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वाराणसी में खुद को Army Captain बताने वाला युवक पकड़ा गया, एयर शो के दौरान नमो घाट पर घूम रहा था

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भारतीय वायुसेना के एयर शो के दौरान खुद को Army Captain बताकर घूम रहे एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। युवक नमो घाट पर बने हेलीपैड के आसपास घूम रहा था और कथित तौर पर खुद को सेना में कैप्टन पद पर तैनात बता रहा था। पुलिस जांच में उसके दावे की पुष्टि नहीं हो सकी। कौन है पकड़ा गया युवक? पुलिस के अनुसार युवक की पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई है। वह शनिवार रात नमो घाट स्थित हेलीपैड क्षेत्र में घूम रहा था। सुरक्षा कर्मियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उसे रोककर पूछताछ की गई। खुद को बता रहा था सेना में कैप्टन पूछताछ के दौरान अर्पित ने कथित तौर पर खुद को भारतीय सेना में Captain बताया। हालांकि पुलिस और संबंधित अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में उसके सेना अधिकारी होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उसे आदमपुर पुलिस के हवाले किया गया। एयर शो के कारण हाई सिक्योरिटी में था इलाका वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना का बड़ा एयर शो आयोजित किया गया था। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम को देखते हुए घाटों, VVIP मार्गों और आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। 94 विमानों ने लिया था एयर शो में हिस्सा IAF की 94वीं वर्षगांठ से जुड़े इस भव्य प्रदर्शन में 94 विमानों ने 31 अलग-अलग formations में हिस्सा लिया। Rafale, Sukhoi-30MKI, Mirage 2000, Tejas, MiG-29 और Jaguar जैसे लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। पुलिस ने जांच के बाद किया चालान स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने युवक से पूछताछ और सत्यापन की कार्रवाई की। जांच के बाद उसका चालान किया गया और उसे छोड़ दिया गया। फिलहाल उसके खिलाफ किसी बड़े सुरक्षा षड्यंत्र या जासूसी से जुड़ा प्रमाण सामने आने की जानकारी नहीं है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल VVIP और सैन्य आयोजन के दौरान किसी व्यक्ति का खुद को सेना अधिकारी बताकर प्रतिबंधित या संवेदनशील क्षेत्र के आसपास पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। हालांकि पुलिस की सतर्कता के कारण युवक को समय रहते पकड़ लिया गया। स्रोत – दैनिक जागरण, Hindustan Times, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

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राजस्थान ने 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया, 69 तहसीलें गंभीर श्रेणी में

जयपुर: राजस्थान सरकार ने कम बारिश, जल उपलब्धता में कमी और खरीफ फसलों को हुए नुकसान के बाद 14 जिलों की 80 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। इनमें 69 तहसीलों को गंभीर सूखा प्रभावित और 11 तहसीलों को मध्यम श्रेणी में रखा गया है। सरकार की यह घोषणा छह महीने तक प्रभावी रहेगी। किन जिलों को किया गया सूखाग्रस्त घोषित? सूखा प्रभावित जिलों में बांसवाड़ा, बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, चूरू, डूंगरपुर, ब्यावर, जैसलमेर, जालौर, जोधपुर, फलोदी, नागौर, पाली और सिरोही शामिल हैं। सरकार ने 24 और 25 अक्टूबर को दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर इन क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित किया। जोधपुर सबसे ज्यादा प्रभावित सूखा प्रभावित तहसीलों में जोधपुर सबसे ऊपर है, जहां 12 तहसीलें प्रभावित हैं। इसके बाद बाड़मेर और जालौर में 10-10, बालोतरा में 9 और पाली में 8 तहसीलें सूखा प्रभावित घोषित की गई हैं। 69 तहसीलें गंभीर सूखे की चपेट में सरकारी वर्गीकरण के मुताबिक 80 में से 69 तहसीलों में गंभीर सूखे की स्थिति है, जबकि 11 तहसीलों में मध्यम स्तर का सूखा दर्ज किया गया है। यह आकलन बारिश की कमी, सतही और भूजल की उपलब्धता तथा फसलों की स्थिति के आधार पर किया गया। मानसून में सामान्य से कम हुई बारिश राज्य के जल संसाधन विभाग के अनुसार 1 जून से 30 सितंबर के बीच राजस्थान में 350.83 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 424.71 मिमी होती है। यानी राज्य में करीब 74 मिमी की कमी दर्ज की गई। जलाशयों में भी कम हुआ पानी राजस्थान के 693 निगरानी वाले बांधों में कुल जल भंडारण उनकी क्षमता का करीब 62.16% दर्ज किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 90.19% था। खासतौर पर जोधपुर क्षेत्र में जल भंडारण में बड़ी गिरावट सामने आई है। किसानों और पशुपालकों के लिए राहत की तैयारी सूखा घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों का रास्ता खुल गया है। बाड़मेर जैसे जिलों में पशुपालकों के लिए रियायती दर पर चारा उपलब्ध कराने के लिए चारा डिपो खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छह महीने तक लागू रहेगी घोषणा राजस्थान सरकार की अधिसूचना के मुताबिक सूखाग्रस्त घोषित क्षेत्रों में यह स्थिति अधिसूचना के प्रकाशन से छह महीने तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान सूखा राहत, कृषि सहायता और जल प्रबंधन से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। स्रोत – राजस्थान सरकार, Hindustan Times, Times of India, Amar Ujala जय राष्ट्र न्यूज़

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ब्राजील में लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव जीता, चौथी बार संभालेंगे सत्ता

ब्रासीलिया: ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने 2026 का राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है। ब्राजील के सुपीरियर इलेक्टोरल कोर्ट (TSE) ने उनकी जीत की आधिकारिक पुष्टि की। लूला ने रनऑफ मुकाबले में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर अपना ऐतिहासिक चौथा गैर-लगातार राष्ट्रपति कार्यकाल सुनिश्चित किया। कितने वोट मिले लूला को? ब्राजील के चुनाव आयोग के मुताबिक लूला दा सिल्वा को 6,42,56,232 वोट मिले, जो कुल वैध मतों का 51.79% है। बेहद करीबी मुकाबले में उन्होंने फ्लावियो बोल्सोनारो को पीछे छोड़ा। दूसरे चरण में हुआ कड़ा मुकाबला राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में लूला उम्मीद के मुताबिक बढ़त नहीं बना पाए थे। इसके बाद 25 अक्टूबर को हुए रनऑफ में मुकाबला बेहद करीबी रहा। मतगणना के दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त कई बार बदली, लेकिन अंत में लूला ने जीत दर्ज की। कौन हैं फ्लावियो बोल्सोनारो? लूला के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले फ्लावियो बोल्सोनारो दक्षिणपंथी सीनेटर और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं। चुनाव को ब्राजील में वामपंथ और दक्षिणपंथ के बीच बड़े राजनीतिक मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा था। लूला के लिए ऐतिहासिक चौथा कार्यकाल 80 वर्षीय लूला इससे पहले भी ब्राजील के राष्ट्रपति रह चुके हैं। इस जीत के साथ वह चौथी बार देश की कमान संभालने जा रहे हैं। नया कार्यकाल जनवरी 2027 से शुरू होगा। दुनिया भर के नेताओं ने दी बधाई चुनाव परिणाम सामने आने के बाद कई वैश्विक नेताओं ने लूला को उनकी जीत पर बधाई दी। ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, इसलिए इस चुनाव के नतीजों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई थी। अर्थव्यवस्था होगी बड़ी चुनौती लूला के नए कार्यकाल में बढ़ता सरकारी कर्ज, राजकोषीय दबाव और आर्थिक सुधार प्रमुख चुनौतियां मानी जा रही हैं। चुनाव के बाद वित्तीय बाजारों की प्रतिक्रिया पर भी निवेशकों की नजर है। स्रोत – Brazil Superior Electoral Court (TSE), Reuters, Agência Brasil, AP जय राष्ट्र न्यूज़

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खरगे के “मोदी का बाप भी जाएगा” बयान पर BJP का देशव्यापी विरोध, कांग्रेस से माफी की मांग

नई दिल्ली/पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए “मोदी का बाप भी जाएगा” बयान पर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। BJP ने इस टिप्पणी को “अपमानजनक, अशोभनीय और आपत्तिजनक” बताते हुए खरगे से बिना शर्त माफी की मांग की है। पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ था? विवाद की शुरुआत 25 अक्टूबर को पटना के बापू सभागार में आयोजित बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती समारोह से हुई। खरगे के भाषण के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।” इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। BJP ने देशभर में प्रदर्शन का किया ऐलान BJP ने अपने सभी राज्य मुख्यालयों पर प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। BJP का कहना है कि राजनीतिक मतभेद नीतियों और शासन तक सीमित रहने चाहिए और किसी नेता के दिवंगत परिजनों को बहस में नहीं घसीटा जाना चाहिए। पटना में BJP कार्यकर्ताओं ने निकाला विरोध मार्च बिहार BJP की पटना महानगर इकाई ने भी खरगे के बयान के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। बिहार BJP नेताओं ने बयान की निंदा करते हुए इसे प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अपमानजनक बताया। पार्टी ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में भी इसी तरह के विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अमित शाह ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी पर कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर पहले भी व्यक्तिगत टिप्पणियां की गई हैं। BJP नेताओं का कहना है कि खरगे ने राजनीतिक संवाद की मर्यादा का उल्लंघन किया है। खरगे के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज विवाद के बीच बिहार में एक BJP कार्यकर्ता ने खरगे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। मामला पटना में दिए गए बयान से जुड़ा है। कांग्रेस ने खरगे का किया बचाव कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष का बचाव करते हुए कहा कि टिप्पणी को पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। पार्टी की ओर से यह तर्क दिया गया कि खरगे ने मंच से की गई टोका-टाकी का जवाब बोलचाल की भाषा में दिया था और उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री के परिवार का अपमान करना नहीं था। टिप्पणी करने वाला व्यक्ति भी आया सामने कार्यक्रम में “मोदी नहीं जाएंगे” कहने वाले व्यक्ति की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है। उसने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया और बाद में कहा कि उसका आशय यह था कि जब तक देश में बड़ा राजनीतिक बदलाव नहीं होगा, तब तक नरेंद्र मोदी सत्ता से नहीं जाएंगे। बयान से तेज हुई BJP-कांग्रेस की सियासी लड़ाई खरगे की टिप्पणी के बाद BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। BJP इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक बयान के संदर्भ से अलग करके पेश किए जाने का आरोप लगा रही है। देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के चलते यह मुद्दा सोमवार को राष्ट्रीय राजनीति के प्रमुख विवादों में बना हुआ है। स्रोत – Times of India, India Today, Indian Express, Economic Times, Moneycontrol जय राष्ट्र न्यूज़

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Cyclone Arnab से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट, 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका

नई दिल्ली/भुवनेश्वर: बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को और मजबूत हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और 27 अक्टूबर तक Very Severe Cyclonic Storm में बदल सकता है। आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है। 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है तूफान IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक Cyclone Arnab के 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के इलाके में तट पार करने की संभावना है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। आज और मजबूत हो रहा Cyclone Arnab 26 अक्टूबर की सुबह Cyclone Arnab का केंद्र पूर्व-मध्य और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में था। IMD के अनुसार यह विशाखापत्तनम से करीब 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से करीब 730 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। इसके आज रात तक Severe Cyclonic Storm और 27 अक्टूबर को Very Severe Cyclonic Storm में बदलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी Cyclone Arnab के प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश, यानम और दक्षिण ओडिशा के कई इलाकों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना है। IMD ने आंध्र प्रदेश और यानम के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा समेत आसपास के राज्यों में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। ओडिशा सरकार ने बढ़ाई तैयारियां चक्रवात को देखते हुए ओडिशा सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां तेज कर दी हैं। दक्षिण ओडिशा के संभावित प्रभावित जिलों में प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है। समुद्र में जाने से बचें मछुआरे IMD ने मछुआरों को प्रभावित अवधि के दौरान बंगाल की खाड़ी में नहीं जाने की सलाह दी है। दक्षिण ओडिशा के पुरी और गोपालपुर बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जबकि पारादीप और धामरा बंदरगाहों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। समुद्र की स्थिति मध्यम से खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। ISRO सैटेलाइट ने कैद की तूफान की तस्वीरें Cyclone Arnab की बढ़ती ताकत को सैटेलाइट तस्वीरों में भी देखा गया है। INSAT-3DS और अन्य सैटेलाइट डेटा में इसके आसपास घने बादल और मजबूत संवहनीय गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। मौसम एजेंसियां लगातार इसके रास्ते और तीव्रता पर नजर रख रही हैं। लोगों को सतर्क रहने की सलाह तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है। तेज हवा के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहने तथा जरूरी वस्तुओं और आपातकालीन संपर्क नंबर तैयार रखने की सलाह दी गई है। स्रोत – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), India Today, Times of India जय राष्ट्र न्यूज़

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“मोदी का बाप भी जाएगा!” खरगे के बयान पर बिहार में सियासी बवाल, BJP ने दर्ज कराई शिकायत

पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए विवादित बयान ने बिहार की राजनीति में नया घमासान खड़ा कर दिया है। पटना में 25 अक्टूबर 2026 को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरगे ने मंच से कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद BJP और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। आखिर मंच पर क्या हुआ था? कार्यक्रम के दौरान खरगे प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। इसी बीच दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि “मोदी कहीं नहीं जाएंगे।” इसके जवाब में खरगे ने विवादित टिप्पणी कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। BJP ने पटना में दर्ज कराई शिकायत बयान के बाद BJP कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना पुलिस में खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक शिकायत पहले कोतवाली थाने में दी गई, लेकिन मामला गांधी मैदान थाना क्षेत्र से संबंधित होने के कारण इसे वहां स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई। शिकायतकर्ता ने खरगे से 24 घंटे के भीतर माफी की मांग भी की। अमित शाह ने साधा खरगे और कांग्रेस पर निशाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खरगे के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे राजनीतिक मर्यादा की सीमा पार करने वाला बयान बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार पर व्यक्तिगत हमले कर रही है। बिहार NDA नेताओं ने भी मांगी माफी बिहार में NDA नेताओं ने खरगे के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी और JD(U) प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत कई नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणी बताया और खरगे तथा राहुल गांधी से माफी की मांग की। कांग्रेस ने लगाया ‘डबल स्टैंडर्ड’ का आरोप विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस नेताओं ने खरगे का बचाव करते हुए BJP पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस की ओर से तर्क दिया गया कि राजनीतिक बहस में BJP नेताओं की ओर से भी पहले कई व्यक्तिगत और तीखी टिप्पणियां की जा चुकी हैं। बयान के वक्त मौजूद व्यक्ति ने भी रखी अपनी बात जिस व्यक्ति की टिप्पणी के बाद खरगे ने जवाब दिया था, उसकी पहचान संतोष कुमार के रूप में सामने आई। उसने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया और आरोप लगाया कि विवाद के बाद उसके साथ मारपीट हुई। उसने यह भी कहा कि पूरे घटनाक्रम को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है। खरगे के पुराने बयानों पर भी फिर शुरू हुई चर्चा नए विवाद के बाद खरगे के पुराने विवादित बयानों की भी चर्चा तेज हो गई है। इससे पहले वह BJP और RSS की तुलना “जहरीले सांप” से करने तथा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अन्य तीखी टिप्पणियों के कारण विवादों में रह चुके हैं। स्रोत – India Today, NDTV, Times of India, Indian Express, Aaj Tak जय राष्ट्र न्यूज़

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नासिक में 517 लोगों ने एक साथ किया शंखनाद, गोदावरी तट पर बना गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक में गोदावरी नदी के तट पर रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सैकड़ों लोगों ने एक साथ शंखनाद कर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। शुरुआती योजना 501 प्रतिभागियों की थी, लेकिन रिकॉर्ड के दौरान 517 लोगों ने करीब साढ़े पांच मिनट तक एक साथ शंख बजाया। सिंहस्थ कुंभ से पहले हुआ ऐतिहासिक आयोजन यह आयोजन नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले किया गया। गोदावरी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रतिभागी जुटे। सामूहिक शंखनाद के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के वरिष्ठ निर्णायक ऋषि नाथ ने रिकॉर्ड की आधिकारिक घोषणा की। 303 लोगों का पुराना रिकॉर्ड टूटा इससे पहले सामूहिक रूप से शंख बजाने का रिकॉर्ड वर्ष 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में बनाया गया था, जहां 303 लोगों ने एक साथ शंख बजाया था। नासिक में 517 प्रतिभागियों की भागीदारी के साथ यह रिकॉर्ड बड़े अंतर से टूट गया। साढ़े पांच मिनट तक गूंजता रहा गोदावरी तट प्रतिभागियों ने लगभग साढ़े पांच मिनट तक लगातार शंखनाद किया। रिकॉर्ड की घोषणा होते ही कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए। आयोजन में अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। सिंहस्थ कुंभ से जुड़ी है पहल आयोजकों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को सिंहस्थ कुंभ की शुरुआत से जोड़ना और उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना था। नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ से जुड़े आगामी कार्यक्रमों में भी सामूहिक शंखनाद किए जाने की योजना है। 31 अक्टूबर को होगा ध्वजारोहण समारोह नासिक में सिंहस्थ कुंभ मेले का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर 2026 को रामकुंड में निर्धारित है। रिपोर्ट के मुताबिक इसी अवसर पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से जुड़ा प्रमाणपत्र भी औपचारिक रूप से सौंपे जाने की योजना है। 501 या 517—कितने लोगों ने बनाया रिकॉर्ड? कार्यक्रम से पहले जारी जानकारियों में 501 शंखवादकों के भाग लेने की योजना बताई गई थी। हालांकि आयोजन के बाद प्रकाशित रिपोर्टों में गिनीज रिकॉर्ड के लिए आधिकारिक भागीदारी 517 लोगों की बताई गई है। इसलिए अंतिम रिकॉर्ड संख्या 517 मानी जा रही है। स्रोत – अमर उजाला, हिन्दुस्तान, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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अमेरिकी खुफिया मेमो का दावा: ईरान ने अमेरिकी नागरिकों और कर्मियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कीं, कुछ साजिशें ‘उन्नत चरण’ में

वॉशिंगटन, 25 अक्टूबर 2026: अमेरिका की एक खुफिया चेतावनी में दावा किया गया है कि ईरान ने अमेरिकी नागरिकों और सरकारी कर्मियों को विदेशों में निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे एक मेमो में कहा कि कुछ कथित घातक साजिशें मध्य पूर्व और अन्य देशों में “advanced stages” यानी उन्नत चरण तक पहुंच चुकी हैं। मेमो में क्या कहा गया? मेमो के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को अलग-अलग माध्यमों से ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को निशाना बनाने के प्रयास बढ़ाए हैं। हालांकि दस्तावेज में किसी खास व्यक्ति, शहर या देश का नाम नहीं बताया गया, न ही यह स्पष्ट किया गया कि कोई हमला तुरंत होने वाला है। अमेरिकी दूतावासों में सुरक्षा बढ़ी खतरे की आशंका के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने कुछ राजनयिक मिशनों में कर्मचारियों की संख्या कम की है। सऊदी अरब में गैर-जरूरी अमेरिकी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बाहर जाने का आदेश दिया गया, जबकि यूएई, लेबनान, कतर और जॉर्डन में भी दूतावासों ने सीमित संचालन शुरू किया। हूती हमलों ने भी बढ़ाई चिंता अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि खतरा केवल ईरान से जुड़ी कथित साजिशों तक सीमित नहीं है। यमन के ईरान समर्थित हूती समूह के हमलों और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ाई हैं। अमेरिकी कर्मियों तक जानकारी पहुंचाने की तैयारी मेमो में कहा गया है कि संवेदनशील खुफिया जानकारी का कुछ हिस्सा कम वर्गीकृत किया जा सकता है, ताकि खतरे से जुड़े जरूरी विवरण उन अमेरिकी विदेश सेवा अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाए जा सकें जो संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात हैं। क्या किसी हमले की पुष्टि हुई है? फिलहाल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष हमले की तारीख, स्थान या लक्ष्य की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इसे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी और आकलन के रूप में देखना जरूरी है, न कि किसी निश्चित हमले की पुष्टि के रूप में। ईरान-अमेरिका तनाव के बीच आया अलर्ट यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती है तो अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई पर विचार कर सकता है। जय राष्ट्र न्यूज़

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भारत के खिलाफ बाकी टी20 मुकाबलों से बाहर हुए मैट हेनरी, अब वनडे सीरीज में वापसी की उम्मीद

क्राइस्टचर्च, 25 अक्टूबर 2026: न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी भारत के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज के बाकी तीन मुकाबलों में नहीं खेलेंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने तेज गेंदबाजों के कार्यभार को देखते हुए यह फैसला लिया है। हेनरी क्राइस्टचर्च में ही रहेंगे और इसके बाद ऑकलैंड में वनडे टीम से जुड़ेंगे। दूसरे टी20 में हुई थी पिंडली में जकड़न दूसरे टी20 मुकाबले में मैट हेनरी केवल दो ओवर ही गेंदबाजी कर पाए थे। मैच के बाद कप्तान मिचेल सैंटनर ने बताया कि हेनरी की पिंडली में जकड़न महसूस हुई थी, जिसके कारण वह अपना पूरा स्पेल नहीं डाल सके। न्यूजीलैंड ने बताया ‘वर्कलोड मैनेजमेंट’ का हिस्सा न्यूजीलैंड के मुख्य कोच रॉब वॉल्टर ने कहा कि टीम के सामने आगे व्यस्त कार्यक्रम है, इसलिए तेज गेंदबाजों के कार्यभार को संभालना जरूरी है। भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के बाद पांच वनडे और फिर दो टेस्ट मैच भी खेले जाने हैं। वनडे सीरीज में हेनरी की वापसी तय मानी जा रही मैट हेनरी को भारत के खिलाफ शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए न्यूजीलैंड की टीम में शामिल किया गया है। वनडे सीरीज 4 नवंबर से ऑकलैंड में शुरू होगी। इसके बाद 7 और 10 नवंबर को दूसरे और तीसरे वनडे खेले जाएंगे। बाकी तेज गेंदबाजों का भी होगा रोटेशन न्यूजीलैंड ने सिर्फ हेनरी ही नहीं, बल्कि अन्य तेज गेंदबाजों के कार्यभार को भी संभालने का फैसला किया है। लॉकी फर्ग्यूसन तीसरे टी20 में नहीं खेलेंगे, लेकिन आखिरी दो मुकाबलों से पहले टीम से जुड़ेंगे। काइल जैमीसन भी अंतिम दो टी20 से बाहर रहेंगे। वहीं ब्लेयर टिकनर को बाकी टी20 मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किया गया है। भारत सीरीज में 2-0 से आगे भारत ने शुरुआती दोनों टी20 मुकाबले जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब तीसरा टी20 27 अक्टूबर को खेला जाएगा। न्यूजीलैंड के लिए अहम गेंदबाज हैं हेनरी मैट हेनरी न्यूजीलैंड के प्रमुख तेज गेंदबाजों में शामिल हैं और उन्हें आगामी वनडे तथा टेस्ट मुकाबलों के लिए फिट रखना टीम प्रबंधन की प्राथमिकता है। इसी वजह से टी20 सीरीज के बाकी मैचों में उन्हें आराम देने का फैसला किया गया है। जय राष्ट्र न्यूज़

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उत्तर प्रदेश में आज UPSSSC PET 2026 की परीक्षा, 35.41 लाख उम्मीदवारों ने किया रजिस्ट्रेशन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

लखनऊ, 25 अक्टूबर 2026: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 का पहला चरण आज आयोजित हो रहा है। इस बार परीक्षा के लिए करीब 35.41 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इसलिए “करीब 33 लाख” वाला आंकड़ा सही नहीं है। परीक्षा 25 अक्टूबर के अलावा 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को भी दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र UPSSSC PET 2026 के लिए पूरे उत्तर प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक पाली में करीब 5.90 लाख उम्मीदवारों के बैठने की व्यवस्था की गई है। दो पालियों में हो रही परीक्षा परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड में दिए गए रिपोर्टिंग समय के अनुसार केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परीक्षा से पहले सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की समीक्षा की थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कैमरे लगाए गए हैं और उनकी लाइव निगरानी UPSSSC के कमांड कंट्रोल रूम से की जा रही है। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। रेलवे और बसों की अतिरिक्त व्यवस्था उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए रेलवे और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम से अतिरिक्त बसें और ट्रेनें चलाने के लिए समन्वय किया गया है। प्रयागराज समेत कई बड़े परीक्षा शहरों में विशेष यातायात और भीड़ प्रबंधन योजना लागू की गई है। नौ जिलों में हर पाली में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार आगरा, अलीगढ़, झांसी, गोरखपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे जिलों में प्रत्येक पाली में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार परीक्षा देंगे। इन जिलों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। पिछले साल से करीब 10 लाख ज्यादा आवेदन UPSSSC PET 2025 के मुकाबले इस बार उम्मीदवारों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल करीब 25.3 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 35.42 लाख हो गई है। PET क्यों है जरूरी? UPSSSC PET उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न ग्रुप-C पदों की भर्ती के लिए प्रारंभिक पात्रता परीक्षा है। PET स्कोर के आधार पर उम्मीदवार आगे अलग-अलग मुख्य भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने के पात्र बनते हैं। जय राष्ट्र न्यूज़

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