से कम हिस्सेदारी खरीदेगी और शेयर स्वैप के जरिए मर्जर करेगी या फिर 26 परसेंट हिस्सेदारी खरीदकर ओपन ऑफर लाएगी। कहने की जरूरत नहीं इससे सुमितोमो को बैंक का कंट्रोल मिल सकता है। बेशक यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव होगा। देखना दिलचस्प होगा कि यह डील मुकम्मल कब होती है।  Latest News in Hindi Today Hindi Yes Bank may be acquired by a Japanese firm #YesBank #JapaneseDeal #BankAcquisition #YesBankNews #StockMarketIndia #FinanceNews #ShareMarket #IndianBanks #InvestmentNews #BusinessUpdate

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Adi Shankaracharya

Adi Shankaracharya: सनातन धर्म के पुनरुत्थान के प्रतीक हैं ‘आदि शंकराचार्य’

वैशाख शुक्ल पंचमी (Vaishakh Shukla Panchami) तिथि को आदि शंकराचार्य की जयंती मनाई जाती है। यह दिन भारतीय आध्यात्मिक विरासत के सबसे महान विचारकों और संतों में से एक, आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) को समर्पित होता है।  उनका जन्म लगभग 788 ईस्वी में केरल के कालड़ी नामक गांव में हुआ था। उन्होंने मात्र 32 वर्ष की आयु में भारत में धर्म, दर्शन और संस्कृति की ऐसी नींव रखी, जो आज भी अडिग है। आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) का जीवन अत्यंत तपस्वी और विचारशील रहा। वे एक अद्वैतवादी (Advait Vedanta) संत थे, जिन्होंने यह प्रतिपादित किया कि “अहम् ब्रह्मास्मि” अर्थात आत्मा और परमात्मा अलग नहीं, बल्कि एक ही हैं। उनके विचारों ने उस समय समाज में फैली धार्मिक कुरीतियों और अंधविश्वास को चुनौती दी और सनातन धर्म की आत्मा को फिर से जीवित किया। धर्म की रक्षा हेतु लिए गए साहसी निर्णय शंकराचार्य ने मात्र आठ वर्ष की अवस्था में संन्यास धारण किया और भारत की धार्मिक एकता के लिए चारों दिशाओं में यात्रा की। उन्होंने उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका में चार मठों की स्थापना की। इन चार मठों के माध्यम से उन्होंने भारत के कोने-कोने में वेदांत दर्शन का प्रचार-प्रसार किया। उनका उद्देश्य केवल धार्मिक उपदेश देना नहीं था, बल्कि उन्होंने बौद्ध धर्म के अंधानुकरण और ब्राह्मणवाद के अतिवाद के बीच एक संतुलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कर्मकांड की जटिलता के बजाय आस्था, आत्मज्ञान और सरल भक्ति को महत्व दिया। आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) ने धार्मिक ग्रंथों को सरल बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने उपनिषदों, ब्रह्मसूत्रों, और वेदों पर भाष्य लिखे, जिससे इन जटिल ग्रंथों का अध्ययन सरल हो गया। उनके लिखे गए भाष्यों ने धर्म और ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने में मदद की। इसके अलावा, शंकराचार्य ने दशनामी संन्यासी अखाड़ों की स्थापना भी की थी। इसके साथ ही माना जाता है कि कुंभ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों की शुरुआत में भी उनका अहम योगदान था। केवल 32 वर्षों में किए असाधारण कार्य इतिहास में ऐसे बहुत कम उदाहरण मिलते हैं जब किसी संत ने इतनी अल्पायु में इतना विशाल कार्य किया हो। मात्र 32 वर्षों के जीवनकाल में शंकराचार्य ने 72 से अधिक धार्मिक ग्रंथों की रचना की। इनमें ब्रह्मसूत्र भाष्य, भगवद्गीता पर टीका और उपनिषदों की व्याख्या प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने समाज में फैले धार्मिक भ्रमों को दूर करने के लिए जनसंवाद और शास्त्रार्थ की परंपरा को अपनाया। काशी, प्रयाग, मथुरा और अन्य तीर्थस्थलों पर उन्होंने विभिन्न मतों से शास्त्रार्थ किया और अद्वैत वेदांत को प्रतिष्ठित किया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया आदि शंकराचार्य जन्म कथा कई वर्षों तक संतान न होने के कारण एक ब्राह्मण दंपति ने भगवान शंकर की आराधना की। उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा। ब्राह्मण दंपति ने भगवान शिव (Vaishakh Shukla Panchami) से ऐसी संतान की कामना की जो दीर्घायु हो और उसकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैले। भगवान शिव (Lord Shiva)  ने उन्हें बताया कि वे या तो दीर्घायु संतान प्राप्त कर सकते हैं, जो सर्वज्ञ नहीं होगी, या फिर सर्वज्ञ संतान, जो दीर्घायु नहीं होगी। दंपति ने दीर्घायु की बजाय सर्वज्ञ संतान का वरदान मांगा। भगवान शिव (Lord Shiva) ने उनके वरदान के अनुसार संतान रूप में जन्म लिया। दंपति ने अपने पुत्र का नाम शंकर रखा। शंकराचार्य बचपन से ही अत्यंत प्रतिभाशाली थे। जब वह तीन साल के थे, उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन इस छोटी सी उम्र में ही उन्होंने मलयालम भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया। आठ साल की उम्र में वे वेदों के ज्ञाता बन गए और 12 साल की उम्र में शास्त्रों का अध्ययन पूरा किया। 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने 100 से अधिक ग्रंथों की रचना की। इसके बाद, माता की आज्ञा से उन्होंने वैराग्य धारण किया और सन्यास जीवन को स्वीकार किया। केवल 32 साल की उम्र में उनका निधन हुआ, और वे धर्म की रक्षा के लिए किए गए अपने कार्यों के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Vaishakh Shukla Panchami #AdiShankaracharya #SanatanDharma #Vedanta #Advaita #Jagadguru #Hinduism #SpiritualReformer #Shankaracharya #VedicWisdom #HinduPhilosophy

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Modi skipped Kashmir visit

Modi Skipped Kashmir Visit : 3 दिन पहले पीएम मोदी के पास थी पहलगाम हमले की खुफिया जानकारी, इसीलिए वो नहीं गए कश्मीर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को झारखंड के रांची में केंद्र सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले से पहले खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “मोदी जी (PM Modi) को हमले से तीन दिन पहले ही रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द (Modi Skipped Kashmir Visit) कर दी थी। दरअसल, सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि “केंद्र ने आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी पहलगाम में ज्यादा सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की?” उन्होंने आगे कहा कि “हमले के तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मोदी जी को भेजा था, इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का प्रोग्राम कैंसिल किया था। क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए?” इसपर उन्होंने कहा कि “देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही।” खरगे ने कहा कि “जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की? सूचना मिली और कई पेपर भी आए हैं, जिसमें लिखा है कि हमले के तीन दिन पहले ही मोदी जी को भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्होंने कश्मीर यात्रा रद्द की। अपनी बात पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि “ये मैंने पेपर में पढ़ा था।”  जब आप चूक को मान रहे हैं, तो जितने लोग इस घटना में मारे गए हैं, उन सबकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी (Modi Skipped Kashmir Visit) चाहिए वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने (Mallikarjun Kharge) आगे कहा कि “जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका (PM Modi) जाना मुनासिब (Modi Skipped Kashmir Visit) नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई?” मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “मैं सवाल पूछता हूं कि आपने तो अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया, लेकिन जो पर्यटक वहां अधिक मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो जितने लोग जो इस घटना में मारे गए हैं, उन सभीकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार (Modi Skipped Kashmir Visit) चल रही है अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने (Mallikarjun Kharge) कहा कि “जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं (Modi Skipped Kashmir Visit) है, आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये पूरा-पूरा देश का मामला है।” खैर, इस बीच झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए खरगे ने कहा कि “हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं इन सब को भी धन्यवाद देता हूं।” Latest News in HindiToday Hindi news  Modi Skipped Kashmir Visit #Modi #Kashmir #PahalgamAttack #TerrorAlert #PMModi #BreakingNews #SecurityThreat #ModiNews #IndiaNews #BJP

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UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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Caste census revolt

Caste census sparks internal revolt in Congress: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस में फूट, अगड़े नेताओं ने की राहुल गांधी के खिलाफ बगावत

देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) के नेता राहुल गाँधी ने जातिगत जनगणना (Caste census) के मुद्दे को बड़े जोर-शोर उठाया था। यही नहीं, इस मुद्दे के सहारे बीजेपी पर दबाव भी बनाया था। वैसे भी कांग्रेस लंबे समय से जाति जनगणना की मांग कर रही थी। खैर, बाद में अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जातिगत जनगणना कराने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। कहने की जरूरत नहीं, मोदी सरकार का यह फैसला देश में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकता है। यह तो ठीक, लेकिन इसने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस पार्टी दोनों के अंदर ही बेचैनी पैदा कर दी है। मजे की बात यह कि इस फैसले को लेकर दोनों दलों के नेताओं की अलग-अलग राय सामने आई है। कई नेता ऐसे भी हैं जो सवाल भी उठा (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे हैं। विशेषकर अगड़ी जातियों के नेताओं में इस बात की चिंता है कि इससे उनकी राजनीतिक ताकत कम हो सकती है। जानकारी के मुताबिक इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने इस बाबत एक विस्तृत रिपोर्ट छापी है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के भीतर की फूट पड़ गई है।  कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे नदारद  कांग्रेस पार्टी (Congress) में फूट का आलम यह है कि हाल में हुई कांग्रेस की वर्किंग कमेटी की एक बैठक में अगड़ी जाति के नेता नदारद (Caste census sparks internal revolt in Congress) रहे। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि ये नेता जाति जनगणना (Caste census) के पक्ष में नहीं हैं। जाति सर्वेक्षण की इन रिपोर्टों के मुताबिक अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की आबादी कहीं ज्यादा अधिक है। दरअसल, उनका कहना है कि “उन्हें डर है कि अगर जाति के आंकड़े सामने आए तो उनकी आबादी की तुलना में उनकी सियासी ताकत ज्यादा होने की बात उजागर हो जाएगी। जिससे उनका प्रभाव कम हो सकता है। बता दें कि तेलंगाना और बिहार में हाल ही में हुई जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट से यह बात उजागर हुई है कि गैर-पिछड़ी जातियां को इनमें अन्य जातियां या सामान्य वर्ग की कैटगरी में रखा गया है। आंकड़ों की माने तो इन राज्यों में इनकी आबादी सिर्फ 15 फीसदी हैं। ऐसे में यहाँ बड़ा सवाल यह कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर भी कुछ इसी तरह आंकड़े आते हैं, तो भविष्य में ऊपरी जातियों का प्रभाव कम हो सकता है। खैर, कांग्रेस के एक नेता ने राहुल गाँधी को चेतावनी देते हुए कहा कि “राहुल गांधी को वीपी सिंह का उदाहरण याद रखना चाहिए। वीपी सिंह ने मंडल कमीशन लागू किया लेकिन ओबीसी समुदाय ने उन्हें कभी अपना नेता नहीं माना क्योंकि वे राजपूत थे।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी है इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष  कांग्रेस (Congress) ही नहीं, बीजेपी में भी इस फैसले को (Caste census sparks internal revolt in Congress) लेकर असंतोष की भावना बनी हुई है। हालांकि पार्टी ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि वह उस साल जाति जनगणना (Caste census) नहीं करेगी। अब इस फैसले को लेकर बीजेपी के अपने ही कुछ नेता सवाल उठाते हुए कह रहे हैं कि “पार्टी हमेशा से हिंदू एकता की बात करती रही है और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की वकालत करती रही है। ऐसे में जाति जनगणना का समर्थन करना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ लगता है।” यही नहीं उत्तर प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “हमसे कहा जाता है कि वैश्विक नेतृत्व और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) की बात करें। एक हैं तो सेफ हैं जैसे नारे दें, देश को तोड़ने वाली साजिशों का विरोध करें, लेकिन अब हमें जाति जनगणना का समर्थन करना पड़ रहा है।” यही नहीं, बीजेपी के कई नेताओं को तो यह भी डर है कि कहीं कांग्रेस का यह आरोप सच न साबित हो जाये कि बीजेपी उनके विचारों को कॉपी कर रही है।”  Latest News in HindiToday Hindi news  Caste census sparks internal revolt in Congress #CasteCensus #CongressRift #RahulGandhi #PoliticalCrisis #IndianPolitics #UpperCasteLeaders #CongressNews #CastePolitics #CongressSplit #BharatJodo

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Hyderabad playoff hopes

Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes: बारिश ने हैदराबाद की उम्मीदों पर फेरा पानी, प्लेऑफ की रेस से हुई बाहर 

5 मई को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 55वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया यह मैच बारिश की भेंट चढ़ गया। दरअसल, बारिश के कारण दूसरी पारी में एक भी गेंद नहीं डाली जा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) सकी। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिले। इससे बड़ा नुकसान दिल्ली कैपिटल्स को हुआ। मैच जीत कर प्लेऑफ की राह आसान बनाने के सपने देख रही दिल्ली कैपिटल्स  को तगड़ा झटका लगा है। अब उसे प्लेऑफ के लिए और कड़ी मेहनत करनी होगी। खै र, बात करें  मुकाबले की तो टॉस जीतकर सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की शुरुआत बड़ी ख़राब रही। उनकी बल्लेबाजी ऐसी कि छह ओवर के पॉवरप्ले में दिल्ली ने 26 रन जोड़कर अपने चार विकेट गंवा दिए। पैट कमिंस ने पहले तीन ओवरों की पहली गेंद पर एक-एक कर तीन विकेट चटकाए।  बारिश ने न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया कमिंस ने मैच की पहली ही गेंद पर करुण नायर को चलता किया। फिर अगले दो ओवरों की पहली गेंदों पर फाफ डुप्लेसी और अभिषेक पोरेल को पवेलियन भेजा। तो कप्तान अक्षर पटेल को हर्षल पटेल ने छठे ओवर में आउट किया। दिल्ली की लड़खड़ाती पारी को संभाला आशुतोष और ट्रिस्टन स्टब्स ने। दोनों के बीच हुई अर्धशतकीय साझेदारी ने दिल्ली 137 रन के स्कोर पर पहुंचा दिया। ट्रिस्टन 36 गेंदों पर चार चौके लगाते हुए 41 रन बनाकर नाबाद रहे। तो वहीं आशुतोष ने 26 गेंदों पर 41 रन में दो चौके और तीन छक्के जड़े। इस तरह दोनों संभलकर खेलते हुए दिल्ली का स्कोर 137 तक पहुंचा दिया। इससे पहले कि सनराइजर्स हैदराबाद बैटिंग कर पाती, बारिश ने मैच का मजा ही किरकिरा कर दिया। न सिर्फ मैच का मजा (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) किरकिरा किया बल्कि हैदराबाद को प्लेऑफ की रेस से बाहर कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) को 1-1 अंक बांट दिए गए   कहने की जरूरत बारिश की वजह से हैदराबाद को काफी नुकसान (Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes) हुआ है। दरअसल, हैदराबाद को किसी भी सूरत में यह मैच जीतना ही था। मुकाबला रद्द होने की वजह से दोनों टीमों को 1-1 अंक बांट दिए गए। यह तो ठीक लेकिन  हैदराबाद के लिए ये 1 अंक काफी नहीं थे। कुलमिलाकर बारिश और कम अंक की वजह से टीम को प्लेऑफ से बाहर होना पड़ गया। बता दें कि प्लेऑफ की रेस से अब तक तीन टीमें बाहर हो चुकी हैं। जिसमें पहली चेन्नई सुपर किंग्स, दूसरी राजस्थान रॉयल्स और तीसरी सनराइजर्स हैदराबाद। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए टीम को लगभग 17 अंक की जरूरत है। गौरतलब हो कि सनराइजर्स हैदराबाद सात अंकों के साथ प्वाइंट टेबल पर आठवें स्थान पर है तो वहीं 13 अंकों के साथ दिल्ली कैपिटल्स पांचवें स्थान पर है।  17 अंक के हिसाब से देखें तो अब लखनऊ का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना केवल सपना ही रह जाएगा। अगर 17 अंक प्लेऑफ का दायरा सेट करता है तो ऋषभ पंत की कप्तानी वाली लखनऊ भी बाहर ही हो जाएगी, क्योंकि टीम के केवल 10 अंक है और उनके पास मैच केवल तीन बचे हैं, ऐसे में अगर टीम अपने तीनों मैच जीत भी जाती है तो भी उनके केवल 16 ही अंक होंगे। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, यहां कभी भी कुछ भी हो सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Rain Crushes Hyderabad’s Playoff Hopes #ipl2025 #sunrisershyderabad #srh #iplnews #iplupdates #rainspoilsplay #iplplayoffs #iplcricket #cricketnews #iplhighlights #cricketupdates #iplmatch2025 #iplbuzz #iplrainimpact #hyderabadcricket

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Air conditioner

साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें

गर्मी के मौसम में आजकल जो एक बड़ी जरूरत बन चुका है वो है एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC)। गर्मी में ठंडक और आराम पाने का यह उपयुक्त तरीका है। बदलते समय के साथ हर घर में एयर कंडीशनर (Air conditioner) घर का एक जरूरी सामान बन चुका है। अगर आप भी एसी (AC) खरीदना चाहते हैं, तो कुछ चीजों का ध्यान अवश्य रखें। क्योंकि. यह उपकरण आराम तो देता है, लेकिन जेब पर भी भारी पड़ सकता है। यही नहीं, एसी के दो प्रकारों (स्प्लिट एसी और विंडो एसी) में से आपको कौन सा खरीदना है, यह निर्णय भी आपको पहले ही लेना होगा। आइए जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? आप यह तो जानते ही होंगे कि एयर कंडीशनर (Air conditioner) दो तरह के होते हैं एक स्प्लिट एसी (Split AC) और दूसरे विंडो एसी। इन दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं। एसी लेने से पहले आप यह निर्णय ले लें कि आपको कौन सा लेना है। अगर आप शांत एसी (AC) लेना चाहते हैं, तो आप स्प्लिट एसी (Split AC) ले सकते हैं। बजट कम है तो विंडो एसी लेना एक अच्छा निर्णय है। इसके अलावा जानें कि एसी खरीदते हुए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए (What should be kept in mind while buying an AC)? कमरे का आकार आपके कमरे के आकार को ध्यान में रखें। अगर आपका कमरा छोटा है तो बड़े एयर कंडीशनर (Air conditioner) की जगह छोटा एसी लें। क्योंकि, छोटा कमरे में बड़ा एसी अधिक एनर्जी कंज्यूम करेगा। इसी तरह से बड़े कमरे में छोटा एसी (AC) कमरे को ठंडा नहीं करेगा।  एनजी एफिशियंट  एसी (AC) खरीदने से पहले इसकी स्टार रेटिंग को अवश्य जांचें। इससे इस उपकरण की एनर्जी एफिशिएंसी का पता चलता है। अच्छी स्टार रेटिंग वाला एसी (AC) कम एनर्जी की खपत करेगा जिससे बिजली का बिल भी कम आएगा। मेंटेनेंस एसी खरीदने से पहले इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी एसी (AC) आप खरीद रहें हैं उसकी मेंटेनेंस और इंस्टालेशन आसान और किफायती हो। इसके साथ ही इसके नॉइस लेवल को भी ध्यान में रखें।  बजट  आपका एयर कंडीशनर (Air conditioner) खरीदने का बजट कितना है, इसके आधार पर आप इसे खरीदें। यही नहीं उपकरण के वॉरेंटी पीरियड के बारे में भी जान लेना आवश्यक है। ऐसे एसी (AC) को लें जो अधिक वॉरेंटी देता हो।  इसे भी पढ़ें:-  पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर फिल्टर युक्त एसी पर करें विचार इसके साथ ही धुएं, दुर्गंध और अशुद्धियों को रोकने के लिए फिल्टर युक्त एसी (AC) खरीदने पर विचार करें , जिससे घर के अंदर हवा की क्वालिटी बेहतर होगी। यानी, इस एयर कंडीशनर (Air conditioner) के इस्तेमाल से आपके घर का प्रदूषण कुछ हद तक कम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Air conditioner #Airconditioner #AC #WhatshouldbekeptinmindwhilebuyinganAC #Split AC #Window AC

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