Anu Sharma

6 Tips from Harvard Doctors to Keep Your Liver Healthy

हार्वर्ड डॉक्टर्स से जानें लिवर की सेहत बनाए रखने के लिए 6 महत्वपूर्ण बातों के बारे में

लिवर (Liver) हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो पेट के ऊपरी हिस्से में होता है। यह अंग हमारे शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है जैसे खून से टॉक्सिन को फिल्टर करना, ब्लड प्रेशर  और डाइजेशन को सही रखना आदि। यही नहीं ,यह यह शरीर का सबसे बड़ा ग्लेंड है और स्ट्रांग इम्युनिटी, डेटोक्सिफिकेशन, विटामिन स्टोरेज आदि में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है। इसलिए, अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखना बेहद आवश्यक है। इसे हेल्दी रखने का सबसे बेहतरीन उपाय है अपनी लाइफस्टाइल में सुधार लाना। लिवर (Fatty liver) से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं, जिनकी जानकारी हार्वर्ड के डॉक्टर्स के अनुसार हर किसी को होनी चाहिए। आइए जानें लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know)।  लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know) कोलंबियासर्जरी (Columbiasurgery) के अनुसार लिवर (Liver) शरीर का वो सबसे बड़ा सॉलिड ऑर्गन है, जो कई जरूरी कार्यों को करने का काम करता है। हार्वर्ड के डॉक्टर्स के अनुसार लिवर संबंधी जरूरी बातें, जो सबको पता होनी चाहिए (Liver related Important things that everyone should know), इस प्रकार हैं: लिवर की पुनर्जन्म क्षमता लिवर एक ऐसा ऑर्गन है जो अपने सेल्स को फिर से जेनरेट कर सकता है। लिवर (Liver) की यह कपैसिटी उसे सही से कार्य करने में मदद करती है और इससे शरीर को हेल्दी रहने में भी मदद मिलती है। हालांकि, किसी समस्या के कारण यह कपैसिटी सीमित हो सकती है। लिवर के लिए यह चीजें हैं हानिकारक अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखने के लिए कुछ चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए जैसे एल्कोहॉल। एल्कोहॉल के सेवन से लिवर संबंधी कई परेशानियां हो सकती हैं। इसके साथ ही अनहेल्दी डायट को लेने से भी बचें। जंक फ़ूड और प्रोसेस्ड आहार को अपने आहार में जगह देने से बचें। यही नहीं, कुछ दवाईयों का अधिक सेवन करने से भी लिवर (Liver) को नुकसान हो सकता है। लिवर के लिए यह हैं फायदेमंद चीजें खट्टे फल जैसे निम्बू, संतरे आदि का सेवन करना लिवर (Fatty liver) के लिए बेनेफिशियल है। यही नहीं हरी पत्तेदार सब्जियों को खाना भी लिवर के साथ-साथ सम्पूर्ण हेल्थ के लिए फायदेमंद है। कॉफ़ी का सेवन लिवर (Liver) के लिए अच्छा है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। नींद से प्रभावित होता है लिवर  खराब नींद लिवर की कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती है जैसे टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालना आदि। एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोजाना 9 घंटे रात की नींद लेने से लिवर को रिपेयर करने और सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में मदद मिलती है। कुछ दवाईयां भी लिवर (Liver) पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। इसे भी पढ़ें:- मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान लिवर को हेल्दी रखने के तरीके अगर आप अपने लिवर (Liver) को हेल्दी बनाए रखना चाहते हैं, तो हमारे लिए हाइड्रेट रहना, पर्याप्त नींद लेना और सही आहार का सेवन करना जरूरी है। यही नहीं स्मोकिंग करना भी लिवर के लिए नुकसानदायक है। नियमित रूप से लिवर टेस्ट कराने से भी लिवर (Liver) को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। लिवर को कौन सी समस्याएं कर सकती हैं प्रभावित? लिवर संबंधी समस्याओं में एक है हेपेटाइटिस जो वायरस, बैक्टीरिया आदि के कारण होती है। इसके साथ ही फैटी लिवर (Fatty liver) वो परेशानी है, जिसमें लिवर में अधिक फैट जमा हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि अधिक एल्कोहॉल का सेवन करने वाले लोगों को फैटी लिवर (Fatty liver) की समस्या होती है। लेकिन नॉन-एल्कोहॉलिक लोगों को भी फैटी लिवर (Fatty liver) हो सकता है। लिवर फेलियर होने पर लिवर ट्रांसप्लांट एक इलाज है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fatty liver #liverhealth #harvarddoctors #livercare #healthtips #naturalremedies #liverdetox #healthybody

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CDSCO guidelines

सीडीएससीओ की अपील: टॉयलेट में फ्लश करें एक्सपायर्ड दवाएं, जानिए क्यों

दवाईयां कई चीजों में ट्रीटमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं। यह गंभीर और लंबे समय से परेशान करने वाली कंडिशंस का उपचार कर सकती हैं। यह न केवल बीमारियों का उपचार करती है बल्कि इनसे हेल्थ में भी सुधार होता है। अधिकतर लोगों को अपने जीवन के किसी न किसी पॉइंट पर दवाई लेनी ही पड़ती है। लेकिन, दवाईयों का गलत इस्तेमाल हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के इन्हें नहीं लेना चाहिए। भारत की टॉप ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में लोगों से यह अपील की है कि वो मेडिसिन्स को टॉयलेट में ही फ्लश करके डिस्पोज करें। आइए जानें सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में। सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly): पाएं जानकारी  मेडलाइनप्लस (Medlineplus) के अनुसार दवाईयों के साथ एक रिस्क जुड़ा होता है। इसलिए दवाईयों को लेने से पहले इन रिस्क्स के बारे में विचार करना जरूरी है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) हमारे देश की सबसे बड़ी ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी है। इसने लोगों से एक अपील की है। इसके अनुसार लोगों को एक्सपायर्ड या उन दवाईयों को जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, कभी कूड़ेदान में न फेंकें बल्कि इसकी जगह इन्हें टॉयलेट में फ्लश करें। यह तो थी सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि ऐसा करने कि सलाह क्यों दी जा रही है?  सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा क्यों दी जा रही है यह सलाह? सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) यानी सीडीएससीओ (CDSCO) ने ऐसी कुछ दवाईयों की लिस्ट भी जारी की है जिनका गलत तरीके से इस्तेमाल करना न केवल हानिकारक है, बल्कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। सीडीएससीओ (CDSCO) के अनुसार इन दवाईयों को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। हो सकता है कि कूड़ेदान या गलत तरीके से इन्हें डिस्पोज करने से यह किसी बच्चे के हाथ लग जाए और वो इसे खा लें। ऐसा करना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे ही अगर इन्हें गलती से कोई जानवर खा ले, तो यह उसके लिए भी हानिकारक है। इसीलिए, इन्हें कूड़ेदान की जगह टॉयलेट में फ्लश करना चाहिए। सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा जारी की दवाईयों की लिस्ट इस प्रकार है:  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ड्रग टेक बैक प्रोग्राम दवाईयों को सही तरीके से डिस्पोज करने के लिए सीडीएससीओ (CDSCO) ने स्टेट ड्रग कंट्रोल डेप्रार्ट्मेंट और केमिस्ट्स एसोसिएशन को ड्रग टेक बैक प्रोग्राम शुरू करने की सलाह दी है। इस प्रोग्राम के अनुसार लोगों को अपनी एक्सपेयर्ड या इस्तेमाल न होने वाली दवाओं को सही से डिस्पोज करने के लिए सही स्थानों में जमा कराने की सुविधा मिलेगी। जिससे दवाईयों को सही से डिस्पोज किया जा सकेगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) के अनुसार दवाईयों को सही से डिस्पोज करने से न केवल जानवरों और लोगों को कोई हानि नहीं होगी बल्कि एनवायरनमेंट की भी इससे रक्षा होगी। ड्रग टेक बैक प्रोग्राम को स्थापित करने का उद्देश्य केवल सही से इनको डिस्पोज करना ही नहीं, बल्कि पर्यवरण पर इनके प्रभाव को कम करना भी है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। इसे भी पढ़ें:- मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान Latest News in Hindi Today Hindi CDSCO #CDSCO #ExpiredMedicines #DrugDisposal #FlushMedicines #HealthSafety #IndiaPharma #MedicalWaste #DrugAwareness

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IBPS Hindi Officer 2025

आईबीपीएस हिंदी ऑफिसर भर्ती 2025: हिंदी ऑफिसर बनने का सुनहरा अवसर, आवेदन प्रक्रिया और योग्यता मानदंड

अगर आपको हिंदी का अच्छा ज्ञान है, तो आपके लिए एक सुनहरा मौका है। द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) यानी आईबीपीएस ने एक नोटिफिकेशन जारी की है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार द इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (The Institute of Banking Personnel Selection) द्वारा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) (ग्रेड ई) के लिए पोस्ट्स निकाली गयी हैं। यह पोस्ट्स मुंबई में स्थित आईबीपीएस हेडक्वाटर में नियमित अपॉइंटमेंट के लिए निकाली गयी हैं। अगर आपको इनके लिए अप्लाई करना है, तो आपको बता दें तो इसकी अंतिम तिथि 15 जुलाई 2025 है। यह एप्लिकेशन प्रोसेस 1 जुलाई से ही शुरू हो चुकी है। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) बारे में यह डिटेल इंफॉर्मेशन आपके काम आएगी। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के बारे में जरुरी जानकारी जैसा की पहले ही बताया गया है कि आईबीपीएस द्वारा हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  पोस्ट्स (ग्रेड ई) के लिए वेकेंसीज निकाली हैं। यह वेकेंसीज ऑफिशियल कम्युनिकेशन्स, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट से संबंधित हैं। यानी, हिंदी ऑफिसर(Hindi Officer)  विभिन्न बैंकिंग एग्जामिनेशन और रिपोस्टस के लिए ऑफिशियल कम्युनिकेशन, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज सपोर्ट प्रदान करते हैं। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए योग्यता आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैंडिडेट्स के पास हिंदी या अंग्रेजी में ग्रेजुएशन या इसके समान डिग्री होना आवश्यक है। यही नहीं ,कैंडिडेट्स के पास एक साल का ट्रांसलेशन का अनुभव होना चाहिए और कैंडिडेट के पास कंप्यूटर स्किल्स भी होने चाहिए। अगर किसी को एआई बेस्ड ट्रांस्लेशन टूल्स का अनुभव है, तो उन्हें अतिरिक्त अडवांटेज मिलेगा। उम्र सीमा हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए एज लिमिट को मिनिमम 23 साल और मैक्सिमम 30 साल निर्धारित की गयी है। इसके बारे में अधिक जानकारी आपको ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  फीस हिंदी ऑफिसर (Hindi Officer) पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने से पहले आपको इसकी फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। इसके लिए एप्लीकशन फीस सिर्फ 1000 रुपए है। ध्यान रखें, यह फीस पूरी तरह से नॉन-रिफंडेबल है। आप ऑनलाइन तरीकों जैसे इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से पे कर सकते हैं। इन पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट्स का चयन रिटन एग्जाम और इंटरव्यू के आधार पर होगा। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए कैसे करें अप्लाई? अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि सेलेक्टड किए कैंडिडेट्स को 4900 रुपये(बेसिक) सैलेरी मिलेगी। उनका वार्षिक सीटीसी लगभग 16.81 लाख रुपये होगा। आईबीपीएस द्वारा निकाली हिंदी ऑफिसर पोस्ट्स (Hindi Officer Posts by IBPS) के लिए इस तरह से अप्लाई करें: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi IBPS #ibpshindiofficer2025 #hindiofficerjob #govtjob2025 #ibpsrecruitment #bankjob2025 #hindijobvacancy #sarkarinaukri2025

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monsoon mosquito control

मॉनसून में मच्छरों से बचाएगा एसएमओएसएस, आंध्र प्रदेश सरकार का एआई-बेस्ड प्लान

बरसात का मौसम आते ही मच्छरों से होने वाली समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है। मच्छर आकार में छोटे होते हैं, लेकिन इनके कारण होने वाले रोग जानलेवा भी हो सकते हैं। दुनिया भर में मच्छरों की  3,500 से ज़्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। यह नमी वाले वातारण में पनपते और बढ़ते हैं। इनमें मादा मच्छरों के काटने से मनुष्यों और जानवरों में रोगों के फैलने की संभावना अधिक रहती है। मच्छरों से बचाव के सावधानियां बरतना जरूरी हैं। अच्छी बात यह है कि जल्दी ही आंध्र प्रदेश सरकार मच्छरों के खतरे से लड़ने के लिए एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) यानी एसएमओएसएस (SMOSS) शुरू करने की तैयारी में है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से।  क्या है एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system)? जैसा की पहले ही बताया गया है कि आंध्र प्रदेश सरकार बरसात के मौसम में मच्छरों के खतरे को कंट्रोल करने के लिए एक एआई बेस्ड सोल्यूशन को शुरू करने वाली है। इसका नाम है स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) यानी एसएमओएसएस (SMOSS)। यह सिस्टम मच्छरों के लिंग, जाति, पॉपुलेशन डेंसिटी और मौसम की कंडीशन को पहचाने के लिए एआई से काम करने वाले सेंसर्स, ड्रोन और अन्य डिवाइसेस का इस्तेमाल करेगा। अगर किसी क्षेत्र में मच्छरों संख्या अधिक हो जाती है, तो यह सिस्टम ऑटोमेटिक एलर्ट भेजेगा। इससे उन क्षेत्रों में जल्दी से मच्छरों से बचाव क लिए छिड़काव और फोगिंग का इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी। यानी, एसएमओएसएस (SMOSS) के इस्तेमाल से मच्छरों को नष्ट करने और इनके कारण होने वाले रोगों से बचाव में मदद मिलेगी। स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की खास बातें एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) की कुछ खासियतें इस प्रकार हैं:  एआई-बेस्ड स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (AI-based smart mosquito surveillance system) का उद्देश्य आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम को बहुत जल्दी लांच किया जा रहा है। इसके उद्देश्य इस प्रकार हैं” इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है लोगों को मच्छरों से होने वाली बीमारियों (SMOSS) से बचाना, जिसके हर साल लाखों मामले सामने आते हैं। इस सिस्टम से मच्छरों की डेंसिटी का भी पता चल सकता है और जरूरत पड़ने पर सही कार्यवाई करने में मदद मिलेगी। आंध्र प्रदेश सरकार जल्दी ही स्मार्ट मॉस्क्वीटो सर्विलांस सिस्टम (Smart Mosquito Surveillance System) की शुरुआत करने वाली है और इसको राज्य के विभिन स्थानों से शुरू किया जाएगा जैसे विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, काकीनाडा,  नेल्लोर और कुर्नूल आदि। अब जानिए कि मच्छरों से बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले मच्छरों से बचाव के लिए क्या करें? मच्छरों और उनसे होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को भी कुछ सावधानियों को बरतना चाहिए, जैसे:  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi SMOSS #monsoon #mosquitoes #AItechnology #AndhraPradesh #SMOSS #healthcareinnovation #mosquitocontrol #technews #publichealth

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Can We Eat Prasad Offered on Shivling

क्या शिवलिंग पर चढ़ा प्रसाद खा सकते हैं? जानें शास्त्रों की मान्यताएं और नियम

हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। विशेषकर सावन माह, प्रदोष व्रत, सोमवार व महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग, फूल आदि अर्पित करते हैं। लेकिन एक सवाल अक्सर भक्तों के मन में आता है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद (विशेषकर दूध, जल, फल आदि) क्या खाया जा सकता है या नहीं? क्या यह शुभ होता है या फिर इससे बचना चाहिए? आइए जानें भगवान शिव को अर्पित की गई पूजा सामग्री का क्या होता है महत्व? जानिए अभिषेक में चढ़े दूध, जल, भांग और बेलपत्र को खाने से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और उनके पीछे का तात्त्विक कारण।  शिवलिंग की पूजा और उसकी विशेषता शिवलिंग, भगवान शिव का निराकार रूप है और इसे सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति और संहार का प्रतीक माना जाता है। शिवलिंग (Shivling) पर जलाभिषेक या दुग्धाभिषेक करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस प्रक्रिया को ‘अभिषेक’ कहा जाता है, जो कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का मुख्य साधन है। परंतु, प्रसाद के रूप में जो वस्तुएं चढ़ाई जाती हैं, उनके उपयोग के कुछ विशिष्ट नियम भी शास्त्रों में दिए गए हैं। पौराणिक संदर्भ शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव के मुख से चण्डेश्वर नामक गण उत्पन्न हुए थे, जिन्हें भूत-प्रेतों का अधिपति माना जाता है। मान्यता है कि शिवलिंग पर अर्पित किया गया भोग या प्रसाद चण्डेश्वर को समर्पित होता है। इसी कारण यह विश्वास प्रचलित है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया प्रसाद भोजन के रूप में ग्रहण करना ऐसा है, जैसे भूत-प्रेतों का भोजन करना। इसलिए धार्मिक दृष्टिकोण से शिवलिंग पर चढ़े प्रसाद को खाने की मनाही होती है। मूर्ति पर अर्पित प्रसाद को किया जा सकता है ग्रहण धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चांदी, पीतल और तांबे जैसे धातुओं से बने शिवलिंग (Shivling) पर चढ़ाए गए प्रसाद को ग्रहण करना दोषरहित होता है। ऐसे प्रसाद को खाने से किसी प्रकार की बाधा नहीं होती। इसके अलावा, भगवान शिव (Lord Shiva) की प्रतिमा पर चढ़ाया गया प्रसाद भी शुभ और ग्रहणीय माना गया है। मान्यता है कि शिव मूर्ति पर अर्पित प्रसाद को श्रद्धापूर्वक सेवन करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रसाद से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां शिवलिंग (Shivling) पर कुछ विशेष सामग्री चढ़ाना निषेध माना गया है, जिनमें तुलसी के पत्ते और हल्दी प्रमुख हैं। ऐसे पदार्थों को भगवान शिव को अर्पित नहीं करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, शिवलिंग पर अर्पित किए जाने वाले भोग को पीतल या चांदी जैसे पवित्र धातुओं से बने पात्र में रखना चाहिए। ध्यान रखें कि भोग को कभी भी सीधे भूमि पर न रखें। जब पूजा विधिवत पूर्ण हो जाए, तब उस प्रसाद को श्रद्धापूर्वक शिवलिंग के निकट से हटाना चाहिए। इससे धार्मिक मर्यादा बनी रहती है और पूजा सफल मानी जाती है। इसे भी पढ़ें:- मुखाग्नि से पहले क्यों किया जाता है सुहागिन स्त्री का सोलह श्रृंगार? प्रसाद से जुड़े आवश्यक नियम शिवलिंग (Shivling) पर कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करना वर्जित माना गया है, जिनमें तुलसी के पत्ते और हल्दी प्रमुख हैं। शिवलिंग को प्रसाद अर्पित करते समय इसे पीतल या चांदी जैसे पवित्र धातु के पात्र में रखकर ही चढ़ाना चाहिए। कभी भी प्रसाद को सीधे भूमि पर नहीं रखना चाहिए। पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद को शिवलिंग के समीप से उठाकर विधिपूर्वक अलग स्थान पर रखना चाहिए। इससे पूजा में शुद्धता बनी रहती है और धार्मिक नियमों का पालन भी होता है। बेलपत्र और धतूरा क्यों नहीं खाते? बेलपत्र भगवान शिव (Lord Shiva) को अत्यंत प्रिय है, लेकिन यह औषधीय गुणों से युक्त होते हुए भी आमतौर पर सेवन के योग्य नहीं माना गया है। वहीं धतूरा विषैला होता है और स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक है। इसलिए ये पूजन सामग्री केवल पूजा तक ही सीमित रखी जाती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Shivling #shivling #prasad #hindubeliefs #shivpuja #spiritualrules #scripturalbeliefs #shivalinga #prasadrituals

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ICAI CA Exam 2025 September Session Registration Starts

आईसीएआई सीए परीक्षा 2025: सितंबर सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया हो चुकी है शुरू, पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी 

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट ऑफ इंडिया यानी आईसीएआई (ICAI) एक ऐसी ऑर्गनाइजेशन है, जो चार्टर्ड एकाउंटेंट्स यानी सीए के काम को कंट्रोल करता है। यह संगठन सीए की परीक्षाओं को भी आयोजित करता है। द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट ऑफ इंडिया ने एक नई नोटिफिकेशन जारी की है जिसके अनुसार चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams) के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू हो चुकी है। अगर कैंडिडेट्स इसके लिए फाउंडेशन, इंटरमीडिएट या फाइनल एग्जाम देना चाहते हैं, तो वो 18 जुलाई तक इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। आइए जानें आईसीएआई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams by ICAI) के बारे में विस्तार से।  आईसीएआई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams by ICAI): पाएं जानकारी द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंट ऑफ इंडिया ने 5 जुलाई से इस साल  सितंबर ने होने वाली सीए फाइनल, इंटरमीडिएट और फाउंडेशन एग्जाम के लिए रेजिस्ट्रेशन प्रोसेस को शुरू कर दिया है। इसके लिए आखिरी डेट 18 जुलाई है। हालांकि, 21 जुलाई तक भी इसके लिए आवेदन भरा जा सकता है लेकिन उसके लिए कैंडिडेट को लेट फीस भी भरनी होगी, जो 600 रुपए है। अधिक जानकारी आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर भी मिल जायेगी। आइए जानें इसके लिए आप कैसे आवेदन भर सकते हैं? आईसीएआई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams by ICAI) के लिए कैसे करें अप्लाई?  इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? आईसीएआई द्वारा आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams by ICAI)की महत्वपूर्ण डेट्स और टाइम अगर आप चार्टर्ड अकाउंटेंसी एग्जाम (Chartered Accountancy exams) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह जान लें कि इसके फाइनल कोर्स इंडियन सेंटर्स में सिंगल ग्रुप की फीस ₹1800 और दोनों ग्रुप्स की फीस ₹3300 है। इंटरमीडिएट कोर्स के लिए इंडियन सेंटर्स में सिंगल ग्रुप की फीस ₹1500 और दोनों ग्रुप्स ₹2700 जबकि फाउंडेशन कोर्स के लिए इंडियन सेंटर्स में फीस ₹1500 है। इसके बारे में अधिक जानकारी आप ऑफिशियल वेबसाइट पर पा सकते हैं। आईसीएआई (ICAI) द्वारा आयोजित इस परीक्षा की डेट्स और टाइम इस प्रकार है:  2 बजे से 5 बजे तक होंगे जबकि पेपर 3 और 4 का समय रहेगा 2 बजे से 4 बजे तक। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Chartered Accountancy exams #ICAICAAExam2025 #CASeptember2025 #ICAIRegistration #CharteredAccountantExam #CAExamNews

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IIT Bombay Research Finds New Diabetes

आईआईटी बॉम्बे की रिसर्च: डायबिटीज का नया कारण है शरीर में मौजूद कॉलेजन प्रोटीन

डायबिटीज (Diabetes) वो गंभीर रोग है, जिसमें हमारा शरीर ब्लड शुगर को सही से रेगुलेट नहीं कर पाता। इस वजह से शरीर में ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ जाता है। इसका कारण यह है कि हमारा पैंक्रियाज पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाता है या इसका सही से इस्तेमाल नहीं कर पाता है। डायबिटीज (Diabetes) के कारण शरीर के कई अंगों को बहुत नुकसान होता है खासतौर पर हमारे हार्ट. नर्वज, किडनी आदि को। डायबिटीज के बारे में हुए एक नए शोध के अनुसार हमारे शरीर में मौजूद कोलेजन (Collagen) प्रोटीन के कारण डायबिटीज (Diabetes) का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में और पाएं जानकारी इस शोध के बारे में। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में क्या कहती है स्टडी? डायबिटीज के दौरान पैंक्रियाज के बीटा सेल्स धीरे-धीरे खराब होने लगते हैं। यह बीटा सेल्स इंसुलिन का निर्माण करते हैं। वहीं, एमेलिन उस हॉर्मोन को कहा जाता हैं जो इंसुलिन के साथ मिलकर ब्लड ग्लूकोज को कंट्रोल करता है। लेकिन, डायबिटीज (Diabetes) की स्थिति में एमेलिन मॉलिक्यूल गलत तरीके से फोल्ड हो जाते हैं और एक दूसरे से चिपकने लगते हैं। इसकी वजह से सेल्स के लिए टॉक्सिसिटी बढ़ती है। हाल ही में आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए गए शोध से यह पता चला है कि पैंक्रियाज के एक्सटर्नल मैट्रिक्स में पाया जाने वाले कोलेजन I एमेलिन कोगुलेशन यानी जमाव को बढ़ाता है। इससे बीटा सेल्स को नुकसान होता है और डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ती है। कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध के बारे में स्टडी का निष्कर्ष संक्षेप में कहा जाए तो आईआईटी बॉम्बे द्वारा किए शोध में यह पता चला है कि एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के इस कनेक्शन से डायबिटीज (Diabetes) की समस्या बढ़ सकती है। इससे कोलेजन प्रोटीन और डायबिटीज के बीच में संबंध (Connection between collagen protein and diabetes) के बारे में भी पता चलता है। इससे यह भी निष्कर्ष निकलता है कि डायबिटीज के इलाज के लिए नए इलाज के तरीकों की आवश्यकता है ताकि इस समस्या से बचा जा सके। इसलिए शोधकर्ता अब एमेलिन और कोलेजन (Collagen) के बीच के कनेक्शन को समझने के लिए क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी मॉडल को विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही वो पैंक्रियाज को रिपेयर करने के नए तरीके भी ढूंढ रहे हैं। आइए जानते हैं डायबिटीज (Diabetes) से बचाव करने के लिए आप क्या कर सकते हैं? इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले डायबिटीज से बचाव के बारे में जानें डायबिटीज (Diabetes) से बचने के लिए हमें कुछ चीजों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  Diabetes #IITBombay #DiabetesResearch #CollagenProtein #HealthNews #MedicalBreakthrough

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Nothing Phone 3

नथिंग फोन 3: प्रीमियम डिज़ाइन और फीचर्स के साथ आ रहा है यह फोन, जानिए क्या हैं इसके फीचर्स

नथिंग (Nothing) फोन कंपनी एक ब्रिटिश कंपनी है ,जो स्मार्टफोन (Smartphone) के साथ-साथ अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस का निर्माण करती हैं। इस कंपनी के मोबाइल फोन भारत के बाजार के लिए नए तो हैं, लेकिन यह कंपनी अपने फोन के डिजाइंस के लिए लोकप्रिय हो रही है। इन के मोबाइल फोन्स के फीचर्स भी अच्छे होते हैं। यह कंपनी अपने नए स्मार्टफोन (Smartphone) को लॉन्च करती रहती हैं। अभी भी नथिंग (Nothing) कंपनी ने एक नया फोन निकाला है। इसे खरीदने के इच्छुक लोग जल्द ही इसकी बुकिंग कर पाएंगे। जो भी लोग इसकी प्री-बुकिंग करते हैं उन्हें इस फोन  साथ नथिंग (Nothing) के अन्य ऑफर्स के साथ एयर वायरलेस एयरबड फ्री में दिए जा रहे हैं। आइए जानें इस कंपनी के नए फोन “नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3)” के बारे में विस्तार से। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features) और प्राइज के बारे में भी जानें। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features): पाएं जानकारी  नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) का डिजाइन इसकी खासियत है। यह एक ट्रांसपेरेंट डिजाइन है और इसमें मेटल व ग्लास का इस्तेमाल किया गया है। अगर बात की जाए इस फोन के बैक की तो इसकी बैक असिमेट्रिक है और इससे फोन का धूल और पानी से बचाव होता है। नथिंग फोन 3 के फीचर्स (Nothing Phone 3 Features) इस प्रकार हैं: डिस्प्ले  नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) में AMOLED डिस्प्ले है जो 6.67 इंच का है। इसमें पिक्सल रिजॉल्यूशन 260 x 2800 है और रिफ्रेश रेट एडीआर10+ और 120Hz है। कैमरा अगर बात करें इस फोन के कैमरे की तो इस फोन में यूजर्स को बहुत ही बेहतरीन कैमरा मिल रहा है। इस फोन में ट्रिपल कैमरा है ,जिसमें  50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप कैमरा, 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। यही नहीं इसमें अच्छे वीडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी मिल रही है। यानी अगर आपको फोटोग्राफी या वीडियो रिकॉर्डिंग का शौक है तो यह कैमेरा आपके लिए बहुत फायदेमंद है। बैटरी नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) में बैटरी जल्दी चार्ज हो जाती है और लम्बी चलती है। इसमें 5150mAh की बैटरी है। बस कुछ ही देर में यह पूरा चार्ज हो जाता है और आप पूरा दिन इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।  इसमें साथ ही इस फोन में  नथिंग (Nothing) ओएस 3.5 सॉफ्टवेयर है जो एंड्रायड है।  प्रोसेसर नथिंग फोन 3 (Nothing Phone 3) में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर है। इस स्मार्टफोन (Smartphone) में 8 कोर सीपीयू और एड्रेनो 825 जीपीयू भी आपको मिलेगा। इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले कीमत नथिंग फोन 3 (Nothing phone 3) की कीमत अन्य ब्रांड के कीमती स्मार्टफोन (Smartphone) से भी अधिक है।  12GB RAM + 256GB स्टोरेज वाला यह फोन ग्राहकों को 79,999 रुपये में मिलेगा। लेकिन इसमें कुछ ऑफर्स भी मिल रहे हैं। बैंक और अन्य एक्सचेंज ऑफर्स के साथ यह कम कीमत में मिलेगा। अनुमान के मुताबिक उसके बाद यह आपको लगभग  63,000 रुपये का पड़ सकता है। जबकि 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वाले फोन की कीमत 89,999 रुपये है। ऑफर्स के साथ यह ग्राहकों को 73,000 रुपये में मिलेगा। नथिंग फोन 3 (Nothing Phone 3) के लिए प्री आर्डर 15 जुलाई से शुरू हो रहे हैं। यह फोन फ्लिपकार्ट और कुछ ऑफलाइन स्टोर्स में उपलब्ध होंगे। यही नहीं, कंपनी प्री आर्डर करने वाले ग्राहकों को एक साल की एक्सटेंडेड वारंटी के साथ-साथ अन्य ऑफर्स भी दे रहे हैं। 4 जुलाई से आप इसे प्री आर्डर कर सकते हैं। अधिक जानकरी के लिए आप इनकी वेबसाइट को भी विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi  Nothing Phone 3 #NothingPhone3 #PremiumDesign #TechLaunch #Smartphone2025 #NothingPhone #AndroidPhone #CarlPei

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Jamun Seed Powder

जामुन बीज का पाउडर: एक प्राकृतिक उपाय जो करेगा इन 6 बीमारियों को दूर और रखेगा आपको स्वस्थ

फलों में कई न्यूट्रिएंट्स होते हैं और हेल्थ के लिए इनका सेवन बेहतरीन माना गया है। ऐसा ही एक फल है जामुन (Jamun), जो गर्मियों में आता है। इसका रंग ही नहीं बल्कि स्वाद भी सबसे अलग होता है। इस फल को खाना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है इसीलिए इसे सुपरफूड भी कहा जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जामुन की गुठली यानी बीज भी इस फल के जितना ही फायदेमंद होता है? ऐसा माना जाता है कि जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) का रोजाना खाली पेट सेवन करना बहुत लाभदायक है। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) के अनुसार जामुन (Jamun) में एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ-साथ फ्लेवोनोइड्स, पॉलीफेनोल्स आयरन और विटामिन सी आदि भी होते हैं। इससे शरीर का फ्री रेडिकल्स से बचाव होता है और इसके कई अन्य बेनिफिट्स भी हैं। आइए जानें जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में।  डायबिटीज के रोगियों के लिए बेहतरीन जामुन के बीज के पाउडर का इस्तेमाल ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने के लिए मदद कर सकता है। इसलिए, डायबिटीज के रोगियों के लिए इसे खासतौर पर फायदेमंद माना गया है। इन बीजों में कुछ कंपाउंड्स पाए जाते हैं जैसे जाम्बोलिन और जाम्बोसाइन। यह कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारते हैं और इंसुलिन सेक्रेशन को स्टिमुलेट करते हैं। जामुन (Jamun) के फल को भी डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद माना गया है।  पाचन को सुधारे जामुन (Jamun) और जामुन के बीजों में फाइबर होता है, जो पेट के लिए फायदेमंद है। इससे पाचन क्रिया सही रहती है और कई समस्याओं से भी राहत मिल सकती है जैसे एसिडिटी और गैस आदि। वजन को रखे रही अगर आप वजन को मैनेज करना चाहते हैं तो आपको जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) रोजाना सुबह खाली पेट लेना चाहिए। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और भूख कम लगती है। इससे वजन कम होने और इसे सही बनाए रखने में मदद मिलती है। दिल के लिए फायदेमंद जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहने में मदद मिलती है। इससे हार्ट हेल्थ में सुधार होता है और दिल की समस्याओं से बचाव हो सकता है। दिल ही नहीं बल्कि मुंह, स्किन और लिवर के स्वास्थ्य के लिए भी जामुन के बीज को लाभदायक पाया गया है। इम्युनिटी को करे बूस्ट इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए इस प्राकृतिक कंपाउंड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इम्युनिटी के मजबूत होने से शरीर का कई बीमारियों और इंफेक्शंस से बचाव होता है।  इसे भी पढ़ें:- Govt Warns Online Shoppers: सरकार की यह सलाह नहीं मानने पर अपना सबकुछ गँवा सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले आर्थराइटिस में फायदेमंद जामुन (Jamun) और जामुन बीज का पाउडर (Jamun Seed Powder) एंटी-अर्थरिटिक इफेक्ट युक्त होता है। इनके सेवन से ब्लड में रेड ब्लड सेल्स की संख्या, हीमोग्लोबिन लेवल और एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट में सुधार होता है।  इससे जॉइंट्स में सूजन और दर्द कम होने में मदद मिलती है। यानी अर्थराइटिस के रोगियों के लिए यह फायदेमंद है।  हालांकि इसके बारे में अधिक शोध करना अभी जरूरी है।  यह तो थी जानकारी जामुन बीज पाउडर के बेनिफिट्स (Benefits of Jamun Seed Powder) के बारे में। लेकिन, अपनी डायट में इसे शामिल करने से पहले डॉक्टर से बात अवश्य करें, खासतौर पर अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है या आप किसी तरह की दवाईयां ले रहे हैं। अगर बात की इसके साइड-इफेक्ट्स के बारे में तो इसमें फाइबर बहुत अधिक होता ,है ऐसे में इसे लेने के बाद लोग गैस या ब्लोटिंग की समस्या अनुभव कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Jamun Seed Powder #jamunseedpowder #naturalremedy #ayurvedichealth #immunitybooster #diabetescontrol #jamunbenefits

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Oral Allergy Syndrome

ओरल एलर्जी सिंड्रोम क्या हैं इस बीमारी के कारण और लक्षण जो आपके खाने को बना सकती है जहर

ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) का दूसरा नाम पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) हैं। यह एक तरह की फल, सब्जियों और नट्स आदि से होने वाली फूड एलर्जी है। इसके कारण रोगी के मुंह, गले और होंठों आदि में एलर्जिक रिएक्शन होता है। यह समस्या अधिकतर उन लोगों को प्रभावित करती है जिन्हें पेड़ों, घास आदि से एलर्जी होती है। तीन साल से छोटे बच्चों को यह एलर्जी होने की संभावना कम होती है क्योंकि पॉलेन एलर्जी को डेवलप होने में थोड़ा समय लगता है। अधिकतर मामलों में यह समस्या गंभीर नहीं होती है लेकिन कुछ लोग इसके कारण गंभीर एलर्जिक रिएक्शन का अनुभव कर सकते हैं, जो जानलेवा भी हो सकता है। आइए जानें ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) के लक्षणों के बारे में। इससे बचाव के बारे में भी जानें। ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) हर रोगी में अलग हो सकते हैं। लेकिन, इससे रोगी का मुंह और गला प्रभावित होता है। जब रोगी किसी ट्रिगर फूड का सेवन करता है, तो इसके लक्षण दिखाना शुरू हो जाते हैं। ओरल एलर्जी सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Oral Allergy Syndrome) इस प्रकार हैं: ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) के कारण हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार जब किसी को यह समस्या होती है, तो कुछ फल, सब्जियां और नट्स उनके एलर्जिक रिएक्शन को ट्रिगर कर सकते हैं। ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) या पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) पराग और फल व सब्जियों की प्लांट प्रोटीन के बीच की क्रॉस रिऐक्टिविटी के कारण होती है। पॉलेन एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति जब कच्चे फल या सब्जियों का सेवन करते हैं, तो उनका इम्यून सिस्टम इनमे समानता पाता है और इससे एलर्जी रिएक्शन होता है। लेकिन, पकाए हुए फल और सब्जियां उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। इसे भी पढ़ें:- सिर और गर्दन के कैंसर के 5 शुरुआती संकेत जिन्हें कभी भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज ओरल एलर्जी सिंड्रोम का उपचार पॉलेन फ़ूड एलर्जी सिंड्रोम (Pollen Food Allergy Syndrome) का कोई खास उपचार नहीं है। ऐसा माना गया है कि एलर्जिक रिएक्शन के कारण होने वाली समस्याएं कुछ देर में ही ठीक हो जाती है, जब रोगी उन फूड्स को खाना बंद कर देते हैं। केला, संतरा, टमाटर, खीरा, गाजर, सनफ्लॉवर सीड्स आदि कुछ फूड्स हैं, जो एलर्जिक रिएक्शंस को ट्रिगर कर सकते हैं। एंटीहिस्टामिन एलर्जी मेडिकेशन लेने से रिएक्शन बंद होने में मदद मिल सकती है या इससे कंडीशन बदतर न होने में मदद मिलती है। डॉक्टर ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) से राहत पाने रोगी को के लिए निम्नलिखित दवाईयों की सलाह दे सकते हैं: ओरल एलर्जी सिंड्रोम से बचाव ओरल एलर्जी सिंड्रोम (Oral allergy syndrome) से बचाव के लिए रोगी को इसे ट्रिगर करने वाले फूड्स को न खाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा ट्रिगर फूड से रिएक्शन को कम करने के कुछ अन्य उपाय इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Oral allergy syndrome #oralallergysyndrome #foodallergy #oasymptoms #crossreactivity #allergyrisks #allergytreatment #healthalert

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