चैत्र नवरात्रि 2025: मां दुर्गा ने शेर को क्यों चुना अपना वाहन? जानें पौराणिक कथा

Chaitra Navratri 2025 Why Maa Durga Chose Lion as Vehicle

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। देवी दुर्गा को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है, और उनका वाहन शेर है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मां दुर्गा ने शेर को ही अपना वाहन क्यों चुना? इसके पीछे एक पौराणिक कथा है, जो देवी दुर्गा की शक्ति और उनके वाहन के महत्व को दर्शाती है।

मां दुर्गा और शेर की पौराणिक कथा

मां दुर्गा का शेर उनकी शक्ति और साहस का प्रतीक है। धार्मिक ग्रंथों, जैसे स्कंद पुराण और शिव पुराण में मां दुर्गा की शेर पर सवारी का वर्णन मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार, मां पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने कठोर तपस्या की, जिससे उनका रंग सांवला पड़ गया। एक बार भगवान शिव ने हंसी-मजाक में मां पार्वती को “काली” कह दिया। यह बात मां पार्वती को अच्छी नहीं लगी, और वह कैलाश पर्वत छोड़कर तपस्या करने चली गईं।

तपस्या के दौरान एक शेर शिकार करने के लिए मां पार्वती के पास पहुंचा। लेकिन, मां पार्वती गहरी तपस्या में लीन थीं। शेर ने सोचा कि जब उनकी तपस्या पूरी होगी, तो वह उन्हें शिकार बना लेगा। हालांकि, मां पार्वती की तपस्या कई वर्षों तक चलती रही, और शेर वहीं उनके पास बैठा रहा।

जब मां पार्वती की तपस्या पूरी हुई, तो भगवान शिव प्रकट हुए और उन्हें “महागौरी” होने का वरदान दिया। मां पार्वती ने देखा कि शेर उनकी तपस्या के दौरान भूखा-प्यासा बैठा रहा। उन्होंने सोचा कि शेर को भी तपस्या का फल मिलना चाहिए। इसलिए, मां पार्वती ने शेर को अपना वाहन बना लिया। इस तरह, शेर मां दुर्गा की सवारी बन गया।

शेर का महत्व

शेर को जंगल का राजा माना जाता है, और यह शक्ति, साहस और निडरता का प्रतीक है। देवी दुर्गा ने शेर को अपना वाहन चुनकर यह संदेश दिया कि वह शक्ति और साहस की देवी हैं और वह बुराई का अंत करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। शेर का वाहन होने के कारण देवी दुर्गा को “सिंहवाहिनी” भी कहा जाता है।

इसे भी पढ़ें:-  भगवान विट्ठल की दिव्य धाम, जहां पीएम मोदी भी हो चुके हैं दर्शनार्थ

चैत्र नवरात्रि 2025 की तिथि और समय

साल 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से शुरू होगी और 7 अप्रैल तक चलेगी। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाएगी, जो 30 मार्च को होगी। 

चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व

चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो देवी दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाता है। यह नवरात्रि वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और नई शुरुआत, नवजीवन और उत्साह का प्रतीक मानी जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।

Latest News in Hindi Today Hindi news  चैत्र नवरात्रि

#ChaitraNavratri2025 #MaaDurga #NavratriFestival #DurgaMaa #Shakti #NavratriStory #HinduMythology #DurgaVehicle #NavratriSignificance #FestivalsOfIndia

Translate »