Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

Mamata Banerjee Murshidabad visit

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।”

पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार 

Hindu family police complaint

खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।”

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हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 

घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।” 

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