रात में देर तक जागने वाले लोगों में बढ़ सकता है डिप्रेशन का खतरा: स्टडी

Depression in people who sleep late at night

सुबह जल्दी उठना न केवल हमारे शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। सुबह जल्दी उठने से हमें पॉजिटिविटी मिलती है और पूरा दिन अच्छे से गुजरता है। यही नहीं जल्दी दिन की शुरुआत करने से काम करने में लिए ज्यादा समय मिलता है। हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार रात को देरी से सोने वाले और सुबह देरी से उठने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) की संभावना अधिक रहती है। आइए जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) के बारे में हुई स्टडी क्या कहती है? यह भी जानें कि रात को देर से सोने वाले लोगों को और क्या समस्याएं हो सकती हैं?

रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night) : पाएं जानकारी

मायोक्लिनिक (Mayoclinic) की मानें तो डिप्रेशन (Depression) एक मूड डिसऑर्डर है जिसके कारण रोगी को लगातार उदासी और किसी चीज में रूचि न होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके कारण रोगी की सोच, व्यवहार और फीलिंग्स में बदलाव हो सकता है, जिससे कई इमोशनल व फिजिकल प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। एक नई स्टडी से यह पता चलता है कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  का खतरा अधिक रहता है।  इसका कारण खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को माना गया है। पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। 

रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन के बारे में क्या कहती है स्टडी?

यह स्टडी यूनिवर्सिटी ऑफ सरी रिसर्चर्स द्वारा की गयी है और इसमें 546 यूनिवर्सिटी के छात्रों को शामिल किया गया था। इसमें इन छात्रों की नींद संबंधी आदतों, माइंडफुलनेस,  चिंता, एल्कोहॉल का इस्तेमाल और मेन्टल हेल्थ आदि के बारे में जानकारी इकठ्ठा की गयी। इस स्टडी में यह पाया गया कि रात को देर से सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression in people who sleep late at night)  यानी डिप्रेशन की संभावना अधिक रहती है। जबकि, जो लोग रात को जल्दी सोते हैं और सुबह जल्दी उठते हैं, उनमे डिप्रेशन (Depression) और अन्य कई समस्याओं का रिस्क कम रहता है। 

इसमें ऐसा पाया गया है रात को जल्दी सोने वाले लोगों में डिप्रेशन (Depression) का कारण नींद की लो क्वालिटी, एल्कोहॉल का सेवन और माइंडफुलनेस की कमी यानी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) हो सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन चीजों पर फोकस करके और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर डिप्रेशन (Depression) के रिस्क को कम करने में मदद मिल सकती है खासतौर पर वयस्कों में। यह स्टडी डिप्रेशन के रिस्क को कम करने के लिए नए तरीकों को ढूंढने में मदद कर सकती है। 

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रात को देर से सोने वाले लोगों में और कौन सी हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जो लोग रात को देर से सोते हैं उन्हें डिप्रेशन (Depression) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं, जो इस प्रकार हैं: 

  • नींद में कमी: देर से सोने से नींद पूरी होने में समस्या हो सकती है जिससे आप थकावट, फोकस में कमी और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकते हैं। इससे पूरा दिन खराब हो सकता है।
  • वजन में बढ़ोतरी: जो लोग देरी से सोते हैं उनमें देर रात खाना खाने और अंहेल्दी ईटिंग हैबिट्स की संभावना बढ़ती है। जिससे वजन बढ़ सकता है।
  • डायबिटीज और हार्ट डिजीज: रात को देर से सोने से डायबिटीज और हार्ट डिजीज की संभावना बढ़ती है क्योंकि देर से सोने से शरीर की मेटाबॉलिज्म प्रोसेस प्रभावित होती है। जिससे व्यक्ति मोटापे का शिकार हो सकता है।
  • पेट संबंधी समस्याएं: रात को देर से सोना पेट को भी प्रभावित कर सकता है। इससे एसिडिटी, गैस और पेट दर्द जैसे रोग हो सकते हैं।
  • इम्युनिटी का कमजोर होना: ऐसा पाया गया है कि जो लोग रात को देरी से सोते हैं उनका इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे कई बीमारियों और संकमण का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए अपनी खराब जीवनशैली (Bad lifestyle) को सुधारें और रात को जल्दी सोने व सुबह जल्दी उठने की आदत को अपनाएं।

नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें।

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