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Waqf Amendment Bill 2025

12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद देर रात लोकसभा में पास हुआ Waqf Amendment Bill 2025, अब राज्यसभा में होगी अग्निपरीक्षा

बुधवार को 12 घंटे चली लंबी चर्चा के बाद आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) लोकसभा में पास हो गया। रात दो बजे के करीब हुए मत विभाजन में इस विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े। दरअसल, बुधवार को यह बिल लोकसभा में पेश हुआ था और इस विधयेक पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने 12 घंटे लंबी चर्चा की। आधी रात तक चर्चा होने के बाद इसके बाद हुए मतविभाजन में सरकार की जीत हुई और विधेयक लोकसभा में पास हो गया। बता दें कि अब यह संशोधन विधेयक पारित होने के लिए राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में इस विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार के पास जरूरी बहुमत नहीं है। इसे पारित कराने के लिए उच्च सदन में सरकार को कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यहां भी भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ मजबूत स्थिति में है। अन्य दलों के समर्थन से वह इस विधेयक को आसानी से पारित करा सकती है।  अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025)  नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं बता दें कि चर्चा के दौरान विपक्ष के सांसदों ने बिल के खिलाफ 100 से अधिक संशोधन प्रस्ताव दिए, लेकिन वोटिंग के दौरान विपक्ष के सभी संशोधन गिर गए। चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि “अगर वह वक्फ संशोधन विधेयक नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से प्रबंधन होता तो केवल मुसलमानों की ही नहीं, बल्कि देश की तकदीर भी बदल जाती।” इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार के इस कदम को मुस्लिम विरोधी बताने के कई विपक्षी सदस्यों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “इस विधेयक को मुसलमानों को बांटने वाला बताया जा रहा है।” जबकि उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार तो देश में सबसे छोटे अल्पसंख्यक समुदाय पारसी को भी बचाने के लिए प्रयास कर रही है।” रिजिजू ने आगे कहा कि “विपक्ष सरकार की आलोचना कर सकता है, लेकिन यह कहना कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है, सही नहीं है।” उन्होंने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि “मैं खुद अल्पसंख्यक हूं और कह सकता हूं कि भारत से ज्यादा अल्पसंख्यक कहीं सुरक्षित नहीं हैं। हर अल्पसंख्यक समुदाय शान से इस देश में जीवन जीता है।” कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है- (Waqf Amendment Bill 2025) यही नहीं वक्फ संशोधन विधेयक-2025 (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “कांग्रेस ने साल 2013 में तुष्टिकरण के नाम पर जो गलती की उसे हमने सुधार दिया है। इस विधेयक के जरिए हमने मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को तोहफा दिया है।” गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि “हमें उम्मीद है कि भविष्य में गरीब लोगों को उनकी जमीन का अधिकार मिलेगा।” तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि “मतविभाजन का अंतर केवल 50 वोटों का था। आप समझ सकते हैं कि यह विधेयक लोगों के जनादेश के कितना खिलाफ है। सरकार बहुत मुश्किल से इस विधेयक को पारित करा पाई है। भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र के लिए यह एक काला दिन है। यह विधयेक लोगों के मूलभूत अधिकारों के खिलाफ और अन्यायपूर्ण है। इस संशोधन विधेयक का मुस्लिम समाज पर बहुत गहरा असर पड़ने जा रहा है।” इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? इस विधेयक (Waqf Amendment Bill 2025) से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? खैर बिल (Waqf Amendment Bill 2025) के पारित होने के बाद संसद परिसर में लोजपा रामविलास के अध्यक्ष और संसद चिराग पासवान ने कहा कि “मुस्लिम समाज की भलाई के लिए अगर कुछ संशोधन इसमें शामिल किए जाते हैं तो विपक्ष को इसमें भी सहयोग करना चाहिए। इस विधेयक से वक्फ बोर्ड के कामकाज में जब पारदर्शिता आएगी तो विपक्ष को इसमें परेशानी क्या है? यह विधेयक पीएम मोदी और एनडीए द्वारा लाया गया है, केवल इसलिए विरोध हो रहा है। विपक्ष के सभी सांसदों ने एक तरह के बयान दिए हैं। उन्होंने तथ्यों पर बात नहीं की है। ये नेता मेरे धर्मनिरपेक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।” चिराग पासवान ने आगे कहा कि “वे उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो सच्चर कमेटी के मुताबिक मुस्लिमों की बदहाल हालत के लिए जिम्मेदार हैं। बिहार चुनाव में सब कुछ साफ हो जाएगा।” यह भारत का कानून है, सभी को स्‍वीकारना होगा:- अमित शाह गौरतलब हो कि “इससे पहले, चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “यह भारत सरकार का कानून है और इसे सभी को स्वीकार करना होगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि “वह समाज में भ्रम फैला रहे हैं और मुसलमानों को डराकर उनका वोट बैंक बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” इस दौरान शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और अनुच्छेद 370 के मुद्दे पर भी विपक्ष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि “सीएए लागू होने के बाद किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं गई है और अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला जैसे नेता चुनाव जीतकर लौटे हैं, जो बताता है कि स्थिति में सुधार हुआ है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद कम हुआ है और विकास और पर्यटन बढ़े हैं।” तो वहीं एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध किया और अपनी बात रखने के बाद अंत में विधेयक की प्रति फाड़ दी।  Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Amendment Bill 2025 #WaqfAmendmentBill2025 #LokSabhaPassesBill #WaqfLawChanges #IndianParliament #RajyaSabhaDebate #LegalReforms #GovtBill2025 #WaqfActAmendment #IndiaPolitics #ParliamentSession

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Does Face Slapping Really Enhance Skin?

50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार?

लोगबाग खूबसूरत और दमकती त्वचा पाने के लिए क्या नहीं करते। कुछ ज़माने भर की क्रीम लगाते हैं, तो कुछ हेल्दी डाइट को फॉलो करते हैं, तो वहीं कुछ कई तरह के घरेलु नुस्खों का पालन करते हैं। जिसके नुकसान और फायदे दोनों संभावित होते हैं। ऐसे में यदि आपसे कहा जाये कि एक फार्मूला ऐसा भी है जिससे आप बिना एक भी पैसा खर्च किये अपने चेहरे पर निखार ला सकते हैं? तो निश्चित ही आप उस फॉर्मूले को जानना चाहेंगे। यह तो ठीक, लेकिन यदि आपसे यह कहा जाये कि उस फॉर्मूले के तहत आपको अपना गाल लाल करना होगा। यानि कि आपको रोज एक-दो नहीं बल्कि 50 थप्पड़ खाने (50 slaps for glow) होंगे। हां, सही समझें। थप्पड़। आप कहेंगे कि क्या मजाक है? दरअसल यह मजाक नहीं बल्कि ये सच है। रोजाना थप्पड़ खाने से चेहरे पर निखार आ जाता है। अमूमन लोग थप्पड़ खाने से डरते हैं, परंतु यही थप्पड़ आप को सुंदर और निखरी हुई त्वचा दे सकता है।  थप्पड़ मारने से (50 slaps for glow) बढ़ जाता है ब्लड सरकुलेशन ये बात खासतौर पर उन लोगों को जान लेनी चाहिए जो खूबसूरत और चमकदार त्वचा के लिए तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट का यूज करते हैं। बड़ी बात यह कि जवां दिखने के लिए फेशियल ब्लीच से लेकर कई तरह के ट्रीटमेंट करवाने वाले लोग थप्पड़ वाली थेरेपी से अपने चेहरे को बिना पैसे खर्च किए ही सुंदर बना सकते हैं। इसे थप्पड़ थेरेपी कहते हैं। निश्चित ही आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये थप्पड़ थेरेपी है क्या? तो आपको बता दें कि इस थेरेपी में चेहरे की त्वचा पर हल्के हाथों से थप्पड़ मारना (50 slaps for glow) होता है। ऐसा करने से ब्लड सरकुलेशन बढ़ जाता है और त्वचा जवां और स्वस्थ होती है। अच्छी बात यह कि ये थेरेपी महिलाएं और पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इस थेरेपी से त्वचा में छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। बता दें की इस थेरेपी में आपको अपने दोनों हाथों से गालों को तेज-तेज थपथपाना होता है। इसके अलावा फाइन लाइंस से छुटकारा पाने के लिए चेहरे को थप्पड़ मारना पिंच और स्ट्रोक करना शामिल होता है।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स कोरियन महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को रखती हैं बरकरार  दरअसल, साउथ कोरियन लोगों का मानना है कि थप्पड़ मारने से चेहरे के हर हिस्से में ब्लड का सरकुलेशन तेज हो जाता है। जिससे स्किन साफ होती है और चेहरा ग्लो करने लगता है। कारण यही जो वहां की महिलाएं प्रतिदिन खुद को 50 थप्पड़ (50 slaps for glow) मारकर अपनी सुंदरता को बरकरार रखती हैं। इसके अलावा अमेरिकन का मानना है कि थप्पड़ मारने से त्वचा के खुले छिद्रों को सिकुड़ने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे त्वचा को क्रीम तेल को बेहतर तरीके से ऑबजर्ब करने में मदद मिलती है। ख़ास बात यह कि यह त्वचा को चिकना बनाता है, झुर्रियों को कम करता है। Latest News in Hindi Today Hindi 50 slaps for glow #50SlapsForGlow #FaceGlowHack #BeautyMyths #SkincareRoutine #FacialMassage #NaturalGlow #GlowUp #SkinCareTips #BeautyTrends #HealthySkin

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Nurse murder case

Nurse crime story: गला रेतकर नर्स की ली गई जान, शक की सुई पति पर, दे रहा था मर्डर की धमकी

हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित विष्णु कॉलोनी में बुधवार रात एक नर्स की लाश मिलती है। खून से लथपथ लाश देख परिजन सदमें में आ जाते हैं। तेज धारदार हथियार से नर्स का गला रेता (Nurse crime story) गया था। और हथियार वहीं बगल में पड़ा था। इस दरम्यान पुलिस को सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पूरे मामले पर एसीपी सिटी महेश श्यौराण ने बताया कि “इस मामले में मृतका के पिता की शिकायत पर आरोपी पति लखमीचंद, देवर भगत सिंह, सास सुनीता और पति के ममेरे भाई नीरज के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।” जानकारी के मुताबिक मृतक महिला की हत्या तेजधार हथियार से गर्दन रेतकर की गई है। और बड़ी बात यह की महिला का फोन भी गायब है। फिलहाल इस मामले में आस-पास लगे सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं। और साथ ही आरोपियों की तलाश के लिए पांच टीमें लगा दी गई हैं। खैर, अभी तक हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। हत्या (Nurse crime story) से एक दिन पहले ही प्रियंका की सास और देवर उसके क्लिनिक पर आए थे दरअसल, आदर्श नगर थाने में दर्ज केस के अनुसार, होडल के गढ़ी पट्टी में रहने वाले तोताराम ने दी अपनी शिकायत में बताया कि “उन्होंने अपनी दो बेटियों प्रियंका और पूजा की शादी साल 2010 में भिडूकी गांव निवासी लखमी चंद और भगत सिंह के साथ की थी। पूजा का पति भगत सिंह हरियाणा पुलिस में डायल 112 पर ड्राइवर है। जबकि प्रियंका का पति लखमीचंद ट्रक ड्राइवर है। पारिवारिक विवाद के चलते प्रियंका पिछले 4 साल से बल्लभगढ़ की विष्णु कॉलोनी के एक मकान में रहकर अपना क्लीनिक चला रही थी। प्रियंका ने सामान्य नर्सिंग और मिडवाइफरी (जीएनएम) का कोर्स किया था। वह यहां अपने 14 साल के बेटे और 10 साल की बेटी के साथ रहा करती थीं।” खबर के मुताबिक आरोप है कि प्रियंका का पति उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहा था। लगातार मिलती धमकियों की वजह से वह बहुत डरी हुई थी। हालांकि इस संबंध में उसने पुलिस से शिकायत भी की थी। कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रियंका की हत्या पूरी योजना के तहत की गई थी। हत्या (Nurse crime story) से एक दिन पहले ही प्रियंका की सास और देवर उसके क्लिनिक पर आए थे। और दोनों बच्चों को जबरन अपने साथ ले गए थे। इस दौरान प्रियंका के साथ मारपीट भी की गई थी।  इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस पूरे कमरे में खून बिखरा हुआ (Nurse crime story) था मृतका के पिता ने बताया कि “उन्होंने प्रियंका से बुधवार सुबह 11 बजे आखिरी बार फोन पर बात की थी। इसके बाद बार-बार कॉल करने पर भी फोन बंद मिला। अमूमन ऐसा कभी होता नहीं था। यह पहली बार था जब ऐसा हो रहा था। इससे परेशान होकर वह बल्लभगढ़ पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही टीम क्लिनिक पर पहुंची। कुछ देर मुआयना करने के बाद पुलिस चली गई। इस बीच उसने ऊपर बने कमरे में जाकर देखना भी जरुरी नहीं समझा। पुलिस के जाने के बाद रात 9 बजे परिजन खुद क्लिनिक पहुंचे और ऊपर जाकर देखा, तो उन्हें प्रियंका का शव बेड के किनारे पड़ा मिला। पूरे कमरे में खून बिखरा हुआ (Nurse crime story) था। शव को देख परिजनों को चीखें निकल गई। परिजनों ने हत्या का आरोप नर्स के पति, देवर, सास पर लगाया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पिता की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। आरोपियों में महिला का देवर हरियाणा पुलिस का जवान भी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nurse crime story #NurseMurderCase #CrimeNews #HusbandUnderSuspicion #ShockingMurder #JusticeForNurse #CrimeInvestigation #BreakingNews #DomesticViolence #MurderMystery #LatestNews

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Who Benefits Most from the New Waqf Act Amendments

Waqf Act amendments: नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा?

लोकसभा में आज वक्फ बिल को नए स्वरूप (Waqf Act amendments) में पेश कर दिया गया है। फ़िलहाल बिल चर्चा जारी है। संसद में वक्फ बिल को पास कराने के लिए सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में वोटिंग के जरिए बहुमत की जरूरत है। इसमें सरकार को इस बिल को पास कराने हेत लोकसभा के 543 में से 272 और राज्यसभा के 245 में से 123 सांसदों का समर्थन जरूरी है। बात करें राज्यसभा के सांसदों की संख्या की राज्यसभा में अभी 9 सीटें खाली हैं। तो ऐसे में मौजूदा 236 में से 119 सांसदों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी के पास 96 सांसद हैं। वहीं एनडीए की सहयोगी पार्टियों के पास 19 सांसद हैं। ऐसे में सरकार को 6 नॉमिनेट सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में यदि यह विधेयक संसद से पास हो जाता है तो यह बिल कानून बन जाएगा। साल 2006 की जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही एक्ट (Waqf Act amendments) में किए जा रहे हैं बदलाव  हालांकि वक्फ बिल पर केंद्र सरकार का कहना है कि “साल 2006 की जस्टिस सच्चर कमेटी की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर ही एक्ट (Waqf Act amendments) में बदलाव किए जा रहे हैं।” बता दें कि 8 अगस्त को लोकसभा में बिल पेश करते हुए संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि “इस बिल का उद्देश्य धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में दखलंदाजी करना नहीं है। बिल मुस्लिम महिलाओं और पिछड़े मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में हिस्सेदारी देने के लिए लाया गया है। अहम बात यह कि इसमें वक्फ प्रॉपर्टीज के विवाद 6 महीने के भीतर निपटाने का प्रावधान है। इससे वक्फ में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों का हल निकलेगा।” जानकारी के मुताबिक नए बिल के कानून बन जाने के बाद वक्फ की संपत्ति का विवाद सुलझाने में राज्य सरकारों को पहले से अधिक शक्तियां मिल जाएँगी। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि प्रस्तावित कानून का असर दरगाहों या मुसलमानों के धार्मिक संस्थानों और पुरानी मस्जिदों पर नहीं होगा, लेकिन बिल में किए गए परिवर्तनों में वक्फ बोर्ड में गैर मुस्लिम सदस्यों की संख्या में वृद्धि हो जरूर हो सकती है। नए बिल के मुताबि वक्फ बोर्ड के सदस्यों के अलावे अब बोर्ड में दो गैर मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य होगी। मौजूदा सरकार अपने सहयोगी दलों की मांग को स्वीकार करते हुए नए बिल में कई परिवर्तन किए हैं। जैसे कि  अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट (Waqf Act amendments) से जुड़ी तकरीबन 120 याचिकाएं की गईं हैं दायर  बता दें कि साल 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट (Waqf Act amendments) से जुड़ी तकरीबन 120 याचिकाएं दायर की गईं थीं। जिसमें मौजूदा वक्फ कानून में कई खामियां बताई गईं। इनमें से तकरीबन15 याचिकाएं तो खुद मुस्लिमों ने दायर कर रखी है। इन याचिकाओं में सबसे बड़ा तर्क यह कि वक़्फ़ एक्ट के सेक्शन 40 के मुताबिक, वक्फ किसी भी प्रॉपर्टी को अपनी प्रॉपर्टी घोषित कर सकता है। इसके खिलाफ कोई शिकायत भी वक्फ बोर्ड ट्रिब्यूनल में ही की जा सकती है और इस पर अंतिम फैसला ट्रिब्यूनल का ही होता है। ऐसे में एक आम इंसान के लिए वक्फ के फैसले के कोर्ट में चैलेंज करना आसान नहीं है। इसे भी पढ़ें:- मुंबई में हिंदू युवकों की पिटाई पर मचा बवाल, बजरंग दल ने दी यह चेतावनी वक़्फ़ का इतिहास (Waqf Act amendments) ऐसे में सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि वक्फ (Waqf Act amendments) कहते किसे हैं। दरअसल, वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है। जिसका अर्थ होता है, ठहरना या रोकना। कानूनी शब्दों में समझने की कोशिश करें तो वक्फ उसे कहते हैं, इस्लाम में कोई व्यक्ति जब धार्मिक वजहों से या ईश्वर के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी दान करता है, तो इसे प्रॉपर्टी को वक्फ कर देना यानी रोक देना कहते हैं। फिर वो चाहे कुछ रुपये हों या संपत्ति हो या फिर चाहे बहुमूल्य धातु हो, घर मकान ही या जमीन ही क्यों न हो? बता दें कि दान की गई ऐसी प्रॉपर्टी को अल्लाह की संपत्ति कहते हैं। और अपनी प्रॉपर्टी वक्फ को देने वाले इंसान को वकिफा कहा जाता है। गौर करने वाली बात यह कि वकिफा द्वारा दान की गई या वक्फ की संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता। इसका उपयोग सिर्फ धर्म के लिए ही जा सकता। रही बात भारत में वक्फ के परंपरा की, तो बता दें कि इसका इतिहास 12वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के समय से जुड़ा है। भारत में आजादी के बाद साल 1954 में पहली बार वक्फ एक्ट बना था। फिर साल 1995 में इस एक्ट में कुछ संशोधन किए गए थे। और फिर संशोधन करने के बाद नया वक्फ एक्ट बना। इसके अलावा साल 2013 में भी इसमें कई बदलाव किए गए। Latest News in Hindi Today Hindi News Waqf Act amendments #WaqfAct #WaqfBill2024 #WaqfProperty #WaqfBoard #IndianLaw #MuslimCommunity #LegalReforms #IndiaNews #GovtPolicy #WaqfRights

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Bidi vs cigarette health risk: सेहत के लिए बीड़ी पीना अधिक खतरनाक या सिगरेट, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट? 

देश में ऐसे करोड़ों लोग हैं जो रोजाना बेख़ौफ़ होकर सिगरेट और बीड़ी पीते हैं। वो इस बात को जानते भी हैं कि इसे पीने से कैंसर जैसी जानलेवा घातक बीमारी हो सकती है। कमाल की बात यह कि यह जानते-बुझते हुए भी कि इससे जान जा सकती है, फिर भी धड़ल्ले से लोग सुट्टा मरते हैं। सुबह आँख खुलने से लेकर रात को सोने से पहले तक लोग सिगरेट पीते हैं। वो तो भला हो नींद का, जो 6-7 घंटे के लिए आ जाती है, जिसके चलते कम से कम वो समय बच जाता है। अन्यथा लोगों की सिगरेट के प्रति दीवानगी इस कदर है कि वो सोते-सोते भी पिएं। खैर, कहने की जरूरत नहीं कि वो चाहे बीड़ी हो या सिगरेट, दोनों का सेवन करने से जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। खैर, अक्सर इस बात को लेकर बड़ी चर्चा होती है कि बीड़ी ज्यादा खतरनाक होती है या सिगरेट (Bidi vs cigarette health risk)? बीड़ी पीने वाले सिगरेट को अधिक नुकसानदायक मानते हैं और सिगरेट पीने वाले बीड़ी को अधिक खतरनाक मानते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि बीड़ी और सिगरेट में से कौन सी चीज शरीर के लिए अधिक नुकसानदायक हो सकती है?  बीड़ी और सिगरेट दोनों का इस्तेमाल हर हाल में सेहत के लिए नुकसानदायक (Bidi vs cigarette health risk) होता है स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक बीड़ी और सिगरेट दोनों का इस्तेमाल हर हाल में सेहत के लिए नुकसानदायक (Bidi vs cigarette health risk) होता है। बात करें सिगरेट और बीड़ी के अंतर की, तो बीड़ी का धुआं सिगरेट के धुएं की तुलना में कहीं ज्यादा जहरीला और नुकसानदायक होता है। ऐसा इसलिए कि बीड़ी में मौजूद तंबाकू और अन्य हानिकारक तत्व जलते ही धुएं में घुलमिल जाते हैं। इसके चलते शरीर में कार्सिनोजिक यानी कैंसर पैदा करने वाले तत्वों की मात्रा अधिक हो जाती है। और फिर लगातार सेवन के चलते मुंह,फेफड़ों और गले के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अब इसका अर्थ यह नहीं ही है कि सिगरेट पीने से कुछ नहीं होता। एक्सपर्ट की मानें तो सिगरेट के धुएं में भी ऐसे हानिकारक रसायन होते हैं जो कैंसर, दिल की बीमारियों और फेफड़ों की समस्याओं को जन्म दे सकते हैं। एक्सपर्ट की मानें तो सिगरेट के धुएं में निकोटीन नामक पदार्थ होता है। इसी निकोटीन की वजह से लोगों को सिगरेट पीने की लत लग जाती है। बता दें कि इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड और टार जैसी हानिकारक सामग्री भी होती है, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाती हैं।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स बीड़ी और सिगरेट का लगातार सेवन करना होता है सेहत के लिए बेहद खतरनाक (Bidi vs cigarette health risk)  कुल-मिलाकर बीड़ी और सिगरेट दोनों में ही निकोटीन की मात्रा बहुत होती है। दोनों के सेवन से फेफड़ों में खतरनाक तत्व जमा होते जाते हैं। आग चलकर इसका परिणाम यह होता है कि सांस की नलियां सिकुड़ जाती हैं। नलियां सिकुड़ने से ऑब्सट्रक्टिव डिजीज और कैंसर जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बीड़ी और सिगरेट के सेवन से फेफड़े कमजोर हो जाते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यही नहीं, कई रिसर्च में तो 1 बीड़ी को 2 सिगरेट के बराबर खतरनाक बताया गया है। ऐसे में बीड़ी और सिगरेट का लगातार सेवन करना सेहत के लिए बेहद खतरनाक (Bidi vs cigarette health risk) होता है। इन दोनों का सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। विशेषकर फेफड़ों के लिए इन चीजों को ज्यादा घातक माना जाता है। आपको बता दें कि बीड़ी पत्तियों से बनाई जाती है। इस दौरान इसमें तंबाकू और कुछ अन्य पदार्थ भरे जाते हैं। रही बात सिगरेट की तो सिगरेट में तंबाकू को कागज की परत में लपेटा जाता है। तंबाकू के साथ-साथ इसमें कई अन्य रसायन और प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं। ध्यान देने वाली बात यह कि सिगरेट को मशीन से तैयार किया जाता है, जबकि बीड़ी को हाथों से तैयार किया जाता है। दोनों ही उत्पादों में तंबाकू और अन्य खतरनाक तत्व होते हैं। और यही खतरनाक तत्व स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi Bidi vs cigarette health risk #BidiVsCigarette #SmokingRisks #HealthHazards #TobaccoDangers #LungHealth #QuitSmoking #BidiSmoke #CigaretteAddiction #ExpertOpinion #HealthyLiving

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US Reciprocal Tariffs May Cost India ₹26,000 Crore

US reciprocal tax impact on India: अमेरिका के रेसिप्रोकल टैक्स के चलते भारत को हो सकता है 26000 करोड़ का नुकसान

जब से डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से दुनिया भर को उन्होंने अपने फैसलों से चौंका दिया है। कनाडा, चीन और भारत समेत सभी देशों को टेरिफ का टेरर दिखा रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप आज यानी, 2 अप्रैल से रेसिप्रोकल टैक्स लगाने जा रहे हैं। इस टैक्स का खामियाजा सभी को भुगतना पड़ सकता है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। जानकारी के मुताबिक रेसिप्रोकल टैक्स से भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात पर बड़ा असर (US reciprocal tax impact on India) पड़ सकता है। केयरएज रेटिंग्स की नई रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के नए टैरिफ के चलते उत्तर अमेरिकी देश को होने वाले निर्यात पर भारत को तक़रीबन 3.1 बिलियन डॉलर (26000 करोड़ रुपये से ज्यादा) का नुकसान हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 अप्रैल को केयरएज रेटिंग्स की निदेशक स्मिता राजपुरकर ने मुंबई में रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि “हालांकि इसका प्रत्यक्ष प्रभाव भारत के सकल घरेलू उत्पाद के 0.1 प्रतिशत (3.1 बिलियन डॉलर) पर सीमित है, लेकिन फिर भी इस जोखिमों को लेकर चिंता बनी हुई हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि आखिर ये क्या है रेसिप्रोकल टैक्स? तो आपको बता दें कि रेसिप्रोकल का शाब्दिक अर्थ है आप जैसा करोगे, वैसा ही हम करेंगे।   सभी देश टैरिफ (US reciprocal tax impact on India) के रूप में एक तरह से बॉर्डर शुल्क लगाते हैं बता दें कि ट्रंप ने पहले ही कई टैरिफ उपायों की घोषणा कर दी है, जिसमें चीन से आयातित सभी वस्तुओं पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ तो मैक्सिको और कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ शामिल है, जबकि कनाडाई तेल पर 10 प्रतिशत की कम दर लागू होगी। दरअसल, प्रेसिडेंट ट्रंप का मानना है कि चीन, भारत, कनाडा और मैक्सिको, अमेरिका पर अधिक टैक्स लगाते हैं। कारण यही जो अब हम भी उन पर अधिक टैरिफ लगाएंगे। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हर देश एक-दूसरे से पेट्रोल-डीजल, गैस समेत अन्य वस्तुओं का आयात-निर्यात करते हैं। इस दौरान सभी देश टैरिफ (US reciprocal tax impact on India) के रूप में एक तरह से बॉर्डर शुल्क लगाते हैं।  इसे भी पढ़ें:– भारत के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं करोड़ों अवैध बांग्लादेशी मुसलमान, इस तरह करते हैं घुसपैठ भारत सरकार जवाबी कदमों पर विचार कर रही है (US reciprocal tax impact on India) बात करें भारत रेसिप्रोकल टैक्स से होने वाले नुकसान की तो भारतीय निर्यात पर 8 प्रतिशत डिफरेंशियल टैरिफ और डॉलर के मुकाबले रुपये में 4 प्रतिशत एक्सचेंज रेट डेप्रिशिएशन के अनुमान के परिणामस्वरूप, करेंसी में उतार-चढ़ाव को एडजस्ट करते हुए, 4 बिलियन डॉलर का शुद्ध निर्यात प्रभाव देखने को मिलेगा। इस तरह सभी निर्यात श्रेणी में एक समान अतिरिक्त टैरिफ को ध्यान में रखते हुए तक़रीबन 3.1 बिलियन डॉलर (US reciprocal tax impact on India) होने का अनुमान है। अमेरिकी टैरिफ से भारत के ऑटो और फार्मा जैसे सेक्टर सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इसके अलावा सेक्टर स्पेसिफिक टैरिफ भी लागू किए गए हैं, जैसे सभी स्टील और एल्युमीनियम आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ और ऑटोमोबाइल व कुछ ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ, साथ ही सेमीकंडक्टर और फार्मास्यूटिकल्स सहित अन्य उद्योग भी रडार पर हैं। ऐसा नहीं कि भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। भारत सरकार जवाबी कदमों पर विचार कर रही है। गौरतलब हो कि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। पिछले साल भारत ने वहां 78 अरब डॉलर का निर्यात किया था, जो कुल निर्यात व्यापार का 18 प्रतिशत है।   Latest News in Hindi Today Hindi news US reciprocal tax impact on India #USReciprocalTariffs #IndiaExportLoss #TradeDeficit #ReciprocalTaxImpact #IndiaUSTradeRelations #ExportSectorsAffected #JewelryExports

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Lucknow Super Giants Crushed by Punjab Kings in IPL 2025

Lucknow Super Giants loss: अपने ही घर में पंजाब किंग्स से बुरी तरह हारी लखनऊ सुपर जायंट्स

लखनऊ के इकाना स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 का 13वां मुकबला पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया, जिसमें लखनऊ को करारी शिकस्त का सामना (Lucknow Super Giants loss) करना पड़ा। इस मैच में पंजाब किंग्स ने लखनऊ को 8 विकेट से हरा दिया। दरअसल, पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने सात विकेट पर 171 रन बनाए। जिसमें मारक्रम ने 28, पूरन ने 44, पंत ने 2, आयूष बदोनी ने 41, डेविड मिलर ने 19 और अब्दुल समद ने 27 रनों की पारी खेली। पंजाब किंग्स के लिए अर्शदीप सिंह ने 3, लॉकी फर्ग्यूसन ने 1, चहल ने 1, मैक्सवेल ने 1 और मार्को यानसेन ने 1 विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने 16.2 ओवर में ही जीत दर्ज कर (Lucknow Super Giants loss) ली लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स ने 16.2 ओवर में ही जीत दर्ज कर (Lucknow Super Giants loss) ली। हालाँकि शुरुआत में प्रियांश आर्य 8 रन बनाकर हीआउट हो गए, लेकिन उसके बाद प्रभसिमरन सिंह और श्रेयस अय्यर की साझेदारी ने आसानी से मैच पर पकड़ बना ली। प्रभसिमरन सिंह 69 रनों की पारी खेलकर आउट हुए। श्रेयस अय्यर और नेहाल वढेरा ने मिलकर जीत दिला दी। श्रेयस अय्यर ने नाबाद 52 और नेहाल ने नाबाद 43 रनों की पारी खेली। प्रभसिमरन सिंह को उनकी शानदार पारी के लिए मैन ऑफ दा मैच से नवाजा गया।   ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ को दूसरी हार का (Lucknow Super Giants loss) सामना करना पड़ा बता दें कि इस मैदान पर यह इस सीजन का पहला था  था और पहले ही मैच में ऋषभ पंत की कप्तानी में लखनऊ को दूसरी हार का (Lucknow Super Giants loss)  सामना करना पड़ा। लखनऊ का इकाना स्टेडियम अब तक आईपीएल में 14 मैचों की मेजबानी कर चुका है। इस हार पर कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि “उनकी टीम को धीमे विकेट की उम्मीद की थी। लगा कि गेंद थोड़ा रुककर आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।” उन्होंने आगे कहा कि “उनकी टीम इस हार से सबक लेगी और आगे बढ़ेगी। अभी टूर्नामेंट की शुरुआत है, कई चीजें समझनी बाकी हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि आगे टीम के लिए चीजें बेहतर होंगी।” हालांकि हार के बाद ऋषभ पंत ने माना कि उनकी टीम 20-25 रन कम बना पाई, जिसके कारण दबाव में आ गई। खैर, कुछ भी हो, पंजाब किंग्स की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के अपने दूसरे मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को 8 विकेट से मात दे देकर अंक तालिका में टॉप 2 में एंट्री कर ली है। इस टूर्नामेंट में यह उनकी की लगातार दूसरी जीत है।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स को मिली लगातार दूसरी हार, इस बार राजस्थान रॉयल्स ने दी करारी शिकस्त बात करें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन की तो  पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह, प्रियांश आर्या, शशांक सिंह, मार्कस स्‍टॉयनिस, ग्‍लेन मैक्सवेल, सूर्यांश शेडगे, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्‍यूसन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल लखनऊ सुपर जायंट्स:  ऐडन मारक्रम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), आयुष बदोनी, डेविड मिलर, अब्‍दुल समद, शार्दुल ठाकुर, रवि बिश्नोई, दिग्‍वेश राठी, आवेश खान Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Lucknow Super Giants loss #LSGvsPBKS #LucknowSuperGiants #PunjabKings #IPL2025 #LSG #PBKS #CricketNews #T20Cricket #CricketFans #IPLHighlights

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Man with swords in Ajmer

Man with swords in Ajmer: अजमेर शरीफ दरगाह में तीन तलवार लेकर अंदर घुसा अर्धनग्न व्यक्ति, मचा हड़कंप 

राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। वैसे तो अजमेर शरीफ की सुरक्षा चाकचौबंद होती है लेकिन एक शख्स ने सुरक्षा को धता बताते हुए एक दो नहीं बल्कि 3 तलवारों के साथ अंदर प्रवेश (Man with swords in Ajmer) कर गया। तीन तलवार लेकर घुसे अर्धनग्न व्यक्ति को देख मुस्लिम श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। दरगाह के भीतर जब मौजूद लोगों ने उस शख्स को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए। मौके की नज़ाकत को समझते हुए लोगों ने त्वरित कार्रवाई की। अहम बात यह कि अजमेर शरीफ दरगाह की सुरक्षा में यह चूक ईद के ठीक अगले दिन हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दरगाह के सभी 10 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बता दें कि अजमेर शरीफ का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। वहां पर आरएसी के तकरीबन10 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर भी लगे हुए हैं। लेकिन, फिर भी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता ही है।  एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली जानकारी के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली। इस छीना-झपटी के दौरान युवक जख्मी हो गया। इस दौरान उसके हाथ से खून बहने लगा। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और दिलेरी दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं की मदद से अर्धनग्न व्यक्ति को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह व्यक्ति कौन था और उसके मंसूबे क्या थे? खैर, पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक हुई तो भी कैसे हुई? हालाँकि इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वो बात और है कि इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में डर का माहौल जरूर बना हुआ है। कुछ भी हो लेकिन एक अच्छी बात यह कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और बहादुरी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।  इसे भी पढ़े:– अजमेर शरीफ पर पीएम मोदी के इस कदम से भड़की हिंदू सेना, कही यह बात प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है (Man with swords in Ajmer) बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था। जिसे बाद में मुगल सम्राट हुमायूं के शासनकाल में पूरा किया गया। दरगाह का यह स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गौर करने वाली बात यह कि आज भी यह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यही नहीं, देश के प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है। लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Man with swords in Ajmer AjmerSharif #AjmerDargah #BreakingNews #IndiaNews #SecurityBreach #AjmerIncident #DargahAlert #AjmerLatest #ReligiousSite #ViralNews

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Mumbai bomb blast verdict

Mumbai bomb blast verdict: मुंबई बम धमाके के 32 साल बाद विशेष अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, टाइगर मेमन को लगा झटका

साल 1993 में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस कदर अचनाक हुए बम धमाकों से मुंबई दहल गई थी। इस हादसे के जख्म आज भी हरे हैं। आखिरकार 32 इस हमले के साजिशकर्ता टाइगर मेमन को लेकर मुंबई की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला (Mumbai bomb blast verdict) दिया है। आदेश के मुताबिक, मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के कथित मुख्य साजिशकर्ता में से एक टाइगर मेमन तथा उसके परिवार की 14 संपत्तियां केंद्र सरकार को सौंपी जाएंगी। आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-1987 (TADA) अदालत के आदेश के बाद ये संपत्तियां 1994 से बंबई उच्च न्यायालय के ‘रिसीवर’ के कब्जे में थीं। जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह 26 मार्च को पारित अपने एक आदेश में विशेष टाडा अदालत के न्यायाधीश वी.डी. केदार ने कहा कि “अचल संपत्तियों का कब्जा केंद्र सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए।” आदेश में कहा गया कि “केंद्र को सौंपी जाने वाली संपत्तियां ऋणभार से मुक्त हैं और इस तरह सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार 14 अचल संपत्तियों पर कब्जा पाने की हकदार है।”  केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का (Mumbai bomb blast verdict ) देना है आदेश   खैर, इस बीच तस्कर और विदेशी मुद्रा छलसाधक (संपत्ति समपहरण) अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी ने संपत्तियों को छोड़ने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि “उपरोक्त अधिनियम का कार्य विदेशी मुद्रा छलसाधक और मादक पदार्थों के तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना और केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का आदेश  (Mumbai bomb blast verdict ) देना है।” गौरतलब हो कि टाइगर मेमन की 14 संपत्तियों में बांद्रा (वेस्ट) की एक इमारत में एक फ्लैट, माहिम में एक कार्यालय परिसर, माहिम में ही एक भूखंड, सांताक्रूज (ईस्ट) में एक भूखंड और एक फ्लैट यही नहीं, इसके अलावा कुर्ला की एक इमारत में दो फ्लैट, मोहम्मद अली रोड पर एक कार्यालय, डोंगरी में एक दुकान और भूखंड, मनीष मार्केट में तीन दुकानें और मुंबई की शेख मेमन स्ट्रीट पर स्थित एक इमारत शामिल है। इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस विशेष अदालत ने (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता टाइगर मेमन को दिया बड़ा झटका  बता दें कि मुंबई के अलग-अलग इलाकों में 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार 13 बम धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और 700 से भी अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे चलकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। सीबीआई के मुताबिक, साल 1993 के धमाकों की साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने आईएसआई के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने अपने साथी टाइगर मेमन और मोहम्मद दोसा की मदद से रची थी। ध्यान देने वाली बात यह कि दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन दोनों अब भी वांछित आरोपी हैं। टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और साल 2015 में उसे मृत्युदंड दिया गया था। खैर,एक तरह से 32 साल बाद ही सही मुंबई की एक विशेष अदालत ने  (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक, टाइगर मेमन तथा उसके परिवार को एक बड़ा झटका दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai bomb blast verdict MumbaiBlasts #TigerMemon #MumbaiVerdict #JusticeServed #TerrorismTrial #CourtRuling #IndiaNews

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street namaz controversy

street namaz controversy: हिंदुओं से सीखें धार्मिक अनुशासन, सड़क पर नमाज न पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कही यह बड़ी बात

इन दिनों देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। आए दिन नेतागण किसी न किसी बहाने हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों को भुनाने का एक भी मौका नहीं गंवाना चाहते। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर होने वाली नमाज (street namaz controversy) को लेकर साफ़ तौर पर कहा है कि ये नहीं हो सकती है। दरअसल, समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं हुई, कहीं कोई आगजनी नहीं हुई, कहीं कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, कहीं कोई अपहरण नहीं हुआ, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। वे श्रद्धा के साथ आए, महास्नान में भाग लिया और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन उदंडता का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर आप सुविधा चाहते हैं, तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें।”   नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? इस पर उन्होंने आगे कहा कि “ईद में कौन सा प्रदर्शन करेंगे? नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह और मस्जिद हैं, न कि सड़क। इसके लिए ठीक तो बोला जा रहा है। और वैसे भी मैं किसी एक वर्ग विशेष के लिए सभी को असुविधा में नहीं डाल सकता। मुझे पूरे प्रदेश के लोगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करानी है।” इस बीच सड़क पर नमाज की तुलना कांवड़ यात्रा से करने पर सीएम ने कहा कि “कांवड़ यात्रा से तुलना की जा रही है, कावंड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद और एनसीआर के क्षेत्रों तक जाती है। वो सड़क पर ही चलेगी। क्या हमने कभी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को रोक, कभी भी नहीं रोक। मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं। हां, ये जरूर कहा है कि ताजिया का साइज थोड़ा छोटा रखें क्योंकि तुम्हारी सुरक्षा के लिए है। रास्ते में हाईटेंशन तार होंगे, जोकि आपके लिए बदले नहीं जाएंगे। हाईटेंशन की चपेट में आने से मर जाओगे। यही होता है, कांवड़ यात्रा में भी यही बोला जाता है कि डीजे का साइज छोटा करो, जो ऐसा नहीं करता है तो सख्ती की जाती है। कानून सभी के लिए बराबर लागू होता है। फिर कैसे तुलना की जा रही है।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती  सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है वक्फ (संशोधन) विधेयक पर पूछे गए सवाल का प्रश्न का उत्तर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि “सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है। हर अच्छे काम का विरोध होता है।इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हंगामा हो रहा है, जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूँ, क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और सुधार समय की मांग है और हर सुधार का विरोध किया जाता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news street namaz controversy YogiAdityanath #ReligiousDiscipline #Namaz #Hinduism #UttarPradesh #IndianPolitics #ReligiousFreedom

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