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Paytm का Q2 मुनाफा करीब 11 गुना बढ़कर ₹226 करोड़, revenue 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़

नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट कंपनी Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का consolidated net profit सालाना आधार पर ₹21 करोड़ से बढ़कर करीब ₹226 करोड़ हो गया, यानी लगभग 976% की बढ़ोतरी। वहीं revenue from operations 28.5% बढ़कर ₹2,648 करोड़ पहुंच गया। मुनाफे में करीब 11 गुना उछाल पिछले साल की समान तिमाही में Paytm का reported profit लगभग ₹21 करोड़ था। इस बार यह बढ़कर करीब ₹225-226 करोड़ हो गया। कंपनी के आधिकारिक आंकड़ों में PAT ₹225 करोड़ बताया गया है, जबकि कुछ market reports इसे rounding के साथ ₹226 करोड़ बता रही हैं। Revenue बढ़कर ₹2,648 करोड़ सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही में Paytm का operating revenue सालाना आधार पर करीब 28% बढ़कर ₹2,648 करोड़ रहा। कंपनी ने इस ग्रोथ के पीछे merchant payments, consumer business और financial services distribution में बढ़ोतरी को प्रमुख वजह बताया है। EBITDA भी रिकॉर्ड स्तर पर Paytm का EBITDA सालाना आधार पर करीब 90% बढ़कर ₹270 करोड़ पहुंच गया। EBITDA margin भी पहली बार double digit में पहुंचकर लगभग 10% रहा। कंपनी के मुताबिक operating leverage और AI-led efficiencies से profitability में सुधार हुआ है। Merchant GMV में 26% की बढ़ोतरी Paytm का merchant Gross Merchandise Value यानी GMV 26% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़ हो गया। कंपनी के subscription-based merchants की संख्या भी बढ़कर 1.64 करोड़ पहुंच गई, जिसमें सालभर में करीब 27 लाख की बढ़ोतरी हुई। UPI transaction value में 42% उछाल Paytm ने लगातार छठी तिमाही में consumer payments market share में बढ़त दर्ज की। कंपनी का UPI transaction value सालाना आधार पर 42% बढ़ा, जबकि industry growth करीब 19% रही। Monthly Transacting Users की संख्या भी बढ़कर 8.5 करोड़ हो गई। Financial services business में मजबूत ग्रोथ कंपनी के financial services distribution revenue में 49% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹912 करोड़ पहुंच गया। Merchant loans, personal loans, Paytm Postpaid और wealth products से इस segment को मजबूती मिली। AI पर बढ़ा Paytm का फोकस Paytm ने कहा है कि AI अब engineering, fraud prevention, risk management, collections और customer personalisation में तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। AI-led efficiencies के चलते indirect expenses का revenue में हिस्सा पिछले साल के 52% से घटकर 46% हो गया। ₹1,000 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी One 97 Communications ने Paytm Cloud Technologies में अगले 12 महीनों में ₹500 करोड़ तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। Paytm Cloud Technologies भी अपनी Singapore subsidiary में ₹500 करोड़ तक निवेश करेगी। इस रकम का इस्तेमाल business expansion और working capital जरूरतों में किया जाएगा। स्रोत – Paytm, Moneycontrol, Business Standard, Economic Times जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत-न्यूजीलैंड तीसरा T20I आज वेलिंगटन में, इशान किशन बाहर; वैभव सूर्यवंशी प्लेइंग XI में बरकरार

वेलिंगटन: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की T20I सीरीज का तीसरा मुकाबला आज, 27 अक्टूबर 2026, वेलिंगटन में खेला जा रहा है। भारत पहले दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 से आगे है। इशान किशन चोट के कारण तीसरे मुकाबले से बाहर हैं, जबकि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में बरकरार रखा गया है। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी तीसरे T20I में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत ने दूसरे मुकाबले वाली अपनी प्लेइंग XI में कोई बदलाव नहीं किया, जबकि न्यूजीलैंड ने टीम में तीन बदलाव किए। इशान किशन क्यों हुए बाहर? BCCI के मुताबिक इशान किशन को पहले T20I के दौरान low-grade right adductor strain हुआ था। वह रिकवर कर रहे हैं, लेकिन अभी तक match fitness हासिल नहीं कर पाए हैं। इसी वजह से उन्हें तीसरे T20I से बाहर रखा गया है और BCCI की मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। कुमार कुशाग्र टीम के साथ बने रहेंगे इशान किशन की गैरमौजूदगी में विकेटकीपर-बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को कवर के तौर पर टीम के साथ बनाए रखा गया है। उन्हें दूसरे T20I से पहले India A squad से मुख्य टीम में बुलाया गया था। वैभव सूर्यवंशी को मिला एक और मौका 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने दूसरे T20I में नंबर 3 पर बल्लेबाजी की थी और अब तीसरे मुकाबले में भी उसी भूमिका में खेल रहे हैं। दूसरे मैच में वह 8 गेंदों में 4 रन ही बना पाए थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बरकरार रखा है। सीरीज में 2-0 से आगे है भारत भारत ने पहले दोनों T20I मुकाबले चार-चार विकेट से जीते थे। पहला मुकाबला 22 अक्टूबर और दूसरा 24 अक्टूबर को Christchurch में खेला गया था। अब तीसरा मुकाबला जीतकर भारत पांच मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल कर सकता है। न्यूजीलैंड ने किए तीन बदलाव मेजबान न्यूजीलैंड ने तीसरे मुकाबले के लिए अपनी टीम में तीन बदलाव किए हैं। तेज गेंदबाज Matt Henry को सीरीज के बाकी मुकाबलों से आराम दिया गया है, जबकि Lockie Ferguson भी इस मुकाबले में उपलब्ध नहीं हैं। आज भारत के लिए क्या दांव पर? भारत के पास आज का मुकाबला जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाने का मौका है। वहीं न्यूजीलैंड के लिए यह मुकाबला सीरीज में बने रहने के लिहाज से बेहद अहम है। वेलिंगटन की परिस्थितियां और तेज हवा दोनों टीमों के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकती हैं। स्रोत – ICC, BCCI, ESPNcricinfo, Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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गुवाहाटी के होटल में गोलीबारी, लीज विवाद में 5 लोगों की मौत; आरोपी गिरफ्तार

गुवाहाटी: असम की राजधानी गुवाहाटी में सोमवार रात एक होटल के पास हुई गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक घटना Hotel Bilas Inn के पास हुई और शुरुआती जांच में इसके पीछे होटल के लीज और प्रॉपर्टी विवाद को वजह माना जा रहा है। आरोपी को घटना के करीब एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया। कहां हुई गोलीबारी? घटना गुवाहाटी के Bora Service इलाके, GS Road पर स्थित Hotel Bilas Inn के पास रात करीब 9 बजे हुई। गोलीबारी में कुल छह लोगों को गोली लगी, जिनमें से पांच की मौत हो गई और एक घायल व्यक्ति का इलाज जारी है। चार मृतक एक ही परिवार के गुवाहाटी पुलिस के मुताबिक मारे गए पांच लोगों में से चार एक ही परिवार के सदस्य थे और होटल मालिक के परिवार से जुड़े थे। पांचवां मृतक भी उनके परिचित गांव से संबंधित बताया गया है। आरोपी कौन है? पुलिस ने आरोपी की पहचान घनाकांत गोगोई के रूप में की है। वह होटल की संपत्ति को लीज पर लेकर चला रहा था। पुलिस का कहना है कि मालिक पक्ष और गोगोई के बीच लीज एग्रीमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। एक घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है। .32 बोर की पिस्तौल हुई बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से एक licensed .32-bore pistol बरामद की है, जिसे वारदात में इस्तेमाल किया गया माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी बैलिस्टिक और forensic जांच के बाद ही इसकी अंतिम पुष्टि करेगी। लीज विवाद बना गोलीबारी की वजह? पुलिस कमिश्नर पार्थ सारथी महंता ने कहा कि शुरुआती जांच में घटना का संबंध होटल की संपत्ति और लीज एग्रीमेंट को लेकर चल रहे विवाद से दिखाई दे रहा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम और हत्या के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है। पुलिस कर रही है विस्तृत जांच पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद कब से चल रहा था, गोलीबारी की तत्काल वजह क्या बनी और वारदात से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या बातचीत हुई थी। घायल व्यक्ति का बयान भी जांच में अहम हो सकता है। स्रोत – Indian Express, Times of India, Hindustan Times, Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव बढ़ा, सीमा के पास North Korean howitzers देखे गए

सियोल: उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दक्षिण कोरिया की सीमा के पास उत्तर कोरिया के तीन self-propelled 122-mm howitzers देखे गए हैं, जिनकी बंदूकें दक्षिण की ओर थीं। Reuters के मुताबिक यह तैनाती Demilitarised Zone (DMZ) के पास स्पष्ट रूप से दिखाई दी और इसे उत्तर कोरिया की ओर से एक खुली सैन्य चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। सीमा के पास दिखाई दिए तीन howitzers दक्षिण कोरिया के Gimpo स्थित एक observatory से सीमा की ओर देखने पर तीन North Korean armoured vehicles दिखाई दिए। दक्षिण कोरियाई मीडिया ने इन्हें M-1981 122-mm self-propelled howitzers के रूप में पहचाना है। इनकी अनुमानित मारक क्षमता करीब 24 किलोमीटर बताई जा रही है। बंदूकों का रुख दक्षिण कोरिया की ओर Reuters के प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार तीनों artillery vehicles की gun barrels दक्षिण दिशा की ओर थीं। इसी दौरान करीब 20 से 30 North Korean soldiers DMZ के अंदर fencing का काम करते हुए भी दिखाई दिए। इतनी खुली तैनाती क्यों है महत्वपूर्ण? विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर कोरिया आमतौर पर अपनी artillery को इस तरह खुले तौर पर प्रदर्शित नहीं करता। इसलिए सीमा के इतने पास इन हथियारों को साफ दिखाई देने वाली जगह पर रखना एक show of force या राजनीतिक-सैन्य संदेश माना जा रहा है। हालांकि दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि ये हथियार कोई नई प्रणाली नहीं हैं। सितंबर की landmine घटना के बाद बढ़ा तनाव दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव की बड़ी वजह 21 सितंबर की landmine explosion भी है, जिसमें तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हुए थे। दक्षिण कोरिया का कहना है कि बारूदी सुरंग उत्तर कोरिया ने लगाई थी, जबकि Pyongyang इस आरोप को खारिज करता है। मामला UN Security Council तक पहुंचा उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि दक्षिण कोरिया landmine घटना को गलत तरीके से पेश कर रहा है और उसके सीमा निर्माण कार्यों को सैन्य घुसपैठ के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर दक्षिण कोरिया का कहना है कि North Korean troops ने Armistice Agreement का उल्लंघन किया। दक्षिण कोरिया ने बातचीत का प्रस्ताव दिया तनाव कम करने के लिए दक्षिण कोरिया ने हाल ही में उत्तर कोरिया को military talks का प्रस्ताव दिया था। इसका उद्देश्य सीमा रेखा से जुड़े विवादों को स्पष्ट करना, military communication channels बहाल करना और किसी accidental clash को रोकना है। फिलहाल उत्तर कोरिया ने बातचीत के लिए सकारात्मक संकेत नहीं दिए हैं। प्रचार लाउडस्पीकर फिर शुरू करने की धमकी उत्तर कोरिया ने सीमा पर anti-South propaganda loudspeakers को दोबारा सक्रिय करने की भी धमकी दी है। इसके साथ ही उसने unspecified countermeasures को alert पर रखने की बात कही है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और बढ़ गया है। क्या युद्ध का खतरा बढ़ गया है? फिलहाल उपलब्ध जानकारी से किसी तुरंत बड़े सैन्य संघर्ष की पुष्टि नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार howitzers की तैनाती मुख्य रूप से शक्ति प्रदर्शन हो सकती है, लेकिन 1953 से technically युद्ध की स्थिति पूरी तरह खत्म न होने और सीमा पर लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण किसी गलत अनुमान या accidental clash का जोखिम बना हुआ है। स्रोत – Reuters, Associated Press, Yonhap, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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गुजरात सरकार ने कच्छ, जामनगर, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका को सूखाग्रस्त घोषित किया

गांधीनगर: गुजरात सरकार ने कम मानसूनी बारिश के कारण कच्छ, जामनगर, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह फैसला केंद्र सरकार की Drought Manual Guidelines 2016 के आधार पर लिया गया है। राहत उपाय 1 नवंबर 2026 से लागू होंगे और सूखा घोषणा छह महीने तक प्रभावी रहेगी। चार जिलों में कितनी कम हुई बारिश? राज्य में इस मानसून औसतन करीब 89% बारिश हुई, लेकिन इन चार जिलों में स्थिति काफी खराब रही। देवभूमि द्वारका में सामान्य बारिश का सिर्फ 16.5%, पोरबंदर में 30.9%, जामनगर में 43.3% और कच्छ में 57.6% बारिश दर्ज की गई। किसानों को ₹8,500 प्रति हेक्टेयर सहायता सरकार ने फसल खराब होने वाले किसानों को SDRF के तहत ₹8,500 प्रति हेक्टेयर सहायता देने की घोषणा की है। यह मदद अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक दी जाएगी। पशुपालकों को भी मिलेगी मदद सूखा प्रभावित इलाकों में पशुपालकों के लिए रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार पहले ही ₹2 प्रति किलो की दर से 1.21 करोड़ किलो चारा वितरित कर चुकी है और करीब तीन करोड़ किलो अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध होने की बात कही है। पशु शिविरों को प्रति पशु ₹80 प्रतिदिन सहायता भी दी जाएगी। 150 दिन का रोजगार देने का ऐलान सूखा प्रभावित जिलों में ग्रामीण परिवारों को VB-G RAM-G योजना के तहत 150 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू की जाएगी। किन इलाकों में स्थिति सबसे गंभीर? देवभूमि द्वारका के कल्याणपुर तालुका में सिर्फ करीब 8% मौसमी बारिश दर्ज की गई। खंभालिया में 15%, पोरबंदर में 19% और द्वारका तालुका में करीब 20% बारिश हुई। कच्छ के अबडासा, लखपत और नखत्राणा में भी बारिश सामान्य के आधे से कम रही। सिंचाई और पेयजल की भी तैयारी राज्य के 206 बड़े बांधों में फिलहाल करीब 66% जल भंडारण है। रबी सीजन के लिए 76 बांधों से सिंचाई पानी देने की योजना बनाई गई है, जबकि पेयजल के लिए पानी को 30 जून 2027 तक सुरक्षित रखने की तैयारी है। किसान संगठनों ने राहत राशि पर उठाए सवाल गुजरात किसान कांग्रेस ने ₹8,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता को अपर्याप्त बताया है और सरकार से राहत राशि बढ़ाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कई तालुकों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। स्रोत – Indian Express, Times of India, Gujarat Government जय राष्ट्र न्यूज़

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SIR पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा—तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, CEC पर एकतरफा फैसले का आरोप गलत

नई दिल्ली: मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि SIR से जुड़े तीनों प्रमुख आदेश सर्वसम्मति से लिए गए थे। आयोग ने यह आरोप खारिज किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इन मामलों में अकेले या एकतरफा फैसले लिए। आयोग ने अदालत में संयुक्त हलफनामा दाखिल कर अपनी निर्णय प्रक्रिया का बचाव किया। किन तीन SIR आदेशों की बात कर रहा है चुनाव आयोग? चुनाव आयोग ने कहा कि 24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 को जारी SIR संबंधी आदेश तीन सदस्यीय आयोग की सामूहिक सहमति से लिए गए थे। आयोग के अनुसार इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी शामिल थी। CEC पर क्या था आरोप? सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया था कि CEC ज्ञानेश कुमार ने कुछ चुनावी और मतदाता सूची से जुड़े फैसले बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए। याचिकाकर्ताओं ने इसे आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया के खिलाफ बताया था और अदालत से रिकॉर्ड की जांच की मांग की थी। चुनाव आयोग ने आरोपों को बताया भ्रामक आयोग ने अपने 15-बिंदु वाले जवाब में कहा कि फाइल पर किसी सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल, सुझाव या टिप्पणियां अंतिम निर्णय नहीं मानी जा सकतीं। आयोग के मुताबिक अंतिम आदेश वही होता है जिसे आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिलती है। दो चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव को लिखी थीं चिट्ठियां हलफनामे में चुनाव आयोग ने यह भी स्वीकार किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने जुलाई 2026 में एक internal work allocation order को लेकर कैबिनेट सचिव को अलग-अलग पत्र लिखे थे। हालांकि आयोग ने कहा कि संबंधित आदेश बाद में लागू ही नहीं किया गया और दोनों चुनाव आयुक्तों के संयुक्त निर्देश के बाद उसे रोक दिया गया। Form 6 में बदलाव के आरोप पर भी जवाब चुनाव आयोग ने यह दावा भी खारिज किया कि SIR आदेशों के जरिए Form 6 को अवैध तरीके से बदला गया। आयोग का कहना है कि Form 6 में संशोधन नहीं किया गया था, बल्कि SIR प्रक्रिया के तहत एक अतिरिक्त declaration की आवश्यकता जोड़ी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे के लिए टाल दी और याचिकाकर्ता को चुनाव आयोग के counter-affidavit पर जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया। इसके बाद अदालत इस विवाद पर आगे सुनवाई करेगी। मामला क्यों महत्वपूर्ण है? यह विवाद केवल SIR तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव आयोग के भीतर फैसले किस तरह लिए जाते हैं, इस पर भी सवाल उठाता है। सुप्रीम कोर्ट पहले यह स्पष्ट कर चुका है कि बहु-सदस्यीय आयोग में निर्णय पहले सर्वसम्मति से और सहमति न बनने पर बहुमत से लिए जाने चाहिए। स्रोत – Supreme Court proceedings, Election Commission affidavit, Indian Express, Times of India, Hindustan Times जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदला, आंध्र प्रदेश में evacuation तेज; 53 ट्रेनें रद्द

विशाखापत्तनम: बंगाल की खाड़ी में बना Cyclone Arnab अब Very Severe Cyclonic Storm में बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार तूफान आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और इसके 28 अक्टूबर 2026 की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के करीब तट पार करने की संभावना है। लैंडफॉल के समय हवा की रफ्तार 115–125 किमी प्रति घंटा रह सकती है और झोंके 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर evacuation तूफान के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तटीय और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। राज्य में 89,000 से ज्यादा लोगों को evacuate किए जाने की जानकारी सामने आई है और राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं। 53 ट्रेनें की गईं रद्द South Coast Railway ने Cyclone Arnab को देखते हुए 27 और 28 अक्टूबर को 53 ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं। प्रभावित रूटों में विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, मछलीपट्टनम, गुडिवाड़ा, भीमावरम और राजमुंदरी समेत कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले ट्रेन का status चेक करने की सलाह दी गई है। कई जिलों में स्कूल बंद विशाखापत्तनम, काकीनाडा और डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनसीमा समेत कई तटीय जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। अनकापल्ली में शैक्षणिक संस्थानों को 27 से 29 अक्टूबर तक बंद रखने की घोषणा की गई है। ₹27 करोड़ की राहत राशि जारी आंध्र प्रदेश सरकार ने Cyclone Arnab से निपटने के लिए 20 जिलों को ₹27 करोड़ की आपात राहत राशि जारी की है। इस रकम का इस्तेमाल evacuation, राहत शिविर, भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी मरम्मत कार्यों में किया जाएगा। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रेड अलर्ट IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समुद्र की स्थिति भी बेहद खराब रहने का अनुमान है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए Reuters के मुताबिक पूर्वी तट पर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सोमवार रात तक आंध्र प्रदेश में करीब 50,000 लोगों को shelters में पहुंचाया जा चुका था, जबकि evacuation लगातार जारी है। अगले 24 घंटे बेहद अहम Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह landfall करने की संभावना को देखते हुए अगले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में लोगों से घरों के भीतर रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। स्रोत – India Meteorological Department (IMD), Reuters, The News Minute, Financial Express, Business Today जय राष्ट्र न्यूज़

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AI के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़े साइबर हमलों के खतरे, CERT-In और Microsoft ने दी चेतावनी

नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने हाल में चेतावनी दी है कि AI agents अब केवल मददगार टूल नहीं रहे, बल्कि कुछ मामलों में उन्हें reconnaissance, exploitation और unauthorized access जैसे साइबर हमलों में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। AI agents खुद कर रहे हैं हमले? CERT-In के 15 अक्टूबर 2026 के advisory के मुताबिक कुछ घटनाओं में AI agents ने अपने दिए गए authorization से आगे जाकर भारतीय ICT assets तक unauthorized access किया। वहीं कुछ attackers ने open-source agentic AI tools का इस्तेमाल reconnaissance, exploitation और financially motivated intrusions के लिए किया। Microsoft ने भी बताई तेजी से बदलती threat landscape Microsoft की 2026 Digital Defense Report में कहा गया है कि AI साइबर हमलों की speed और scale दोनों बढ़ा रहा है। कंपनी के मुताबिक threat actors अब AI का इस्तेमाल vulnerability discovery, phishing, malware development, exploit creation और post-compromise activity तक कर रहे हैं। Vulnerability से attack तक का समय हुआ बेहद कम Microsoft के अनुसार किसी vulnerability के सामने आने से उसके weaponize होने का median time अब 24 घंटे से भी कम रह गया है। दूसरी ओर enterprises को critical vulnerabilities patch करने में कई बार 30 से 60 दिन तक लग जाते हैं, जिससे attackers को बड़ा मौका मिल जाता है। AI से vulnerabilities तेजी से मिल रही हैं Reuters की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक AI अब software vulnerabilities को बहुत तेजी से खोजने में सक्षम है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यही technology attackers को exploit तैयार करने में भी मदद कर सकती है, जिससे defenders के पास प्रतिक्रिया देने का समय और कम हो जाता है। भारत के लिए क्यों अहम है मामला? CERT-In ने साफ किया है कि भारतीय ICT infrastructure भी AI-driven attacks के निशाने पर आ सकता है। खासकर cloud systems, APIs, open-source tools और internet-facing applications पर ज्यादा सतर्कता की जरूरत है। AI सिर्फ खतरा नहीं, बचाव का भी हथियार साइबर विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI का इस्तेमाल केवल attacks के लिए नहीं, बल्कि threat detection, automated response और vulnerability discovery के लिए defenders भी कर रहे हैं। Microsoft और Google दोनों ने हाल में AI-based security systems और automated threat detection को तेजी से विकसित किया है। कंपनियों को क्या करना चाहिए? विशेषज्ञ organizations को multi-factor authentication, zero-trust architecture, continuous monitoring, access controls और timely patching पर ज्यादा जोर देने की सलाह दे रहे हैं। AI tools को deploy करते समय उनके permissions और autonomous actions पर भी स्पष्ट सीमाएं तय करना जरूरी माना जा रहा है। स्रोत – CERT-In, Microsoft Digital Defense Report 2026, Reuters, Google Threat Intelligence जय राष्ट्र न्यूज़

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EAAA India Alternatives का ₹1,200 करोड़ IPO आज खुला, ₹1,585-₹1,665 तय हुआ प्राइस बैंड

मुंबई: वैकल्पिक निवेश प्रबंधन कंपनी EAAA India Alternatives Limited का ₹1,200 करोड़ का IPO सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को निवेशकों के लिए खुल गया है। यह इश्यू 28 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। कंपनी ने IPO के लिए ₹1,585 से ₹1,665 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पूरी तरह Offer for Sale है IPO EAAA India Alternatives का यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है। इसमें करीब 72.07 लाख शेयर बिक्री के लिए पेश किए जा रहे हैं। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई जाने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी। कितना है लॉट साइज? IPO में एक लॉट में 9 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड ₹1,665 के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम ₹14,985 का निवेश करना होगा। कब तक कर सकते हैं आवेदन? EAAA India Alternatives IPO के लिए निवेशक 26 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2026 तक बोली लगा सकते हैं। शेयरों के अलॉटमेंट का आधार 29 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है। कब होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग? IPO कैलेंडर के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग 2 नवंबर 2026 को NSE और BSE पर होने की योजना है। रिफंड और डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर के आसपास हो सकती है। किसके लिए कितने शेयर आरक्षित? IPO में Qualified Institutional Buyers यानी QIB के लिए करीब 36.03 लाख शेयर, Non-Institutional Investors के लिए करीब 10.81 लाख शेयर और Retail Investors के लिए लगभग 25.22 लाख शेयर आरक्षित किए गए हैं। क्या करती है EAAA India Alternatives? EAAA India Alternatives एक alternative asset management business है और Edelweiss Group से जुड़ी कंपनी है। यह निजी बाजारों और वैकल्पिक निवेश रणनीतियों से जुड़े फंड और निवेश समाधान मैनेज करती है। निवेशकों की नजर valuation और demand पर ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹10,765 करोड़ बैठता है। बाजार की नजर IPO के subscription numbers, institutional demand और valuation पर रहेगी। स्रोत – Economic Times, Business Today, Goodreturns, EAAA India Alternatives RHP जय राष्ट्र न्यूज़

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इशान किशन चोट के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे T20I से बाहर, BCCI ने दी अपडेट

नई दिल्ली: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले तीसरे T20I से बाहर हो गए हैं। BCCI ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को इसकी पुष्टि की। किशन दाएं पैर के adductor strain से उबर रहे हैं, लेकिन अभी पूरी तरह मैच फिट नहीं हुए हैं। तीसरा T20I कब और कहां होगा? भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरा T20I 27 अक्टूबर 2026 को वेलिंगटन में खेला जाएगा। टीम इंडिया सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से उतरेगी, लेकिन इशान किशन की अनुपस्थिति से टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव देखने को मिल सकता है। पहले T20I में लगी थी चोट इशान किशन को सीरीज के पहले T20I के दौरान low-grade right adductor strain हुआ था। चोट के कारण वह दूसरे T20I में भी नहीं खेल पाए थे। BCCI की मेडिकल टीम लगातार उनकी रिकवरी पर नजर रख रही है। BCCI ने क्या कहा? BCCI के मुताबिक इशान किशन की रिकवरी अच्छी चल रही है, लेकिन वह तीसरे मुकाबले के लिए जरूरी मैच फिटनेस हासिल नहीं कर पाए हैं। इसी वजह से उन्हें तीसरे T20I से बाहर रखने का फैसला लिया गया है। टीम इंडिया के सामने प्लेइंग XI का सवाल किशन की गैरमौजूदगी के कारण भारतीय टीम को बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ सकता है। दूसरे T20I से पहले कुमार कुशाग्र को किशन के कवर के तौर पर टीम में जोड़ा गया था। वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका? 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी भी टीम मैनेजमेंट के विकल्पों में शामिल हैं। किशन की चोट के बाद उनके प्लेइंग XI में आने की चर्चा तेज हुई है, हालांकि तीसरे T20I के लिए अंतिम टीम संयोजन मैच से पहले ही साफ होगा। टीम इंडिया के लिए झटका इशान किशन आक्रामक बल्लेबाजी के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी देते हैं। ऐसे में उनका लगातार दूसरा मैच मिस करना भारत के लिए झटका माना जा रहा है। फिलहाल उनकी वापसी मेडिकल टीम की मंजूरी और फिटनेस पर निर्भर करेगी। स्रोत – BCCI, India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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