Health Benefits Of Curd

रोजाना दही खाने के हैं 7 कमाल के फायदे, लेकिन किस समय खाना है सही?

योगर्ट यानी दही (Curd), दूध के लैक्टिक फेरमेंटशन को कहा जाता है। फेरमेंटशन प्रोसेस के दौरान, दूध में बैक्टीरिया लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं, जो दूध को गाढ़ा कर देता है। इसे अपनी स्मूदनेस, फ्रेश और मजेदार स्वाद के लिए जाना जाता है। यह स्वास्थ्यवर्धक और सबसे वैल्युबल थेराप्यूटिक खाद्य पदार्थों में से एक है। यह कैल्शियम, विटामिन बी, विटामिन बी-12 पोटैशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होता है। रोजाना अपनी डायट में एक कप दही (Curd) को शामिल करने से कई हेल्थ और ब्यूटी बेनेफिट्स हो सकते हैं। दही (Curd) की कंसिस्टेंसी स्मूद या गाढ़ी हो सकती है। जानें रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) के बारे में। यह भी जानें कि इसे दिन के किस समय खाना चाहिए? रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार दही (Curd) बहुत न्यूट्रिशियस होता है और इसे रोजाना खाने से हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद है, जैसे इसे खाने से हार्ट डिजीज और ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क कम होता है और वजन को सही बनाए रखने में भी मदद मिलती है। रोजाना दही खाने के हेल्थ बेनेफिट्स (Health benefits of eating yogurt daily) इस प्रकार हैं: 1. पेट के लिए बेहतरीन  दही (Curd) में फायदेमंद बैक्टीरिया के लाइव कल्चर्स होते हैं, जिन्हें प्रोबायोटिक्स (Probiotics) कहा जाता है। यह प्रोबायोटिक्स (Probiotics) पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। यह पाचन को सही रखते हैं, पोषक तत्वों के एब्जोर्प्शन में मदद करते हैं और बोवेल मूवमेंट को सही बनाए रखने में मदद करते हैं। 2. इम्युनिटी बढ़ाए दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) इम्यून सेल्स के प्रोडक्शन को और नेचुरल किलर सेल्स की एक्टिविटी को बढ़ाते हैं। इससे इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलती है और कई इंफेक्शंस व बीमारियों से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और इम्यून सिस्टम में सुधार होता है। 3. पाचन को सुधारे दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में पाचन में सुधार शामिल है। दही (Curd) में मौजूद लाइव कल्चर लैक्टोज को ब्रेक डाउन करने में मदद करते हैं और इससे लैक्टोज इनटॉलेरेंस वाले लोगों के लिए इसे पचाना आसान होता है। इसके साथ ही प्रोबायोटिक्स (Probiotics) हेल्दी गट बैक्टीरिया की ग्रोथ में भी फायदेमंद है। इससे डाइजेस्टिव डिसऑर्डर्स जैसे डायरिया, कब्ज आदि का जोखिम कम होता है। 4. न्यूट्रिएंट एब्जोर्प्शन में फायदेमंद दही (Curd) में लैक्टिक एसिड होता है। यह दूध में मौजूद प्रोटीन को ब्रेकडाउन में मदद करता है और कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स के एब्जोर्प्शन को बढ़ाता है। इससे हड्डियों के स्वास्थ्य और शरीर में न्यूट्रिएंट्स के उपयोग में सुधार करने में मदद मिल सकती है।  5. वजन रहे सही दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में वजन को सही बनाए रखना भी जरूरी है। दही (Curd) में कैलोरीज कम और प्रोटीन अधिक मात्रा में होती है। इससे भूख कम होती है और वजन को सही बनाए रखने में मदद मिल सकती है। अधिक प्रोटीन कंटेंट से लीन मसल मास की डेवलपमेंट में भी हेल्प मिलती है। 6. बोन हेल्थ दही (Curd) कैल्शियम का अच्छा स्त्रोत है। हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखने के लिए यह एक जरुरी मिनरल है। दही के बेनेफिट्स (Benefits of yogurt) में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों से बचाव और बोन हेल्थ को सही बनाए रखना शामिल है। 7. हार्ट के लिए अच्छा दही (Curd) में बायोएक्टिव पेप्टिड्स होते हैं जो ब्लड प्रेशर को रेगुलेट रखने और हाइपरटेंशन के जोखिम को कम करने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स (Probiotics) को कोलेस्ट्रॉल लेवल में सुधार भी जोड़ा जाता है। यानी इसके फायदों में हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करना शामिल है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत दही खाने का सही समय दही खाना सबके लिए फायदेमंद है लेकिन इसे सही मात्रा में ही खाना चाहिए। कुछ खास बीमारियों से पीड़ित लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे खाने से उनकी स्थिति बदतर हो सकती है। दही खाने का बेहतरीन समय है सुबह या दोपहर। आयुर्वेदा की मानें तो लंच और डिनर के बाद दही (Curd) खाने से डाइजेशन सही रहता है। रात को इसे खाने से स्लीप साइकिल में समस्या हो सकती है और कई पाचन सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Health benefits of curd #Healthbenefitsofeatingcurddaily #Probiotics #Benefitsofcurd #curd

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UCEED Counselling 2025

UCEED Counselling: काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू, जल्दी करें आवेदन और सुरक्षित करें अपनी सीट

अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी को आईआईटी बॉम्बे द्वारा आयोजित किया जाता है। इन्होने इसका रिजल्ट 7 मार्च 2025 को घोषित कर दिया है। अब आईआईटी बॉम्बे( IIT Bombay) ने इसके लिए कॉउंसलिंग शुरू कर दी है और इसके लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी की गयी है। उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस कॉउंसलिंग के आधार पर ही योग्य उम्मीदवारों को देश के बेहतरीन डिजाइन इंस्टीट्यूट्स में यूजी डिजाइन कोर्सेस में प्रवेश मिलेगा। अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आइए पाएं जानकारी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के बारे में। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling): पाएं जानकारी जो उम्मीदवार यूसीडी परीक्षा में सफल हुए हैं, वो आईआईटी के विभिन्न परिसरों में बैचलर ऑफ डिजाइन प्रोग्रमम में प्रवेश के लिए कॉउंसलिंग और सीट अलॉटमेंट प्रोसेस में भाग ले सकते हैं। इस कॉउंसलिंग प्रोसेस में भाग लेने वाले मुख्य इंस्टीट्यूट्स में आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी इंदौर, आईआईटी रुड़की, आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay), आईआईटी गुवाहाटी और आईआईआईटीडीएम जबलपुर आदि शामिल हैं। इस कॉउंसलिंग में कैंडिडेट्स को उनके रैंक्स, सीट्स, प्राथमिकता आदि के अनुसार सीट मिलने का मौका मिलेगा। अन्य जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) प्रोसेस और फीस यूसीडी परीक्षा में भाग लेने वाले कैंडिडेट्स को 4000 रुपए फीस जमा करानी होगी और यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है यानी यह बापस नहीं होगी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा इसके बारे में पूरी जानकारी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की है। इसमें इस प्रोग्राम के लिए 245 सीटें उपलब्ध हैं। यह सीट आवंटन कैंडिडेट्स को मेरिट लिस्ट और उमीदवार की प्राथमिकता के आधार पर होगा। इस बात का ध्यान रखें कि इस सीटों का आवंटन स्टेप बाय स्टेप तरीके से किया जाएगा। अगर किसी कैंडिडेट को पहले राउंड में सीट नहीं मिलती है, तो वो अगले राउंड में शामिल हो सकते हैं। इसी तरह से पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी भी प्रतियोगियों को पहले ही प्रदान कर दी जाएगी। यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन और अन्य जानकारी अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी की परीक्षा के लिए ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन पिछले साल 1 अक्टूबर को शुरू हुआ था और इसकी परीक्षा 19 जनवरी 2025 को आयोजित की गयी थी। आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) द्वारा यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) सीट एलोकेशन के लिए पांच राउंड आयोजित किए जाएंगे। इस हर एक रौँफ के बाद कट-ऑफ लिस्ट को निकाला आएगा, जिससे यह तय होगा कि किस उम्मीदवार को अगले रॉउंड में सीट मिलेगी। कैसे करें अप्लाई? जो कैंडिडेट यूसीईईडी परीक्षा में उपस्थित हुए थे और कॉउंसलिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वो इस तरह से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं: इसे भी पढ़े: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता ध्यान रखें कि अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन (Undergraduate Common Entrance Examination for Design) यानी यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) 14 मार्च से शुरू हो चुकी है और यह पांच राउंड्स में होगी। कॉउंसलिंग के लिए आप इस रेजिस्ट्रेशन को  केवल 31 मार्च तक ही कर सकते हैं। इसके बाद आप रेजिस्ट्रेशन नहीं कर पाएंगे। पहले राउंड के सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 21 अप्रैल को आएगा।  इस बात का भी ध्यान रखें कि ऑनलाइन सीट अलॉट करने की प्रोसेस के दौरान किया गया एडमिशन ऑफर ही फाइनल होगा। जरूरी फीस के भुगतान, डाक्यूमेंट्स के वेरिफिएशन और अन्य फॉर्मलिटीज के बाद ही प्रतियोगी को प्रवेश मिलेगा। योग्य उमीदवार इस मौके को न गवाएं और आज ही यूसीइइडी काउंसलिंग (UCEED Counselling) के लिए आवेदन करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news UCEED Counselling #UndergraduateCommonEntranceExaminationforDesign #UCEED #UCEEDCounselling #IIT Bombay #IIT

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Sanjay Raut on Maharashtra Govt

महाराष्ट्र सरकार का शासन औरंगजेब से भी बदतर: संजय राउत 

महाराष्ट्र में मुगल शासक औरंगजेब (Aurangzeb) पर शुरू हुआ विवाद और राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बहस में अब शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद पड़े हैं। राउत ने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाली महाराष्ट्र सरकार औरंगजेब से भी बदतर है। इस नकारी सरकार के कारण ही महाराष्ट्र के किसान मर रहे हैं, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या करने को मजबूर हैं।  बता दें कि औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर पिछले कई दिनों से सियासी संग्राम चल रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सपा विधायक अबु आजमी ने औरंगजेब को क्रूर शासक मानने से इनकार करते हुए कहा कि औरंगजेब के समय में भारत सोने की चिड़िया थी। औरंगजेब के समय में मंदिर नहीं तोड़ गए थे और संभाजी महाराज की हत्या राजनीतिक कारण से हुई थी। आजमी के इस बयान का सभी पार्टियों ने विरोध किया और खूब सियासी बयानबाजी हुई। बात औरंगजेब की कब्र खोदने तक पहुंच गई। अब इस विवाद में संजय राउत (Sanjay Raut) भी कूद गए हैं।  जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे- संजय  संजय राउत (Sanjay Raut) ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘औरंगजेब को जमीन के नीचे दफन हुए 400 साल हो चुका है, उसे भूल जाइए। क्या महाराष्ट्र के किसान औरंगजेब (Aurangzeb) के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। वे भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की वजह से ऐसा कर रहे हैं।’ संजय राउत ने कहा कि जिस तरह से मुगल शासक औरंगजेब ने अत्याचार किए थे, उसी तरह ये सरकार भी जनता पर अत्याचार कर रही है। इनकी वजह से किसान, बेरोजगार और महिलाएं आत्महत्या कर रही। जनता त्रस्त है, लेकिन ये अत्याचार करने में जुटे हैं।   इसे भी पढ़ें:-गिरिडीह में होली जुलूस पर पत्थरबाजी, हिंसक झड़प और आगजनी संजय राउत ने यह बयान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के उस टिप्पणी पर दी। जिसमें फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कहा था कि हर देशवासी महसूस कर रहा है कि छत्रपति संभाजी नगर में मौजूद औरंगजेब की कब्र को हटा देना चाहिए। संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता औरंगजेब का कब्र हटाने की नहीं सोच रही, वह इस अत्याचारी सरकार को हटाने की सोच रही है। यह सरकार राज्य को लूटने में जुटी हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sanjay Raut #SanjayRaut #MaharashtraPolitics #ShivSena #UddhavThackeray #EknathShinde #BJPShivSena #Aurangzeb #MVA #MaharashtraNews #PoliticalControversy

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Dwipushkar Yoga 2024

Dwipushkar Yoga: दो बार बन रहा है यह दुर्लभ योग, जानें किनके लिए है विशेष शुभ

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र महीने में इस साल दो बार द्विपुष्कर योग बन रहा है, जो एक दुर्लभ और अत्यंत शुभ योग माना जाता है। सनातन धर्म में चैत्र मास का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह महीना पूरी तरह से मां दुर्गा को समर्पित होता है। इस दौरान भक्त प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और उपासना करते हैं। विशेष रूप से, चैत्र नवरात्र के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, साथ ही श्रद्धालु नवरात्रि व्रत का पालन करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से, इस वर्ष चैत्र मास में दो बार दुर्लभ द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग के दौरान मां दुर्गा की भक्ति और साधना करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, इस शुभ योग में किए गए कार्यों में सफलता और सिद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं कि द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) क्या है, यह कब बन रहा है और किन लोगों के लिए यह विशेष रूप से शुभ होगा। द्विपुष्कर योग क्या है? द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ योग है, जो तब बनता है जब एक ही दिन में दो पुष्कर योग होते हैं। पुष्कर योग को हिंदू ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। जब एक दिन में दो बार पुष्कर योग बनता है, तो इसे द्विपुष्कर योग कहा जाता है। पुष्कर योग तब बनता है जब बृहस्पति और चंद्रमा की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल होती है। यह योग व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करता है। चैत्र महीने में द्विपुष्कर योग का समय ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि, यानी 16 मार्च को द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) बन रहा है। यह योग दिन में 11:44 बजे से प्रारंभ होकर शाम 04:58 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, वैष्णव जनों को समर्पित पापमोचनी एकादशी के अवसर पर, 26 मार्च को भी द्विपुष्कर योग का संयोग बन रहा है। 26 मार्च को यह शुभ योग ब्रह्म मुहूर्त में 03:49 बजे से सुबह 06:18 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग के दौरान भगवान विष्णु और मां दुर्गा की पूजा करने से साधक को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह योग वृषभ, तुला, धनु और मीन राशि के जातकों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, जिससे उन्हें देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होगी। इसे भी पढ़ें:- होलिका दहन की रात काले तिल और सरसों से करें ये चमत्कारिक टोटके! द्विपुष्कर योग का महत्व द्विपुष्कर योग (Dwipushkar Yoga) का हिंदू ज्योतिष में विशेष महत्व है। यह योग व्यक्ति के जीवन में धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला होता है। इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है। द्विपुष्कर योग के दिन दान-पुण्य, पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से विशेष लाभ मिलता है। इस दिन किए गए कार्यों से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और उसे मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news #DwipushkarYoga #RareYoga2024 #AuspiciousTime #HinduAstrology #ShubhMuhurat #YogaForSuccess #LuckyDays #SpecialYoga #VedicAstrology #DivineTiming

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Holi Festival 2025

होली: कहां और कैसे मनाई जाती है रंगों की यह अनूठी पर्व

होली (Holi), रंगों का त्योहार भारत के सबसे लोकप्रिय और उत्साहपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह त्योहार न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च के महीने में पड़ता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत, प्रेम, भाईचारे और एकता का प्रतीक है। होली के इस पावन अवसर पर लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर, गले मिलकर और मिठाइयां खिलाकर खुशियां बांटते हैं। होली का त्योहार भारत के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि भारत के अलग-अलग राज्यों और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में होली कैसे मनाई जाती है। ब्रज की होली: राधा-कृष्ण की लीलाओं का प्रतीक ब्रज भूमि, जो कि मथुरा और वृंदावन को मिलाकर बनती है, होली (Holi) के उत्सव का केंद्र मानी जाती है। यहां होली का त्योहार राधा और कृष्ण की दिव्य लीलाओं के साथ जुड़ा हुआ है। ब्रज में होली का उत्सव लगभग एक सप्ताह तक चलता है। यहां लट्ठमार होली विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह परंपरा श्रीकृष्ण और गोपियों की लीलाओं से जुड़ी हुई है। मथुरा-वृंदावन की होली: भक्ति और उल्लास का मेल मथुरा और वृंदावन में होली का त्योहार भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यहां के मंदिरों में विशेष होली समारोह आयोजित किए जाते हैं। बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर में होली के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां होली के दिन फूलों की होली (Holi) खेली जाती है, जिसमें रंगों की जगह फूलों का उपयोग किया जाता है। बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह परंपरा श्रीकृष्ण और राधा की लीलाओं से जुड़ी हुई है। इस दौरान महिलाएं पुरुषों को लाठियों से मारती हैं और पुरुष खुद को ढाल से बचाते हैं। यह अनूठी परंपरा देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक यहां आते हैं। बंगाल की होली: दोल यात्रा पश्चिम बंगाल में होली को दोल यात्रा या दोल पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार राधा और कृष्ण की पूजा के साथ जुड़ा हुआ है। इस दौरान मंदिरों में राधा और कृष्ण की मूर्तियों को सजाया जाता है और उन्हें झूले पर झुलाया जाता है। यहां होली के दिन रंगों के साथ-साथ भक्ति और संगीत का भी विशेष महत्व होता है। हरियाणा की होली: भाभी-देवर की मस्ती हरियाणा में होली (Holi) का त्योहार भाभी और देवर के रिश्ते की मस्ती और उल्लास से भरा होता है। यहां भाभी द्वारा देवर को सताए जाने की प्रथा है, जिसमें भाभी देवर को रंग लगाने के साथ-साथ उन्हें मजाक में डांटती और सताती हैं। यह परंपरा भाईचारे और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने का एक अनूठा तरीका है। महाराष्ट्र की होली: रंग पंचमी और सूखे गुलाल की धूममहाराष्ट्र में होली को रंग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। यहां सूखे गुलाल से होली खेलने की परंपरा है। रंग पंचमी के दिन लोग एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। यह त्योहार यहां पांच दिनों तक चलता है, जिसमें पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन भी किया जाता है। गोवा की होली: शिमगो और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूमगोवा में होली (Holi) को शिमगो के रूप में मनाया जाता है। यहां होली के दिन जलूस निकालने की परंपरा है, जिसमें स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होते हैं। जलूस के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक शामिल होते हैं। यह त्योहार गोवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। पंजाब की होली: होला मोहल्ला और शक्ति प्रदर्शनपंजाब में होली को होला मोहल्ला के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार आनंदपुर साहिब में विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दौरान सिख योद्धाओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन किया जाता है, जिसमें मार्शल आर्ट्स, घुड़सवारी और अन्य शारीरिक कौशल का प्रदर्शन शामिल होता है। यह त्योहार सिख समुदाय की वीरता और शौर्य को याद करने का अवसर प्रदान करता है। दक्षिण गुजरात और मध्यप्रदेश की होली: आदिवासी संस्कृति का रंगदक्षिण गुजरात के आदिवासी समुदाय के लिए होली सबसे बड़ा त्योहार है। यहां आदिवासी लोग पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ होली मनाते हैं। इसी तरह, मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के आदिवासी इलाकों में भी होली को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। यहां होली के दिन आदिवासी लोग पारंपरिक गीत गाते हैं और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हैं। होली (Holi) का त्योहार भारत की विविध संस्कृतियों को एक सूत्र में बांधता है। यह त्योहार हमें प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश देता है। इसे भी पढ़ें:- तो इसलिए होती है शनिवार को शनिदेव की जगह क्यों हनुमान जी की पूजा नेपाल की होली: फागु पूर्णिमा नेपाल में होली को फागु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार नेपाल में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और नेपाली लोक संगीत और नृत्य का आनंद लेते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होली होली का त्योहार अब केवल भारत तक ही सीमित नहीं है। यह त्योहार दुनिया भर में भारतीय समुदायों द्वारा मनाया जाता है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों में होली के उत्सव का आयोजन किया जाता है। इन देशों में होली के दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, नृत्य और संगीत का आनंद लेते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Holi #HoliFestival #FestivalOfColors #Holi2025 #ColorfulHoli #HappyHoli #HoliCelebration #HoliIndia #HoliTradition #HoliFun #HoliVibes

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Colors of Holi

बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंगों को हटाने के लिए आसान टिप्स

होली (Holi) यानि रंगों का त्यौहार, जिसे हमारे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छी की जीत का भी प्रतीक माना जाता है। सर्दियों के अंत और वसंत के आने पर इसका मजा दोगुना हो जाता है। इसमें लोग एक दूसरे को रंग लगते हैं, मिठाईयां खाते हैं और कुछ धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि रंगों से खेलना मौज-मस्ती से भरा और आनंददायी होता है। लेकिन, इसके बाद रंग को रिमूव करना एक मुश्किल काम है। कई बार यह होली के रंग (Colors of Holi) और रंगों को छुड़ाने का तरीका स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानें कि बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं? बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin): पाएं जानकारी द योगा इंस्टिट्यूट (The yoga institute) के अनुसार होली (Holi) का उल्लास खत्म होने के बाद रंगों के निशान भयभीत करने वाले होते हैं। यही नहीं, कुछ रंग त्वचा में जलन को दाग का कारण बन सकते हैं। ऐसे में बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) कौन से हैं, इस बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  स्किन को साफ करें रेगुलर टिश्यू कि जगह स्किन से होली (Holi) के रंग को रिमूव करने के लिए सबसे पहले वाइप्स का इस्तेमाल करें। इसके लिए वेट वाइप्स का प्रयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए ऐसे वाइप्स का इस्तेमाल करें जिसमें नेचुरल और स्किन के लिए लाभदायक इंग्रेडिएंट्स मौजूद हों। इसके लिए आप नेचुरल ऑयल्स का भी प्रयोग कर सकते हैं जैसे कोकोनट ऑयल, ओलिव ऑयल और बेबी ऑयल आदि। कुछ फैसपैक्स आ सकते हैं काम कुछ घर पर बनाए नेचुरल फेस मास्क न केवल स्किन से रंगों को निकाल सकते ,हैं बल्कि स्किन और शांत और नरिश भी कर सकते हैं। इन फेस पैक्स को आप आसानी से बना सकते हैं। बेसन और दही, मुल्तानी मिटटी और रोज वॉटर या एलोवेरा और शहद का फेसपैक आपकी स्किन के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। इनसे स्किन को पोषण मिलेगा। स्क्रब का इस्तेमाल  होम मेड स्क्रब से भी होली के रंग (Colors of Holi) को छुड़ाया जा सकता है। इसके लिए बेसन दही और हल्दी का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डेड स्किन के साथ-साथ होली (Holi) के जिद्दी रंगों को स्किन से निकालने में मदद मिलती है। स्किन पर इस स्क्रब लगाएं, आराम से मालिश करें और फिर धो लें। इसके साथ ही निम्बू के रस और शहद का मिश्रण भी इसमें लाभदायक हो सकता है। निम्बू की ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज रंग को कम करने में मदद कर सकती हैं। आर्गेनिक साबुन का इस्तेमाल  बिना स्किन को नुकसान पहुंचाए होली के रंग छुड़ाने के तरीके (Ways to remove Holi colours without harming skin) में आर्गेनिक साबुन के इस्तेमाल शामिल है। बाजार में कुछ ऐसे ऑर्गनिक साबुन मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल से होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाए जा सकते हैं। ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल करें, जिनमे हार्श केमिकल और आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस न हों। इससे स्किन से रंग आसानी से निकल जाते हैं और त्वचा नरिश व मॉइस्चराइज होती है। यह तो थे होली के रंग (Colors of Holi) छुड़ाने के कुछ तरीके। अब जानिए कि त्वचा को कोई नुकसान न हो इसके लिए होली (Holi) से पहले आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत होली से पहले रखें इन बातों का ध्यान होली (Holi) खेलने से पहले भी आप कुछ बातों का ध्यान रख कर अपनी स्किन को नुकसान से बचा सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Ways to remove Holi colours #ColorsofHoli #Holi #WaystoremoveHolicolourswithoutharmingskin #harmfulcolors

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Apple iPhone 17 Air

Apple iPhone 17 Air: अब तक का सबसे पतला iPhone कब होगा लॉन्च? 

Apple इस साल टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा धमाका करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपने सबसे पतले iPhone, जिसे iPhone 17 Air के नाम से पेश किया जा सकता है, को जल्द ही लॉन्च करने वाली है। लॉन्च से पहले ही इस डिवाइस को लेकर बाजार में काफी चर्चा हो रही है। इसके डिजाइन, फीचर्स और संभावित लॉन्च डेट को लेकर कई लीक्स सामने आ चुकी हैं, जिसने इस नए डिवाइस के प्रति टेक प्रेमियों का उत्साह बढ़ा दिया है। सबसे पतला और हल्का iPhone होगा iPhone 17 Air लीक्स की मानें तो iPhone 17 Air Apple का अब तक का सबसे पतला और हल्का iPhone होगा। इसे लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मोटाई मात्र 6.25 मिमी हो सकती है, जो मौजूदा iPhone 16 Pro के मुकाबले लगभग 2 मिमी पतला होगा। हल्के वजन के कारण यह स्मार्टफोन हैंडलिंग के मामले में काफी बेहतर अनुभव देने वाला है। इस डिवाइस का डिजाइन Apple के पिछले फोन्स की तुलना में अधिक इनोवेटिव बताया जा रहा है। पतले बॉडी डिज़ाइन के बावजूद, इसमें बेहतर बैटरी परफॉर्मेंस और दमदार हार्डवेयर की उम्मीद की जा रही है। iPhone 17 Air की लॉन्च डेट Apple अपने iPhones को आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर के महीने में लॉन्च करता है। इस बार भी कंपनी अपनी नई iPhone 17 सीरीज को सितंबर के तीसरे सप्ताह में लॉन्च कर सकती है। लीक्स के मुताबिक, iPhone 17 Air को 18 या 19 सितंबर 2025 को पेश किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार कंपनी अपनी iPhone 17 सीरीज में ‘Plus’ मॉडल की जगह iPhone 17 Air को शामिल कर सकती है, जो इस सीरीज में एक बड़ा बदलाव होगा। iPhone 17 Air की संभावित कीमत भले ही Apple ने आधिकारिक रूप से iPhone 17 Air की कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन लीक्स के अनुसार, इस डिवाइस की शुरुआती कीमत लगभग ₹90,000 हो सकती है। हालांकि, लॉन्च के समय कंपनी विशेष ऑफर्स के तहत इसे डिस्काउंट के साथ भी पेश कर सकती है, जिससे ग्राहक इसे अधिक किफायती दाम में खरीद सकेंगे। iPhone 17 Air के संभावित फीचर्स लीक्स के मुताबिक, iPhone 17 Air को कई दमदार फीचर्स के साथ लॉन्च किया जा सकता है, जो इसे Apple के अन्य फोन्स से अलग बनाएंगे। संभावित फीचर्स में शामिल हैं: 1. अल्ट्रा-स्लिम डिजाइन- iPhone 17 Air की मोटाई मात्र 6.25 मिमी होगी, जो इसे अब तक का सबसे पतला iPhone बना देगा। 2. बेहतर बैटरी टेक्नोलॉजी- इसमें सिलिकॉन कार्बन बैटरी का उपयोग किया जा सकता है, जो बेहतर बैकअप और तेज़ चार्जिंग क्षमता प्रदान करेगी। 3. डिस्प्ले- फोन में 6.6 इंच का AMOLED डिस्प्ले पैनल मिलने की उम्मीद है, जो बेहतर कलर क्वालिटी और पिक्चर क्लैरिटी देगा। 4. कैमरा- इसमें 48MP का सिंगल रियर कैमरा सेंसर हो सकता है, जो हाई-क्वालिटी फोटोग्राफी के लिए शानदार विकल्प बनेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। 5. प्रोसेसर- Apple इस नए iPhone को अपने लेटेस्ट A19 Bionic चिपसेट के साथ लॉन्च कर सकता है, जिससे इसकी परफॉर्मेंस काफी तेज़ और स्मूथ होने की उम्मीद है। 6. AI फीचर्स- iPhone 17 Air में कई नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित फीचर्स देखने को मिल सकते हैं, जो उपयोगकर्ता के अनुभव को और बेहतर बनाएंगे। इसे भी पढ़ें: यूट्यूब ने नियमों के उल्लंघन पर डिलीट किये लाखों वीडियो, सबसे ज्यादा भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के हटाए गए वीडियो iPhone 17 Air के आने से बाजार में हलचल Apple के हर नए लॉन्च की तरह ही iPhone 17 Air को लेकर भी टेक्नोलॉजी प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता है। इसके पतले डिजाइन, एडवांस बैटरी टेक्नोलॉजी और दमदार कैमरा सेटअप जैसी खूबियों के कारण यह फोन बाजार में एक नया ट्रेंड सेट कर सकता है। Apple के प्रशंसकों को इस शानदार डिवाइस के लिए अभी कुछ महीनों का इंतजार करना होगा, लेकिन जिस तरह लीक्स में इसकी डिटेल्स सामने आ रही हैं, उससे साफ है कि iPhone 17 Air को शानदार प्रतिक्रिया मिलने की पूरी संभावना है। iPhone 17 Air के पतले डिजाइन और नए फीचर्स के कारण यह डिवाइस Apple के अन्य मॉडलों से अलग साबित हो सकता है। यदि लीक्स सही साबित होते हैं, तो यह फोन अपने हल्के वजन, आकर्षक डिजाइन और बेहतरीन परफॉर्मेंस के दम पर यूजर्स के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि Apple इस नए डिवाइस को किस खास फीचर के साथ बाजार में पेश करता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Apple iPhone 17 Air #iPhone17Air #iPhone #AppleiPhone #AppleAir

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Tamil Nadu budget controversy

Stalin Removes ₹ Symbol from Budget: सीएम स्टालिन ने हिंदी विरोध की हदें की पार, बजट से हटाया ₹ का सिंबल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंदी विरोध की सारी हदें पार कर दी हैं। हिंदी को लेकर उनके में इस कदर घृणा है कि उन्होंने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए रुपये के सिंबल को ही हटा दिया।  दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए अपने पहले के लोगो में रुपये के प्रतीक को बदलकर (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) तमिल भाषा का प्रतीक शामिल किया है। बता दें कि स्टालिन लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने रुपये सिंबल भी बदल दिया। लोगो में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ बोला जाता है। लोगो में यह भी लिखा है कि सबकुछ सबके लिए, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शासन के समावेशी मॉडल के दावे का संकेत मिलता है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने वाले हैं। इस बीच स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार दिया और दोहराया कि राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये ही क्यों न प्रदान करे।  तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच लिया (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) यह फैसला गौर करने वाली बात यह कि तमिलनाडु सरकार का ये (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) फैसला ऐसे समय आया है, जब पहले से ही तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई है। दरअसल, हाल ही में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने जबरन हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि “अखंड हिंदी पहचान की कोशिश के कारण प्राचीन भाषाएं खत्म हो रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश कभी भी हिंदी के इलाके नहीं रहे। लेकिन अब उनकी असली भाषा भूतपूर्व की प्रतीक चिन्ह बनकर रह गई हैं।” इस बीच राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने आलोचना करते हुए कहा कि “द्रमुक सरकार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किये गए रुपये के उस प्रतीक चिह्न को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पूरे भारत द्वारा अपनाया गया और हमारी मुद्रा में शामिल किया गया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “तिरु उदय कुमार, जिन्होंने रुपये का प्रतीक चिह्ल डिजाइन किया था, द्रमुक के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के वित्त वर्ष 2024-25 के बजट का लोगो भी साझा किया, जिसमें भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न अंकित है।” बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार देते हुए कहा कि “राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये प्रदान करे।”  इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी  हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है बता दें कि स्टालिन ने चेन्नई के नजदीक चेंगलपेट में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि “कल आपने टेलीविजन पर संसदीय कार्यवाही देखी होगी। वह अहंकार से कह रहे हैं कि तमिलनाडु को 2,000 करोड़ रुपये तभी दिए जाएंगे, जब हिंदी और संस्कृत को स्वीकार किया जाएगा। कौन? वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे।” उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहा है क्योंकि यह तमिलनाडु में शिक्षा के विकास को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।” इस दौरान स्टालिन ने दूसरे राज्यों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि “दूसरे राज्य में रहने वाले मेरे भाइयों और बहनों, क्या आपने कभी इस बारे में विचार किया है कि हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है। मैथिली, अवधी, भोजपुरी, ब्रज, कुमाऊंनी, गढ़वाली और बुंदेली जैसी कई सारी भाषाएं हैं जो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Stalin Removes ₹ Symbol from Budget #Stalin #HindiOpposition #TamilNaduPolitics #IndianPolitics #BudgetRow #RupeeSymbol #LanguageDebate #DMK #PoliticalNews #IndiaNews

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Dry Day liquor rush

Dry Day liquor rush: ड्राई डे से पहले ही लगी ठेकों पर शराबियों की लंबी कतारें, आपदा में अवसर, दोगुने हुए शराब के दाम

होली का त्योहार यानी रंगों का, मस्ती का और हुड़दंग का त्यौहार। देश भर में होली का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दिन क्या बूढ़े क्या जवां सब मस्ती के रंग में मस्त रहते हैं। अमूमन होली के समय लोग शराब के नशे में धुत दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में झगड़े फसाद भी होते रहते हैं।इस दौरान विशेषतौर पर होली के मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्यों में पुलिस और प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जाते हैं। इसी वजह से हर साल कई राज्यों की सरकारें होली के दिन ड्राई-डे घोषित करती है। बता दें कि होली के दिन यानी 14 मार्च को देश के कई राज्यों में ड्राई-डे घोषित (Dry Day liquor rush) किया गया है। जिनमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में शामिल है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र में भी होली के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। किसी भी तरह के हुड़दंग और कानूनी अव्यवस्था को टालने के लिए ही इन राज्यों की सरकारों ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। दरअसल, यह व्यवस्था राज्यों में सुरक्षा व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। बता दें कि बिहार और गुजरात में पहले से ही पूर्ण शराबबंदी लागू है। ड्राई-डे के चलते शराब दुकारों और ठेकों पर लगी हैं (Dry Day liquor rush) लंबी कतारें बता दें कि इस बीच 14 ड्राई डे घोषित किए गए राज्यों में आज सुबह से शराब दुकारों और ठेकों पर लंबी कतारें (Dry Day liquor rush) लगी हैं। गौर करने वाली बात यह कि गुजरात और बिहार में पूर्णत: शराबबंदी है। ऐसे में यहां के लोग होली या किसी भी त्योहार के दिन ड्राई डे घोषित होने पर पड़ोसी राज्यों से शराब की व्यवस्था करने में जुट जाते है। कल ड्राई डे घोषित होने की वजह से यहां के शराबी पड़ोसी राज्य से शराब का जुगाड़ कर रहे है। मजे की बात यह कि आपदा में अवसर मान बढ़ती मांग को देखते हुए कई जगहों पर शराब के दाम भी बढ़ गए हैं। कारण यही जो कई जगहों पर शराब के दाम बढ़ा दिए गए हैं। यहाँ तक कि कई जगहों पर शराब दोगुने दामों बिक रही है। इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है होली के दिन दिल्ली-एनसीआर में भी शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी किया है। दिल्ली के संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती का आदेश भी दिया गया है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी होली के दिन ड्राई डे रहेगा। हालांकि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में 14 फरवरी को ड्राइ डे रहेगा। लेकिन जानकारी के मुताबिक शाम के बाद शराब परोसी जा सकेगी। खैर, कुछ भी हो, होली के रंग का मजा किरकिरा न हो इसलिए शराबियों ने पहले से ही इंतजाम करना (Dry Day liquor rush) शुरू कर दिया है। चाहे कुछ भी हो, चाहे पूर्णता: शराब बंदी हो या फिर ड्राई-डे ही क्यों न हो, शराबी चाहे किसी भी राज्य या देश का ही क्यों न हो वो अपने पीने का इंतजाम कर ही लेता है। प्रशासन लाख चाहे कोशिश कर ले, शराबियों पर अंकुश नहीं लगा सकती है। वो किसी न किसी तरह जतन कर ही लेते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि जहाँ शराब बंदी होती है वहीं सबसे अधिक शराब पी भी जाती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Dry Day liquor rush #DryDayRush #LiquorBan #AlcoholShortage #LiquorPriceHike #DryDayIndia #LiquorQueue #AlcoholLovers #LiquorStock #WeekendDrinks #HighDemand

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Holi Special Recipe

Holi Special 5 Recipe: त्योहार के स्वाद में लाएं खास मिठास

होली का त्योहार सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि स्वादिष्ट पकवानों का भी होता है। इस होली के मौके पर घर-घर में तरह-तरह की पारंपरिक रेसिपी (Holi Special Recipe) बनाई जाती हैं, जो इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देती हैं। अगर आप भी इस होली पर अपने मेहमानों और परिवार वालों को लज़ीज़ व्यंजनों का स्वाद चखाना चाहते हैं, तो ये 5 खास रेसिपी जरूर ट्राई करें। होली स्पेशल रेसिपी (Holi Special Recipe) गुजिया होली की सबसे खास और पारंपरिक मिठाई (Holi Special Recipe) है। इसकी मीठी खुशबू और स्वाद हर किसी को लुभा लेती है। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1/2 कप घी• 1 कप खोया (मावा)• 1/2 कप चीनी• 1/4 कप सूखे मेवे (काजू, बादाम, किशमिश)• 1/2 चम्मच इलायची पाउडर• तलने के लिए तेल विधि:1. सबसे पहले मैदा में घी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंध लें।2. मावा को कड़ाही में भूनें और उसमें चीनी, सूखे मेवे और इलायची पाउडर मिला लें।3. अब आटे की लोई बनाकर उसे बेल लें और उसके बीच में तैयार मावा मिश्रण रखें।4. किनारों को मोड़ते हुए गुजिया का आकार दें और तलने के लिए गर्म तेल में सुनहरा होने तक फ्राई करें।5. ठंडा होने के बाद परोसें। होली पर ठंडाई का आनंद लिए बिना त्योहार अधूरा लगता है। ये पेय शरीर को ठंडक देने के साथ ही स्वाद में भी बेमिसाल होता है और होली पर इस रेसिपी (Holi Special Recipe) को जरूर बनाया जाता है। सामग्री:• 1 लीटर दूध• 1/2 कप बादाम• 1/4 कप सौंफ• 2 चम्मच खसखस• 1/4 कप गुलाब की पंखुड़ियां• 1/2 कप चीनी• 1/2 चम्मच काली मिर्च• केसर और पिस्ता सजावट के लिए विधि:1. बादाम, सौंफ, खसखस और गुलाब की पंखुड़ियों को 2 घंटे के लिए भिगो दें।2. इसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें।3. अब दूध में यह पेस्ट और चीनी डालकर उबालें।4. जब दूध अच्छी तरह पक जाए, तो ठंडा करके सर्व करें।5. केसर और पिस्ता से गार्निश करना न भूलें। होली के मौके पर दही भल्ला खाने का मजा ही अलग होता है। इसकी खट्टी-मीठी चटनी का स्वाद सभी को पसंद आता है। सामग्री:• 1 कप उड़द दाल• 1/2 कप मूंग दाल• 2 कप दही• 1/2 चम्मच जीरा पाउडर• 1/2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर• मीठी चटनी और हरी चटनी• स्वादानुसार नमक विधि:1. उड़द और मूंग दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगो दें।2. दाल को पीसकर उसका गाढ़ा घोल तैयार करें।3. गर्म तेल में छोटे-छोटे भल्ले डालकर सुनहरा होने तक तल लें।4. भल्लों को गुनगुने पानी में डालें और फिर हल्का निचोड़कर प्लेट में रखें।5. ऊपर से फेंटी हुई दही, मीठी चटनी, हरी चटनी, जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर परोसें। होली पर कुरकुरी मठरी का स्वाद हर किसी को पसंद आता है। इसे मीठी या नमकीन दोनों तरीकों से बनाया जा सकता है। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1/2 कप सूजी• 1/2 चम्मच अजवाइन• 1/2 चम्मच काली मिर्च पाउडर• 4 चम्मच घी• स्वादानुसार नमक• तलने के लिए तेल विधि:1. मैदा, सूजी, अजवाइन, काली मिर्च पाउडर और नमक को अच्छे से मिलाएं।2. इसमें घी डालकर मोयन करें और गाढ़ा आटा गूंध लें।3. आटे को छोटी-छोटी लोइयों में बेलकर कांटे से छेद करें ताकि तलते समय मठरी फूले नहीं।4. गरम तेल में धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत मीठे में हल्की-फुल्की स्नैक के रूप में शक्करपारे होली पर खूब पसंद किए जाते हैं। सामग्री:• 2 कप मैदा• 1 कप चीनी• 1/4 कप घी• 1/2 कप पानी• तलने के लिए तेल विधि:1. मैदा में घी डालकर मोयन करें और गाढ़ा आटा गूंध लें।2. आटे को बेलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।3. गर्म तेल में कुरकुरा होने तक तल लें।4. एक पैन में चीनी और पानी को मिलाकर चाशनी तैयार करें।5. तले हुए शक्करपारों को इस चाशनी में डालकर अच्छे से मिलाएं और ठंडा करके परोसें। होली का त्योहार रंगों और उमंग का प्रतीक है, और इन स्वादिष्ट व्यंजनों (Holi Special Recipe) के बिना इसका मजा अधूरा है। गुजिया से लेकर ठंडाई तक ये पारंपरिक रेसिपी (Holi Special Recipe) हर किसी को पसंद आती हैं। इस बार होली पर इन खास रेसिपीज़ को जरूर आजमाएं और अपने त्योहार को और भी यादगार बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi Holi Special Recipe #HoliSpecialRecipe #HoliFestival #Holi #Holi2025 #HappyHoli

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