दिल्ली पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दिल्ली: पीएम मोदी होंगे दशहरा समारोह में शामिल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति द्वारा आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल होंगे. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज क्षेत्र में आयोजन स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वे पारंपरिक रावण दहन समारोह में शामिल होंगे. यह समारोह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. सत्य की जीत का शाश्वत संदेश यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री दिल्ली के दशहरा समारोह में शामिल हो रहे हैं. पिछले साल, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के मैदान में लव कुश रामलीला में भाग लिया था, जहां उन्होंने रावण, मेघनाथ और कुम्भकर्ण के पुतलों को जलाने के लिए तीर चलाया था. उस दौरान पीएम मोदी ने इस त्योहार के साहस, शांति और सत्य की जीत के शाश्वत संदेश पर जोर दिया था. दस संकल्प लेने का आग्रह इसके अलावा, साल 2023 में प्रधानमंत्री ने दिल्ली के द्वारका में डीडीए मैदान में दशहरा समारोह में हिस्सा लिया था. उस दौरान उन्होंने लोगों से दस संकल्प लेने का आग्रह किया, जिसमें कम से कम एक गरीब परिवार की मदद करना शामिल था. उनका पारंपरिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया था. इस दौरान हजारों लोग ‘लंका दहन’ के लिए इकट्ठा हुए थे. हथियारों की पूजा, संप्रभुता की रक्षा पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘सियावर रामचंद्र की जय’ के उद्घोष के साथ की थी और नवरात्रि व विजयादशमी की शुभकामनाएं दी थीं. उन्होंने जातिवाद और क्षेत्रवाद जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने का आह्वान किया, जो सामाजिक सद्भाव को कमजोर करते हैं. उन्होंने विजयादशमी पर शस्त्र पूजा के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि भारत में हथियारों की पूजा आक्रामकता या विजय के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा के लिए की जाती है. इस साल आईपी एक्सटेंशन में होने वाले समारोह में भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है और प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं

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सोने चांदी ने फिर पकड़ी रफ्तार, जानिए अपने शहर के ताजा रेट

नवरात्रि का त्योहार चल रहा है. ऐसे में अगर आप सोने चांदी की खरीदारी करने की सोच रहे हैं, या फिर सोने चांदी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो यह आज आपके लिए जरुरी खबर है. बता दें कि सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. आइए Bankbazar.com के अनुसार जानते हैं सर्राफा बाजार में बिकने वाले सोने-चांदी की कीमत… सोने का भाव (Delhi Gold Price)Bankbazaar.com के मुताबिक, अगर बात की जाए राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में बिकने वाले सोने के कीमत की तो यहां सोने की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. बता दें कि जो 22 कैरेट सोना कल यानी सोमवार को 1,06,850 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था. वो आज 1,07,700 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा. वहीं, अगर बात करें 24 कैरेट सोने की तो जो सोना कल 1,12,190 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था, वो आज 1,13,090 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा. चांदी की कीमतBankbazaar.com के मुताबिक अगर बात की जाए देश की राजधानी दिल्ली में बिकने वाले चांदी की कीमत की तो आज चांदी की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. बता दें कि सर्राफा बाजार में आज चांदी 1,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिकेगी. जो कल तक 1,59,000 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी. यूपी में सोने का भाव (UP Gold Price)Bankbazaar.com के मुताबिक यदि बात की जाए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सर्राफा बाजार में बिकने वाले सोने के कीमत की तो यहां सोने की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. बता दें कि जो 22 कैरेट सोना कल यानी सोमवार को 1,06,850 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था. वो आज 1,07,700 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा. वहीं, अगर बात करें 24 कैरेट सोने की तो जो सोना कल 1,12,190 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था, वो आज 1,13,090 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा. जानिए एमपी में सोने का भाव (MP Gold Price)Bankbazaar.com के मुताबिक (Gold Silver Price Today) अगर बात करें मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोने की कीमत की तो यहां सोने की कीमत में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है. बता दें कि जो 22 कैरेट सोना कल यानी सोमवार को 1,06,450 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था. वो आज 1,07,150 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा. वहीं, अगर बात करें 24 कैरेट सोने की तो जो सोना कल 1,11,770 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा था. वो आज 1,12,510 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिकेगा.

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महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में फिर छिड़ा भाषा विवाद, MNS ने मेट्रो स्टेशन पर हिंदी को लेकर जताया विरोध

महाराष्ट्र में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला मुंबई के अंधेरी मेट्रो स्टेशन का है, जहां सिर्फ हिंदी में विज्ञापन लिखे जाने पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध किया. उन्होंने स्टेशन के नाम पर कालिख पोत दी और नारेबाजी की. उनका कहना था कि मराठी को नजरअंदाज करना महाराष्ट्र की अस्मिता का अपमान है. पहले भी विवाद ये कोई पहली बार नहीं है जब भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. जुलाई में मीरा रोड पर एक मिठाई दुकानदार को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने मराठी बोलने से इनकार किया था. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी. इनमें से तीन को नोटिस भी जारी किया गया. इसके बाद सैकड़ों MNS कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और मराठी गौरव की रक्षा के लिए विरोध मार्च निकाला. पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके. वीरार और पालघर में मारपीट भाषाई विवाद यहीं नहीं रुका. जुलाई 2025 में ही वीरार और पालघर में एक ऑटो-रिक्शा चालक को मराठी न बोलने पर पीटा गया. इस बार हमला शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ताओं ने किया. वीडियो में देखा गया कि चालक ने कहा, “हिंदी या भोजपुरी बोलना मेरा हक है.” लेकिन ऐसा कहने पर उसे थप्पड़ मारे गए और सार्वजनिक माफी मांगने को मजबूर किया गया. महाराष्ट्र बैंक की शाखा में मारपीट लोनावाला के महाराष्ट्र बैंक की एक शाखा में भी ऐसा ही मामला सामने आया. वहां MNS कार्यकर्ताओं ने मैनेजर से मराठी में बात करने की मांग की. जब एक कर्मचारी ने हिंदी के इस्तेमाल का समर्थन किया, तो उसे भी पीटा गया. इन घटनाओं से साफ है कि महाराष्ट्र में भाषा को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. मराठी को लेकर भावनाएं गहरी हैं लेकिन हिंसा और जबरदस्ती से समाधान नहीं निकलता. भाषा का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही हर नागरिक को अपनी पसंद की भाषा बोलने का अधिकार भी मिलना चाहिए.

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कमाए 241 करोड़…प्रशांत किशोर का बड़ा दावा, कहा- 98 करोड़ पार्टी को किए डोनेट

राज्य में चुनावी माहौल गरम है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. इसी बीच जन सुराज अभियान चला रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने अपनी पार्टी जनसुराज को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पिछले साल 2 अक्टूबर को उन्होंने जनसुराज को राजनीतिक पार्टी के रूप में लॉन्च किया था और अब बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. प्रशांत किशोर ने तोड़ी चुप्पी प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) पर कई नेता आरोप लगा रहे हैं कि वो बीजेपी के एजेंट हैं. साथ ही उनकी बड़ी टीम और प्रचार को देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतना पैसा कहां से आ रहा है. अब प्रशांत किशोर ने इन सवालों पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,आरोप पर पीके ने क्या कहा? पीके (Prashant Kishore) ने आगे कहा कि उन्होंने देश के कई नेताओं को राजनीतिक सलाह दी है और अब 2022 से वो इसके लिए फीस भी लेते हैं.प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने यह भी कहा कि उनके पास सरस्वती से पैसा आता है. उन्होंने कहा कि पहले वो फीस नहीं लेते थे लेकिन अब उन्होंने इसे प्रोफेशनल तरीके से करना शुरू किया है. सत्ता पक्ष और विपक्ष पर निशाना बिहार में घूम-घूमकर जनसभाएं कर रहे प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर निशाना साध रहे हैं. विपक्ष का कहना है कि वो बीजेपी की B टीम की तरह काम कर रहे हैं जबकि प्रशांत का दावा है कि जनसुराज (Jan Suraaj) बिहार के लोगों को एक नया और साफ विकल्प देने की कोशिश कर रही है.

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दुर्गा पूजा में 'काबा-मदीना' की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट

दुर्गा पूजा में ‘काबा-मदीना’ की गूंज, बंगाल में सनातन पर चोट कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार कुछ ऐसा हुआ जिसने लाखों हिंदू समाज के लोगों को भीतर तक झकझोर दिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पंडाल का उद्घाटन किया, तालियां बजाईं. वहीं उनके करीबी नेता मदन मित्रा मंच पर गाते हुए कहा कि मेरे दिल में काबा है और आँखों में मदीना है. मुद्दे की बातअब सवाल ये उठता है कि दुर्गा पूजा जैसे सनातन पर्व पर इस तरह के गीतों का क्या काम? क्या ये जानबूझकर सनातन भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश नहीं है? क्या ये एक सांस्कृतिक अतिक्रमण नहीं है जहां देवी दुर्गा की आराधना के बीच इस्लामी प्रतीकों की बात की जा रही है? वोट के लिए आस्था से खिलवाड़ममता बनर्जी का ये कदम कोई पहली बार नहीं है. इससे पहले भी उन्होंने पितृ पक्ष के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन कर हिंदू परंपराओं को नजरअंदाज किया था. जबकि शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में कोई नया कार्य या उत्सव शुरू करना अशुभ माना जाता है लेकिन बंगाल की राजनीति में वोट बैंक की मजबूरी शायद आस्था से बड़ी हो गई है. सबसे बड़ी चिंता की बात तो ये है कि इस सबके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती है. न कोई बड़ा संत बोलता है, न कोई संगठन सड़कों पर उतरता है. सोशल मीडिया पर कुछ लोग जरूर नाराजगी जताते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर विरोध न के बराबर है. पश्चिम बंगाल में सनातन धर्म ना के बराबरक्या बंगाल में सनातन धर्म अब सिर्फ एक मौन दर्शक बनकर रह गया है? क्या दुर्गा पूजा जैसे पर्व अब राजनीतिक मंच बनते जा रहे हैं जहां देवी की आराधना से ज़्यादा नेताओं की पीआर चलती है? इसे भी पढ़ें-अगर अब भी हम चुप रहे, तो आने वाले वर्षों में दुर्गा पूजा में देवी के स्थान पर कोई और प्रतीक खड़ा मिलेगा। ये समय है जागने का, बोलने का और अपनी आस्था की रक्षा करने का वरना इतिहास हमें माफ नहीं करेगा.

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पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन

पीएम मोदी कल करेंगे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का उद्घाटन, रूस के उप-प्रधानमंत्री होंगे मुख्य अतिथि नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में मंगलवार, 25 सितंबर को वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 का आगाज़ होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। चार दिन तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय मेगा इवेंट खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में निवेश, नवाचार और वैश्विक साझेदारी का बड़ा मंच बनने वाला है। इस बार का आयोजन खास इसलिए भी है क्योंकि रूस के उप-प्रधानमंत्री दिमित्री पात्रुशेव विशेष अतिथि के रूप में भारत आएंगे। उनके साथ भारत सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह उपस्थिति इस बात का संकेत है कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई प्राथमिकता और ताकत देने के लिए पूरी तरह गंभीर है। वर्ल्ड फूड इंडिया का मुख्य मकसद भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को नई दिशा देना और इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना है। इसके जरिए न केवल किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। भारत दुनिया के सबसे बड़े कृषि उत्पादक देशों में से एक है, लेकिन अभी भी प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन के क्षेत्र में भारी संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि सरकार इस आयोजन को “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” अभियानों से जोड़कर देख रही है। पिछले संस्करण की सफलता को देखते हुए इस बार और भी बड़े निवेश की उम्मीद की जा रही है। 2023 में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया के दौरान करीब 33,000 करोड़ रुपये के समझौते हुए थे। इस बार लक्ष्य उससे भी आगे बढ़ने का है। इसके लिए न केवल भारत बल्कि दुनिया भर से निवेशक, उद्योगपति और कंपनियां इसमें हिस्सा लेंगी। चार दिन तक चलने वाले इस आयोजन में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। रूस, जर्मनी, जापान, इटली और यूएई जैसे देशों की भागीदारी पहले ही सुनिश्चित हो चुकी है। इन देशों की मौजूदगी इस कार्यक्रम को और भी अंतरराष्ट्रीय महत्व देती है। प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन भाषण में किसानों की आय बढ़ाने, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक फूड हब बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में सतत विकास और पोषण से जुड़े खाद्य विकल्पों पर भी खास फोकस रहेगा। वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 न सिर्फ भारत के लिए निवेश और तकनीक का अवसर है, बल्कि यह दुनिया को यह दिखाने का मौका भी है कि भारत खाद्य सुरक्षा, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।

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आजम खान की रिहाई अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव का बड़ा बयान

आजम खान की रिहाई: अखिलेश यादव बोले– खुशी का दिन, सरकार आने पर मुकदमे होंगे निपटाए उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान की हाल ही में रिहाई ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे “खुशी का दिन” करार दिया और कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आती है तो वे यह सुनिश्चित करेंगे कि आजम खान पर दर्ज अधिकांश मामले जल्द निपट जाएँ। अखिलेश यादव ने अपने बयान में सरकार की आलोचना करते हुए संकेत दिया कि वर्तमान प्रशासन के दौरान कई मामलों में उचित कार्रवाई नहीं हो पाई और सियासी दमन की कोशिशें की गईं। उनका यह बयान न केवल पार्टी समर्थकों के लिए उम्मीद जगाने वाला है, बल्कि राजनीतिक विरोधियों के लिए भी संदेश है कि आगामी समय में पार्टी अपने नेताओं की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सख्ती से काम करेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आजम खान की रिहाई और उसके बाद अखिलेश यादव के बयान आगामी चुनावों और राजनीतिक रणनीतियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकते हैं। पार्टी समर्थक इसे न्याय और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत मान रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इसे विवादास्पद करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आजम खान की रिहाई को लेकर चर्चा तेज है। लोग अपने विचार साझा कर रहे हैं, किसी का रुख स्वागतयोग्य है तो किसी का आलोचनात्मक। इस पूरे घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को और भी जटिल बना दिया है, और आने वाले महीनों में इसके परिणामों पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अखिलेश यादव का यह बयान स्पष्ट करता है कि पार्टी अपनी नीतियों और नेताओं के मामलों में सक्रिय और सख्त रवैया अपनाने के लिए तैयार है, और आगामी समय में न्यायिक प्रक्रियाओं और राजनीतिक रणनीतियों को लेकर कई निर्णय लिए जा सकते हैं।

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नवरात्रि 2025 भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

नवरात्रि 2025 : भक्ति, उत्साह और परंपराओं का पर्व

आज से शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। सुबह से ही देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देवी मां की जयकारों से वातावरण गूंज उठा और जगह-जगह कलश स्थापना, दुर्गा पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि वे हिमालय की पुत्री हैं और शक्ति के आरंभिक स्वरूप के रूप में पूजित होती हैं। शुभ मुहूर्त में भक्तों ने घरों और मंदिरों में घटस्थापना की, वहीं व्रत रखने वाले श्रद्धालु उपवास और पूजा-अर्चना में लीन रहे। इस दिन का रंग सफेद माना गया है, जो निर्मलता और शांति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पर्व श्रद्धा, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने आशा जताई कि यह नवरात्रि देश को नई शक्ति और उमंग प्रदान करेगी। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि का आगाज जीएसटी सुधारों की घोषणा के साथ हुआ है। केंद्र सरकार ने “जीएसटी बचत उत्सव” की शुरुआत की है, जिससे आम जनता को रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों पर राहत मिलने की उम्मीद है। भक्ति और उत्साह के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने उपवास रखने वालों के लिए सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, स्मूदी और मौसमी फलों के रस जैसे पेय पदार्थों का सेवन भी करना चाहिए ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे और डिहाइड्रेशन की समस्या न हो। कई जगह पर “सात्विक आहार” के मेले और स्टॉल भी लगाए गए हैं ताकि व्रतधारी आसानी से उपयुक्त भोजन पा सकें। सोशल मीडिया पर नवरात्रि का क्रेज भी चरम पर है। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर गारबा और डांडिया की रिहर्सल के वीडियो वायरल हो रहे हैं। गूगल जेमिनी एआई से बने पारंपरिक परिधानों और नवरात्रि-थीम वाले सेल्फी ट्रेंड में हैं। युवा पीढ़ी उत्सव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ रही है। वहीं, ज्योतिषाचार्यों और धार्मिक आचार्यों ने नौ दिनों के अनुष्ठान, देवी के स्वरूपों और उनसे जुड़ी मान्यताओं की जानकारी साझा की है। विभिन्न राज्यों में प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतज़ाम किए हैं। गुजरात और महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर गारबा और डांडिया महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के मैहर में नवरात्रि के दौरान मांसाहार और शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रमुख देवी स्थलों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। नवरात्रि केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव भी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व भक्ति, अनुशासन और सकारात्मकता का संदेश देता है। लोगों की आस्था है कि मां दुर्गा की उपासना से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

गुजरात, 20 सितंबर 2025 — आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें सौर ऊर्जा, समुद्री विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े कई पहलुओं पर ज़ोर दिया गया। उनका यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे विकास और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना संभव है। नए सोलर विलेज की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ जिले के धोरड़ो गाँव को राज्य का चौथा पूर्णतः सौर ऊर्जा पश्चिम गाँव (solar village) घोषित किया। धोरड़ो पिछले कुछ समय से पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध है, और अब यह सोलर विलेज बनते ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम बताया है।  राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण अपने दौरे के दौरान उन्होंने अहमदाबाद जिले की लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण किया। लगभग ₹4,500 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन समुद्री सभ्यता और व्यापारिक इतिहास को जीवंत बनाना है। लोथल का इतिहास इंडस घाटी की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा है और NMHC में बनने वाले उद्घाटन किए जा चुके हिस्सों और चल रहे कार्यों का पीएम मोदी ने जायजा लिया।  सार्वजनिक संबोधन और रोडशो प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान जनता को संबोधित किया और रोडशो भी किया। इस तरह की सार्वजनिक उपस्थापनाएं विकास की परियोजनाओं के साथ सीधे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं। मोदी के भाषणों में अक्सर स्थानीय जरूरतों, ग्रासरूट विकास और सरकार की योजनाओं की अहमियत बताई जाती है, जिससे जनता को सरकार की प्राथमिकताएं समझ में आती हैं।  “विरासत भी, विकास भी” का सिद्धांत प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उस प्रस्तावना को पुष्ट करता है जो उन्होंने विकास के साथ विरासत को भी महत्व देने की कही है — अर्थात् पुरातन इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। धोरड़ो गाँव में सोलर विज़न लागू करना और लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित करना इस दृष्टिकोण के स्पष्ट उदाहरण हैं।  लाभ और चुनौतियाँ इन पहलों से स्थानीय लोगों को कई तरह से लाभ मिलने की उम्मीद है — बिजली की बचत, पर्यटन से आय, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरणीय स्थिरता। हालांकि, इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, रख-रखाव सुनिश्चित करना, और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह जरूरी है कि परियोजनाएँ सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित न रह जाएँ बल्कि लंबे समय तक चलने वाले हों। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश  प्रधानमंत्री मोदी का यह गुजरात दौरा यह संदेश दे रहा है कि विकास का रास्ता सिर्फ नई परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि पुरानी विरासत को संजोने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के माध्यम से भी गुजरता है। धोरड़ो गाँव का सोलर विलेज बनना और लोथल परिसर का काम इस तरह के मिश्रित विकास का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे ये परियोजनाएँ पूरी होंगी, यह देखना होगा कि इनके प्रभाव कितने व्यापक और दीर्घकालीन होते हैं — क्या ये जमीन पर बदलाव लाती हैं? गुजरात के लोगों और सरकार दोनों की निगाहें इस दिशा में बनी हुई हैं।

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Weather alert in Delhi-NCR

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट 

दिल्ली-एनसीआर में मौसम का अलर्ट: हल्की-से-हैवी बारिश, उमस और बदलाव की संभावना नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकतर इलाकों में दोपहर से शाम के बीच हल्की-से-मध्यम बारिश की संभावना जतायी गयी है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश या गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएँ भी आ सकती हैं। हाल ही में मौसम-अवलोकन से पता चला है कि Palam, Safdarjung और आसपास के ऑब्जर्वेशन स्टेशनों पर बादल छाए हुए हैं, हवा की दिशा बदल रही है, और आर्द्रता अधिक है। इन परिस्थितियों के चलते अचानक मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और बुजुर्गों, बच्चों व संवेदनशील लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ-साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सुबह-शाम की अपेक्षित न्यूनतम तापमान लगभग 23-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, जबकि दिन के समय अधिकतम तापमान बढ़-चढ़कर 34-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच सकता है। विशेष रूप से बाहर निकलने पर तेज़ धूप और उमस महसूस हो सकती है। जनजीवन पर असर और सुझाव इस मौसम अलर्ट के चलते सड़कें गीली होने के कारण आवाजाही में बाधाएँ हो सकती हैं। जलजमाव की संभावना वाले इलाकों में वाहन धँसाव या पानी के कारण रस्ते फिसलने जैसी घटनाएँ हो सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन पर असर हो सकता है, साथ ही उड़ानों या अन्य यात्रा योजनाओं में बदलाव संभव है। वाटरप्रूफ कवच और छतरी साथ रखना ठीक रहेगा। घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देख लें। रात के समय हल्के-बूंदा-बांदी की संभावना के चलते बाहर की गतिविधियों को सीमित करना बेहतर होगा। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को विशेष ध्यान देना चाहिए। अगले कुछ दिन का पूर्वानुमान आगामी दो-तीन दिनों में बारिश-विभिन्नता बनी रहने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय हल्की-मध्यम बारिश की गतिविधियाँ होंगी, कुछ इलाकों में मौसम साफ़ होगा। मौसम विभाग की माने तो मानसून का प्रभाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन अभी भी अस्थिर मौसम की स्थिति बनी हुई है।

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