वास्तु शास्त्र में कछुआ (Tortoise) को बेहद शुभ और समृद्धि लाने वाला प्रतीक माना गया है। यह दीर्घायु, स्थिरता और धन का प्रतीक है। घर में लकड़ी या क्रिस्टल का कछुआ रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और धन का प्रवाह बढ़ता है। लेकिन, इसे सही दिशा और सही तरीके से रखना जरूरी है, नहीं तो इसका प्रभाव कम हो सकता है।
क्यों होता है कछुआ शुभ?
कछुए (Tortoise) को भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। हिंदू धर्म में कछुए को भगवान विष्णु का कूर्म अवतार माना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण किया था, जिससे यह जीव शक्ति, धैर्य और समृद्धि का प्रतीक बन गया।
फेंगशुई में भी कछुआ एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसे जीवन में स्थिरता, दीर्घायु और आर्थिक समृद्धि लाने वाला माना जाता है। वास्तु और फेंगशुई के अनुसार, घर या कार्यालय में कछुए को रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है।
लकड़ी और क्रिस्टल का कछुआ क्यों है खास?
विभिन्न प्रकार के कछुए (Tortoise) बाजार में उपलब्ध हैं, लेकिन लकड़ी और क्रिस्टल से बने कछुए को विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
- लकड़ी का कछुआ – यह प्राकृतिक तत्वों से जुड़ा होता है और घर में स्थिरता व शांति बनाए रखता है। लकड़ी का कछुआ सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और पारिवारिक संबंधों में मजबूती लाने में सहायक होता है।
- क्रिस्टल का कछुआ (Crystal Tortoise) – क्रिस्टल ऊर्जा को संतुलित करता है और मन की शांति प्रदान करता है। यह घर में धन, सुख-समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ावा देता है।
कछुआ रखने की सही दिशा
- धातु के कछुए की दिशा
यदि आप घर में धातु (मेटल) का कछुआ रखना चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा कहा जाता है, जो धन और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिशा में मेटल का कछुआ रखने से आर्थिक प्रगति होती है और घर में वित्तीय स्थिरता बनी रहती है। इसके अतिरिक्त, आप इसे उत्तर-पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं, जो पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने में सहायक होती है।
धातु का कछुआ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाता है। बेहतर परिणाम के लिए इसे पानी से भरे बर्तन में रखें और यह ध्यान रखें कि कछुए का मुख घर के भीतर की ओर होना चाहिए।
- क्रिस्टल के कछुए की दिशा
क्रिस्टल का कछुआ (Crystal Tortoises) रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को शुभ माना जाता है। यह दिशा प्रेम, संबंधों और स्थिरता का प्रतीक है। इस दिशा में क्रिस्टल का कछुआ रखने से पारिवारिक संबंध प्रगाढ़ होते हैं और घर में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण बना रहता है।
इसके अतिरिक्त, इसे घर के केंद्र या ब्रह्म स्थान पर रखने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है। यदि इसे उत्तर दिशा में रखा जाए, तो यह करियर में तरक्की और आर्थिक सुधार लाने में मदद करता है। क्रिस्टल के कछुए को कांच या लकड़ी की सतह पर रखना चाहिए, जिससे इसकी ऊर्जा अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सके।
- लकड़ी के कछुए की दिशा
लकड़ी से बने कछुए के लिए दक्षिण दिशा को सबसे उपयुक्त माना जाता है। यह दिशा नए आरंभ और पारिवारिक सौहार्द्र का प्रतीक है। दक्षिण दिशा में लकड़ी का कछुआ रखने से व्यक्तिगत और पेशेवर विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
इसे दक्षिण-पूर्व दिशा में भी रखा जा सकता है, जो अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करती है और घर में समृद्धि और संतुलन बनाए रखने में सहायक होती है। लकड़ी का कछुआ घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने, नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और पारिवारिक जीवन में स्थिरता लाने में मदद करता है। इसे प्राकृतिक वस्तुओं या पौधों के पास रखना अधिक लाभकारी होता है और इसे गर्मी से बचाकर रखना चाहिए।
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घर में कछुआ रखने के लाभ
घर में कछुआ (Tortoise) रखने को वास्तु शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह न केवल सौभाग्य और समृद्धि लाने वाला होता है, बल्कि घर के वातावरण को भी सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। आइए जानते हैं, कछुआ रखने के प्रमुख लाभ:
- आर्थिक समृद्धि:
मेटल और क्रिस्टल से बने कछुए को घर में रखने से धन संबंधी लाभ होते हैं। ये आर्थिक स्थिरता लाने में सहायक होते हैं और समृद्धि के नए मार्ग खोलते हैं। - मजबूत पारिवारिक संबंध:
क्रिस्टल और लकड़ी के कछुए को घर में रखने से पारिवारिक रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। यह घर में शांति और सौहार्द्र का वातावरण बनाए रखने में मदद करता है। - स्वास्थ्य में सुधार:
कछुए को घर में रखने से स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी मिलते हैं। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर के सदस्यों को रोगमुक्त रखने में सहायक होता है। साथ ही, यह दीर्घायु का प्रतीक भी है। - सकारात्मक ऊर्जा का संचार:
कछुआ घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देता है। यह नकारात्मक प्रभावों को समाप्त कर घर में शांति और संतुलन लाता है। खासतौर पर उत्तर या पूर्व दिशा में रखा गया कछुआ वातावरण को ऊर्जावान बनाता है। - मानसिक शांति और स्पष्टता:
कछुए की उपस्थिति घर में मानसिक शांति लाने में सहायक होती है। यह तनाव और चिंता को कम करता है, जिससे मन को एक नई स्पष्टता मिलती है और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है। - नई शुरुआत का प्रतीक:
लकड़ी का कछुआ विशेष रूप से घर में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जाना जाता है। यह नए अवसरों और सफलताओं को आकर्षित करता है और घर के सदस्यों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।
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