Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण निंदनीय: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का नाम रखकर इस सैन्य अभियान का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे एक राजनीतिक स्टंट करार दिया और साफ कहा कि इससे सेना के सम्मान को राजनीतिक रंग देना गलत है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह टिप्पणी कोलकाता स्थित नबन्ना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के नाम में “सिंदूर” शब्द जोड़ना केवल राजनीतिक आकर्षण बढ़ाने के लिए किया गया है, ताकि आम जनता में भावनात्मक लहर पैदा की जा सके। उनके मुताबिक BJP इस सैन्य कार्रवाई को वोट बैंक में बदलने की साजिश कर रही है। “बंगाल कभी बीजेपी के हाथ नहीं जाएगा” प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने यह स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल कभी भी भारतीय जनता पार्टी के नियंत्रण में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां की जनता BJP की राजनीति को अच्छी तरह समझती है और ऐसे हथकंडे अब काम नहीं आने वाले। मुर्शिदाबाद की घटना: सीधे बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने राज्य के मुर्शिदाबाद जिले में हुई एक हालिया घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उनके पास ठोस सबूत हैं और जरूरत पड़ने पर वे सभी दस्तावेज सार्वजनिक कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा राज्य की शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैलियों पर तंज कसते हुए ममता बनर्जी ने कहा “कभी उन्हें चाय बेचने वाला कहा गया, फिर चौकीदार और अब वे देशभर में सिंदूर बेच रहे हैं। यह शोभा नहीं देता।” उन्होंने आगे कहा कि मोदी की सिंदूर पर आधारित बयानबाजी देश की राजनीतिक गरिमा को नुकसान पहुंचा रही है और यह केवल भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की कोशिश है। महिलाओं का अपमान और भाजपा की चुप्पी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने भाजपा पर महिलाओं के अपमान को नजरअंदाज करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ऐसे मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। उनका कहना था कि जिन नेताओं पर महिलाओं के अपमान के आरोप लगे हैं, उन्हें संरक्षण दिया जाता है, जबकि सच्ची लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस असम और कूचबिहार से लाई गई भीड़ प्रधानमंत्री की एक जनसभा को लेकर ममता बनर्जी ने कहा कि उस कार्यक्रम में जो भीड़ दिखाई गई थी, वह स्थानीय नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि असम और कूचबिहार से लोगों को लाकर रैली में शामिल किया गया, ताकि जनसमर्थन का झूठा प्रदर्शन किया जा सके। विदेशों में विपक्ष रख रहा है भारत की बात मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने इस बात की सराहना की कि विपक्षी दलों के नेता विदेशों में जाकर “ऑपरेशन सिंदूर” पर भारत का पक्ष रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर जब विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को मजबूत कर रहा है, दूसरी ओर भाजपा केवल प्रचार में लगी हुई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) के इस बयान ने केंद्र सरकार और भाजपा की रणनीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के नाम को राजनीति से जोड़कर इसे देश की सैन्य गरिमा के साथ खिलवाड़ बताया। यह स्पष्ट संकेत है कि 2024 के आम चुनावों की तैयारी में भाजपा और विपक्ष के बीच टकराव और तेज़ होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news CM Mamata Banerjee #MamataBanerjee #OperationSindoor #IndianPolitics #BJPvsTMC #BreakingNews #WestBengalNews

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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President’s rule in West Bengal: क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

आज मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में  सुनवाई होगी। बता दें कि मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीआर गवई बेंच आज सुनवाई करेगी। इस संबंध में वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका लगाई है। वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग (President’s rule in West Bengal) की गई है। दरअसल, 13 अप्रैल से मुर्शिदाबाद में हुई झड़पों के बाद से राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठ रही है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत और 18 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया। चौतरफा किरकिरी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और दावा किया कि “उसने आगजनी और हिंसा के सिलसिले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया है।” जानकारी के मुताबिक दायर की गई याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन सहित अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की गई है। गौर करने वाली बात यह कि इस मामले पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है। कहने की जरूरत नहीं, बंगाल में हुई हिंसा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी सरकार पर वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से भड़की हिंसा को अनुमति देने के लिए जानकर निशाना साधा है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से दायर की गई है (President’s rule in West Bengal) याचिका  बता दें कि राष्ट्रपति शासन पर दायर याचिका का उल्लेख अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से किया (President’s rule in West Bengal) गया था। जिसे रंजना अग्निहोत्री और अन्य द्वारा दायर एक लंबित याचिका के साथ सुनवाई के लिए रखा गया था। जिन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के संदर्भ में राष्ट्रपति शासन की मांग की थी। इस दौरान अधिवक्ता जैन ने कहा कि “साल 2021 के मामले में अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। इस पर विचार किया जा रहा है। इस आवेदन के माध्यम से हमने हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया है। हम सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्य से केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांग रहे हैं। दरअसल, अनुच्छेद 355 राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाने के लिए संघ के कर्तव्य से संबंधित है, जो राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार है। इस प्रावधान के तहत केंद्र को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलें।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात याचिका में की गाई है राष्ट्रपति शासन लागू करने की (President’s rule in West Bengal) मांग  बता दें कि बीते दिन राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग (President’s rule in West Bengal) पर जवाब देते हुए पीठ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए रिट जारी करें? अभी हमें विधायी और कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के लिए दोषी ठहराया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग पीठ ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने दो याचिकाकर्ताओं अधिवक्ता विशाल तिवारी और शशांक शेखर झा को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अदालत ने पाया कि याचिकाएं मीडिया रिपोर्टों पर आधारित थीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s rule in West Bengal #PresidentsRule #WestBengal #SupremeCourt #MamataBanerjee #ParamilitaryForces #BreakingNews #BengalPolitics #SCVerdict #LawAndOrder #IndiaNews

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Mamata Banerjee statement

Mamata Banerjee statement: मुर्शिदाबाद हिंसा पर ममता बनर्जी ने चुप्पी तोड़ते हुआ कहा, “बीजेपी फैला रही झूठ”

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जारी हिंसा को लेकर सीएम ममता बनर्जी अपनी चुप्पी (Mamata Banerjee statement) तोड़ी है। इमामों संग हुई बैठक में ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए  कहा कि “बंगाल को बदनाम किया जा रहा है। बीजेपी वाले झूठे वीडियो दिखाते हैं। हर धर्म की बात करती हूं।” ममता ने कहा, केंद्र कहता है कि इसमें बांग्लादेश का हाथ है। बंगाल पर बोलना है तो मेरे सामने बोलो।” इस बीच बीजेपी पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि “आप लोग राम और रहीम सभी के अधिकार को छीनना चाहते हैं। आप छुप कर यूनुस के साथ मीटिंग करते हैं। हम राज्य में हिंदू-मुसलमान नहीं होने देंगे, मैं हाथ जोड़कर शांति की अपील करती हूं।” दरअसल, बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वक्फ कानून को लेकर नेताजी इंडोर स्टेडियम में इमामों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इमामों को संबोधित करते हुए माना कि मुर्शिदाबाद के कुछ इलाके अशांत रहे, कुछ घटनाएं हुईं।  सीएम (Mamata Banerjee statement) ने कहा कि “हमारे कार्यकर्ताओं पर भी हमला हुआ इस दौरान सीएम (Mamata Banerjee statement) ने कहा कि “हमारे कार्यकर्ताओं पर भी हमला हुआ। पार्टी कार्यालय पर भी हमला किया गया। मुर्शिदाबाद में बीते दिनों जिस तरह हिंसा हुई, वह एक योजना के तहत की गई। आज इस देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह भाजपा का नहीं, भारत का संविधान है।” ममता बनर्जी ने कहा, मुर्शिदाबाद जिले के कुछ इलाकों में वक्फ अधिनियम को लेकर थोड़ी बहुत घटनाएं जरूर हुई है, लेकिन इसे तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।” उन्होंने कहा कि “टीएमसी ने वक्फ कानून के खिलाफ संसद में सबसे मुखर होकर लड़ाई लड़ी, लेकिन अफवाहें फैलाकर पार्टी को बदनाम किया जा रहा है।” सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर बाहरी लोगों को बुलाकर हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुर्शिदाबाद की हिंसा सुनियोजित साजिश थी। घुसपैठियों को क्यों आने दिया गया? बॉर्डर की जिम्मेदारी बीएसएफ की है। राज्य सरकार के पास बॉर्डर संभालने की जिम्मेदारी नहीं है।” सीएम ममता ने आगे कहा कि “हम रवींद्रनाथ ठाकुर की विचारधारा में विश्वास करते हैं।” उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि “मैं केंद्र की मोदी सरकार से पूछना चाहती हूं कि उन्होंने वक्फ एक्ट को पारित कराने में इतनी जल्दबाजी क्यों की?” सीएम ने भाजपा पर आरोप लगाया कि इन लोगों को केवल सत्ता की परवाह है। हम जब तक रहेंगे, किसी भी कीमत पर हिंदू-मुसलमान नहीं होने देंगे।” ममता ने बीजेपी पर बरसते हुए कहा, आप लोग राम और रहीम सभी के अधिकार को छीनना चाहते हैं। अगर ये बंगाल में जीत गए, तो आपका खाना-पीना बंद कर देंगे।”  इसे भी पढ़ें:–  वक्फ कानून पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, इस बात को लेकर है विरोध भारतीय जनता पार्टी सीएम ममता बनर्जी पर आक्रामक (Mamata Banerjee statement) है प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद दंगों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को शुरुआती जांच रिपोर्ट मिली है जिसमें कहा गया है कि बांग्लादेश उपद्रवियों ने इसे अंजाम दिया है। इन दंगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी सीएम ममता बनर्जी पर आक्रामक (Mamata Banerjee statement) है और लगातार हमले कर रही है। मंगलवार को भाजपा नेता दिलीफ घोष ने ममता सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बांग्लादेश में बांग्लादेश जैसे हालात उत्पन्न कर रही है। इस बीच दिलीफ घोष ने यह भी आरोप लगाया कि ‘राम नवमी से पहले माहौल उग्र बनाकर पश्चिम बंगाल की सीएम हिंदुओं को उनके घरों के भीतर हीं बंद रखने की साजिश रच रही थीं। बता दें कि भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मरने वालों में बाप-बेटा भी हैं जिन्हें धारदार हथियार से मारा गया। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिंदुओं के घरों और दुकानों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़, आगजनी और लूट की थी। हिंसा के मामले में अब तक कुल 180 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख केंद्रीय सुरक्षा बालों को तैनात किया गया। फिलहाल अशांत क्षेत्रों और आसपास की स्थिति शांतिपूर्ण एवं नियंत्रण में है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee statement #MamataBanerjee #MurshidabadViolence #BJPvsTMC #WestBengalPolitics #PoliticalViolence #TMCNews #BJPNews #MamataStatement #IndianPolitics #FakeNewsClaim

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Why BJP not sacking Mamata: बीजेपी आखिर क्यों ममता बनर्जी की सरकार को बर्खास्त नहीं कर देती?

पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाके मुर्शिदाबाद, उत्तर 24 परगना, हुगली और मालदा जिलों में बीते 10 अप्रैल से विरोध के नाम पर लगातार हिंसक (Why BJP not sacking Mamata) प्रदर्शन जारी है। जारी इस हिंसा में अबतक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों घायल बताए जा रहे हैं। मुर्शिदाबाद में जारी भयावह हिंसा का यह आलम है कि 500 से अधिक परिवारों को मजबूरन जान बचाकर पलायन करना पड़ा है। राज्य सरकार के अदृश्य सपोर्ट का नतीजा ही है जो उपद्रवी बेलगाम होते जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में 1,600 जवानों को तैनात किया गया है। दरअसल, वक़्फ़ संसोधन बिल पास होने के बाद ही पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में हिंसा और आगजनी होने का अंदाजा था। ख़ुफ़िया विभाग ने राज्य सरकार अराजक तत्वों द्वारा हिंसा फ़ैलाने का इनपुट पहले दिया था। लेकिन राज्य सरकार की नाकामी के चलते हिंसा भड़क उठी। इस बीच स्थित नियंत्रण के बाहर होती देख जिले में केंद्रीय सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। गौर करने वाली बात यह कि हिंसा प्रभावित लोगों ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है। भारत के संविधान का अनुच्छेद-356, केन्द्र की संघीय सरकार को राष्ट्रपति शासन लगाने की देता है (Why BJP not sacking Mamata) अनुमति  ये तो रही हिंसा की बात। लेकिन ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर क्या वजह है, जो केंद्र, ममता बनर्जी की सरकार को बर्खास्त कर (Why BJP not sacking Mamata) राष्ट्रपति शासन नहीं लगा देती? वैसे भी भारत के संविधान का अनुच्छेद-356, केन्द्र की संघीय सरकार को राज्य में संवैधानिक तन्त्र की विफलता या संविधान के स्पष्ट उल्लंघन की दशा में राज्यपाल सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने का अधिकार देता है। जब रात दिन देश संविधान से चलेगा चिल्लाने वाले नेता कह ही रहे हैं कि देश बाबा साहेब के संविधान से चलेगा तो, फिर आखिर केंद्र सरकार क्यों नहीं संविधान के अनुच्छेद 356 का पालन करती? कहीं, केंद्र की मोदी सरकार खुद भी संविधान का पालन नहीं करना चाहती? ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर कब तक संसद से पारित कानून के विरोध के नाम पर राज्य में हिंसा होती रहेगी? पश्चिम बंगाल में हिंसा का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यह हिंसा की आग में झुलस चुका है। हैरत की बात यह कि केंद्र सरकार कठोर कदम उठाने के बजाय आँखमूंदे सब देख रही है। मोदी सरकार चाहे तो अर्धसैनिक बालों को लगाकर उपद्रवियों का अच्छे से इलाज कर सकती है।  इसे भी पढ़ें: – महाराष्ट्र के ठाणे में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर पहले माल्यार्पण करने को लेकर दो गुटों में हुई झड़प चुनावी मजबूरी के चलते कड़ी कार्रवाई (Why BJP not sacking Mamata) करने से डर रही है सरकार? दरअसल, साल भर बाद पश्चिम बंगाल में चुनाव होने हैं। संभवतः चुनावी मजबूरी के चलते सरकार कड़ी कार्रवाई (Why BJP not sacking Mamata) करने से डर रही है? सरकार चाहे तो राष्टपति शासन लगाकर उपद्रवियों को ठंडा कर सकती है। लेकिन कहीं न कहीं सरकार भी डर रही है। डर इसलिए भी रही है  क्योंकि सरकार को लगता है कि ममता बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से कहीं बीजेपी को ही बड़ा नुकसान न उठाना पड़े। और एक डर यह भी कि भावनात्मक जुड़ाव के चलते बंगाली वोटर एकतरफा माँ माटी मानुष की बात करने वाली ममता के साथ न हो ले। क्योंकि ममता ने इसी माँ माटी और मानुष का कार्ड खेलकर लेफ्ट का किला भेदा था। कुल-मिलाकर ऐसा करने में नुकसान बीजेपी का ही है। ऐसे में हिंसा से हिंदुओं के मन में डर निर्माण होगा। और हिंदुओं का यही डर बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी जीत साबित होगी। खैर, जब बीजेपी जम्मू-कश्मीर में हालात काबू कर सकती है, तो पश्चिम बंगाल बीजेपी के लिए कोई बड़ी बात नहीं है।   Latest News in Hindi Today Hindi news Why BJP not sacking Mamata #MamataBanerjee #BJPvsMamata #WestBengalPolitics #TMCNews #BJPStrategy #PresidentRule #IndianPolitics #TMCvsBJP #PoliticalNews #BengalCrisis

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Mamata Banerjee's Oxford Union Speech Controversy

Mamata Banerjee Oxford Speech: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लंदन में ऑक्सफोर्ड (Mamata Banerjee Oxford Speech) यूनिवर्सिटी के केलॉग कॉलेज में भाषण दे रही थीं, तभी कुछ छात्रों ने उनका भाषण रोक दिया। दरअसल, छात्र राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा और आरजी कर कॉलेज के मुद्दे पर विरोध कर रहे थे। गौर करने वाली बात यह कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बहुत ही शालीनता से स्थिति को संभाला। उन्होंने विरोध करने वाले छात्रों को न सिर्फ जवाब दिया बल्कि अपनी बात भी रखी। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि “अपनी पार्टी से कहो कि वो हमारे राज्य यानी पश्चिम बंगाल में अपनी ताकत बढ़ाएं ताकि वो हमसे मुकाबला कर सकें।” अचानक हुए इस विरोध से वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। लेकिन, उन्होंने मुख्यमंत्री के जवाब की सराहना की। दर्शकों ने विरोध करने वाले छात्रों को हॉल से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद ममता बनर्जी ने बिना किसी रुकावट के अपना भाषण पूरा किया। बता दें कि इस विरोध प्रदर्शन की जिम्मेदारी स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया- यूके ने ली है। संगठन ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि “हम पश्चिम बंगाल के छात्रों और श्रमिक वर्ग के समर्थन में ममता बनर्जी और टीएमसी के भ्रष्ट और अलोकतांत्रिक शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।” इसे राजनीति करने का मंच बनाने के बजाय, बंगाल जाओ (Mamata Banerjee Oxford Speech) प्राप्त जानकारी के मुताबिक जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में उद्योगों के विकास पर बोल (Mamata Banerjee Oxford Speech) रही थीं, तो टाटा ग्रुप की टीसीएस कंपनी में निवेश की बात उठी। तभी उसी समय, कुछ लोग हाथों में पोस्टर लेकर खड़े हो गए। इन पोस्टरों में राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा और आरजी कर कॉलेज के मुद्दे लिखे हुए थे। इस बीच विरोध करने वाले लोग नारे भी लगा रहे थे, जिससे ममता बनर्जी के भाषण में बाधा आ रही थी। लेकिन मुख्यमंत्री बिल्कुल भी परेशान नहीं हुईं। उन्होंने शांत लेकिन दृढ़ आवाज में विरोध करने वालों को जवाब दिया। उन्होंने उनसे कहा कि आप मेरा स्वागत कर रहे हैं, धन्यवाद। मैं आपको मिठाई खिलाऊंगी। तभी मुख्यमंत्री ने एक प्रदर्शनकारी को भाई कहकर संबोधित करते हुए कहा कि “झूठ मत बोलो। मुझे तुम्हारे लिए सहानुभूति है। लेकिन इसे राजनीति करने का मंच बनाने के बजाय, बंगाल जाओ और अपनी पार्टी से कहो कि वो खुद को मजबूत करे ताकि वो हमसे मुकाबला कर सके।” उनका जवाब सुनकर दर्शक जोर-जोर से तालियां बजाने लग। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की लेकिन मुख्यमंत्री ने उनसे कह कि “मेरा अपमान करके अपने संस्थान का अपमान मत करो। मैं यहां देश के प्रतिनिधि के तौर पर आई हूं। अपने देश का अपमान मत करो।” इसे भी पढ़ें:-पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति करने का मंच नहीं है (Mamata Banerjee Oxford Speech) इस बीच जब प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर कॉलेज में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया (Mamata Banerjee Oxford Speech) तो मुख्यमंत्री ने कहा कि “थोड़ा जोर से बोलिए, मुझे सुनाई नहीं दे रहा है। मैं आपकी हर बात सुनूंगी। क्या आपको पता है कि यह मामला अभी भी चल रहा है? इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अब केंद्र सरकार के हाथों में है, यह मामला अब हमारे हाथ में नहीं है।” ममता बनर्जी ने आगे कहा कि “यहां राजनीति मत करो, यह राजनीति करने का मंच नहीं है। मेरे राज्य में जाओ और मेरे साथ राजनीति करो। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जादवपुर विश्वविद्यालय की घटना का भी जिक्र किया।” अहम बात यह कि भारत की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली भी उस समय वहां मौजूद थे। बता दें कि ममता बनर्जी लंदन में कई उद्योग और व्यापार से जुड़ी बैठकों में शामिल हुईं। उनके दौरे का मुख्य आकर्षण केलॉग कॉलेज में उनका भाषण था। और कमाल की बात यह कि यहीं पर विरोध प्रदर्शन हुआ।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee Oxford Speech #MamataBanerjee #OxfordSpeech #SpeechControversy #PoliticalDebate #TMC #BJP #CPI(M) #FakeDegree #OxfordUnion #KelloggCollege

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