US Military Attack Plan Leak: मैगजीन ने किया अमेरिकी सेना का पूरा का पूरा अटैक प्लान लीक, चैट के हर डिटले को छापा

किसी भी देश की सेना का प्लान बहुत ही सीक्रेट होता है। वह कब, किसपर और कहां अटैक करने जा रही है यह टॉप सीक्रेट होता है। ऐसे में यदि उसका सारा का सारा सीक्रेट यदि दुनिया के सामने लीक हो जाये तो? और तो और लीक करने वाला खुद ही राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार हो तो? जाहिर सी बात है यह बड़ी ही चिंता की बात होगी। दरअसल, अमेरिकी सेना की रणनीति सरेआम दुनिया के सामने उजागर (US Military Attack Plan Leak) हो गई है। हैरत की बात लीक करने वाल कोई औरनहीं , बल्कि खुद अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार थे। जानकारी के मुताबिक उन्होंने अटालांटिक मैगजीन के चीफ एडिटर को ही उस मैसेज ग्रूप में जोड़ लिया था, जिसमें हमले को लेकर बातचीत हो रही थी। खैर, जबसे यह खबर आई है तब से हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस और कई शीर्ष अधिकारियों ने इस बात से इनकार करते हुए कहा है कि “15 मार्च को यमन में हूती उग्रवादियों पर हमले की योजना पर चर्चा करने वाले मैसेजिंग ग्रूप पर कोई क्लासिफाइड यानी सीक्रेट जानकारी शेयर नहीं की गई थी।” मजे की बात यह कि अटलांटिक मैगजीन ने स्क्रीनशॉट सहित पूरा का पूरा चैट ही शेयर कर दिया है। इस स्क्रीनशॉट में दिख रहा है कि अमेरिकी सेना की बमबारी शुरू होने से दो घंटे से अधिक समय पहले ही पत्रकार के पास हरेक जानकारी पहुंच चुकी थी। 

उसे पहले ही पता था (US Military Attack Plan Leak) कि किस खास वक्त कहां से अमेरिका के लड़ाकू विमान भरने वाले हैं उड़ान 

हालांकि अब मैगजीन ने जोर देकर कहा कि उसे पहले ही पता था (US Military Attack Plan Leak) कि किस खास वक्त कहां से अमेरिका के लड़ाकू विमान यमन के लिए उड़ान भर रहे थे। अगर मैगजीन की जगह किसी गलत हाथों में ये जानकारी चली जाती तो, यह अमेरिकी पायलटों और अन्य कर्मियों को और भी बड़े खतरे में डाल देती। जानकारी के मुताबिक अटलांटिक के एडिटर इन चीफ जेफरी गोल्डबर्ग को अनजाने में सिग्नल मैसेजिंग ऐप पर ग्रुप चैट में जोड़ लिया था। दरअसल, इस ग्रूप पर ही बमबारी की योजना पर चर्चा की जा रही थी। कथित तौर पर चैट में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा सचिव हेगसेथ, केंद्रीय खुफिया एजेंसी यानी सीआईए के डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज, विदेश मंत्री मार्को एंटोनियो रुबियो, नेशनल सिक्योरिटी डायरेक्टर तुलसी गबार्ड और अन्य शामिल थे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 26 जनवरी (बुधवार) को द अटलांटिक ने एक नई रिपोर्ट छापी। इसमें मैगजीन ने पूरी चैट के डिटेल शेयर करने के पीछे का अपना तर्क समझाते हुए मैगजीन ने कहा कि “रक्षा सचिव हेगसेथ ने दावा किया है कि ग्रूप में कोई भी युद्ध की योजना नहीं लिख रहा था। जबकि ट्रंप और अन्य ने कहा था कि “यह कोई क्लासीफाइड जानकारी नहीं थी।” बस इसी को गलत साबित करने के लिए मैगजीन ने पूरी चैट ही छाप दी है। 

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कई प्रशासन के अधिकारियों ने दावे कि हम चैट के कंटेंट के बारे में झूठ बोल रहे (US Military Attack Plan Leak) हैं

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मैगजीन ने कहा कि “हेगसेथ, गब्बार्ड, रैटक्लिफ और ट्रंप के बयानों के साथ-साथ कई प्रशासन के अधिकारियों ने दावे कि हम चैट के कंटेंट के बारे में झूठ बोल रहे (US Military Attack Plan Leak) हैं। इसने हमें यह विश्वास दिलाया है कि लोगों को अपने निष्कर्षों तक पहुंचने के लिए पूरे टेक्स्ट को खुद देखना चाहिए। ट्रंप के सलाहकारों ने गैर-सुरक्षित संचार चैनलों में जिस तरह की जानकारी शामिल की है, उसका खुलासा करने में एक स्पष्ट सार्वजनिक रुचि है, खासकर क्योंकि वरिष्ठ प्रशासन के लोग शेयर किए गए मैसेज के महत्व को कम करने का प्रयास कर रहे हैं।” इस पूरे मामले पर मैगजीन ने कहा कि “एक्सपर्ट्स ने उन्हें बार-बार बताया था कि ऐसी संवेदनशील चर्चाओं के लिए सिग्नल चैट का उपयोग करना “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है” और बताया कि गोल्डबर्ग को बमबारी शुरू होने से दो घंटे पहले हमलों की जानकारी मिली थी।”

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