India Pakistan legal action

Pakistanis leave India: 24 घंटे में यदि पाकिस्तानियों ने नहीं छोड़ा भारत, तो की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त करते हुए हज़ारों पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों में अपने देश जाने को लेकर अफरा तफरी मच गई। अफरा-तफरी का आलम यह है कि वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समय सीमा समाप्त होने तक कुछ सौ लोग ही हैं जो पाकिस्तान वापस गए हैं। ऐसे में सरकार ने डेडलाइन के बाद भारत में रहने वाले पाकिस्तानियों पर कार्रवाई की चेतावनी (Pakistanis leave India) दी है। सरकारी आंकड़ों की माने तो देश भर में हजारों पाकिस्तानी मौजूद हैं। दिल्ली में 5 हजार तो मुंबई और यूपी में तक़रीबन 2000 हजार पाकिस्तानियों के होने की खबर है। गौर करने वाली बात यह कि डेड लाइन खत्म होने के बाद सिर्फ 537 पाकिस्तानी अपने देश वापस लौटे हैं। तो वहीं भारतीय नागरिकों की बात की जाए तो पाकिस्तान से 1387 भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। बता दें कि इनमें कई डिप्लोमेट समेत अधिकारी भी हैं।  29 अप्रैल (Pakistanis leave India) की है डेडलाइन  गौरतलब हो कि सरकार के आदेश के बाद अटारी-वाघा इंटरनेशनल बॉर्डर से अब तक कई पाकिस्तान वापिस लौटे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानी नागरिक और 287 भारतीय नागरिक तो वहीं  26 अप्रैल को 75 पाकिस्तानी नागरिक 335 भारतीय नागरिक वापस आए थे। इसके अलावा सार्क वीजा वालों के लिए देश छोड़ने की अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी और मेडिकल वीजा वालों के लिए अंतिम तारीख 29 अप्रैल (Pakistanis leave India) है। ध्यान देने वाली बात यह कि सरकार की तरफ से दी गई पहली डेडलाइन 27 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। और अब दूसरी डेडलाइन 29 अप्रैल को खत्म होगी। इस लिहाज से अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि हजारों पाकिस्तानियों को कैसे वापस भेजा जाएगा? एक बात तो तय है कि यदि डेड लाइन खत्म होने के बाद कोई पाकिस्तानी भारत में रहता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस (Pakistanis leave India) को सौंप दी है इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है, ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा यूपी में 1800 से अधिक तो वहीं मुंबई में तकरीबन 2 हजार और उत्तराखंड में भी अधिक 250 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश के बाद न सिर्फ जांच तेज हो गई बल्कि पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है और उन्हें वापस भेजने की तैयारी भी हो रही (Pakistanis leave India) है। कुल मिलाकर बता यह कि भारत सरकार की डेडलाइन खत्म होने के बाद यहाँ रह रहे पाकिस्तानियों का रहना गैरकानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Pakistanis leave India #drunkman #grpfight #violenceincident #grp #policebrutality #streetviolence #drunkanddisorderly #instastory #viralnews #currentnews #breakingnews #indiaupdate #newsviral #policeincident #viralpost

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Pakistan Taliban clash

Pakistan Taliban clash: बलूचिस्तान के बाद अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से भिड़ा पाकिस्तान, की बड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान की शामत अपनी तय मानी जा रही है। इस समय पाकिस्तान दो तरफा घिर चुका (Pakistan Taliban clash) है। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर पूरी दुनिया गुस्से में है। एक तरफ जहाँ वो बलूची विद्रोहियों से जूझ रहा है तो वही दूसरी तालिबान भी उसकी कब्र खोदने में जुटा हुआ है। इस तरह कह सकते हैं कि आतंक को लेकर आलोचना झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 54 आतंकियों को ढेर कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान को अब टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को (Pakistan Taliban clash) गिराया मार  जानकारी के मुताबिक ये आतंकी अफगानिस्तान से घुसपैठ कर उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने रविवार को यह जानकारी दी। आईएसपीआर की माने तो 25 और 26 अप्रैल तथा 26 और 27 अप्रैल की रात को उत्तरी वजीरिस्तान जिले के हसन खैल इलाके में आतंकियों की भारी हलचल देखी गई। हलचल बढ़ती देख पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को मार गिराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी (Pakistan Taliban clash) है इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर हमारे सुरक्षाबलों ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी “पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी है।” यही नहीं, इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “पाकिस्तान को टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि हाल ही में बलूचिस्तान के क्वेटा के पास मार्गट इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया (Pakistan Taliban clash) था। बीएलए द्वारा किये इस हमले में 10 सैनिक मारे गए थे। हालाँकि बीएलए ने दावा किया कि यह हमला रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किया गया था। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि पाकिस्तान को दो तरफा लड़ाई लड़नी होगी। पहलगाम हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति है। Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan Taliban clash #PakistanTalibanClash #BalochistanConflict #AfghanistanBorder #PakistanNews #TalibanConflict #PakTalibanTension #MilitaryAction #BorderTensions #BalochistanNews #BreakingNews

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Guru Gobind Singh Ji

Guru Gobind Singh Ji: पांच ककार, जो सिखों की पहचान और गौरव के प्रतीक बने

गुरु गोबिंद सिंह (Guru Gobind Singh) न केवल एक महान आध्यात्मिक गुरु थे, बल्कि वे एक वीर योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। उन्होंने सिख धर्म को एक नई दिशा दी और ‘खालसा पंथ’ की स्थापना कर सिखों को संगठित किया। गुरु गोबिंद सिंह ने सिखों के लिए पांच महत्वपूर्ण प्रतीकों को अपनाने की परंपरा शुरू की, जिन्हें ‘पांच ककार’ (Five Kakaars) कहा जाता है। इन पांच ककारों को धारण करना हर सिख के लिए अनिवार्य माना जाता है। आइए जानते हैं कि ये पांच ककार क्या हैं और इनका सिख धर्म में क्या महत्व है। खालसा पंथ (Khalsa Panth) और पांच ककार की शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने 1699 में बैसाखी के दिन आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ (Khalsa Panth)  की स्थापना की थी। इस दिन उन्होंने अपने अनुयायियों को एक विशेष पहचान दी और उन्हें ‘पांच ककार’ धारण करने का आदेश दिया। ये पांच ककार न केवल उनकी धार्मिक पहचान का प्रतीक बने बल्कि इनका गहरा आध्यात्मिक और व्यावहारिक महत्व भी है। क्या हैं पांच ककार? सिख धर्म में पांच ककार (Five Kakaars) निम्नलिखित हैं: 1. केश (अवढ़िक बाल) केश, यानी बिना कटे बाल, सिख धर्म का सबसे महत्वपूर्ण ककार है। गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने अपने अनुयायियों को आदेश दिया कि वे अपने बालों को न काटें और उन्हें प्राकृतिक रूप में बनाए रखें। इसका उद्देश्य ईश्वर की दी गई प्राकृतिक देह को सम्मान देना और सिखों की अलग पहचान बनाए रखना था। इसके अलावा, लंबे बाल धैर्य, आत्म-नियंत्रण और सादगी का प्रतीक माने जाते हैं। 2. कंघा (कंघी) कंघा लकड़ी से बना एक छोटा कंघा होता है, जिसे सिख अपने केशों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखने के लिए प्रयोग करते हैं। यह सफाई और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है। गुरु गोबिंद सिंह जी के अनुसार, शरीर और आत्मा दोनों की पवित्रता आवश्यक है, और कंघा इस बात का प्रतीक है कि सिखों को अपने बालों के साथ-साथ अपने विचारों को भी स्वच्छ और व्यवस्थित रखना चाहिए। 3. कड़ा (लोहे का ब्रेसलेट) कड़ा एक लोहे का ब्रेसलेट होता है, जिसे सिख अपनी कलाई में पहनते हैं। यह गुरु के प्रति अटूट आस्था और आज्ञाकारिता का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा, यह बुरे कर्मों से बचने की भी याद दिलाता है। जब भी कोई व्यक्ति कुछ गलत करने के लिए हाथ उठाता है, तो यह कड़ा उसे याद दिलाता है कि उसे धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए। 4. कृपाण (छोटी तलवार) कृपाण एक छोटी तलवार होती है, जिसे हर सिख धारण करता है। यह साहस, आत्मरक्षा और न्याय के लिए खड़े होने का प्रतीक है। कृपाण यह दर्शाता है कि सिख धर्म केवल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की भी शिक्षा दी गई है। हालांकि, कृपाण का उपयोग केवल आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा के लिए किया जाता है। 5. कच्छा (विशेष प्रकार का अंडरवियर) कच्छा एक विशेष प्रकार का अंडरवियर या निकर होता है, जिसे सिख पहनते हैं। यह संयम, पवित्रता और नैतिकता का प्रतीक है। यह एक योद्धा की पोशाक का हिस्सा भी है, जिससे सिखों को हमेशा सतर्क और अनुशासित रहने की प्रेरणा मिलती है। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व पांच ककार (Five Kakaars) का महत्व गुरु गोबिंद सिंह जी (Guru Gobind Singh) ने जब खालसा पंथ (Khalsa Panth)  की स्थापना की, तब उन्होंने सिखों को इन पांच प्रतीकों को अपनाने के लिए कहा। इनका मुख्य उद्देश्य सिखों को धार्मिक, आध्यात्मिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाना था। पांच ककार सिखों की पहचान को बनाए रखने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन, साहस और सेवा की भावना से जोड़ते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News  Guru Gobind Singh #GuruGobindSinghJi #FiveKs #SikhIdentity #PanjKakaar #KhalsaTradition #SikhPride #Sikhism #SikhSymbols #SikhHeritage #SpiritualStrength

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Wife kills husband crime news

Husband murder by wife: प्रेमी की चाहत में पत्नी ने किया पति का क़त्ल, हादसा दिखाने के लिए सड़क पर फेंकी लाश, इस तरह खुली पोल

उत्तर-प्रदेश में क्राइम है कि थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक के बाद एक रिश्तों को शर्मसार करने वाली हो रही घटनाएं दिल को दहला दे रही हैं। ताजा मामला है यूपी के मैनपुरी का, जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी। दरअसल, एक अप्रैल को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में हाईवे किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला (Husband murder by wife) था। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस ने एक्सीडेंट का मामला दर्ज आकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नियमानुसार शिनाख्ती के लिए शव को 72 घंटे तक के लिए मोर्चरी पर रखा गया। शिनाख्त न होने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर कुचलकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी।  समीर की भाभी राधा देवी ने 11 अप्रैल को थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई (Husband murder by wife) थी रिपोर्ट  पुलिस के मुताबिक बिछवां थाना क्षेत्र के गांव सुन्नामई निवासी 35 वर्षीय समीर की पत्नी मीरा का परिवार वालों से विवाद हो गया था। विवाद के बाद से वह पत्नी और बच्चों को के साथ वंशीगोहरा इलाके में किराए के कमरे में रहा करता था। इस बीच 30 मार्च को समीर अपने भाई सुशील के साले के पुत्र की शादी में शामिल होने के लिए बेवर क्षेत्र के गांव नगरिया गया हुआ था। उस दिन से उसकी कोई खबर नहीं मिली। और इसी दरम्यान उसकी पत्नी मीरा भी घर से लापता हो गई थी। इस बीच काफी खोजबीन करने के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो समीर की भाभी राधा देवी ने 11 अप्रैल को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई (Husband murder by wife) थी। मामले की छानबीन कर रही पुलिस को इस बीच पता चला कि 15 अप्रैल को समीर की पत्नी मीरा ने एटा जिले में रहने वाले अपने प्रेमी रिंकू चौहान से कोर्ट मैरिज कर ली। यही नहीं, पुलिस को यह भी पता चला कि दो साल पहले दोनों ने मंदिर में शादी भी की थी। इतनी जानकारी पुलिस के लिए काफी थी।  पुलिसिया अंदाज में दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर (Husband murder by wife) लिया इस जानकारी के आधार पर पुलिस मीरा और रिंकू दोनों को उठाया और तबियत से पूछताछ। शुरू में दोनों ने इस तरह की किसी भी जानकारी से इंकार कर दिया। लेकिन जब पुलिस ने पुलिसिया अंदाज में पूछताछ की तो दोनों टूट गए और अपना गुनाह कबूल कर (Husband murder by wife) लिया। पुलिस के मुताबिक एटा स्थित बिछवां क्षेत्र के गांव सुन्नामई के रहने वाले लापता युवक की हत्या की साजिश पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की थी। इसके बाद प्रेमी ने मौसेरे भाई के साथ पत्थर से कुचलकर युवक को मौत के घाट उतार दिया। और फिर सड़क हादसा दिखाने के लिए शव को हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में हाईवे किनारे फेंक दिया। इस बीच महिला और उसके प्रेमी ने एटा में कोर्ट मैरिज कर ली। जानकारी के मुताबिक सात साल पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से रिंकू और मीरा की मुलाक़ात हुई थी। कुछ समय बाद दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और धीरे-धीरे बातचीत होने के बाद दोनों में प्रेम संबंध स्थापित हो गए। मीरा का पति समीर पहले केरल में नौकरी करता था। इस बीच कुछ दिनों से वह घर पर ही रह रहा था। समीर के घर में रहने की वजह से रिंकू और मीरा मिल नहीं पा रहे थे। इसी वजह से मीरा ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसे भी पढ़ें:- ईंट की खराब क्वालिटी बनी हत्या की वजह, सीतामढ़ी में मजदूर की दर्दनाक मौत रात में उसे शराब पिलाई और नीलेश ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Husband murder by wife) कर दी इस पूरे मामले पर एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि “पूछताछ में महिला और उसके प्रेमी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। महिला ने स्वीकार किया कि रिंकू से उसके प्रेम संबंध हैं और दो साल पहले दोनों ने चोरी छिपे मंदिर में शादी भी कर ली थी। पति उनकी राह में रोड़ा बन रहा था। इसी वजह से उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। और फिर मीरा के कहने पर रिंकू अपने मौसी के बेटे नीलेश के साथ समीर को 31 मार्च को कूलर और फ्रिज दिलाने के बहाने एटा ले गया था। जहां दोनों ने रात में उसे शराब पिलाई और नीलेश ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या (Husband murder by wife) कर दी। और हत्या करने के बाद शव को हाथरस के सिकंदराराऊ में हाइवे किनारे फेंक दिया था।”  फिलहाल पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पुलिस हत्या में शामिल  नीलेश की तलाश में जुटी है। खैर, पुलिस ने शुक्रवार को पति की हत्यारोपित पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder by wife #WifeMurdersHusband #CrimeStory #AffairCrime #HusbandMurder #LoveAffairMurder #CrimeNews #BreakingNews #CrimeUpdate #ShockingMurder #TrueCrime

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Shehbaz & Bilawal Threaten India After Indus Treaty

Shehbaz & Bilawal India threat: सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद बिलावल भुट्टो और शहबाज शरीफ ने दी भारत को गीदड़भभकी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान जा रही नदियों का पानी रोकने के बाद से पाकिस्तान सदमें में है। कहने की जरूरत नहीं, पहलगाम टेरर अटैक के बाद भारत ने पाकिस्तान पर जो वाटर स्ट्राइक किया है, उससे पाकिस्तान बौखला उठा है। आटे के लिए रोने वाले पाकिस्तान को अब प्यास से मरने का डर सताने लगा है। दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि सस्पेंड कर दिया है। सिंधु जल संधि को सस्पेंड करने के बाद से पाकिस्तानियों में कोहराम मचा हुआ है। पाकिस्तान की छटपटाहट का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने भारत को गीदड़भभकी देने (Shehbaz & Bilawal India threat) लगे हैं। पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा किए गए इस आतंकी हमले में 27 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है।  पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का (Shehbaz & Bilawal India threat) पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी (Shehbaz & Bilawal India threat) है और कहा कि “पाकिस्तान के पानी को रोकने की जुर्रत ना करे भारत, अगर भारत ने पानी रोका तो पाकिस्तान की सेना इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।” प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “पाकिस्तान के पानी को कम करने या मोड़ने की किसी भी कोशिश का पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा।” शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि “किसी को भी इस बारे में कोई गलती नहीं करनी चाहिए। पाकिस्तान 240 मिलियन लोगों का देश है और हम अपने बहादुर सशस्त्र बलों के पीछे हैं। सबको यह संदेश ज़ोरदार और साफ होना चाहिए। शांति हमारी प्राथमिकता है। हम अपनी अखंडता और सुरक्षा पर कभी समझौता नहीं करेंगे।” इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र छोड़ने के लिए पाकिस्तानियों को मिला 48 घंटे का समय, सीएम फडणवीस के सख्त फरमान से मची खलबली सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी  (Shehbaz & Bilawal India threat) से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा यही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के मुखिया बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भड़काऊ बयान देकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है। जानकारी के मुताबिक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए बिलावल भुट्टो ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत को सीधे धमकी देते हुए कहा (Shehbaz & Bilawal India threat) कि “मैं सिंधु नदी के किनारे खड़ा होकर भारत को बताना चाहूंगा कि सिंधु हमारी है और यह हमारी ही रहेगी या तो हमारा पानी इस नदी से बहेगा या फिर उनका खून इसमें बहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने “सिंधु पर हमला” किया है। भले ही भारत की आबादी हमसे ज़्यादा है, लेकिन पाकिस्तान के लोग बहादुर हैं। हम सीमाओं पर भी और पाकिस्तान के अंदर भी लड़ेंगे। हमारी आवाज़ भारत को करारा जवाब देगी। उनके इस बयान को भारत के खिलाफ खुले तौर पर हिंसा उकसाने वाला माना जा रहा है। बता दें कि पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने कई कठोर कदम उठाए हैं। इनमें न सिर्फ पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना और वापसी के निर्देश शामिल हैं, बल्कि सिंधु जल संधि को सस्पेंड करना भी शामिल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Shehbaz & Bilawal India threat #ShehbazSharif #BilawalBhutto #IndiaPakistan #IndusWaterTreaty #SindhuJalSandhi #IndiaThreat #PakistanWarning #WaterDispute #IndiaPakistanTension #LatestNews

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Mamleshwar Temple Pahalgam

ममलेश्वर मंदिर: पहलगाम का ऐतिहासिक शिव मंदिर जहां भगवान शिव ने काटा था गणेश का शीश

कश्मीर घाटी के सुरम्य नगर पहलगाम में स्थित ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) न केवल अपनी प्राचीनता और वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह हिन्दू धर्म के एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह वह पवित्र स्थल है जहाँ कथानुसार भगवान शिव (Lord Shiva) ने अपने पुत्र गणेश का शीश काटा था।​ ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) की स्थापना लगभग चौथी शताब्दी में हुई थी, जो इसे कश्मीर घाटी के प्राचीनतम मंदिरों में से एक बनाती है। यह मंदिर ममलाका गांव में स्थित है, जो पहलगाम से लगभग एक मील की दूरी पर है। मंदिर का नाम ‘ममलेश्वर’ या ‘ममल’ शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘जाओ मत’, जो इस स्थान की पवित्रता और महत्व को दर्शाता है।​ पौराणिक कथा ममलेश्वर मंदिर (Mamaleshwar Temple) से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा है, जिसके अनुसार एक बार देवी पार्वती स्नान करने जा रही थीं। उन्होंने अपने पुत्र गणेश जी (Ganesh Ji) को द्वार पर बैठा दिया और निर्देश दिया कि जब तक वे न लौटें, तब तक किसी को भी अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। माता की आज्ञा का पालन करते हुए गणेश जी (Ganesh Ji) बाहर पहरा देने लगे। उसी समय भगवान शिव (Lord Shiva) वहां पहुंचे और पार्वती जी से मिलने के लिए भीतर जाने लगे। लेकिन द्वार पर विराजमान गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। शिव जी ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन गणेश जी माता की आज्ञा का पालन करते हुए डटे रहे। इससे क्रोधित होकर भगवान शिव ने अपने त्रिशूल से गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया। जब माता पार्वती बाहर आईं और ये दृश्य देखा, तो वे अत्यंत दुखी और क्रोधित हो गईं। उन्होंने शिव जी को सारी बात समझाई और अपने पुत्र को पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की। शिव जी को अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने एक हाथी का सिर लाकर गणेश जी के शरीर से जोड़ा और उन्हें नया जीवन प्रदान किया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया वास्तुकला और संरचना पहलगाम, जो कश्मीर घाटी का एक बेहद मनमोहक स्थल है, अक्सर ‘धरती का स्वर्ग’ कहा जाता है। लेकिन यह स्थान केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां भगवान शिव (Lord Shiva) और उनके परिवार से जुड़े कई पूजनीय मंदिर और तीर्थस्थल स्थित हैं। इन्हीं में एक प्रमुख मंदिर है ममलेश्वर मंदिर, जिसे स्थानीय लोग ‘मम्मल मंदिर’ के नाम से भी जानते हैं। यह मंदिर पहलगाम गांव में स्थित है और कश्मीर घाटी के प्राचीनतम और प्रमुख शिव मंदिरों में गिना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में लोहरा वंश के राजा जयसिंह द्वारा कराया गया था। उन्होंने मंदिर की छत को एक स्वर्ण कलश से सुशोभित करवाया था। भगवान शिव को समर्पित यह पवित्र स्थल हर वर्ष हजारों भक्तों को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो यहां आकर शिवजी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं। इस प्राचीन मंदिर के गर्भगृह में दो सुंदर नंदी की प्रतिमाएं स्थित हैं, और इनके समीप एक शिवलिंग स्थापित है। शिवलिंग के पास ही एक प्राकृतिक जल स्रोत से पानी निकलता है, जो एक छोटे से कुंड में एकत्र होता है, जिससे यह स्थान और भी पवित्र हो जाता है। यह मंदिर ‘मम्मल मंदिर’ नाम से भी प्रसिद्ध है। इस नाम के पीछे एक रोचक पौराणिक कथा है। ‘मम’ का अर्थ होता है ‘मत’ और ‘मल’ का अर्थ होता है ‘जाना’, यानी ‘मत जाओ’। यह नाम प्रतीक है सुरक्षा और संरक्षण का। Latest News in Hindi Today Hindi News Mamaleshwar Temple #MamleshwarTemple #Pahalgam #ShivaTemple #LordShiva #GaneshStory #AncientTemples #PilgrimageIndia #SpiritualTravel #HinduMythology #HistoricTemples

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Travel insurance

सुरक्षित यात्रा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस: यह है आपके सफर का साथी

घूमना-फिरना लगभग हर व्यक्ति को पसंद होता है, क्योंकि इससे न केवल हम नई जगहों को एक्सप्लोर करते हैं बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और लोगों को जानने का मौका भी हमें मिलता है। लेकिन, कहीं भी घूमने के लिए जाने के लिए अपना बजट बनाना और सही खर्च करना बेहद जरूरी है। नहीं तो यात्रा का मजा किरकिरा हो सकता है। सही से खर्चों का प्रबंधन करने के लिए कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए। इस प्रबंधन लिए ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance) एक अच्छा विकल्प है। अगर बात की जाए ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance) की, तो यह एक तरह का इंश्योरेंस (Insurance) हैं, जो ट्रेवलिंग से जुड़े फाइनेंशियल लॉसेस को कवर करता है। आइए जानें इस इंश्योरेंस (Insurance) के बारे में विस्तार से। क्या है ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance)? जैसा की पहले ही बताया गया है कि ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance) वो इंश्योरेंस (Insurance) यानी बीमा है जो ट्रेवलिंग के दौरान होने वाले फाइनेंशियल रिस्क्स और घाटों से हमें बचाता है। यह डोमेस्टिक या इंटरनेशनल दोनों तरह के ट्रेवल में सुरक्षा प्रदान करने में फायदेमंद है। जैसे अगर आपने किसी वजह से अपनी फ्लाइट को मिस कर दिया है, तो बेहतर ट्रेवल इंश्योरेंस कम्पनीज आपको इसके खर्च को वापस करने में मदद करती हैं। जानिए ट्रेवल इंश्योरेंस के फायदे (Benefits of travel insurance) क्या हो सकते हैं? इसे भी पढ़ें:- क्या आतंकी हमलों में पीड़ित परिवार को मिलता है इंशोरेंस? ट्रेवल इंश्योरेंस के फायदे  (Benefits of travel insurance) ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance) कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लाभ इस प्रकार हैं: यह तो थी जानकारी ट्रेवल इंश्योरेंस (Travel insurance) के बारे में। आप ट्रेवल इंश्योरेंस को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, बीमा कंपनी और किसी ट्रेवल एजेंट से खरीद सकते हैं। यह एक जरूरी इंश्योरेंस (Insurance)है जिससे आप कई जोखिमों से बच सकते हैं। इससे आपको यात्रा के दौरान अच्छा और सुरक्षित अनुभव मिलेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Travel insurance #Travelinsurance #benefitsoftravelinsurance #insurance #TravelInsuranceCompany

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Benefits of Asafoetida in Ayurveda

हींग के आयुर्वेदिक फायदे: पाचन से लेकर श्वसन तक फायदेमंद है यह मसाला

हींग (Asafoetida) को असाफोटीडा के नाम से भी जाना जाता है। यह भारतीय रसोईघर में मिलने वाले सबसे महंगे मसलों में से एक है। इसे फेरूला असाफोटीडा नाम के पौधे की जड़ से प्राप्त किया जाता है। यह एक चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसमें सल्फर कंपाउंड होते हैं। हींग (Asafoetida) को अपनी तेज खुशबु के लिए जाना जाता है।इसका अनोखा स्वाद खाने को और स्वादिष्ट बनाता है। आयुर्वेद (Ayurveda) में भी हींग का इस्तेमाल हेल्थ के लिए बेनेफिशियल माना गया है। इस मसाले का इस्तेमाल खाना पकाने, मेडिसिन्स को बनाने और आयुर्वेद (Ayurveda) में किया जाता है। इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं। आइए जानें कि आयुर्वेद में हींग के बेनेफिट्स (Benefits of Asafoetida in Ayurveda) क्या हैं? आयुर्वेद में हींग के बेनेफिट्स (Benefits of Asafoetida in Ayurveda): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार आयुर्वेद (Ayurveda) मेडिसिन में हींग (Asafoetida) को गैस और अच्छे पाचन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा ब्रोंकाइटिस और किडनी स्टोन्स के उपचार में इसे फायदेमंद माना गया है। पाएं जानकारी आयुर्वेद में हींग के बेनेफिट्स (Benefits of Asafoetida in Ayurveda) के बारे में। डायजेस्टिव हेल्थ के लिए फायदेमंद आयुर्वेद (Ayurveda) में हींग (Asafoetida) को एक महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है, जिनसे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का इलाज संभव है। ऐसा माना गया है कि इसके सेवन से पाचन तंत्र सही रहता है और कई पेट सम्बन्धी समस्याओं से आराम मिलता है जैसे गैस, एसिडिटी और अपच आदि। सांस समस्याओं से राहत  हींग (Asafoetida) को सांस से जुडी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद पाया गया है जैसे अस्थमा। इसके साथ ही इसे इस्तेमाल से सर्दी-जुकाम में होने वाली परेशानियों से राहत पाने में मदद मिलती है। दर्द से मिली आराम: हींग (Asafoetida) में दर्द को दूर करने कि प्रॉपर्टीज होती हैं। ऐसा माना गया है कि इसके इस्तेमाल से जॉइंट्स और मसल्स को कम करने में सहायता मिलती है। इम्युनिटी हो मजबूत हींग में अन्य गुणों के साथ ही एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टीज होती हैं, जिससे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। यही नहीं, हींग (Asafoetida) को कफ और वात दोषों को बैलेंस करने में फायदेमंद माना गया है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? आयुर्वेद में हींग के बेनेफिट्स (Benefits of Asafoetida in Ayurveda) के बारे में आप जान गए होंगे। हींग से बना चूर्ण डायजेस्टिव सिस्टम को सही बनाए रखने और सांस सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद है। हींग (Asafoetida) की जेली को दर्द दूर करने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसके तेल के प्रयोग से जॉइंट्स और बॉडी पेन आदि से आराम पाने में मदद मिलती है। ऐसा भी माना गया है कि हींग (Asafoetida) एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidant) का अच्छा स्त्रोत हैं, लेकिन इसके बारे में अभी लिमिटेड रिसर्च की गयी हैं और अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। आप दाल, सब्जी, सूप आदि में ड़ाल कर हींग (Asafoetida) का इस्तेमाल कर के इसके फायदों को पा सकते हैं। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Asafoetida Benefits #Asafoetida #Ayurveda #BenefitsofAsafoetidainAyurveda #BenefitsofAsafoetida

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West Bengal Teacher News

Muslim teacher leaves Islam: पहलगाम हमले से आहत पश्चिम बंगाल के मुस्लिम टीचर ने इस्लाम त्यागते हुए कही यह बड़ी बात

 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। कुल 28 टूरिस्टों ने इस हमले में जान गंवाई थी, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। निश्चित ही इस घटना को कभी भुलाया जा सकता है। इस घटना को लेकर देश के साथ-साथ दुनिया भर के अमन पसंद लोगों में रोष व्याप्त है। लोग इस बात को लेकर इस कदर चिंतित हैं कि भला कोई कैसे इस तरह धर्म पूछ कर किसी को मार सकता है? इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि दुनिया का सबसे बड़ा धर्म मानवता है। मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। पहलगाम की घटना का असर ऐसा कि लोग अपने आप विशेष धर्म से जोड़ने से भी शर्मिंदा महसूस करने लगे हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं पश्चिम बंगाल से जिनका ह्रदय इस कदर द्रवित हुआ कि उन्होंने अपना मजहब ही (Muslim teacher leaves Islam) छोड़ दिया। दरअसल, इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम टीचर साबिर हुसैन ने इस्लाम मजहब छोड़ने का फैसला लिया है। यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है बता दें कि पहलगाम में आतंकियों ने लोगों का धर्म देखकर और कलमा पढ़वाकर निर्दोष लोगों को मारा था। इससे साबिर हुसैन इस कदर आहत हुए कि इस्लाम छोड़ने का ही मन बना लिया। वो दक्षिण 24 परगना जिले के बादुरिया स्थित निर्माण आदर्श विद्यापीठ में विज्ञान के शिक्षक हैं। स्कूल टीचर साबिर हुसैन ने कहा है कि “देश में आए दिन मजहब के नाम पर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे वो बेहद दुखी हैं।” पहलगाम आतंकी हमले से आहत साबिर हुसैन ने इस्लाम छोड़ने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। साबिर हुसैन के मुताबिक उन्होंने यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है और कहा है कि उनकी पत्नी और उनके बच्चे जो भी रास्ता चुने वह उन्हें पूरी आजादी देंगे। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं स्थनीय मीडिया से बात करते हुए साबिर हुसैन ने कहा कि “हिंसा फैलाने के लिए बार-बार धर्म का गलत इस्तेमाल किया जाता है, जो सही नहीं है।” उन्होंने इसपर आगे कहा कि “मैं किसी धर्म का अनादर नहीं कर रहा हूं। यह मेरा निजी फैसला है। मैंने देखा है कि किस तरह हिंसा फैलाने के लिए एक हथियार के रूप में धर्म का इस्तेमाल किया जाता है। कश्मीर में ऐसा कई बार हुआ है। मैं अब इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।” व्यथित मन से उन्होंने आगे कहा कि “मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं। इसलिए मैं कोर्ट में आवेदन करने आया हूं। पहलगाम जैसी हिंसक घटनाओं में महजब का गलत इस्तेमाल किया जाता है। किसी को उसके धर्म की वजह से मारना कैसे ठीक है? ये मुझे बहुत आहत करता है।” वो यहीं नहीं रुके, साबिर ने आगे कहा कि “मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए हुसैन ने कहा कि वह ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहते हैं, जहां सब कुछ मजहब के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। आजकल सब कुछ धर्म के इर्द-गिर्द घूमता हुआ लगता है। मैं ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहता।”  Latest News in Hindi Today Hindi Muslim teacher leaves Islam #MuslimTeacher #LeavesIslam #PahalgamAttack #ReligiousConversion #WestBengalTeacher #IslamToHumanity #FaithChange #AfterPahalgamAttack #NewsUpdate #ViralNews

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Income tax

टैक्स पेमेंट हुआ आसान: आयकर विभाग ने शुरू की ‘ई-पे टैक्स’ सुविधा

इनकम टैक्स (Income tax) भरना न केवल हर नागरिक की जिमेदारी है बल्कि इससे देश के विकास में भी सहयोग होता है। हर नागरिक के लिए हर साल इनकम टैक्स (Income tax) रिटर्न भरना बहुत जरूरी है। इनकम टैक्स रिटर्न को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया भरा जा सकता है। इसे भरते हुए सही जानकारी देना आवश्यक है। इसके लिए इनकम टैक्स (Income tax) एक्सपर्ट की सलाह भी ली जा सकती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने अब अपने पोर्टल पर भी ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा शुरू की है। इस सुविधा से लोगों के लिए अपने टैक्स का भुगतान करना बहुत आसान हो जाएगा। ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा को हाल ही में शुरू किया गया है। आइए जानें इस सुविधा के बारे में विस्तार से। ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा क्या है?  टैक्स पे करने के लिए लोगों को आसानी हो, इसके लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने अपनी ऑफिशियल ऑनलाइन पोर्टल पर ‘ई-पे टैक्स’ (e-Pay Tax) फैसिलिटी शुरू की है। इससे यूजर आसानी से घर बैठे ही अपना टैक्स भर सकते हैं। इससे वो बैंक में लाइन्स और अन्य परेशानियों से बचेंगे और उनके समय की भी बचत होगी। इससे एक फायदा यह भी होगा कि वो इस फैसिलिटी से समय पर टैक्स भर पाएंगे। इससे यूजर अपने डेबिट कार्ड, यूपीआई, नेट बैंकिंग आदि से भुगतान कर सकते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो यह फैसिलिटी यूजर्स की सुविधा के लिए दी जा रही है ताकि यूजर बिना किसी प्रॉब्लम के अपना टैक्स भर सकें। ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा क्यों दी जा रही है? इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) यह सुविधा अपने यूजर्स को दे रहा है और इसके पीछे उनके कई उद्देश्य हैं, जैसे: इसे भी पढ़ें:- क्या आतंकी हमलों में पीड़ित परिवार को मिलता है इंशोरेंस? यह तो थी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) द्वारा दी जाने वाली ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) सुविधा के बारे में । उम्मीद है कि आने वाले समय में यह सुविधा बहुत फायदेमंद साबित होगी। इससे न केवल यूजर्ज को टैक्स (Tax) पे करने में आसानी होगी बल्कि वो समय पर इसका भुगतान कर पाएंगे। यही नहीं इससे टैक्स पे करने वाले लोग अपने टैक्स से सम्बन्धित पूरी जानकारी भी पा सकते हैं जिससे किसी भी तरह की गलती की संभावना कम होगी। इसके साथ ही ई-पे टैक्स (e-Pay Tax) से अधिक से लोग अपना टैक्स भर पाएंगे और इससे जुडी अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #incometax #e-PayTax #IncomeTaxDepartment #IncomeTaxreturn

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