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PM Modi Kashi projects

PM Modi Kashi projects: काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 3880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन PM (Modi Kashi projects) किया। वाराणसी पहुंचने पर पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के 8 साल पूरे होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है।” जानकारी के मुताबिक मेंहदीगंज स्थित जनसभा में पीएम मोदी ने काशी वासियों को 39 करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही 3 बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं मेरी काशी प्रगतिशील भी है। पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है। काशी के स्वयं महादेव रखवाले हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा। इन सभी विकास कार्यों के लिए बनारस के लोगों को पूर्वांचल के लोगों को मैं ढेर सारी बधाई देता हूं।” काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है- पीएम मोदी  अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “हमरे परिवार के हमरे लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ई प्रेम के कर्जदार हौ। काशी हमार हौ, हम काशी के हौ। संकटमोचन के दर्शन का सौभाग्य मिला। काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।” इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि “काशी महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की भी गवाह है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में जीत और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद, प्रधानमंत्री आज यहां काशी पहुंचे हैं। काशी महाकुंभ के भव्य आयोजन की भी गवाह रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में, भक्त नई काशी में आने के लिए उत्साहित थे। 45-दिवसीय (महाकुंभ) के दौरान, 3 करोड़ से अधिक भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।”  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी ने क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल के साथ-साथ शहर के भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच-31 पर एक हाईवे अंडरपास रोड सुरंग की आधारशिला रखी। जिसकी लागत तकरीबन 980 करोड़ रुपये से अधिक है। यही नहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री ने पिंडरा में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बरकी गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और चोलापुर, वाराणसी में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने गंगा नदी पर सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, जल जीवन मिशन के तहत 345 करोड़ रुपये से अधिक की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला की स्थापना का भी उद्घाटन किया। Latest News in Hindi Today Hindi News Modi Kashi projects #PMModi #KashiDevelopment #VaranasiProjects #ModiInKashi #3880CroreGift #NewKashi #ModiInVaranasi #KashiTransformation #PMInauguration #KashiInfra

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Why Tahawwur Rana Wore a Brown Jumpsuit in India

Why brown jumpsuit: आखिर ब्राउन रंग के जंपसूट में ही भारत क्यों लाया गया तहव्वुर राणा?

26/11 मुंबई आतंकी हमले का मास्टमाइंड और खूंखार आतंकी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। अब उसे एएनआई की कस्टडी में सौंप दिया गया है। इस बीच एनआईएए कस्टडी में उसकी एक फोटो जारी की गई, जो देखते-ही-देखते पूरे मडिया जगत में छा गई। संभवतः सुरक्षा कारणों की उसका चेहरा तो नहीं दिखाया गया लेकिन उसके सिर के पके हुए हुए बाल बहुत ककुछ बयां कर रहे थे। पके बालों के साथ उसके कपड़ों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। वो इसलिए कि आमतौर पर अपराधी को काली सफ़ेद पट्टी वाली ड्रेस में देखा गया है। लेकिन इस खूंखार आतंकी को ब्राउन रंग का ढीला सा जंपसूट पहनाया गया था। जिसने में भी उसे इस ड्रेस में देखा उसके मन में यही सवाल आया कि आखिर आतंकी को क्यों इस तरह के ड्रेस में (Why brown jumpsuit) अमेरिका से लाया गया है? विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है आमतौर पर लोग पैंट-शर्ट, टीशर्ट या कुर्ते पायजामे में दिखाई देते हैं लेकिन तहव्वुर जंपसूट में क्यों? उसका यही जंपसूट लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि ब्राउन रंग का जंपसूट आतंकी तहव्वुर ने खुद अपनी मर्जी से नहीं पहना है। दरअसल, ब्राउन रंग का जंपसूट अमेरिका में कुछ खास कैदियों की एक तरह से यूनिफॉर्म है। बता दें कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है। जानकारी के मुताबिक मीडियम से हाई रिस्क वाले कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म पहनाई जाती है। ऐसा इसलिए कि ताकि उनकी पहचान अलग से हो सके। यही नहीं, भूरे रंग को मनोबल गिराने वाला माना जाता है। आमतौर पर कैदियों में आत्मचिंतन की भावना आए, इस हेतु से भी कैदियों को इस रंग की यूनिफॉर्म दी जाती है। बता दें कि अमेरिका में पहले कैदियों को ऑरेंज रंग की वर्दी भी पहनाई जाती थी।  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं गौर करने वाली बात यह कि अमेरिका में समय-समय पर कैदियों की यूनिफॉर्म बदलती रही है। बता दें कि अमेरिका में 1820 से 1930 के बीच जेलों में कैदियों को काली-सफेद पट्टियों वाली वर्दी पहनाई जाती थी। कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं। यही नहीं, यहां समय के साथ कैदियों के कपड़ों के रंग में भी बदलाव होता रहता है। कभी काली-सफेद पट्टियों वाली यूनिफॉर्म तो कभी चमकीली ऑरेंज रंग की ड्रेस, फिर गुलाबी और अब ब्राउन रंग के जंपसूट।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Why brown jumpsuit #TahawwurRana #BrownJumpsuit #ExtraditionNews #IndiaNews #26NovemberAttack #PrisonUniform #RanaExtradition #MumbaiAttack #FBIExtradition #BreakingNews

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Marriage issues due to water shortage

Water crisis affecting marriages: इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल

आमतौर पर लड़कों की शादी नहीं होने की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, रंग-रूप नौकरी-चाकरी खानदान इत्यादि। यह तो समझ में आता है कि लड़का गैरजिम्मेदार है या नौकरीपेशा नहीं है तो शादी नहीं हो होती या शादी में दिक्क्तें आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कहीं पानी के लिए शादी लड़कों की शादी नहीं हो रही है? जी हाँ, सही पढ़ा आपने। बता दें कि ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव में पानी की किल्लत की वजह से लड़कों की शादी (water crisis affecting marriages) नहीं हो पा रही है। एक तो गर्मी का गर्म मौसम और ऊपर से बढ़ती पानी की किल्लत दोनों बदाबरली गांव की हालत खस्ता कर दी है। मौजूदा समय में बदाबरली गाँव भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यहाँ के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ तक कि न सिर्फ पानी की कमी के चलते युवाओं की शादी हो रही है बल्कि महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने मायके लौट जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवारों को रोज पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।  लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं मना  बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। आलम यह है कि गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। यही नहीं, आस-पास कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। स्थनीय लोगों की माने तो रोजाना उन्हें 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर झरनों से पानी लाना पड़ता है या फिर दूसरे गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ही निवासी रवींद्र नाग ने बताया कि “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना (water crisis affecting marriages)  कर रहे हैं। गांव के तकरीबन 80 युवाओं की शादी नहीं हो पाईहै। इस परेशानी के चलते कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई नहीं (water crisis affecting marriages) निकला समाधान  शिकायत करने की बात पर गांव वालों का कहना है कि “उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं (water crisis affecting marriages) निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के चलते अधर में ही अटकी हुई है। खैर, इस बीच रूरल वाटर सप्लाई एंड सनिटेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया कि “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” तो वहीं गाँववालों का कहना है कि “यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का पानी क्यों नहीं? कुछ भी हो, सरकार को बिना अधिक देर गंवाए जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में पानी की किल्लत का संकट गहरा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi News water crisis affecting marriages #WaterCrisis #MarriageProblems #VillageLife #IndianVillages #WaterShortage #BridesLeaving #RuralIndia #WaterScarcity #MarriageCrisis #VillageNews

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Mumbai attacks accused

Tahawwur Rana extradition: अमेरिका से लाया गया मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा, पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला

26/11 मुंबई आतंकी हमले के एक बड़े आरोपी तहव्वुर राणा को  कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली लाया (Tahawwur Rana extradition) जा चुका है। इस खूंखार आतंकी को अमेरिका से एनआईए की 7 सदस्यीय टीम दिल्ली लेकर पहुंची है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह यहां पहुंचा। इस बीच सबसे पहले तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। खबर है कि राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जा सकता है। बता दें कि 64 वर्षीय तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा। राणा को रखने के लिए जेल में सभी आवश्यक सभी तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। राणा साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमेन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी भी है। राणा को लेकर एक विशेष चार्टर्ड विमान बुधवार को अमेरिका से भारत के लिए रवाना हुआ था। 2008 के आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। मुंबई ले जाने पर तहव्वुर राणा को (Tahawwur Rana extradition) ऑर्थर रोड जेल में रखा जाएगा तहव्वुर राणा पर कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, आपराधिक साजिश, हत्या, जालसाजी और गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम इत्यादि शामिल हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस को अभी तक उसके शहर में स्थानांतरण के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि उसे मुंबई ले जाने पर ऑर्थर रोड जेल के उसी सेल में रखा जाएगा, जहां आतंकी कसाब को रखा गया था। कहा जाता है कि डेविड कोलमेन हेडली का सहयोगी राणा के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ करीबी संबंध थे। बता दें कि राणा के प्रत्यर्पण की घोषणा (Tahawwur Rana extradition) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस दौरे के दौरान की थी। इस घोषणा के बाद राणा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी सभी कानूनी अपीलों को खारिज कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें:– इस वजह से अमेरिका ने ईरान को दी सैन्य हमला करने की धमकी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने तहव्वुर राणा को बताया कनाडाई नागरिक (Tahawwur Rana extradition) प्राप्त जानकारी के मुताबिक तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रत्यर्पित किया जा रहा है। खबर है कि राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में लिया जाएगा, जो रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण का कोर्डिनेशन कर रही है। फिर उसे दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जा सकता है। कुल-मिलाकर मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जांच एजेंसी एनआईए की टीम अमेरिका से लेकर भारत आ चुकी है। इस बीच मजे की बात यह कि तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण की खबर सुनते ही पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने उसे कनाडाई नागरिक बताते हुए उसका पाकिस्तान कनेक्शन होने से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tahawwur Rana extradition #TahawwurRana #MumbaiAttacks #Extradition #26November #USIndiaRelations #Terrorism #PakistanNews #IndiaNews #BreakingNews #GlobalSecurity

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Indore metro project

Indore metro project: सीएमआरएस ने दी हरी झंडी, इंदौर में मेट्रो रेल का रास्ता साफ

मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना (Indore metro project) को हरी झंडी दे दी है। यही नहीं, इसके साथ ही शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस आधुनिक साधन के वाणिज्यिक परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक संबंधित अधिकारी ने बताया कि “सीएमआरएस ने अपने विस्तृत निरीक्षण के बाद शहर की मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। सीएमआरएस का अंतिम निरीक्षण पिछले महीने हुआ था, जिसमें इस परियोजना को अलग-अलग पैमानों पर परखा गया था।” इस बीच अधिकारी ने यह भी बताया कि “शहर में पहले चरण में 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह गलियारा शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन तक फैला है जिस पर पांच स्टेशन हैं। बता दें इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इस परियोजना के तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है। मेट्रो रेल के एक डिब्बे में (Indore metro project) करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं  अधिकारी के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन (Indore metro project) इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। हालांकि अधिकारी ने आगे बताया कि “शुरुआत में हम तीन डिब्बों की ही रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।” यही नहीं इसके अलावा अधिकारी ने यह भी बताया कि “मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, इस गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन कब शुरू होगा, इसकी तारीख फिलहाल तय नहीं हो सकती है। यह गलियारा शहर के नए बसाहट में है। बता दें कि यहाँ अधिक आबादी नहीं है। इस बीच जानकारों का मानना है कि “शुरुआत में इस मार्ग पर मेट्रो को पर्याप्त सवारियां मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।” इसे भी पढ़ें:- एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज  हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते- कैलाश विजयवर्गीय गौरतलब हो कि “दो अप्रैल को राज्य के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाने से पहले सवारियों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि “हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते, इसलिए हम किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News Indore metro project #IndoreMetro #CMRSApproval #IndoreDevelopment #MetroGreenSignal #MPMetro #UrbanTransport #PublicTransportIndia #IndoreNews #IndoreUpdates #MetroRailIndia

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Congress Strategy to Counter BJP-RSS Revealed

Congress new strategy: बीजेपी-आरएसएस का मुकाबला करने के लिए अब इस ठोस रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी कांग्रेस

अहमदाबाद के अधिवेशन में कांग्रेस ने बीजेपी के खिलाफ लड़ने की रणनीति (Congress new strategy) लगभग तैयार कर ली है। दरअसल, कांग्रेस ने बीजेपी और संघ के खिलाफ राजनीतिक तौर पर ही नहीं बल्कि वैचारिक स्तर पर भी लड़ने का रोडमैप तैयार किया है। अब कांग्रेस अपनी परंपरागत राजनीति से बाहर निकलकर सामाजिक न्याय वाले एजेंडे पर आगे बढ़ने कम मन बना रही है। कारण यही जो, बीजेपी से मुकाबला करने के लिए कांग्रेस ने अपने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और इंडिया गठबंधन के साथ चलने का विजन रखा है। जानकारी के मुताबिक यह रणनीति सामाजिक न्याय, दलित-ओबीसी अधिकारों और संविधान की रक्षा पर केंद्रित है। खैर, इस अधिवेशन में जाति जनगणना और आरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।  मंथन से निकलने वाले निचोड़ को कांग्रेस ने न्याय पथ (Congress new strategy) का दिया है नाम  बता दें कि अहमदाबाद में दो दिनों तक चले चिंतन और मंथन से निकलने वाले निचोड़ को कांग्रेस ने न्याय पथ (Congress new strategy) का नाम दिया है। देशभर से आए तकरीबन 2 हजार नेताओं के बीच कांग्रेस ने जब प्रस्तावना के रूप में अपना आगामी संकल्प सामने रखा, तो वहां मौजूद सभी प्रतिनिधियों ने अपने दोनों हाथ उठाकर इसका स्वागत किया। जानकारी के मुताबिक मौजूदा मोदी सरकार से निपटने के लिए कांग्रेस ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक बिंदुओं के साथ-साथ राष्ट्रवाद, विदेश नीति पर प्रस्ताव रखते हुए किसान, युवा, महिलाओं और मुस्लिमों के पक्ष में खड़े रहते हुए उनकी लड़ाई लड़ने की बात कही है।   केवल कांग्रेस ही बीजेपी और संघ से कर सकती है मुकाबला (Congress new strategy) इस दौरान राहुल गांधी ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “कांग्रेस को अन्य पिछड़ा वर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ानी होगी और उन्हें उनके हितों की रक्षा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि “पार्टी को निजी क्षेत्र में वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की मांग करनी चाहिए। दरअसल, कांग्रेस का पूरा फोकस दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यक वोटों को जोड़ने की है। जातीय जनगणना के मुद्दो को उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि “हम सत्ता में आएंगे तो हरहाल में जातिगत जनगणना कराएंगे। साथ ही आरक्षण की 50 फीसदी लिमिट को भी खत्म करने की बात कह कर सियासी संदेश दे दिया है।” साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि “कांग्रेस और बीजेपी के बीच लड़ाई विचारधारा (Congress new strategy) की है और केवल कांग्रेस ही बीजेपी और संघ से मुकाबला कर सकती है और उन्हें हरा सकती है।” राहुल ने साफ कहा कि “जिन पार्टियों के पास विचाराधारा की स्पष्टता नहीं है, वो बीजेपी और संघ से नहीं लड़ पाएंगे।”  इसे भी पढ़ें:-  रसोई गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाने पर भड़के तेजस्वी यादव, कहा-‘केंद्र में जब तक एनडीए सरकार रहेगी, देश का नुकसान करेगी’ इंडिया गठबंधन को न सिर्फ मजबूत करना होगा बल्कि इसके तहत एकजुट रहना होगा- मल्लिकार्जुन खरगे अहमदाबाद के कांग्रेस अधिवेशन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव (Congress new strategy) में न सिर्फ इंडिया गठबंधन के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया बल्कि इसके गठन में पार्टी की भूमिका के बारे में भी बताया गया। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंडिया गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि “संसद में वक्फ विधेयक का विरोध करने में इंडिया ब्लॉक पूरी तरह से एकजुट था। इसलिए हमें इंडिया गठबंधन को न सिर्फ मजबूत करना होगा बल्कि इसके तहत एकजुट रहना होगा और आगे बढ़ना होगा। कुल-मिलाकर अहम बात यह कि बीजेपी के धार्मिक ध्रुवीकरण या फिर हिंदुत्व के दांव को काउंटर करने के लिए कांग्रेस ने सामाजिक न्याय को सियासी हथियार बनाने का फैसला किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Congress new strategy #CongressNewStrategy #BJPRSSCounter #IndianPolitics2025 #RahulGandhi #CongressVsBJP #PoliticalPlan #IndiaPolitics #RSSOpposition #CongressUpdates #BJPStrategy

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War threat Iran

US warns Iran: इस वजह से अमेरिका ने ईरान को दी सैन्य हमला करने की धमकी

अमेरिका और ईरान की अदावत किसी से छुपी नहीं है। आये दिन दोनों एक दूसरे को देख लेने की धमकी देते (US warns Iran) रहते हैं। अमेरिका को डर है कि कहीं ईरान परमाणु बम न बना ले। इसके चलते अमेरिका ने ईरान को चेतावनी देते हुए ये साफ कहा है कि “अगर ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम नहीं छोड़ता तो उसके खिलाफ सैन्य हमले का अगुवा इजराइल होगा।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अगर इसके लिए सेना की आवश्यकता होगी तो हम वह भी करेंगे। इसमें स्पष्ट रूप से इजराइल बहुत अधिक शामिल होगा। वे इसके नेता होंगे। लेकिन कोई भी हमारा नेतृत्व नहीं करता है और हम वही करते हैं जो हम करना चाहते हैं।” तो वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकी के बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि “ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा, अमेरिकी निवेश पर आपत्ति नहीं।” ट्रंप ने यह टिप्पणी ओमान में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच होने वाली वार्ता से पहले बुधवार को की। इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि वार्ता प्रत्यक्ष होगी, जबकि ईरान ने इस अमेरिका के साथ प्रस्तावित बातचीत को अप्रत्यक्ष बताया है।  ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (US warns Iran)  दरअसल, अमेरिका इस बात से चिंतित है (US warns Iran) कि तेहरान पहले से कहीं अधिक एक कारगर हथियार के करीब है। कारण यही जो ट्रंप ने बुधवार को कहा कि “वार्ता के समाधान पर पहुंचने के लिए उनके पास कोई निश्चित समयसीमा नहीं है।” अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली वार्ता के पहले बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि “ईरान परमाणु बम नहीं बना रहा।” उन्होंने यह भी कहा कि “दोनों देशों के बीच कोई समझौता होने पर ईरान में अमेरिकी निवेश पर भी कोई ऐतराज नहीं है।” दरअसल, राष्ट्रपति पेजेशकियन की टिप्पणियां विश्व शक्तियों के साथ 2015 के परमाणु समझौते के बाद ईरान के रुख में बदलाव को दर्शाती हैं। बता दें कि उस समझौते में तेहरान ने अमेरिकी विमान खरीदने की मांग की थी, लेकिन प्रभावी रूप से अमेरिकी कंपनियों को देश में आने से रोक दिया था। इसे भी पढ़ें:– डोनाल्ड ट्रंप के इस ऐलान से बजार में आई तेजी, इन तीन लोगों ने की बंपर कमाई 100 बार सत्यापन कर लिया है, चाहिए तो इसे 1,000 बार फिर से कर लें (US warns Iran) इस बीच तेहरान में दिए गए भाषण में पेजेशकियन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का जिक्र करते हुए कहा कि “उन्हें ईरान में अमेरिकी निवेशकों के निवेश से कोई आपत्ति नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि “अमेरिकी निवेशक ईरान आएं और निवेश करें।” बेशक इस तरह के व्यावसायिक प्रस्ताव से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समझौते में दिलचस्पी बढ़ सकती है। बता दें कि राष्ट्रपति के तौर पर अपने पहले कार्यकाल में विश्व शक्तियों के साथ ईरान के परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और अब देश के साथ एक नया समझौता करना चाहते हैं। गौरतलब हो कि पिछले साल अपने चुनाव के दौरान पश्चिमी देशों तक पहुंच बनाने के लिए प्रचार करने वाले पेजेशकियन ने यह भी कहा कि “शनिवार को ओमान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिका के राजदूत स्टीव विटकॉफ के बीच होने वाली वार्ता अप्रत्यक्ष रूप से होगी। ट्रंप ने कहा है कि वार्ता प्रत्यक्ष रूप से होगी और ईरान ने (US warns Iran) इससे इनकार भी नहीं किया है। हालांकि पेजेशकियन ने यह भी कहा कि “हम परमाणु बम नहीं बना रहे। आपने 100 बार इसका सत्यापन कर लिया है। चाहिए तो इसे 1,000 बार फिर से कर लें।”  Latest News in Hindi Today Hindi news US warns Iran #USIranTensions #MiddleEastConflict #IranWarning #MilitaryStrike #Geopolitics #USDefense #GlobalSecurity #IranNews #WarThreat #PentagonAlert

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The Muslim Devotee of Krishna's Divine Love

जब एक मुसलमान बन गया कृष्ण भक्त: रसखान की भक्ति ने रचा इतिहास

भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में कोई भी ऐसी महान विभूतियाँ हुई हैं जिन्होंने जाति, धर्म और सीमाओं के बंधनों को तोड़कर केवल प्रेम, भक्ति और इंसानियत को अपनाया। उनमें से एक ऐसे भी अद्भुत भक्त थे, रसखान (Ras Khan) जिनका वास्तविक नाम सैयद इब्राहीम था। उनका जीवन इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि सच्ची भक्ति का कोई धर्म नहीं होता — यह तो आत्मा से ईश्वर के प्रति उठने वाला प्रेम होता है। रसखान (Ras Khan) का जन्म 16वीं शताब्दी में दिल्ली के एक प्रतिष्ठित मुस्लिम परिवार में हुआ था। वे फारसी, अरबी और हिंदी भाषा में निपुण थे। शुरूआती जीवन में वे एक दरबारी जीवनशैली में लिप्त रहे, लेकिन एक समय ऐसा आया जब वे भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) की भक्ति में पूरी तरह डूब गए। इतना माना जाता है कि रसखान (Ras Khan) ने श्रीमद्भागवत गीता और कृष्ण (Krishna) से संबंधित अन्य धार्मिक ग्रंथों का गहरा अध्ययन किया और फिर वृंदावन गये जहां राधा-कृष्ण की लीलाओं को साक्षात अनुभव किया। उन्होंने अपने भक्ति भाव को व्यक्त करने के लिए ब्रजभाषा को माध्यम बनाया। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना रसखान रचनावली है, जिसमें उन्होंने भगवान कृष्ण (Lord Krishna) के बालरूप, रासलीलाओं और वृंदावन की अनुपम सुंदरता का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया है। इसे भी पढ़ें:- इस दिन से शुरू होने वाली है Char Dham Yatra 2025, साइबर ठगी से बचने हेतु पुलिस ने श्रद्धालुओं से की यह खास अपील उनकी एक मशहूर कृति में वह लिखते हैं: “मानुष हौं तो वही रसखान बसौं ब्रज गोकुल गांव के ग्वारन।जो पशु हौं तो कहा बस मेरो चरौं नित नंद की धेनु मझारन॥” इस दोहे में रसखान (Ras Khan) अपने भाव व्यक्त करते हैं कि क्या उनको मानव रूप में जन्म मिलता, तो वे गोकुल के किस ग्वाले के घर जन्म लेना चाहेंगे, और यदि वे पशु होंगे, तो नंद बाबा की गायों के साथ विचरण करना अच्छा लगेगा। उनका पूरा जीवन प्रेम, भक्ति और समर्पण का प्रमाण बन गया। उन्होंने सिद्ध किया कि ईश्वर की आराधना न धर्म से होती है, न जाति या भाषा से। हालांकि वे इस्लाम धर्म के अनुयायी थे, किंतु श्रीकृष्ण के प्रति उनका गहरा प्रेम उन्हें वृंदावन की पवित्र गलियों तक ले गया, जहां उन्होंने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति करी।वृंदावन में उनकी समाधि है, जो यह संदेश देती है कि भक्ति में कोई भेदभाव या दीवार नहीं होती। रसखान की जीवनगाथा यह सिखाती है कि यदि श्रद्धा सच्ची हो और प्रेम निष्कलंक हो, तो ईश्वर हर दिल में वास करते हैं — फिर चाहे वह किसी भी धर्म या जाति से क्यों न हो।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Ras Khan #Raskhan #KrishnaDevotee #BhaktiMovement #HinduMuslimUnity #SpiritualPoet #KrishnaBhakt #IndianHistory #RaskhanPoetry #BhaktiEra #SufiSaint

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fake cardiologist in MP used a foreign name

एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज 

मध्य प्रदेश के दमोह में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र यादव (Fake Cardiologist Narendra Yadav) के इलाज से सात लोगों की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी डॉक्टर के पास सिर्फ MBBS की डिग्री ही है। जबकि इसके पास मौजूद एमडी और कार्डियोलॉजी की डिग्री फर्जी हैं। पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि आरोपी डॉक्टर ने इन डिग्रियों को किसी गिरोह से बनवाई या फिर मोबाइल ऐप की मदद से खुद ही बनवाई। बता दें कि आरोपी फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र यादव (Fake Cardiologist Narendra Yadav) अपनी फर्जी डिग्रियों की मदद से दमोह में मिशनरी द्वारा संचालित मिशन अस्पताल में तैनात था। यहीं पर इसने सात लोगों की हार्ट सर्जरी की थी। आपरेशन के बाद इन सभी सातों मरीजों की मौत हो गई। इसका खुलासा होने के बाद से पूरे मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है।  पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) भी इस मामले की जांच कर रहा है।  आरोपी डॉक्टर के मोबाइल में मिले फर्जी दस्तावेज बनाने वाले ऐप्स  दमोह के एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी के नेतृत्व में आरोपी डॉक्टर से पूछताछ कर रही टीम ने जब उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें कई ऐसे ऐप्स मिले, जिससे फर्जी दस्तावेज बनाए जा सकते हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी डॉक्टर ने शायद इन ऐप्स की मदद से ही फर्जी डिग्रियां तैयार की होंगी। साथ ही आरोपी नरेंद्र यादव से पूछताछ में यह भी पता चला कि, दूसरों से अलग दिखने और मरीजों को प्रभावित करने के लिए उसने अपना नाम बदलकर एन. जॉन. केम (Fake Cardiologist Narendra Yadav) रख लिया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि, यह विदेश नाम उसे काफी मदद करता था। वह जब भी किसी अस्पताल में काम करने जाता, तो उसे उसके इंग्लिश नाम की वजह से दूसरे डॉक्टरों से ज्यादा सम्मान मिलता था। साथ ही मरीज भी उसे महत्व देते थे। इसी नाम से वह खुद को सुपर स्पेशलिस्ट बताकर सर्जरी करता है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा आरोपी की विदेश यात्रा की डिटेल खंगाल रही पुलिस  जांच के दौरान पुलिस को आरोपी डॉक्टर के पास से एक पासपोर्ट भी मिला है। जिसकी जांच में पता चला कि यह आरोपी कई बार विदेश यात्रा पर भी जा चुका है। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन विदेशी यात्राओं का मकसद क्या था। कहीं यह किसी विदेशी गिरोह से तो नहीं जुड़ा है। इसने जिस तरह से सर्जरी कर सात मरीजों की जान ले ली, उसे देखते हुए पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस अधिकािरयों का कहना है कि जांच अभी चल रही है। जांच पूरी हो जाने के बाद आरोपी डॉक्टर पर कई अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. फिलहाल, आरोपी डॉक्टर अभी पुलिस हिरासत में है। Latest News in Hindi Today Hindi News Fake Cardiologist Narendra Yadav #FakeDoctor #CardiologistScam #MPNews #MedicalFraud #DoctorExposed #IndiaNews #FraudRevealed #ScamAlert #FakeIdentity #BreakingNews

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Mother kills children Pune

Pune mother kills twins: पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा

एक माँ अपनी संतान के लिए क्या नहीं करती। औलाद को कोई तकलीफ न हो इसलिए वो हर संभव काम करती है। यही नहीं, बच्चों की ख़ुशी के खातिर दिन-रात एक कर देती है। यह तो ठीक, लेकिन कुछ ऐसी भी होती हैं जो, अपनी संतान को सुख-सुविधा देना तो दूर की बात, वो जन्म देने के बाद ही गला घोंट देती हैं। कुछ इसी तरह का मामला महाराष्ट्र के पुणे जिले का है। जानकारी के मुताबिक यहाँ एक माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों (Pune mother kills twins) को ही मौत की नींद सुला दिया। दिल को दहला देने वाली इस घटना से पूरा शहर सकते में है। कहने की जरूरत नहीं है, इस कलयुगी मां की क्रूरता से पुणे शहर कांप गया है। खैर, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। प्रतिभा की शादी दस पहले बैंक कर्मी हेमंतकुमार मोहिते से हुई थी (Pune mother kills twins) सोचनीय बात है, शादी के 10 बाद उसे जुड़वा बच्चे हुए थे। इससे बड़ी सोचनीय बात यह कि जिन्हें शादी के बाद संतान नहीं होती वो धार्मिक स्थलों जाकर दर-दर मिन्नतें करते हैं। मेडिकल ट्रीटमेंट करवाते हैं। संतान सुख के लिए टोने-टोटके से लेकर सबकुछ करते हैं। खैर, आज के इस आधुनिक युग में ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है। मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की कर ली है। मेडिकल साइंस में कई ऐसे तरीके हैं जिससे आप माँ-बाप बन सकते हैं। माँ की ममता को कलंकित करने वाली इस कलयुगी माँ प्रतिभा की शादी दस पहले बैंक कर्मी हेमंतकुमार मोहिते से हुई थी। शादी के बाद की शुरूआती जिंदगी ठीकठाक थी। धीरे-धीरे समय बीतता गया। इस बीच घरवाले बच्चे के लिए टोकने लगे। इस तरफ देखते-देखते 9 साल बीत गए। इस दरम्यान कई बार ट्राई किया। लेकिन संतान नहीं हुई। माँ बनने की तमन्ना लिए प्रतिभा ने थक हारकर अंततः टेस्ट ट्युब के जरिए दो जुड़वाँ बच्चों को जन्म दिया। बच्चों के जन्म के बाद दोनों दंपति बड़े खुश थे। लेकिन जल्द ही दोनों की खुशियों में ग्रहण लग गया। दरअसल, बच्चों की ग्रोथ ठीक तरह से नहीं हो रही थी। इससे प्रतिभा चिंतित रहने लगी थी और इसी निराशा में फिर एक दिन उसने अपने दोनों नवजात बच्चों को पानी की टंकी में डुबों कर मार (Pune mother kills twins) डाला। बता दें कि यह घटना पुणे-सोलापुर रोड स्थित थेऊर इलाके में घटी। इसे भी पढ़ें:-  8 साल चले प्रेम प्रसंग के बाद की लव मैरिज, फिर सवा साल बाद इस वजह से पति का घोंटा गला बच्चों को डुबोकर मारने (Pune mother kills twins) के बाद खुद भी की आत्महत्या करने की कोशिश प्राप्त जानकारी के मुताबिक बच्चों को डुबोकर मारने (Pune mother kills twins) के बाद उसने खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। खैर, पुलिस ने मंगलवार देर रात जुड़वा बच्चों की हत्या के मामले में पुणे-सोलापुर रोड निवासी प्रतिभा हेमंतकुमार मोहिते (36) को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि इस मामले में प्रल्हाद लक्ष्मण गोंडे निवासी काकडे बस्ती, दत्तनगर, थेऊर, पुणे-सोलापुर रोड ने लोणी कालभोर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रल्हाद की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार प्रतिभा का मायका काकडे बस्ती में है। उसका पति सांगली के बैंक में जॉब करता है। फिलहाल वह मायके में रह रही थी। फ़िलहाल, पुलिस आगे की जांच कर रही है और यह पता लगाने की काेशिश कर रही है कि आखिरकर महिला ने 10 साल बाद हुए बच्चों को डुबों कर मारा क्यों? Latest News in Hindi Today Hindi News Pune mother kills twins #PuneCrime #MotherKillsTwins #ShockingNews #IndiaCrime #FamilyTragedy #KalayugiMaa #TwinsMurder #CrimeNews #PuneNews #DisturbingCase

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