अमृतसर के Military Bases पर Pakistan-based Gang की नजर? Intelligence Input के बाद Punjab में High Alert

चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को एक संवेदनशील intelligence input मिलने के बाद High Alert जारी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में मौजूद कथित gangster-terror handler Shahzad Bhatti के network से जुड़े लोगों की नजर अमृतसर क्षेत्र के कुछ संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों पर हो सकती है। इसके बाद Punjab Police और अन्य security agencies को सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कोई हमला तत्काल होने वाला है। फिलहाल इसे preventive intelligence alert के तौर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। Intelligence Input में क्या सामने आया? 24 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक intelligence agencies ने Punjab Police और अन्य संबंधित agencies के साथ एक संवेदनशील input साझा किया है। इसमें पाकिस्तान में मौजूद दो कथित operatives के नाम Rana Bhai और Malik बताए गए हैं। Intelligence input में संदेह जताया गया है कि अमृतसर क्षेत्र के कुछ संवेदनशील military installations को लेकर reconnaissance यानी रेकी किए जाने की कोशिश हुई हो सकती है। इस जानकारी के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को alert रहने और sensitive installations के आसपास सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। किन Military Installations का जिक्र? मीडिया रिपोर्ट में intelligence input के हवाले से Khasa Cantonment, Amritsar और Beas क्षेत्र के एक military establishment का जिक्र किया गया है। हालांकि सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील operational details सार्वजनिक नहीं की गई हैं और ऐसी जानकारी को लेकर agencies अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। स्थानीय स्तर पर surveillance और preventive security measures बढ़ाए जाने की संभावना है। Shahzad Bhatti Network पर क्यों है Agencies की नजर? Shahzad Bhatti का नाम पिछले कुछ समय में भारत की विभिन्न security investigations में सामने आया है। भारतीय एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान से अपने associates और स्थानीय recruits के जरिए भारत में terror और organised crime से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश करता रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक Pakistan-backed network के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का जिक्र किया था। Agencies के मुताबिक इस network से जुड़े मामलों में कई राज्यों में लोगों को हिरासत या गिरफ्तार किया गया और संभावित हमलों की योजनाओं को विफल किया गया। Punjab में पहले भी पकड़े गए Cross-Border Modules Punjab Police ने अगस्त की शुरुआत में दो कथित ISI-backed cross-border modules का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक नौ आरोपियों को पकड़ा गया था, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे। इनके पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया गया। Punjab Police ने कहा था कि preliminary investigation में foreign handlers द्वारा स्थानीय युवाओं को भर्ती करने और उनसे संवेदनशील स्थानों की रेकी कराने की कोशिश सामने आई थी। Khasa Cantonment के पास पहले भी हुआ था Blast ताजा intelligence alert इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि 5 मई 2026 को Khasa Cantonment की boundary के पास एक low-intensity blast हुआ था। Punjab Police ने बाद में कहा था कि घटना में एक IED का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट से perimeter के पास एक tin sheet को नुकसान पहुंचा था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि मई में हुए blast और मौजूदा intelligence input के बीच अभी कोई स्थापित संबंध नहीं है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे एक-दूसरे से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा। Chandigarh में भी 3 संदिग्ध पकड़े गए इसी बीच 24 अगस्त को Chandigarh से भी एक अलग सुरक्षा कार्रवाई की खबर सामने आई है। Chandigarh Police ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से suspected explosive-making material और एक firearm बरामद करने का दावा किया है। Preliminary investigation में आरोपियों के एक अन्य Pakistan-based handler से कथित संबंधों की जांच की जा रही है। यह मामला फिलहाल अलग जांच का हिस्सा है और इसे अमृतसर के ताजा intelligence alert से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Cross-Border Arms Network पर भी कार्रवाई Amritsar Counter Intelligence ने 23 अगस्त को एक अन्य कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार कर 10 sophisticated pistols, magazines और ammunition बरामद करने का दावा किया। Punjab Police के मुताबिक preliminary investigation में आरोपी एक foreign-based handler के संपर्क में थे और सीमा पार से हथियारों की consignments हासिल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के कारण पंजाब में cross-border arms और terror networks को लेकर security agencies की निगरानी बढ़ी हुई है। क्या Amritsar में हमला होने वाला है? फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक दावा नहीं है कि अमृतसर में हमला imminent यानी तुरंत होने वाला है। Intelligence input किसी संभावित threat की जानकारी देता है, जिसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां preventive measures अपनाती हैं। इसका अर्थ यह नहीं होता कि हमला निश्चित रूप से होगा। इसी वजह से agencies ने इस input को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील जगहों पर vigilance बढ़ाने को कहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं सुरक्षा एजेंसियों की ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य संभावित खतरे को पहले ही पहचानना और उसे रोकना होता है। Punjab और Chandigarh से हाल में सामने आए अलग-अलग terror और arms-smuggling investigations के बीच security agencies local recruits, foreign handlers, हथियारों की movement और suspicious reconnaissance जैसी गतिविधियों की जांच कर रही हैं। फिलहाल अमृतसर के military installations से जुड़ा मामला intelligence-based preventive alert है। आगे की जांच से ही साफ होगा कि alleged reconnaissance किसने किया, उसके पीछे क्या उद्देश्य था और Shahzad Bhatti network से उसका संबंध कितना मजबूत है। नोट: Intelligence alert किसी हमले की पुष्टि नहीं करता। Shahzad Bhatti, Rana Bhai और Malik से जुड़े विवरण मीडिया द्वारा intelligence inputs के हवाले से रिपोर्ट किए गए हैं और मामले की जांच जारी है। स्रोत – एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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महाराष्ट्र के अमरावती सरकारी अस्पताल में Ventilator Blast के बाद आग, 3 नवजात बच्चों की मौत; वार्ड में थे 39 बच्चे

अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार, 24 अगस्त 2026 की तड़के एक सरकारी महिला अस्पताल में बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल की Neonatal Intensive Care Unit (NICU) में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। घटना के समय वार्ड में कुल 39 नवजात बच्चे भर्ती थे। छह बच्चों को इलाज और निगरानी के लिए दूसरे Super Speciality Hospital में शिफ्ट किया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में एक ventilator में कथित विस्फोट के बाद आग भड़की। हालांकि आग के वास्तविक तकनीकी कारण की आधिकारिक जांच अभी बाकी है। तड़के करीब 3:30 बजे लगी आग मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हादसा सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे अमरावती के जिला महिला अस्पताल में हुआ। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर नवजात बच्चों के लिए बनाए गए intensive care unit में अचानक आग और धुआं फैलने लगा। शुरुआती रिपोर्ट में एक ventilator में विस्फोट को आग की संभावित वजह बताया गया है। घटना होते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी तुरंत बच्चों को NICU से बाहर निकालने में जुट गए। NICU में भर्ती थे 39 नवजात हादसे के समय neonatal ward में कुल 39 नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। अस्पताल कर्मचारियों ने तेजी से evacuation शुरू किया और ज्यादातर बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बावजूद तीन नवजात बच्चों को नहीं बचाया जा सका। आग और धुएं से प्रभावित छह नवजात बच्चों को पास के Super Speciality Hospital में शिफ्ट किया गया है, जहां उनका इलाज और मेडिकल निगरानी की जा रही है। तीन बच्चों की मौत इस दर्दनाक हादसे में तीन नवजातों की जान चली गई। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में बच्चों की मौत के पीछे आग से गंभीर रूप से प्रभावित होने और धुएं के कारण दम घुटने जैसी स्थितियों का जिक्र किया गया है। पोस्टमार्टम या विस्तृत आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। घटना ने अस्पताल में भर्ती नवजात बच्चों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। Doctors और Nurses ने तुरंत शुरू किया Rescue आग लगने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू कर दिया। Medical equipment हटाकर नवजात बच्चों को तेजी से वार्ड से बाहर ले जाया गया। इसी वजह से वार्ड में मौजूद बाकी बच्चों को बड़े खतरे से बचाया जा सका। कुछ ही देर में दमकल विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई और आग पर काबू पाने का काम शुरू हुआ। NICU के Beds और Medical Equipment को नुकसान आग के कारण NICU में मौजूद कई medical equipment और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। सामने आई तस्वीरों और शुरुआती रिपोर्टों में वार्ड के अंदर आग से जले उपकरण और बिस्तर दिखाई देने की बात कही गई है। राहत की बात यह रही कि आग को अस्पताल के दूसरे हिस्सों तक फैलने से पहले नियंत्रित कर लिया गया। क्या Ventilator Blast ही आग की वजह था? शुरुआती जानकारी में ventilator में blast या explosion के बाद आग लगने की बात सामने आई है। लेकिन किसी बड़े हादसे के बाद वास्तविक कारण जानने के लिए electrical system, medical equipment, wiring, maintenance record और fire-safety arrangements की technical जांच जरूरी होती है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ventilator में विस्फोट ही आग का अंतिम रूप से प्रमाणित कारण था। घटना की जांच के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। Hospital की Fire Safety पर उठे सवाल NICU जैसे संवेदनशील वार्ड में आग लगने के बाद hospital fire safety को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे wards में ऐसे नवजात बच्चे भर्ती होते हैं जिन्हें oxygen support, ventilators, warmers और लगातार medical monitoring की जरूरत होती है। किसी emergency की स्थिति में उन्हें तत्काल दूसरी जगह ले जाना सामान्य मरीजों की तुलना में कहीं अधिक मुश्किल होता है। अब जांच में यह भी देखा जा सकता है कि अस्पताल में fire alarm, extinguishers, emergency exit और electrical safety की व्यवस्था निर्धारित standards के अनुसार थी या नहीं। छह बच्चे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट हादसे में प्रभावित छह बच्चों को तत्काल नजदीकी Super Speciality Hospital भेजा गया है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल सुबह तक सामने आई प्रमुख रिपोर्टों में तीन नवजातों की मौत की पुष्टि की गई है। इस breaking घटना में बच्चों की स्थिति और प्रशासनिक जांच को लेकर आगे और अपडेट आने की संभावना है। Chhindwara में भी हाल में हुआ था NICU हादसा अमरावती का हादसा इसलिए भी गंभीर चिंता पैदा करता है क्योंकि हाल में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में भी medical warmer में आग लगने की घटना हुई थी। उस हादसे में तीन बच्चे झुलसे थे और बाद में एक नवजात की मौत हुई थी। लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाएं सरकारी अस्पतालों में neonatal units की equipment maintenance और fire safety व्यवस्था की समीक्षा की जरूरत को रेखांकित करती हैं। जांच के बाद साफ होगा हादसे का कारण फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि NICU में आग आखिर कैसे लगी और क्या इसे पहले रोका जा सकता था। शुरुआती जानकारी ventilator में विस्फोट की ओर इशारा कर रही है, लेकिन जांच में electrical fault, equipment malfunction और maintenance जैसे पहलुओं को भी देखे जाने की संभावना है। अमरावती जिला महिला अस्पताल की इस घटना में तीन परिवारों ने अपने नवजात बच्चों को खो दिया है। वहीं समय पर किए गए rescue operation के कारण वार्ड में मौजूद बड़ी संख्या में दूसरे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। नोट: यह एक developing story है। आग लगने की वजह के तौर पर ventilator blast की जानकारी शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। जांच पूरी होने के बाद हादसे का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। स्रोत – एनडीटीवी, आईएएनएस, अमर उजाला, लाइव हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी मंदिर विवाद में नया मोड़; राजन सिंह के खिलाफ FIR दर्ज, ‘फर्जी किन्नर’ होने का आरोप

पटना/लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर मंदिर बनाने की मुहिम और दिल्ली के Press Club of India में ‘मोदी चालीसा’ के आयोजन को लेकर चर्चा में आए राजन सिंह अब नए विवाद में घिर गए हैं। लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक transgender activist की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर सामने आई है। शिकायतकर्ता ने राजन सिंह की transgender identity पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। राजन सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने पास वैध transgender certificate होने का दावा किया है। कौन हैं Rajan Singh और क्यों हैं चर्चा में? राजन सिंह बिहार के Transgender Welfare Board से जुड़े रहे हैं और पिछले कुछ हफ्तों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समर्पित मंदिर बनाने की अपनी मुहिम को लेकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने दावा किया था कि पटना में प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर एक भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए। प्रस्तावित मंदिर के लिए करीब 5 एकड़ जमीन और ₹112 करोड़ की लागत का दावा भी सामने आया था। राजन सिंह ने कहा था कि वह यह मंदिर transgender community को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए अधिकारों और पहचान के प्रति आभार के रूप में बनवाना चाहते हैं। हालांकि इस प्रस्ताव की आधिकारिक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। जुलाई में PTI आधारित रिपोर्टों में Bihar State Transgender Welfare Board द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात कही गई थी, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में बोर्ड की एक अन्य सदस्य ने ऐसे किसी आधिकारिक निर्णय से इनकार किया। इसलिए फिलहाल मंदिर निर्माण को अंतिम सरकारी मंजूरी मिल चुकी परियोजना मानना सही नहीं होगा। ‘Modi Chalisa’ से बढ़ा विवाद 20 अगस्त को दिल्ली के Press Club of India में हुए एक कार्यक्रम ने विवाद को और बढ़ा दिया। वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक cutout के सामने आरती और ‘Modi Chalisa’ का पाठ करते हुए कुछ लोग दिखाई दिए। तस्वीरों में प्रधानमंत्री को भगवान राम जैसी वेशभूषा में दिखाने वाला cutout भी नजर आया। Press Club of India ने बाद में स्पष्ट किया कि उसने इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया था। Club के मुताबिक hall को press conference के लिए बुक किया गया था, लेकिन निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने के बाद कार्यक्रम रोक दिया गया। Lucknow में किसने दर्ज कराई शिकायत? नवभारत टाइम्स और अन्य स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक लखनऊ की transgender activist प्रियंका सिंह रघुवंशी ने हजरतगंज थाने में राजन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राजन सिंह transgender community का सदस्य होने का गलत दावा कर रहे हैं और उनकी गतिविधियों से समुदाय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं। किसी व्यक्ति की gender identity के बारे में आरोप को केवल FIR या शिकायत के आधार पर सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। Rajan Singh ने आरोपों पर क्या कहा? राजन सिंह ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पास वैध transgender certificate मौजूद है। उन्होंने FIR को राजनीतिक साजिश बताते हुए शिकायतकर्ता पर भी राजनीतिक संबंधों के आरोप लगाए हैं। राजन सिंह का कहना है कि उनके documents की जांच की जा सकती है और इससे उनकी identity की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल इस मामले में शिकायतकर्ता और राजन सिंह के दावे एक-दूसरे के विपरीत हैं। पुलिस जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। क्या FIR ‘Modi Mandir’ बनाने के कारण हुई? उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर FIR सीधे PM Modi का मंदिर बनाने के प्रस्ताव के कारण दर्ज नहीं की गई है। मंदिर का प्रस्ताव और Modi Chalisa का आयोजन राजन सिंह को चर्चा में लाने वाले प्रमुख घटनाक्रम हैं, लेकिन Lucknow में दर्ज शिकायत का मुख्य आधार उनकी transgender identity और समुदाय की छवि को लेकर लगाए गए आरोप बताए जा रहे हैं। इसलिए खबर को “PM मोदी का मंदिर बनाने पर FIR” कहना तथ्यात्मक रूप से अधूरा या भ्रामक हो सकता है। मंदिर के लिए ₹112 करोड़ और Gold Statue का दावा Press Club के कार्यक्रम के दौरान राजन सिंह ने प्रस्तावित मंदिर को लेकर कई बड़े दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि मंदिर करीब ₹112 करोड़ में बनाया जाएगा, इसके लिए पांच एकड़ जमीन चाहिए और उसमें प्रधानमंत्री मोदी की ऊंचाई के बराबर सोने की प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। हालांकि India Today की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार द्वारा जमीन या धन उपलब्ध कराने के उनके दावे के समर्थन में उन्होंने कोई प्रमाण पेश नहीं किया था। इसलिए इन आंकड़ों को Rajan Singh का प्रस्ताव या दावा ही माना जाना चाहिए, न कि Bihar सरकार की स्वीकृत योजना। Bihar Transgender Welfare Board में भी मतभेद? मंदिर प्रस्ताव को लेकर Board के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आने की खबर है। एक ओर जुलाई की रिपोर्टों में राजन सिंह और PTI ने दावा किया था कि प्रस्ताव को Board के सदस्यों का समर्थन मिला। दूसरी ओर बाद में Board से जुड़ी सदस्य अनुप्रिया के हवाले से कहा गया कि मंदिर निर्माण का कोई औपचारिक निर्णय नहीं हुआ और यह राजन सिंह की व्यक्तिगत पहल है। इस विरोधाभास के कारण Bihar सरकार या Social Welfare Department की औपचारिक मंजूरी सामने आने तक मंदिर परियोजना की सरकारी स्थिति को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। अब आगे क्या? Lucknow में दर्ज मामले के बाद पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध documents की जांच कर सकती है। दूसरी ओर राजन सिंह ने अपनी Modi Mandir मुहिम वापस लेने का कोई संकेत नहीं दिया है। उन्होंने पहले कहा था कि अगर सरकार मंदिर के लिए जमीन और धन उपलब्ध नहीं कराती तो वह अपने पद को लेकर भी फैसला कर सकते हैं। पूरे मामले में तीन अलग-अलग मुद्दे जुड़े हुए हैं—प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर मंदिर बनाने का प्रस्ताव, Press Club में Modi Chalisa कार्यक्रम और अब राजन सिंह के खिलाफ transgender identity को लेकर दर्ज शिकायत। इनमें से किसी भी आरोप पर अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच और आधिकारिक दस्तावेज सामने आने के बाद ही निकाला जाना चाहिए। नोट: राजन सिंह की transgender identity को…

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जयपुर के सरकारी स्कूल की बदहाल तस्वीर; ‘भैंसों के बाड़े’ में लग रही कक्षाएं? CJP टीम पर कथित हमले के बाद Cross FIR

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पास एक सरकारी स्कूल की हालत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शिक्षा व्यवस्था से लेकर कानून-व्यवस्था तक बड़े सवाल खड़े कर रहा है। बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय की मूल इमारत जर्जर घोषित होने के बाद बच्चों की कक्षाएं एक वैकल्पिक टीन शेड जैसी जगह पर लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्टों और CJP का दावा है कि यह जगह भैंसों के बाड़े या तबेले के रूप में इस्तेमाल होती रही है, जहां चारा और गोबर भी दिखाई दिया। स्कूल की स्थिति देखने पहुंची CJP की टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच 21 अगस्त को विवाद और धक्का-मुक्की हुई थी। अब इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। 24 अगस्त की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और 50-60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी SC/ST Act समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। क्यों बाड़े जैसी जगह पर लग रही हैं कक्षाएं? राजस्थान सरकार के अधिकारियों के मुताबिक रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत को सितंबर 2025 में किए गए सर्वे के बाद जर्जर और असुरक्षित घोषित किया गया था। स्कूल में फिलहाल करीब 18 विद्यार्थी और दो शिक्षक बताए गए हैं। पुरानी इमारत असुरक्षित होने के कारण बच्चों की पढ़ाई वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित की गई। मीडिया रिपोर्टों में इस वैकल्पिक जगह को गौशाला, तबेला या buffalo shed जैसी जगह बताया गया है। तस्वीरों और रिपोर्टों में दावा किया गया कि जिस क्षेत्र में बच्चों की कक्षाएं लग रही थीं, वहां आसपास पशुओं का चारा और गोबर भी मौजूद था। यही तस्वीर सामने आने के बाद स्कूल की स्थिति सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गई। School Thik Karo अभियान के तहत पहुंची थी CJP CJP की टीम अपने ‘School Thik Karo’ अभियान के तहत 21 अगस्त को इस सरकारी स्कूल की स्थिति देखने रामपुरा-कंवरपुरा पहुंची थी। CJP का कहना है कि उसे सूचना मिली थी कि बच्चों की पढ़ाई उचित स्कूल भवन के बजाय पशुओं के बाड़े जैसी जगह पर हो रही है। इसी स्थिति की जांच और वीडियो रिकॉर्डिंग करने के लिए टीम गांव पहुंची थी। टीम में CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे। गांव पहुंचते ही बढ़ा विवाद स्कूल तक पहुंचने की कोशिश के दौरान CJP टीम और कुछ स्थानीय ग्रामीणों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। CJP का आरोप है कि टीम को स्कूल तक पहुंचने से रोका गया और फिर उस पर हमला किया गया। संगठन ने दावा किया कि उसके सदस्यों के साथ मारपीट हुई, पत्थर फेंके गए और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया। दूसरी तरफ ग्रामीणों ने CJP कार्यकर्ताओं पर ही अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। इसी वजह से मामला अब केवल एक कथित हमले की शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों पक्षों की Cross FIR दर्ज हो चुकी है। Ashutosh Ranka समेत CJP कार्यकर्ताओं पर SC/ST Act में केस 24 अगस्त को सामने आई Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासी भगवान सहाय धनका की शिकायत पर आशुतोष रांका और करीब 50-60 CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि CJP कार्यकर्ताओं ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से अभद्रता की, मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर BNS की मारपीट, गलत तरीके से रोकने, unlawful assembly और शांति भंग करने की मंशा से अपमान से जुड़ी धाराओं के साथ SC/ST Act की तीन धाराएं भी लगाई हैं। ये फिलहाल शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप हैं और पुलिस जांच के बाद ही उनकी सत्यता स्पष्ट होगी। CJP की तरफ से भी FIR दूसरी FIR CJP कार्यकर्ता रेखा शर्मा की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। उनका आरोप है कि CJP की टीम स्कूल की स्थिति देखने जा रही थी, तभी उन्हें रास्ते में घेरकर अलग-अलग दिशाओं से हमला किया गया। CJP की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावरों में कुछ लोग BJP से जुड़े थे। हालांकि BJP से जुड़े स्थानीय नेताओं और ग्रामीण पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। इसलिए कथित हमले के पीछे किसी राजनीतिक साजिश की बात अभी आरोप के स्तर पर है। स्कूल के नए भवन के लिए ₹18 लाख मंजूर विवाद के बीच बच्चों और अभिभावकों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है। राजस्थान सरकार ने स्कूल के नए भवन के लिए कुल ₹18 लाख उपलब्ध होने की जानकारी दी है। इसमें ₹12 लाख District Mineral Foundation Trust (DMFT) और ₹6 लाख MLA Fund से दिए जाने हैं। सरकार के मुताबिक नए भवन का निर्माण 1 सितंबर 2026 से शुरू किया जाना है। CJP ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों को सुरक्षित और उचित स्कूल भवन उपलब्ध कराना ही उसके अभियान की मुख्य मांग थी। CJP ने CM Bhajan Lal Sharma को कहा धन्यवाद नए भवन के निर्माण की घोषणा सामने आने के बाद आशुतोष रांका ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धन्यवाद दिया। रांका ने कहा कि उनकी मांग यही थी कि बच्चों को उचित जगह पर पढ़ने की सुविधा मिले। हालांकि उन्होंने कथित हमले के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग भी दोहराई और कहा कि दोषी चाहे किसी भी पक्ष के हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। Rajasthan में 611 सरकारी स्कूलों के पास अपनी इमारत नहीं रामपुरा-कंवरपुरा का मामला सामने आने के बाद राजस्थान के सरकारी स्कूलों के infrastructure पर भी चर्चा तेज हो गई है। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में दिए गए UDISE आधारित आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी इमारत नहीं है। इसके अलावा अपनी building वाले सरकारी स्कूलों में भी: होने की जानकारी सामने आई है। ये आंकड़े राज्य में school infrastructure की चुनौती को बड़े स्तर पर दिखाते हैं। Rajasthan सरकार ने बनाया बड़ा Infrastructure Plan राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की मरम्मत और नए निर्माण के लिए बड़े स्तर पर राशि उपलब्ध कराने की बात कही है। सरकार के मुताबिक जर्जर प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल भवनों के निर्माण, मरम्मत और maintenance के…

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राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का VIDEO वायरल; बोले- भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा मामला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर दावा किया गया कि उन्नाव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वह राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही वहां से चले गए। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने उन पर निशाना साधा। हालांकि सतीश महाना ने पूरे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर घटनाक्रम को भ्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है और जिस समय राष्ट्रगान चल रहा था, वह उस प्रेक्षागृह में मौजूद ही नहीं थे। उन्नाव के कार्यक्रम से जुड़ा है Viral Video मामला उत्तर प्रदेश के उन्नाव का है। सतीश महाना यहां एक शैक्षिक संगोष्ठी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें Guard of Honour दिया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक तरफ राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देती है और दूसरी तरफ सतीश महाना सलामी मंच से नीचे उतरते और वहां से आगे बढ़ते दिखाई देते हैं। इसी वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही कार्यक्रम स्थल से निकल गए। VIDEO Viral होते ही शुरू हुआ विवाद वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई। कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाया कि जब राष्ट्रगान चल रहा था तो विधानसभा अध्यक्ष ने वहां रुककर उसे पूरा क्यों नहीं किया। मामले ने जल्द ही राजनीतिक रूप भी ले लिया और कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी के नेताओं ने BJP और सतीश महाना पर निशाना साधना शुरू कर दिया। हालांकि केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं था। Satish Mahana ने क्या सफाई दी? विवाद बढ़ने के बाद सतीश महाना ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी वीडियो के बारे में सही तथ्य जानना जरूरी है और लोगों के बीच भ्रम न फैले, इसलिए वह घटनाक्रम स्पष्ट कर रहे हैं। महाना के अनुसार शनिवार को उन्नाव में उन्हें जिस समय Guard of Honour दिया जा रहा था, उसी समय संयोग से प्रेक्षागृह के अंदर राष्ट्रगान शुरू हुआ था। उन्होंने दावा किया कि दोनों कार्यक्रम अलग-अलग थे और जिस प्रेक्षागृह के भीतर राष्ट्रगान चल रहा था, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। ‘दोनों कार्यक्रम पूरी तरह अलग थे’ सतीश महाना ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि Guard of Honour और auditorium के भीतर चल रहा कार्यक्रम दो अलग-अलग कार्यक्रम थे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर दोनों घटनाओं की तस्वीरों और आवाज को इस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है जिससे ऐसा प्रतीत हो कि वह राष्ट्रगान के दौरान रुके नहीं और वहां से चले गए। विधानसभा अध्यक्ष ने इस interpretation को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा नहीं हुआ। ‘राष्ट्रगान का हमेशा सम्मान किया’ महाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा से लेकर अपने विधानसभा क्षेत्र तक हर अवसर पर उन्होंने और उनके सहयोगियों ने संविधान तथा राष्ट्रगान का सर्वोच्च सम्मान किया है। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की कि किसी वीडियो या घटना पर टिप्पणी करने से पहले उसके तथ्यों की जांच जरूर की जाए। Congress ने BJP को घेरा वायरल वीडियो को कांग्रेस नेताओं और पार्टी से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी शेयर किया। कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए कि राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के कथित तौर पर चले जाने की घटना पर BJP नेतृत्व क्या कार्रवाई करेगा। कुछ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी जवाब मांगा। विपक्ष ने इसे राष्ट्रगान के सम्मान से जोड़ते हुए महाना से जवाब और माफी की मांग की। Akhilesh Yadav ने भी उठाया सवाल समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले को लेकर BJP सरकार पर हमला बोला। उन्होंने वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी। इससे वीडियो को लेकर शुरू हुआ सोशल मीडिया विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस में भी बदल गया। आयोजक पक्ष ने क्या कहा? कुछ मीडिया रिपोर्टों में कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों का पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर सतीश महाना को Guard of Honour दिया जा रहा था, वहां अलग से राष्ट्रगान नहीं बजाया जा रहा था। प्रेक्षागृह के भीतर चल रहे राष्ट्रगान की आवाज बाहर तक सुनाई दे रही थी। यह स्पष्टीकरण सतीश महाना के उस दावे से मेल खाता है जिसमें उन्होंने Guard of Honour और auditorium में चल रहे कार्यक्रम को अलग-अलग बताया है। Viral VIDEO में क्या दिखता है? वीडियो में सतीश महाना सलामी की मुद्रा में खड़े दिखाई देते हैं और कुछ समय बाद मंच से नीचे उतरते नजर आते हैं। Background में राष्ट्रगान की आवाज सुनाई देने के कारण वीडियो को लेकर सवाल उठे। लेकिन वीडियो का छोटा हिस्सा अपने आप यह साबित नहीं करता कि राष्ट्रगान उसी Guard of Honour ceremony का हिस्सा था या किसी दूसरी जगह से उसकी आवाज आ रही थी। इसी बिंदु पर सतीश महाना और उनके आलोचकों के दावे अलग हैं। घटना कब हुई? यह घटनाक्रम 22 अगस्त 2026 को उन्नाव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुआ था। इसके बाद 23 अगस्त को वीडियो सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में बड़े स्तर पर वायरल हुआ। रविवार शाम तक सतीश महाना ने अपना विस्तृत स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया। इसलिए 24 अगस्त तक उपलब्ध latest update यह है कि विधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रगान का अपमान करने के आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। Viral Claim को तथ्य मानने से पहले जरूरी है पूरा Context सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राष्ट्रगान की आवाज के बीच सतीश महाना को आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है। इसी आधार पर उनके खिलाफ राष्ट्रगान छोड़कर जाने का आरोप लगाया गया। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि राष्ट्रगान auditorium के भीतर दूसरे कार्यक्रम में चल रहा था और वह उस समय वहां मौजूद नहीं थे। ऐसे में उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे सीधे…

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Food Safety पर बड़ा Action: FSSAI ने Nestle, PepsiCo, Coca-Cola समेत कंपनियों से जुड़े मामलों में 150 से ज्यादा Notices जारी किए

नई दिल्ली: देश के खाद्य सुरक्षा नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने misleading advertisements, गलत दावों और labeling नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की जानकारी दी है। FSSAI के मुताबिक हाल के महीनों में 150 से ज्यादा notices जारी किए गए हैं और कार्रवाई के दायरे में Nestle India, PepsiCo और Coca-Cola India समेत कई बड़ी food और beverage कंपनियों के नाम शामिल हैं। FSSAI ने सोशल मीडिया के जरिए हालिया enforcement action का ब्यौरा साझा करते हुए कहा कि ये notices misleading advertisements, false claims और labelling non-compliances से जुड़े मामलों में जारी किए गए हैं। किन बड़ी कंपनियों के नाम आए सामने? Food regulator ने जिन प्रमुख कंपनियों के खिलाफ हाल के महीनों में कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है, उनमें कई बड़े national और international brands शामिल हैं। FSSAI द्वारा साझा सूची में: जैसी कंपनियों के नाम शामिल हैं। हालांकि किसी कंपनी को notice जारी होना अपने आप में अंतिम रूप से दोष सिद्ध होना नहीं होता। यह regulatory process का हिस्सा है, जिसमें संबंधित company से जवाब और compliance की मांग की जा सकती है। किस वजह से जारी किए गए Notices? FSSAI के मुताबिक कार्रवाई मुख्य रूप से तीन प्रकार की कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है। पहला मामला misleading advertisements यानी ऐसे विज्ञापनों से जुड़ा है जिनसे उपभोक्ता किसी product के benefits या nature को लेकर भ्रमित हो सकता है। दूसरा मुद्दा false या potentially misleading claims का है। Food products के पैकेट या advertisements पर health, nutrition, ingredients या product benefits से जुड़ा कोई दावा तय नियमों और scientific evidence के अनुरूप होना जरूरी है। तीसरा मामला labelling regulations का है। Packaged food पर ingredients, nutritional information और अन्य जरूरी declarations नियमों के अनुसार देना आवश्यक होता है। Energy Drinks और Alcoholic Beverages पर भी सख्ती FSSAI ने हाल के महीनों में energy drink और alcoholic beverage segments पर भी निगरानी बढ़ाई है। कुछ मामलों में regulator ने नियमों के उल्लंघन के चलते products जब्त करने की कार्रवाई भी की है। Energy drinks के marketing और labelling को लेकर FSSAI इससे पहले भी कंपनियों को निर्देश जारी कर चुका है। Food regulator का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि किसी product की packaging या advertisement ऐसी जानकारी न दे जिससे ग्राहक उसकी वास्तविक प्रकृति या health effects को लेकर भ्रमित हो। Amazon और Flipkart को भी 12 Notices FSSAI की कार्रवाई केवल packaged food manufacturers तक सीमित नहीं रही। Regulator के मुताबिक Amazon और Flipkart जैसे e-commerce platforms से जुड़े मामलों में कुल 12 notices जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले में Amazon के एक warehouse का food licence भी cancel किया गया है। Online food retail तेजी से बढ़ने के कारण e-commerce platforms पर बिकने वाले products की licensing, expiry, storage और labeling भी regulators की निगरानी में हैं। KFC, McDonald’s, Domino’s समेत Food Chains को भी Notices Restaurant और food-service sector में भी FSSAI ने कार्रवाई की जानकारी दी है। Regulator के मुताबिक 30 से ज्यादा notices KFC, McDonald’s, Pizza Hut, Domino’s और Costa Coffee जैसे food service establishments से जुड़े मामलों में जारी किए गए हैं। FSSAI ने यह भी बताया कि Domino’s के पांच licences suspend किए गए हैं। यह कार्रवाई अलग-अलग outlets या licence holders से जुड़ी हो सकती है, इसलिए इसे पूरी chain के nationwide operations पर प्रतिबंध के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। कई कंपनियों ने शुरू किया Corrective Action FSSAI के मुताबिक notices मिलने के बाद कई food companies ने corrective actions शुरू किए हैं। इसका मतलब कंपनियां अपने advertisements, labels, claims या operating procedures में जरूरी बदलाव कर रही हैं ताकि उन्हें food safety regulations के अनुरूप लाया जा सके। Regulatory notice मिलने के बाद company को आम तौर पर जवाब देने और कमियों को दूर करने का मौका दिया जाता है। गंभीर violations पाए जाने पर regulator product seizure, licence suspension या cancellation जैसी कार्रवाई भी कर सकता है। Consumers के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह Action? Food products खरीदते समय आम ग्राहक काफी हद तक product label और advertising claims पर निर्भर रहता है। अगर किसी food item को ज्यादा healthy, nutritious या किसी बीमारी से संबंधित benefit देने वाला बताया जाता है, तो ग्राहक के purchasing decision पर सीधा असर पड़ सकता है। इसी वजह से FSSAI के नियम कंपनियों को health और nutrition claims को लेकर तय standards का पालन करने के लिए बाध्य करते हैं। Misleading claims के खिलाफ कार्रवाई का उद्देश्य ग्राहकों को सही जानकारी उपलब्ध कराना और food industry में transparency बढ़ाना है। Label पढ़ते समय किन बातों पर दें ध्यान? Packaged food खरीदते समय consumers को केवल बड़े advertisement claims पर भरोसा करने के बजाय product की पूरी labeling देखनी चाहिए। Ingredients list, nutritional information, manufacturing और expiry dates, allergen information तथा FSSAI licence details की जांच करना उपयोगी हो सकता है। अगर किसी product पर किए गए health claim को लेकर संदेह हो, तो ग्राहक company और regulator की official information देख सकता है। FSSAI ने बढ़ाई Enforcement हाल के महीनों में food safety regulator ने packaged food, restaurants, e-commerce platforms और beverage companies के खिलाफ enforcement activity तेज की है। 150 से ज्यादा notices की जानकारी इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। हालांकि notices में शामिल किसी brand या company के मामले में वास्तविक violation और अंतिम regulatory outcome अलग-अलग हो सकता है। इसलिए notice जारी होने और किसी company के दोषी साबित होने में अंतर समझना जरूरी है। FSSAI की इस कार्रवाई से यह संकेत जरूर मिलता है कि food advertising, labeling और consumer claims को लेकर regulator आने वाले समय में और कड़ी निगरानी जारी रख सकता है। स्रोत – एफएसएसएआई (FSSAI), पीटीआई, एनडीटीवी, इकोनॉमिक टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

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MH CET 5-Year LLB Counselling 2026: Round 2 Choice Filling आज से शुरू, 26 अगस्त तक मौका

मुंबई: महाराष्ट्र में 5-Year Integrated LLB Course में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। MH CET 5-Year LLB CAP Counselling 2026 के Round 2 के लिए College Option Form Filling की प्रक्रिया आज यानी 23 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। उम्मीदवार अपने पसंदीदा Law Colleges का चयन 26 अगस्त 2026 तक कर सकते हैं। Maharashtra State Common Entrance Test Cell ने स्पष्ट किया है कि Round 2 में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपनी college preferences भरना जरूरी है। केवल Final Merit List में शामिल ऐसे उम्मीदवार जो अभी किसी कॉलेज में admitted नहीं हैं, option form भर सकते हैं। Round 1 में Betterment का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार भी Round 2 में हिस्सा ले सकते हैं। 23 से 26 अगस्त तक भर सकेंगे College Choices State CET Cell के official portal पर जारी announcement के मुताबिक Round 2 Option Form Filling 23 अगस्त से शुरू होकर 26 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगा। उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर अपने पसंदीदा colleges को priority order में भरना होगा। CET Cell ने साफ किया है कि Round 2 में भाग लेने के लिए preferences देना mandatory है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे colleges का क्रम बहुत सावधानी से तय करें, क्योंकि seat allotment उनके merit, category, उपलब्ध सीटों और भरी गई preferences के आधार पर किया जाएगा। कौन भर सकता है Round 2 Option Form? Round 2 choice filling सभी candidates के लिए automatically उपलब्ध नहीं है। Official CAP portal के मुताबिक option form उन candidates के लिए उपलब्ध है जो: जो छात्र Round 2 में participate करना चाहते हैं, उनके लिए college preference form submit करना जरूरी है। 28 अगस्त को आएगा Round 2 Seat Allotment College choices जमा होने के बाद State CET Cell 28 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे Round 2 Seat Allotment Result जारी करेगा। उम्मीदवार अपने login के जरिए यह देख सकेंगे कि उन्हें कौन सा college और course allot हुआ है। Seat allotment के बाद सफल candidates को तय समय सीमा में allotted college में report करना होगा और admission प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 29 अगस्त से College Reporting Round 2 में seat मिलने वाले उम्मीदवारों के लिए college reporting की प्रक्रिया 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान candidates को allotted institute में जाकर required documents verify कराने और admission formalities पूरी करने की जरूरत होगी। इसके बाद colleges admitted candidates की details 2 सितंबर को portal पर upload करेंगे। समय पर reporting नहीं करने पर allotted seat पर असर पड़ सकता है, इसलिए candidates को official instructions ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। Choice Filling कैसे करें? MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए candidates को सबसे पहले official counselling portal पर जाना होगा। इसके बाद: एक बार options final करने से पहले उम्मीदवारों को college location, fees, course structure, category-wise seats और पिछले cut-offs जैसी जानकारी देखना फायदेमंद हो सकता है। Round 1 में क्या हुआ था? MH CET 5-Year LLB CAP Round 1 के लिए college option filling 5 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चली थी। Round 1 seat allocation 18 अगस्त को शाम 5 बजे जारी हुआ था। इसके बाद candidates को 19 से 21 अगस्त तक allotted colleges में admission लेने का मौका दिया गया। Colleges ने admitted candidates की details 22 अगस्त को portal पर upload कीं। अब खाली बची सीटों और eligible candidates के लिए Round 2 प्रक्रिया शुरू की गई है। Round 3 भी होगा आयोजित जो उम्मीदवार Round 2 में सीट हासिल नहीं कर पाते या आगे counselling process में eligible रहते हैं, उनके लिए Round 3 भी आयोजित किया जाएगा। Current counselling schedule के मुताबिक: Round 3 College Option Filling: 3 से 5 सितंबर 2026 Round 3 Seat Allotment: 18 सितंबर 2026, शाम 5 बजे Round 3 College Reporting: 19 से 23 सितंबर 2026 इसके बाद Institute-Level admission round भी आयोजित किया जाएगा। Institute-Level Round की तारीखें Counselling schedule के मुताबिक Institute-Level Round के लिए choice filling 26 से 28 सितंबर तक होगी। Institute-Level admissions 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाएंगे और 5-Year LLB admission process की final cut-off date 5 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। 164 Approved Colleges, 12 हजार से ज्यादा Intake Official CAP portal के live dashboard के मुताबिक counselling process में 164 approved colleges शामिल हैं। Portal पर total intake करीब 12,478 seats दिखाया गया है, जिनमें CAP intake 10,450 है। 23 अगस्त तक dashboard पर 2,700 total admissions भी दर्ज दिखाई दे रहे थे। ये आंकड़े admission process आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं। Candidates के लिए जरूरी सलाह Candidates को college preference भरते समय केवल एक या दो colleges पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अपनी merit position और पिछले cut-offs को देखते हुए realistic preferences की पर्याप्त संख्या भरना बेहतर हो सकता है। College priority का क्रम भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि counselling system उम्मीदवार की उपलब्ध सर्वोच्च preference के आधार पर seat allotment करता है। साथ ही candidates को किसी unofficial website या social media message पर निर्भर रहने के बजाय Maharashtra State CET Cell के official CAP portal पर जारी instructions और dates को अंतिम मानना चाहिए। फिलहाल MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए सबसे महत्वपूर्ण deadline 26 अगस्त 2026 है। इसके बाद option form filling window बंद हो जाएगी और 28 अगस्त को Round 2 allotment घोषित किया जाएगा। स्रोत – महाराष्ट्र राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष (State CET Cell), एनडीटीवी एजुकेशन जय राष्ट्र न्यूज़

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National Space Day पर PM Modi ने Space Startups के CEOs से संवाद किया साझा, मजबूत ecosystem बनाने पर जोर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को National Space Day के मौके पर देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने Space Startups के CEOs और founders के साथ अपने हालिया संवाद को भी साझा किया और देश में ऐसा मजबूत space ecosystem तैयार करने पर जोर दिया, जो दुनिया भर की प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कम लागत में काम करने की क्षमता, गुणवत्तापूर्ण talent और जोखिम लेने की मजबूत क्षमता का ऐसा संयोजन है जो देश को वैश्विक space sector में तेजी से अग्रणी स्थान दिला सकता है। 21 अगस्त को 20 Space Startups के साथ हुई थी बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने Space Startup CEOs और founders के साथ यह बैठक 21 अगस्त 2026 को Seva Teerth में की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में देश के 20 space startups के CEOs और founders शामिल हुए थे। ये कंपनियां rockets, reusable launch vehicles, satellites, advanced propulsion systems, space intelligence, space debris removal, weather और climate intelligence जैसी अलग-अलग technologies पर काम कर रही हैं। National Space Day पर इस interaction को फिर सामने लाते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की private space industry की ambition और innovation की तारीफ की। PM Modi बोले—दुनिया Space के लिए भारत की ओर देखे Space Startup leaders के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को ऐसा ecosystem बनाना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने startups से अपने प्रयासों में consistency बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार की policies में निरंतरता होने से entrepreneurs को जोखिम लेने का भरोसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसा environment तैयार कर सकता है जहां दुनिया भर के talented professionals अपने career और भविष्य के लिए Indian space sector को पसंद करें। Global Talent और Investment को आकर्षित करने पर जोर PM Modi ने कहा कि भारत के space sector में global talent, companies और investment को आकर्षित करने की क्षमता है। उनके मुताबिक भारत cost के मामले में highly competitive है और यहां quality talent के साथ risk-taking क्षमता भी मौजूद है। यही combination भारत को international space market में तेजी से मजबूत स्थिति दिला सकता है। Private companies के लिए space sector खोलने के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय startups की संख्या और गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई कंपनियां satellite manufacturing से लेकर launch systems और earth observation तक अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। Agriculture से Environment तक Space Technology का इस्तेमाल प्रधानमंत्री ने startups से space technology को केवल rockets और satellites तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कंपनियों से विचार करने को कहा कि उनकी technology का इस्तेमाल: में कैसे किया जा सकता है। PM Modi ने उदाहरण दिया कि agriculture से जुड़ी space technology कंपनियां agricultural universities और departments के साथ मिलकर किसानों को बेहतर data और decision-making tools उपलब्ध करा सकती हैं। Atal Tinkering Labs से जुड़ने की सलाह प्रधानमंत्री ने Space Startups को Atal Tinkering Labs के साथ अधिक सहयोग करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि इससे school level पर ही बच्चों में space science, technology और innovation को लेकर curiosity पैदा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारत के भविष्य के space missions और technologies से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इससे आने वाले वर्षों में scientists, engineers, designers और entrepreneurs की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है। National Space Day पर PM Modi का संदेश 23 अगस्त को National Space Day के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत नई global व्यवस्था में लगातार अपने space sector का विस्तार कर रहा है और नई पीढ़ी के engineers, designers, coders और scientists नई technologies विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में space sector की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश से अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े सपने देखने, अधिक innovation करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। 23 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है National Space Day? भारत में हर साल 23 अगस्त को National Space Day मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2023 में Chandrayaan-3 के Vikram Lander ने चंद्रमा की सतह पर सफल soft landing की थी। इसके बाद Pragyan Rover को चंद्रमा पर deploy किया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ चंद्रमा पर सफल soft landing करने वाला चौथा देश बना और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। Chandrayaan-3 की सफलता के बाद 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। Private Space Sector में तेजी से बढ़ रहा भारत भारत सरकार ने वर्ष 2020 के बाद space sector को private participation के लिए बड़े स्तर पर खोलना शुरू किया। इसके बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, Bellatrix Aerospace, Digantara और कई अन्य startups ने launch vehicles, satellites और space technologies में तेजी से काम शुरू किया। 21 अगस्त की बैठक में इन कंपनियों समेत कुल 20 startups के representatives शामिल हुए थे। Startups ने प्रधानमंत्री को बताया कि Indian technologies को अपनाने में international companies की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। Space में Pharmaceuticals Manufacturing तक की तैयारी प्रधानमंत्री के साथ interaction के दौरान कुछ startups ने अपनी futuristic technologies की जानकारी भी साझा की। एक startup representative ने ऐसी satellites विकसित करने की योजना का जिक्र किया जो space में जाकर pharmaceutical products manufacture कर सकें और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके। एक अन्य startup ने बताया कि उसे हालिया launch के बाद केवल एक महीने में आठ launch contracts मिले, जिनमें ज्यादातर international contracts हैं। ये developments दिखाती हैं कि Indian private space companies traditional satellite…

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Ravindra Jadeja ने रचा इतिहास, 50 World Test Championship मैच खेलने वाले पहले भारतीय बने

कोलंबो: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में दूसरे टेस्ट के लिए मैदान पर उतरते ही जडेजा World Test Championship (WTC) में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन गए। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट Sinhalese Sports Club, Colombo में खेला जा रहा है। यह मौजूदा सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट है। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी। 50 WTC मैच खेलने वाले पहले भारतीय बने Jadeja World Test Championship की शुरुआत 2019 में हुई थी। इसके बाद से रवींद्र जडेजा भारतीय टेस्ट टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले जडेजा ने 49 WTC मुकाबले खेले थे। कोलंबो में मैदान पर उतरने के साथ ही उन्होंने अपने WTC मैचों की संख्या 50 कर ली और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार जडेजा 50 WTC मैच खेलने वाले पहले एशियाई क्रिकेटर भी बन गए हैं। 49 मैचों में शानदार All-Round प्रदर्शन अपने 50वें WTC मुकाबले से पहले जडेजा के आंकड़े उनकी उपयोगिता को साफ दिखाते हैं। पिछले 49 World Test Championship मैचों में जडेजा ने: यानी WTC में वह केवल एक स्पिन गेंदबाज नहीं बल्कि भारत के सबसे प्रभावी all-round performers में शामिल रहे हैं। बल्लेबाजी में निचले और मध्यक्रम में महत्वपूर्ण रन बनाने के साथ-साथ जडेजा ने अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से भारत को कई टेस्ट मुकाबलों में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Virat Kohli और Mohammed Siraj भी सूची में World Test Championship में भारत के लिए सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में जडेजा अब सबसे आगे हैं। कोलंबो टेस्ट से पहले इस सूची में जडेजा 49 मैचों के साथ पहले स्थान पर थे। उनके पीछे विराट कोहली और मोहम्मद सिराज 46-46 मैचों के साथ थे। इसके बाद जसप्रीत बुमराह 42 और रविचंद्रन अश्विन, ऋषभ पंत तथा शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल हैं। जडेजा का 50वां मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय टेस्ट क्रिकेट की पिछली पीढ़ी के कई बड़े खिलाड़ी अब इस format से बाहर हो चुके हैं, जबकि जडेजा अभी भी टीम के अहम सदस्य बने हुए हैं। Galle Test में भी किया था शानदार प्रदर्शन श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भी रवींद्र जडेजा ने अपनी गेंदबाजी से महत्वपूर्ण योगदान दिया था। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। जडेजा ने मैच में कुल चार विकेट हासिल किए और भारत की spin attack में अहम भूमिका निभाई। गॉल की परिस्थितियों में जडेजा और युवा स्पिनर मानव सुथार की जोड़ी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाया था। हाल ही में पूरे किए 350 Test Wickets जडेजा ने इसी श्रीलंका दौरे पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। पहले टेस्ट के दौरान उन्होंने अपने 350 टेस्ट विकेट पूरे किए। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 4,000 से ज्यादा रन और 350 विकेट लेने वाले चुनिंदा ऑलराउंडरों के क्लब में शामिल हो गए। इस सूची में कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में बल्ले और गेंद दोनों से लगातार प्रभाव छोड़ा है। Colombo Test में India ने चुनी बल्लेबाजी दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने Playing XI में एक बदलाव किया। कुलदीप यादव वायरल इंफेक्शन से पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण मैच से बाहर रहे, जबकि 33 वर्षीय मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन ने टेस्ट डेब्यू किया। जडेजा की मौजूदगी इस बदले हुए spin combination में और महत्वपूर्ण हो जाती है। World Test Championship में सबसे ज्यादा मैच किसके नाम? हालांकि जडेजा भारत के लिए 50 WTC मुकाबले खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं, लेकिन विश्व स्तर पर कई खिलाड़ी उनसे आगे हैं। इंग्लैंड के Joe Root WTC में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर रहे हैं। उनके बाद Ben Stokes, Steve Smith, Marnus Labuschagne और अन्य प्रमुख खिलाड़ी सूची में शामिल हैं। इसके बावजूद किसी भारतीय और रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी एशियाई खिलाड़ी का 50 मैच तक पहुंचना जडेजा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि है। Jadeja के सामने एक और बड़ा रिकॉर्ड जडेजा के पास श्रीलंका दौरे पर कुछ और व्यक्तिगत milestones हासिल करने का मौका है। कोलंबो टेस्ट से पहले उनके नाम विदेश में खेले गए टेस्ट मैचों में 96 विकेट थे। यानी वह विदेशी धरती पर 100 टेस्ट विकेट पूरे करने से केवल चार विकेट दूर थे। इसके अलावा विदेश में उनके बल्लेबाजी आंकड़े भी मजबूत रहे हैं। ऐसे में कोलंबो टेस्ट उनके लिए कई व्यक्तिगत उपलब्धियों वाला मुकाबला बन सकता है। भारत के सबसे भरोसेमंद Test All-Rounders में शामिल रवींद्र जडेजा लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम के balance का अहम हिस्सा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह एक ही मैच में तीन अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकते हैं—बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण रन, गेंदबाजी में विकेट और fielding में तेज तथा भरोसेमंद प्रदर्शन। घरेलू pitches पर जहां उनकी spin bowling बेहद प्रभावी रही है, वहीं पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने overseas Tests में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपनी उपयोगिता साबित की है। यही consistency उन्हें World Test Championship में भारत का पहला 50-match player बनाने तक लेकर आई है। अब जडेजा की नजर केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर भारत को सीरीज में मजबूत जीत दिलाने पर होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक टाइम्स, स्पोर्ट्स तक, ICC जय राष्ट्र न्यूज़

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India-US Trade Deal लगभग Final: अमेरिकी राजदूत Sergio Gor बोले—‘In Principle’ ज्यादातर समझौता पूरा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहा Bilateral Trade Agreement अब अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि समझौते के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों पर दोनों देशों के बीच “in principle” सहमति बन चुकी है और अब मुख्य रूप से कानूनी तथा तकनीकी भाषा को अंतिम रूप देने का काम बाकी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Gor ने भरोसा जताया कि बाकी तकनीकी काम पूरा होने के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। Sergio Gor ने Trade Deal पर क्या कहा? Economic Times World Leaders Forum में बोलते हुए अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि India-US Trade Deal के अधिकांश हिस्सों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत बड़े नीतिगत मतभेदों को सुलझाने के बजाय मुख्य रूप से legal और technical language को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है। समझौते के कुछ हिस्सों के text को दोबारा तैयार किया जा रहा है। Gor ने समझौते को लेकर आशावादी रुख दिखाया और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अब बड़ी बाधाओं के बजाय अंतिम दस्तावेजी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। क्यों बदला जा रहा Trade Agreement का कुछ Text? Sergio Gor ने कार्यक्रम में बताया कि पहले एक समय दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन अमेरिका में हुए कानूनी घटनाक्रम के बाद deal के कुछ हिस्सों की भाषा को दोबारा तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि Washington अब agreement के कुछ text को “reconfigure” कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इससे पूरी trade negotiation दोबारा शुरू नहीं हुई है और अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा चरण में दोनों पक्ष नए सिरे से पूरा समझौता नहीं बना रहे, बल्कि पहले तय किए गए framework को कानूनी रूप से लागू करने योग्य रूप देने पर काम कर रहे हैं। India-US Trade तेजी से बढ़ा अमेरिकी राजदूत ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक करीब 15 साल पहले दोनों देशों के बीच bilateral trade लगभग 20 अरब डॉलर था, जबकि आज यह बढ़कर करीब 240 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए tariff barriers कम करना, market access बढ़ाना और दोनों देशों की कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Trade Deal से भारत को क्या फायदा हो सकता है? India-US Trade Agreement का अंतिम स्वरूप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए सभी sector-wise benefits को निश्चित रूप से बताना जल्दबाजी होगी। लेकिन किसी व्यापक trade deal से भारतीय exporters को अमेरिकी बाजार में बेहतर access मिलने, कुछ products पर tariffs कम होने और investment flows बढ़ने की संभावना रहती है। अमेरिका भारत के सबसे महत्वपूर्ण export markets में शामिल है। ऐसे में textiles, engineering goods, pharmaceuticals, electronics और अन्य manufacturing sectors के लिए किसी tariff relief का बड़ा प्रभाव हो सकता है। हालांकि किन products को कितनी राहत मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब final agreement जारी होने के बाद ही मिलेगा। Russian Oil खरीदने वाले देशों पर 100% Tariff की भी चर्चा Sergio Gor ने कार्यक्रम में एक अलग मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। अमेरिकी संसद में ऐसे देशों पर 100 प्रतिशत tariff लगाने के प्रस्ताव की चर्चा चल रही है जो रूस से तेल खरीदते हैं। भारत दुनिया के बड़े Russian crude buyers में शामिल रहा है, इसलिए ऐसे किसी प्रस्ताव का भारत पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि Gor ने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी Congress में bipartisan स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है और इसे सीधे President Donald Trump या White House की घोषित नीति नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि Trump administration की प्राथमिकता Russia-Ukraine युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में काम करना है। Trump-Modi संबंधों पर भी बोले Sergio Gor अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रिश्तों को भी दोनों देशों की partnership के लिए महत्वपूर्ण बताया। Gor ने कहा कि Trump और Modi के बीच गहरा व्यक्तिगत संबंध और आपसी भरोसा है। उनके मुताबिक दोनों नेता तेजी से परिणाम चाहते हैं और bilateral relationship को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि India-US relationship केवल trade तक सीमित नहीं है, बल्कि defence, energy, technology और Indo-Pacific cooperation जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। Marco Rubio अक्टूबर में फिर आ सकते हैं भारत India-US संबंधों में बढ़ती diplomatic engagement का संकेत देते हुए Sergio Gor ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अक्टूबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह Rubio की इस साल भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वह मई में पांच दिन के दौरे पर भारत आए थे। Gor ने कहा कि अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों की लगातार भारत यात्राएं यह दिखाती हैं कि Washington भारत के साथ रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। क्या Trade Deal अब Final हो चुकी है? फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि India-US Trade Deal पूरी तरह final और लागू हो चुकी है। Sergio Gor के मुताबिक मुख्य मुद्दों पर “in principle” सहमति लगभग पूरी है, लेकिन legal और technical drafting अभी जारी है। इसके बाद दोनों सरकारों को final text पर औपचारिक सहमति देनी होगी और agreement को लागू करने के लिए जरूरी administrative और legal processes पूरी करनी होंगी। इसलिए वर्तमान स्थिति को “लगभग अंतिम चरण में पहुंचा समझौता” कहना ज्यादा सटीक होगा। India-US संबंधों के लिए बड़ा संकेत Trade deal का पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका उसका प्रमुख trading और strategic partner है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच technology, energy, pharmaceuticals, manufacturing और defence sectors में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Sergio Gor…

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