Modi skipped Kashmir visit

Modi Skipped Kashmir Visit : 3 दिन पहले पीएम मोदी के पास थी पहलगाम हमले की खुफिया जानकारी, इसीलिए वो नहीं गए कश्मीर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को झारखंड के रांची में केंद्र सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले से पहले खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “मोदी जी (PM Modi) को हमले से तीन दिन पहले ही रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द (Modi Skipped Kashmir Visit) कर दी थी। दरअसल, सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि “केंद्र ने आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी पहलगाम में ज्यादा सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की?” उन्होंने आगे कहा कि “हमले के तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मोदी जी को भेजा था, इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का प्रोग्राम कैंसिल किया था। क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए?” इसपर उन्होंने कहा कि “देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही।” खरगे ने कहा कि “जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की? सूचना मिली और कई पेपर भी आए हैं, जिसमें लिखा है कि हमले के तीन दिन पहले ही मोदी जी को भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्होंने कश्मीर यात्रा रद्द की। अपनी बात पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि “ये मैंने पेपर में पढ़ा था।”  जब आप चूक को मान रहे हैं, तो जितने लोग इस घटना में मारे गए हैं, उन सबकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी (Modi Skipped Kashmir Visit) चाहिए वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने (Mallikarjun Kharge) आगे कहा कि “जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका (PM Modi) जाना मुनासिब (Modi Skipped Kashmir Visit) नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई?” मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “मैं सवाल पूछता हूं कि आपने तो अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया, लेकिन जो पर्यटक वहां अधिक मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो जितने लोग जो इस घटना में मारे गए हैं, उन सभीकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार (Modi Skipped Kashmir Visit) चल रही है अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने (Mallikarjun Kharge) कहा कि “जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं (Modi Skipped Kashmir Visit) है, आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये पूरा-पूरा देश का मामला है।” खैर, इस बीच झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए खरगे ने कहा कि “हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं इन सब को भी धन्यवाद देता हूं।” Latest News in HindiToday Hindi news  Modi Skipped Kashmir Visit #Modi #Kashmir #PahalgamAttack #TerrorAlert #PMModi #BreakingNews #SecurityThreat #ModiNews #IndiaNews #BJP

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Putin supports Modi

Putin Supports Modi After Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद रूसी व्लादिमीर पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, कहा- “दोषियों को हर हाल में मिले सजा”

22 अप्रैल आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया था। जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस पहले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले के बाद से भारत और पकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हमले 13 दिन बाद भी लोगों को उम्मीद है कि भारत इस हमले का माकूल जवाब देगा। इस बीच तनातनी के बीच गौर करने वाली बात यह कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) किया। और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इसा दौरान पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि “इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”  प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) दीं शुभकामनाएं  इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बाबत अधिक जानकारी देते हुए कहा कि “दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack)  शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।” बता दें कि इससे पहले आज यानी सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री नकातानी के बीच भी एक बैठक हुई। खबर के मुतबिक इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। गौर करने वाली बात यह कि बीते 6 महीने में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ये दूसरी बैठक है। इसे भी पढ़ें:- ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत और जापान के रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा (Russian President Vladimir Putin) कि “नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सैन से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। बैठक के दौरान हमने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और प्रयास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” Latest News in HindiToday Hindi news Russian President Vladimir Putin #PutinSupportsModi #PahalgamAttack #ModiPutinTalk #IndiaRussiaTies #KashmirTerror #PutinStatement #PahalgamNews #ModiNews #TerrorAttackIndia #GlobalSupportIndia

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India response to terror

India Pakistan trade ban: पाकिस्तान पर एक और बड़ी चोट, पहलगाम हमले के बाद भारत ने सभी तरह के आयात-निर्यात पर लगाई रोक

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी देखी जा रही है। जिसका असर दोनों देशों के व्यापार पर भी (India Pakistan trade ban) पड़ रहा है। गौरतलब हो कि सिंधु जल संधि सस्पेंड करने के बाद भारत सरकार ने अब सभी तरह के आयात और निर्यात पर पाबंदी लगा दी है। इसका सीधा सा मतलब है कि अब दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा। न भारत से कोई पाकिस्तान जाएगी और नहीं पाकिस्तान से कोई भी चीज भारत ही आएगी। सरकार के इस फैसले की जानकारी देते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि “अब पाकिस्तान से पूरी तरह से आयात-निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।” पाकिस्तान के विरुद्ध कड़े एक्शन लेते हुए भारत ने पहले डायरेक्ट ट्रेड को बंद किया था। लेकिन अब सरकार ने सभी तरह के इनडायरेक्ट ट्रेड को भी बंद करने का फैसला किया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत सरकार का यह फैसला पाकिस्तान के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब जाहिर है पाकिस्तानी जहाज भारत के पोर्ट पर नहीं रुकेंगे।  पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए (India Pakistan trade ban) जाते हैं  बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय ने इस आदेश को लेकर एक नोटिफिकेश भी जारी किया है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक भारत ने पाकिस्तान से सभी वस्तुओं के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट आयात-निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक (India Pakistan trade ban) लगा दी है। गौरतलब हो भारत ने पहलगाम हमले के बाद वाघा-अटारी क्रॉसिंग को पहले ही बंद कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि ये वही एकमात्र मार्ग था जिससे दोनों देशों के बीच कारोबार होता था। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि पाकिस्तान से भारत में कौन सामान आयात किया जाता था। तो बता दें कि पाकिस्तान से लाहौरी कुर्ते, पेशावरी चप्पलें और सेंधा नमक बड़ी मात्रा में भारत आयात किए जाते थे। इसके अलावा इनमें ड्राई फ्रूट्स, कपास, सीमेंट और स्टील भी शामिल हैं। यही नहीं, भारत-पाकिस्तान से कार्बनिक केमिकल्स, कन्फेक्शनरी प्रोडक्ट और चश्मों में इस्तेमाल होने वाले ऑप्टिकल्स भी आयात करता है।  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है (India Pakistan trade ban) गौर करने वाली बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत पाकिस्तान पर एक के बाद एक बड़े स्ट्राइक करते जा रहा है। एक बड़ी स्ट्राइक करते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के आयात (India Pakistan trade ban) पर बैन लगा दिया है। भारत सरकार के इस फैसले के बाद अब इन तमाम उत्पादों का आयात पूरी तरह से रुक गया है। इससे न सिर्फ पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, बल्कि भारतीय बाजार में कुछ खास किस्म के उत्पादों की उपलब्धता में कमी देखी जाएगी।  Latest News in HindiToday Hindi news India Pakistan trade ban #IndiaPakistanTradeBan #PahalgamAttack #IndiaStrikesBack #TradeBanOnPakistan #IndiaPakistanTensions #ModiOnPakistan #ImportExportBan #NationalSecurityIndia #IndiaPakistanNews #TerrorAttackResponse

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Pakistan Army urges citizens to stock 2-month

Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration: पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल है। इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सेना को किसी भी तरह हमले का जवाब देने के लिए खुली छूट दे दी है। कारण यही जो डरी सहमी पाक आर्मी ने (Pakistan Army) एलओसी (LOC) के आस-पास रहने वाले लोगों को खाने-पीने का सामान एडवांस में जमा करने (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) का आदेश दे दिया है। दरअसल, पीओके (POK) के प्रधानमंत्री चौधरी अनवर उल हक ने शुक्रवार को स्थानीय विधानसभा में कहा कि “नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित 13 निर्वाचन क्षेत्रों में दो महीने के लिए खाद्य आपूर्ति का भंडारण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ” हमले के मद्देनजर क्षेत्रीय सरकार ने 13 निर्वाचन क्षेत्रों में खाद्य, दवाइयां और अन्य सभी बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक अरब परुपये ($3.5 मिलियन) का आपातकालीन कोष भी बनाया है।”  पीओके में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए किये गए बंद (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हालाँकि पीओके के प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि “नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में सड़कों की मरम्मत के लिए सरकारी और निजी मशीनरी भी तैनात की जा रही है। इसके अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 1000 से अधिक मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) हैं। पाक आर्मी (Pakistan Army) के स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की तरफ से हमले के डर की वजह से पीओके (POK) में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया। भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है। इस बीच स्थानीय लोगों का मानना है कि “भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध तो नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (LOC) के भीतर हमला जरूर करेगा।”  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं और दोनों के बीच युद्ध की स्थिति  हुई है बनी बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। पहले तो इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े आतंकी ग्रुप टीआरएफ ने ली थी, लेकिन भारत के रुख को देख टीआरएफ ने इससे पल्ला झाड़ लिया था। आलम यह है कि इस हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। सेनाएं आमने-सामने (Pakistan Army) हैं। इस बीच ध्यान देने वाली बड़ी बात यह कि युद्ध के डर से पाकिस्तान की (Pakistan Army) ने अपने नागरिकों से 2 महीने का खाना, एडवांस में जमा करने के लिए कह दिया है। जानकारी के मुताबिक पीओके में पाकिस्तानी नेता, लोगों से कह रहे हैं कि “जंग कभी हो सकती है, इसलिए वो अपने घरों में दो महीने का खाना जमा करके (Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration) रख लें।” गौरतलब हो कि इस हमले एक बाद नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने इत्यादि शामिल हैं। अब पाकिस्तान के लोगों के मन में डर माहौल है।  Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Army urges citizens to stock 2-month ration #PakistanArmy #PahalgamAttack #IndiaPakistanTension #PakistanNews #RationAlert #PakArmyFear #SecurityAlert #StockRation #BorderTensions #PanicInPakistan

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Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam

Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam: पहलगाम हमले के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को औकात दिखाते हुए कही यह बड़ी बात

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से देश को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का अलग ही चेहरा देखने मिला है। मुस्लिमों की राजनीति करने के लिए जाने जाने वाले असदुद्दीन ओवैसी की इस हमले के बाद बतौर एक राष्ट्रवादी नेता वाली छवि बनकर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) आई है। पहलगाम हमले के बाद से ओवैसी इस कदर नाराज हैं कि वो पाकिस्तान को पानी पी पीकर कोस रहे हैं। गौर करने वाली बात यह कि वो अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को उसकी औकात दिखा रहे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के नापाक को इरादों की पोल खोलकर रख दी है। जिस तरह से आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म और नाम पूछकर बेरहमी से मारा है। इसे लेकर ओवैसी काफी क्रोध में हैं। उन्होंने पाकिस्तान की तुलना आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) से कर दी है। गौर करने वाली बात यह कई वो न सिर्फ पाकिस्तान पर हमलावर हैं बल्कि पाकिस्तानी नेताओं के बेशर्म बयानों का करारा जवाब भी दे रहे हैं।  पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है नाकाम  कहने की जरूरत नहीं, जिस तरह असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को अपने निशाने लिया है उसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि उन्होंने पाकिस्तान की भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम कर (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) दिया है। बड़ी बात तो यह कि उन्होंने अपनी राष्ट्रवादी छवि से पाकिस्तान को हैरान कर दिया है। पाकिस्तान ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि ओवैसी इस तरह मुखर होकर पाकिस्तान का विरोध करेंगे। दरअसल, ओवैसी देश की मुस्लिम सियासत का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। सड़क से संसद तक वो मुसलमानों की आवाज को बुलंद करते रहते हैं। मुद्दा चाहे वो बाबरी मस्जिद का रहा हो, या फिर तीन तलाक का, या फिर मुद्दा चाहे लव जिहाद का हो या सीएए और एनआरसी का, उन्होंने हर मुद्दे पर खुलकर मुखालफत की है। उनके गुस्से को कौन भूल सकता है जब उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान बिल की कॉपी को फाड़कर अपने गुस्से का इजहार किया था।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें कामयाब  इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता कि पहलगाम में जिस तरह से आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा उसे देखकर लोगों का खून खौल रहा है। इस हमले के बाद ही ओवैसी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि “आईएसआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का मकसद भारत में हिंदू-मुस्लिम विवाद कराना है। इसीलिए कश्मीर में गैर मुस्लिमों को निशाना बनाया गया।” इस बीच उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “राजनीतिक मतभेदों के बावजूद देश को कमजोर करने की कोशिशें कामयाब न (Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam) होने दें।” पाकिस्तान को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “ये कुत्ते कमीने नाम और धर्म पूछकर निर्दोष लोगों को मार रहे थे, जहां इतने सारे टूरिस्ट थे, वहां सीआरपीएफ कैंप नहीं था।” उन्होंने आगे कहा कि “इन कमीनों-हरामजादों ने लोगों से उनका धर्म पूछने के बाद उन्हें गोली मार दी।” आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को पाकिस्तान हुकूमत की नाजायज औलाद बताते हुए उन्होंने कहा कि “भारत के खिलाफ पाकिस्तान लंबे समय से आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा है, लेकिन अब इसे जड़ से मिटाने का समय आ गया है। इस तरह ओवैसी ने भारत में हिंदू-मुसलमान में विभाजन की नापाक कोशिश को नाकाम करने की कवायद की और संकट की इस घड़ी में एक रहने का संदेश दिया, जो कि काबिलेतारीफ है। यही नहीं, ओवैसी भारतीय मुसलमानों को पाकिस्तान की पहचान से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। वो टू नेशन थ्योरी को भी खारिज कर चुके हैं।   Latest News in HindiToday Hindi news Owaisi Targets Pakistan After Pahalgam #Owaisi #PahalgamAttack #Pakistan #NationalistOwaisi #IndianPolitics #Terrorism #BreakingNews #IndiaFirst #LatestNews #OwaisiSpeech

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Mastermind of Pahalgam attack

Mastermind of Pahalgam attack: पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रह चुका है पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप का कमांडो

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों को ढूंढने के लिए रात दिन एक कर दिया है। अनवरत जांच में अब एक नया खुलासा हुआ है। खुलासे के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने इस हत्याकांड के पीछे एक मुख्य आतंकवादी की पहचान कर ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आतंकी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक और पाकिस्तान के स्पेशल फोर्स के पूर्व पैरा कमांडो हाशिम मूसा (Mastermind of Pahalgam attack) के रूप में हुई है। हाशिम मूसा को ही पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के पीछे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने खुलासा किया है कि मूसा, जो कि अब लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। मूसा को जम्मू और कश्मीर भेजे जाने से पहले पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक मूसा को भारतीय और विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों सहित गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। पहलगाम के आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण (Mastermind of Pahalgam attack) दिया गया था महत्वपूर्ण बात यह है कि एक जिपलाइनिंग वीडियो के बाद यह खुलासा हुआ है जिसमें आतंकवादियों को सटीकता के साथ भागते लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया (Mastermind of Pahalgam attack) है। दरअसल, यहां एक पर्यटक जिपलिंग कर रहा था और इसी दौरान वह सेल्फी वीडियो भी बना रहा था। इस वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रहा है कि कैसे लोग आतंकी हमले के बाद भाग रहे हैं और आतंकी उन्हें निशाना बना रहे हैं। इस वीडियो को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था। बता दें कि पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।   इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों में अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा बड़ी बात यह कि भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगति कर दिया है। सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद तिलमिलाए पाकिस्तान ने परमाणु युद्ध की खुली धमकी दी डाली है। अहम बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं। तनाव का आलम यह है कि दोनों के बीच कभी भी युद्ध हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mastermind of Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanTerror #SSGCommando #TerrorMastermind #KashmirViolence #IndiaSecurity #TerrorAlert #JammuAndKashmir #PakistaniInvolvement #IndiaVsTerror

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Pakistan Calls for Pahalgam Terror Attack

China support Pakistan: पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष भारतीयों और 2 विदेशी नागरिकों की जान गई थी। इस हमले को लेकर भारत पाकिस्तान को लेकर हमलावर है। दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात हैं। एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आलम यह है कि युद्ध अब हो कि तब हो। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान निष्पक्ष जाँच की मांग कर रहा है। इस बीच चीन ने पाकिस्तान की ओर से की गई मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच की वकालत कर दी (China support Pakistan) है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। पाकिस्तान की ओर से भी इसे लेकर दलील पेश की जा रही है। वह मांग कर रहा है कि इसकी जांच भारत-पाक नहीं बल्कि तीसरे पक्ष के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समिति करे। चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। अहम बात यह कि चीन, कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और निष्पक्ष जांच की शीघ्र शुरुआत का समर्थन करता है। वह उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, एक-दूसरे की ओर बढ़ेंगे और तनाव कम करने के लिए काम करेंगे। इस पूरे मामले पर वांग ने कहा कि “आतंकवाद से लड़ना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है।” इसे भी पढ़ें:- कश्मीर में आतंक के खिलाफ एकजुटता की नई शुरुआत: उमर अब्दुल्ला चीन पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है वांग ने कहा कि “एक मजबूत दोस्त और हर मौसम में रणनीतिक सहयोगी साझेदार के तौर पर चीन पाकिस्तान की वैध सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह समझता है और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है।” जानकारी के पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बताया कि इशाक डार ने वांग यी को वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति से भी अवगत कराया। यही नहीं, डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन की प्रशंसा की और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। गौर करने वाली बात यह कि चीन की ओर से यह समर्थन शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच या निष्पक्ष जांच की मांग की थी। और तो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ़ कह चुके हैं कि “ये दो देशों के बीच का मसला है और वह इस मामले में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं रखते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi  #PakistanTerrorAttack, #PahalgamAttack, #ChinaSupportsPakistan, #PakistanDemandsInvestigation, #TerrorismInKashmir, #ChinaPakistanRelations, #JammuAndKashmir, #InternationalDiplomacy, #PakistanChinaSolidarity, #TerrorismInvestigation

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West Bengal Teacher News

Muslim teacher leaves Islam: पहलगाम हमले से आहत पश्चिम बंगाल के मुस्लिम टीचर ने इस्लाम त्यागते हुए कही यह बड़ी बात

 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। कुल 28 टूरिस्टों ने इस हमले में जान गंवाई थी, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी थे। इस हमले में 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। निश्चित ही इस घटना को कभी भुलाया जा सकता है। इस घटना को लेकर देश के साथ-साथ दुनिया भर के अमन पसंद लोगों में रोष व्याप्त है। लोग इस बात को लेकर इस कदर चिंतित हैं कि भला कोई कैसे इस तरह धर्म पूछ कर किसी को मार सकता है? इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि दुनिया का सबसे बड़ा धर्म मानवता है। मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है। पहलगाम की घटना का असर ऐसा कि लोग अपने आप विशेष धर्म से जोड़ने से भी शर्मिंदा महसूस करने लगे हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं पश्चिम बंगाल से जिनका ह्रदय इस कदर द्रवित हुआ कि उन्होंने अपना मजहब ही (Muslim teacher leaves Islam) छोड़ दिया। दरअसल, इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के एक मुस्लिम टीचर साबिर हुसैन ने इस्लाम मजहब छोड़ने का फैसला लिया है। यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है बता दें कि पहलगाम में आतंकियों ने लोगों का धर्म देखकर और कलमा पढ़वाकर निर्दोष लोगों को मारा था। इससे साबिर हुसैन इस कदर आहत हुए कि इस्लाम छोड़ने का ही मन बना लिया। वो दक्षिण 24 परगना जिले के बादुरिया स्थित निर्माण आदर्श विद्यापीठ में विज्ञान के शिक्षक हैं। स्कूल टीचर साबिर हुसैन ने कहा है कि “देश में आए दिन मजहब के नाम पर हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे वो बेहद दुखी हैं।” पहलगाम आतंकी हमले से आहत साबिर हुसैन ने इस्लाम छोड़ने के लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। साबिर हुसैन के मुताबिक उन्होंने यह फैसला स्वतंत्र रूप से (Muslim teacher leaves Islam)  लिया है और कहा है कि उनकी पत्नी और उनके बच्चे जो भी रास्ता चुने वह उन्हें पूरी आजादी देंगे। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं स्थनीय मीडिया से बात करते हुए साबिर हुसैन ने कहा कि “हिंसा फैलाने के लिए बार-बार धर्म का गलत इस्तेमाल किया जाता है, जो सही नहीं है।” उन्होंने इसपर आगे कहा कि “मैं किसी धर्म का अनादर नहीं कर रहा हूं। यह मेरा निजी फैसला है। मैंने देखा है कि किस तरह हिंसा फैलाने के लिए एक हथियार के रूप में धर्म का इस्तेमाल किया जाता है। कश्मीर में ऐसा कई बार हुआ है। मैं अब इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता।” व्यथित मन से उन्होंने आगे कहा कि “मैं सिर्फ एक इंसान के रूप में जाना जाना चाहता हूं, किसी धार्मिक पहचान की वजह से (Muslim teacher leaves Islam) नहीं। इसलिए मैं कोर्ट में आवेदन करने आया हूं। पहलगाम जैसी हिंसक घटनाओं में महजब का गलत इस्तेमाल किया जाता है। किसी को उसके धर्म की वजह से मारना कैसे ठीक है? ये मुझे बहुत आहत करता है।” वो यहीं नहीं रुके, साबिर ने आगे कहा कि “मौजूदा माहौल पर टिप्पणी करते हुए हुसैन ने कहा कि वह ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहते हैं, जहां सब कुछ मजहब के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। आजकल सब कुछ धर्म के इर्द-गिर्द घूमता हुआ लगता है। मैं ऐसी दुनिया में नहीं रहना चाहता।”  Latest News in Hindi Today Hindi Muslim teacher leaves Islam #MuslimTeacher #LeavesIslam #PahalgamAttack #ReligiousConversion #WestBengalTeacher #IslamToHumanity #FaithChange #AfterPahalgamAttack #NewsUpdate #ViralNews

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Pahalgam attack

Pahalgam attack: पहलगाम हमले पर भारत को अमेरिका का संदेश, कहा “आतंकियों को छोड़ना नहीं”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले (Pahalgam attack) के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। देश ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस हमले की निंदा की है। इस आतंकी हमले के बाद दुनिया के सभी बड़े देश न सिर्फ भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं बल्कि वहां के राष्ट्रअध्यक्ष पीएम मोदी से बात कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका आतंकवादियों के खिलाफ भारत के सुर में सुर मिलाते हुए आवाज उठा रहा है। बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “कश्मीर से बेहद परेशान करने वाली खबर है। संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हम खोए हुए लोगों की आत्मा और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।” अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने गुरुवार (24 अप्रैल) को जानकारी दी कि अमेरिका ने पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, ब्रूस ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि “अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया है, अमेरिका भारत के साथ खड़ा है, आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। हम मारे गए लोगों के जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करते हैं और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं (Pahalgam attack) ले रहे हैं एक सवाल अमेरिका पहलगाम में आतंकवादी हमले (Pahalgam attack) के पीछे पाकिस्तान को देखता है, के जवाब में टैमी ब्रूस ने जवाब दिया कि “मैंने इसे शीर्ष पर रखा क्योंकि यह एक भयानक स्थिति थी। साथ ही, इस बिंदु पर टिप्पणियों की सीमा यही होगी। मैं आपको निश्चित रूप से क्या बता सकती हूं, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह तेजी से बदलती स्थिति है, और हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं। और हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं ले रहे हैं।” बता दें कि हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं।  बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक में, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि आतंकवादियों ने मंगलवार को पहलगाम के बैसरान मैदान में पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ध्यान देने वाली बात यह कि यह 2019 पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे बड़े हमलों में से एक है। गौर हो कि पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi Pahalgam attack #PahalgamAttack #USIndiaRelations #FightTerrorism #KashmirViolence #TerrorAlert #IndiaSecurity #USOnTerror #GlobalSupport #TerroristAttack #IndianArmy

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Congress Questions Govt Over Pahalgam Terror Attack

पहलगाम आतंक हमला- जनहित में सवाल उठाना जरूरी है: कांग्रेस 

22 अप्रैल 2025 वो काला दिन जब आतंकियों ने टूरिस्ट पर हमला कर दिया और लोगों की जान ले ली। बंदूकधारियों ने निशाना बनाकर आम नागरिकों की जान ली जिसमें 26 लोगों की जान चली गई और 17 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun kharge) की अगुआई में पार्टी ने शोक व्यक्त करते हुए इसे “कायराना एवं सुनियोजित हमला” कहा, जिसकी साजिश पाकिस्तान स्थित आतंकी तंत्र ने रची है। आधिकारिक बयान में बताया गया है कि हमलावरों ने हिंदू पर्यटकों को जानबूझकर चुनकर देश‑भर में सांप्रदायिक तनाव भड़काने की कोशिश की। कांग्रेस (Congress) ने जनता से शांति बनाए रखने और “हमारी सामूहिक शक्ति” दिखाने की अपील की—यह संकेत है कि आतंकवाद का असली उद्देश्य समाज में दरार पैदा करना है, जिसे विफल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कांग्रेस की सर्वदलीय बैठक  पार्टी ने हमले की रात ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की, जो आज निर्धारित है। ऐसे वक्त में राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर साझा रणनीति बनाना आवश्यक है। सीमा‑पार आतंकवाद के प्रति दृढ़ता और एकता दोहराने का संदेश न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ाता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी भारत की दृढ़ इच्छा‑शक्ति जाहिर करता है। सुरक्षा तंत्र की पड़ताल क्यों जरूरी पहलगाम को हाई‑सिक्योरिटी ज़ोन (High Security Zone) माना जाता है; यहाँ त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा और लगातार गश्त आम बात है। फिर भी हमला कैसे संभव हुआ? चूँकि केंद्रशासित प्रदेश सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, इसलिए व्यवस्था में कहां चूक हुई—यह सवाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है। कांग्रेस (Congress) ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए जोर दिया कि त्रुटियों को उजागर करना राष्ट्रविरोधी नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की संवैधानिक शर्त है। इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान अमरनाथ यात्रा की समय‑सापेक्ष चुनौती कुछ ही हफ्तों में वार्षिक अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) आरंभ होगी, जिसमें देशभर से लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। पहलगाम इसी मार्ग पर पड़ता है, इसलिए हालिया घटना ने सुरक्षा चिंताओं को कई गुना बढ़ा दिया। कांग्रेस कार्यसमिति ने “ठोस, पारदर्शी और सक्रिय” उपायों की तत्काल आवश्यकता रेखांकित की—ड्रोन निगरानी, आईडी‑आधारित ट्रैकिंग और स्थानीय स्वयंसेवकों का प्रशिक्षित दस्ता जैसे कदम अब विलम्बित नहीं हो सकते। साथ ही पार्टी ने सचेत किया कि पर्यटन‑आधारित अर्थव्यवस्था पर संकट का सीधा असर स्थानीय रोज़गार पर पड़ेगा; अत: सुरक्षा‑व्यवस्था ऐसी हो जो यात्रियों का विश्वास भी लौटा ए और स्थानीय आजीविका भी संरक्षित करे। उल्लेखनीय है कि जम्मू‑कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और सामाजिक वर्गों ने एक स्वर में इस नरसंहार की भर्त्सना की है। यह सर्वसम्मति आतंकियों के उस मंसूबे को नाकाम करती है जो घाटी को फिर से अस्थिर करने पर टिका था। कांग्रेस की संवेदनाएँ सिर्फ शोक संदेश नहीं, बल्कि उस बड़े राष्ट्रीय दृढ़‑संकल्प की अभिव्यक्ति हैं जिसका लक्ष्य है—आतंकवाद को परास्त करके शांति और विकास को मजबूत करना। आख़िरकार पहलगाम की इस त्रासदी ने एक बार फिर रेखांकित किया कि भारत की विविधता उसकी शक्ति है। जब निर्दोष पर हमला होता है, तो राजनीति, धर्म या क्षेत्र से ऊपर उठकर एकजुट होना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। आतंक चाहे कहीं से आए, जवाब हमेशा उसी सामूहिक एकता में निहित है जो 22 अप्रैल को शहीद हुए उन गाइडों की तरह निःस्वार्थ और अडिग रहती है। Latest News in Hindi Today Hindi Congress #PahalgamAttack #CongressStatement #JammuKashmir #TerrorAlert #IndiaNews #SecurityBreach #PahalgamNews #PoliticalDebate #NationalSecurity #BreakingNews

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