Indian stock market surge

Nifty 50 gains : कई महीनों बाद भारतीय शेयर बाजार में आई तेजी

शेयर बाजार में लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी देखने को मिली। दोपहर 1 बजे बीएसई सेंसेक्स (BSC Stock) 812 अंकों की बढ़त के साथ 73,802 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 274 अंकों की तेजी के साथ 22,357 पर ट्रेड करता दिखा। इस तेजी में आईटी, टेलीकॉम, मेटल, ऑटो, एफएमसीजी, सरकारी बैंक, रियल एस्टेट और ऑयल एंड गैस सेक्टर का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बाजार में आई इस लंबे समय बाद की तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। आइए जानते हैं शेयर बाजार में आई तेजी के पीछे स्टॉक मार्केट (Stock Market) से जुड़े एक्सपर्ट्स का क्या है मानना –  1. शॉर्ट कवरिंग: गिरावट के बाद रिकवरी शेयर बाजार के विशेषज्ञों के अनुसार सेशंस में लगातार आ रही गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी देखी जा रही है। इस दौरान विशेष रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय शेयरों में शॉर्ट पोजिशन बना ली गई थीं। अब जब बाजार में स्थिरता लौटी है, तो वे अपनी शॉर्ट पोजिशंस कवर कर रहे हैं, जिससे बाजार में खरीदारी बढ़ी है। जिसे आज की तेजी के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। 2. अमेरिकी डॉलर में कमजोरी: भारतीय बाजार को मिला फायदा 3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यूएस ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में भी गिरावट देखी गई है, जो भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। 4. अमेरिका में महंगाई और टैरिफ वॉर का डर 5. अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट की आशंका शेयर बाजार में तेजी का असर: निवेशकों को राहत इस तेजी से संकेत मिलते हैं कि अगले कुछ दिनों में बाजार में और स्थिरता आ सकती है और अगर वैश्विक कारक अनुकूल रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार नए ऊंचे स्तर छू सकता है। निवेशकों के लिए रणनीति लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है। अगर बाजार में मजबूती बनी रहती है, तो अच्छे स्टॉक्स में निवेश करने का यह सही समय हो सकता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए। हालांकि बाजार में उछाल आया है, लेकिन वैश्विक स्थितियां अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। आईटी और ऑटो सेक्टर में अभी भी अच्छी संभावनाएं बनी हुई हैं, क्योंकि इनमें निवेशकों की रुचि लगातार बनी हुई है। डॉलर और अमेरिकी बाजार पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि वहां की स्थिति का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा बाजार में सुधार की उम्मीद भारतीय शेयर बाजार में 19 दिनों की गिरावट के बाद जबरदस्त तेजी आई है। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें शॉर्ट कवरिंग, अमेरिकी डॉलर में गिरावट, बॉन्ड यील्ड में कमी, अमेरिका में महंगाई का डर और वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता प्रमुख हैं। अगर ये सकारात्मक संकेत बरकरार रहते हैं, तो भारतीय शेयर बाजार आने वाले दिनों में और नई ऊंचाइयों तक जा सकता है। निवेशकों के लिए यह जरूरी है कि वे सतर्कता के साथ अपनी रणनीति बनाएं और बाजार के रुझानों पर नजर बनाए रखें। Latest News in Hindi Today Hindi news NSE Nifty #StockMarket #Sensex #Nifty50 #IndianEconomy #Investing #BullRun #ShareMarket #StockTrading #FinanceNews #MarketUpdate

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Champions Trophy final 2025

ICC Champions Trophy 2025: भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में बनाई जगह

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (ICC Champions Trophy 2025) के पहले सेमीफाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह बना ली। 4 मार्च को दुबई में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा की अगुवाई में टीम इंडिया (Team India) ने शानदार खेल दिखाया और कंगारू टीम का इस टूर्नामेंट में सफर खत्म कर दिया। भारत को जीत के लिए 265 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे टीम ने 48.1 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत में विराट कोहली (84 रन) और श्रेयस अय्यर (45 रन) की पारियों ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही, भारतीय टीम की फील्डिंग भी बेहतरीन रही, जिसके चलते मुकाबले के बाद ‘बेस्ट फील्डर का मेडल’ भी दिया गया। बीसीसीआई ने इस खास पल का वीडियो भी साझा किया, जिसे फैन्स ने काफी पसंद किया। श्रेयस अय्यर बने बेस्ट फील्डर, रवि शास्त्री ने दिया मेडल भारतीय टीम की फील्डिंग इस सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार रही। शुभमन गिल ने जहां ट्रेविस हेड का जबरदस्त रनिंग कैच पकड़ा, वहीं श्रेयस अय्यर की सटीक थ्रो ने एलेक्स कैरी को पवेलियन भेजा। श्रेयस अय्यर की जबरदस्त फील्डिंग के चलते उन्हें ‘बेस्ट फील्डर’ का मेडल दिया गया। यह खास सम्मान उन्हें भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में दिया। इस मौके पर रवि शास्त्री ने भारतीय टीम के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा, “जब मैदान पर दो बेहतरीन टीमें आमने-सामने होती हैं, तो असली कैरेक्टर सामने आता है। आज के मैच में वही देखने को मिला। पूरी टीम का प्रयास ही आपको जीत की ओर ले जाता है। अब फाइनल में भी इसी जज्बे के साथ खेलना होगा।” श्रेयस अय्यर ने अपने शानदार प्रदर्शन के लिए टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि यह जीत पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। उनके बेहतरीन फील्डिंग प्रयासों ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया, जिससे टीम को जीत हासिल करने में मदद मिली। विराट कोहली और श्रेयस अय्यर की पारियों ने दिलाई जीत भारतीय टीम की बल्लेबाजी की बात करें तो लक्ष्य का पीछा करते हुए विराट कोहली ने एक बार फिर खुद को बड़े मैचों का खिलाड़ी साबित किया। उन्होंने 84 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जिससे टीम की जीत आसान हो गई। श्रेयस अय्यर ने भी 45 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके अलावा, कप्तान रोहित शर्मा (Caption Rohit Sharma) ने भी तेजी से रन बटोरते हुए पारी को आगे बढ़ाने में मदद की। गेंदबाजी में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ने अहम विकेट चटकाए, जिससे ऑस्ट्रेलिया की टीम बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही। फाइनल में भारत का सामना किससे होगा? भारत ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है, लेकिन उसका मुकाबला किस टीम से होगा, इसका फैसला 5 मार्च को होगा। दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा, जो लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आयोजित होगा। फाइनल मुकाबला 9 मार्च को दुबई के मैदान पर खेला जाएगा, जहां भारतीय टीम अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी। इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना क्या भारत दोबारा चैंपियन बन पाएगा? भारतीय क्रिकेट टीम पहले भी चैंपियंस ट्रॉफी (Champions Trophy) जीत चुकी है और इस बार भी उनकी नजरें खिताब पर टिकी होंगी। टीम की मौजूदा फॉर्म, मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप, धारदार गेंदबाजी और शानदार फील्डिंग को देखते हुए भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, फाइनल में न्यूजीलैंड या साउथ अफ्रीका में से किसी एक टीम से कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद है। अगर भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल जैसी ही ऊर्जा और रणनीति के साथ खेलते हैं, तो एक और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का सपना हकीकत में बदल सकता है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 (ICC Champions Trophy 2025) के पहले सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया। विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी, श्रेयस अय्यर की बेहतरीन फील्डिंग और पूरी टीम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह जीत दर्ज की। अब भारतीय टीम 9 मार्च को दुबई में होने वाले फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड या साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी। अगर टीम इसी लय में खेलती रही, तो ट्रॉफी भारत की झोली में आना तय है। Latest News in Hindi Today Hindi news ICC Champions Trophy 2025 #ICCChampionsTrophy2025 #INDvsAUS #TeamIndia #CricketFinal #ChampionsTrophy #IndiaCricket #AUSvsIND #CricketNews #CricketLovers #BCCI

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Study about beer and brain

अगर आप बीयर पीने के शौकीन हैं, तो हो जाएं सतर्क

बीयर (Beer) को दुनिया का सबसे पुराना ऐल्कोहॉल ड्रिंक माना जाता है, जिसकी उत्पत्ति 5000 ईसा पूर्व से हुई थी। यही नहीं, बीयर दुनिया का सबसे अधिक पीने वाला एल्कोहॉलिक पेय पदार्थ भी है। अधिक मात्रा में इसका सेवन हेल्थ के लिए नुकसानदायक और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है। इसलिए, इसे सही मात्रा में पीना ही हमारे लिए फायदेमंद है। एक स्टडी के अनुसार कम मात्रा में बीयर (Beer) पीना यानी दिन में दो बियर पीना ब्रेन के लिए हानिकारक है। इसका माना जा रहा है कि इससे हमारा ब्रेन (Brain) समय से पहले ही 10 साल तक बूढ़ा हो सकता है। आइए पाएं जानकारी बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain) के बारे में। बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain): पाएं जानकारी मायोक्लिनिक (Mayoclinic) के अनुसार किसी भी मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन स्वास्थ्य को खतरा होता है। जबकि मध्यम मात्रा में इसका सेवन करने पर जोखिम कम होता है। हाल ही में हुई स्टडी के अनुसार एल्कोहॉल का सेवन करने से ब्रेन को नुकसान हो सकता है और इसके बारे में पहले से ही पता ,है लेकिन एक नई स्टडी  की मानें तो एल्कोहॉल यानी बीयर (Beer) की कम मात्रा हमारे ब्रेन (Brain) को शरिंक कर सकता है। यानी, दिन में दो बियर बीने से ब्रेन को सिकोड़ सकता है और ब्रेन (Brain) की उम्र 10 साल तक बढ़ सकती है। यह स्टडी 36,678 मरीजों के ब्रेन के एमआरआई स्कैन (MRI Scan) पर आधारित है।  इस स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग दिन में दो या इससे अधिक बीयर (Beer) पीते हैं, उनके दिमाग को नुकसान हो सकता है। यह इफेक्ट एल्कोहॉल की मात्रा के अनुसार बढ़ सकता है। इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि बीयर (Beer) या एल्कोहॉल के सेवन का प्रभाव ब्रेन (Brain) पर एक जैसा नहीं होता है। अगर आप इस समस्या से बचना चाहते हैं तो शराब या बीयर (Beer) के सेवन से बचें, ताकि आपके ब्रेन की हेल्थ सही रहे। किसी भी मात्रा में एल्कोहॉल का सेवन करने से कैंसर का खतरा बढ़ता है और इससे इम्युनिटी भी कम होती है। लेकिन, यह नई स्टडी बियर पीने वाले लोगों के लिए एक और चिंता का कारण है। उन्हें एल्कोहॉल के सेवन से पहले खास ध्यान रखना चाहिए।  यह तो थी बीयर और ब्रेन के बारे में स्टडी (Study about beer and brain) के बारे में जानकारी। कुछ अन्य फूड्स भी हैं जो हमारे ब्रेन (Brain) की उम्र को बढ़ा सकते हैं। अब जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।  इसे भी पढ़ें: Antioxidant: फिट एंड फाइन रहने के लिए एंटीऑक्सीडेंट क्यों जरूरी है? फूड्स जो ब्रेन की उम्र बढ़ाएं ब्रेन (Brain) की उम्र को केवल एल्कोहॉल ही नहीं बल्कि अन्य कई फ़ूड भी बढ़ा सकते हैं। इनके अधिक सेवन ब्रेन सिकुड़ कर सकते हैं। आइए जानें इन फूड्स के बारे में। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Study about beer and brain #Studyaboutbeerandbrain #beer #brain #alcohol

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Holi Hindu Festival

होली 2025: इस साल होली के दिन लगेगा चंद्र ग्रहण, जानें इसका आपके जीवन पर क्या होगा प्रभाव

होली (Holi) का त्योहार रंगों, उत्साह और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। यह त्योहार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। लेकिन इस साल होली (Holi) का त्योहार एक दुर्लभ खगोलीय घटना के साथ मनाया जाएगा। 14 मार्च 2025 को होली के दिन चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) लगेगा, जो इस त्योहार को और भी खास बना देगा। चंद्र ग्रहण का यह संयोग कई लोगों के मन में सवाल उठा रहा है कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आइए जानते हैं कि होली पर चंद्र ग्रहण का क्या महत्व है और इसका हमारे जीवन पर क्या असर हो सकता है। चंद्र ग्रहण क्या है और क्यों लगता है? चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा (Moon) के बीच आ जाती है। इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का प्रकाश कुछ समय के लिए मंद पड़ जाता है। चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका कारण राहु-केतु को माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, यह ग्रहण केतु के प्रभाव से लगेगा। राहु और केतु को सांप के समान माना जाता है, जिनके डसने से ग्रहण होता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, जब राहु और केतु चंद्रमा को ग्रसने का प्रयास करते हैं, तब चंद्रग्रहण घटित होता है। चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) तीन प्रकार के होते हैं: पूर्ण चंद्र ग्रहण, आंशिक चंद्र ग्रहण और उपच्छाया चंद्र ग्रहण। 14 मार्च 2025 को लगने वाला चंद्र ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा (Moon) पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में छिप जाएगा। होली और चंद्र ग्रहण का संयोग भारत में इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च को और होली का उत्सव 14 मार्च को मनाया जाएगा। इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी लगेगा। हालांकि, चूंकि यह ग्रहण भारत में दिन के समय पड़ेगा, इसलिए यह यहां दिखाई नहीं देगा। ग्रहण नजर न आने के कारण इसका कोई धार्मिक प्रभाव नहीं होगा, और होली (Holi) के त्योहार पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसे भी पढ़ें:- कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत क्या भारत में सूतक रहेगा इस वर्ष होली के दिन, 14 मार्च को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार, उपछाया ग्रहण सुबह 9:27 बजे शुरू होगा, जबकि आंशिक ग्रहण 10:39 बजे प्रारंभ होकर 11:56 बजे समाप्त हो जाएगा। चूंकि ग्रहण दिन के समय पड़ेगा, इसलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा और इसका कोई प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। हालांकि, इसका असर मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, यूरोप के कई क्षेत्रों, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, तथा अफ्रीका के बड़े हिस्सों में देखा जाएगा। राशि पर क्या होगा असर वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है, जो तब घटित होती है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं। इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य के प्रकाश को चंद्रमा तक पहुंचने से रोक देती है, जिससे चंद्रग्रहण होता है। 14 मार्च को लगने वाला यह चंद्रग्रहण कन्या राशि में होगा, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, क्योंकि यह ग्रहण उनके लिए अशुभ प्रभाव ला सकता है। ग्रहण के समय चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य और शनि चंद्रमा के सातवें भाव में रहकर उस पर पूर्ण सप्तम दृष्टि डालेंगे, जिससे इसका प्रभाव और अधिक तीव्र होगा। केतु चंद्रमा (Moon) के द्वितीय भाव में रहेगा, जिससे मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। वहीं, राहु, बुध और शुक्र चंद्रमा के आठवें भाव में स्थित होंगे, जिससे कुछ राशियों पर मिश्रित प्रभाव पड़ेगा। दूसरी ओर, गुरु ग्रह (बृहस्पति) चंद्रमा के दशम भाव में रहेगा, जिससे धार्मिक और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में वृद्धि होगी। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Lunar Eclipse #Holi2025 #LunarEclipse2025 #HoliFestival #ChandraGrahan #HoliImpact #HoliCelebration #Astrology2025 #HinduFestival #SpiritualEffects #FestivalVibes

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Ramadan 2025 timetable

रमजान 2025 सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल: जानिए 30 दिन के रोजों का सही समय

रमजान (Ramadan) का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिकता, इबादत और संयम का समय होता है। यह महीना इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने के रूप में मनाया जाता है और इसमें रोजे (उपवास) रखने का विशेष महत्व होता है। रोजे के दौरान सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (शाम का भोजन) का समय निर्धारित होता है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार तय किया जाता है। 2025 के रमजान महीने के लिए सहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का टाइम टेबल जारी किया गया है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए रोजे रखने में मददगार साबित होगा। आइए, इस टाइम टेबल और रमजान के महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं। रमजान का महत्व रमजान (Ramadan) इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य शारीरिक इच्छाओं से परहेज किया जाता है। रोजे का मुख्य उद्देश्य आत्म-नियंत्रण, संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण को बढ़ाना है। इसके अलावा, रमजान के दौरान कुरान का पाठ, नमाज और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। सेहरी और इफ्तार का समय रोजे के दौरान सेहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का समय निर्धारित होता है। सेहरी सूर्योदय से पहले किया जाने वाला भोजन है, जिसे फज्र की नमाज से पहले खाया जाता है। इफ्तार सूर्यास्त के बाद किया जाने वाला भोजन है, जिसे मगरिब की नमाज से पहले खाया जाता है। सेहरी और इफ्तार का समय स्थान और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। रमजान 2025 का सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल 2025 में रमजान का महीना से 02 मार्च से मनाया जाएगा।  रोजा तारीख सेहरी इफ्तार 1 02 मार्च, रविवार सुबह 05:15 बजे शाम 06:34 बजे 2 03 मार्च, सोमवार सुबह 05:14 बजे शाम 06:34 बजे 3 04 मार्च, मंगलवार सुबह 05:13 बजे शाम 06:35 बजे 4 05 मार्च, बुधवार सुबह 05:12 बजे शाम 06:35 बजे 5 06 मार्च, गुरुवार सुबह 05:11 बजे शाम 06:36 बजे 6 07 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:10 बजे शाम 06:37 बजे 7 08 मार्च, शनिवार सुबह 05:09 बजे शाम 06:37 बजे 8 09 मार्च, रविवार सुबह 05:08 बजे शाम 06:38 बजे 9 10 मार्च, सोमवार सुबह 05:07 बजे शाम 06:38 बजे 10 11 मार्च, मंगलवार सुबह 05:06 बजे शाम 06:39 बजे 11 12 मार्च, बुधवार सुबह 05:05 बजे शाम 06:40 बजे 12 13 मार्च, गुरुवार सुबह 05:03 बजे शाम 06:40 बजे 13 14 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:02 बजे शाम 06:41 बजे 14 15 मार्च, शनिवार सुबह 05:01 बजे शाम 06:41 बजे 15 16 मार्च, रविवार सुबह 05:00 बजे शाम 06:42 बजे 16 17 मार्च, सोमवार सुबह 04:59 बजे शाम 06:43 बजे 17 18 मार्च, मंगलवार सुबह 04:57 बजे शाम 06:43 बजे 18 19 मार्च, बुधवार सुबह 04:56 बजे शाम 06:44 बजे 19 20 मार्च, गुरुवार सुबह 04:55 बजे शाम 06:44 बजे 20 21 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:54 बजे शाम 06:45 बजे 21 22 मार्च, शनिवार सुबह 04:53 बजे शाम 06:45 बजे 22 23 मार्च, रविवार सुबह 04:51 बजे शाम 06:46 बजे 23 24 मार्च, सोमवार सुबह 04:50 बजे शाम 06:46 बजे 24 25 मार्च, मंगलवार सुबह 04:49 बजे शाम 06:47 बजे 25 26 मार्च, बुधवार सुबह 04:48 बजे शाम 06:48 बजे 26 27 मार्च, गुरुवार सुबह 04:46 बजे शाम 06:48 बजे 27 28 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:45 बजे शाम 06:49 बजे 28 29 मार्च, शनिवार सुबह 04:44 बजे शाम 06:49 बजे 29 30 मार्च, रविवार सुबह 04:43 बजे शाम 06:50 बजे 30 31 मार्च, सोमवार सुबह 04:41 बजे शाम 06:50 बजे इसे भी पढ़ें:- कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत रमजान के 30 दिनों का महत्व रमजान (Ramadan) के 30 दिनों का हर दिन विशेष महत्व रखता है। पहले 10 दिन रहमत (दया) के, अगले 10 दिन मगफिरत (क्षमा) के और अंतिम 10 दिन नजात (मुक्ति) के माने जाते हैं। रमजान के आखिरी 10 दिनों में लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) का विशेष महत्व होता है, जिसे हजार महीनों से बेहतर माना जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news हिंदी समाचार Ramadan #Ramadan2025 #SehriIftarTimeTable #FastingTimings #RamadanSchedule #IslamicCalendar #SehriTime #IftarTime #RamadanMubarak #HolyMonth #FastingTips #RamadanPreparation #IndianMuslims #SpiritualJourney #RamadanGuidance #IslamicFaith #RamadanTimetable #SehriIftar

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Chaitra Navratri 2025: कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत

भारत में हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस साल 2025 में चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है, जो 7 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान देवी दुर्गा (Devi Durga) की पूजा अर्चना की जाती है और भक्त पूरे नौ दिनों तक उपवासी रहकर मां के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस पर्व को विशेष रूप से हिंदू धर्म में महत्व दिया जाता है क्योंकि यह समय देवी के आदिशक्ति स्वरूप की उपासना के लिए समर्पित होता है। चैत्र नवरात्र क्यों मनाए जाते हैं? चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व भारतीय पंचांग के अनुसार हर साल बहुप्रतीक्षित होता है। यह पर्व विशेष रूप से हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। इस पर्व के दौरान, भक्त विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। चैत्र नवरात्र का पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब धरती हरियाली से आच्छादित होती है और नया जीवन मिलता है। इस दौरान देवी दुर्गा की पूजा से जीवन में समृद्धि, सुख, शांति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शुभ मुहूर्त  चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। साल 2025 में इसकी शुरुआत 30 मार्च को होगी। पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 30 मार्च को ही नवरात्रि की पूजा और कलश स्थापना की जाएगी। यह पर्व 7 अप्रैल को समाप्त होगा, और इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाएगी। घटस्थापना समय पंचांग के अनुसार 30 मार्च को घटस्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6:13 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है, जो दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। इन दोनों शुभ समय में कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों का महत्व चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) के नौ दिनों में विशेष रूप से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह नौ रूप हैं – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक दिन इन रूपों की पूजा की जाती है और भक्त उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा भाव से अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- इन 3 दिनों तक बंद रहते हैं कपाट, बंटता है अनोखा प्रसाद! नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा विधि चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान विशेष पूजा विधि का पालन किया जाता है। भक्तों को नौ दिनों तक उपवासी रहने की परंपरा है, और इस दौरान वे देवी दुर्गा (Devi Durga) की उपासना करते हैं। इस दौरान शुद्धता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखना होता है। साथ ही, घरों में विशेष रूप से कलश स्थापना की जाती है और मां दुर्गा (Maa Durga) की तस्वीर या मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है। इस दौरान नवरात्रि की आरती और भजन-कीर्तन भी किए जाते हैं। यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #NavratriDates #DurgaPuja #FestivalsOfIndia #Navratri2025 #MaaDurga #HinduFestivals #NavratriCelebration #ChaitraNavratri #DurgaAgman

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Women empowerment scheme

Women’s Day Special: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से शुरू होगा  महिला समृद्धि योजना का रजिस्ट्रेशन

जब भी कोई राजनीतिक दल चुनाव लड़ता है, तो वह जनता के बीच जाकर कई तरह के वादे करता है। इनमें आर्थिक सहायता से लेकर नई योजनाओं की घोषणा तक शामिल होती है। ये वादे चुनावी घोषणा पत्र के माध्यम से किए जाते हैं, जिसमें सरकार बनने के बाद उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया जाता है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में अपनी सरकार बनने के बाद महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। अब इस योजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यह योजना महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) के नाम से जानी जा रही है, और इसके कार्यान्वयन को लेकर नई घोषणाएं की गई हैं। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं। 8 मार्च को क्या होगा? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि महिला दिवस (8 मार्च) को महिलाओं के बैंक खातों में ₹2500 की राशि भेजी जाएगी। लेकिन अब इस संबंध में नई जानकारी सामने आई है कि महिला दिवस पर पैसे नहीं भेजे जाएंगे। इसके बजाय, 8 मार्च को इस योजना की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी और उसी दिन से पंजीकरण (Ragistration) प्रक्रिया भी शुरू होगी। इससे पहले यह स्पष्ट नहीं था कि महिलाओं को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी। अब दिल्ली सरकार ने यह साफ कर दिया है कि 8 मार्च को विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी और उसी दिन से महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। महिला समृद्धि योजना ( Mahila Samriddhi Yojana) के तहत पैसे कब मिलेंगे? अब जब यह स्पष्ट हो चुका है कि 8 मार्च (8 March) को केवल योजना की घोषणा और पंजीकरण शुरू होगा, तो सवाल उठता है कि महिलाओं के खातों में पैसे कब आएंगे? चूंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी, इसलिए यह संभावना है कि पंजीकरण पूरा होने के बाद जल्द ही लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है कि महिलाओं को पैसे कब तक मिलेंगे। संभावना है कि रजिस्ट्रेशन पूरा होने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही भुगतान शुरू किया जाएगा। सरकार की ओर से इस संबंध में जल्द ही अधिक जानकारी दी जा सकती है। किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ? महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य दिल्ली की गरीब और मध्यम वर्गीय महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो योग्यता मानदंडों को पूरा करती हैं। पात्र महिलाओं की श्रेणी: आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़: किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा? इसका मतलब यह है कि योजना का उद्देश्य वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करना है, और इसे उन महिलाओं के लिए नहीं लागू किया जाएगा जो पहले से किसी अन्य सरकारी सहायता का लाभ ले रही हैं। महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की जा रही महिला समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना उन महिलाओं के लिए फायदेमंद होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। योजना के संभावित लाभ: इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा कैसे करें आवेदन? दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी। हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि आवेदन ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन। संभावना है कि महिलाएं दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगी, या फिर स्थानीय सरकारी कार्यालयों में जाकर पंजीकरण करा सकेंगी। इस बारे में सभी जरूरी जानकारी महिला दिवस पर दिल्ली सरकार द्वारा जारी की जाएगी। महिला समृद्धि योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। हालांकि, पहले यह कहा गया था कि 8 मार्च को महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि इस दिन केवल योजना की आधिकारिक शुरुआत और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। जो महिलाएं इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, उन्हें 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिसके बाद सरकार द्वारा उनका योग्यता परीक्षण किया जाएगा और फिर पात्र महिलाओं को ₹2500 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। महत्वपूर्ण बिंदु: अब सभी की नजरें 8 मार्च पर टिकी हैं, जब दिल्ली सरकार इस योजना के बारे में पूरी जानकारी साझा करेगी। महिलाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता मिलेगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samriddhi Yojana #WomensDay #March8 #Delhigovernment #MahilaSamriddhiYojana #BJP

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Dates Benefits

खजूर के बेनेफिट्स: रमजान के दौरान स्वास्थ्य और एनर्जी का सबसे अच्छा स्रोत

खजूर (Dates) डेट पाम ट्री का फल है, जो दुनिया के कई टोपिकल क्षेत्रों में उगता है। यह फल पिछले कुछ समय में बहुत लोकप्रिय हुआ है। खजूर (Dates) एक स्वादिष्ट फ्रूट है, जिसे खाने से पूरा दिन एनर्जी मिलती है। रमजान के दौरान यह फूड बहुत प्रचलित है, क्योंकि यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है, आसानी से पच जाता है और ऊर्जा प्रदान करता है।इस छोटे, मीठे और स्वादिष्ट फल के कई हेल्थ बेनेफिट्स भी हैं। खजूर में न्यूट्रिएंट्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ट्यूमर कंपाउंड्स होते हैं। इसके साथ ही इसका ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है। आइए जानें रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) के बारे में। रमजान में खजूर के बेनेफिट्सल(Benefits of dates in Ramadan): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार अपनी डायट में खजूर (Dates) को कई तरीकों से शामिल किया जा सकता है। इन्हें खाने का एक लोकप्रिय तरीका, विभिन्न व्यंजनों में इसे प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल करना है। ये एक बेहतरीन स्नैक भी है। रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) इस प्रकार हैं: पाचन में बेहतरीन खजूर (Dates) में डाइटरी फाइबर सही मात्रा में होता है। यानी इसके सेवन से आप कब्ज से बच सकते हैं। इसे खाने से बोवेल मूवमेंट सही रहता है और हल्दी गट माइक्रोबायोम मैंटेन रहता है। यानी, इस फल को खाने से गट हेल्थ और डाइजेशन सही रहता है। उपवास के बाद इस फल को खाना पेट को सही रखने में फायदेमंद है। हड्डियां रहे मजबूत खजूर (Dates) में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होते हैं, जो हड्डियों की हेल्थ को सही रखते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति कम बोन डेंसिटी जैसी समस्या से पीड़ित हो, तो उनके लिए यह फल फायदेमंद है। खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) में यह बहुत महत्वपूर्ण है। एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में करे काम खजूर एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करता है क्योंकि इसमें फ्लवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड होते हैं। नियमित रूप से खजूर (Dates) खाने से गठिया जैसे रोग के कम होने की संभावना बढ़ती है और संपूर्ण स्वास्थ्य सही रहने में सहायता मिलती है। दिमाग के लिए फायदेमंद खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) केवल शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग से भी जुड़े हुए हैं। ऐसा माना गया है कि इसके सेवन से कॉग्निटिव फंक्शन सही रहता है और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाव में भी मदद मिलती है। खजूर में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidant) होते हैं जो ब्रेन में ब्लड फ्लो को सुधरने में भी सहायता करते हैं। इसके साथ इससे मेमोरी में भी सुधार होता है। दिमाग की हेल्थ के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है।  डायबिटीज को करे मैनेज खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) डायबिटीज से भी सम्बन्धित है। हालांकि, खजूर (Dates) मीठा होता है लेकिन इसका ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह फल ब्लड शुगर लेवल को एकदम नहीं बढ़ाता बल्कि धीरे-धीरे बढ़ाता है। यानी यह डायबिटीज से रोगियों के खाने के लिए परफेट है। किडनी की सुरक्षा खजूर पोटैशियम होता है, इसलिए इस फल को किडनी फंक्शन के लिए फायदेमंद माना गया है। किडनी स्टोन और डिजीज से बचाव में भी इसे लाभदायक माना गया है। अगर आपको कोई किडनी सम्बन्धी समस्या है या उम्र के बढ़ने पर किडनी फंक्शन में परेशानी है, तो डेट खाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। स्किन हेल्थ को सुधारे डेट में विटामिन सी, इ के साथ ही अन्य न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं, जो स्किन के लिए फायदेमंद हैं। यह फल स्किन को अल्ट्रावॉइलेट रे से बचाने में मदद करता है। यह एजिंग के लक्षणों, फाइन लाइंस, झुर्रियां आदि को भी दूर कर सकता है। इसलिए, स्किन के स्वास्थ्य के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत एनर्जी को बढ़ाए रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) में यह बेहद महत्वपूर्ण है कि यह पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद करता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स और नेचुरल शुगर लेवल अधिक मात्रा में होते हैं। यानी, इसे खाने से पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है। इसे रमजान या अन्य व्रत वाले दिनों में खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of dates in Ramadan #BenefitsofdatesinRamadan #benefitsofdates #dates #ramadan

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Dhananjay Munde resigns

Dhananjay Munde resigns : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने आज यानी मंगलवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जल्द ही विधानसभा में इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। धनंजय मुंडे का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ा इस्तीफा धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े घटनाक्रमों के बाद सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें हत्या की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इस हत्या के आरोप में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हत्या की जांच के दौरान यह साफ हुआ कि मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड धनंजय मुंडे के बेहद करीबी सहयोगी थे। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे विपक्ष का दबाव भी बढ़ता गया। इस पूरे मामले के कारण महाराष्ट्र सरकार को धनंजय मुंडे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष ने दिया सरकार को अल्टीमेटम विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। विपक्षी दलों ने ऐलान किया था कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) इस्तीफा नहीं देते, तो वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और हत्या के मुख्य आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। सदन में हंगामे की आशंका के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार रात उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के आवास पर एक बैठक की। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मामले की गंभीरता पर चर्चा की और धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। धनंजय मुंडे पर इस्तीफे का दबाव क्यों बढ़ा? हत्या के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड और धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के करीबी संबंध जगजाहिर हैं। खुद धनंजय मुंडे भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि कराड उनके विश्वासपात्र हैं। जब संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) के चौंकाने वाले सबूत सामने आए, तो धनंजय मुंडे की मुश्किलें बढ़ गईं। क्या है संतोष देशमुख हत्याकांड? संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) बीते साल दिसंबर का है, जब मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख को अगवा कर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अपहरण एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के कारण हुआ था। आरोप है कि संतोष देशमुख ने कंपनी से अवैध वसूली को रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें किडनैप कर लिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के आरोपियों के धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) से करीबी संबंधों की बात सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे धनंजय मुंडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे। सरकार की सख्ती और आगे की कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही संकेत दे दिए थे कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनसीपी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद थे, लेकिन पार्टी की छवि बचाने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। अब जब मुंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना राजनीतिक असर और विपक्ष की रणनीति धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह घटनाक्रम न केवल एनसीपी के लिए एक झटका है, बल्कि भाजपा और शिवसेना के लिए भी एक अवसर हो सकता है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को और उछालने की कोशिश कर सकते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल की छवि को नुकसान पहुंचे। इस बीच, एनसीपी (NCP) को अपनी छवि सुधारने और संगठन को मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक कदम उठाने होंगे। पार्टी नेतृत्व अब यह तय करेगा कि धनंजय मुंडे को आगे क्या भूमिका दी जाए या उनसे पूरी तरह दूरी बना ली जाए। धनंजय मुंडे का इस्तीफा (Dhananjay Munde Resignation) महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ी जांच और विपक्ष के भारी दबाव के चलते मुंडे को पद छोड़ना पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह भुनाने की कोशिश करता है। इस घटनाक्रम से साफ है कि अब महाराष्ट्र में राजनीति (Maharashtra Politics) और भी तीव्र होने वाली है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Dhananjay Munde #SantoshDeshmukhMurder #NCP #MaharashtraPolitics #Dhananjay Munde #Maharashtra #BJP

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Bangladesh's interim leader

Muhammad Yunus statement on India: नरम पड़े मोहम्मद यूनुस के तेवर, भारत को लेकर अचानक दिया बयान, कही यह बड़ी बात

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के सुर (Muhammad Yunus statement on India) भारत को लेकर बदलते जा रहे हैं। यूनुस भारत के खिलाफ लगातार हमलावर रहे हैं, लेकिन भारत का शिकंजा कसने पर अब उनके बोल बदल गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूनुस ने एक इंटरव्यू में कहा कि “बांग्लादेश के पास भारत से अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और अन्य विकल्प नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं।” हालांकि इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “कुछ दुष्प्रचार ने दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष को जरूर पैदा कर दिया है।” बता दें कि बीबीसी बांग्ला को दिए एक इंटरव्यू में मोहम्मद यूनुस ने उन दुष्प्रचार के स्रोतों का नाम नहीं लिया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “बांग्लादेश भारत के साथ अपने संबंध में सुधार करने हेतु गलतफहमी को दूर करने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, यूनुस का यह बयान 3-4 अप्रैल को थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के आयोजन के एक महीने पहले आया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित हो सकती है।  मोहम्मद यूनुस ने बताया भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India)  इंटरव्यू के दौरान गौर करने वाली अहम बात यह कि मोहम्मद यूनुस ने भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India) बताया। उन्होंने कहा कि “दोनों देशों के रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं आई है। हमारे संबंध हमेशा अच्छे रहेंगे। वे अभी भी अच्छे हैं और भविष्य में भी अच्छे ही रहेंगे। इस बीच उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।” अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “हमारे संबंध बहुत करीबी हैं। हम एक-दूसरे पर बहुत निर्भर हैं। दोनों देश ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से इतने करीब हैं कि हम कभी अलग-थलग नहीं रह सकते।” इस बीच मोहम्मद यूनुस ने यह भी कहा कि हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष हुए हैं, जो काफी हद तक दुष्प्रचार के कारण हुए हैं। अब दूसरे लोग यह तय करें कि दुष्प्रचार करने वाले कौन हैं। लेकिन इस दुष्प्रचार के नतीजा यह हुआ है कि दोनों देशों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई। हम उन सभी गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें :– अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं दरअसल, पिछले साल बांग्लादेश में हुए आरक्षण विरोधी उग्र छात्र आंदोलन के चलते बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उसके बाद से मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार का गठन होता है। इसके बाद से मुट्ठीभर कट्टरपंथियों द्वारा बांग्लादेश में रह रहे अल्संख्यक के न सिर्फ घरों को बल्कि मंदिरों को जानबूझकर निशाना बनाया जाने लगा। इस बीच आगजनी और लूटमार की कई घटनाएं आये दिन घट रही हैं लेकिन मोहम्मद यूनुस की सरकार है कान में तेल डाले बैठी है। इस बीच जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से मोहम्मद यूनुस के सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं। यह कह लें कि भारत को लेकर उनकी अकड़ ढीली होती देखी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Muhammad Yunus statement on India #MuhammadYunus #BangladeshIndiaRelations #FairDiplomacy#NobelLaureate #SheikhHasina #SouthAsiaPolitics #YunusStatement #BangladeshInterimGovt #EquitableRelations #IndiaBangladesh

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