Tejashwi Slams Nitish on Bihar Law and Order Crisis

Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar: बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश को घेरा, कही यह बात

बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों का तांडव है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। पटना के कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या के बाद बेख़ौफ़ अपराधियों रविवार (06 जुलाई, 2025) की रात एक और बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। दरअसल, खगौल में डीएवी स्कूल के पास अपराधियों ने अजीत कुमार नामक एक 50 वर्षीय व्यक्ति को गोलियों से भून (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) डाला। गोली लगते ही मौके पर अजीत कुमार की मौत हो गई। अजीत मुस्तफापुर के रहने वाले थे। जानकारी के मुताबिक अजीत कुमार प्राइवेट स्कूल का संचालन करते थे। बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। गोली मारने के बाद अपराधी  फरार हो गए। हालांकि अपराधी कौन थे क्योंकि मारा इसके बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि घटना पटना के खगौल थाना क्षेत्र की है। बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एसआईटी का गठन हुआ है। हालांकि हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।  बिहार सीएम नीतीश कुमार ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए डीजीपी को अधिकारियों को पकड़ने के (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) निर्देश दिए हैं इस बीच राजधानी पटना में बिनजेसमैन गोपाल खेमका हत्याकांड के बाद विपक्ष पूरी तरह सरकार पर हमलावर हो गया है। हालाँकि बिहार सीएम नीतीश कुमार ने मामले में खुद संज्ञान लेते हुए डीजीपी को अधिकारियों को पकड़ने के निर्देश दिए हैं। लेकिन आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को निशाने पर लिया (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) है। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री अचेत हैं और अपराधी मस्त है।” इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट किए हैं। यही नहीं, उनकी पार्टी के एक्स हैंडल से भी लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। जिसमें लिखा है कि “रोज-रोज हत्याएं हो रही हैं, पुलिस वाले बाबाओं की सुरक्षा में लगे हैं। पटना के गांधी मैदान में लगे सनातन समागम पर आरजेडी का प्रहार है।”  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ कहीं कोई किसी की सुनने वाला (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) नहीं है- तेजस्वी यादव बता दें कि बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था और हत्याओं को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने न सिर्फ नीतीश सरकार पर हमला बोला है बल्कि एक पोस्ट के जरिए सीएम और सरकार पर निशाना साधा है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि “पटना में हत्या, नालंदा में डबल मर्डर! अपराधी मस्त, पुलिस पस्त। मुख्यमंत्री अचेत, अधिकारी जड़ और व्यवस्था निर्जीव। कहीं कोई किसी की सुनने वाला (Tejashwi Yadav Targets Nitish Over Law Crisis in Bihar) नहीं है।” इसके अलावा आरजेडी द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा कि “बिहार में हत्या पर हत्या। रात में अपराधियों द्वारा कई हत्या। पुलिस बाबाओं की सुरक्षा में लीन है। पटना में हुए हत्याकांड पर राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि “भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को क्राइम कैपिटल बना दिया है। आज बिहार लूट और गोली के साए में चल रहा है। अपराध यहां पर न्यू नॉर्मल बन चुका है और सरकार पूरी तरह नाकाम है।” कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह से बिहार में हत्याएं हो रहीं हैं उससे एक बार पुनः कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है। विपक्ष लगातार हमलावर है और आरोप लगा रहा है कि बिहार में महाजंगलराज है। सीएम नीतीश कुमार के पास गृह विभाग है जो उनसे संभल नहीं रहा। प्रदेश में एक के बाद एक बड़ी आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में चुनावी वर्ष में कानून-व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tejashwi Yadav #TejashwiYadav #NitishKumar #BiharNews #LawAndOrder #BiharPolitics

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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Tej Pratap Yadav Claims Life Threat

Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help: लालू के लाल के नए बोल, बताया खुद की जान को खतरा, तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार से लगाई गुहार

लालू प्रसाद यादव ने आज राष्ट्रिय जनता दल (आरजेडी) राष्ट्रीय अध्यक्ष का नॉमिनेशन दाखिल किया। नॉमिनेशन के बाद बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का पहला रिएक्शन सामने आया। उन्होंने अपने पिताजी के दोबारा अध्यक्ष होने पर खुशी जाहिर की और लगे हाथ तेजस्वी यादव को भी आशीर्वाद दे डाला। इस बीच अपनी जान को खतरा बताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, बिहार सरकार से कहना चाहते हैं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) जाए, हमें जान का खतरा है। हम अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटेंगे। जो भी 4-5 लोगों ने मेरे जीवन को खराब करने का काम किया है, मैं उनको नहीं छोडूंगा। पार्टी से निकालने वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे साथ अन्याय हुआ।  4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है पार्टी से निकालने वाले सवाल पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि “जिस तरीके से मेरे खिलाफ साजिश की गई, वह किसी से छपा नहीं है। 4-5 लोगों ने आपस में मिलकर मुझे पार्टी से बाहर करवाने की साजिश रची और यह सबकुछ सबने अपनी आंखों से देखा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) है। बिहार की जनता जानती है कि मेरा स्वभाव कैसा है। मैं हमेशा सबके साथ सहजता से मिलता हूं, लेकिन कुछ लोग जो पार्टी में ऊंचे पदों पर बैठे हैं, उन्होंने ये सोचा कि तेज प्रताप को दबा लेंगे। पर उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि तेज प्रताप दबने वालों में से नहीं है। जो भी कुछ हुआ, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी, वो भी किसी से छिपा नहीं है।  मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं, मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है पिता लालू यादव के आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने पर खुशी जताते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा, मैंने हमेशा अपने माता-पिता का आदर और सम्मान किया है और आगे भी करता रहूंगा। मेरे ऊपर उनका आशीर्वाद और सहयोग हमेशा बना रहेगा। मेरे छोटे तेजस्वी यादव को मेरा पूरा आशीर्वाद है। मैं कामना करता हूं कि वे आगे बढ़ें और बिहार के मुख्यमंत्री बनें। वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी से डरने वाला (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) नहीं हूं। मेरे लिए अदालत का रास्ता हमेशा खुला है और अगर ज़रूरत पड़ी तो मैं वहां भी जाऊंगा। मैं आज मीडिया के माध्यम से पूरे बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि मेरे साथ अन्याय हुआ है और मैं उन लोगों को खुली चुनौती देता हूं, जिन्होंने मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा।  यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा निजी जीवन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि मेरे निजी जीवन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए, जो कोई भी इंसान बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि मुझ पर और दबाव डाला गया तो मैं कानूनी रास्ता (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) अपनाऊंगा। मैं बिहार सरकार से अपील करता हूं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। मुझे अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। मैं साफ कर देना चाहता हूं कि मैं अपने स्टैंड से पीछे नहीं हटूंगा। जिन 4-5 लोगों ने मेरे निजी जीवन में दखल देकर उसे खराब करने की कोशिश की है, उन्हें मैं किसी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा।  इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे पार्टी बनाने की बात पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी बनाने की बात कहकर अफवाह उड़ाई जा रही है। हमारा उद्देश्य पार्टी बनाना नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी आवाज बनना है. क्या चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ही जरूरी है? असली नेता वही होता है जो जनता के दुख-दर्द को समझे और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा (Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help) रहे। मैं हर चुनौती का सामना खुलकर करूंगा। मुझे कोई रोक नहीं सकता। दुख की घड़ी में जो लोग मेरे साथ खड़े हैं, वही मेरे लिए भगवान हैं। और सबसे अहम बात, मेरा निजी जीवन है, उसमें दखल देने का किसी को अधिकार नहीं है। तेजस्वी जी को मेरी शुभकामनाएं हैं, वे आगे बढ़ें, राज्य का नेतृत्व करें, मेरा आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi Tej Pratap Claims Threat to Life, Seeks Nitish Govt Help #tejpratapyadav #nitishkumar #rjdnews #biharpolitics #laluyadav #lifethreatclaim #breakingnews

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Nitish Kumar vs Tejashwi Yadav

Bihar Assembly Election 2025: बदलते समीकरणों में 2025 के चुनाव में बिहार की जनता किसका देगी साथ?

बिहार, ऐतिहासिक दृष्टि से भारत की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहां की राजनीति में जातीय समीकरण, सामाजिक न्याय, क्षेत्रीय अस्मिता और विकास के मुद्दे हमेशा प्रभावी भूमिका निभाते रहे हैं। जैसे-जैसे 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) नज़दीक आ रहे हैं, बिहार की राजनीति में हलचल तेज़ हो गई है। सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी रणनीतियों से चुनाव जीतने का मौका तलाश रहें हैं। राजनीतिक परिदृश्य मौजूदा समय में बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सत्ता में है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) एक बार फिर से NDA का चेहरा हैं, जो अपने लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्ष में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व में एकजुटता लाने की कोशिश हो रही है, जिसमें कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भी शामिल हो सकते हैं। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) के प्रमुख मुद्दे 2025 के विधानसभा चुनाव में कई मुद्दे चर्चा में रहेंगे: विकास और बेरोजगारी- बिहार में शिक्षा और युवाओं की बेरोजगारी (Unemployment) लंबे समय से बड़ी चुनौती रही है। RJD जहां सरकार की बेरोजगारी नीति पर सवाल उठा रही है, वहीं सरकार यह दावा कर रही है कि नए उद्योगों और योजनाओं के ज़रिए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। जातीय जनगणना और सामाजिक न्याय- जातीय जनगणना (Caste Census) एक संवेदनशील मुद्दा है, जिसे RJD और अन्य विपक्षी दल जोरशोर से उठा रहे हैं। यह सवाल न केवल वोट बैंक की राजनीति से जुड़ा है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के पुनर्गठन की मांग भी जुड़ी हुई है। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा- हाल के वर्षों में बढ़ते अपराध और महिला उत्पीड़न के मामले भी चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनने वाले हैं। माई समीकरण और नया जनाधार- RJD अपने पारंपरिक M-Y (मुस्लिम-यादव) समीकरण को मजबूत करने में जुटी है, वहीं BJP ने महिला वोटर्स, अति पिछड़े वर्गों और दलितों पर ज़ोर देना शुरू कर दिया है। नए गठजोड़ और समीकरण- राजनीति में कोई स्थायी मित्र या दुश्मन नहीं होता। इसी सिद्धांत पर बिहार की राजनीति (Bihar Politics) आगे बढ़ती रही है। जहां एक ओर JDU और BJP के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी देखा गया है कि RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल में कई बार दरार आती है। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में यह देखना रोचक होगा कि क्या तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD एक प्रभावशाली विपक्ष खड़ा कर पाएगी या फिर नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) अपने शासन के अनुभव और विकास योजनाओं के दम पर एक बार फिर सरकार बनाने में सफल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बिहार में NDA की चुनावी रणनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की लोकप्रियता एक बड़ा फैक्टर रही है। 2024 के लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2025) में भी भाजपा ने बिहार में अच्छा प्रदर्शन किया था, जिसे वह विधानसभा में दोहराना चाहेगी। पीएम मोदी (PM Modi) द्वारा बिहार को दी जा रही विकास परियोजनाएं, जैसे कि रेलवे, सड़कों और प्रधानमंत्री आवास योजना, लोगों के बीच में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा युवा और महिला मतदाता 2025 का चुनाव युवाओं और महिलाओं के रुझान पर बहुत हद तक निर्भर करेगा। युवा मतदाता शिक्षा, रोज़गार और टेक्नोलॉजी से जुड़ी नीतियों की ओर देख रहे हैं, जबकि महिला मतदाता सुरक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं में भागीदारी के आधार पर वोट कर सकती हैं। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) महज सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मौका होगा। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि अब मतदाता केवल जाति और परंपरा के आधार पर वोट नहीं करते, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। आगामी चुनाव में किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, यह तो समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) एक बार फिर देशभर के लिए चर्चा का केंद्र बनने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi  Chief Minister Nitish Kumar #BiharElection2025 #NitishKumar #TejashwiYadav #BiharPolitics #BJPvsRJD #BiharVoters #INDIABloc #NDABihar

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Nitish Kumar boosts pension by ₹700

चुनाव से पहले नीतीश का मास्टरस्ट्रोक, पेंशन में 700 रुपये की बढ़ोतरी

बिहार सरकार (Bihar Government) की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत विधवाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगों को दी जाने वाली मासिक पेंशन (Monthly Pension) की राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर अब 1,100 रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) ने इस फैसले की घोषणा की है, जो कि चुनाव से पहले राज्य में करोड़ों वंचित वर्गों को सोच-समझकर लिया गया फैसला है।   पेंशन वृद्धि का उद्देश्य और सुविधा बढ़ी हुई वित्तीय सहायता बजट में बढ़त  राजनीतिक रणनीति यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) से कुछ ही महीने पहले किया गया है। ऐसे में नीतीश सरकार (Nitish Government) के इस निर्णय को चुनावी रणनीति के साथ भी जोड़कर में देखा जा सकता है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने हालांकि 1,500 रुपये तक पेंशन बढ़ाने की मांग की थी, वहीं भाजपा (BJP) की कांग्रेस और राजद (Congress and RJD) ने इस कदम की सराहना की है।  सामाजिक-आर्थिक प्रभाव क्या हैं इसके राजनीतिक परिदृश्य?  राजद (RJD) का प्रस्ताव कांग्रेस ने भी पैकेज का किया ऐलान  नीतीश सरकार का सम्पूर्ण दृष्टिकोण इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या होंगी चुनौतियां?   बिहार सरकार (Bihar Government) द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि में 700 रुपये की वृद्धि एक मजबूत और स्वागत योग्य कदम है, जो राज्य के गरीब, बीमार, बुजुर्ग और दिव्यांग वर्ग को आर्थिक राहत उपलब्ध कराएगा। यह कदम चुनावी रणनीति का भी एक हिस्सा प्रतीत होता है, लेकिन साथ ही यह वास्तविक आर्थिक सहायता भी प्रदान करता है। सरकारी बजट और सामाजिक योजनाओं की सक्रियता यह दर्शाती है कि बिहार में बड़ी संख्या में जरूरतमंदों तक सही समय पर सहायता पहुंचाना प्राथमिकता बना हुआ है। आगे जनता और प्रशासन दोनों को इस योजनाओं के कार्यान्वयन की पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि यह पहल सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि वास्तविक बदलाव एवं सामाजिक न्याय का वाहन बने। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #NitishKumar #PensionHike #BiharElections2025 #PoliticalMasterstroke #BiharPolitics #SeniorCitizenBenefits

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Nishant Kumar

Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat: तो क्या इस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार?

बिहार में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी साल बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar assembly Election) होने हैं। चुनावी माहौल के बीच सभी राजनीतिक दल अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में ये भी चर्चा होने लगी है कि कौन सा नेता किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेगा। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में पदार्पण करने के कयास लगाए जा रहे हैं। बता दें कि निशांत कुमार के आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के नेता निशांत कुमार के चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे हैं। वो चुनाव लड़े इसलिए जनता दल यूनाइटेड के कई विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट तक छोड़ने के लिए तैयार (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है। यही नहीं, नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले जेडीयू नेता और सांसद कौशलेंद्र कुमार ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने न सिर्फ बड़ा बयान दिया है बल्कि यह भी बताया है कि निशांत कुमार किस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे।  अगर निशांत चुनाव लड़ते हैं तो नालंदा के लोग उन्हें जरूर (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) जिताएंगे बता दें कि सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा, निशांत कुमार अगर राजनीति में आते हैं तो इससे हमलोग काफी खुश होंगे। निशांत कुमार के इस्लामपुर से चुनाव लड़ने की मांग उठ रही है। अगर निशांत चुनाव लड़ते हैं तो नालंदा के लोग उन्हें जरूर (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) जिताएंगे। हालांकि उन्होंने इस हेतु नीतीश कुमार से अपील भी की है। गौरतलब हो कि कौशलेंद्र कुमार ने नीतीश कुमार से आग्रह करते हुए कहा, निशांत कुमार को इस्लामपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। जीत का दंभ भरते हुए उन्होंने कहा कि जनता जीत का ताज पहनाकर ही भेजेगी। यही नहीं उन्होंने आगे कहा, निशांत में वह क्षमता है।  कम बोलना और केवल बात का जवाब देना उन्हें आता (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है जदयू सांसद ने कहा कि नालंदा के लोग यह कहते हैं कि नीतीश कुमार के पुत्र को राजनीति में लाएं। मैं भी युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ाना चाहता हूं। जदयू पार्टी की कमान थामने के सवाल पर सांसद ने कहा कि निशांत में वह क्षमता है। निशांत की तारीफ करते हुए जदयू सांसद ने कहा कि वो लोगों का आदर करना जानते हैं। अमूमन अन्य नेताओं के बच्चों में नहीं होता है, लेकिन वो मैनें निशांत में देखा है। कम बोलना, बड़ों का आदर करना और उन्हें प्रणाम करना निशांत का स्वभाव है। कम बोलना और केवल बात का जवाब देना उन्हें आता (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) है। बता दें कि आये दिन निशांत कुमार के चुनाव लड़ने की चर्चाएं होती रहती है। लेकिन निशांत कुमार ने कभी इसपर सहमति अबतक नहीं जतायी है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार तेजस्वी यादव ने भी निशांत को राजनीति में आने की (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) दी है सलाह बड़ी बात यह कि तेजस्वी यादव ने भी निशांत को राजनीति में आने की सलाह (Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat) दी है। खैर, इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को एक नये डिजिटल मंच की शुरुआत की और लोगों से ‘एक नया बिहार बनाने’ के लिए एक साथ आने का आग्रह किया। इस बीच तेजस्वी यादव ने कहा, राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं। इस सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। वे चुनाव में एक नई सरकार चुनना चाहते हैं। हम उनकी आवाज बनेंगे। उन्होंने कहा, लोगों को आगे आना चाहिए और इस डिजिटल मंच के माध्यम से एक नया बिहार बनाने में हमारा साथ देना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi Nitish Kumar’s son Nishant may contest from a key Bihar assembly seat #NishantKumar #NitishKumar #BiharElections2025 #JDU #BiharPolitics #AssemblyPolls #PoliticalNews

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Tejaswi Yadav

तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर हमला: बिहार में आयोगों की नियुक्तियों को बताया परिवारवाद

बिहार में महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) समेत विभिन्न आयोगों में हुई नियुक्तियों को लेकर नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) पर हमला बोला है। तेजस्वी ने इन नियुक्तियों को पारदर्शिता और योग्यता के विरुद्ध बताते हुए सरकार पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया। तेजस्वी यादव ने उठाई ‘जमाई आयोग’ बनाने की मांग तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार सरकार को एक जमाई आयोग का गठन करना चाहिए क्योंकि यहां आयोगों की नियुक्तियां पारिवारिक रिश्तों के आधार पर की जा रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के दामाद, जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के दामाद और अशोक चौधरी (Ashok Chaudhari) के दामाद को आयोगों में नियुक्त किया गया है। यह स्पष्ट रूप से परिवारवाद को दर्शाता है और इससे योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो रहा है। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) ने विशेष रूप से बिहार महिला आयोग (Bihar Women’s Commission) में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार (Deepak Kumar) की पत्नी की नियुक्ति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षाविद् के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन क्या बिहार में कोई और योग्य शिक्षाविद नहीं था? तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दीपक कुमार की पत्नी ने आवेदन में अपने पति का नाम छुपाकर पिता का नाम लिखा है, जो संदेह पैदा करता है। “मुख्यमंत्री अचेत हैं या शामिल?” तेजस्वी ने सवाल किया कि क्या नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन नियुक्तियों से अनजान हैं या वे स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सचिवालय में दलित और अल्पसंख्यक विरोधी मानसिकता के लोग काबिज हो चुके हैं और बीजेपी के वफादार कार्यकर्ताओं को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार “बिहार में हो रहा है मलाई का बंटवारा” तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के परिवारवाद विरोधी भाषणों को भी खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में गुपचुप तरीके से सरकार की मलाई बांटी जा रही है और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री दोनों मिलकर स्पेशल अरेंजमेंट कमीशन (Special Arrangement Commision) चला रहे हैं, जहां केवल खास लोगों के बेटा, दामाद और पत्नी को ही मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला अगर यूं ही चलता रहा तो बिहार का प्रशासन और सचिवालय दोनों ही बर्बाद हो जाएंगे। तेजस्वी ने सरकार से अपील की कि वह पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखे ताकि योग्य युवाओं को भी अवसर मिल सके। तेजस्वी यादव (Tejaswi Yadav) के इस बयान ने एक बार फिर बिहार की राजनीति को गर्म कर दिया है। उन्होंने ना केवल नीतीश सरकार (Nitish Kumar) के निर्णयों पर सवाल उठाए, बल्कि परिवारवाद के खिलाफ व्यापक बहस को भी हवा दी है। आने वाले चुनावी माहौल में यह मुद्दा किस दिशा में जाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। Latest News in Hindi Today Hindi Tejaswi Yadav #tejashwiyadav #nitishkumar #biharpolitics #familyism #nepotism #biharnews #indiapolitics #breakingnews #latestupdate #politicalnews

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Tejashwi Yadav calls NDA rule in Bihar a 20-year failure

𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार 𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार: तेजस्वी यादव

बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव के तारीखों की घोषणा कर सकता है। चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ-साथ राज्य में सियासी पारा भी बढ़ने लगा है। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। खास तौर पर विपक्षी दलों ने NDA सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस कड़ी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) लगातार मौजूदा सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पिछले कुछ वर्षों में बिहार की राजनीति में एक मजबूत विपक्षी चेहरा बनकर उभरे हैं, लगातार जनसभाओं, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से NDA पर हमला बोलते आ रहे हैं। वे विशेष रूप से युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को उठाकर जनता का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। व्यंग्यात्मक कार्टून से सियासी हमला तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक व्यंग्यात्मक कार्टून साझा किया। इस कार्टून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की प्रतीकात्मक छवियों को एक आम आदमी द्वारा ढोते हुए दिखाया गया है। इस प्रतीकात्मक चित्र के ज़रिए तेजस्वी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बिहार की जनता पिछले 20 वर्षों से NDA की ‘निकम्मी और नाकारा’ सरकार का बोझ उठाने को मजबूर है। उन्होंने इस पोस्ट के साथ लिखा, “20 बरस से ढो रहा है बिहार, एनडीए की नाकाम निकम्मी सरकार। इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार, महंगाई, ढहते पुल, पलायन, बेरोजगारी, शिक्षा की बदहाली, बाढ़ और सूखा जैसे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए यह तंज कसा कि इन समस्याओं के बावजूद सरकार ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला। 𝟐𝟎 बरस से ढो रहा है बिहार𝐍𝐃𝐀 की नाकाम निकम्मी सरकार!#TejashwiYadav #Bihar #RJD #india pic.twitter.com/Z8mQOFuaaR — Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 4, 2025 चुनावी रणनीति में सोशल मीडिया की भूमिका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के इस डिजिटल प्रहार को एक सटीक चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आज की राजनीति में सोशल मीडिया एक बेहद प्रभावशाली मंच बन चुका है और तेजस्वी इसका भरपूर उपयोग कर रहे हैं। वे युवाओं और डिजिटल माध्यम (Bihar Politics) से जुड़े मतदाताओं को सीधे अपनी बात पहुंचा रहे हैं। खासकर पहली बार वोट देने वाले युवाओं को जागरूक करने के लिए वे लगातार सोशल मीडिया (Social Media) पर सक्रिय हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के खिलाफ एक बड़ा मनोवैज्ञानिक हमला है। ऐसे कार्टून और टिप्पणियों के जरिए तेजस्वी अपने विरोध को रचनात्मक और सरल भाषा में जनता के सामने ला रहे हैं, जो आम लोगों को आसानी से समझ में आता है। इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  चुनावी समीकरण और आगे की राह राजनीति के जानकारों की मानें तो आगामी चुनाव में तेजस्वी यादव की रणनीति न केवल मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की है, बल्कि वह खुद को एक विकल्प के रूप में मजबूती से पेश कर रहे हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि एनडीए की ओर से इस प्रकार के लगातार हमलों का क्या जवाब दिया जाएगा। गौरतलब है कि बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और युवा वर्ग की भागीदारी हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में राजद की ओर से उठाए जा रहे सवालों और डिजिटल रणनीति का कितना असर होता है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। अब ऐसे में यह कहा जा सकता है कि बिहार का राजनीतिक (Bihar Politics) तापमान चुनाव की घोषणा से पहले ही काफी बढ़ चुका है और जैसे-जैसे तारीख नज़दीक आएगी, यह लड़ाई और अधिक तीखी होती जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Bihar Politics #TejashwiYadav #BiharPolitics #NDAFailure #NitishKumar #BJPinBihar #BiharElections2025 #OppositionVoice #PoliticalNews

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Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum

Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum: ताजा सर्वे में नितीश को लगा झटका, बीजेपी और तेजस्वी की बल्ले-बल्ले 

इस साल बिहार में चुनाव होना है। फ़िलहाल भारतीय चुनाव आयोग चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है। अक्टूबर-नवंबर होने वाले बिहार चुनाव में भाजपा-जदयू (एनडीए गठबंधन) का मुकाबला राजद-कांग्रेस के महागठबंधन से होगा। खैर, चुनाव होने में अभी तो महीनो बाकी है। इस बीच इंकइनसाइट द्वारा मई के शुरू में जारी एक नए ओपिनियन पोल ने नेताओं की नींद हराम कर दी है। सर्वे के मुताबिक सूबे की महिलाएं राज्य में सरकार बनाने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन को अपनी पहली पसंद बता (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) रही हैं। दरअसल, सर्वे में शामिल 45 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे नीतीश को फिर से सूबे के मुखिया के तौर पर देखना चाहती हैं। यही नहीं, सर्वे के मुताबिक बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से अधिक लोकप्रिय है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत महिलाओं ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, जबकि 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है।  18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर तेजस्वी यादव को किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) पसंद   एक तरफ जहाँ नितीश कुमार बतौर महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं तो वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव युवाओं के बीच पहली पसंद बनकर उभरे हैं।  इंकइनसाइट के सर्वे में शामिल 18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर नीतीश की जगह उन्हें पसंद किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) है। हालांकि, एनडीए अभी भी युवाओं के बीच पहली पसंद बनी हुई है। 18-29 आयु वर्ग के 44.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो एनडीए को वोट देंगे, वहीं 39.5 प्रतिशत ने कहा कि वे महागठबंधन को सत्ता में देखना पसंद करेंगे।” सिर्फ 0.76 प्रतिशत ने कहा कि “वो प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को वोट देंगे।” इस ओपिनियन पोल में शामिल 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं तो वहीं 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो इस पद पर नीतीश कुमार को पसंद करेंगे।” बता दें कि ये दूसरा ओपिनियन पोल है जिसमें आरजेडी के तेजस्वी यादव को सीएम पद की पहली पसंद बताया गया है। गौरतलब हो कि “सी-वोटर के पहले के प्री-पोल सर्वे में तेजस्वी यादव को सीएम पद के लिए शीर्ष पसंद बताया गया था। उसमें प्रशांत किशोर दूसरे स्थान पर थे और उसके बाद नीतीश कुमार तीसरे स्थान पर थे।  इसे भी पढ़ें:-लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं पसंद  गौर करने वाली बड़ी बात यह कि “सर्वे के मुताबिक, 30-39 वर्ष आयु वर्ग और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष पसंद बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं। दूसरी ओर, 40-49 वर्ष और 50-59 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं के बीच नीतीश कुमार शीर्ष पसंद हैं। दिलचस्प बात ये है कि अधिकांश 45.8 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद करेंगे।” कुल-मिलाकर इस सर्वे के मुताबिक महिलाओं के बीच, राज्य में एक और कार्यकाल के लिए सरकार बनाने हेतु एनडीए शीर्ष विकल्प बना हुआ है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, तो वहीं 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum #NitishKumar #BiharPolitics #BJPVictory #TejashwiYadav #ElectionSurvey #PoliticalTwist #BJPvsJDU #IndiaElections #BiharUpdates #VoterMood

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