जय राष्ट्र न्यूज

SpaceX का बड़ा ऐलान: Louisiana में $100 Billion का दूसरा ‘Starbase’; 3,000+ Jobs, 2029 में पहला Starship Launch

लुइसियाना/वॉशिंगटन: Elon Musk की aerospace company SpaceX ने अमेरिका के Louisiana में अपना अब तक का सबसे बड़ा rocket launch complex बनाने की योजना का ऐलान किया है। “Starbase Louisiana” नाम के इस mega project में कंपनी कम से कम $100 billion निवेश करने और 3,000 से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करने का दावा कर रही है। यह facility SpaceX के Starship rockets, Starlink expansion और भविष्य की orbital AI satellite missions के लिए अहम base बन सकती है। यह घोषणा अमेरिका में 25 अगस्त को की गई और भारत में 26 अगस्त 2026 की प्रमुख technology और international business stories में शामिल है। Construction 2027 में शुरू करने और यहां से पहला Starship 2029 में launch करने का लक्ष्य रखा गया है। कहां बनेगा Starbase Louisiana? नई facility दक्षिणी Louisiana के Vermilion Parish में Pecan Island पर बनाई जाएगी। Reuters के मुताबिक पूरा proposed site करीब 125,000 acres, यानी लगभग 50,585 hectares में फैला होगा। यह New Orleans से करीब 200 miles पश्चिम में Louisiana के Gulf Coast क्षेत्र में स्थित है। इतना बड़ा land parcel इसे SpaceX के मौजूदा Texas Starbase की तुलना में कहीं बड़े scale पर develop करने की संभावना देता है। दूसरा Starbase, लेकिन चौथा Launch Site इस project की terminology को समझना जरूरी है। SpaceX इसे अपना दूसरा “Starbase” campus बता रही है। पहला Starbase South Texas के Boca Chica क्षेत्र में है, जहां Starship की development, testing और launches होती हैं। लेकिन अगर SpaceX के सभी U.S. launch locations को गिना जाए, तो Louisiana facility कंपनी का चौथा और सबसे बड़ा launch site होगी। SpaceX के California, Texas और Florida से जुड़े launch operations पहले से मौजूद या development में हैं। इसलिए इसे केवल “SpaceX का दूसरा spaceport” कहना पूरी तरह accurate नहीं होगा। कम से कम $100 Billion का Investment SpaceX ने कहा है कि वह Starbase Louisiana में कम से कम $100 billion invest करने के लिए committed है। यह रकम मौजूदा exchange rate के आसपास भारतीय मुद्रा में लगभग ₹8.5 लाख करोड़ से ज्यादा के बराबर बैठ सकती है, हालांकि actual rupee value exchange rate के साथ बदलती रहेगी। इतने बड़े investment figure के कारण इसे Louisiana के इतिहास के सबसे ambitious private industrial projects में से एक के तौर पर पेश किया जा रहा है। हालांकि यह पूरा $100 billion तत्काल खर्च नहीं होगा। Project कई वर्षों और अलग-अलग development phases में आगे बढ़ने की उम्मीद है। 3,000 से ज्यादा Jobs का दावा SpaceX का कहना है कि project से region में 3,000 से ज्यादा direct jobs पैदा होंगी। Louisiana authorities के मुताबिक इन jobs की average annual salary करीब $92,600 हो सकती है, जो Vermilion Parish की average wage से लगभग 192% ज्यादा बताई गई है। Associated Press के मुताबिक ये करीब 3,000 jobs अगले एक दशक के दौरान create होने का अनुमान है। इसके अलावा construction, logistics, suppliers, hospitality और local services में indirect employment भी पैदा हो सकता है, हालांकि उसका कोई final verified figure अभी सामने नहीं आया है। 2027 में Construction, 2029 में पहला Launch SpaceX की current timeline के मुताबिक Starbase Louisiana का construction 2027 में शुरू होगा। Company ने पहला Starship launch 2029 के लिए target किया है। यह timeline engineering progress, environmental permissions, Federal Aviation Administration approvals और दूसरे regulatory clearances पर निर्भर करेगी। इसलिए 2029 को अभी guaranteed launch date के बजाय target माना जाना चाहिए। साल में हजारों Starship Launches का लक्ष्य SpaceX President और COO Gwynne Shotwell ने कहा कि Louisiana campus को आखिरकार इतनी capacity तक ले जाने की योजना है कि यहां से हर साल thousands of Starship flights संचालित की जा सकें। यह मौजूदा global space-launch industry के मुकाबले बेहद aggressive target है। इसे हासिल करने के लिए SpaceX को Starship की rapid reusability, launch turnaround, regulatory approval और safety जैसे कई बड़े engineering challenges हल करने होंगे। Reuters ने भी स्पष्ट किया है कि यह high launch cadence technical और regulatory hurdles को सफलतापूर्वक पार करने पर निर्भर करेगी। Self-Sustaining Spaceport बनाने की योजना Starbase Louisiana सिर्फ launch pads का समूह नहीं होगा। SpaceX इसे एक तरह का self-sustaining spaceport ecosystem बनाना चाहता है। Gwynne Shotwell के मुताबिक proposed facilities में शामिल हो सकते हैं: Deep-water access के जरिए Starships और दूसरे बड़े components को Texas से Louisiana तक समुद्री रास्ते से transport किया जा सकता है। यहां Starship बनाने की Factory नहीं होगी एक महत्वपूर्ण difference Texas और Louisiana Starbase के बीच होगा। Reuters के मुताबिक Louisiana site पर फिलहाल rocket production facilities बनाने की योजना नहीं है। Starship और Super Heavy manufacturing का बड़ा हिस्सा Texas से जुड़ा रहेगा। Louisiana site मुख्य रूप से launches, vehicle processing, fuel, energy और logistics infrastructure पर focused होगा। Pecan Island ही क्यों चुना? Pecan Island की geographical location SpaceX के लिए strategic मानी जा रही है। यह Gulf Coast पर है, इसलिए rockets को populated land के ऊपर उड़ाने के बजाय Gulf waters की दिशा में launch trajectories मिल सकती हैं। Reuters के मुताबिक यह location sun-synchronous orbit तक पहुंचने के लिए भी useful है। इस तरह की orbit solar-powered satellites और Earth-observation systems के लिए काफी उपयोगी होती है। Louisiana authorities ने abundant natural gas availability को भी site के advantage के रूप में बताया है। AI Satellites के लिए भी अहम होगा Starbase SpaceX की ambitions अब केवल rockets और Starlink internet तक सीमित नहीं हैं। Elon Musk future में large-scale AI computing satellites orbit में भेजने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। Reuters के मुताबिक Musk की long-term vision में up to one million AI data-processing satellites deploy करने जैसी बेहद ambitious योजना शामिल है। अगर orbital AI infrastructure वास्तव में बड़े scale पर बनाया जाता है, तो उसके लिए लगातार heavy payload launches की जरूरत होगी। Starbase Louisiana इसी future launch demand को support करने वाला major hub बन सकता है। NASA Artemis Mission से भी जुड़ा Starship Starship केवल SpaceX का commercial rocket नहीं है। NASA ने Artemis programme में Moon पर astronauts उतारने के लिए Starship के modified version को Human Landing System के रूप में…

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Iran-Oman के बीच Strait of Hormuz के लिए Temporary Shipping Corridor पर बातचीत; Crude Oil 2% से ज्यादा गिरा

तेहरान/मस्कट: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण energy shipping routes में से एक Strait of Hormuz को दोबारा खोलने की उम्मीद बढ़ गई है। Iran और Oman ने जलडमरूमध्य में “Joint Temporary Navigational Corridor” बनाने और समुद्री mines हटाने के लिए संयुक्त व्यवस्था पर बातचीत आगे बढ़ाई है। इस diplomatic progress के बाद बुधवार, 26 अगस्त 2026 को international crude oil prices में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। Brent crude futures $2.30 यानी 2.6% गिरकर $86.28 प्रति barrel पर आ गए, जबकि U.S. West Texas Intermediate (WTI) crude $2.08 यानी 2.53% टूटकर $80.29 पर कारोबार कर रहा था। इससे एक दिन पहले मंगलवार को भी दोनों benchmarks में 3% से ज्यादा की गिरावट आई थी। 25 August को Tehran में हुई Iran-Oman की बड़ी Meeting Oman के Foreign Minister Badr al-Busaidi ने 25 अगस्त को Tehran में Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi से मुलाकात की। दोनों देशों ने meeting के बाद कहा कि Strait of Hormuz में shipping traffic को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने के लिए एक framework पर चर्चा हुई है। इसमें सबसे पहले temporary joint navigation corridor बनाना और waterway से mines हटाना शामिल है। Oman के Foreign Minister ने उम्मीद जताई कि दोनों देश जल्द ही temporary corridor की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। Temporary Corridor कैसे काम कर सकता है? Iranian Deputy Foreign Minister Kazem Gharibabadi के मुताबिक दोनों पक्ष temporary route को लेकर एक understanding पर पहुंचे हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत Gulf of Oman से Persian Gulf में प्रवेश करने वाले जहाज पूरी तरह Iranian waters से गुजर सकते हैं, जबकि बाहर जाने वाले vessels का route आंशिक रूप से Iranian और आंशिक रूप से Omani territorial waters से गुजरने का प्रस्ताव है। हालांकि यह व्यवस्था अभी स्थायी समझौता नहीं है। Iran और Oman अगले 30 से 60 दिनों में negotiations जारी रखकर एक permanent और sustainable shipping route पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। Mines हटाने पर भी बनी सहमति दोनों देशों की joint statement में Strait of Hormuz से mines हटाने के लिए joint mine-clearing project शुरू करने की बात कही गई है। इसके साथ navigation traffic management, information sharing और maritime security services को लेकर भी technical negotiations जारी रहेंगी। Strait में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए mine-clearing बेहद अहम है, क्योंकि किसी भी tanker या cargo ship को नुकसान global energy supply को तुरंत प्रभावित कर सकता है। Crude Oil में अचानक क्यों आई गिरावट? Oil market ने Iran-Oman talks को संभावित supply relief के रूप में देखा। Reuters के मुताबिक traders को उम्मीद है कि अगर Hormuz से vessels की normal movement धीरे-धीरे बहाल होती है, तो Middle East से global oil और LNG shipments पर लगा बड़ा constraint कम हो सकता है। इसी optimism के कारण crude futures में selling बढ़ी। Fujitomi Securities के analyst Mitsuru Muraishi के मुताबिक market का focus फिलहाल Strait of Hormuz navigation से जुड़े developments पर है और Iran-Oman talks में progress की उम्मीद ने oil prices पर downward pressure बनाया है। Brent $86.28, WTI $80.29 पर 26 अगस्त की सुबह international market में: रहा। Brent ने कारोबार के दौरान 13 अगस्त के बाद का अपना lowest level भी छुआ, जबकि WTI 10 अगस्त के बाद के निचले स्तर तक पहुंचा। हालांकि Middle East conflict को लेकर uncertainty अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए prices में आगे volatility बनी रह सकती है। Strait of Hormuz इतना महत्वपूर्ण क्यों है? Strait of Hormuz Iran और Oman के बीच मौजूद एक संकरा समुद्री मार्ग है, जो Persian Gulf को Gulf of Oman और आगे Arabian Sea से जोड़ता है। युद्ध से पहले दुनिया के traded oil और LNG का करीब पांचवां हिस्सा इसी route से गुजरता था। Saudi Arabia, UAE, Kuwait, Iraq और Iran जैसे बड़े oil-producing देशों के exports के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है। Qatar का LNG export भी इस route पर काफी हद तक निर्भर करता है। इसलिए Hormuz में किसी भी disruption का असर केवल Gulf countries पर नहीं बल्कि India, China, Japan, South Korea और Europe जैसे बड़े energy importers पर भी पड़ सकता है। अभी भी बेहद कम है Ship Traffic Diplomatic progress के बावजूद Strait में normal shipping अभी बहाल नहीं हुई है। Kpler के preliminary tracking data के मुताबिक मंगलवार को केवल 5 commodity vessels ने Hormuz से transit किया। इनमें दो LPG tankers, एक bitumen tanker और दो खाली product tankers शामिल थे। यह हाल के 10-day average 15 vessels से भी काफी कम है और pre-war levels के मुकाबले बेहद नीचे है। इससे साफ है कि corridor पर बातचीत शुरू होने और full-scale commercial shipping normal होने के बीच अभी बड़ा अंतर है। February से प्रभावित है Hormuz Shipping Reuters और AP के मुताबिक February के अंत में U.S.-Israel और Iran के बीच conflict शुरू होने के बाद Strait of Hormuz की सामान्य shipping बुरी तरह प्रभावित हुई। इसके बाद Iran ने waterway पर नियंत्रण कड़ा किया और U.S. की तरफ से Iranian ports को लेकर भी naval pressure बढ़ा। तब से energy markets में crude oil, LNG और shipping insurance costs पर बड़ा असर पड़ा है। Iran ने पूरी तरह Strait खोलने के लिए रखी हैं शर्तें Temporary corridor पर बातचीत का मतलब यह नहीं है कि Iran ने Strait of Hormuz को पूरी तरह खोलने पर सहमति दे दी है। Iranian officials का कहना है कि full reopening के लिए Tehran की कुछ मांगें पूरी होनी चाहिए, जिनमें U.S. naval blockade हटाना, oil sanctions में राहत और frozen Iranian assets से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। इसलिए temporary navigation corridor को फिलहाल एक interim confidence-building arrangement के रूप में देखा जा रहा है। US की मंजूरी भी अहम एक और बड़ा सवाल यह है कि emerging Iran-Oman arrangement पर United States का क्या रुख होगा। AP के मुताबिक यह अभी स्पष्ट नहीं है कि Washington proposed corridor को स्वीकार करेगा या नहीं। U.S. President Donald Trump की administration ने हाल में Iran के खिलाफ नए economic sanctions भी घोषित किए हैं। Reuters के मुताबिक Washington ने सोमवार को Iran की आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से sanctions expand…

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India ने Sri Lanka को 290 पर समेटा, Colombo Test में कराया Follow-On; Sonal Dinusha का शतक बेकार

कोलंबो: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ Colombo में खेले जा रहे दूसरे Test के चौथे दिन मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। Team India ने मेजबान Sri Lanka की पहली पारी को 290 runs पर समेट दिया और 213 runs की विशाल बढ़त हासिल करने के बाद कप्तान Shubman Gill ने follow-on enforce करने का फैसला किया। Sri Lanka के युवा all-rounder Sonal Dinusha ने 103 runs की शानदार century लगाई, लेकिन उनकी पारी टीम को follow-on से नहीं बचा सकी। India ने अपनी पहली पारी 503/9 पर declare की थी। Follow-on से बचने के लिए Sri Lanka को कम से कम 304 runs बनाने थे, लेकिन मेजबान टीम 290 पर all out हो गई और जरूरी स्कोर से 14 runs पीछे रह गई। सिर्फ 15 मिनट में India ने लिए आखिरी दो Wickets चौथे दिन Sri Lanka ने 265/8 से अपनी पारी आगे बढ़ाई थी। उस समय Sonal Dinusha 85 runs पर और Lahiru Kumara 8 runs पर नाबाद थे। लेकिन भारतीय टीम को बाकी दो wickets लेने में ज्यादा समय नहीं लगा। Reuters के मुताबिक चौथे दिन के शुरुआती करीब 15 मिनट में India ने Sri Lanka के आखिरी दोनों बल्लेबाजों को आउट कर दिया। Debutant spinner Saransh Jain ने दोनों wickets हासिल किए और Sri Lankan innings को 290 पर खत्म कर दिया। Sonal Dinusha ने जड़ा शानदार 103 Sri Lanka की तरफ से सबसे बड़ी पारी Sonal Dinusha ने खेली। 25 वर्षीय बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 162 balls पर 103 runs बनाए। उनकी पारी में 8 fours और 3 sixes शामिल रहे। उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में lower order के साथ मिलकर India के bowlers का लंबे समय तक सामना किया। चौथे दिन Dinusha ने आक्रामक शुरुआत की। उन्होंने Saransh Jain के over में six और four लगाकर तेजी से 90s में प्रवेश किया और अगले over में Prasidh Krishna की गेंद पर boundary लगाकर century पूरी की। लगातार दूसरी Test Century Dinusha के लिए यह series की लगातार दूसरी century है। Galle में खेले गए पहले Test में उन्होंने पहली पारी में 100 runs बनाए थे और दूसरी पारी में 84 runs की शानदार पारी खेली थी। अब Colombo में 103 runs बनाकर उन्होंने भारत के खिलाफ अपनी शानदार form जारी रखी। Reuters ने भी इसे Dinusha की series की दूसरी century बताया है। Saransh Jain को मिला Maiden Test Wicket भारत के debutant off-spinner Saransh Jain के लिए चौथे दिन की शुरुआत यादगार रही। उन्होंने Lahiru Kumara को आउट करके अपने Test career का पहला wicket हासिल किया। Kumara ने 58 balls में 12 runs बनाए और लंबे समय तक Dinusha का साथ दिया। इसके बाद Saransh ने Sonal Dinusha को भी pavilion भेजा। Dinusha का outside edge slip में KL Rahul ने पकड़ लिया और Sri Lanka की पूरी innings 290 runs पर समाप्त हो गई। Prasidh Krishna और Manav Suthar ने लिए 3-3 Wickets India के लिए पहली पारी में Prasidh Krishna और Manav Suthar सबसे सफल bowlers रहे। Prasidh Krishna ने 3/52, जबकि Manav Suthar ने 3/85 के figures दर्ज किए। Saransh Jain ने दो wickets हासिल किए। इन performances की बदौलत India ने Sri Lanka को अपने 503-run total के मुकाबले काफी पीछे रोक दिया। Pasindu Sooriyabandara ने भी बनाए 80 Runs Dinusha के अलावा Pasindu Sooriyabandara ने भी Sri Lankan innings को संभालने की कोशिश की। उन्होंने 80 runs की महत्वपूर्ण पारी खेली और middle order में resistance दिखाया। Sri Lanka एक समय 8/2 के दबाव में था, लेकिन Sooriyabandara और Dinusha की पारियों ने टीम को 290 तक पहुंचाया। इसके बावजूद मेजबान टीम follow-on बचाने के लिए जरूरी 304 runs तक नहीं पहुंच सकी। India को मिली 213 Runs की Lead India ने पहली पारी में 503/9 घोषित किए थे। Sri Lanka के 290 पर all out होने के बाद India को 213 runs की first-innings lead मिली। इतनी बड़ी बढ़त के बाद कप्तान Shubman Gill ने Sri Lanka को दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुलाया। Sri Lanka की दूसरी innings 26 August की सुबह शुरू हो चुकी है। Follow-On का Rule क्या है? Test cricket में पांच दिन के मुकाबले में अगर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अपने opponent से पहली innings में कम से कम 200 runs की lead हासिल करती है, तो वह दूसरी टीम को तुरंत दोबारा बल्लेबाजी के लिए बुला सकती है। India की lead 213 runs थी, इसलिए Shubman Gill के पास follow-on enforce करने का विकल्प था। उन्होंने वही विकल्प चुना और Sri Lanka को अपनी दूसरी innings तुरंत शुरू करनी पड़ी। Sri Lanka सिर्फ 14 Runs से चूका यहां एक दिलचस्प आंकड़ा भी है। Sri Lanka को follow-on बचाने के लिए 304 runs बनाने थे। अगर team 304 तक पहुंच जाती तो deficit 199 runs रह जाता और India follow-on enforce नहीं कर पाता। लेकिन Sri Lanka 290 पर all out हुआ। यानी host team सिर्फ 14 runs से follow-on बचाने से चूक गई। Padikkal और Jurel की Centuries ने बनाई थी India की मजबूत स्थिति India की मजबूत position की नींव उसकी पहली innings में रखी गई थी। Devdutt Padikkal ने 117 runs बनाए, जबकि wicketkeeper-batter Dhruv Jurel ने unbeaten 115 की पारी खेली। Rishabh Pant ने भी 63 runs की तेज पारी खेली और India ने 503/9 पर innings declare की। Padikkal की यह series में लगातार दूसरी century थी। India Series में पहले ही 1-0 से आगे भारत दो मैचों की Test series में पहले से 1-0 की बढ़त बनाए हुए है। Galle में खेले गए पहले Test को India ने 165 runs से जीता था। अब Colombo Test में Sri Lanka को follow-on देने के बाद India के पास series 2-0 से जीतने का मजबूत मौका है। Sri Lanka के सामने बड़ी चुनौती Follow-on के बाद Sri Lanka के सामने अब सबसे पहली चुनौती 213 runs की deficit खत्म करने की है। अगर भारतीय bowlers Sri Lanka को दूसरी पारी में 213 से कम पर all out कर देते हैं तो India को दोबारा batting करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वह innings victory दर्ज कर सकता है। अगर Sri Lanka 213 से…

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Adani Energy Solutions को Maharashtra में ₹4,700 करोड़ का बड़ा Transmission Project; 4,500 MW Renewable-Storage Power संभालेगा Network

मुंबई/अहमदाबाद: Adani Group की power transmission company Adani Energy Solutions Ltd (AESL) को महाराष्ट्र में करीब ₹4,700 करोड़ का एक बड़ा transmission infrastructure project मिला है। यह project Karnataka में पैदा होने वाली renewable electricity को Maharashtra के प्रमुख consumption centres तक पहुंचाने के साथ 4,500 MW तक pumped-storage potential को support करेगा। Company के मुताबिक project को अगले 36 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तहत 562 circuit kilometres नई transmission lines और 9,000 MVA transformation capacity जोड़ी जाएगी। क्या है ₹4,700 करोड़ का Project? इस transmission scheme का नाम है: “Network Expansion Scheme in Western Region to Cater to Pumped Storage Potential near Satara (up to 4500 MW) – Part A.” AESL ने इसे Tariff-Based Competitive Bidding (TBCB) process के जरिए हासिल किया, जिसमें company lowest bidder के रूप में सामने आई। Project को Satara Power Transmission Ltd नाम के Special Purpose Vehicle यानी SPV के तहत विकसित किया जाएगा। Karnataka की Renewable Energy पहुंचेगी Maharashtra इस project का एक प्रमुख उद्देश्य Karnataka में generated renewable power को Western Region के बड़े demand centres तक पहुंचाना है। Maharashtra के Mumbai Metropolitan Region, Pune और आसपास के industrial-commercial centres में power demand काफी ज्यादा है। नई transmission infrastructure Southern Grid और Western Grid के बीच electricity movement को मजबूत करने में मदद करेगी। Renewable energy की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि solar और wind generation हर समय समान नहीं रहती। इसलिए grid को ऐसी infrastructure की जरूरत होती है जो अलग-अलग क्षेत्रों से power efficiently transfer कर सके। 4,500 MW Pumped Storage को मिलेगा Support इस project की खासियत सिर्फ renewable power transmission नहीं है। यह Maharashtra के Satara, Pune और Mumbai Metropolitan Region में developing pumped-storage ecosystem को भी support करेगा। Pumped-storage hydropower को बड़े battery system की तरह समझा जा सकता है। जब electricity ज्यादा उपलब्ध होती है, तब पानी को ऊंचाई वाले reservoir में pump किया जाता है। बाद में demand बढ़ने पर उसी पानी को नीचे छोड़कर electricity generate की जाती है। इस तरह pumped storage solar और wind जैसी intermittent renewable sources को grid में integrate करने में मदद करता है। 562 Circuit KM Transmission Lines बनेंगी Project के तहत AESL लगभग 562 circuit kilometres transmission lines बनाएगा। इसके अलावा करीब 9,000 MVA की transformation capacity भी विकसित की जाएगी। Infrastructure में Satara में नया 765/400 kV substation, Kolhapur-Satara के बीच 765 kV double-circuit transmission line और Kolhapur pooling station की augmentation शामिल है। High-voltage transmission infrastructure लंबी दूरी पर power losses कम करने और बड़े volumes में electricity पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 36 Months में पूरा करने का Target Adani Energy Solutions ने कहा है कि project को 36 महीनों के अंदर commission करने का लक्ष्य है। अगर project तय timeline पर पूरा होता है तो यह Maharashtra में आने वाली renewable और storage capacity के लिए एक महत्वपूर्ण transmission backbone तैयार करेगा। AESL का Order Book ₹85,000 करोड़ पहुंचा इस नए project के बाद Adani Energy Solutions का transmission order book बढ़कर करीब ₹85,000 करोड़ हो गया है। Company देशभर में power transmission lines, substations, smart metering और distribution infrastructure से जुड़े projects पर काम करती है। नई Satara transmission scheme AESL के renewable-energy-linked transmission portfolio को और बड़ा करेगी। Company का Transmission Network भी बढ़ेगा Project पूरा होने के बाद AESL का cumulative transmission network लगभग 29,739 circuit kilometres तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं transformation capacity बढ़कर करीब 1,43,425 MVA हो जाएगी। इससे AESL देश की प्रमुख private transmission infrastructure companies में अपनी position और मजबूत करेगा। CEO Kandarp Patel ने क्या कहा? Adani Energy Solutions के CEO Kandarp Patel ने कहा कि pumped-storage projects भारत के clean-energy transition के लिए महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं क्योंकि वे renewable energy को grid में reliable तरीके से integrate करने के लिए flexibility प्रदान करते हैं। उनके मुताबिक Satara project Southern और Western India के बीच power flows को मजबूत करने के साथ renewable-energy evacuation और energy-storage deployment के लिए महत्वपूर्ण transmission backbone तैयार करेगा। India के Clean Energy Target से कैसे जुड़ा Project? भारत ने 2030 तक 500 GW non-fossil fuel electricity capacity हासिल करने का लक्ष्य रखा है। Solar और wind capacity बढ़ने के साथ नई generation projects के अलावा transmission network का expansion भी जरूरी है। अगर renewable plant electricity generate कर रहा हो लेकिन उसे demand centre तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त transmission capacity नहीं हो, तो generation capacity का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता। यही वजह है कि देश में large interstate transmission projects पर investment तेजी से बढ़ रहा है। Maharashtra में Pumped Storage क्यों महत्वपूर्ण? Maharashtra देश के सबसे बड़े electricity-consuming राज्यों में से एक है। Mumbai, Pune और industrial belts में demand लगातार बनी रहती है। दूसरी तरफ renewable generation दिन और मौसम के हिसाब से बदलती रहती है। Pumped-storage projects excess power को store करके peak demand के दौरान वापस grid में supply कर सकते हैं। इसलिए Satara के आसपास बनने वाली storage capacity और उससे जुड़ा transmission network Maharashtra की future grid reliability के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Announcement के बाद AESL Shares में तेजी 26 अगस्त को project की खबर सामने आने के बाद Adani Energy Solutions के shares करीब 1.5% तक चढ़े। Moneycontrol के मुताबिक investors ने ₹4,700 करोड़ के नए order को company के clean-energy infrastructure portfolio के लिए positive development के रूप में देखा। LiveMint के मुताबिक NSE पर share ने शुरुआती कारोबार में ₹1,634.90 का intraday high भी छुआ। हालांकि stock market movements कई factors से प्रभावित होते हैं और केवल इस project announcement के आधार पर future performance तय नहीं की जा सकती। Adani Group के लिए क्यों बड़ी Deal? Adani Group renewable generation के साथ transmission infrastructure में भी अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ा रहा है। Renewable electricity ecosystem केवल solar या wind plant लगाने तक सीमित नहीं है। उसके लिए high-capacity transmission corridors, substations और storage systems भी जरूरी होते हैं। ₹4,700 करोड़ का Satara project AESL को इन तीनों क्षेत्रों—renewable evacuation, interstate transmission और pumped storage integration—के intersection पर मजबूत position देता है। 26…

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Karnataka के मंत्री B Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की; ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामले को लेकर BJP का दबाव

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation से जुड़े कथित ₹89 करोड़ के फंड diversion मामले ने एक बार फिर बड़ा मोड़ ले लिया है। राज्य के Planning and Statistics Minister B Nagendra ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar की Cabinet से इस्तीफा देने की पेशकश की है। विपक्षी BJP पिछले कई दिनों से Nagendra को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री D.K. Shivakumar ने फिलहाल Nagendra को इस्तीफा देने से रोकते हुए कहा है कि वह पहले Congress high command से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे। यानी Nagendra ने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। आज सुबह सामने आया बड़ा Political Development 26 अगस्त की सुबह करीब 9:30 बजे यह जानकारी सामने आई कि BJP के बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच Nagendra ने पद छोड़ने की पेशकश की है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री ने उनसे फिलहाल पद पर बने रहने को कहा है, जब तक पार्टी नेतृत्व से चर्चा पूरी नहीं हो जाती। इसलिए headline में “इस्तीफा दे दिया” लिखना अभी गलत होगा। सही स्थिति यह है कि उन्होंने resignation offer किया है। क्या है ₹89.63 करोड़ Valmiki Corporation मामला? यह मामला Karnataka Maharshi Valmiki Scheduled Tribes Development Corporation के सरकारी फंड से जुड़ा है। CBI की chargesheet के मुताबिक करीब ₹89.63 करोड़ सरकारी रकम कथित रूप से forged cheques और RTGS transactions के जरिए divert की गई। जांच एजेंसी ने दावा किया कि यह पैसा लगभग 600 bank accounts के जरिए layer किया गया और बाद में cash, bullion तथा luxury vehicles में बदला गया। CBI ने जून 2026 में Nagendra समेत कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया था। ये आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और conviction नहीं हुई है। Nagendra को Chargesheet में बनाया गया आरोपी CBI का आरोप है कि B Nagendra और उनके कथित करीबी सहयोगी Nekkanti Nagaraj समेत अन्य लोगों ने सरकारी funds के diversion में भूमिका निभाई। Agency ने यह भी आरोप लगाया कि Nagendra को एक private firm को ₹13.95 करोड़ का tender दिलाने के बदले ₹1.20 करोड़ की कथित रिश्वत मिली। यह CBI की chargesheet का आरोप है, जिसे अदालत में साबित किया जाना बाकी है। CBI ने Nagendra को तीन अलग-अलग chargesheets में आरोपी बनाया है। Governor से Prosecution Sanction भी मांगा मामले में हाल ही में एक और महत्वपूर्ण development सामने आया था। CBI ने Karnataka Governor Thaawarchand Gehlot से Nagendra के खिलाफ prosecution शुरू करने की अनुमति मांगी है। एक sitting minister के खिलाफ कुछ परिस्थितियों में prosecution आगे बढ़ाने के लिए ऐसी sanction महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसी development के बाद BJP ने Nagendra के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज कर दिया। BJP ने Assembly में किया लगातार Protest Karnataka BJP पिछले कई दिनों से Legislative Assembly में Nagendra के resignation की मांग को लेकर विरोध कर रही है। BJP और JD(S) के विधायकों ने Assembly proceedings बाधित कीं और आरोप लगाया कि chargesheet में नाम आने के बाद Nagendra का मंत्री पद पर बने रहना उचित नहीं है। Opposition ने Vidhana Soudha के बाहर भी प्रदर्शन किया और कई BJP नेताओं को protest के दौरान हिरासत में लिया गया। Vidhana Soudha में जबरन घुसने की कोशिश तक पहुंचा Protest विवाद ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब BJP कार्यकर्ताओं और नेताओं ने Vidhana Soudha की ओर march किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक security personnel के साथ धक्का-मुक्की हुई और कुछ प्रदर्शनकारियों ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की। BJP की मांग थी कि Nagendra को तुरंत Cabinet से हटाया जाए। लगातार protests के चलते राज्य की monsoon session की proceedings भी प्रभावित हुईं। 2024 में भी इसी मामले पर दे चुके हैं इस्तीफा Nagendra के लिए यह विवाद नया नहीं है। जब 2024 में Valmiki Corporation fund diversion मामला सामने आया था, उस समय वह Tribal Welfare Minister थे। बढ़ते दबाव के बीच उन्होंने June 2024 में Cabinet से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद Enforcement Directorate ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। बाद में उन्हें bail मिली। August 2026 में दोबारा Cabinet में हुई थी Entry राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद B Nagendra को 3 अगस्त 2026 को D.K. Shivakumar की Cabinet में फिर शामिल किया गया। उन्हें Planning and Statistics portfolio दिया गया। लेकिन re-induction के कुछ ही दिनों बाद BJP ने CBI chargesheet और ED case को लेकर उनकी नियुक्ति का विरोध शुरू कर दिया। अब तीन सप्ताह से भी कम समय में Nagendra ने फिर पद छोड़ने की पेशकश की है। BJP पर Nagendra का पलटवार Nagendra पहले resignation की मांग को खारिज करते रहे थे। 19 अगस्त को उन्होंने BJP पर आरोप लगाया था कि विपक्ष उन्हें इसलिए निशाना बना रहा है क्योंकि वह tribal community से आते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर अदालत उन्हें दोषी पाती है तो वह सजा स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। Nagendra ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के आरोपों को भी राजनीतिक साजिश बताया था। हालांकि उनके इन दावों का BJP ने विरोध किया और कहा कि मुद्दा जाति नहीं बल्कि corruption allegations और accountability का है। मामला सामने कैसे आया था? Valmiki Corporation मामला 2024 में उस समय चर्चा में आया जब corporation से जुड़े Accounts Officer P Chandrashekaran की मौत हुई। उनके कथित suicide note में corporation के funds के unauthorized transfer और वरिष्ठ अधिकारियों पर दबाव जैसे आरोप लगाए गए थे। इसके बाद मामले की जांच अलग-अलग agencies तक पहुंची। Union Bank of India की complaint के आधार पर CBI ने भी investigation शुरू की। ₹187 करोड़ Pool हुआ, ₹89.63 करोड़ कथित तौर पर Divert CBI के मुताबिक corporation और संबंधित departments से लगभग ₹187 करोड़ Union Bank of India के account में pool किए गए थे। Agency का आरोप है कि इसमें से ₹89.63 करोड़ कथित तरीके से divert किए गए। CBI ने bank officials, corporation officers, government officials, private persons और middlemen समेत कई लोगों की भूमिका जांचने का दावा किया है। Congress के लिए बढ़ी राजनीतिक मुश्किल…

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नए संसद भवन के बाहर जलभराव! अंदर पानी टपकने वाला वीडियो निकला पुराना, Congress-BJP में छिड़ी जुबानी जंग

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद नए संसद भवन के आसपास जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी बीच संसद भवन के अंदर छत से पानी टपकने का एक वीडियो भी शेयर किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार और नई संसद की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे। लेकिन इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। संसद के अंदर पानी टपकने वाला वायरल वीडियो मौजूदा 25 अगस्त 2026 की बारिश का नहीं, बल्कि अगस्त 2024 का है। हालांकि 25 अगस्त की भारी बारिश के दौरान Parliament Street और संसद के आसपास के इलाकों में वास्तविक रूप से waterlogging दर्ज हुई थी। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। Renuka Chowdhury ने शेयर किए Videos Congress MP Renuka Chowdhury ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ videos शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा: “New Parliament of New India — Requires boats not votes.” उनके द्वारा शेयर किए गए visuals में संसद परिसर के आसपास पानी जमा दिखने के साथ एक वीडियो में Parliament building के अंदर पानी टपकता दिखाई दे रहा था। पोस्ट वायरल होने के बाद यह दावा तेजी से फैलने लगा कि नई संसद की छत से एक बार फिर बारिश का पानी अंदर आ गया है। लेकिन अंदर पानी टपकने वाला Video 2024 का Times of India की 26 अगस्त की fact-checking report के मुताबिक Renuka Chowdhury द्वारा शेयर किए गए videos में से संसद भवन के अंदर पानी टपकने वाला वीडियो अगस्त 2024 का है। यानी उसे 25 अगस्त 2026 की बारिश से जोड़ना सही नहीं है। 2024 में भी भारी बारिश के दौरान New Parliament Building के lobby area में minor leakage हुई थी। तब Lok Sabha Secretariat ने बताया था कि lobby के ऊपर लगे glass dome को fix करने वाला adhesive material भारी बारिश में थोड़ा खिसक गया था, जिससे मामूली leakage हुई। बाद में corrective action किए जाने की बात कही गई थी। इसलिए 2024 की उस घटना के video को 2026 की बारिश का fresh visual बताना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा। Parliament के आसपास Waterlogging जरूर हुआ हालांकि पूरी कहानी को fake कहना भी सही तस्वीर नहीं दिखाएगा। 25 अगस्त 2026 को Parliament Street और संसद क्षेत्र के आसपास वास्तविक जलभराव दर्ज किया गया था। Hindustan Times की live weather coverage में सुबह करीब 9:30 बजे Parliament area में heavy rain के बाद waterlogging की जानकारी दी गई। दिल्ली के कई अन्य प्रमुख इलाकों में भी पानी जमा हुआ, जिनमें: शामिल थे। इसलिए यह कहना सही होगा कि नई संसद के आसपास बारिश का पानी जमा हुआ, लेकिन संसद के अंदर fresh leakage की पुष्टि वायरल पुराने वीडियो से नहीं होती। BJP ने कहा- ‘Fake News’ BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने Congress के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे fake news बताया। उन्होंने viral video पर कहा कि यह मौजूदा Parliament leakage का वीडियो नहीं है और Congress पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया। हालांकि BJP की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से संसद के अंदर leakage दिखाने वाले video पर थी। बाहर Parliament area में waterlogging होने की बात अलग-अलग मीडिया reports और rain coverage में दर्ज है। दिल्ली में कितनी हुई बारिश? 25 अगस्त को Delhi में बेहद तेज monsoon spell देखने को मिला। IMD के आंकड़ों के मुताबिक शहर के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई। ABP की 26 अगस्त की सुबह की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में Safdarjung weather station पर 99.1 mm rainfall दर्ज हुई। Aya Nagar में 101.9 mm, Ridge में करीब 100 mm और Lodhi Road पर 98.3 mm बारिश दर्ज की गई। इतनी तेज बारिश के कारण राजधानी के drainage systems पर दबाव बढ़ा और कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। AIIMS और Safdarjung Hospital के बाहर भी पानी New Parliament area ही नहीं, दिल्ली के प्रमुख hospitals के आसपास भी गंभीर waterlogging देखने को मिला। AIIMS flyover loop और Safdarjung Hospital के आसपास पानी जमा होने के visuals सामने आए। कश्मीरी गेट क्षेत्र में भारी बारिश के बाद एक building की wall गिरने की घटना भी रिपोर्ट हुई। यानी Delhi में हुई बारिश का असर काफी व्यापक था और Parliament area का waterlogging उसी बड़े weather event का हिस्सा था। Social Media पर क्यों फैला Confusion? पूरे विवाद में दो अलग-अलग videos और घटनाएं आपस में जुड़ गईं। पहला—25 अगस्त 2026 का Parliament area waterlogging, जो वास्तविक और current था। दूसरा—August 2024 का Parliament lobby leakage video, जिसे मौजूदा बारिश के साथ फिर शेयर किया गया। दोनों को एक साथ पोस्ट किए जाने के कारण social media users के बीच यह impression बना कि 25 अगस्त 2026 को नई संसद के अंदर भी पानी टपकने लगा। लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट्स इस दावे की पुष्टि नहीं करतीं। 2024 में क्या हुआ था New Parliament में? नई संसद की इमारत का उद्घाटन 28 मई 2023 को किया गया था। इसके करीब एक साल बाद 31 जुलाई 2024 को दिल्ली में हुई भारी बारिश के दौरान Parliament lobby में पानी टपकने का video सामने आया था। Lok Sabha Secretariat ने तब बयान जारी कर कहा था कि Green Parliament concept के तहत building में natural light के लिए glass domes लगाए गए हैं। भारी बारिश में एक glass dome को fix करने वाला adhesive थोड़ा displaced हो गया था, जिसकी वजह से minor leakage हुई। यही पुराना video अब दो साल बाद एक बार फिर मौजूदा Delhi rains के दौरान viral हुआ। Opposition ने Infrastructure पर उठाए सवाल Congress समेत विपक्ष के नेताओं ने Parliament area में waterlogging को लेकर केंद्र सरकार और civic infrastructure पर सवाल उठाए हैं। Renuka Chowdhury का “boats not votes” वाला बयान भी इसी राजनीतिक हमले का हिस्सा था। वहीं BJP ने पुराना video शेयर किए जाने को मुद्दा बनाया और विपक्ष पर misinformation फैलाने का आरोप लगाया। इस तरह वास्तविक waterlogging और पुराने leakage video के बीच political debate और तेज हो गई। Delhi का Drainage फिर सवालों में…

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आरक्षण आंदोलन पर चर्चा के दौरान डॉ. आंबेडकर और चंद्रशेखर आजाद पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी; अजीत भारती पर FIR, कोर्ट पहुंचे YouTuber

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर हुए ‘Reservation Hatao Andolan’ के बाद विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। YouTuber और commentator अजीत भारती के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने YouTube कार्यक्रम में नागीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर जातिगत, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मामले की जांच जारी है और आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। FIR दिल्ली के North Avenue Police Station में 23 अगस्त को दर्ज की गई। शिकायत Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की ओर से दी गई थी। पुलिस ने SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के साथ Bharatiya Nyaya Sanhita और Information Technology Act की धाराएं भी लगाई हैं। क्या Jantar Mantar के मंच पर हुई थी कथित टिप्पणी? इस मामले में सबसे जरूरी clarification यही है। 21 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग caste-based reservation system में बदलाव की मांग को लेकर जुटे थे। आंदोलन में अजीत भारती ने भी हिस्सा लिया और reservation system की समीक्षा, white paper तथा economic criteria जैसे मुद्दे उठाए थे। लेकिन डॉ. आंबेडकर और चंद्रशेखर आजाद को लेकर जिस कथित आपत्तिजनक भाषा पर FIR हुई, वह शिकायत के मुताबिक 22 अगस्त को जारी YouTube show ‘SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti’ से संबंधित है। इसलिए इसे सीधे “जंतर-मंतर के मंच पर आंबेडकर पर टिप्पणी” कहना अभी उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक सही नहीं होगा। शिकायत में क्या आरोप लगाए गए? Indian Express द्वारा देखी गई FIR के मुताबिक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि YouTube video में चंद्रशेखर आजाद और डॉ. बी.आर. आंबेडकर को लेकर कथित तौर पर caste-based, abusive और humiliating statements की गईं। शिकायत में महिलाओं को लेकर कथित रूप से sexually degrading language और कुछ statements को inflammatory तथा threatening बताने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की सत्यता अभी investigation और judicial process में तय होनी है। इसलिए कथित आपत्तिजनक शब्दों को बिना जरूरत दोहराना उचित नहीं है। किसकी शिकायत पर दर्ज हुई FIR? मामला Balakram Bauddh, Delhi State President, Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की शिकायत पर दर्ज हुआ। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और Nagina MP Chandrashekhar Azad हैं। शिकायत के साथ कथित video और social-media screenshots को electronic evidence के रूप में पुलिस को दिया गया। शिकायतकर्ता ने investigating agency से original platform data, video URL, upload details, metadata, views, comments और reposts जैसी digital information हासिल करने की भी मांग की। किन धाराओं में दर्ज हुआ Case? रिपोर्ट्स के मुताबिक FIR में: समेत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं। Police investigation के बाद ही यह साफ होगा कि उपलब्ध evidence के आधार पर कौन-सी धाराएं आगे कायम रहती हैं। Ajeet Bharti ने आरोपों को किया खारिज अजीत भारती ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों का विरोध किया है। उन्होंने FIR को pressure-driven बताया और दावा किया कि उनके खिलाफ SC/ST Act के तहत मामला नहीं बनता। उनका कहना है कि उनके statements को context से अलग करके पेश किया गया और वे अपने video पर आई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब दे रहे थे। यह उनका पक्ष है; अदालत और जांच एजेंसी अभी इसकी जांच कर रही हैं। गिरफ्तारी की आशंका के बीच Court पहुंचे इस मामले में 25 अगस्त को अजीत भारती ने Delhi के Patiala House Court में anticipatory bail petition दाखिल की। उनके वकीलों ने दलील दी कि FIR में बताए गए facts के आधार पर SC/ST Act का offence prima facie नहीं बनता। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अभी BNSS की Section 35(3) के तहत appearance notice जारी नहीं किया है। Additional Sessions Judge Saurabh Pratap Singh Laler ने मामले की सुनवाई की। Court ने Police को क्या कहा? Court ने कहा कि अगर investigating officer अजीत भारती को BNSS Section 35(3) के तहत कोई notice जारी करता है, तो उसकी copy Court के सामने भी रखी जाए। अदालत उस notice की तारीख और SC/ST Act के alleged offence के prima facie ingredients को देखते हुए anticipatory bail application पर विचार करेगी। Court ने investigating officer को notice जारी किया है और मामले को आगे की arguments के लिए 31 अगस्त 2026 को listed किया है। इसका मतलब अभी anticipatory bail पर final फैसला नहीं हुआ है। Jantar Mantar पर क्या था Reservation Hatao Andolan? 21 अगस्त को दिल्ली के Jantar Mantar पर बड़ी संख्या में लोग reservation policy में reform की मांग को लेकर पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में caste-based quota की समीक्षा, economic condition को greater weight देने, reservation पर white paper जारी करने और UGC equity rules पर पुनर्विचार जैसी बातें शामिल थीं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST Act में बदलाव या इसे समाप्त करने की मांग भी उठाई। यह मांग विवाद का बड़ा कारण बनी। Police Permission को लेकर भी हुआ विवाद Delhi Police ने शुरुआत में स्पष्ट किया था कि Jantar Mantar पर उस protest के लिए permission नहीं दी गई थी। बाद में Ramlila Maidan में सीमित संख्या में लोगों के लिए peaceful protest की NOC जारी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन प्रदर्शनकारी Jantar Mantar से हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और अलग-अलग दिनों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की घटनाएं भी हुईं। Chandrashekhar Azad ने भी आंदोलन पर साधा निशाना Nagina MP और Bhim Army प्रमुख Chandrashekhar Azad ने anti-reservation protest की आलोचना की और आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए। इसके बाद social media और political discourse में reservation के पक्ष और विरोध में बहस और तेज हो गई। इसी broader controversy के बीच अजीत भारती का YouTube programme सामने आया और उसके बाद Azad Samaj Party की शिकायत पर FIR दर्ज हुई। यह मामला क्यों Sensitive है? यह मामला तीन बेहद संवेदनशील मुद्दों को एक साथ जोड़ता है: पहला, भारत की reservation policy और social justice debate। दूसरा, SC/ST Act और caste-based speech से जुड़े criminal-law provisions। तीसरा, public figures और historical personalities पर online speech की कानूनी सीमाएं। ऐसे मामलों में किसी statement के words,…

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नाव लेकर MCD सदन पहुंचे AAP पार्षद! दिल्ली में जलभराव के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, कूड़ा रखकर BJP के खिलाफ नारेबाजी

नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार बारिश और जगह-जगह जलभराव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए MCD सदन में inflatable rubber boat लेकर प्रवेश किया। पार्षद अपने साथ कूड़ा भी लेकर पहुंचे और BJP के नेतृत्व वाली नगर निगम व्यवस्था पर सफाई तथा drainage management में विफल रहने का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन 24 अगस्त 2026 को दिल्ली के Civic Centre में MCD की General House Meeting के दौरान हुआ था। AAP पार्षदों ने पहले सदन के भीतर नाव दिखाई और बाद में सदन के बाहर नाव तथा कूड़ा रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जलभराव और सफाई व्यवस्था पर जवाब मांगते हुए BJP के खिलाफ नारे लगाए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी। सदन में अचानक नाव लेकर पहुंचे पार्षद MCD की बैठक चल रही थी, तभी विपक्षी AAP पार्षद inflatable boat लेकर सदन में पहुंचे। नाव को सदन के अंदर घुमाया गया और इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बारिश के बाद दिल्ली की कई सड़कें इतनी जलमग्न हो जाती हैं कि वहां वाहन के बजाय नाव की जरूरत पड़ने जैसी स्थिति दिखाई देती है। यह प्रतीकात्मक विरोध जल्द ही राजनीतिक नारेबाजी में बदल गया। कूड़ा भी लेकर पहुंचे AAP Councillors AAP पार्षदों का विरोध केवल waterlogging तक सीमित नहीं था। वे कथित तौर पर कूड़ा भी साथ लेकर पहुंचे और MCD की sanitation व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान “जलभराव पर जवाब दो” और “कूड़े पर जवाब दो” जैसे नारे लगाए गए। AAP का आरोप है कि राजधानी में drainage और garbage management की समस्याओं के कारण लोगों को बारिश के दौरान भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालांकि ये AAP के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। Ankush Narang ने BJP को घेरा MCD में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सफाई और जलभराव की स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा। विपक्ष का कहना था कि monsoon से पहले drains की सफाई और waterlogging रोकने के दावों के बावजूद राजधानी में कई महत्वपूर्ण जगहों पर पानी भर गया। AAP ने इसे BJP की civic governance की विफलता बताते हुए जवाबदेही की मांग की। भारी बारिश के बाद कई इलाकों में Waterlogging जिस दिन MCD में नाव वाला प्रदर्शन हुआ, उसी दिन दिल्ली में भारी बारिश से कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया था। लुटियंस दिल्ली, Mathura Road, Connaught Place, Bhairon Marg, ITO और Zakhira Underpass समेत कई जगहों पर traffic प्रभावित हुआ। Janakpuri क्षेत्र में उस दिन करीब 67 mm rainfall दर्ज किए जाने की रिपोर्ट थी। सोशल मीडिया पर भी स्कूल के बच्चों और commuters के पानी से भरी सड़कों से गुजरने के कई वीडियो सामने आए। 26 August तक और गंभीर हुआ Rainfall का आंकड़ा मुद्दा केवल 24 अगस्त की बारिश तक सीमित नहीं रहा। IMD के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह से मंगलवार रात 8:30 बजे तक दिल्ली में 107.8 mm बारिश दर्ज हुई। इसके साथ इस monsoon season में rainfall करीब 653 mm पहुंच गई, जो जून-सितंबर के सामान्य seasonal average 640.4 mm से भी ज्यादा है। इस बारिश के कारण Connaught Place, ITO, AIIMS और Chirag Dilli जैसे इलाकों में भी waterlogging तथा traffic disruption देखा गया। Rekha Gupta सरकार का जवाब Delhi Chief Minister Rekha Gupta ने waterlogging की समस्या को लेकर कहा कि राजधानी का drainage network कई जगह 50 साल से ज्यादा पुराना है। उन्होंने कहा कि सरकार पुराने infrastructure और लंबे समय से चली आ रही civic समस्याओं का समाधान केंद्र सरकार के सहयोग से करने पर काम कर रही है। उनके मुताबिक सरकार ने long-term solutions तैयार करने के लिए पिछले डेढ़ साल में पुराने drainage और infrastructure issues का अध्ययन किया है। इस तरह BJP सरकार ने मौजूदा स्थिति को केवल current administration की समस्या मानने के बजाय इसे वर्षों पुरानी infrastructure challenges से भी जोड़ा है। AAP का ‘चार इंजन सरकार’ पर तंज AAP पार्षदों ने विरोध के दौरान Delhi government, MCD और BJP leadership को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के कई स्तरों पर BJP होने के बावजूद जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ। AAP ने अपने विरोध में इसे व्यंग्यात्मक रूप से “चार इंजन सरकार” का मुद्दा भी बनाया। इससे पहले AAP नेता Saurabh Bharadwaj ने भी बारिश के बाद सामने आए waterlogging videos को साझा करते हुए Rekha Gupta सरकार पर तंज कसा था। Talkatora Stadium के Waterlogging पर भी AAP का हमला 25 अगस्त को राजनीतिक विवाद उस समय और बढ़ गया जब AAP ने Talkatora Stadium में waterlogging का वीडियो शेयर किया। AAP MLA Kuldeep Kumar ने BJP के एक कार्यक्रम के दौरान venue पर मौजूद पानी को लेकर व्यंग्य करते हुए इसे “swimming pool” कहा और BJP सरकार पर निशाना साधा। यह घटना बताती है कि Delhi waterlogging अब civic problem के साथ-साथ बड़ा political issue भी बन चुका है। MCD Meeting में दूसरे काम भी हुए नाव और नारेबाजी के कारण MCD बैठक चर्चा में रही, लेकिन सदन में दूसरे administrative proposals पर भी काम हुआ। MCD ने parks और green areas की maintenance से संबंधित PPP scheme में बदलाव को मंजूरी दी। इसके तहत RWAs और NGOs को maintenance work मिलने के लिए councillor की recommendation अनिवार्य करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसलिए MCD meeting पूरी तरह केवल विरोध-प्रदर्शन तक सीमित नहीं थी। नाव वाला प्रदर्शन क्यों हुआ Viral? राजनीतिक विरोध में visual symbolism का इस्तेमाल नया नहीं है, लेकिन MCD सदन जैसी औपचारिक जगह पर नाव लेकर पहुंचना unusual था। दिल्ली की flooded roads की तस्वीरों के बीच नाव सीधे उसी मुद्दे का visual representation बन गई। यही वजह है कि AAP का यह protest तेजी से सोशल मीडिया और news reports में चर्चा में आया। असली सवाल—Delhi में Waterlogging क्यों? Delhi की waterlogging कई agencies और infrastructure systems से जुड़ी समस्या है। Storm-water drains, PWD roads, MCD drains, Delhi Jal Board infrastructure, major drains और अलग-अलग land-owning agencies की overlapping responsibilities लंबे समय से coordination को मुश्किल बनाती रही हैं। साथ ही पुराने…

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70वीं BPSC परीक्षा रद्द कराने की मांग पर पटना में बवाल; Water Cannon और लाठीचार्ज, 25 छात्र हिरासत में

पटना: बिहार की राजधानी पटना में 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने समेत भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी कई मांगों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को उग्र हो गया। गांधी मैदान से मार्च निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने डाक बंगला चौराहे पर पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए water cannon और हल्के बल का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें बाद में बिना औपचारिक गिरफ्तारी के छोड़ दिया गया। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए। छात्र प्रतिनिधियों के एक दल ने बाद में बिहार के Chief Secretary Pratyaya Amrit से मुलाकात की और अपनी मांगें रखीं। Gandhi Maidan से शुरू हुआ था March प्रदर्शनकारी छात्र मंगलवार सुबह गांधी मैदान के पास जुटे और वहां से मुख्यमंत्री आवास तथा बाद में राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की। Aaj Tak के मुताबिक मार्च सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ था। छात्रों की संख्या बड़ी थी और प्रशासन ने पहले से ही डाक बंगला चौराहा तथा दूसरे संवेदनशील इलाकों में barricades लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी आगे बढ़े, पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। Barricades तोड़े, Police ने Water Cannon चलाया प्रदर्शनकारी जब डाक बंगला चौराहे तक पहुंचे तो कुछ छात्रों ने barricades हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को पीछे करने के लिए पानी की तेज बौछारों का इस्तेमाल किया। बाद में हल्का लाठीचार्ज भी किया गया। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च करते हुए पुलिस barricading तोड़ी थी। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और वरिष्ठ अधिकारी तैनात थे। 25 Students हिरासत में, बाद में छोड़े गए Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान करीब 25 छात्रों को हिरासत में लिया। हालांकि बाद में सभी को बिना formal charges या arrest के छोड़ दिया गया। इस दौरान भीड़ और पुलिस के बीच हुई झड़प में Patna Town DSP-II Kamakhya Narayan Singh और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक भीड़ में से फेंकी गई एक लकड़ी की वस्तु से दोनों पुलिसकर्मियों को चोट लगी। सिर्फ 70वीं BPSC ही नहीं, 15 सूत्री मांगें इस प्रदर्शन को केवल 70वीं BPSC परीक्षा तक सीमित समझना पूरी तस्वीर नहीं होगी। छात्र संगठनों की 15 सूत्री मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़े विवादों के अलावा शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को single-tier format में कराने, negative marking हटाने और लंबे समय से खाली पड़े teaching तथा librarian posts भरने जैसी मांगें भी शामिल हैं। Aaj Tak ने भी छात्रों की प्रमुख मांगों में: शामिल बताया है। TRE-4 का Two-Tier Format भी बड़ा मुद्दा मौजूदा आंदोलन में एक बड़ा विवाद BPSC Teacher Recruitment Examination यानी TRE-4 को लेकर है। अभ्यर्थियों का विरोध प्रस्तावित two-tier examination format से है। उनका कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 एक ही competitive examination के जरिए आयोजित किए गए थे, इसलिए TRE-4 में preliminary examination जोड़ने की जरूरत नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों का तर्क है कि शिक्षक अभ्यर्थी पहले ही CTET या STET जैसी eligibility examinations qualify कर चुके हैं। Chief Secretary से हुई बातचीत हंगामे के बाद छात्र प्रतिनिधियों के एक delegation को बिहार के Chief Secretary Pratyaya Amrit से मिलने ले जाया गया। छात्र नेता Aman Kumar ने Indian Express से कहा कि meeting सकारात्मक रही और छात्रों को अगले कुछ दिनों में उनकी मांगों पर favourable response मिलने का भरोसा दिया गया। छात्रों ने Chief Secretary के सामने TRE-4 से prelims हटाने, single-exam pattern बनाए रखने और negative marking खत्म करने की मांग दोहराई। हालांकि सरकार ने अभी 70वीं BPSC परीक्षा रद्द करने या सभी मांगें स्वीकार करने का कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं किया है। 20 दिनों से चल रहा था Dharna यह प्रदर्शन अचानक शुरू नहीं हुआ था। अभ्यर्थी करीब 20 दिनों से Gardanibagh धरना स्थल पर विरोध कर रहे थे। मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद छात्र संगठनों ने बड़े मार्च का आह्वान किया। मंगलवार को करीब 1,500 छात्रों और 17 छात्र संगठनों के शामिल होने की जानकारी Indian Express ने दी है। BPSC Examination Controller भी Suspend छात्र आंदोलन के बीच BPSC से जुड़ा एक और विवाद सामने आया। BPSC Examination Controller Rajesh Singh को Bihar government ने suspend कर दिया। विवाद उस समय बढ़ा जब उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रदर्शन से जुड़े सवाल के जवाब में एक हिंदी कहावत का इस्तेमाल किया, जिसका आशय “हाथी चलता रहता है, कुत्ते भौंकते रहते हैं” जैसा था। उनकी टिप्पणी पर छात्रों और राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई। Rajesh Singh ने बाद में कहा कि उनकी बात को context से अलग पेश किया गया, लेकिन सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। Tejashwi Yadav ने भी उठाया मुद्दा BPSC अधिकारी की टिप्पणी और छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बिहार की राजनीति भी गर्म हो गई। RJD नेता Tejashwi Yadav ने Examination Controller की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की थी। इस तरह छात्र आंदोलन अब सिर्फ recruitment और examination policy तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। 26 August की Latest Update 26 अगस्त 2026 तक स्थिति यह है कि मंगलवार का बड़ा प्रदर्शन समाप्त हो चुका है, हिरासत में लिए गए करीब 25 छात्रों को छोड़ दिया गया है और छात्र प्रतिनिधियों की Chief Secretary से बातचीत हुई है। लेकिन छात्रों की मुख्य मांगों पर अभी final सरकारी निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए headline में “70वीं BPSC परीक्षा रद्द” कहना गलत होगा। फिलहाल परीक्षा रद्द करने की मांग जारी है। अब छात्रों की नजर सरकार की उस प्रतिक्रिया पर है, जिसका भरोसा Chief Secretary के साथ हुई meeting में अगले कुछ दिनों के भीतर मिलने की बात कही गई है। नोट: बड़ा प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई 25 अगस्त 2026 को हुई थी। 26 अगस्त की fresh update हिरासत में लिए छात्रों की रिहाई, दो पुलिसकर्मियों के घायल होने और Chief Secretary के साथ छात्र प्रतिनिधियों की बातचीत है। स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी, आजतक,…

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कानपुर में एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए लोगों की भीड़! कचरे से कार्टन भरकर ले गए लोग, पुलिस ने शुरू की जांच

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शहर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में हाईवे किनारे बड़ी मात्रा में फेंकी गई चॉकलेट और टॉफियां देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग थैले, बोरे और यहां तक कि पूरे कार्टन भरकर इन्हें अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का दावा है कि ये खाद्य उत्पाद 2024 में ही एक्सपायर हो चुके थे। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो 24-25 अगस्त के दौरान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जबकि 26 अगस्त 2026 तक पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में confectionery किस कंपनी या कारोबारी ने खुले में फेंकी और उनका सही तरीके से disposal क्यों नहीं किया गया। Panki Industrial Area में दिखा हैरान करने वाला नजारा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में फर्टिलाइजर फैक्ट्री और लोहिया चौराहे के आसपास हाईवे किनारे का है। यहां सड़क किनारे बड़ी मात्रा में रंग-बिरंगे packets, cartons, chocolates और toffees पड़ी थीं। जैसे ही वहां से गुजर रहे लोगों को इसकी जानकारी मिली, देखते ही देखते भीड़ जुट गई। वायरल वीडियो में लोग जमीन और कचरे के बीच से chocolates के packets उठाते हुए दिखाई देते हैं। कोई उन्हें bag में भर रहा है तो कोई पूरा carton बाइक या दूसरे वाहन पर रखकर ले जाता नजर आता है। आधे घंटे में साफ हो गया Stock? प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से Times of India ने रिपोर्ट किया कि कथित तौर पर एक truckload confectionery products वहां उतारे गए थे और करीब आधे घंटे के भीतर लोग ज्यादातर stock उठाकर ले गए। कुछ लोग पैदल cartons लेकर जाते दिखे, जबकि कई लोग motorcycles और cars में सामान भरकर ले गए। इस दृश्य के कारण सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि लोगों ने products की expiry date और उन्हें खुले कचरे में फेंके जाने की वजह की जांच किए बिना इन्हें क्यों उठा लिया। क्या सच में 2024 में Expire हुई थीं Chocolates? स्थानीय निवासियों और वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ products की expiry 2024 में ही हो चुकी थी। हालांकि इस पूरे stock की expiry status और manufacturer की पहचान को लेकर प्रशासनिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना ज्यादा सही है कि ये एक्सपायर्ड बताई जा रही chocolates और toffees थीं, जिनका बड़ा stock खुले में पड़ा मिला। Police पहुंची मौके पर, जांच शुरू वीडियो और घटना की जानकारी मिलने के बाद Kanpur Police मौके पर पहुंची। DCP West S.M. Qasim Abidi के मुताबिक Panki Police Station के प्रभारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को मौके पर कुछ फटे हुए wrappers मिले, जिन पर मौजूद labels से products का connection Gujarat से होने का संकेत मिला है। हालांकि केवल wrappers के आधार पर किसी specific company को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि stock किसने फेंका और क्या food products के disposal से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। जांच के बाद FIR की बात DCP West ने यह भी कहा कि expired food items का सेवन health के लिए खतरा पैदा कर सकता है और investigation पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक FIR दर्ज की जाएगी। इसका मतलब अभी तक किसी specific factory या व्यक्ति के खिलाफ जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर circulating claims के आधार पर किसी particular company को दोषी बताना उचित नहीं होगा। खुले में क्यों नहीं फेंकने चाहिए Expired Food Products? इस घटना ने expired food के disposal को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे food products जिन्हें बिक्री या consumption के लिए unsuitable माना गया हो, उन्हें इस तरह destroy या dispose किया जाना चाहिए कि वे दोबारा supply chain या आम लोगों तक न पहुंचें। सड़क किनारे cartons या packets के रूप में food waste फेंकने से: इसी वजह से घटना के बाद manufacturer और waste-disposal process की जांच की मांग उठ रही है। लोगों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता Expired date का मतलब हर product उसी दिन जहरीला हो जाना नहीं होता, लेकिन expiry/use-by अवधि पार कर चुके और खासकर कचरे में पड़े food products को खाना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यहां खतरा केवल expiry का नहीं है। Products सड़क किनारे और garbage के संपर्क में थे। ऐसे में packets damaged होने, moisture, dirt, insects या bacteria contamination का भी risk हो सकता है। इसी वजह से पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को ऐसे products का सेवन न करने को लेकर सतर्क किया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पहुंचे वायरल तस्वीरों और वीडियो में अलग-अलग उम्र के लोग chocolates लेने पहुंचे दिखाई देते हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों तक ने discarded products उठाए। कई लोगों ने packets की जानकारी या expiry date check किए बिना उन्हें bags में भर लिया। इस पूरे दृश्य ने food-safety awareness को लेकर भी बहस छेड़ दी है। किस Factory ने फेंका Stock? यही इस मामले का सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल है। कुछ शुरुआती reports में किसी chocolate factory द्वारा stock dump किए जाने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस ने अभी संबंधित manufacturer की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मौके से मिले wrappers पर Gujarat से संबंधित labeling मिलने की सूचना है। अब police investigation के जरिए supply chain और stock के source की पहचान की जाएगी। किस कंपनी ने stock manufacture किया और किसने इसे Kanpur में dump किया—ये दोनों एक ही entity हों, यह भी अभी स्थापित नहीं है। Viral Video ने उठाए दो बड़े सवाल इस पूरे मामले में दो अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारी का सवाल उठ रहा है। पहला, अगर products वास्तव में expired और disposal के लिए थे, तो उन्हें इस तरह खुले public area में क्यों फेंका गया कि कोई भी उन्हें उठा सके? दूसरा, लोगों ने कचरे में पड़े और expiry पार कर चुके food products को…

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