बुरहानपुर। जिले के नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने कुछ ही पलों में लोगों की सांसें थमा दीं। एक तेज़ रफ्तार आयसर वाहन ताप्ती नदी के पुल पर अचानक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए आधा हिस्सा नीचे की ओर लटक गया। वाहन पूरी तरह नदी में गिरने से बस एक कदम दूर था। सौभाग्य से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई।
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हादसा कैसे हुआ?
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 11 बजे की है। आयसर वाहन बुरहानपुर से नेपानगर की ओर तेज गति से आ रहा था। जैसे ही वाहन ताप्ती पुल के पास पहुंचा, चालक अचानक संतुलन खो बैठा। वाहन सीधे पुल की रेलिंग से टकराया और आधा हिस्सा तोड़ते हुए बाहर की ओर झुक गया। कुछ ही सेकंड के लिए ऐसा लगा कि वाहन नदी में गिर जाएगा, लेकिन किसी तरह उसका पिछला हिस्सा पुल पर अटका रह गया।
आंखों देखा हाल बताने वाले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर वाहन थोड़ा और आगे खिसक जाता, तो वह सीधे नदी की गहराई में जा गिरता और एक बड़ा हादसा निश्चित था।
मौके पर अफरा-तफरी
जैसे ही यह घटना घटी, पुल पर और उसके आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ ही पलों में सड़क पर जाम लग गया और लोग भागकर वाहन की ओर दौड़े। मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा।
बड़ी जनहानि से बचाव
सबसे राहत की बात यह रही कि वाहन में बैठे लोगों को गंभीर चोट नहीं आई। केवल कुछ हल्की खरोंचें और मामूली चोटों की सूचना मिली है। अगर वाहन पूरी तरह नदी में गिर जाता, तो न सिर्फ चालक और सवार लोग बल्कि नीचे से गुजर रहे अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि यह वाकई चमत्कार ही था कि इतने खतरनाक मोड़ पर भी कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई।
सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर कई बार वाहन तेज गति से गुजरते हैं और प्रशासन इस पर सख्ती नहीं करता। ताप्ती पुल पर पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार तो मामला बेहद गंभीर था।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गति, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही से सड़क हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से नियम लागू करने होंगे।
सोशल मीडिया पर चर्चा
जैसे ही घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर आए, लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। किसी ने इसे चालक की लापरवाही बताया, तो किसी ने प्रशासन की कमजोरी। कई यूजर्स ने लिखा कि पुल की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में टाले जा सकें।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन तेज गति में था और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। हालांकि, वाहन में किसी तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सीख लेनी चाहिए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे हादसे के समय अफरा-तफरी न फैलाएं और प्रशासन की मदद करें।





