मध्य प्रदेश में इस कदर बढ़ी बेरोजगारी कि पोस्ट ग्रेजुएट युवा सब्जी बेचने और ऑटो चलाने को हुए मजबूर

Unemployment in Madhya Pradesh forces postgraduates

टेक्नोलॉजी के इस दौर में युवा सबसे ज्यादा बेरोजगारी का शिकार हुआ है। कहने की जरूरत नहीं वर्तमान समय में बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन गई है। हर हाथ काम नहीं होने के चलते मध्य प्रदेश में लाखों पढ़े-लिखे युवा बेरोजगारी का शिकार बने बैठे हैं। उच्च शिक्षित होने के नाते छोटे-मोटे काम करना नहीं चाहते। नतीजतन बेरोजगारी का दामन थामे बैठे हैं। पारिवारिक खर्च के चलते उन्हें मजबूरन पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को भाजी का ठेला लगाने से लेकर ऑटो चलाने तक का काम करना पड़ रहा है। बेशक मध्य प्रदेश में बेरोजगारी (Madhya Pradesh unemployment) का बढ़ता ग्राफ बड़ा चिंताजनक है। इस बीच भले ही प्रदेश के बेरोजगारों को अब आकांक्षी युवा कहा जाने लगा है, लेकिन जमीन पर किसी की पहचान पोस्ट ग्रेजुएट सब्जी वाला है तो किसी की पीजी ऑटो वाला। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में बेरोजगारी के आंकड़े आसमान छू रहे हैं। जहाँ जुलाई 2024 में 25.82 लाख बेरोजगार थे, जो वहीं अब बढ़कर 29 लाख हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में बीते मार्च के महीने में रोजगार पोर्टल पर तकरीबन 29 लाख से अधिक रजिस्टर्ड आकांक्षी युवा थे, जो जुलाई 2024 में 25.82 लाख बेरोजगारों से 3 लाख से अधिक हैं। प्रदेश में बेरोजगारी का आलम यह है कि पोस्ट ग्रेजुएट पढ़े लिखे युवा सब्जी बेचने और ऑटो चलाने को तक मजबूर हैं। 

सरकारी भरती और निजी क्षेत्र में रोजगार के प्रयासों के बावजूद प्रदेश में बढ़ रही है बेरोजगारी (Madhya Pradesh unemployment) 

Unemployment in Madhya Pradesh forces postgraduates

सोशल मीडिया में वायरल हुए 2 वीडियो में एमपी के ब्यावरा के अजय प्रजापति बता रहे हैं कि वह कई महीनों से ऑटो चला रहे हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखा है, कई सरकारी नौकरियों में आवश्यक कम्प्यूटर दक्षता बताने वाला सीपीसीटी टेस्ट भी पास हैं। इसी तरह नरेंद्र जिनके पास डिग्री मास्टर्स ऑफ सोशल वर्क की है, लेकिन काम सब्जी बेचने का करते हैं। बता दें कि पहले ये बतौर जनसेवा मित्र काम करते थे। वो पुनः इस योजना को शुरू करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच सरकारी भरती और निजी क्षेत्र में रोजगार के प्रयासों के बावजूद प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी (Madhya Pradesh unemployment) को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस नेता पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल ने कहा कि “यह आंकड़ा तो सिर्फ रजिस्टर्ड बेरोजगारों का है।बड़ी संख्या में ऐसे युवा भी हैं, जिनका रजिस्ट्रेशन ही नहीं है। बेशक यह सरकार के रोजगार देने के दावे को खोखला साबित कर रहे हैं। 

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मध्य प्रदेश में रोजगार पोर्टल पर लगातार रजिस्ट्रेशन (Madhya Pradesh unemployment) के आंकड़े बढ़ रहे हैं

जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में रोजगार पोर्टल पर लगातार रजिस्ट्रेशन (Madhya Pradesh unemployment) के आंकड़े बढ़ रहे हैं। मजे की बात यह कि सरकार अपनी ओर से युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर सिर्फ प्रयास ही कर रही है। इस पूरे मामले ओर युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि “ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के साथ ही मध्य प्रदेश के अलग-अलग संभागों में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें बड़े पैमाने पर आए निवेश से आने वाले समय में रोजगार मिलेंगे। वहीं सरकारी नौकरियों के लिए भी भर्ती अभियान चला कर लाखों लोगों को रोजगार देने पर काम हो रहा है।” बता दें कि सरकार ने साल 2024 में 563 रोजगार मेलों का आयोजन किया। जिसमें तकरीबन 52000 से अधिक ऑफर लेटर दिए गए। यही नहीं, साल 2023 में 778 मेलों के माध्यम से 68 हजार से अधिक ऑफर लेटर दिए गए, तो वहीं साल 2022 में 861 रोजगार मेले आयोजित किये गए और 1 लाख 21 हजार लोगों को ऑफर लेटर मिले थे।  मध्य प्रदेश में गौर करने वाली अहम बात यह कि पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या अशिक्षित बेरोजगारों से अधिक है। 

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