Chanakya Niti

चाणक्य नीति के अनुसार किन जगहों पर जाने से बढ़ सकती मुसीबत?

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) भारतीय इतिहास और दर्शन का एक अमूल्य ग्रंथ है, जो जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करता है। चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है, जहां भूलकर भी नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर जाने से व्यक्ति को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी जगहें हैं और क्यों इनसे दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति: वे 5 जगहें, जहां भूलकर भी कभी नहीं जाना चाहिए वरना झेलेंगे बड़ा नुकसान 1. जहां लोगों में संस्कार की कमी हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां लोगों में संस्कार की कमी हो। संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देते हैं। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं और उसका चरित्र भी प्रभावित हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, संस्कारहीन लोगों के साथ रहने से व्यक्ति का नैतिक पतन हो सकता है और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 2. जहां रोजगार न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां रोजगार के अवसर न हों। रोजगार व्यक्ति के जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन में स्थिरता नहीं आ सकती। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उसका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, रोजगार के अभाव में व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 3. जहां शिक्षा का माहौल न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां शिक्षा का माहौल न हो। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देती है और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का बौद्धिक विकास रुक सकता है और उसके जीवन में अज्ञानता का अंधकार छा सकता है। चाणक्य के अनुसार, शिक्षा के अभाव में व्यक्ति का भविष्य अंधकारमय हो सकता है और उसे सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 4. जहां अपने न रहते हों चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां अपने लोग न रहते हों। अपने लोगों का साथ व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक सहारा देता है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को अकेलापन और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, अपनों के बिना जीवन नीरस और अधूरा हो सकता है और व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत 5. जहां इज्जत न मिले चाणक्य ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां इज्जत न मिले। इज्जत व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा धन है और इसके बिना जीवन अधूरा है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का आत्मसम्मान घट सकता है और उसे सामाजिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, इज्जत के बिना जीवन निरर्थक हो सकता है और व्यक्ति को हमेशा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति का महत्व चाणक्य नीति (Chanakya Niti) जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करती है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती है। चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती हैं और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती हैं। चाणक्य ने जिन जगहों और स्थितियों से दूर रहने की सलाह दी है, उनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chanakya Niti #5Places #ChanakyaNiti #Chanakya #Places

आगे और पढ़ें
Wife kills husband

Wife kills husband: बेंगलुरु में शक के चलते पत्नी ने मां संग मिलकर धारदार हथियार से रेता पति का गला 

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मुस्कान ने जिस तरह से अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की, उसके बाद से एक के बाद एक अनगिनत मिलते जुलते मामले सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। ताजा मामला है बेंगलुरु का, जहाँ एक महिला ने अपने पति की गाला रेतकर (Wife kills husband) हत्या कर दी और शव को लावारिस अवस्स्था में छोड़कर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महिला ने अपने पति के कई अवैध संबंधों और धंधों से नाराज होकर उसकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड में महिला ने अपनी माँ का भी सहारा लिया। अपनी मां के साथ मिलकर सबसे पहले उसने खाने में नींद की गोलियां मिलाकर अपने पति को दी। और फिर बेहोश होने पर गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी लोकनाथ सिंह की हत्या के आरोप में मां और बेटी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने बताया कि “यह घटना तब सामने आई जब शनिवार को चीक्कबनावारा के एक सुनसान इलाके में एक लावारिस कार में कुछ लोगों की नजर एक शव पर पड़ी। नजर पड़ते लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी।  बेहोशी की हालत में सूनसान जगह पर ले जाकर चाकू से रेता पति का गला (Wife kills husband)  पुलिस ने खुलासा किया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपियों ने पहले व्यक्ति के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं ताकि वह बेहोश हो जाए। फिर वे उसे एक सुनसान इलाके में ले गए और सूनसान इलाके में ले जाकर चाकू से उसका गला (Wife kills husband) रेत दिया। और गला रेतने के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के मुताबिक हत्या का कारण पीड़ित के कथित अवैध संबंध और गैरकानूनी व्यापारिक लेन-देन बताया गया है। बता दें कि उत्तर बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) सैदुल अदावथ ने मीडिया को बताया कि “हमें शनिवार शाम 5:30 बजे 112 पर एक आपातकालीन कॉल मिली, जिसमें शव के बारे में जानकारी दी गई। फिलहाल हमने उसकी पत्नी और मां को अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच जारी है।” तो, वहीं इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि “लोकनाथ का दो साल से महिला के साथ संबंध था और उन्होंने दिसंबर में कुनिगल में शादी की थी। हालांकि, उम्र अधिक होने के चलते परिवार वालों ने इस रिश्ते का विरोध किया था।  इसे भी पढ़ें:-सॉरी पापा, अब और बर्दाश्त नहीं कर सकती, दहेज प्रताड़ना से तंग आकर 29 वर्षीय टीचर ने की आत्महत्या  धमकी के बाद उसकी माँ-बेटी ने मिलकर बनाई (Wife kills husband) रास्ते से हटाने की योजना  गौर करने वाली बात यह कि किसी को भी इस शादी की जानकारी नहीं थी। और तो और शादी के तुरंत बाद, लोकनाथ ने अपनी पत्नी को उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया था। कमाल की बात यह कि उसके परिवार को शादी के बारे में दो हफ्ते पहले ही पता चला। इसी दौरान लोकनाथ की पत्नी और ससुराल वालों को उसके कथित अवैध संबंधों और गैरकानूनी व्यापारिक गतिविधियों के बारे में पता चला गया। इस बीच दोनों का रिश्ता बिगड़ता गया क्योंकि दंपति अक्सर झगड़ते थे। उनका आपसी झगड़ा इस कदर बढ़ गया था कि बात तलाक तक जा पहुंची थी। खैर, इस दरम्यान स्थिति तब और बिगड़ गई जब कथित तौर पर लोकनाथ ने अपने ससुराल वालों को धमकाना शुरू कर दिया। न सिर्फ उसने धमकाया बल्कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी। इस चेतावनी के बाद उसकी पत्नी और माँ ने उसे रास्ते से हटाने की योजना (Wife kills husband) बनाई। खैर, इस बीच पुलिस ने यह भी बताया कि “लोकनाथ बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच द्वारा एक धोखाधड़ी मामले में जांच के दायरे में था। कहने की जरूरत नहीं, इस हादसे ने स्थानीय लोगों को सदमे में डाल दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Wife kills husband BengaluruCrime #BreakingNews #TrueCrime #IndiaNews #CrimeReport #DomesticDispute #ViralNews #BengaluruUpdates

आगे और पढ़ें
Oppo F29

Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में?

ओप्पो (Oppo) कंपनी के फोन उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे, पावरफुल परफॉरमेंस और बेहतरीन डिजाइन के लिए जाने जाते हैं। यह कंपनी अपने कस्टमर्स को नई सुविधाएं और टेक्निक्स प्रदान करती हैं जैसे फास्ट चार्जिंग, एआई पॉवर्ड कैमरा आदि। यह फोन कई सीरीज में उपलब्ध हैं। ओप्पो कंपनी समय-समय पर नए उत्पादों को लांच करती रहती है। हाल ही में इन्होने वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) बाजार में उतारे हैं जो बहुत ही कम दामों में मिल रहे हैं। यानी, आपको कम कीमत में बेहतरीन वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) मिल सकते हैं। आइए जानें किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) के बारे में और इनके फीचर्स के बारे में भी जानें। किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone): पाएं जानकारी ओप्पो  (Oppo) ने भारत में अपनी नई F29 सीरीज को लांच किया है। यह सीरीज दो हैंडसेट्स के साथ आई है एक है ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और दूसरा है F29 । यह दोनों हैंडसेट एडवांस सिग्नल बूस्टर फीचर के साथ आते हैं और स्ट्रांग कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इन फोन्स को बहुत अच्छे से डिजाइन किया गया। लेकिन, इनका खास बात यह है कि फोन के अंदर पानी जाने पर भी यह फोन खराब नहीं होंगे। ओप्पो F29 (Oppo F29) 5G की कीमत 23,999 रुपये से शुरू होती है। इन्हें आप ओप्पो  (Oppo) के ई-स्टोर पहले ही आर्डर कर सकते हैं। बुक किए गए फोन 27 मार्च के बाद डिलीवर किए जाएंगे। ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) के दूसरे वेरिएंट की कीमत 27,999 रुपये है। इसके कुछ अन्य वेरिएंट भी उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत इससे थोड़ी ज्यादा है।  ओप्पो वाटरप्रूफ फोन: क्या हैं इसके फीचर्स? ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) कई फीचर्स के साथ आते हैं। इसकी सबसे खास बात तो यही है कि यह कम कीमत के हैं और वाटरप्रूफ हैं।  आइए जानें इनके बारे में विस्तार से:  डिस्प्ले: ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और F29 में 6.7 इंच का फुल-एचडी और AMOLED डिस्प्ले है। अगर बात की जाए इसके रिफ्रेश रेट का तो इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और टच सैंपलिंग रेट 240Hz तक है। ओप्पो F29 का स्टैंडर्ड वेरिएंट कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i के साथ आ रहा है। प्रोसेसर: इस फोन के स्टैंडर्ड मॉडल में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 6 जेन 1 प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, इसका प्रो मॉडल मीडिया टेक डीमेंसिटी 7300 एनर्जी प्रोसेसर के साथ आता है। इस सीरीज के स्मार्टफोन 12GB LPDDR4X रैम और 256जीबी UFS 3.1 स्टोरेज को सपोर्ट करते हैं। ये एंड्राइड 15 पर बेस्ड कलर ओएस 15 पर काम करते हैं। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar बैटरी: ओप्पो F29 5G 6,500mAh की बैटरी है और यह बैटरी 45W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। F29 प्रो में 6,000mAh की बैटरी है और यह बैटरी 80W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह दोनों फोन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ उपलब्ध हैं, इसके साथ ही इनमें 5G, 4G, वाई-फाई 6, ब्लूटूथ, OTG, GPS और USB टाइप-C हैं।  कैमरा: कैमरे की बात करें तो F29 Pro 5G में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का डेप्थ सेंसर है, जबकि F29 5G में भी यही 50MP का सेंसर है, लेकिन OIS के बिना। दोनों डिवाइस में 16MP का सेल्फी कैमरा है। आप किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) को ऑनलाइन आसानी से खरीद सकते हैं। F29 Pro 5G को मार्बल व्हाइट और ग्रेनाइट ब्लैक रंग में लांच किया गया है, जबकि F29 5G सॉलिड पर्पल और ग्लेशियर ब्लू रंग में मिलेगा। आप अपनी पसंद का फोन चुन सकते हैं और आसानी से उसे आर्डर कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Oppo F29 Pro #OppoF29Pro #Oppo #AffordableOppowaterproofphone #OppoF29 #waterproofphone

आगे और पढ़ें
Eknath Shinde & Kunal Kamra

हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे 

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कॉमेडियन कुणाल कामरा (Comedian Kunal Kamra) द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath Shinde) पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakrey) गुट कुणाल कामरा के समर्थन में खड़ा है, तो दूसरी ओर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कामरा को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। इस विवाद के बीच अब एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बीबीसी मराठी के एक कॉन्क्लेव में इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है और हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। किसी के खिलाफ बयान देना ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह ‘सुपारी’ लेकर बोला गया लगे। हर किसी को अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।” एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आगे कहा कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) की टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी एजेंडे के तहत दिया गया बयान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वे काम करने वाले व्यक्ति हैं और अनावश्यक बहस में पड़ना नहीं चाहते। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ जब शिंदे से पूछा गया कि क्या वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने इस पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करता, लेकिन जब कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो उसे भी अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी। मैं संवेदनशील और सहनशील हूं, लेकिन सभी कार्यकर्ता इतने सहनशील नहीं हो सकते।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि शिंदे सीधे तौर पर तोड़फोड़ का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन इसे कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। क्या कहा था कुणाल कामरा ने? कुणाल कामरा  (Kunal Kamra)  ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने का संशोधित संस्करण प्रस्तुत कर एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग कर शिंदे पर तंज कसा, जिससे शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात बड़ी संख्या में शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ता होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर इकट्ठा हुए, जहां क्लब स्थित था, और उन्होंने क्लब व होटल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कामरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(बी) (सार्वजनिक उत्पात संबंधी बयान) और 356(2) (मानहानि) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसे भी पढ़ें: योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल विवाद के राजनीतिक मायने इस पूरे विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर साफ दिख रहा है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट इस मामले में कुणाल कामरा का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) अपने नेता के बचाव में खड़ा है। यह विवाद न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है, बल्कि इसमें कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे लक्षित हमले के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया में इस मामले का क्या नतीजा निकलता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) पर क्या प्रभाव पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Eknath Shende #ComedianKunalKamra #Shivsena #EknathShende #MahrashtraPolice

आगे और पढ़ें
Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

आगे और पढ़ें
Place Footwear Right & Attract Positive Energy at Home

जूते-चप्पल को सही जगह पर रखकर बनाएं घर को सकारात्मक ऊर्जा का केंद्र

हमारे जीवन में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। वास्तु के अनुसार घर की हर छोटी-बड़ी चीज का सही स्थान और दिशा हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। ऐसे में जूते-चप्पल, जो हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं, उन्हें रखने के लिए भी वास्तु नियमों का पालन करना जरूरी है। अगर जूते-चप्पल को गलत जगह या गलत तरीके से रखा जाए, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है और जीवन में अशांति आ सकती है। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल को घर में कहां और कैसे रखना चाहिए। जूते-चप्पल रखने का सही स्थान इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत जूते-चप्पल रखने के कुछ अन्य वास्तु नियम नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news जूते-चप्पल #PositiveHomeVibes #VastuTips #HomeEnergy #GoodVibesOnly #OrganizedLiving #ClutterFreeHome #HomeHappiness #PositiveEnergy #VastuShastra #PeacefulLiving

आगे और पढ़ें
Yogi Govt's 8 Years Service, Security & Good Governance

योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे हो चुके हैं। इस खास मौके पर सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के मार्गदर्शन को श्रेय देते हुए राज्य की 25 करोड़ जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यूपी की डबल इंजन सरकार ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के मंत्र को साकार करते हुए राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। 8 साल पहले की स्थिति और बदलाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बीते आठ वर्षों की तुलना करते हुए कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश अराजकता और पहचान के संकट से जूझ रहा था। अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे, जिसके कारण राज्य को ‘बीमारू’ की श्रेणी में रखा जाता था। महिलाएं और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे, वहीं किसानों की स्थिति बदहाल थी। लेकिन सरकार बदलते ही व्यापक सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाए गए और आज यूपी विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन का नया दौर योगी सरकार (Yogi Government) ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप अपराधों में भारी कमी आई। माफियाओं और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की गई, जिससे प्रदेश में निवेश और व्यापार के लिए अनुकूल माहौल बना। इसके अलावा, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर प्रदेश की जनता को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) का मानना है कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का इंजन बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के समर्थन से सरकार ने विकास के अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आज यूपी देश के विकास को एक नई दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पुलिस सुधार और कानून-व्यवस्था उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए योगी सरकार ने पुलिस व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। सरकार ने देश का सबसे बड़ा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया और अब तक 2.16 लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती की है। इससे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है। विकास उत्सव का आयोजन सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए 25 से 27 मार्च तक विकास उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सभी जिलों में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी (CM Yogi) ने कहा कि आठ साल पहले प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधोसंरचना बदहाल थी, लेकिन आज यूपी देश में विकास के मॉडल के रूप में पहचाना जाता है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सरकार बदलने से व्यापक सुधार सीएम योगी (CM Yogi) ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश वही है, प्रशासन वही है, लेकिन केवल सरकार बदलने से बड़े बदलाव संभव हुए हैं। योजनाओं के सही क्रियान्वयन और पारदर्शिता के कारण उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में शुमार हो चुका है। कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार कृषि क्षेत्र में भी यूपी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2017 से पहले जहां किसानों की आत्महत्या की खबरें आम थीं, वहीं अब प्रदेश कृषि उत्पादन (Agricultural Production) में अग्रणी बन चुका है। सरकार ने किसानों की कर्जमाफी से लेकर नई तकनीकों को अपनाने तक अनेक कदम उठाए, जिससे कृषि विकास दर 13.5% तक पहुंच गई और राज्य की जीडीपी में 28% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। योगी सरकार (Yogi Adityanath) के आठ सालों में उत्तर प्रदेश ने एक नई दिशा पकड़ी है। सेवा, सुरक्षा और सुशासन के साथ प्रदेश में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अपराध पर नियंत्रण, किसानों का उत्थान, बुनियादी ढांचे का विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसी उपलब्धियां इस सरकार की कार्यशैली को दर्शाती हैं। आने वाले वर्षों में भी यह सरकार प्रदेश को और आगे ले जाने के लिए संकल्पित है। Latest News in Hindi Today Hindi news  CM Yogi Adityanath #YogiGovernment #UPDevelopment #GoodGovernance #8YearsOfYogi #UPProgress #SecurityFirst #YogiAdityanath #NewUttarPradesh #GrowthWithYogi #UPModel

आगे और पढ़ें
Bihar Liquor Ban Exposed Former Minister Raises Questions

Political expose Bihar: पूर्व मंत्री ने अपनी ही सरकार पर उठाए सवाल, कहा शराबबंदी के बावजूद बिहार पुलिस बिकवा रही है शराब

पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने एनडीए की बिहार सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए (political expose Bihar) हैं। दरअसल, भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने रविवार को एक बार फिर चौंकाने वाला बयान दिया है। कहने की जरूरत नहीं पूर्व मंत्री के बयान के सामने आने के बाद एक बार फिर से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने पुलिस कर्मियों पर शराब बेचवाने का आरोप लगाते हुए बड़ा बयान दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबीक आरके सिंह ने बिहार सरकार और पुलिस पर शराब बेचवाने का आरोप लगाया है। यही नहीं, उन्होंने शराबबंदी कानून हटाने की मांग की और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बड़हरा के सरैया बाजार स्थित भीखम दास मठिया के प्रांगण में आयोजित एक सभा में उन्होंने कहा कि “शराबबंदी कानून को हटा देना चाहिए। इससे नौजवान बर्बाद हो रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि “थानाध्यक्ष समेत पुलिस ही शराब बेचवा रही है।”  आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर (political expose Bihar) लगाए थे गंभीर आरोप गौरतलब हो कि बीते दिनों पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप (political expose Bihar) लगाए थे। बता दें कि आरके सिंह चार दिनों के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे हैं। जहां कि उनके इस बयान के सामने आने के बाद बवाल मच गया है, तो वहीं चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। यह कोई पहली बात नहीं है जब आरके सिंह ने अपनी ही सरकार पर अंगुली उठाई हो। इससे पहले भी उन्होंने अपनी पार्टी बीजेपी के कुछ नेताओं पर साजिश के तहत उनको हराने का आरोप लगाया था। ऐसे में अब फिर से सरकार और सिस्टम पर सवाल खड़ा कर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है।  इसे भी पढ़ें:- क्या सच में ब्रिटिश नागरिक हैं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी? आज इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा सुनवाई जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा बता दें कि इस दौरान आरके सिंह जनसभा के दौरान पूरे फॉर्म में दिखे। इस बीच उन्होंने कहा कि “उन्होंने जितना काम संसदीय क्षेत्र में किया है, उतना किसी सांसद ने नहीं किया और आगे भी कोई नहीं कर (political expose Bihar) पाएगा।” आरके सिंह ने आगे कहा कि “उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार को कभी पनपने नहीं दिया। कारण यही जो इतना काम हो पाया। इस दरम्यान लोगों की समस्या सुनने के क्रम में सभा मंच से ही आरके सिंह ने मोबाइल पर एक अभियंता को हड़काते हुए कहा कि “सुनने में आ रहा है कि आप कुछ विधायकों के कहने पर टेंडर मैनेज कर रहे हैं। तो सुन लीजिए, हम जेल भेज देंगे।” यही नहीं, इस दौरान पूर्व मंत्री ने सरैया में महिला कॉलेज खोलने के लिए शिक्षा मंत्री से बात कर पहल करने को कहा।” इसके अलावा वर्तमान सांसद की कार्यशैली की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि “विकास कार्यों से अलग हो उन्हें जिताने में शामिल जनप्रतिनिधियों को पानी में डूब मरना चाहिए।”  Latest News in Hindi Today Hindi news  political expose Bihar #BiharPolitics #LiquorBan #BiharPolice #PoliticalExposé #BiharNews #Corruption #IllegalLiquor #FormerMinister #StateScandal #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Snake Dream Meaning Hidden Messages & Interpretations

सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत

सपने हमारे जीवन का एक रहस्यमय हिस्सा हैं, जो हमारे अवचेतन मन की भावनाओं और विचारों को प्रकट करते हैं। कई बार हमें सपने में सांप दिखाई देते हैं, जो हमें डरा सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सपने में सांप देखने का मतलब केवल डराने वाला नहीं होता है? यह सपना आपके जीवन में आने वाले बदलाव, चुनौतियों और अवसरों के बारे में संकेत दे सकता है। आइए, सपने में सांप देखने के अर्थ और इससे जुड़े संकेतों को विस्तार से समझते हैं। सपने में सांप देखने का सामान्य अर्थ सपने में सांप देखना एक आम बात है, लेकिन इसका अर्थ व्यक्ति के जीवन और परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सांप को प्रतीकात्मक रूप से परिवर्तन, शक्ति, कामुकता और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। सपने में सांप देखने का मतलब यह हो सकता है कि आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है या आपको किसी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, यह सपना आपके अंदर छिपी शक्तियों और भावनाओं को भी प्रकट कर सकता है। सपने में सांप देखने के प्रकार और उनके अर्थ सपने में सांप देखने का अर्थ इस बात पर निर्भर करता है कि सांप कैसा दिख रहा है और आपका उसके साथ क्या संबंध है। आइए, सपने में सांप देखने के विभिन्न प्रकार और उनके संभावित अर्थों को जानते हैं: यदि सपने में बहुत सारे सांप दिखाई दें, तो यह किसी आसन्न संकट का संकेत हो सकता है। हालांकि, यदि आप सपने में उन सांपों को मार देते हैं या उन्हें अपने पास से भगा देते हैं, तो इसका अर्थ है कि आप आने वाले संकट पर सफलतापूर्वक विजय प्राप्त कर लेंगे। यदि सपने में फन उठाए सांप दिखाई दे, तो यह संपत्ति प्राप्ति के संकेत देता है। सफेद सांप का दिखना और उसका काटना शुभ माना जाता है। वहीं, यदि सपने में सांप को बिल में जाते हुए देखा जाए, तो यह धन लाभ का संकेत होता है। अगर सपने में सांप के काटने से मृत्यु हो जाए, तो इसका अर्थ है कि व्यक्ति को दीर्घायु का आशीर्वाद मिलेगा। सपने में सांप देखने का आध्यात्मिक अर्थ सपने में सांप देखने का आध्यात्मिक अर्थ भी बहुत गहरा हो सकता है। हिंदू धर्म में सांप को कुंडलिनी शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सपने में सांप देखना आपके अंदर छिपी कुंडलिनी शक्ति के जागरण का संकेत हो सकता है। यह सपना आपको आध्यात्मिक जागरण और आत्म-साक्षात्कार की ओर ले जा सकता है। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? सपने में सांप देखने का मनोवैज्ञानिक अर्थ मनोविज्ञान के अनुसार, सपने में सांप देखना आपके अवचेतन मन की भावनाओं और विचारों को प्रकट करता है। यह सपना आपके डर, चिंता, या किसी छिपी हुई इच्छा को दर्शा सकता है। इसके अलावा, सांप को परिवर्तन और पुनर्जन्म का प्रतीक भी माना जाता है, जो आपके जीवन में आने वाले बदलावों की ओर इशारा कर सकता है। सपने में सांप देखने पर क्या करें? अगर आप सपने में सांप देखकर डर गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले, इस सपने के संकेतों को समझने की कोशिश करें। यह सपना आपको किसी चुनौती, अवसर या आंतरिक भावना के बारे में संकेत दे रहा हो सकता है। इसके अलावा, आप मन को शांत करने के लिए ध्यान या प्रार्थना का सहारा ले सकते हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news सपने में सांप देखना #DreamInterpretation #SnakeInDreams #SpiritualMeaning #DreamSymbolism #PsychologyOfDreams #DreamAnalysis #HiddenMessages #SnakeDreamMeaning #SpiritualAwakening #SubconsciousMind

आगे और पढ़ें
World Tuberculosis Day

वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे: जानिए क्या हैं टीबी के कारण, लक्षण और किस तरह से करें इससे बचाव?

हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) या वर्ल्ड टीबी डे के रूप में मनाया जाता है। ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) सबसे ज्यादा संक्रामक बीमारियों में से एक है। वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) को लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करने के लिए सेलेब्रेट किया जाता है। इस दिन आम लोगों को टीबी (TB) के लक्षणों, कारणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की जाती है। यही नहीं, इस दिन मेडिकल इंस्टीट्यूट्स, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ आदि कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी करते हैं। हर व्यक्यि के लिए इस रोग के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। आइए जानें कि यह रोग क्या है और इससे बचाव किस तरह से संभव है। ट्यूबरक्लोसिस यानी टीबी क्या है? मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। इस बीमारी का कारण बनने वाले जर्म्स एक तरह के बैक्टीरिया है। यह बीमारी संक्रमित व्यक्तियों से अन्य लोगों तक फैल सकती है। छींक, खांसी आदि इसके फैलने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इससे हवा में जर्म्स वाले छोटे ड्रॉपलेट फैल सकते हैं। जब अन्य लोग इन ड्रॉप्लेट्स को सांस के माध्यम से अंदर ले जाते हैं और यह जर्म्स फेफड़ों में जा सकते है। एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्युनिटी वाले अन्य लोगों में सामान्य इम्युनिटी वाले लोगों की तुलना में ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) होने का जोखिम अधिक होता है। इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) जानिए क्या हैं इसके कारण। लेकिन, पहले ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) क्या हैं, यह जान लेते हैं। ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस से पीड़ित व्यक्ति में इस रोग से सम्बन्धित कोई भी लक्षण देखने को नहीं मिलता है। लेकिन, बिना उपचार के उनमें यह एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) की समस्या हो सकती है और वो बीमार हो सकता है। एक्टिव ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि शरीर में कहां टीबी (TB) के जर्म्स ग्रो हो रहे हैं। फेफड़ों में टीबी (TB) जर्म्स के विकसित होने पर ट्यूबरक्लोसिस के लक्षण (Symptoms of Tuberculosis) इस प्रकार हो सकते हैं: इसके अलावा एक्टिव टीबी के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं ट्यूबरक्लोसिस के कारण ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis)का सबसे सामान्य प्रकार है पल्मोनरी ट्यूबरक्लोसिस, लेकिन बैक्टीरियम शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। आपने माइलरी ट्यूबरकुलोसिस के बारे में भी सुना होगा, जो हमारे पूरे शरीर में फैल सकता है और इसके कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं” ट्यूबरक्लोसिस का उपचार एक्टिव और इनएक्टिव ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) दोनों का खास तरह की एंटीबायोटिक के साथ उपचार किया जाता है। इन दवाईयों के कॉम्बिनेशन से इंफेक्शन से आराम मिल सकता है। इन दवाईयों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेना चाहिए। निम्नलिखित दवाईयों की सलाह रोगी को दी जा सकती है: इसे भी पढ़ें: सिंगल पेरेंटिंग नहीं है आसान: सिंगल पैरेंट को करना पड़ता है इन 5 चुनौतियों का सामना ट्यूबरक्लोसिस से बचाव निम्नलिखित तरीकों से ट्यूबरक्लोसिस (Tuberculosis) के संक्रमण और उसके स्प्रेड होने के रिस्क को कम किया का सक्ता है: इस वर्ल्ड ट्यूबरक्लोसिस डे (World Tuberculosis Day) आप इस रोग के बारे में जानें और अन्य लोगों को भी इसके बारे में जागरूक करें ताकि इससे बचा जा सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  Symptoms of Tuberculosis #SymptomsofTuberculosis #WorldTuberculosisDay #Tuberculosis #TB

आगे और पढ़ें
Translate »