Election Commission

बिहार में वोटर लिस्ट से कट सकते हैं 35 लाख से ज्यादा नाम,  वेरिफिकेशन प्रक्रिया में अब तक 88% मतदाताओं ने भरा गणना पत्र

बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा कराया जा रहा मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आयोग की यह महत्त्वाकांक्षी पहल 24 जून 2025 को राज्यभर में गणना फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 25 जुलाई तक चलेगा। मतलब अब इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मात्र 10 दिन और रह गए हैं। एसआईआर (SIR) के तहत अब तक 7 करोड़ 90 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाताओं में से 6 करोड़ 60 लाख 67 हजार 208 लोगों ने अपने गणना फॉर्म सफलतापूर्वक भरकर जमा करा दिए हैं। यह आंकड़ा कुल मतदाताओं का लगभग 88 फीसदी है, जो आयोग के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में जो सबसे चौकाने वाली सामने आई है, वह यह है कि अब तक के सर्वेक्षण और फॉर्म सत्यापन के आधार पर करीब 35 लाख 69 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट (Voter List) से हटाए जा सकते हैं। यह आंकड़ा उन मतदाताओं का है, जो सत्यापन के दौरान या तो मृत पाए गए या एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत मिले या फिर स्थायी रूप से किसी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो गए। मतदाता सूची से हट सकता है बिहार के 4.52% लोगों का नाम चुनाव आयोग (Election Commission) की वेबसाइट पर अब तक कुल 5 करोड़ 74 लाख से अधिक प्रपत्र अपलोड किए जा चुके हैं। दस्तावेजों के आधार पर बताया गया है कि सत्यापन के दौरान 1.59% मतदाता मृत पाए गए और 2.2% ने स्थायी रूप से अपने निवास स्थान बदल चुक हैं। इसके अलावा 0.73% मतदाता ऐसे भी मिले हैं जो एक से ज्यादा स्थानों पर पंजीकृत पाए गए। कुल मिलाकर आयोग को इन तीनों श्रेणियों में 4.52% मतदाता ऐसे मिले हैं जिनके नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।   वहीं, अब भी करीब 11.82% मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने फॉर्म आयोग के पास जमा नहीं किए हैं। आयोग इन बचे हुए मतदाताओं तक पहुंचने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। तीसरे दौर में राज्यभर में एक लाख बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को फिर से मैदान में उतारा गया है ताकि घर-घर जाकर बचे हुए मतदाताओं से फॉर्म भरवाया जा सके। इस कार्य में चुनाव आयोग को विभन्न राजनीतिक दलों द्वारा तैनात 1.5 लाख बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) का भी सहयोग मिल रहा है।  मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण और सत्यापन कार्य (SIR) के लिए बिहार के सभी 261 विधानसभा क्षेत्र के 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाया गया है। इन शिविरों का उद्देश्य सभी विधानसभा में  मतदाता फॉर्म का सत्यापन करना है। साथ ही जो मतदाता अस्थायी रूप से राज्य से बाहर गए हैं, उनके लिए भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि वे भी ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से समय रहते अपना फॉर्म जमा कर सकें। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आयोग 1 अगस्त को जारी करेगा ड्राफ्ट वोटर लिस्ट चुनाव आयोग (Election Commission) के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त 2025 को मतदाता सूची का ड्राफ्ट संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाताओं को आपत्ति और सुधार के लिए कुछ दिन के लिए समय दिया जाएगा, ताकि अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल मतदाता सूची जारी कर विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जाएगी।   बिहार में चल रही इस मतदाता सत्यापन प्रक्रिया को भाजपा समेत एनडीए गठबंधन के दल जहां लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान वैध मतदाताओं का नाम भी सूची से हटाया जा रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ElectionCommission #Biharelection2025 #Voterlist #SIR #Biharassemblyelection

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ULFA-1

भारतीय सेना का म्यांमार में मिलिटेंट ग्रुप ULFA-1 पर ड्रोन हमला? 3 टॉप लीडर समेत कई आतंकी ढेर

म्यांमार में रहकर भारत के खिलाफ आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले मिलिटेंट ग्रुप उल्फा (।) (ULFA) पर भारत ने ड्रोन हमला किया है। इस घटना में इस मिलिटेंट संगठन के टॉप लीडर्स समेत कई आतंकियों की मौत हुई है। यह दावा खुद इस मिलिटेंट संगठन ने किया है। उल्फा (I) (ULFA)  ने एक बयान जारी कर बताया कि भारतीय सेना (Indian Army) ने उसके कैंप पर ड्रोन से हमला किया है, जिसमें उसके टॉप लीडर्स को मौत हुई है। हालांकि भारतीय सेना (Indian Army) ने इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को करने से इंकार करते हुए बताया कि उनकी तरफ से न तो सीमा पार कोई ऑपरेशन चलाया गया और न ही इस तरह के किसी ऑपरेशन के बारे में कोई जानकारी है।  उल्फा (I) (ULFA)  की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना ने म्यामांर में मौजूद उनके कैंप्स पर ड्रोन के जरिए हमला किया है। इस आतंकी संगठन ने बताया कि, यह हमला देर रात 2 से 4 के बीच उस समय हुआ, जब उसके टॉप लीडर्स कैंप में आराम कर रहे थे। इस ड्रोन अटैक में उल्फा (।) का लेफ्टिनेंट जनरल नयान मेधी उर्फ नायन एसोम, ब्रिगेडियर गणेश एसोम और कर्नल प्रदीप एसोम समेत कई आतंकियों की मौत हो गई। इसके अलावा 20 से ज्यादा आतंकी घायल हो गए। इस आतंकी संगठन की तरफ से जारी एक दूसरे बयान में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय सेना ने ड्रोन के बाद मिसाइल से भी हमला किया।  भारतीय सेना ने कहा- हमने नहीं किया कोई हमला  उल्फा (I) का प्रवक्ता ईशान एसोम ने यह बयान जारी करते हुए जवाबी कार्रवाई तक की धमकी दी है। उसने कहा कि भारतीय सेना फाइटर जेट की मदद से लगातार ऐसे हमले कर रही है। हमने असम के लोगों को यह बता दिया है कि इस कायरता पूर्ण हमले का बदला लेने का हमें भी हक है। हम जल्द ही भार को उनके इस हमले का ठोस जवाब देंगे। एक तरफ जहां उल्फा (I) भारत पर हमले का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है। वहीं भारतीय सेना (Indian Army) इस तरह के किसी भी हमले से इंकार किया है। भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने इस संबंध में मीडिया द्वारा पूछ गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके पास सीमा पार इस तरह के किसी भी ऑपरेशन की कोई जानकारी नहीं है। भारतीय सेना ने इस तरह का कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है।  वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने भी म्यांमार में उल्फा (I) के कैंप पर इस तरह के  किसी ड्रोन हमले से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी ऑपरेशन न तो असम की धरती पर हुआ है और न ही असम पुलिस इसमें किसी भी तरह से शामिल है। भारतीय सेना अगर ऐसा कोई ऑपरेशन करती तो उसके बारे में बयान जारी करती, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। शायद कुछ दिनों के बाद इस कथित हमले को लेकर ज्यादा जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें:- 7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर भारत और असम सरकार ने 2003 में उल्फा (I) के साथ किया था समझौता  बता दें कि उल्फा (I) जहां पर भारतीय हमले का जिक्र किया है, वह म्यांमार का सगईंग क्षेत्र है। आंतरिक गृहयुद्ध से प्रभावित म्यांमार के इस क्षेत्र में कई नक्सल और मिलिशिया समूह रहते हैं। यह क्षेत्र भारतीय विरोधी आतंकी समूहों का भी ठिकाना बना हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र और असम की राज्य सरकार ने उल्फा (I) के साथ 2023 में पीस पैक्ट साइन किया था। जिसके बाद से ही इसके भारत विरोधी अभियान रूके हुए थे। हालांकि बीते दिनों प्रकाशित कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उल्फा (I) चीन के समर्थन से फिर अपने आप को मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में इस आतंकी संगठन पर हमला होना बड़ी घटना है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #IndianArmy #ULFA #Asam #CMHimantaBiswaSarma #ULFA1

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Excessive salt intake

Excessive Salt Intake: भारत में एक साइलेंट महामारी, जो स्वास्थ्य के लिए है एक बड़ा खतरा

नमक (Salt) यानी साल्ट खाने का एक जरूरी हिस्सा है, जिसकी मात्रा खाने में ज्यादा हो या कम, दोनों ही स्थितियों में खाने का स्वाद पूरी तरह से बदल जाता है। नमक शरीर के लिए फायदेमंद है और कई कार्यों को करने में उपयोगी है जैसे फ्लूइड बैलेंस, नर्व और मसल फंक्शन व मसल फंक्शन को मेंटेन करना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अधिक नमक (Salt) खाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है? हाल ही में हुई एक रिसर्च के अनुसार भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) एक साइलेंट महामारी की तरह है, जो कई गंभीर समस्याओं के रिस्क को बढ़ा रही है। आइए जानें कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी (ICMR) के अनुसार हमारे देश में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) करना एक साइलेंट महामारी के समान है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम्स और किडनी डिजीज का खतरा बढ़ रहा है। आइए जानें विस्तार में कि कौन-कौन से कारण है जिसकी वजह से भारत में अधिक नमक का सेवन (Excessive salt intake) को एक साइलेंट महामारी माना जा रहा है:  यह तो थी जानकारी कि भारत में अधिक नमक का सेवन क्यों है साइलेंट महामारी (Why high salt intake is a silent epidemic in India)? अब जानिए कि नमक की खपत कम करने के लिए आप क्या कर सकते हैं?  इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा नमक की खपत कम करने के लिए क्या करें?  नमक का भी सही या कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। नमक (Salt) की खपत को कम करने के लिए आप इन तरीकों को अपना सकते हैं: यह तो थी जानकारी भारत में अधिक नमक (Salt) के सेवन के बारे में। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी दोनों लोगों को कम सोडियम युक्त नमक के सेवन करने की सलाह देते हैं, ताकि कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने जागरूकता अभियान भी शुरू किया है ताकि लोगों को अधिक नमक से जुड़ी समस्याओं के बारे में जागरूक किया जा सके। याद रखें कि नमक (Salt) के शरीर के लिए लाभ और हानियां उसकी मात्रा पर निर्भर करती हैं। अगर इसको कम और सही मात्रा में लिया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #WhyhighsaltintakeisasilentepidemicinIndia #Excesssaltintake #silentepidemic #salt #heartproblems

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UPSC Recruitment 2025

UPSC Recruitment 2025: असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर और अन्य पदों के लिए योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (Union Public Service Commission) यानी यूपीएससी (UPSC) ने एक नई नोटिफिकेशन निकाली है। इसके अनुसार उन्होंने असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller) और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए आवेदन शुरू किए हैं। अगर आप इनमें आवेदन करना चाहते हैं, तो आप इसके लिए अभी अप्लाई कर सकते हैं। यह भी बता दें कि अप्लाई करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। यानी इच्छुक कैंडिडेट इस तिथि से पहले अप्लाई करें अन्यथा इसके बाद वो अप्लाई नहीं कर पाएंगे। इससे मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ और फॅमिली वेलफेयर में 24 पदों को भरा जाएगा। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में। यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) असिस्टेंट ड्रग्स कंट्रोलर (Assistant Drugs Controller), बॉटनिस्ट और जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने की तिथि 12 जुलाई थी यानी यह 12 जुलाई से यह शुरू हो चुकी है। आइए जानें इसकी योग्यता और अन्य चीजों के बारे में: यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए योग्यता यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए आयु सीमा एप्लिकेशन फीस यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा निकाली इन पोस्ट्स के लिए सामान्य, ओबीसी वर्गो के लिए एप्लिकेशन फीस 25 रुपए रखी गई है। जबकि एससी, एसटी, महिलाओं आदि को कोई भी फीस नहीं देनी है। उनके लिए यह पूरी तरह से फ्री है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? कैसे करें अप्लाई? यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के लिए अप्लाई करने का तरीका इस प्रकार है:  यूपीएससी द्वारा निकाली वेकेंसीज (Vacancies by UPSC) के बारे में खास बात यह भी है कि इनमें कैंडिडेट्स को अच्छी सैलरीज के साथ ही हाउस रेंट, अलाउंस, मेडिकल फैसिलिटी, प्रोविडेंट फंड, ग्रेच्युटी, पेंशन आदि मिलेंगे। यानी अगर आप यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन यानी यूपीएससी (UPSC) की इन पोस्ट्स के लिए योग्य हैं तो इसके लिए अप्लाई करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  #VacanciesbyUPSC #UPSC #UnionPublicServiceCommission #AssistantDrugsController #Botanist #JuniorScientificOfficer

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London Plane Crash

London Plane Crash: एयरपोर्ट पर उड़ान भरते ही आग के गोले में बदला विमान, आसमान में दिखा भीषण आग के साथ धुएं का गुबार

लंदन के साउथएंड एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एक विमान दुर्घटनाग्रस्त (London Plane Crash) हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह एक छोटा व्यावसायिक विमान था और इसने रविवार की शाम 4 बजे एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। विमान दुर्घटना के बाद घटना स्थल से आसमान में आग की चपटों के काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। जिससे आस-पास के इलाके के साथ एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों में भी दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत टीमों ने बचाव का कार्य शुरू कर दिया। साथ ही एयरपोर्ट से विमानों का संचालन भी रोक दिया गया है। इस दुर्घटना (London Plane Crash) में कितने लोग हताहत हुए हैं, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है।   ब्रिटिश मीडिया ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि, वो एयरपोर्ट (Airport) के पास ही हॉकी खेल रहे थे। विमान ने जब टेकऑफ किया तो कुछ लोगों ने हाथ हिलाकर पायलट को हैलो भी कहा। इसके कुछ ही पल बाद विमान (London Plane Crash) नीचे आने लगा और फिर जमीन से आसामन की तरफ विशाल आग का गोला उठता हुआ देखा गया। दुर्घटना का शिकार हुए विमान की पहचान बी200 सुपर किंग एयर के रूप में हुई है। यह विमान साउथएंड एयरपोर्ट से नीदरलैंड के लेलीस्टेड जाने के लिए उड़ान भरी थी।  विमान में एक बड़ा करोबारी और उनके सहयोगियों का होने का दावा    मीडिया ने साउथएंड एयरपोर्ट के फ्लाइट राडार के उड़ान डेटा के आधार पर बताया कि, इस विमान ने शाम 4 बजे रनवे से उड़ान भरी थी, लेकिन कुछ ही पल में यह दुर्घटनाग्रस्त (London Plane Crash) हो गया। सोशल मीडिया पर इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। ब्रिटेन की स्काई न्यूज ने एसेक्स पुलिस के हवाले से बताया कि, यह शाम 4 बजे के आसपास एक 12 मीटर लंबा व्यवसायिक विमान नीचे गिर गया। जिसके बाद एयरपोर्ट का संचालन बंद कर आपातकालीन सेवाओं को शुरू कर दिया गया। यह बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रह सकता है। फिलहाल अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि घटना के समय विमान में कितने लोग सवार थे। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस विमान में ब्रिटेन का एक बड़ा करोबारी अपने सहयोगियों के साथ सवार था। विमान गिरते ही जिस तरह से इसमें विस्फोट हुआ, उससे विमान में सवार किसी भी व्यक्ति के बचने की संभावना बेहद कम है।  साउथएंड वेस्ट और लेह के स्थानीय सांसद डेविड बर्टन-सैम्पसन ने इस घटना पर दुख जताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा, “मुझे साउथएंड एयरपोर्ट पर हुई दुर्घटना की जानकारी है। कृपया वहां से दूर रहें और आपातकालीन सेवाओं को अपना काम करने दें। मेरी संवेदनाएं इस दुर्घटना से प्रभावित हुए सभी संबंधित लोगों के साथ है।” इसे भी पढ़ें:- 7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर अहमदाबाद विमान हादसे में 261 लोगों की मौत  बता दें कि बीते 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रहा एअर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर विमान एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही दुर्घटनाग्रस्त (Ahmedabad Plane Crash) हो गया था। भारत के सबसे भीषण विमान हादसों में से एक इस दुर्घटना में 12 सदस्यीय चालक दल और 241 समेत कुल 261 लोगों की मौत हो गई। वहीं विश्वास कुमार रमेश नाम का एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया। इस विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) में मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 20 के करीब मेडिकल छात्र हैं। इस हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट हाल ही में आई है, जिसमें बताया गया है कि विमान के टेकऑफ करते समय फ्यूल सप्लाई बंद हो गई थी। हालांकि यह कैसे हुआ, इसको लेकर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई है। हादसे के कारणों के बारे में विस्तार से जानने के लिए अभी भी लोगों को विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है। Latest News in Hindi Today Hindi news  #AhmedabadPlaneCrash #PlanCrash #LondonPlaneCrash #Filght #London

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Control BP, Sugar & Depression

ब्लड प्रेशर, शुगर और डिप्रेशन को कंट्रोल करने के लिए यह ड्रिंक्स हैं बेहतरीन

हेल्दी रहने के लिए कई चीजों को महत्वपूर्ण माना गया है उन्हीं में से एक है सही आहार का सेवन। हाई ब्लड प्रेशर (Blood Pressure), डायबिटीज (Diabetes) और डिप्रेशन जैसी समस्याएं आजकल सामान्य होती जा रही हैं। हेल्दी आहार के साथ ही ड्रिंक्स का सेवन करना भी इनसे बचाव के लिए जरूरी हैं। ऐसा माना गया है कि डिहाइड्रेशन कई समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में पानी और अन्य हेल्दी ड्रिंक्स पीना ब्लड प्रेशर, डायबिटीज (Diabetes) और डिप्रेशन के रोगियों के लिए फायदेमंद माने गए हैं। कुछ पेय पदार्थ खासतौर पर ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कंट्रोल करने, ब्लड शुगर को कम करने और डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। आइए जाने ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और डिप्रेशन के लिए बेस्ट ड्रिंक्स (Best Drinks for Blood Pressure, Diabetes and Depression) के बारे में। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और डिप्रेशन के लिए बेस्ट ड्रिंक्स (Best Drinks for Blood Pressure, Diabetes and Depression) हारवर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ (Harvard School of Public Health) के अनुसार पानी वो ड्रिंक है जो शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने में मदद करता है। इसके साथ ही दूध को भी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और डिप्रेशन के लिए बेस्ट ड्रिंक्स (Best Drinks for Blood Pressure, Diabetes and Depression) के बारे में:  ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को मैनेज करने के लिए इन ड्रिंक्स का सेवन करें: डायबिटीज (Diabetes) डायबिटीज (Diabetes) को कंट्रोल में रखने के लिए पानी, बिना चीनी के चाय व कॉफी और लो फैट मिल्क को फायदेमंद पाया गया है। इसके अलावा अन्य फायदेमंद ड्रिंक्स इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें:-  एयर पॉल्यूशन से बढ़ सकता है एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा डिप्रेशन (Depression) डिप्रेशन एक ऐसी समस्या है जिससे आजकल बहुत से लोग प्रभावित हैं। डिप्रेशन के लिए बेस्ट ड्रिंक्स इस प्रकार हैं: कैमोमाइल चाय: कैमोमाइल चाय को अपने शांत करने और तनाव से बचाव वाले गुणों के लिए जाना जाता है। इससे स्ट्रेस और एंग्जायटी को मैनेज करने में मदद मिलती है।  हिबिस्कस टी: कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि हिबिस्कस टी यानी गुड़हल की चाय में मूड को सही रखने वाले गुण होते हैं। इससे डिप्रेशन को दूर करने में मदद मिलती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Diabetes #bloodpressure #sugarcontrol #depressionrelief #healthydrinks #naturalremedies

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7 demanding courses 2025

7 Demanding Courses: ये हैं 7 डिमांडिंग कोर्स, जिसमें आप भी बना सकते हैं करियर

तेजी से बदल रही टेक्नोलॉजी के इस दौर में कार्य क्षेत्र में भी कई ऑप्शन लोगों को मिल रहे हैं। लेकिन ये समझना की किस क्षेत्र में करियर बनाना बेहतर होगा ये थोड़ा कठिन हो सकता है। इसलिए आज इस आर्टिकल में आने वाले समय में 7 ऐसे डिमांडिंग कोर्स (7 Demanding Courses) के बारे में जानेंगे जिसमें अगर इंट्रेस्ट हो तो करियर बनाना बेहतर हो सकता है। वहीं अगर आप अपने करियर को सुरक्षित और सफल बनाना चाहते हैं, तो यह आवश्यक है कि आप ऐसे कोर्स (Demanding Courses) का चयन करें जिनकी भविष्य में भारी मांग रहेगी। यहां हम आपको ऐसे सात कोर्सों के बारे में बता रहे हैं जिनकी आने वाले वर्षों में बहुत अधिक डिमांड रहने वाली है। 7 डिमांडिंग कोर्स (7 Demanding Courses)  1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (Artificial Intelligence and Machine Learning) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आने वाले समय की सबसे शक्तिशाली तकनीकों में से एक हैं। इन क्षेत्रों में कार्य करने के लिए गणित, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और डेटा एनालिसिस पर अच्छी पकड़ जरूरी है। AI या ML का उपयोग स्वास्थ्य सेवा, ई-कॉमर्स, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में हो रहा है। इस कोर्स को करके छात्र डेटा साइंटिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर या AI स्पेशलिस्ट बन सकते हैं। 2. डेटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स (Data Science and Data Analytics)  डेटा साइंस वह क्षेत्र है जिसमें बड़े-बड़े डेटा सेट का विश्लेषण कर के उपयोगी जानकारी निकाली जाती है। लगभग हर क्षेत्र में डेटा एनालिटिक्स की डिमांड बढ़ गई है अब चाहे वह बिज़नेस हो, हेल्थकेयर हो या फिर शिक्षा। इस कोर्स में स्टूडेंट्स स्टैटिक्स, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (जैसे पायथन, R) और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन टूल्स सीखते हैं। डेटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स की डिमांड आने वाले समय में और ज्यादा बढ़ेगी। और इसलिए 7 डिमांडिंग कोर्स (7 Demanding Courses) में इसका नाम शामिल है। 3. साइबर सिक्योरिटी (Cyber Security)  इंटरनेट के ज़रिए बढ़ते व्यवसायों और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा एक प्रमुख चिंता का विषय है। इसी के चलते साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट (Cyber Security Expert) की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इस कोर्स के तहत स्टूडेंट्स नेटवर्क सिक्योरिटी, एथिकल हैकिंग, क्रिप्टोग्राफी और सूचना सुरक्षा प्रबंधन जैसे विषयों का अध्ययन करते हैं। आने वाले समय में साइबर अपराधों से निपटने के लिए योग्य पेशेवरों की भारी मांग रहेगी। 4. डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing)  ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता के साथ डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह कोर्स SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग, गूगल ऐड्स और वेब एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों को कवर करता है। स्टार्टअप से लेकर मल्टीनेशनल कंपनियां तक, सभी डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट की तलाश में रहती हैं। 5. सस्टेनेबल एनर्जी और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग (Sustainable Energy and Environmental Engineering)  जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी वैश्विक समस्याओं को देखते हुए सस्टेनेबल एनर्जी का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए एनवायरनमेंटल साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी, एनर्जी पॉलिसी और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित कोर्स किया जा सकता है। आने वाले वर्षों में ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रोजगार के कई अवसर और मिलने की उम्मीद है। 6. जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) हेल्थ, फार्मिंग, फूड प्रोसेसिंग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में बायोटेक्नोलॉजी (Biotechnology) की भूमिका अहम होती जा रही है। यह कोर्स बायोलॉजी, केमेस्ट्री, जेनेटिक्स और माइक्रोबायोलॉजी पर आधारित होता है। मेडिकल रिसर्च फार्मास्युटिकल कंपनियों और जैविक कृषि में इस क्षेत्र के पेशेवरों की भारी मांग है। इसे भी पढ़ें:- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्पेशलिस्ट कैसे बनें? 7. UX/UI डिज़ाइन डिजिटल एप्लिकेशन और वेबसाइट की सफलता बहुत हद तक उनके डिज़ाइन और यूज़र अनुभव (User Experience) पर निर्भर करती है। इसलिए UX/UI डिजाइनिंग का क्षेत्र बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। इस कोर्स में स्टूडेंट ग्राफिक डिजाइन, इंटरफ़ेस क्रिएशन, यूज़र रिसर्च और प्रोटोटाइपिंग सीखते हैं। टेक्नोलॉजी आधारित कंपनियों में UX/UI डिजाइनर्स की बड़ी डिमांड है। इसलिए इसे भी 7 डिमांडिंग कोर्स (7 Demanding Courses) में शामिल किया गया है।   ऊपर बताए गए 7 कोर्स (7 Demanding Courses) न केवल आने वाले समय में नौकरी के बेहतरीन अवसर प्रदान करेंगे, बल्कि ये समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए करियर चुनते समय अपने रुचि के क्षेत्र के साथ-साथ बाजार की मांग को भी ज़रूर ध्यान में रखें। यदि आपको इन कोर्सों में से किसी एक को चुनने में कठिनाई हो रही है, तो आप अपने रूचि, कौशल और करियर लक्ष्यों के अनुसार किसी करियर काउंसलर (Career Counselor) से सलाह भी ले सकते हैं। क्योंकि करियर काउंसलर (Career Counselor) आपकी बातों को समझकर आपको सही सुझाव देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Cyber Security Expert #DemandingCourses #CareerGrowth #TopCourses2025 #HighSalarySkills #ProfessionalCourses

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Chirag Paswan's Bold Move in Bihar 2025 Polls

Chirag Paswan: राजनीतिक विरासत के युवा चेहरे की मजबूत दस्तक, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में LJP की भूमिका

जनता के बीच चिराग पासवान (Chirag Paswan) का नाम हमेशा से ही युवा ऊर्जा और राजनीतिक बदलाव का पर्याय रहा है। राम विलास पासवान के बेटे और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री, चिराग ने अपनी अगुआई में लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में उनकी सक्रियता और रणनीति ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। युवा चेहरे की मजबूती चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि वह बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) सोच को 2025 विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) में अगली पंक्ति की लड़ाई में बदलना चाहते हैं । उन्होंने आरा में नव संकल्प महासभा (Nav Sankalp Mahasabha) आयोजन किया, जिसमें उन्होंने घोषणा की कि वे खुद चुनाव लड़ेंगे, हालांकि अभी यह तय नहीं कि वे किस सीट से मैदान में उतरेंगे। उन्होंने यह भी कहा, “मैं बिहार से चुनाव नहीं लड़ूंगा, बल्कि बिहार के लिए लड़ूंगा।”   243 सीटों की चुनौती छपरा में आयोजित विशाल रैली में चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने ऐलान किया कि उनकी पार्टी सभी 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। उनका मानना है कि इस कदम से एनडीए गठबंधन (NDA alliance) को मजबूती मिलेगी, लेकिन इससे बीजेपी–जेडीयू गठबंधन (BJP-JDU Alliance) को सीट शेयरिंग में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है  LJP(RV) की रणनीति और गठबंधन समन्वय चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने खुद को नए बिहार के एजेंट के रूप में प्रस्तुत करते हुए, दलित–पिछड़ा वोट बैंक को अपनी ओर आकर्षित करने की योजना बनाई है। उन्होंने नालंदा में बहुजन भीम संकल्प समागम (Bahujan Bhim Sankalp Samagam) की शुरुआत की जिसका मकसद जनता के बीच मजबूत पैठ बनाना है। BJP उन्हेंNDA में सीटों के लिए दबाव बनाते हुए देख रही है – 30 से 40 सीटों की उनकी मांग चर्चा में है। जेडीयू भी सतर्क है और गठबंधन पर फिर से बातचीत की संभावना संकेत दे रहा है। नीतीश–चिराग का गठबंधन राजनीतिक समीकरण के मुताबिक, चिराग ने संकेत दिए हैं कि यदि NDA सहयोगी बने रहें, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ही मुख्यमंत्री का चेहरे होंगे।  हालांकि उनका इरादा सिर्फ मुख्यमंत्री बनने का नहीं है बल्कि दलित, युवा और पिछड़े वर्गों की आवाज़ बनकर उनकी परेशानियों को दूर करना है। युवा और दलित वोट बैंक आकर्षित चिराग पासवान (Chirag Paswan) की अपील में यह स्पष्ट झलकता है कि वे युवा और दलित मतदाताओं को सबसे पहले प्राथमिकता देंगे। बिहार में दलित लगभग 19% आबादी बनाते हैं, और इस समूह पर उनकी पकड़ मजबूत होती दिख रही है । दलित वर्ग को जोड़ने के लिए उनके बहुजन–भीम समूह अभियान पीछे नहीं रहे। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में हिंदी के विरोध में एकजुट दिखे उद्धव और राज ठाकरे, 20 साल बाद एक ही मंच पर आए साथ  नई रणनीतिक योजना उनकी रणनीति में शामिल हैं: चिराग पासवान बिहार की राजनीति में अब तक केंद्र में रहे युवा नेता के रूप में सामने आए हैं – उन्होंने दिल्ली वाली राजनीति से ध्यान हटाकर बिहार की जमीन पर आकर मजबूत स्वरुप अपनाया है। उनका बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट (Bihar First and Bihari First) विजन बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। 2025 के विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) तक चिराग का राजनीतिक जोर बढ़ा हुआ दिखता है। अगर वे गठबंधन और सीट वितरण की कवायद में संतुलन बनाए रखते हुए, अपनी रणनीति को धरातल पर ला पाए, तो बिहार की राजनीति (Bihar Politics) में उनका हस्ताक्षर आनेवाला है। चिराग पासवान (Chirag Paswan) केवल चुनाव लड़ने की तैयारी नहीं कर रहे, वे बिहार में राजनीतिक नवप्रवर्तन लाना चाहते हैं। उनका युवा नेतृत्व, ‘दलित–युवा’ आधारित नीतियां और गठबंधन की चालबाजी 2025 के चुनावी समीकरण को नए स्वरूप देने वाली है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chirag Paswan #ChiragPaswan #BiharElection2025 #LJP #YouthLeader #BiharPolitic

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8th Pay Commission Update

8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को सरकार से मिल सकती है गुड न्यूज़

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बार फिर अच्छी खबर सामने आ रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) जल्द लागू किया जा सकता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलेगा। वेतन आयोग हर कुछ सालों में सरकार द्वारा गठित एक समिति होती है, जो सरकारी कर्मचारियों (Government Employee) के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं की समीक्षा कर बदलाव की सिफारिश करती है। इस बार की सबसे खास बात यह है कि सिर्फ बेसिक सैलरी (Basic Salary) ही नहीं, बल्कि भत्तों (Allowance) में भी बदलाव पर चर्चा की जा रही है।  बेसिक सैलरी में सकती है बढ़ोतरी    हर वेतन आयोग का मुख्य आकर्षण बेसिक सैलरी का बढ़ना होता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में जहां फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, वहीं इस बार उम्मीद की जा रही है कि इसे बढ़ाकर 3.68 या उससे भी अधिक किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधी बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के लिए यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है, तो 8वें वेतन आयोग के बाद यह 90,000 रुपये तक पहुंच सकती है। बेसिक सैलरी में यह बढ़ोतरी न केवल पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सेवाओं को प्रभावित करेगी, बल्कि HRA, DA और अन्य भत्तों की गणना में भी इसका सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा। HRA यानी मकान किराया भत्ता – कम दर, लेकिन अधिक राशि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में HRA एक अहम भूमिका निभाता है। 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में वर्गीकृत किया गया था और उनके अनुसार HRA की दरें क्रमशः 24%, 16% और 8% तय की गई थीं। हालांकि महंगाई भत्ता (DA) के बढ़ने के साथ यह दरें क्रमशः 30%, 20% और 10% तक पहुंच गई थीं। 8वें वेतन आयोग के साथ DA फिर से 0% से शुरू होगा, जिससे HRA की दरें भी रीसेट होकर 24%, 16% और 8% हो सकती हैं। हालांकि, बेसिक सैलरी (Basic Salary) में संभावित बढ़ोतरी के चलते वास्तविक HRA राशि पहले से कहीं अधिक हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 90,000 रुपये होती है, तो X कैटेगरी में उसका HRA 21,600 रुपये होगा, जो पहले की तुलना में दुगना से भी अधिक है। पेंशनर्स के लिए बेहतर मेडिकल सुविधा सरकारी पेंशनर्स की एक बड़ी चिंता चिकित्सा सुविधाएं होती हैं। वर्तमान में अधिकांश पेंशनर्स को 1000 रुपये प्रति माह फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (Medical Allowance) मिलता है, जो महंगाई और दवाइयों के बढ़ते खर्च को देखते हुए बहुत कम है। साथ ही, सभी पेंशनर्स CGHS (Central Government Health Scheme) के दायरे में नहीं आते। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में यह संभावना जताई जा रही है कि मेडिकल अलाउंस को 2000 से 3000 रुपये प्रति माह तक बढ़ाया जा सकता है। यह वृद्ध पेंशनर्स के लिए एक बड़ी राहत होगी और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी समस्याओं को कुछ हद तक कम कर सकेगा। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? यात्रा भत्ता (TA) में भी बदलाव की उम्मीद यात्रा भत्ता (Travel Allowance) सरकारी कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधा है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो रोजाना लंबी दूरी तय करके कार्यालय पहुंचते हैं। अभी तक TA की गणना DA के अनुसार की जाती रही है। लेकिन 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के लागू होने के बाद जब मौजूदा DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा, तब TA के फॉर्मूले में भी बदलाव तय है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, सार्वजनिक परिवहन के खर्च और रोजमर्रा की यात्रा में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए TA में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। इससे कर्मचारियों का दैनिक खर्च संतुलित हो सकेगा। कर्मचारियों और पेंशनर्स की बढ़ती उम्मीदें हर वेतन आयोग के साथ कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं। खासकर जब महंगाई लगातार बढ़ रही हो और रोजमर्रा की ज़रूरतें महंगी होती जा रही हों, तो आय में स्थायी वृद्धि एक बड़ी आवश्यकता बन जाती है। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से यह उम्मीद की जा रही है कि वह न केवल वेतन और भत्तों (Salary and Allowance) में सुधार लाएगा, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स की जीवनशैली को भी बेहतर बनाएगा। 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत और स्थिरता की उम्मीद है।  Latest News in Hindi Today Hindi Allowance #8thPayCommission #GovtEmployees #PensionersUpdate #PayHike #SalaryRevision

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Phone Under ₹13,000

वाटरप्रूफ और पावरफुल: रियलमी का वाटरप्रूफ 5जी स्मार्टफोन मात्र 13,000 रुपये से कम में

रियलमी (Realme) एक ऐसी कंपनी है जो कम कीमत में हाई क्वालिटी के स्मार्टफोन्स को बनाती है। इसकी खासियतहै पावरफुल प्रोसेसर, अच्छा कैमरा और ऐसी बैटरी जो लंबे समय तक चलती है। अपने कई बेहतरीन फीचर्स के कारण यह स्मार्टफोन (Smartphone) लोगों में पॉपुलर हैं। इस कंपनी के फोन अच्छे डिजाइन के साथ आते हैं। अभी इस कंपनी ने एक नया वाटरप्रूफ फोन लांच किया है जिसकी कीमत बहुत कम है। इसे अभी इंडियन मार्केर्ट में निकाला गया है और इस फोन के लिए कंपनी ग्राहकों को बहुत से डिस्काउंट व ऑफर्स भी दे रही है। अगर आप सस्ते या कम कीमत में अपने लिए अच्छा फोन खरीदना चाहते हैं, तो यह आपके लिए यह एक अच्छा विकल्प है। आइए जानें रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) के बारे में।  रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G): जानिए क्या हैं इसकी खासियतें? जैसा की पहले ही बताया गया है कि रियलमी (Realme) का यह फोन बहुत ही कम कीमत में उपलब्ध है। यह फोन 6जीबी और 8जीबी रैम के साथ है और इसमें 128जीबी स्टोरेज भी है। इसके फीचर्स इस प्रकार हैं: डिस्प्ले:  रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) फोन 6.72 इंच डिस्प्ले के साथ मिल रहा है इसके साथ ही इसमें आईपीएस एलसीडी है। अगर बात की जाए रिफ्रेश रेट और रिजोल्यूशन की, तो इसका रिफ्रेश रेट है 20Hz और रिजोल्यूशन 1080 x 2400 पिक्सल है।  प्रोसेसर:  रियल में या यह फोन ऑक्टा-कोर सीपीयू के साथ आपको मिलेगा और इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6400 है। स्टोरेज:  रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) फोन दो वेरिएंट में उपलब्ध है। इसमें एक है 6जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज के साथ और दूसरा है 8जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज के साथ। इसके साथ ही यह स्मार्टफोन (Smartphone) एंड्रॉइड 15 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ मिल रहा है। इसे भी पढ़ें:- कौन सा रिचार्ज प्लान आपके लिए हो सकता है बेस्ट? कैमरा:  इस रियलमी (Realme) फोन में डुअल रियर कैमरा और 50एमपी प्राइमरी सेंसर है और यही नहीं इसमें 2एमपी सेकेंडरी सेंसर भी मौजूद है। इसका फ्रंट कैमेरा 8एमपी का है। संक्षेप में कहा जाए तो फोटोग्राफी और वीडियोज बनाने के लिए यह फोन एक अच्छा विकल्प हो सकता है।  अगर बात की जाए रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) के अन्य फीचर्स के बारे में तो इसमें धूल और पानी को रोकने के लिए आईपी69 रेटिंग है। यही नहीं, फिंगरप्रिंट सेंसर भी इसमें हैं जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है। इसमें दो सिम का इस्तेमाल किया जा सकता है और इसमें फास्ट इंटरनेट स्पीड के लिए 5जी है। रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) की  6000mAh बैटरी है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को स्पोर्ट करती है। कम समय में यह फोन पूरा चार्ज हो जाता है। रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) की कीमत यह स्मार्टफोन (Smartphone) तीन रंगों में उपलब्ध है जो इस प्रकार हैं मिडनाइट ब्लू,लूनर सिल्वर और स्टेलर पिंक। इसकी कीमत विभिन्न वेरिएंट्स के लिए अलग है, जैसे 6जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज वाला रियलमी पी3x 5जी (Realme P3x 5G) फोन 11,699 रुपये का है। इसके साथ ही 8जीबी रैम और 128जीबी स्टोरेज वाला यह स्मार्टफोन 12,699 रुपये का है।  रियलमी (Realme) का यह फोन फ्लिपकार्ट और रियलमी के स्टोर से आप खरीद सकते हैं। रियलमी (Realme) के इस फोन को खरीदते हुए ग्राहकों को कई ऑफर्स भी मिल रहे हैं। इस फोन के पीछे का डिजाइन बीगन लेदर डिजाइन का है जो इसे और अधिक आकर्षक बना रहा है। इनमें डिस्काउंट के साथ ही एक्सचेंज ऑफर्स भी मिल रहे हैं। तो किफायती दामों में इस स्मार्टफोन (Smartphone) को खरीदने का मौका न गवाएं और आज ही इसे खरीदें।  नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi Realme #realme #5gphone #waterproofphone #budgetsmartphone #realme5g #under13000

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