Champions Trophy 2025 Final between India and New Zealand

Champions Trophy 2025 Final में क्या 25 साल पुरानी अपनी हार का बदला लेगी टीम इंडिया?

9 मार्च को दुबई के इंटरनेशनल मैदान पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) का मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के पास अनुभवी खिलाड़ियों की अपनी फ़ौज है। कहने की जरूरत नहीं है, दोनों के पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो चंद गेंदों में ही मैच का रुख बदल सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि भारतीय टीम लगातार तीसरा चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल खेलेगी। बता दें कि भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2017 का फाइनल विराट कोहली की कप्तानी में खेला था। लेकिन तब टीम इंडिया को हार का मुंह देखना पड़ा था। पाकिस्तान ने टीम इंडिया को 180 रनों से मात दी थी। अब एक बार फिर टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला खेलने के लिए तैयार बैठी है। यह तो ठीक, लेकिन गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि टीम इंडिया में चार खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जो पिछले चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भी खेले थे।  चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) में भी इनका खेलना लगभग है तय  बता दें कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा और हार्दिक पांड्या पाकिस्तान के खिलाफ साल 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेले थे। और गौर करने वाली बात यह कि न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) में भी इनका खेलना लगभग तय ही है। बड़ी बात यह कि रोहित मौजूदा भारतीय टीम के कप्तान हैं और उनकी कप्तानी में ही टीम इंडिया बिना एक भी मैच हारे चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में पहुंची है। खैर, बात करें विराट कोहली के फॉर्म की तो वो शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शतक लगाया था। यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में भी दमदार प्रदर्शन किया था। वह भारतीय बैटिंग ऑर्डर की रीढ़ बने हुए हैं। हार्दिक पांड्या और रवींद्र जडेजा ने भी अभी तक मौजूदा टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया है बल्कि टीम के लिए मैच विनर भी बनकर उभरे हैं। अच्छी बात यह कि हार्दिक तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के साथ मिलकर बढ़िया गेंदबाजी कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- India vs New Zealand match में मोहम्मद शमी पर रहेंगी सभी की निगाहें, रिकॉर्ड बहुत कुछ करते हैं बयां चैंपियंस ट्रॉफी 2000 के फाइनल मैच में टीम इंडिया को मिली थी करारी शिकस्त (Champions Trophy 2025 Final) भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी में यह दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। इससे पहले दोनों टीमों के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2000 का फाइनल मैच हुआ था। तब न्यूजीलैंड की टीम ने 4 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस मैच में भारत की तरफ से सौरव गांगुली ने शतकीय पारी खेलते हुए शानदार 117 रन बनाए थे। लेकिन न्यूजीलैंड के क्रिस केन्स ने 102 रन बनाकर गांगुली के शतक पर पानी फेर दिया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल (Champions Trophy 2025 Final) मुकाबले में 25 साल पुरानी अपनी हार का बदला लेगी? इसका जवाब तो 9 मार्च को होने वाले मैच के दौरान ही  पता लग सकेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Champions Trophy 2025 Final #ChampionsTrophy2025 #TeamIndia #INDvsPAK #CricketFinal #CricketRevenge #CT2025Final #IndiaWins #CricketFever #BCCI #RohitSharma

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Rahul Gandhi on Gujarat elections: राहुल गांधी ने बताया इसलिए गुजरात में सत्ता से बाहर है कांग्रेस

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं। ताजा उदहारण है, गुजरात के अहमदाबाद का। जहां जाने अनजाने में ही सही दिल की बात जुबां पर आ ही गई। दरअसल, राहुल गांधी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं, जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं, जो जनता से कटे हुए हैं, दूर बैठते हैं और उनमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं।” राहुल ने आगे कहा कि “मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है। कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। यहां रेस के घोड़ों को बारात में बांध दिया जाता है। यदि 30-40 लोगों को निकालना पड़े तो ये भी करेंगे। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, जाओ बाहर जाकर करो।” खैर, उन्होंने गुजरात में कांग्रेस की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। अपनी बात कहते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बीते 30 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और इसका कारण पार्टी की अपनी कमजोरियां हैं।  उन्होंने कहा कि “हर बार गुजरात में चुनावों की चर्चा होती है। साल 2007, 2012, 2017, 2022 और 2027 लेकिन सवाल सिर्फ चुनाव जीतने का नहीं है। गुजरात की जनता हमें तभी सत्ता में लाएगी जब हम अपनी जिम्मेदारी सही से निभाएंगे।  अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की दी नसीहत  असल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की नसीहत देते हुए कहा कि “गुजरात आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन वह फंसा हुआ महसूस करता है। और मैं साफ कहूं तो गुजरात कांग्रेस भी उसे रास्ता नहीं दिखा पा रही है। मैं यह बिना किसी शर्म और डर के कह रहा हूं कि हमारी पार्टी के नेता, प्रदेश अध्यक्ष और खुद मैं भी गुजरात की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।” यही नहीं राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि “कांग्रेस को आजादी दिलाने में गुजरात की अहम भूमिका थी।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “जब कांग्रेस को ब्रिटिश हुकूमत का सामना करना पड़ा तब हमें नेतृत्व की तलाश थी। वह नेतृत्व हमें दक्षिण अफ्रीका से नहीं बल्कि गुजरात से मिला। गांधीजी ने हमें संघर्ष करने सोचने और आगे बढ़ने की राह दिखाई।” राहुल ने यह भी कहा कि “अगर कांग्रेस को भविष्य में सत्ता में आना है तो उसे गुजरात से ही सीखना होगा।” इसे भी पढ़ें:-  देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े पार्टी के नेता केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें (Rahul Gandhi on Gujarat elections) इस दौरान राहुल गाँधी पार्टी नेताओं से कहा (Rahul Gandhi on Gujarat elections) कि “वे केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस दिन कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी निभाएगी जनता खुद उसे समर्थन देगी। वैसे उनका यह बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए ही था। खैर, वो कहते हैं न राजनीति कितनी भी कटु और चुनौतीपूर्ण हो लेकिन कई बार नेताओं की जुबान पर सच्चाई आ जाती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि गुजरात में कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उनके इस बयान के प्रति कितनी तल्लीनता दिखाते हैं और संगठन किस दिशा में जाता है। बता दें कि गुजरात में बीते चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi on Gujarat elections #RahulGandhi #Congress #GujaratElections #BJP #AAP #ElectionResults #PoliticalAnalysis #IndianPolitics

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Mahila Samridhi Yojana

Mahila Samridhi Yojana: महिलाओं के सशक्तिकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) को आखिरकार शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने हरी झंडी दे दी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। योजना के शुभारंभ के साथ ही 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को सुधारना है। महिलाओं की जरूरतों को समझने की पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने महिलाओं को नजदीक से काम करते और संघर्ष करते देखा है। समाज में महिलाओं से कई अपेक्षाएं होती हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को समझने वाले बहुत कम लोग होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन में कार्य करने के दौरान उन्हें यह समझ आया कि महिलाओं की जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं और उनके समर्थन के लिए एक मजबूत व्यवस्था की जरूरत है। राजनीति में महिलाओं की स्थिति पर विचार रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने महिलाओं को न केवल समर्थन दिया बल्कि उन्हें नेतृत्व की भूमिका में भी स्थापित किया। उन्होंने कांग्रेस शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं, तब उनकी कैबिनेट में कोई अन्य महिला नेता नहीं थी। इसके विपरीत, भाजपा ने महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया और उन्हें उच्च पदों तक पहुंचाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी में महिलाओं का अपमान तक किया गया, जबकि भाजपा ने महिलाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दिल्ली का बजट महिला नेतृत्व के हाथ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने इस अवसर पर कहा कि देश में पहली बार केंद्रीय बजट को महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्तुत किया और अब दिल्ली का बजट भी एक महिला नेतृत्व के हाथों में होगा। यह दर्शाता है कि भाजपा केवल वादे ही नहीं करती, बल्कि उन्हें पूरा भी करती है। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए योजनाएं केवल कागजों पर नहीं बनाई जातीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू भी किया जाता है। महिला सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि रेखा गुप्ता ने कहा कि इस योजना के जरिए दिल्ली की बहनों को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान की भी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाने की जगह, उनके वास्तविक उत्थान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। महिला दिवस के अवसर पर यह योजना उनके लिए एक विशेष उपहार के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 33% महिला आरक्षण देकर यह दिखा दिया कि देश की तरक्की तभी संभव है जब महिलाएं भी समान रूप से आगे बढ़ें। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार भी महिलाओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समृद्धि के लिए ठोस कदम उठाने वाली है। इसे भी पढ़ें:-  दुबई में सस्ता क्यों हैं सोना? विदेश से सोना लाने के क्या हैं नियम? दिल्ली महिला समृद्धि योजना: क्या है और कैसे करेगा लाभ? यह योजना मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और महाराष्ट्र की लड़की बहिन योजना की तर्ज पर बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाएंगे, जिससे वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर सकेंगी। इस योजना की घोषणा पहले ही भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में की गई थी और अब इसे लागू कर दिया गया है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू कर दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें। दिल्ली महिला समृद्धि योजना (Mahila Samridhi Yojana) महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह केवल वित्तीय सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समाज में उनकी स्थिति मजबूत करने की एक प्रभावी रणनीति है। भाजपा (BJP) सरकार ने इस योजना के जरिए यह साबित कर दिया है कि वह महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में इस योजना से दिल्ली की लाखों महिलाओं को फायदा होगा और वे अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samridhi Yojana #MahilaSamridhiYojana #WomenEmpowerment #FinancialFreedom #MSYScheme #SelfReliance #GovtSchemes #WomenWelfare #EconomicGrowth #Entrepreneurship #India

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China population crisis

Population crisis China: चीन की सरकार का तुगलकी फरमान, 9 महीने में बच्चा पैदा करो वरना नौकरी से हाथ धो बैठो

बढ़ती आबादी किसी भी देश के लिए चिंता का सबब होती है। भारत में यह एक सबसे बड़ी समस्या है। लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जो घटती आबादी से परेशान हैं। उन्हीं देशों में एक देश है चीन। चंद वर्षों पहले चीन बढ़ती आबादी से परेशान था। कारण यही जो उसने अपने देश में सिंगल चाइल्ड पॉलिसी को बढ़ावा दिया था। कुछ साल पहले तक दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा चीन अब घटती आबादी से (Population crisis China) परेशान है। मौजूदा दौर में भारत दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बीते तीन-चार दशकों में चीन ने बेहिसाब आर्थिक प्रगति की है। यह तो ठीक लेकिन इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि इस प्रगति का बुरा असर वहां के युवाओं पर पड़ा है। युवा करियर और पैसों  के चक्कर में इस कदर पागल हो चुके हैं कि शादी और परिवार में कोई दिलचस्पी नहीं गई है। आपको जानकार हैरानी होगी कि इस समस्या का शिकार सिर्फ चीन ही नहीं बल्कि  हाल चीन के पड़ोसी मुल्क जापान और दक्षिण कोरिया भी हैं। दक्षिण कोरिया में आलम यह कि दक्षिण कोरिया में फर्टिलिटी रेट दुनिया में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गई है।  युवा अपनी निजी आजादी का हवाला देकर पैदा नहीं (Population crisis China) करना चाहता बच्चा  चीन की आर्थिक प्रगति के साथ से वहां लिविंग स्टाइल और कॉस्ट में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। युवाओं के एक वर्ग मानना है कि कॉस्ट बढ़ने की वजह से वह बच्चे पैदा नहीं करना चाहते हैं। इसके अलावा एक वर्ग अपनी निजी आजादी का हवाला देकर बच्चा पैदा नहीं (Population crisis China) करना चाहता। अधिकतर युवा लिव इन में रहना चाहते हैं। वह शादी से कतराने लगे हैं। बता दें कि बीते साल चीन में 61 लाख शादियां हुई जो 2023 की तुलना में 20 फीसदी कम है। यह आंकड़ा 1986 के बाद से सबसे कम है। ध्यान देने वाली बात यह कि पिछले तीन वर्षों से लगातार चीन की आबादी गिर रही है। चीन की सरकार इस चलन को रोकना चाहती है। इसलिए सरकारी कर्मचारी और अधिकारी महिलाओं के पास जा रहे हैं और उन्हें उनके प्रेग्नेंट होने की सलाह दे रहे हैं। जनसंख्या बढ़ाने के लिए ऐसे प्रचार किए जा रहे हैं कि प्रेग्नेंसी से महिलाएं और ज्यादा खूबसूरत होती हैं। इसके अलावा चीन की सरकार कम उमर में शादी की भी अनुमति देने की सोच रही है। वर्तमान में चीन में शादी के लिए लड़कों की कम से कम उम्र 22 साल और लड़कियों की न्यूनतम उम्र 21 साल है। सरकार लड़का-लड़की की उम्र 18 साल करने के पर भी विचार कर रही है।  इसे भी पढ़ें:-  कैबिनेट मीटिंग में ही भिड़े एलन मस्क और विदेश मंत्री, डोनाल्ड ट्रंप को देना पड़ा दखल अगले नौ महीने के दौरान बच्चे पैदा करें वरना नौकरी से (Population crisis China) दिया जाएगा निकाल  खैर, इस बीच घटती फर्टिलिटी रेट से चीन की सरकार बेहद चिंतित है। अगर यही हाल रहा तो आगामी वर्षों में चीन में कामकाजी लोगों की भारी कमी हो जाएगी। इसे देखते हुए वहां की सरकार ने अपनी जनसंख्या नीति में बदलाव किया है। चीन की सरकार ने एक बच्चे की नीति को खत्म कर दिया है। पहले चीन में एक दंपत्ति एक बच्चा का नियम था। अब चीन की कंपनी शंगडोंग शंटियन केमिकल ग्रुप ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि “वह अगले नौ महीने के दौरान बच्चे पैदा करें वरना उनको नौकरी से (Population crisis China) निकाल दिया जाएगा। इसने एक आंतरिक आदेश में कहा है कि “हमारे कर्मचारी मेहनती और भरोसेमंद हैं। वे देश की बेहतरी के लिए बच्चा पैदा करना चाहते हैं। इसके साथ ही कंपनी ने कहा कि कर्मचारी 30 सितंबर तक वे फैमिली प्लानिंग कर लें वरना नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बता दें कि शंगडोंग शंटियन चीन के इकलौती कंपनी नहीं है जिसने इस तरह का आदेश दिया है। कुछ सप्ताह पहले एक लोकप्रिय सुपर मार्केट चेन ने भी कुछ इसी तरह का आदेश दिया था। उसने अपने आदेश में कहा था कि “युवा जोड़े शादी-सगाई में गिफ्ट की डिमांड न करें।” हालांकि इन कंपनियों के आदेशों की खूब आलोचना भी हुई थी। Latest News in Hindi Today Hindi news Population crisis China #ChinaPopulationCrisis #ChinaBirthPolicy #JobThreatChina #PopulationDecline #ChinaGovtRules #OneChildPolicy #ChinaDemographics #BirthRateCrisis #ChineseEconomy #StrictGovtPolicy

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Ajit Pawar economic data

देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े

महाराष्ट्र के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश हो चुका है। इस रिपोर्ट में राज्य का विकास दर देश से भी ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है। इस साल महाराष्ट्र की विकास दर (Maharashtra Growth Rate) 7.3% रहने का अनुमान है, जबकि इसी वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान है। इस हिसाब से देश की तुलना में राज्य की इकोनॉमी की वृद्धि दर 0.8% अधिक रह सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में क्रमशः 8.7%, 4.9% और 7.8% की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य की अनुमानित सकल आय भी 45,31,518 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। राज्य की स्थिर कीमत के अनुसार अभी सकल आय 26,12,263 करोड़ रुपये है। इस साल करीब 20,051 करोड़ रुपये राजस्व घाटे का अनुमान भी जताया गया है। विधानसभा में पेश समीक्षा रिपोर्ट में राज्य का प्रति व्यक्ति आय 3,09,340 रुपये रहने की संभावना जताई गई है। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 2,78,681 रुपये थी। इस वित्त वर्ष में राज्य पर कर्ज भी पिछले साल की अपेक्षा 10.1% बढ़ सकता है।  महाराष्ट्र का राजस्व 4,19,463 करोड़ रुपये रहने का अनुमान बता दें कि वित्तमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने शुक्रवार को विधानसभा में महायुति सरकार की बजट-पूर्व आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024-25 में राज्य का राजस्व संग्रह 4,19,463 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं कर राजस्व और गैर-कर राजस्व क्रमशः 14,19,972 करोड़ और 79,491 करोड़ रहने की संभावना है। अजित पवार (Ajit Pawar) ने बजट अनुमान में राज्य का राजस्व व्यय 5,19,514 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई है। वहीं साल 2023-24 में राज्य पर कर्च 7,11,278 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 7,82,991 रहने होने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें:-  पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?  आर्थिक सर्वे रिपोर्ट की खास बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Growth Rate #MaharashtraGrowth #AjitPawar #EconomicDevelopment #PerCapitaIncome #MaharashtraEconomy #StateGDP #IndiaGrowth #DevelopmentStats #EconomicProgress #GDPRanking

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YouTube deleted channels and videos

यूट्यूब ने नियमों के उल्लंघन पर डिलीट किये लाखों वीडियो, सबसे ज्यादा भारतीय इन्फ्लुएंसर्स के हटाए गए वीडियो

यूट्यूब (Youtube) आजकल युवाओं में सबसे अधिक प्रचलित सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स में से एक है। यह एक वीडियो शेयरिंग प्लेटफार्म है, जहां न केवल वीडियोज (Videos) देखे जा सकते हैं बल्कि उन्हें अपलोड और शेयर भी किया जा सकता है। इसमें यूजर अपने विचारों और क्रिएटिविटी को व्यक्त कर सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर करोड़ो चैनल्स हैं और कई वीडियोज मौजूद हैं। यूट्यूब (Youtube) के जहां बहुत से फायदे हैं वहीं इसका मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है। इसमें मौजूद अश्लील सामग्री, हिंसक वीडियो, साइबर बुलिंग, और व्यक्तिगत जानकारी भी कई समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। हाल ही में यूट्यूब (Youtube) ने लाखों वीडियोज (Videos) डिलीट किए हैं और अपने कई चैनल्स को भी रिमूव किए है। आइए जानें यूट्यूब (Youtube) के इस कदम के बारे में विस्तार से। यूट्यूब ने क्यों डिलीट किए कई चैनल और वीडियोज (YouTube deleted channels and videos)? यूट्यूब ने डिलीट किए कई चैनल और वीडियोज (YouTube deleted channels and videos) में से अधिकतर भारतीय क्रिएटर्स के हैं। यूट्यूब (Youtube) ने कुल 95 लाख से ज्यादा वीडियो डिलीट किए हैं और 48 लाख चैनल भी रिमूव हुए हैं। कंपनी के मुताबिक ये वीडियो पिछले साल अक्टूबर और दिसंबर के बीच अपलोड किए गए गए थे। दिलचस्प बात यह है कि डिलीट किए गए इन वीडियोज में सबसे अधिक वीडियोज और चैनल्स भारतीय हैं। यानी, इनमे से अधिक वीडियोज (Videos) भारतीय लोगों द्वारा बनाये गए थे। यूट्यूब ने डिलीट किए कई चैनल और वीडियोज (YouTube deleted channels and videos): क्या है कारण?  यूट्यूब द्वारा रिलीज किए डाटा के अनुसार इंडिया से लगभग 20 लाख वीडियोज को डिलीट किया गया है, जो अन्य देशों के मुकाबले बहुत अधिक हैं। इन्हें डिलीट करने के कारण के बारे में कंपनी का कहना है कि उन्हें इसलिए डिलीट किया गया हे क्योंकि उनके कंटेंट में हेट स्पीच, अफवाह, उत्पीड़न आदि था जो कंपनी की पॉलिसी के विरुद्ध है। यानी, यह कंटेंट प्लेटफॉर्म और लोगों के लिए सही नहीं था। यूट्यूब (Youtube) ने यह भी बताया है कि इस एक्शन को एआई कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम द्वारा लिया गया है। जो ऑटोमेटिक्ली उन वीडियोज (Videos) को पहचान लेता है, जो नियमों का उल्लंघन करते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट किए गए वीडियो को एनालाइज करने के बाद उचित कार्रवाई भी की गई है। इसमें यूट्यूब (Youtube) ने कई चैनल्स को भी रिमूव किया है। लगभग 48 लाख चैनल को प्लेटफॉर्म से बैन किया गया है।  यह कार्रवाई उन चैनलों के खिलाफ की गई है जो स्पैम, धोखाधड़ी या भ्रामक सामग्री को बढ़ावा दे रहे थे। जब इन चैनल्स को रिमूव किया गया, तो इससे जुड़े वीडियो भी खुद ही डिलीट हो गए। संक्षेप में कहा जाए तो यूट्यूब ने अपने प्लेटफॉर्म को और अधिक सुरक्षित और लोगों के लिए फायदेमंद बनाने के लिए यह कदम उठाया है।  इसे भी पढ़ें: Yoga Solar PC Concept: Lenovo का लेटेस्ट सोलर एनर्जी से चलने वाला लैपटॉप यूट्यूब की सेफ्टी पॉलिसी यूट्यूब (Youtube) समय-समय पर अपने प्लेटफॉर्म पर यूजर की सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने के लिए उचित कदम उठाता रहता है। एआई-बेस्ड डिटेक्शन टूल्स और यूजर रिपोर्टिंग सिस्टम्स से उन्हें इसमें और अधिक फायदा मिल रहा है। इस कंपनी का उद्देश्य यूजर्स को एक सुरक्षित और विश्वसनीय वीडियो प्लेटफॉर्म प्रदान करना है ताकि हर उम्र के लोग बिना किसी समस्या के इसका आनंद ले सकें। क्योंकि डिलीट किए 95 लाख वीडियोज में से 50 लाख वीडियोज ऐसे थे, जिनमे बच्चों को शामिल किया गया था। इन वीडियोज (Videos) में खतरनाक स्टंट, उत्पीड़न और अन्य हानिकारक गतिविधियां शामिल थी, जो यूट्यूब की सिक्योरिटी पॉलिसीज के विरुद्ध था। यह वीडियोस न केवल बच्चों के लिए हानिकारक थे बल्कि इनसे गलत सदेश भी जा रहा था। यही कारण है कि यूट्यूब (Youtube) ने यह कदम उठाया और कई वीडियोज और चैनल्स को रिमूव किया गया। इससे क्रिएटर्स में भी यह सन्देश जाएगा कि वो अच्छे और सुरक्षित वीडियोज (Videos) के निर्माण पर जोर दें और यूट्यूब (Youtube) के गाइडलाइन्स के विरुद्ध कोई भी काम करने से बचें। Latest News in Hindi Today Hindi news YouTube deleted channel and videos #YouTubedeletedchanneldandvideos #Youtube #Videos #privacy

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InternationalWomensDay2025

International Women’s Day: पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?

प्रत्येक साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है, जो महिलाओं के अधिकारों, उपलब्धियों और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी भूमिका को सराहा। पीएम मोदी (PM Modi) ने इस बार महिला दिवस को और भी खास बनाने के लिए परमाणु वैज्ञानिक एलिना मिश्रा और अंतरिक्ष वैज्ञानिक शिल्पी सोनी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) संभालने का अवसर दिया। इन दोनों महिला वैज्ञानिकों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, “भारत विज्ञान और नवाचार के लिए सबसे शानदार स्थानों में से एक है। हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” एलिना मिश्रा  एलिना मिश्रा, भुवनेश्वर (ओडिशा) की रहने वाली हैं, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में काम कर रही हैं। उन्होंने अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए बताया कि कैसे उनके पिता ने उनमें विज्ञान के प्रति रुचि जगाई। उन्होंने अपने शोध और वैज्ञानिक योगदान के बारे में बताते हुए लिखा- “परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से जुड़कर साकार हुआ।” एलिना ने लो एनर्जी हाई इंटेंसिटी प्रोटॉन एक्सेलेरेटर (LEHIPA) से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अपना योगदान दिया है। उन्होंने शिकागो स्थित फर्मी नेशनल एक्सेलेरेटर लेबोरेटरी के साथ भारत की साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 800 MeV प्रोटॉन इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP-II) परियोजना में स्वदेशी रूप से विकसित मैग्नेट को शामिल किया। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्रायो-फ्री, हल्के और पोर्टेबल चिकित्सा उपकरणों के विकास में भी योगदान दिया। उन्होंने लिखा- “यह देखकर गर्व महसूस होता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी न केवल अनुसंधान बल्कि आम लोगों के जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।” शिल्पी सोनी  शिल्पी सोनी मध्य प्रदेश के सागर की रहने वाली हैं। इन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में अपने 24 वर्षों के कार्यकाल में 35 से अधिक संचार और नेविगेशन मिशनों में योगदान दिया है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि ISRO में काम करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने लिखा- “इसरो में कोई सीमाएं नहीं हैं, यह सभी के लिए समान अवसर प्रदान करता है। चुनौतियों को नवाचार के जरिए हल करने का अवसर मिलना एक अद्भुत अनुभव है।” शिल्पी ने अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भरता को लेकर एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने स्पेस ट्रैवलिंग वेव ट्यूब तकनीक को सफलतापूर्वक स्वदेशी रूप से विकसित कर लिया है, जो अब तक केवल कुछ ही देशों के पास थी। इस समय वह GSAT-22/23 संचार पेलोड परियोजना की एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने लिखा- “अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित होते देखना मेरे लिए गर्व का क्षण था, जिसमें मैंने अपनी टीम के साथ योगदान दिया।” इसे भी पढ़ें:- ‘मैं उद्धव ठाकरे नहीं, जो बदले की भावना से परियोजना रोकूं’, विधानसभा में विपक्ष के आरोपों पर जमकर बरसे सीएम फडणवीस विज्ञान और तकनीक में महिलाओं के लिए असीम संभावनाएं एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी दोनों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा- “विज्ञान और तकनीक की दुनिया अनंत संभावनाओं से भरी हुई है। जब हमारे द्वारा विकसित तकनीकें और सिस्टम सफलतापूर्वक काम करते हैं, तो जो संतोष और गर्व महसूस होता है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।” उन्होंने अन्य महिलाओं से भी अपील की कि वे विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान में करियर बनाने के अवसरों को अपनाएं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी का पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट से संवाद यह दर्शाता है कि भारत में महिलाएं अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ये दोनों वैज्ञानिक न सिर्फ अपने क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। इसरो और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह प्रमाणित करती है कि अब महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनके योगदान से “नारी शक्ति” की ताकत और उज्जवल भविष्य की झलक मिलती है। इस महिला दिवस (Women’s Day) पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम महिलाओं को विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकें। Latest News in Hindi Today Hindi news International Women’s Day #InternationalWomensDay2025 #WomenInScience #ElinaMishra #ShilpiSoni #WomenEmpowerment #PMModi #WomenInSTEM #NariShakti #WomenLeadership #ScienceAndTechnology

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Hampi tourist incident

Hampi tourist incident: इजरायली पर्यटक सहित दो महिलाओं की लूटी इज्जत, तीन पुरुष साथियों को फेंका नहर में

हम्पी कर्नाटक का विश्व प्रसिद्ध टूरिस्ट स्पॉट है। दुनिया भर से सैलानी यहाँ लुफ्त लेने आते हैं। आये दिन हम्पी में विदेशी पर्यटकों का तांता लगा रहता है। इसी विश्व विख्यात पर्यटन स्थल से दो महिलाओं से दुष्कर्म (Hampi tourist incident) का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के मुताबिक यहां अज्ञात लोगों ने एक विदेशी महिला पर्यटक सहित 2 महिलाओं का रेप किया है। इसमें एक महिला विदेशी है। इसके अलावा तीन पुरुष साथियों के साथ मारपीट कर बदमाशों ने उन्हें नहर के पानी में फेंक दिया, जिसमें से एक पर्यटक के लापता होने की भी खबर है। पुलिस के मुताबिक गुरुवार तकरीबन रात 11-11:30 बजे के बीच ये घटना हुई। हम्पी के पास लोकप्रिय सानापुर झील के किनारे अज्ञात बदमाशों ने एक 27 वर्षीय इजरायली महिला पर्यटक और एक होमस्टे की 29 वर्षीय महिला संचालिका के साथ दुष्कर्म किया। इस हमले में अमेरिका और महाराष्ट्र के दो अन्य पुरुष पर्यटक घायल हो गए हैं। घायलों का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। ओडिशा के रहने वाले पुरुष पर्यटक को अपराधियों ने तुंगभद्रा नहर में धक्का दे दिया। जिसके बात से वो लापता है। पुलिस की स्पेशल टीम इस  घटना से जुड़े आरोपियों की तलाश कर रही है। कुछ भी हो, हैरान कर देने वाली यह घटना सच में भारत के लिए बड़ी शर्म की बात है। बता दें कि सानापुर झील हम्पी से तकरीबन 4 किमी दूर है। यह विदेशी पर्यटकों के बीच सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र है। धक्कामुक्की में अपराधियों ने तीन पुरुष पर्यटकों को नहर में धकेल (Hampi tourist incident) दिया एफआईआर के अनुसार, ये वारदात तब हुई जब चार पर्यटक और होमस्टे की महिला संचालक सानापुर झील के पास संगीत बजाकर लुत्फ ले रहे थे। जानकारी के मुताबिक तभी बाइक सवार तीन लोग उनके पास आए और पूछा कि “उन्हें पेट्रोल कहां से मिलेगा?” इस बीच होमस्टे संचालिका ने उन्हें बताया कि “आसपास कोई पेट्रोल पंप नहीं है। तो तीनों ने उनसे कैश की मांग की। जब पांचों ने कोई पैसा देने से इनकार कर दिया, तो वो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। इस बीच हुई धक्कामुक्की में उन्होंने तीन पुरुष पर्यटकों को नहर में धकेल (Hampi tourist incident) दिया। शिकायत दर्ज कराने वाली एक महिला पीड़िता का कहना है कि “जब पुरुष पर्यटक नहर से बाहर आने की कोशिश कर रहे थे, तब तीन में से दो आरोपियों ने उसके और इजरायली महिला पर्यटक के साथ दुष्कर्म किया। एक पुरुष पर्यटक लापता है। फ़िलहाल उसकी तलाश की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों को पकड़ने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरे मामले पर कोप्पल के एसपी राम एल अरसड्डी ने कहा कि “हमें जो जानकारी मिली उसके अनुसार तकरीबन 5 लोगों पर सानापुर के पास हमला हुआ है। इनमें दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। इसमें से 2 विदेशी जिसमें एक अमेरिकी पुरुष और एक इजराइली महिला है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक “महिला ने शिकायत में कहा कि उन सभी के साथ मारपीट करने के साथ-साथ महिलाओं के साथ सेक्सुअल असॉल्ट भी किया गया।”  इसे भी पढ़ें:- धर्म विशेष के चार युवकों ने 14 साल की लड़की से 2 महीने तक की हैवानियत, जबरन खिलाया बीफ, डाला तेजाब महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दर्ज की एफआईआर (Hampi tourist incident)  इस पूरे मामले पर एसपी ने कहा कि “महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एफआईआर (Hampi tourist incident) दर्ज की गई है। फ़िलहाल उनका मेडिकल करवाया गया है। फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही रेप की पुष्टि होगी। महिला का दावा है कि उनके साथ सेक्सुअल असाल्ट हुआ है, इसलिए सरकारी अस्पताल में इनको लाया गया है। जरूरत पड़ने पर आवश्यकतानुसार उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट किया जाएगा। हम आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ लेंगे।” इस संबंध में गंगावती ग्रामीण पुलिस स्टेशन में बीएनएस की धारा 309 (6) चोरी या जबरन वसूली, 311 मौत या गंभीर चोट पहुंचाने के इरादे से डकैती, 64 बलात्कार, 70 (1) सामूहिक बलात्कार और 109 हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज किया गया है। Latest News in Hindi Today Hindi News Hampi tourist incident #HampiIncident #TouristSafety #IsraelTourists #KarnatakaCrime #IndiaNews #WomenSafety #TravelAlert #JusticeForVictims #BreakingNews #CrimeInIndia

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Harvard Scientist's Mathematical Proof Suggests God's Existence

Mathematical proof of God: हार्वर्ड के वैज्ञानिक डॉक्टर विली सून ने मैथ्स के इस फॉर्मूले से किया भगवान के अस्तित्व को साबित

सदियों से भगवान के अस्तित्व को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहे हैं। एक तपका है जो ईश्वर के होने पर आँख मूंदकर विश्वास करता है तो वहीं दूसरा तपका ऐसा भी है जो भगवान के अस्तित्व को सिरे से खारिज करता आ रहा है। लोग अपनी-अपनी आस्था के हिसाब से भगवान की आराधना करते आ रहे हैं। भिन्न-भिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने हिसाब से भगवान की पूजा करते हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि आस्था के अलावा वैज्ञानिकों के लिए भी यह हमेशा जिज्ञासा का विषय रहा है कि कि क्या हमारे ब्रम्हांड में भगवान जैसी कोई चीज है भी या नहीं भी? इसी जिज्ञासा को लेकर एक वैज्ञानिक ने भगवान के अस्तित्व का खुलासा किया है। भगवान के अस्तित्व का खुलासा वो भी गणित के एक सूत्र (Mathematical proof of God) से। मजे की बात यह कि अब गणित के सूत्र से भगवान का खुलासा होने लगा है। खैर, आपको बता दें कि हार्वर्ड के एस्ट्रोफिजिशियस्ट और एयरोस्पेस इंजीनियर डॉक्टर विली सून ने दावा है कि गणित का एक सूत्र भगवान के अस्तित्व का अंतिम प्रमाण हो सकता है। दरअसल, डॉक्टर विली सून हाल ही में टकर कार्ल्सन नेटवर्क पॉडकास्ट पर कुछ फॉर्मूले पेश करते हुए कहा कि “ब्रह्मांड का रहस्य मात्र तारों में ही नहीं, लेकिन गणित के कुछ बुनियादों में भी लिखे हो सकते हैं।”  यह फॉर्मूला सबसे पहले कैंब्रिज के गणितज्ञ पॉल डिराक की ओर से (Mathematical proof of God) किया गया था प्रस्तावित  प्राप्त जानकारी के मुताबिक उन्होंने अपनी थ्योरी में फाइन ट्यूनिंग आर्ग्यूमेंट को मुख्य केंद्र बनाया है। इसके मुताबिक ब्रम्हांड के फिजिकल लॉ सटीक रूप से जीवन को समर्थन देने के लिए संतुलित किए गए हैं। अब यह संयोग तो नहीं हो सकता है न? बता दें कि यह फॉर्मूला सबसे पहले कैंब्रिज के गणितज्ञ पॉल डिराक की ओर से प्रस्तावित (Mathematical proof of God) किया गया था। इसमें यह दर्शाया गया है कि कैसे कुछ कॉस्मिक एलाइन बिल्कुल अद्भुत सटीकता के साथ एक-दूसरे से मेल खाते हैं। बड़ी बात यह कि इस घटना ने वैज्ञानिकों को चौंका दिया है। डिराक ने अनुमान लगाया है कि यूनिवर्स के फिजिकल लॉ के परफेक्ट बैलेंस को गणित के थ्योरी में महान सुंदरता और शक्ति के संदर्भ में परिभाषित किया जा सकता है। इसे समझने के लिए व्यक्ति को हाई इंटेलिजेंस की आवश्यकता होगी। बता दें कि साल 1963 में गणितज्ञ पॉल डिराक ने अपनी किताब में लिखा कि “कोई शायद इस स्थिति का वर्णन इस तरह कर सकता है कि भगवान एक बेहद उच्च श्रेणी के गणितज्ञ हैं। उन्होंने यूनिवर्स को बनाने में बेहद एडवांस मैथमैटिक्स का इस्तेमाल किया था।”  इसे भी पढ़ें:-  ब्रह्मा जी ने कैसे की सृष्टि की रचना? जानिए क्या है पौराणिक कहानी डॉक्टर सून ने डिराक की थ्योरी (Mathematical proof of God) के जरिए भगवान के अस्तित्व को लेकर कही यह बात  यही नहीं, पॉडकास्ट में डॉक्टर सून ने भी डिराक की थ्योरी (Mathematical proof of God) के जरिए भगवान के अस्तित्व को लेकर बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि “हमारे जीवन को रोशन करने वाली हमेशा उपस्थित इन शक्तियों के कई उदाहरण हैं। हालांकि कई वैज्ञानिकों ने साइंस को धर्म से जोड़ने से परहेज किया है। डॉक्टर सून ने अपना तर्क देते हुए कहा कि “गणित और यूनिवर्स के बीच का सामंजस्य एक जानबूझकर किए गए डिजाइन की ओर इशारा करता है। भगवान ने हमें प्रकाश का अनुसरण करने के लिए यह प्रकाश दिया है, ताकि हम अपनी पूरी कोशिश कर सकें।” देखना दिलचस्प यह कि यह थ्योरी वैज्ञानिकों को किस हद तक संतुष्ट कर पाती है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Mathematical proof of God #MathematicalProofOfGod #DrWillieSoon #FineTuningArgument #ScienceAndFaith #PaulDirac #AntimatterDiscovery #CosmicDesign #UniverseFineTuning #PhysicsAndTheology #ExistenceOfGod

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Elon Musk Clashes with Minister

Elon Musk Clashes with Minister: कैबिनेट मीटिंग में ही भिड़े एलन मस्क और विदेश मंत्री, डोनाल्ड ट्रंप को देना पड़ा दखल

अमेरिकी राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की सरकार में कई कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। हालांकि उनके फैसलों का अमेरिका में जमकर विरोध भी हो रहा है। ट्रंप प्रशासन का एक ऐसा ही फैसला है सरकारी स्टाफ में कटौती का। उनके इस फैसले की आलोचना न सिर्फ अमेरिकी राजकर्मियों के संगठन बल्कि अन्य लोग भी कर चुके हैं। इस बीच उनके अपने इस फैसले के कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में विदेश मंत्री मार्को रुबियो और सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख एलन मस्क के बीच नोकझोंक होने की खबर सामने आई है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक गुरुवार को ट्रंप की मौजूदगी में कैबिनेट बैठक के दौरान दोनों के बीच झड़प (Elon Musk Clashes with Minister) हुई। खैर, बाद में ट्रंप ने मस्क और रुबियो के बीच झड़प की बातों का खंडन किया है। मजे की बात यह कि एक तरफ जहां ट्रंप ने मस्क और रुबियो के बीच झड़प की बातों का खंडन किया है तो वहीं दूसरी ओर न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और एलन मस्क के बीच स्टाफ कटौती के मुद्दे पर बहस हुई थी। गौर करने वाली बात यह कि रॉयटर्स ने भी इस बहस को रिपोर्ट किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट की माने तो यह ड्रामा उस बैठक में हुआ, जिसमें ट्रंप ने अपने कैबिनेट प्रमुखों से कहा कि “उनकी एजेंसियों में स्टाफिंग और नीति पर अंतिम फैसला मस्क का नहीं, बल्कि उनका है।” ट्रंप प्रशासन को अपने ही मतदाताओं के गुस्से (Elon Musk Clashes with Minister) का करना पड़ा है सामना  प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह बैठक एजेंसी प्रमुखों से लेकर चीफ ऑफ स्टाफ, सूजी विल्स सहित व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारियों तक मस्क ऑपरेशन के कठोर-बलपूर्ण दृष्टिकोण के बारे में की गई शिकायतों के बाद बुलाई गई थी। स्टाफ कटौती के इस फैसले के खिलाफ ट्रंप प्रशासन को अपने ही मतदाताओं के गुस्से (Elon Musk Clashes with Minister) का सामना करना पड़ा है। हालांकि शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से रूबरू होते हुए ट्रंप से जब टाइम्स की रिपोर्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि कोई टकराव नहीं। मैं वहां स्वयं मौजूद था।” उन्होंने आगे कहा कि “एलन मस्क मार्को रुबियो के साथ बहुत अच्छे से पेश आते हैं और वे दोनों शानदार काम कर रहे हैं।” इसे भी पढ़ें:-  नरम पड़े डोनाल्ड ट्रंप, 45 दिन बाद मैक्सिको-कनाडा को दी राहत बढ़ती बहस (Elon Musk Clashes with Minister) को देखते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को स्वयं करना पड़ा हस्तक्षेप   बैठक के दौरान मजे लेते हुए मस्क ने कहा कि “आपने किसी को भी नहीं निकाला है। आपका विदेश विभाग अभी भी फूला हुआ है।” मस्क के तीखे सवाल को सुनते ही रुबियो भड़क उठे। उन्होंने जवाब दिया कि मस्क को 1,500 विदेश विभाग के अधिकारियों की याद दिला दी जिन्होंने बायआउट किया था। मगर  मस्क प्रभावित नहीं हुए। खैर, रुबियो ने व्यंग्यात्मक रूप से पूछा कि “क्या मस्क चाहते हैं कि वे उन सभी लोगों को फिर से काम पर रखें ताकि वे उन्हें फिर से नौकरी से निकालने का दिखावा कर सकें?” इस बीच दोनों के बीच जैसे ही बहस (Elon Musk Clashes with Minister) बढ़ी वैसे ही राष्ट्रपति ट्रंप, जो पहले हाथ पर हाथ धरे देख रहे थे, आखिरकार उन्हें स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा। ट्रंप ने कहा कि “कैबिनेट सचिव कार्यभार संभालेंगे, जबकि मस्क की टीम केवल सलाह देगी।” बेशक यह ट्रंप का पहला महत्वपूर्ण संकेत था कि मस्क के प्रभाव पर सीमाएं लगाने के लिए तैयार थे। कहने की जरूरत नहीं, इसे देखकर यह कहा जा सकता है कि ट्रंप की सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हैरत की बात यह कि एक तरफ पूरी दुनिया को ट्रंप अपनी ताकत दिखाने में लगे हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उनके मंत्री ही आपस लड़ रहे हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Clashes with Minister #ElonMusk #DonaldTrump #USPolitics #ForeignAffairs #TechVsPolitics #CabinetClash #MuskVsMinister #TrumpMediation #BreakingNews #PoliticalDrama

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