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Pakistan occupied Balochistan

पाकिस्तान के अवैध कब्जे से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?, औरंगजेब से है खास कनेक्शन

बलूचिस्तान (Balochistan) क्षेत्रफल के हिसाब से पाकिस्तान का सबसे बड़ा राज्य है और यह आकार के मामले में जर्मनी के बराबर है, लेकिन आबादी के मामले में यह राज्य विरान है। यहां की आबादी मात्र डेढ़ करोड़ है, जो जर्मनी से सात करोड़ कम है। लेकिन इस राज्य की जो सबसे बड़ी खूबी है, वह है कि यह राज्य प्राकृतिक संसाधनों से भरा पूरा है। यहां की खदानों में सोना, तांबा और तेल जैसे कई चीजें मौजूद हैं। पाकिस्तान (Pakistan) इन्हीं संसाधनों का इस्तेमाल कर देश की जरूरतों को पूरा कर रहा है। लेकिन इतना सबकुछ होते हुए बलूचिस्तान (Balochistan) सबसे पिछड़ा राज्य है। यहां के 70 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मामलों में यह राज्य न केवल पाकिस्तान (Pakistan) बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में सबसे पीछे हैं। इसी गरीबी और पिछड़ेपन के कारण ही बलूचिस्तान में पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ नफरत बढ़ती जा रही है। बलूच लोग अपने हक की मांग को लेकर विद्रोह कर रहे और आए दिन पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं।  कैसे और शुरू हुआ बलूचिस्तान में विद्रोह भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद से ही बलूचिस्तान (Balochistan) का इतिहास विद्रोह भरा रहा है। बंटवारे के समय चार अगस्त 1947 को दिल्ली में एक बैठक हुई थी। इसमें कलात के शासक मीर अहमद खान, जवाहर लाल नेहरू और जिन्ना के साथ ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन भी शामिल हुए थे। इस बैठक में फैसला लिया गया था कि कलात, लास बेला, खरान और मकरान को मिलाकर एक आजाद बलूचिस्तान बनाया जाएगा और 11 अगस्त को बलूचिस्तान को अलग देश घोषित कर दिया गया। बलूचिस्तान को आजाद घोषित करने के करीब एक माह बाद 12 सितंबर को इंग्लैंड ने एक प्रस्ताव पारित किया। जिसमें कहा गया कि बलूचिस्तान आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से अलग देश बनने की हालत में नहीं है।  पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया जिसके बाद जिन्ना ने अहमद खान से बलूचिस्तान का पाकिस्तान में विलय करने को कहा। लेकिन कलात के शासक ने यह बात नहीं मानी। जिसके बाद पाकिस्तान ने 1948 में बलूचिस्तान पर हमला कर जबरदस्ती कब्जा कर लिया। लेकिन बलूचों ने हार नहीं मानी और पाकिस्तान के खिलाफ बगावत शुरू हो गई। यह संघर्ष तभी से जारी है। बलूचों का कहना है कि यहां के प्राकृतिक संसाधनों पर उनका हक है, लेकिन पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर अवैध कब्जा कर रखा है और वो इस कब्जे को हटाने के लिए लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में अब तक हजारों बलूच मारे जा चुके हैं और हजारों गायब हो चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी बलूच हार मानने को तैयार नहीं और पाकिस्तानी सेना पर लगातार जवाबी हमले कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका ने बनाया छठी पीढ़ी का सबसे एडवांस फाइटर जेट, खूबियां सुन कांप जाएगा चीन! ट्रंप ने उठाया राज से पर्दा  औरंगजेब को भी बलूचों के सामने होना पड़ा था नतमस्तक  भारतीय राजा शेरशाह सूरी ने मुगल शासक हुमायूं को युद्ध में हरा दिया था, जिसके बाद उसने भागकर ईरान में शरण ली थी। साल 1545 में जब शेरशाह सूरी की मौत हुई तो हुमायूं फिर भारत लौट आया और बलूचों की मदद से ही साल 1555 में उसने दिल्ली पर कब्जा किया था। साल 1659 में जब औरंगजेब मुगल बादशाह बना तो बलूच सरदारों ने उसके खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया और साल 1666 में बलूचों ने औरंगजेब की सेना को हराकर कलात और क्वेटा पर कब्जा कर दिया। इन इलाकों को औरंगजेब दोबारा कभी नहीं जीत पाया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Balochistan #BalochFreedom #PakistanOccupiedBalochistan #Balochistan #BalochRights #FreeBalochistan #BalochHistory #AurangzebRule #PakistanCrackdown #BalochStruggle #HumanRights

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Pakistan Army Chief's Alleged Coup Plot with Baloch Insurgents​

पाकिस्तान में बलूचों को मोहरा बनाकर तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं आर्मी चीफ? 

ऐसे में बड़ा सवाल यह की आखिर पाकिस्तान की आवाम को मुनीर क्या संदेश देना चाहते हैं? कुल-मिलाकर उनके कहने का मतलब यही न कि शहबाज से न सिर्फ देश संभल रहा है बल्कि उग्रवाद और आतंरिक आतंकवाद से लड़ने में उनकी सरकार सक्षम नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान को एक मजबूत नेतृत्व की जरूरत है। उनके मुताबिक सेना ही जो पाकिस्तान ताकतवर बना सकती है। जानकारों की माने तो बलूचों को मोहरा बनाकर आर्मी चीफ पाकिस्तान में तख्तापलट (Military takeover Pakistan) करने की फिराक में हैं। बता दें कि भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी लोकतंत्र का शासन है। बेशक लोकतंत्र में सरकार अपना काम करती है। देश में आर्मी का काम है देश की सुरक्षा करना। लेकिन मजे की बात यह कि अपने काम को बेहतर तरीके से करने के बजाय मुनीर उल्टा सरकार को ही नसीहत देने लगे हैं। जाहिर  तौरपर ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वह मुनीर वही चाल चलने की साजिश कर रहे हैं जो कभी दशकों पहले परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ के साथ चली थी। ऐसे में पाकिस्तान के वर्तमान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी सत्ता जाने का डर सता रहा है। दरअसल, जिस तरह मुनीर बलोचों से जंग और पाक में हो रहे हमलों का ठीकरा शहबाज शरीफ पर फोड़ रहे हैं, ठीक उसी तरह आज से तकरीबन 25 साल पहले जनरल परवेज मुशर्रफ ने भी कारगिल की हार का ठीकरा नवाज शरीफ फर फोड़ा था।  इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग जनरल परवेज मुशर्रफ ने सैन्य तख्तापलट के जरिए नवाज शरीफ को कर दिया था सत्ता से बेदखल  बता दें कि पकिस्तान के जनरल परवेज मुशर्रफ ने नवाज शरीफ को 12 अक्टूबर 1999 को एक सैन्य तख्तापलट के जरिए सत्ता से बेदखल कर दिया था। उस समय मुशर्रफ पाकिस्तान के सेना प्रमुख थे। गौर करने वाली बात यह कि यह तख्तापलट (Military takeover Pakistan) कारगिल युद्ध में पाकिस्तान की हार के बाद यह हुआ था। जबकि कारगिल युद्ध के मास्टरमाइंड और रणनीतिकार खुद परवेज मुशर्रफ थे। उन्होंने ही कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। और उन्हीं के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना और एलओसी पार कर कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ की थी। खैर, बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान समय में बड़े संकट से गुजर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके हो रहे हैं, तो कहीं अज्ञात हमलावर खौफ फैला रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तानी सेना हालात पर काबू पाने में नाकाम नजर आ रही है। आम जनता भुखमरी की मार झेल रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Military takeover Pakistan #PakistanArmyChief​ #BalochistanConflict​ #MilitaryCoupPakistan​ #AsimMunir​ #BalochLiberationArmy​ #PakistanPoliticalCrisis​

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Aurangzeb Tomb Protests

Nagpur riots 2025: रामनवमी थी निशाने पर, अब नागपुर गरजेगा देवा भाउ का बुलडोजर, दंगाइयों से की जाएगी भरपाई

17 मार्च को हुई हिंसा नागपुर में भड़की हिंसा (Nagpur riots 2025) में सोशल मीडिया का बहुत बड़ा हाथ रहा। ऐसे में पुलिस ने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को छानना और भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बीच पुलिस के हाथ कई सबूत लगे हैं। इन सबूतों से ये साबित होता है कि ये हिंसा केवल नागपुर या महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है बल्कि बाहर के लोग भी इसमें शामिल है। दरअसल, मामले की जांच में नागपुर साइबर पुलिस को जांच में कुछ ऐसे इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पोस्ट मिला हैं, जिसमें हिंदुस्तान के खिलाफ और पाकिस्तान के पक्ष में लिखा गया है। कुछ ऐसे भड़काऊ भाषण के पोस्ट और वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें भड़काऊ पोस्ट लिखा है। पोस्ट के मुताबिक लिखा है कि 15 मिनट दो फिर देखो हम क्या कर सकते हैं, मुसलमान जितनी जंग लड़े हैं सब जीते हैं, औरंगजेब जनाब पहले भी जिंदा थे, आज भी जिंदा है और कायामत तक जिंदा रहेंगे, 6 अप्रैल को रामनवमी है, हिंदूओं को रामनवमी तक के लिए अस्पताल भेजो जैसी भाषा लिखी गई है। यही नहीं, जांच में ये भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी फहीम खान ने हिन्दू धर्म के खिलाफ अपनी इंस्टाग्राम और फेसबुक पोस्ट में कई आपत्तिजनक पोस्ट पहले भी किया था।  हिंसा (Nagpur riots 2025) के बाद पहली बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहुंचे नागपुर  बता दें कि हिंसा (Nagpur riots 2025) के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहली बार नागपुर पहुंचे थे। शनिवार को उन्होंने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नागपुर हिंसा को लेकर कहा कि “झूठा प्रचार किया गया कि कुरान की आयत जलाई गई है। झूठी अफवाह के चलते बड़े पैमाने पर हिंसा फैल गई। सीएम ने आगे कहा कि “हिंसा में शामिल लोगों को जब तक हम सबक नहीं सिखा देते, तब तक हम लोग शांत नहीं बैठेंगे। खासकर पुलिसकर्मियों पर जिन लोगों ने हमला किया है, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।” गौर करने वाली बात यह कि “इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा में हुई नुकसान की भरपाई दंगाइयों से की जाएगी। उनकी प्रोप्रटी भी जब्त की जाएगी।” बुलडोजर एक्शन को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि “जहां पर चलाने की आवश्यकता होगी, वहां पर बुलडोजर चलाया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।”  इसे भी पढ़ें:- जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, उसे हम नहीं छोड़ेंगे- अजित पवार  हिंसा (Nagpur riots 2025) वाले दिन औरंगजेब की कब्र की प्रतिकृति को सुबह जलाया गया था बता दें कि हिंसा (Nagpur riots 2025) वाले दिन औरंगजेब की कब्र की प्रतिकृति को सुबह जलाया गया था। इस पर एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन इस पर कुरान की आयत लिखी होने की अफवाह फैलने के बाद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। भीड़ ने पथराव और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हिंसा दौरान पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई की। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दंगा करने वालों की शिनाख्त कर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक अब तक 105 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस पूरे मामले पर सीएम ने कहा कि “सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।” गौरतलब हो कि अब तक 68 सोशल मीडिया पोस्ट की पहचान कर उन्हें हटाया जा चुका है। महत्वपूर्ण बात यह कि नागपुर शहर सीएम फडणवीस का गृह नगर होने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय भी है। ऐसे में नागपुर में हिंसा होना बड़ी बात है। ध्यान देने वाली बात यह कि घटना के बाद छठे दिन बाद भी शहर के 9 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Nagpur riots 2025 #NagpurRiots2025​ #AurangzebTombProtests​ #AurangzebTombProtests​ #CommunalViolence​ #CurfewInNagpur​ #PeaceInNagpur​ #NagpurClashes​ #ReligiousHarmony​#SocialMediaResponsibility​ #CommunityLeadersUnite​

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Ajit Pawar on Muslims

Ajit Pawar on Muslims: जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, उसे हम नहीं छोड़ेंगे- अजित पवार 

महाराष्ट्र में नागपुर हिंसा को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। दरअसल, पूरा का पूरा विवाद महायुति सरकार द्वारा छत्रपति संभाजीनगर से औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग के बीच शुरू हुआ था। नागपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा राज्य सरकार की आलोचना जारी रहने के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार ने मुंबई में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। विभाजनकारी ताकतों के खिलाफ सांप्रदायिक सद्भाव और एकता पर जोर देते हए कहा कि “होली, गुड़ी पड़वा और ईद जैसे त्यौहार एकजुटता को बढ़ावा देते हैं। इन्हें सामूहिक रूप से मनाया जाना चाहिए, क्योंकि एकता ही देश की असली ताकत है।” यही नहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने मुसलमानों को (Ajit Pawar on Muslims) आश्वासन देते हुए कहा कि “आपका भाई अजित पवार आपके साथ है। जो भी मुस्लिम भाइयों को आंख दिखाएगा, दो समूहों के बीच संघर्ष भड़काकर कानून व्यवस्था को बाधित करेगा, तथा कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, फिर वो चाहे कोई भी हो.. उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं किया जाएगा।” ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं- अजित पवार  अजित पवार यही नहीं रुके, (Ajit Pawar on Muslims) उन्होंने आगे कहा कि “जो कोई भी दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश करेगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने एकता पर जोर देते हुए कहा कि “छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बीआर अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और अन्य जैसे कई महान नेताओं ने सभी धर्मों और जातियों को साथ लेकर सामाजिक प्रगति का मार्ग दिखाया है। हमें इस विरासत को आगे बढ़ाना है। भारत एकता और विविधता का प्रतीक है। हमने अभी होली मनाई है और अब गुड़ी पड़वा और ईद आने वाली है। ये त्यौहार हमें साथ रहना सिखाते हैं। हमारी असली ताकत एकता में है।” बता दें कि रमजान इस्लामी धर्म का सबसे पवित्र महीना है। यह हिजरी (इस्लामी चंद्र कैलेंडर) के नौवें महीने में आता है। इस पवित्र अवधि के दौरान, मुसलमान भोर से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं। जो इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है। #WATCH | Mumbai | Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar, at an Iftar party hosted by him, says, "…India is a symbol of unity in diversity… We should not fall into the trap of any divisive forces. We have just celebrated Holi, Gudi Padwa and Eid are coming – all these festivals… pic.twitter.com/5s7hMhdGmb — ANI (@ANI) March 22, 2025 इसे भी पढ़ें: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग एनसीपी अजित पवार गुट की तरफ से  किया गया था इफ्तारी का आयोजन बता दें कि मुसलमानों के पाक माह रमज़ान पर एनसीपी अजित पवार (Ajit Pawar on Muslims) गुट की तरफ से मुंबई के इस्लाम जिम खाना में इफ्तारी का आयोजन किया गया था। इस मौके पर अजित पवार, छगन भुजबल, सना मलिक, प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, नवाब मलिक सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। इसके अलावा भारी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग भी मौजूद थे। इस दौरान अजित पवार ने यह भी कहा कि “रमजान सिर्फ एक धर्म तक सीमित नहीं है। यह हमें एकता और भाईचारे का संदेश देता है। और जरूरतमंदों की पीड़ा को समझने की प्रेरणा देता है।” बता दें कि औरंगजेब की कब्र को हटाने के लिए एक दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के पवित्र ग्रंथ को जलाये जाने की अफवाह के बाद मध्य नागपुर में सोमवार को तनाव उत्पन्न हो गया और पुलिस पर पथराव किया गया। इस दौरान चार लोग घायल हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Ajit Pawar on Muslims #AjitPawar #MuslimsInIndia #MaharashtraPolitics #AjitPawarStatement #IndianPolitics #MuslimRights #NCP #PoliticalNews #SecularIndia #MaharashtraNews

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Yogi Police Action Ajay Dwivedi Killed in UP Encounter

Yogi police action: हत्या और दुष्कर्म के आरोपी अजय द्विवेदी को योगी की पुलिस ने एनकाउंटर में किया ढेर

अपने इनकाउंटर के लिए मशहूर योगी की पुलिस ने लखनऊ में महिला से दुष्कर्म और हत्या करने वाले ऑटो चालक अजय कुमार द्विवेदी को शुक्रवार रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार (Yogi police action) गिराया। जानकारी के मुताबिक पुलिस ने अजय के भाई दिनेश को गिरफ्तार किया था। दिनेश ने ही पुलिस को सूचना दी थी कि उसका भाई अजय मलिहाबाद इलाके में छिपा है। इस जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने मलिहाबाद के देवा रेस्टोरेंट के पास घेराबंदी की। इस बीच तकरीबन करीब साढ़े नौ बजे अजय बाइक से आता दिखाई दिया। उसे आता देख जवानों ने उसे घेर लिया और पकड़ने की कोशिश की। अचानक पुलिस को अपनी तरफ आता देख उसने अपनी बाइक खेतों की तरफ मोड़ दी। इस बीच पुलिस से बचकर निकलने के चक्कर में वह बाइक पर नियंत्रण नहीं कर सका और उसकी बाइक खेत में गिर गई। पकड़े जाने के डर से बचने के लिए उसने भागते हुए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की इस फायरिंग में अजय मारा गया। घायल अवस्था में उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आज अजय पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।  जवाबी फायरिंग में वह घायल हो (Yogi police action) गया इस पूरे मामले पर डीसीपी पश्चिम विश्वजीत ने बताया कि “मलिहाबाद थाना पुलिस और सेंट्रल क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही थी। रात करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिली कि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर हरदोई भागने के चक्कर में है। इस पर मलिहाबाद कस्बे के पास नाकेबंदी की गई। एक संदिग्ध युवक बाइक पर आता दिखाई दिया। उसे रुकने का इशारा किया गया तो वह बाइक खेतों में ले गया। बाइक फिसलने पर वह पैदल भागा। पीछा कर रही पुलिस टीम पर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो  (Yogi police action) गया। पहले उसे नजदीकी सीएचसी और बाद में ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। शुक्रवार सुबह पुलिस ने आरोपी अजय के भाई दिनेश को पुलिस ने मलिहाबाद कस्बे के संन्यासी बाग से गिरफ्तार किया था। बता दें कि पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी अजय दुबग्गा का हिस्ट्रीशीटर है। अजय और उसके भाई दिनेश का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है। कुछ नहीं तो अजय पर कुल 23 मुकदमे दर्ज हैं। अजय पर 23 मुकदमे तो उसके भाई दिनेश पर 9 मुकदमे दर्ज हैं।  Ajay Dwivedi, the main accused in the robbery- cum- attempted rape & murder of Lucknow woman returning home after job training, has been killed in encounter. pic.twitter.com/klo7ze18SR — Piyush Rai (@Benarasiyaa) March 21, 2025 इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान विरोध करने पर उसने गला दबाकर हत्या जवाबी फायरिंग में वह घायल हो  (Yogi police action) गया कर दी थी प्राप्त जानकारी के मुताबिक 18 जनवरी को एक युवती वाराणसी से पेपर देकर लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे वह लखनऊ के आलमबाग बस स्टैंड पर उतरी। रात काफी हो चुकी थी। रात के इस आलम में वो अकेली बस का इंतजार कर रही थी। तभी अजय ने उसे लिफ्ट दी। और लिफ्ट देने के कहानी उसे एक सूनसान बाग़ में ले गेहा। युवती को अकेला देख अजय की नीयत बदल गई। और उसने उसके अकेलेपन का नाजायज फायदा उठाने की कोशिश की। और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिशें करने लगा। इस बीच युवती ने उसकी इस हरकत का किया। हैरत की बात यह कि विरोध करने पर उसने गला दबाकर हत्या जवाबी फायरिंग में वह घायल हो  (Yogi police action) गया कर दी थी। बता दें कि अजय द्विवेदी दुबग्गा स्थित बसंत कुंज योजना कॉलोनी का रहने वाला था। उसके पास से मृतक महिला का मोबाइल, एक पिस्टल, सिगरेट, लाइटर और कुछ पैसे बरामद हुए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news  Yogi police action #YogiPoliceAction #UPEncounter #AjayDwivedi #UPPolice #CrimeFreeUP #EncounterNews #YogiAdityanath #UPCrime #JusticeServed #LawAndOrder

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Trump Executive Order Causes 5.32 Lakh Homeless Crisis

Trump executive order: ट्रंप के इस फरमान से 5.32 लाख लोग हुए बेघर 

जब से अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली है तब से वह देश में रह रहे अवैध प्रवासियों को निकालने में लगे हुए हैं। एक के बाद एक वो चौंकाने वाले फैसले कर रहे हैं। अपने इन्हीं फैसलों में वह अमेरिका के भीतर अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ पहले ही अभियान चला चुके हैं। राष्ट्रपति ने अवैध आप्रवासियों के खिलाफ अभियान तेज (Trump executive order) किया है। इस सिलसिले में उन्होंने भारत सहित दुनिया के कई देशों के हजारों लोगों को पकड़कर उनके देश भेजने का काम किया है। इस सभी कार्रवाई को उनकी सरकार अमेरिका को फिर से महान बनाने की रणनीति के लिए जरूरी बता रही है। इस पूरे मामले पर उनका कहना है कि “बाहरी लोगों ने अमेरिकियों का हक मार लिया है और इस कारण अमेरिका में अमेरिकियों के लिए रोजगार के अवसर कम हो गए हैं। “ ट्रंप के इस फैसले से तकरीबन 5,32,000 लोग (Trump executive order) प्रभावित होंगे हालिया लिए फैसले में अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने कहा है कि “वह क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला के लाखों लोगों से कानूनी सुरक्षा छीन लेगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इससे तकरीबन 5,32,000 लोग प्रभावित (Trump executive order) होंगे। उन्हें महीने भर के भीतर देश छोड़ना पड़ सकता है। दरअसल, यह फैसला उन लोगों पर लागू होगा, जो अक्टूबर साल 2022 के बाद अमेरिका आए थे। जानकारी के लिए बता दें कि ये लोग वित्तीय सहायकों के साथ आए थे और उन्हें अमेरिका में दो साल तक रहने और काम करने की अनुमति मिली थी। इस मामले पर होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने कहा कि “इन लोगों का कानूनी दर्जा 24 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। इसके बाद फेडरल रजिस्टर में यह नोटिस छपने के 30 दिन बाद इनको देश छोड़ना पड़ेगा। कहने की जरूरत नहीं यह नई नीति खास तौरपर उन लोगों पर असर डालेगी जो पहले से अमेरिका में रह रहे हैं और ह्यूमैनिटेरियन पैरोल प्रोग्राम के तहत आए थे। बता दें कि यह प्रोग्राम पहले ट्रंप प्रशासन ने खत्म किया था, क्योंकि उनका मानना था कि “इसका गलत इस्तेमाल हो रहा था।” ध्यान देने वाली बात यह कि यह कानूनी तरीका लंबे समय से उन लोगों को अस्थायी रूप से अमेरिका में रहने की इजाजत देता था, जिनके देशों में युद्ध या राजनीतिक अस्थिरता थी।  इसे भी पढ़ें:- नासा की ‘Crew-9’ मिशन: पृथ्वी पर सुरक्षित लौटेंगे सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे लाखों लोगों को देश से (Trump executive order) निकालेंगे बता दें कि अपने चुनाव अभियान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वादा किया था कि वह अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे लाखों लोगों को देश से (Trump executive order) निकालेंगे। राष्ट्रपति बनने के बाद अब आप्रवासियों के लिए उन्होंने कानूनी रास्ते भी बंद करने शुरू कर दिए हैं। इस नए आदेश से पहले, इस प्रोग्राम के लाभार्थी अपने पैरोल की अवधि तक अमेरिका में रह सकते थे, लेकिन प्रशासन ने उनके शरण, वीजा या अन्य अनुरोधों को प्रोसेस करना बंद कर दिया। हलाँकि इस फैसले को पहले ही संघीय अदालतों में चुनौती दी जा चुकी है। कुछ अमेरिकी नागरिकों और आप्रवासियों के समूह ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। दरअसल, वे ह्यूमैनिटेरियन पैरोल को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं। विदित हो कि बाइडन प्रशासन ने इन चार देशों से हर महीने 30,000 लोगों को दो साल के लिए अमेरिका आने की अनुमति दी थी, साथ में काम करने का अधिकार भी दिया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump executive order #TrumpExecutiveOrder #USHomelessCrisis #TrumpPolicyImpact #HomelessnessSurge #PoliticalDebate #USHousingCrisis #TrumpNews #PolicyEffects #BreakingNews #USPolitics

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Jio Hotstar

आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar

यह बात किसी से छुपी नहीं हुई है कि क्रिकेट फैंस इंडियन प्रीमियम लीग (आईपीएल) का बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। दर्शकों में आईपीएल का क्रेज देखते बनता है। ऐसे में 22 मार्च से आईपीएल के नए सीजन की शुरुआत होने जा रही है। इस बीच करोड़ों प्रशंसकों के लिए ख़ुशी की बात यह कि इस नए सीजन इंडियन प्रीमियम लीग 2025 का प्रसारण जियो के ओटीटी प्लेटफॉर्म जियो-हॉटस्टार (Jio Hotstar) पर किया जाएगा। इस सीजन से पहले ही जियो ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक नया प्लान लॉन्च किया है। इस नए प्लान के मुताबिक इसमें 90 दिनों तक का फ्री में जियो हॉटस्टार का सब्सक्रिप्शन दिया जायेगा। इसके अलावा यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा का भी लाभ दिया जाएगा।  90 दिनों के लिए जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर किया जा रहा है बता दें कि जियो के इस प्लान की कीमत 299 रुपये है। बात करें इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की तो, यूजर्स को इसमें 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है। अहम बात यह कि इस प्लान में पूरे भारत में किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ-साथ फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही, यूजर्स को इस प्लान में डेली 1.5GB हाई स्पीड डेटा का लाभ मिलेगा। इस तरह से यूजर्स को कुल 42GB डेटा यूज करने मिलेगा। साथ-साथ रिलायंस जियो अपने इस सस्ते रिचार्ज प्लान के साथ यूजर्स को डेली 100 फ्री SMS का भी लाभ दे रहा है। इस प्लान की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि यूजर्स को जियो के इस प्लान में 90 दिनों के लिए जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर किया जा रहा है। गौर करने वाली बात यह कि इस प्लान में यूजर्स जियो 90 दिनों तक हॉटस्टार पर आईपीएल समेत सभी प्रीमियम कॉन्टैंट का लाभ ले सकते हैं। यही नहीं, इसके साथ ही, उन्हें जियो टीवी और जियो क्लाउड ऐप का कम्प्लिमेंटरी एक्सेस मिलेगा। इसे भी पढ़ें: गूगल ने जीमेल के लिए जारी किया नया फीचर, अब यह काम होगा आसान  इन दोनों प्लान में भी मिल रहा जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर इस प्लान के अलावा जियो के 349 रुपये और 899 रुपये वाले रिचार्ज प्लान के साथ भी 90 दिनों तक जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) का फ्री सब्सक्रिप्शन ऑफर किया जा रहा है। कंपनी की वेबसाइट की माने तो, 349 रुपए वाले प्लान में यूजर्स को 28 दिन की वैलिडिटी मिलेगी। इसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डेली 2GB डेटा और 100 फ्री एसएमएस का भी लाभ मिलेगा। बात करें जियो के 899 रुपये वाले प्लान की तो, जियो के इस प्लान में 90 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसमें भी यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डेली 2GB हाई स्पीड डेटा का लाभ मिलता है। ख़ास बात यह कि कंपनी अपने इस प्लान में यूजर्स को 20GB एक्स्ट्रा डेटा ऑफर कर करती है। वहीं, यूजर्स को इन दोनों प्लान में अनलिमिटेड 5G डेटा भी ऑफर किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi Jio Hotstar #IPL2025 #JioHotstar #IPLStreaming #JioFreeOffer #WatchIPL #TATAIPL #CricketLive #JioPlans #HotstarFree #IPLLive

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Gmail Introduces AI Features Summaries, Q&A, Smart Replies​

Gmail new feature: गूगल ने जीमेल के लिए जारी किया नया फीचर, अब यह काम होगा आसान 

जीमेल का इस्तेमाल करते समय अक्सर जरूरी मेल्स को ढूंढना बड़ा उबाऊ होता है। ऐसे में यदि आप भी इस उबाऊपने से परेशान हैं, तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। अब आप बड़ी आसानी से इस काम को कर सकेंगे। दरअसल, गूगल ने जीमेल (Gmail) के लिए एक नया अपग्रेड (Gmail new feature) जारी किया है जो यूजर्स को जरूरी ईमेल्स को आसानी से ढूंढने में मदद करेगा। मोस्ट रेलेवेंट नाम का ये फीचर एआई  का इस्तेमाल कर पुराने क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर को हटाकर जरूरी ईमेल्स को टॉप पर लाता है। खास बात यह कि मोस्ट रेलेवेंट नाम का ये नया सर्च रिजल्ट सॉर्टिंग फीचर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करता है। खासियत इसकी यह कि ये जरूरी ईमेल्स को ऊपर लाता है और पुराने क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर को छोड़ देता है। बड़ी बात यह कि ये फीचर मौजूदा फिल्टर्स के साथ उपलब्ध होगा, जो सर्च रिजल्ट्स को फाइन-ट्यून करने की सुविधा देता है। बता दें कि हाल ही में जीमेल को जेमिनी फीचर मिला था, जो ईमेल्स की जानकारी के आधार पर ऑटोमैटिकली कैलेंडर इवेंट्स बनाता है। नए अपग्रेड से (Gmail new feature) यूजर्स को जरूरी ईमेल्स ढूंढने में होगी आसानी  जैसा कि अब तक ईमेल सर्च करने के लिए यूजर्स को कीवर्ड्स टाइप करने पड़ते थे। कीवर्ड्स टाइप करने के बाद मेल क्लाइंट क्रोनोलॉजिकल ऑर्डर या टॉप रिजल्ट के साथ बाकी नतीजे दिखाता था। लेकिन अब, कीवर्ड्स से सर्च करने के बाद यूजर्स को सर्च रिजल्ट्स पेज पर एक नया ड्रॉपडाउन मेन्यू दिखेगा। इसे मोस्ट रीसेंट या मोस्ट रेलेवेंट पर सेट किया जा सकता है। मोस्ट रीसेंट क्रोनोलॉजिकल रिजल्ट्स दिखाएगा, लेकिन अगर यूजर्स दूसरा ऑप्शन चुनते हैं, तो AI अलग तरीके से रिजल्ट्स (Gmail new feature) दिखाएगा। कंपनी के मुताबिक, ये नया मोड रिसेंसी, मोस्ट-क्लिक्ड ईमेल्स और फ्रीक्वेंट कॉन्टैक्ट्स जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रखता है। इसके मुताबिक़ जिन भी ईमेल्स और सेंडर्स के साथ यूजर ने सबसे अधिक इंटरैक्शन किया, वे ऊपर दिखेंगे। ये फीचर (Gmail new feature) यूजर की जरूरत के ईमेल्स को सर्च रिजल्ट्स के टॉप पर दिखाएगा  गूगल का दावा है कि ये मोड यूजर की जरूरत के ईमेल्स को सर्च रिजल्ट्स के टॉप पर दिखाने की संभावना बढ़ाता है, जिससे सैकड़ों आइटम्स में स्क्रॉल करने का समय और परेशानी बचती है। इसके अलावा खास बात ये है कि ये फीचर एआई  से पावर्ड है, लेकिन जीमेल में जेमिनी बेस्ड फीचर्स की तरह जेनरेटिव एआई का इस्तेमाल नहीं करता। ये एक मशीन लर्निंग-बेस्ड रैंकिंग सिस्टम है, जो एआई-ड्रिवन सर्च अल्गोरिदम, एनएलपी मॉडल्स और बिहेवियर एनालिसिस तकनीकों के मिक्स से रिलेवेंट ईमेल्स को सामने लाता है। इसे भी पढ़ें: गेमिंग की दुनिया में क्रांति: 30,000 रुपये से कम में बेहतरीन स्मार्टफोन यह टूल (Gmail new feature) भरे हुए इनबॉक्स में किसी खास ईमेल को को ढूंढने में मदद करेगा (Gmail new feature) जानकारी के मुताबिक एक ब्लॉग पोस्ट में माउंटेन व्यू-बेस्ड टेक दिग्गज ने इस नए फीचर की घोषणा की। ये फीचर वेब पर सभी पर्सनल जीमेल अकाउंट यूजर्स के लिए और एंड्राइड और आईओएस ऐप्स पर उपलब्ध होगा। कंपनी भविष्य में इसे बिजनेस अकाउंट्स के लिए भी रिलीज करने की योजना बना रही है। इसे लेकर गूगल का कहना है कि “यह टूल भरे हुए इनबॉक्स में किसी खास ईमेल को को ढूंढने में मदद करेगा।” Latest News in Hindi Today Hindi Gmail new feature #GmailAI #EmailSummaries​ #SmartReply​ #GeminiAI​ #EmailManagement​ #AIinGmail​ #ProductivityTools​ #EmailAutomation​ #GoogleWorkspace​ #AIFeatures

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Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict

Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict: इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले पर भड़की स्वाति मालीवाल, सुप्रीम कोर्ट से की दखल देने की मांग

किसी महिला को गलत तरीके से पकड़ना और पजामा का नाड़ा तोड़ना, बलात्कार के अपराध के बराबर नहीं है। ये शर्मनाक बात किसी नेता-अभिनेता या समाजसेवक ने नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज ने अपने फैसले में कही है। गौरतलब हो कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा था कि “लड़की को गलत तरीके से पकड़ना और उसके पजामे का नाड़ा खोलना बलात्कार नहीं है।” हाई कोर्ट जज के इस फैसले के बाद से देश की महिलाओं में रोष व्याप्त है। इस पर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) देते हुए कहा कि “ऐसे फैसलों से समाज में गलत संदेश जाएगा।” उन्होंने इस फैसले को शर्मनाक और बिल्कुल गलत बताया है। यही नहीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल, यह मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज में 11 साल की लड़की से जुड़ा है। साल 2021 में दो लोग पवन और आकाश ने 11 वर्षीय लड़की पर हमला किया था। आरोपियों ने उसको गलत तरीके से पकड़ा, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ दिया और उसे एक पुलिया के नीचे खींचने का प्रयास किया था। इस बीच जब उसकी चीखें सुनकर लोग वहां पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले। इस तरह वो दुष्कर्म का शिकार होते-होते बच गयी थी।  यह बेहद शर्मनाक और बिल्कुल गलत है (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict)  बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने नाबालिग के स्तन का स्पर्श और वस्त्र का नाड़ा तोड़ने को दुष्कर्म का प्रयास न मानते हुए गंभीर यौन उत्पीड़न माना था। दरअसल, न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने कासगंज के स्पेशल जज (पोक्सो कोर्ट) का समन आदेश संशोधित कर नए सिरे से समन करने का आदेश दिया है। आपने आदेश में हाई कोर्ट ने निर्देशित किया कि आरोपितों के खिलाफ धारा 354-बी आइपीसी (निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के मामूली आरोप के साथ पोक्सो अधिनियम की धारा 9/10 (गंभीर यौन हमला) के तहत मुकदमा चलाया जाए। इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद संसद के बाहर संवाददाताओं से हुई बातचीत में स्वाति मालीवाल ने कोर्ट के फैसले पर आपत्ति (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) जताते हुए कहा कि “यह बेहद शर्मनाक और बिल्कुल गलत है। वे समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं कि एक छोटी लड़की के साथ इस तरह की हरकत की जा सकती है और फिर भी इसे बलात्कार नहीं माना जाएगा?” इसे भी पढ़ें:- नक्सल के खिलाफ सुरक्षा बलों की नई रणनीति कामयाब, 80 दिन में किए 113 नक्सली ढेर सुप्रीम कोर्ट इस तरह के न्यायिक फैसलों के खिलाफ (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) करे सख्त कार्रवाई  यही नहीं, स्वाति मालीवाल ने सुप्रीम कोर्ट से तुरंत हस्तक्षेप करने और ऐसी न्यायिक फैसलों के खिलाफ (Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict) सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में बिना देरी किए हस्तक्षेप करना चाहिए और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।” गौर करने वाली बात यह कि स्वाति मालीवाल ही नहीं, बल्कि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी सुप्रीम कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने की गुजारिश की है। लोकसभा के बाहर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि “वह फैसले से पूरी तरह असहमत हैं। और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने का आह्वान किया।” इस बीच उन्होंने कहा कि “मैं इस फैसले के पूरी तरह खिलाफ हूं और सुप्रीम कोर्ट को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। सभ्य समाज में इस तरह के फैसले के लिए कोई जगह नहीं है। कहीं न कहीं इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और हम इस मामले पर आगे चर्चा करेंगे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Swati Maliwal Slams Allahabad HC Verdict #SwatiMaliwal #AllahabadHC #SupremeCourt #LegalVerdict #JusticeForWomen #IndianJudiciary #CourtRuling #LegalRights #BreakingNews #SupremeCourtIntervention

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gas inhalation death

Gas inhalation death: मुंबई में युवक ने पहले पुलिस के लिए लिखी चेतावनी, फिर जहरीली गैस सूंघकर दी जान

लोग अपने जीवन से तंग आकर आत्महत्या कर लेते हैं। आत्महत्या करने के कई तरीके हैं। कोई फंदे से झूलकर अपनी जीवनलीला समाप्त करता है तो कोई जहर खाकर। लेकिन मुंबई के वसई इलाके में मौत का एक दिल को दहला देने वाला अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया है। यहां एक 27 साल के नौजवान ने कार्बन मोनोऑक्साइड गैस सूंघकर आत्महत्या (gas inhalation death) कर ली। आत्महत्या करने का जो रास्ता उसने चुना, उसे सुनकर सब हैरान हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बेंगलुरु की एक महिला ने मुंबई पुलिस को ईमेल किया था। जिसमें उसने अपने गुमशुदा भाई के बारे में जानकारी मांगी थी। महिला की शिकायत पर जब पुलिस ने मामले की तहकीकात की तो उन्हें इस चौकाने वाली घटना के बारे में पता चला। दरअसल, शिकायत के बाद जब नयागांव पुलिस बंगले पर पहुंची तो गेट पर एक चेतावनी लिखी मिली कि “अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड है, लाइटें के लिए स्विच ऑन नहीं करें।”  मृतक ने इनहेलेशन मास्क पहन (gas inhalation death) रखा था जानकारी के मुताबिक मृतक युवक ने शनिवार को आखिरी बार अपने परिवार वालों से बात की थी। फिर इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। पुलिस को मोबाइल की लोकेशन से पता चला कि वह वसई के कमान इलाके में है। लोकेशन के आधार पर जब पुलिस बुधवार को जब इंडस्ट्रियल वेयरहाउस के बीच बने पुराने बंगले पर पहुंची तो, वहां लगा नोटिस देखकर हैरान रह गई। दरअसल, बंगले के दरवाजे पर एक नोट चिपकाया हुआ था, जिस पर लिखा था कि “अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड है, लाइटें चालू मत करना।” कमरे का आलम यह था कि कमरे के अंदर से बदबू भी आ रही थी। पूरे फ्लैट में कार्बन मोनोऑक्साइड की दुर्गंध फैली हुई थी। पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया। इस बीच पुलिस की टीम जब दरवाजा खोलकर अंदर गई, तो वो हैरान रह गई। घर के अंदर गैस रिसाव को रोकने के लिए एक बढ़ई की मदद से खिड़कियों को सील कर दिया था। पुलिस जब कमरे के भीतर गई वहां उन्हें 27 साल के एक शख्स का शव मिला। उसने इनहेलेशन मास्क पहन (gas inhalation death) रखा था, जो कि कार्बन मोनोऑक्साइड सिलेंडर से जुड़ा था।  इसे भी पढ़ें:- Wife Slept with Lover After Beheading Husband: पति सौरभ का कटा सिर बैग में रखकर प्रेमी संग सोई पत्नी मुस्कान बिस्तर के पास दीवार पर (gas inhalation death) भी चिपका हुआ था सुसाइड नोट यही नहीं, उसने बिस्तर के पास दीवार पर एक सुसाइड नोट (gas inhalation death) भी चिपकाया हुआ था। बता दें कि मृतक ने सुसाइट लेटर में लिखा था कि “मैंने अपनी जिंदगी को खत्‍म करने का फैसला लिया है। इसकी वजह यह है कि मैं 2 बड़ी फिजिकल हेल्‍थ प्रॉब्‍लम से गुजर रहा हूं। इन बीमारियों का कोई इलाज नहीं है। पिछले डेढ़ साल से समस्‍या बढ़ती जा रही है। मैंने कई डॉक्‍टरों को दिखाया, लेकिन कोई मेरी मदद नहीं कर सका। इन समस्‍याओं के कारण मेरी नौकरी पर भी दांव पर है। मेरे परिवार और दोस्‍तों ने पिछले डेढ़ साल में मेरी बहुत हिम्‍मत बढ़ाई।” पुलिस का मानना है कि उसने जहरीली गैस सिलेंडर से सांस लेकर आत्महत्या की है। पुलिस ने एक्सिडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले में पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने आत्महत्या क्यों की? उसे कार्बन मोनोऑक्साइड सिलेंडर कहां से मिला? गौरतलब हो कि कार्बन मोनोऑक्साइड एक रंगहीन जहरीली गैस है, इसका इस्तेमाल केमिकल और मेटल इंडस्ट्री में होता है। यह गैस बहुत खतरनाक होती हैष इसे सूंघने से मौत भी हो सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news gas inhalation death #MumbaiNews #GasInhalation #SuicideCase #ToxicGas #PoliceWarning #TragicIncident #BreakingNews #Maharashtra #DeathReport #CrimeNews

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