US Military Attack Plan Leak: मैगजीन ने किया अमेरिकी सेना का पूरा का पूरा अटैक प्लान लीक, चैट के हर डिटले को छापा

किसी भी देश की सेना का प्लान बहुत ही सीक्रेट होता है। वह कब, किसपर और कहां अटैक करने जा रही है यह टॉप सीक्रेट होता है। ऐसे में यदि उसका सारा का सारा सीक्रेट यदि दुनिया के सामने लीक हो जाये तो? और तो और लीक करने वाला खुद ही राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार हो तो? जाहिर सी बात है यह बड़ी ही चिंता की बात होगी। दरअसल, अमेरिकी सेना की रणनीति सरेआम दुनिया के सामने उजागर (US Military Attack Plan Leak) हो गई है। हैरत की बात लीक करने वाल कोई औरनहीं , बल्कि खुद अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। जानकारी के मुताबिक उन्होंने अटालांटिक मैगजीन के चीफ एडिटर को ही उस मैसेज ग्रूप में जोड़ लिया था, जिसमें हमले को लेकर बातचीत हो रही थी। खैर, जबसे यह खबर आई है तब से हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस और कई शीर्ष अधिकारियों ने इस बात से इनकार करते हुए कहा है कि “15 मार्च को यमन में हूती उग्रवादियों पर हमले की योजना पर चर्चा करने वाले मैसेजिंग ग्रूप पर कोई क्लासिफाइड यानी सीक्रेट जानकारी शेयर नहीं की गई थी।” मजे की बात यह कि अटलांटिक मैगजीन ने स्क्रीनशॉट सहित पूरा का पूरा चैट ही शेयर कर दिया है। इस स्क्रीनशॉट में दिख रहा है कि अमेरिकी सेना की बमबारी शुरू होने से दो घंटे से अधिक समय पहले ही पत्रकार के पास हरेक जानकारी पहुंच चुकी थी।  उसे पहले ही पता था (US Military Attack Plan Leak) कि किस खास वक्त कहां से अमेरिका के लड़ाकू विमान भरने वाले हैं उड़ान  हालांकि अब मैगजीन ने जोर देकर कहा कि उसे पहले ही पता था (US Military Attack Plan Leak) कि किस खास वक्त कहां से अमेरिका के लड़ाकू विमान यमन के लिए उड़ान भर रहे थे। अगर मैगजीन की जगह किसी गलत हाथों में ये जानकारी चली जाती तो, यह अमेरिकी पायलटों और अन्य कर्मियों को और भी बड़े खतरे में डाल देती। जानकारी के मुताबिक अटलांटिक के एडिटर इन चीफ जेफरी गोल्डबर्ग को अनजाने में सिग्नल मैसेजिंग ऐप पर ग्रुप चैट में जोड़ लिया था। दरअसल, इस ग्रूप पर ही बमबारी की योजना पर चर्चा की जा रही थी। कथित तौर पर चैट में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव हेगसेथ, केंद्रीय खुफिया एजेंसी यानी सीआईए के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज, विदेश मंत्री मार्को एंटोनियो रुबियो, नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और अन्य शामिल थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 26 जनवरी (बुधवार) को द अटलांटिक ने एक नई रिपोर्ट छापी। इसमें मैगजीन ने पूरी चैट के डिटेल शेयर करने के पीछे का अपना तर्क समझाते हुए मैगजीन ने कहा कि “रक्षा सचिव हेगसेथ ने दावा किया है कि ग्रूप में कोई भी युद्ध की योजना नहीं लिख रहा था। जबकि ट्रंप और अन्य ने कहा था कि “यह कोई क्लासीफाइड जानकारी नहीं थी।” बस इसी को गलत साबित करने के लिए मैगजीन ने पूरी चैट ही छाप दी है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन कई प्रशासन के अधिकारियों ने दावे कि हम चैट के कंटेंट के बारे में झूठ बोल रहे (US Military Attack Plan Leak) हैं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैगजीन ने कहा कि “हेगसेथ, गब्बार्ड, रैटक्लिफ और ट्रंप के बयानों के साथ-साथ कई प्रशासन के अधिकारियों ने दावे कि हम चैट के कंटेंट के बारे में झूठ बोल रहे (US Military Attack Plan Leak) हैं। इसने हमें यह विश्वास दिलाया है कि लोगों को अपने निष्कर्षों तक पहुंचने के लिए पूरे टेक्स्ट को खुद देखना चाहिए। ट्रंप के सलाहकारों ने गैर-सुरक्षित संचार चैनलों में जिस तरह की जानकारी शामिल की है, उसका खुलासा करने में एक स्पष्ट सार्वजनिक रुचि है, खासकर क्योंकि वरिष्ठ प्रशासन के लोग शेयर किए गए मैसेज के महत्व को कम करने का प्रयास कर रहे हैं।” इस पूरे मामले पर मैगजीन ने कहा कि “एक्सपर्ट्स ने उन्हें बार-बार बताया था कि ऐसी संवेदनशील चर्चाओं के लिए सिग्नल चैट का उपयोग करना “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है” और बताया कि गोल्डबर्ग को बमबारी शुरू होने से दो घंटे पहले हमलों की जानकारी मिली थी।” Latest News in Hindi Today Hindi news  #USMilitaryLeak #SignalAppBreach #NationalSecurity #YemenOperation #HouthiTarget #PentagonLeak #DefenseDepartment #MilitaryIntelligence #InformationSecurity #JournalistInclusion​

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KKR Beats RR by 8 Wickets in IPL 2025 Match 6 | Highlights

KKR won by 8 wicket: आईपीएल 2025 के छठे मुकाबले में केकेआर ने राजस्थान रॉयल्स को दी 8 विकेट से मात

बुधवार को गुवाहाटी में कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए आईपीएल 2025 के छठे मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स को हार का (KKR won by 8 wicket) मुंह देखना पड़ा। मैच में टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी राजस्थान रॉयल्स की टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 151 रन ही बना सकी। केकेआर की सधी हुई गेंदबाजी के सामने राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज बेबस नजर आये। राजस्थान की तरफ से ध्रुव जुरेल सबसे अधिक 33 रन बनाये। तो वहीं यशस्वी जायसवाल ने 29 रन बनाए। बात करें केकेआर के गेंदबाजों की तो हर्षित राणा, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती और मोईन अली ने 2-2 विकेट लिए, तो वहीं स्पेंसर जॉनसन ने 1 विकेट झटके। इसके जवाब में कोलकाता ने क्विंटन डिकॉक के नाबाद 97 रन की बदौलत 2.3 ओवर पहले ही 2 विकेट खोकर आसान से लक्ष्य को हासिल कर लिया। गौर करने वाली बात यह कि आईपीएल के इस सीजन में कोलकाता की यह पहली जीत है।  8 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन में अपनी पहली (KKR won by 8 wicket) जीत दर्ज की लक्ष्य का पीछा करने उतरी  केकआर के क्विंटन डिकॉक ने 61 गेंदों में सर्वाधिक 97 बनाए। डिकॉक ने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के जड़े। तो और अंगकृष रघुवंशी ने 17 गेंदों में 22* रन बनाए। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने 18 (15) रन की बनाए। इस तरह अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता नाइट राइडर्स ने राजस्थान रॉयल्स को गुवाहाटी में खेले गए मुकाबले में 8 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन में अपनी पहली (KKR won by 8 wicket) जीत दर्ज की। बता दें कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुवाहाटी में खेले जा रहे मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। दोनों टीमें एक-एक बदलाव के साथ मैच में उतरी हैं। केकेआर की टीम में सुनील नरेन की जगह मोईन अली को जगह मिली है। वहीं राजस्थान रॉयल्स की एकादश में फज़लहक फारूकी की जगह वनिंदु हसरंगा को शामिल किया। बेशक केकेआर की इस जीत के प्रशंसक का उत्साह सातवें आसमान पर है।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात  बात करें दोनों टीमों के प्लेइंग-11 की तो…(KKR won by 8 wicket)  कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग-11: क्विंटन डी कॉक, वेंकटेश अय्यर, अजिंक्य रहाणे, रिंकू सिंह, मोईन अली, आंद्रे रसेल, रमनदीप सिंह, स्पेंसर जॉनसन, वैभव अरोड़ा, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती। राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग-11: यशस्वी जयसवाल, संजू सैमसन,नीतीश राणा, रियान पराग, ध्रुव जुरेल, शिमरॉन हेटमायर, वनिंदु हसरंगा, जोफ्रा आर्चर, महीश तीक्ष्णा, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 KKR won by 8 wicket #KKRvsRR #KKR #IPL2025 #RRvsKKR #KolkataKnightRiders #RajasthanRoyals #CricketMatch #T20Cricket #IPLUpdates #CricketFans

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Samsung Galaxy A26 5G

सैमसंग गैलेक्सी A26 5G भारत में लॉन्च: जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

सैमसंग (Samsung) एक प्रसिद्ध कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, और घरेलू उपकरणों को बनाती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन (Smartphone) निर्माता कंपनियों में से एक है। इस कंपनी के स्मार्टफोन (Smartphone) अपने डिजाइन, गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए जाने जाते हैं। सैमसंग (Samsung) समय-समय पर अपने नए फोन लांच करती रहती है। इन्ही में से एक सीरीज है सैमसंग गैलेक्सी। यह फोन स्मार्टफोन (Smartphone) एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं और विभिन्न प्रकार की विशेषताओं और सुविधाओं के साथ आते हैं, जैसे कि टचस्क्रीन डिस्प्ले, कैमरा, वाई-फाई कनेक्टिविटी आदि। हाल ही में भारत में सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) को लांच किया गया है, जो किफायती होने के साथ-साथ अपने फीचर्स के लिए चर्चा में है। आइए जानें सैमसंग के इस नए फोन के बारे में विस्तार से। भारत में सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) : पाएं जानकारी भारत में सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) स्मार्टफोन में यूजर्स को सर्कल टू सर्च, एआई सेलेक्ट, ऑब्जेक्ट इरेजर और अन्य जैसी कई एआई सुविधाएं मिलेंगी। इन सुविधाओं में एएमओएलईडी डिस्प्ले, एक्सिनॉस 1380 प्रोसेसर और 50एमपी ओआईएस कैमरा शामिल हैं। इसके अलावा यह फोन वाटर और डस्ट प्रूफ भी है। इस स्मार्टफोन (Smartphone) में कई फीचर्स हैं। भारत में हाल ही ले लांच हुए सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) के फीचर्स के बारे में जानें:  डिजाइन सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) आपके रोजाना के कार्यो को स्मार्ट और आसान बनाने में फायदेमंद है। इसमें कई अच्छी फैसिलिटीज हैं। इसका प्रीमियम ग्लास बैक डिजाइन है और इसकी मोटाई केवल 7.7mm है। जिससे इसे पकड़ना अन्य मॉडल्स की तुलना में आसान है। यह मोटाई सैमसंग (Samsung) के अन्य स्मार्टफोन्स की तुलना में कम है। सैमसंग गैलेक्सी A26 5G का डिस्प्ले सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) का सुपर एएमओएलईडी डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ उपलब्ध है, जिससे इसका इस्तेमाल अपने आप में अनोखा अनुभव है। इससे यूजर्स के लिए वीडियो देखना, गेमिंग आदि का अनुभव बेहतरीन बनता है। यानी, हर उम्र के यूजर के लिए यह एक अच्छा स्मार्टफोन (Smartphone) है। सैमसंग गैलेक्सी A26 5G परफॉरमेंस सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) में एक्सिनॉस 1380 प्रोसेसर है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन है।  सैमसंग गैलेक्सी A26 5G कैमरा इस फोन में 50एमपी ओआईएस मैन कैमरा, 8एमपी अल्ट्रावाइड शूटर लैंडस्केप और आउटडोर कैप्चर करने के लिए 2एमपी मैक्रो लेंस क्लोज़-अप शॉट्स के लिए है। सेल्फी के लिए इसमें13एमपी फ्रंट कैमरा भी है। यही नहीं, इस फोन में 5000mAh बैटरी है जो फास्ट चार्जिंग करता है और एक बार चार्ज करने पर पूरा दिन यह फोन डिस्चार्ज नहीं होता। इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? सैमसंग गैलेक्सी A26 5G सेफ्टी सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस है, जो स्क्रैच से बचाता है। सैमसंग (Samsung) ने पहली बार गैलेक्सी ए सीरीज पर वन यूआई 7.0 को इंटेग्रेट किया है। सैमसंग (Samsung) नॉक्स वॉल्ट सुरक्षा की एक लेयर जोड़ता है, और फोन में चोरी का पता लगाने और नॉक्स मैट्रिक्स जैसी सिक्योरिटी फीचर्स मौजूद हैं। इसके साथ ही यह फोन चार रंगों में उपलब्ध है पीच, मिंट, सफेद और काला। आप इनमे से अपनी पसंद के फोन को खरीद सकते हैं। अगर बात की जाए इस स्मार्टफोन (Smartphone) की कीमत की, तो 8GB रैम/128GB स्टोरेज वाले फोन की कीमत 22,999 रुपये है जबकि 8GB/256GB वेरिएंट के लिए यह कीमत 25,999 रुपये हैं। सैमसंग गैलेक्सी A26 5G (Samsung Galaxy A26 5G) को आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीद सकते हैं। आपको इनमे कुछ छूट और ऑफर भी मिल सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Samsung Galaxy A26 5G #SamsungGalaxyA26-5G #SamsungGalaxyA26 #SamsungGalaxy #Samsung

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Rahul Gandhi Accuses Govt No Space for Opposition in LS

Rahul Gandhi accusation: राहुल गांधी का बड़ा आरोप, ‘मुझे’ लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा,सदन में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है

यूपी के रायबरेली से कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद में बोलने का मौका न देने का आरोप (Rahul Gandhi accusation) लगाया। लोकसभा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कार्यवाही अलोकतांत्रिक तरीके से चल रही है। इस बीच उन्होंने दावा किया कि “प्रमुख मुद्दों को उठाने के उनके बार-बार अनुरोधों को नजरअंदाज किया गया। पुरे मामले पर उनका कहना है कि “लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन इस सदन में विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं है।” इस पर आगे बोलते हुए राहुल गांधी ने आगे कहा कि “एक परंपरा है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने दिया जाता है। मैं जब भी खड़ा होता हूं तो मुझे बोलने नहीं दिया जाता। यहां हम जो कहना चाहते हैं, हमें कहने नहीं दिया जाता है। मैंने कुछ नहीं किया, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था। लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष की जगह होती है, लेकिन यहां विपक्ष की कोई जगह नहीं है। यहां सिर्फ सरकार की जगह है। उस दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ मेले के बारे में बोला, जिसमें मैं अपनी बात जोड़ना चाहता था। मैं बेरोजगारी के बारे में कुछ कहना चाहता था, लेकिन मुझे नहीं बोलने दिया गया।” राहुल गांधी ने बिल्कुल सही (Rahul Gandhi accusation) कहा है- शत्रुघ्न सिन्हा राहुल गांधी के बयान पर टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि “राहुल गांधी ने बिल्कुल सही (Rahul Gandhi accusation) कहा है। राहुल गांधी हमारे नेता प्रतिपक्ष हैं, वे हम सभी के नेता हैं। ,ऐसा पहले भी हुआ है कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और आज भी ऐसा ही हुआ है। यह बहुत निंदनीय बात है। मैं अध्यक्ष की बहुत इज्जत करता हूं, मगर मुझे नहीं पता कि उन पर क्या दबाव है? विपक्ष में एक से बढ़कर एक दमदार नेता हैं।” यही नहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी सरकार पर संसदीय परंपराओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। गौरव गोगोई ने अपनी बात रखते हुए कहा कि “संसदीय परंपराएं सिखाती हैं कि सदन जितना सत्ता पक्ष का है, उतना ही विपक्ष का भी है। जब भी विपक्ष के नेता सदन में आते हैं और सदन में अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो उन्हें नियम दिखाकर लोगों के मुद्दे उठाने के उनके अधिकार से वंचित किया जाता है। अगर सरकार का कोई मंत्री, कोई बीजेपी सांसद, बस खड़ा हो जाता है, तो उनका माइक चालू हो जाता है और उन्हें बोलने का मौका मिल जाता है।” इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? सांसदों से सदन की मर्यादा और शालीनता के उच्च मानदंडों को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है- ओम बिरला  तो वहीं, लोकसभा में स्पीकर ने सांसदों के आचरण को लेकर नसीहत दी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आपसे सदन की मर्यादा और शालीनता के उच्च मानदंडों को बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।” मेरी जानकारी में ऐसे कई मामले हैं, जब सांसदों का आचरण सदन की मर्यादा और परंपराओं के उच्च मानदंडों को बनाए रखने के अनुरूप नहीं था। पिता, पुत्री, माता, पत्नी और पति इस सदन के सदस्य रहे हैं। इसलिए, इस संदर्भ में मैं विपक्ष के नेता से नियमों के अनुसार आचरण करने की अपेक्षा करता हूं। विपक्ष के नेता से विशेष रूप से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपना आचरण बनाए रखें।” दरअसल दो दिन पहले राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी के साथ अजीब अभिवादन किया (Rahul Gandhi accusation) था। इस पर स्पीकर की तीखी प्रक्रिया सामने आई थी।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Rahul Gandhi accusation #RahulGandhi #LokSabha #IndianPolitics #OppositionVoice #Democracy #CongressParty #BJPVsCongress #ParliamentDebate #PoliticalCrisis #SpeakUp

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ATM Withdrawal Fees to Increase from May 1, 2025​

1 मई 2025 से ATM से पैसे निकालना हो सकता है महंगा, लेकिन क्यों? 

आज के डिजिटल वर्ल्ड में एटीएम (ATM) का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लोग जब भी पैसों की जरूरत महसूस करते हैं, तो सबसे पहले एटीएम का रुख करते हैं। बैंक में लंबी लाइन लगने के बजाय 24×7 उपलब्ध एटीएम से आसानी से पैसे निकाल लेते हैं। लेकिन अब यह सुविधा भी थोड़ी महंगी होने वाली है। दरअसल 1 मई 2025 से एटीएम से कैश निकालने पर ज्यादा फी देना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि नए नियमों के तहत ATM से बार-बार पैसे निकालना कितना कॉस्टली होगा। कैश निकालने पर बढ़ेगी फी  अब तक बैंक अपने ग्राहकों को हर महीने एक निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन (Free Transaction) की सुविधा देते थे। यदि कोई ग्राहक इस निर्धारित सीमा से अधिक पैसे निकालता है, तो उसे अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। अब नई रिपोर्ट के अनुसार एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज (ATM Transaction Charge) बढ़ाने का फैसला भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा लिया गया है। अभी तक एक अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर बैंक 17 रुपये शुल्क लेता था, लेकिन अब यह बढ़कर 19 रुपये हो जाएगा। कब से लागू होंगे नए नियम? नए एटीएम शुल्क 1 मई 2025 से लागू होने की संभावना है। सिर्फ कैश निकालने पर ही नहीं, बल्कि बैलेंस चेक करने और मिनी स्टेटमेंट निकालने पर भी चार्ज बढ़ सकता है। वर्तमान में, इन सेवाओं पर 6 रुपये शुल्क लिया जाता है, जिसे बढ़ाकर 7 रुपये किया जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि बैलेंस चेक करने पर भी कटते हैं पैसे? कई लोग एटीएम (ATM) में जाकर बार-बार अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं या मिनी स्टेटमेंट (Mini Statement) निकालते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इसके लिए भी शुल्क लिया जाता है। ऐसे में बिना सोचे-समझे बार-बार एटीएम का उपयोग करना अब जेब पर भारी पड़ सकता है। एक महीने में कितनी ट्रांजेक्शन फ्री? बैंकों ने ग्राहकों को कुछ निश्चित संख्या में फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा दी हुई है। स्वयं के बैंक के एटीएम से: ग्राहक प्रत्येक महीने तीन बार तक बिना किसी शुल्क के पैसे निकाल सकते हैं। अन्य बैंकों के एटीएम से: यदि आप अपने बैंक के एटीएम (ATM) के अलावा किसी अन्य बैंक के एटीएम का उपयोग करते हैं, तो केवल तीन बार तक मुफ्त निकासी की अनुमति होती है। इसके बाद इंटरचेंज फीस (Interchange Fees) देनी होती है। इसे भी पढ़ें:- क्या है अटल कैंटीन योजना? बढ़ते शुल्क का असर आम जनता पर बढ़ते एटीएम चार्ज (ATM Charge) का असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो बार-बार नकद पैसे निकालते हैं। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि लोग ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) का अधिक इस्तेमाल करें। अगर आप एटीएम चार्ज (ATM Charge) से बचना चाहते हैं, तो डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे यूपीआई, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का अधिक उपयोग करें। यह न सिर्फ आपके समय की बचत करेगा, बल्कि आपको अतिरिक्त चार्ज से भी बचाएगा।  1 मई 2025 से एटीएम से पैसे निकालने और अन्य सेवाओं पर बढ़े हुए शुल्क लागू हो सकते हैं। अब हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 19 रुपये और बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने पर 7 रुपये का शुल्क देना होगा। ऐसे में बेवजह एटीएम का उपयोग करने से बचें और डिजिटल ट्रांजेक्शन की ओर रुख करें, ताकि आपका पैसा बच सके। Latest News in Hindi Today Hindi News   #ATMWithdrawalCharges #RBIInterchangeFee #ATMFees2025 #BankingUpdates #CashWithdrawalCost #ATMTransactionFees #ReserveBankOfIndia #FinancialNews #BankCharges #DigitalBanking

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Newborn Deaths Rising The Tragic Reality of Abandoned Babies

Newborns Found Dead: आखिर क्यों दम तोड़ रही है माँ की ममता, एक के बाद एक कई जगह मिले नवजात शिशुओं के शव

बच्चे भगवान का रूप होते हैं। इस दुनिया में एक तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो एक अदद संतान के लिए पूजास्थलों से लेकर अस्पतालों की ठोकरे खा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने जिगर के टुकड़े को जन्म देने के बाद लावारिस मरने के (Newborns Found Dead) लिए छोड़ दे रहे हैं। कहने की जरूरत नहीं, मासूम बच्चों को रोता देखकर दिल दहल जाता है। ऐसे में यदि मासूमों को मां की गोद के बजाय यदि उन्हें लावारिस स्थानों पर दम तोड़ने के लिए छोड़ दिया जाए तो क्या कहिएगा। पिछले कई दिनों से देश के विभिन्न इलाकों से एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से मिले नवजात बच्चों के शवों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वो कौन कलयुगी माँ है, जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को इस कदर मरने के लिए छोड़ दिया? आखिर किस मजबूरी के चलते यह कदम उठाना पड़ा?  मुंबई एयरपोर्ट के टॉयलेट में मिली (Newborns Found Dead) एक नवजात शिशु की लाश  दरअसल, मंगलवार रात करीब 10:30 बजे मुंबई एयरपोर्ट के टॉयलेट में एक नवजात बच्चे की लाश (Newborns Found Dead) मिली। बच्चे की लाश टॉयलेट के डस्टबिन में पड़ी थी। तभी वहां से गुजार रहे एयरपोर्ट के एक सुरक्षाकर्मी की नजर नवजात बच्चे पर पड़ी। इसके बाद आनन-फानन में नजदीकी पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बच्चे को अपने कब्जे में लेकर हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। इस बीच डॉक्टर ने चेक करते ही नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मुंबई की सहार पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच में जुट गई है। ये बच्चा किसने फेंका, मुंबई पुलिस इसकी तलाश में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुट गई है कि इस बच्चे को डस्टबीन में किसने रखा? इसके लिए पुलिस एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की खाक छान रही है। इसके अलावा उस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।   पुणे में प्लास्टिक की जार में मिला (Newborns Found Dead) 7 नवजात शिशुओं का शव मुंबई के बाद इसी तरह की एक घटना महाराष्ट्र के पुणे जिले से भी प्रकाश में आई। खबर के मुताबिक पुणे स्थित दौंड कस्बे के बोरावकेनगर इलाके में कचरे के ढेर में 6 से 7 नवजात शिशुओं के शव (Newborns Found Dead) मिले हैं। दरअसल, मंगलवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि बोरावकेनगर में प्राइम टाउन के पीछे कचरे के ढेर में नवजात शिशु और मानव अवशेष मिले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बताया कि उन्हें 6-7 नवजात शिशु मिले। वे प्लास्टिक के जार में भरकर फेंके गए थे। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन शिशुओं को यहां कौन और क्यों फेंक गया। फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। दरअसल, एक शख्स सुबह टहलने निकला था, तभी उसकी नजर कूड़े के ढेर पर पड़ी। उसे कचरे के ढेर में नवजात शिशुओं के शव दिखे। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फिलहाल पुलिस ने इन शवों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस इसे गर्भपात के मामले से भी जोड़कर देख रही है। इस घटना के बाद इलाके के लोग हैरान हैं कि कोई भला ऐसा कैसे कर सकता है? ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाले ‘कपलर’ पर मिला (Newborns Found Dead) नवजात शिशु का शव  आपको जानकर हैरत होगी कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास खड़ी ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ने वाले कपलर पर एक नवजात शिशु का शव (Newborns Found Dead) मिला था। बच्चे का शरीर खून से लथपथ था। उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी। पुलिस के मुताबिक पहली नजर में देखकर ऐसा लगा मानो, नवजात को जन्म के तुरंत बाद ही उसे वहां फेंक दिया गया था। पुलिस के मुताबिक नवजात का शव रेलवे स्टेशन के पास राजधानी कॉम्प्लेक्स में खड़ी ट्रेन के दो डिब्बों के बीच कपलर पर पड़ा मिला था। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) को शव मिलने के बाद पुलिस की एक टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शिशु को सावधानीपूर्वक निकालकर कलावती अस्पताल भेजा दिया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या ऑनलाइन वीडियो देखकर खुद डिलीवरी की और नवजात बच्ची को जिंदा (Newborns Found Dead) कूड़ेदान में फेंका  ऐसी ही दिल दहलाने वाली घटना उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से भी आई। सीतापुर के वामहमूदपुर गांव के मजरा हाता में देवस्थान के पास एक नवजात का शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया। पुलिस यह  पता लगाने में जुट है कि बच्चे की मां कौन थी और उसे वहां क्यों छोड़ा? यही नहीं, कुछ इसी तरह की एक घटना कर्नाटक के बेलगावी जिले में भी घटी। जहां कूड़ेदान में एक नवजात का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पाकर जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखा कि नवजात का शव एक कूड़ेदान पड़ा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल में भेज दिया। और आगे की पड़ताल में जुट गई। इस बीच पुलिस सोमवार को एक जोड़े को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक़ 31 वर्षीय महाबालेश कामोजी 22 वर्षीय सिमरन उर्फ मुस्कान पिछले तीन साल से रिश्ते में थे। किट्टूर के पास अबादगट्टी गांव के रहने वाले इस जोड़े का लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। उन्होंने पारिवारिक विरोध के बावजूद शादी करने का फैसला किया था।  अपनी मौजमस्ती को ज़माने से छुपाने के लिए नवजातों शिशुओं का घोंट रहे हैं गला  खैर, इस बीच शादी हो पाती कि इससे पहले ही मुस्कान गर्भवती हो गई। पुलिस के मुताबिक मुस्कान के परिवार को उसकी गर्भावस्था की भनक तक नहीं लगी। इस दरम्यान 5 मार्च को अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई और उसने अकेले बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया। पुलिस अधीक्षक भीमाशंकर गुलेद ने बताया कि “मुस्कान ने ऑनलाइन वीडियो देखकर खुद… Read More

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Donald Trump’s Big Change in US Voting System Revealed

Donald Trump voting changes: अमेरिका में वोट देने के तरीके में यह बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप  

अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक चौंकाने वाले फैसले ले रहे हैं। इसी कड़ी में उन्होंने मंगलवार (25 मार्च) को अमेरिका में होने वाले चुनावों में व्यापक बदलाव की मांग वाले आदेश पर हस्ताक्षर किए। दरअसल, ट्रंप ने वहां के फेडरल चुनावों (केंद्रीय) में वोटिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट प्रूव देना अनिवार्य (Donald Trump voting changes) कर दिया है। यानी जिस तरह भारत में हम मतदान के समय आधार कार्ड या वोटर कार्ड जैसे आधिकारिक आईडी प्रूव देते हैं। ठीक उसी तरह अब अमेरिकी नागरिकों को भी अपनी आईडी प्रूफ दिखाना होगा। आईडी प्रूफ दिखाने के बाद ही वो वोट डालने हेतु रजिस्टर कर सकेगा। इस बीच भारत और कुछ अन्य देशों का हवाला देते हुए इस आदेश में कहा गया है कि “अमेरिका, स्वशासन वाले अग्रणी देश होने के बावजूद, आधुनिक, विकसित और विकासशील देशों द्वारा उपाय में लाए जाने वाले बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा को लागू करने में विफल रहा है। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “उदाहरण के लिए, भारत और ब्राजील मतदाता पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ रहे हैं, जबकि अमेरिका नागरिकता के लिए यह काफी हद तक स्व-सत्यापन पर ही निर्भर है।” अब अमेरिकी मतदाताओं को देना होगा नागरिकता का सबूत (Donald Trump voting changes) प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब मतदाताओं को नागरिकता का सबूत डॉक्यूमेंट फॉर्म में देना होगा। जैसे अमेरिकी पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि “राज्यों को अपनी मतदाता सूची और मतदाता सूची के रखरखाव के रिकॉर्ड को समीक्षा के लिए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग और सरकारी दक्षता विभाग (डीओजी) को सौंप देना चाहिए। इस बीच आदेश में चुनाव के दिन तक वोट डालने और उसे प्राप्त करने को आवश्यक बताया गया है। कहा गया है कि फेडरल फंडिंग उस समय सीमा के राज्य अनुपालन पर सशर्त होनी चाहिए। इसके अलावा आदेश में चुनाव सहायता आयोग को चुनावी अखंडता की रक्षा के उद्देश्य से वोटिंग सिस्टम के लिए अपने दिशानिर्देशों में संशोधन करने का निर्देश दिया गया। जानकारी के मुताबिक इसमें यह मार्गदर्शन शामिल होगा कि वोटिंग सिस्टम को उन मतपत्रों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए जो मतगणना प्रक्रिया में बारकोड या क्यूआर कोड का उपयोग करते हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप के आदेश में विदेशी नागरिकों को अमेरिकी चुनाव में योगदान देने या चंदा देने पर भी रोक लगा दी गई है।  इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन कई अमेरिकी चुनावों में मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान करने की है सुविधा (Donald Trump voting changes) बता दें कि आदेश में डेनमार्क और स्वीडन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये देश व्यक्तिगत रूप से मतदान करने में असमर्थ लोगों के लिए मेल-इन वोटिंग को समझदारी से सीमित करते हैं और पोस्टमार्क की तारीख की परवाह किए बिना देर से आने वाले वोटों की गिनती नहीं करते हैं, लेकिन कई अमेरिकी चुनावों में अब मेल द्वारा बड़े पैमाने पर मतदान की सुविधा है (Donald Trump voting changes)। कई अधिकारी बिना पोस्टमार्क वाले या चुनाव की तारीख के बाद प्राप्त मतपत्रों को स्वीकार करते हैं। जनवरी में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस को पटखनी देकर सत्ता में लौटे राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि “धोखाधड़ी, त्रुटियों या संदेह से मुक्त स्वतंत्र, निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव हमारे संवैधानिक गणतंत्र को बनाए रखने के लिए मौलिक हैं।” इस बीच ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी नागरिकों का अपने वोटों को अवैध रूप से कमजोर किए बिना उचित ढंग से गिनती और सारणीबद्ध करने का अधिकार, चुनाव के असली विजेता का निर्धारण करने के लिए महत्वपूर्ण है।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump voting changes #DonaldTrump #USVoting #Election2024 #TrumpPolicies #VotingChanges #TrumpCampaign #USElections #BallotReform #TrumpNews #VotingRights

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Breast Cancer

नैनोटेक्नोलॉजी का कैंसर पर हमला! ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई उम्मीद

ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें असमान्य ब्रेस्ट सेल्स अनियंत्रित रूप से ग्रो होते हैं और ट्यूमर का रूप ले लेते हैं। अगर इसकी सही जांच न हो पाए ,तो यह ट्यूमर पूरे शरीर में फैल जाता है और घातक हो सकता है। ब्रेस्ट कैंसर सेल्स की शुरुआत मिल्क डक्ट्स के मिल्क प्रोड्यूसिंग लोब्यूल्स के अंदर होती हैं।  ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) के इलाज के कई विकल्प हैं और यह मरीज की उम्र, हेल्थ, कैंसर टाइप आदि पर निर्भर करते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी यह बताती है कि नैनोटेक्नोलॉजी में एक महत्वपूर्ण सफलता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में सुधार कर सकती है। आइए जानें नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर: पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार स्किन कैंसर के बाद ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) महिलाओं में होने वाला सामान्य कैंसर है। लेकिन ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को नहीं होता बल्कि यह समस्या पुरुषों को भी हो सकती है। हर कोई कुछ ब्रेस्ट टिश्यूज के साथ पैदा होता है इसलिए यह समस्या किसी को भी हो सकती है। यह एक गंभीर समस्या है। जैसा कि पहले ही बताया गया है ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) एक गंभीर समस्या है और इसके उपचार के कई विकल्प मौजूद हैं। इसके लिए शोधकर्ता ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अभी मौजूद ट्रीटमेंट को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नेक्स्ट जनरेशन नैनोपार्टिकल्स को डेवलेप कर रहे हैं। ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) इस रोग का सबसे घातक रूप है। अब जानिए नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) के बारे में। नैनोटेक्नोलॉजी और ब्रेस्ट कैंसर के बारे में स्टडी (Study on nanotechnology and breast cancer) ऑस्ट्रेलिया में वैज्ञानिक एक नए और एडवांस तरीके से ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य इस खतरनाक बीमारी के खिलाफ शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए नए नैनोपार्टिकल्स बनाना है। ये नैनोपार्टिकल्स बहुत छोटे हैं। इन नैनोपार्टिकल्स को शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने और कैंसर सेल्स को पहचानने और हमला करने में मदद करने के लिए बनाया किया गया है। इस शोध को 3 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के ग्रांट से सपोर्ट मिला है और यह ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के अलावा अन्य मुश्किल इलाज योग्य कैंसर के इलाज में भी मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह रिसर्च ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर (Triple-Negative Breast Cancer) के इलाज में बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि वे इस खतरनाक बीमारी का जल्दी प्रभावी इलाज विकसित कर सकते हैं। यह इलाज उन महिलाओं के लिए आशा की किरण हो सकता है, जो इस बीमारी का सामना कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: मां बनने की उम्र का लग सकता है अंदाजा: अब एक टेस्ट से पता चलेगा महिला के शरीर में कितने एग बचे हैं? क्या ब्रेस्ट कैंसर से बचाव संभव है? हालांकि, ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) से बचाव संभव नहीं है, लेकिन इसके डेवलेप होने के रिस्क को कम किया जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच और मैमोग्राम्स जरुरी है ताकि ब्रेस्ट कैंसर का जल्दी निदान हो सके। लेकिन, कुछ अन्य तरीकों से इसके रिस्क को कम किया जा सकता है: कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का जोखिम इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि उनके परिवार के सदस्यों को यह बीमारी है या इसका कारण जेनेटिक म्युटेशन है। अगर आपकी स्थिति भी ऐसी ही है, तो आपको निम्नलिखित बातों पर विचार करना चाहिए: अगर आपको ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) का अधिक खतरा है, तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात करें ताकि जल्दी निदान या बचाव की संभावनाओं को बढ़ाया जा सके।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Breast Cancer #Studyonnanotechnologyandbreastcancer #Triple-NegativeBreastCancer #breastcancer #cancer

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Yuzvendra Chahal and Dhanashree Verma Divorce

Yuzvendra Chahal divorce reason: क्या इस वजह से हुआ युजवेंद्र चहल का तलाक?

20 मार्च, 2025 को भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और कोरियोग्राफर धनाश्री वर्मा ने आधिकारिक तौर पर तलाक ले लिया। इस तलाक से उनके फैंस चौंक गए। युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा के फैन्स तब चौंक गए जब उनके तलाक की खबरें पहली बार सुर्खियों में आईं थी। हालांकि शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के अलग-अलग रहने की अफवाहें फैलने लगी थी। बता दें कि दिसंबर 2020 में युजवेंद्र चहल और धनाश्री वर्मा ने गुड़गांव में एक इंटिमेट सेरेमनी में शादी की थी। शादी के कुछ ही महीनों बात दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। शुरूआती अफवाहों के बीच उनके फैंस को यकीन नहीं हो रहा था कि शादी के साल भीतर ही दोनों के बीच अलग रह रहे हैं। खैर, इस बीच उनके बीच तलाक की लेने की अफवाहों ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया। मार्च 2025 में, सेलेब्स ने ऑफीशियली तलाक ले लिया। तलाक के बाद बड़ा सवाल यह कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसके चलते दोनों ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से अलग होने का फैसला (Yuzvendra Chahal divorce reason) किया। इस बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि दोनों ने एक दूसरे को चीट किया तो कुछ का मानना है कि चहल ने धनश्री के साथ गलत किया तो कुछ धनश्री को दोषी ठहरा रहे हैं।  मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का था मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण खैर इस बीच वरिष्ठ पत्रकार विक्की लालवानी ने कपल के अलग होने की असली वजह के बारे में बताया। दरअसल, विक्की लालवानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि चहल और वर्मा अपनी पर्सनैलिटी में अंतर की वजह से एक साथ नहीं रहा करते थे। लेकिन इस बीच जब धनाश्री ने युजवेंद्र से हरियाणा से हमेशा के लिए मुंबई जाने को कहा तो चीजें बिगड़ गईं। लालवानी के मुताबिक, शादी के बंधन में बंधने के बाद दोनों हरियाणा स्थित यजुवेंद्र चहल के माता-पिता के साथ रहने लगे थे। हालाँकि इस दरम्यान अक्सर मुंबई आया-जाया करते थे। लेकिन यह पर्याप्त नहीं था। लालवानी ने अपनी पोस्ट में कहा कि “मुंबई-हरियाणा का यह झगड़ा इस शादी के टूटने का एक मुख्य (Yuzvendra Chahal divorce reason) कारण था।, क्योंकियजुवेंद्र चहल ने साफ किया था कि “वह अपने माता-पिता के घर और आस-पास के माहौल से खुद को अलग नहीं करेंगे।” हालांकि रिपोर्ट में साफ तौर से कहा गया था कि यह कपल तलाक लेने जा रहा है। लेकिन इस खबर की पुष्टि तब हुई जब दोनों को तलाक की सुनवाई के लिए अपनी कानूनी टीम के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट में देखा गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल के पांचवे मुकाबले में पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटंस को दी 11 रनों से मात  अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है, अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं (Yuzvendra Chahal divorce reason) बता दें कि इससे पहले, बॉम्बे हाई कोर्ट ने उन्हें छह महीने की कूलिंग-ऑफ ड्यूरेशन से छूट दे दी थी। इसलिए अंतिम सुनवाई 20 मार्च, 2025 को हुई। इसके पीछे का बड़ा कारण यह कि चहल आईपीएल 2025 में हिस्सा लेने के चलते 21 मार्च, 2025 से व्यस्त रहेंगे। कार्यवाही के बाद चहल के वकील नितिन कुमार गुप्ता ने दोनों के तलाक की पुष्टि (Yuzvendra Chahal divorce reason) की। तलाक की पुष्टि करते हुए चहल के वकील ने कहा कि “अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका स्वीकार कर ली है। अब दोनों पति-पत्नी नहीं हैं।” हालांकि बार और बेंच ने यह भी बताया कि “भारतीय क्रिकेटर अपनी अलग हो चुकी पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में 4.75 करोड़ रुपये देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yuzvendra Chahal divorce reason #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #YuzvendraChahal #DhanashreeVerma​ #DhanashreeDivorce​#YuzvendraDhanashree​

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Vinayak Chaturthi 2025

Vinayak Chaturthi 2025: जानें तिथि, पूजा विधि और इस दिन का महत्व

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का विशेष महत्व है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। विनायक चतुर्थी हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में विनायक चतुर्थी 26 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तगण गणेश जी (Lord Ganesha) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 26 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त 2025 को रात 10:15 बजे से होगा और इसका समापन 26 अगस्त 2025 को रात 08:32 बजे तक होगा। इस दिन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का व्रत रखा जाता है और शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना की जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का महत्व विनायक चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी। गणेश जी (Ganesh Ji) को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी की पूजा विधि विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी (Ganesh Ji) की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति को लाल कपड़े पर स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली और चंदन से सजाएं। गणेश जी को मोदक, लड्डू और अन्य मिष्ठान्न का भोग लगाएं। इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। पूजा के बाद गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करना भी आवश्यक होता है। विसर्जन के समय भक्तगण “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” का जाप करते हैं और गणेश जी से अगले वर्ष फिर से आने का आग्रह करते हैं। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? विनायक चतुर्थी व्रत कथा विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) के दिन व्रत कथा सुनने और पढ़ने का भी विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान करने से पहले अपने शरीर के मैल से एक बालक की रचना की और उसे अपना द्वारपाल बना दिया। उन्होंने बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। जब भगवान शिव वहां आए तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर क्रोधित होकर भगवान शिव ने बालक का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला तो वे बहुत दुखी हुईं। भगवान शिव ने उन्हें खुश करने के लिए एक हाथी के बच्चे का सिर बालक के धड़ पर लगा दिया और उसे जीवित कर दिया। इस तरह गणेश जी का जन्म हुआ और उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य का दर्जा मिला। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व विनायक चतुर्थी न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर गणेश जी की पूजा करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक के माध्यम से गणेश जी की महिमा का गुणगान किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Vinayak Chaturthi 2025 #VinayakChaturthi #VinayakChaturthi #HinduFestival #Ganeshji

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