Benefits of okra for hair

सेहत ही नहीं बालों के लिए भी फायदेमंद है भिंडी, जानें क्या है इसके इस्तेमाल का तरीका?

भिंडी (Okra) एक ऐसी सब्जी है, जो भारतीय रसोईघरों में अधिकतर बनती है और कई लोगों को पसंद होती है। आमतौर पर भिंडी (Okra) को सब्जी के रूप में खाया जाता है या सांभर आदि में ड़ाल कर इसका सेवन किया जाता है। भिंडी में कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं जैसे विटामिन सी, इ और के आदि। यही नहीं इनमें आयरन, कॉपर, मैग्नीशियम, फोलेट आदि मिनरल्स भी होते हैं। आपको यह जानकर हैरानी हो सकती है कि भिंडी केवल सेहत ही नहीं बल्कि बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है। इसका इस्तेमाल करने से बालों में नयी जान आ जाती हैं। जानिए भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) के बारे में। इसका बालों पर कैसे इस्तेमाल करें, यह भी जानें। बालों के लिए भिंडी के बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार भिंडी (Okra) हार्ट हेल्थ, ब्लड शुगर आदि को सही रखने के लिए फायदेमंद है। इसके साथ ही प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। भिंडी के बालों के लिए बेनेफिट्स (Benefits of okra for hair) इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? भिंडी का बालों पर कैसे करें इस्तेमाल?  आप कई तरह से भिंडी का बालों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें से कुछ इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of okra for hair #Benefitsofokraforhair #Benefitsofokra #okra #hair #scalp

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Cool Roof Technology

इस तपती गर्मी में घर को रखना चाहते हैं ठंडा और कूल कूल, तो जानिए Cool Roof Technology के बारे में यहां

घर एक ऐसी जगह है जो हमें सर्दी, गर्मी बरसात आदि से बचाता है। घर में हम सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। आजकल हर कोई सुख-सुविधाओं के नए तरीकों को एक्सप्लोर कर रहा है, ताकि लाइफ और आरामदायक बन सके। अभी एक नयी तकनीक (Technology) प्रचलित हो रही है जिसका नाम है कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology)। तेलंगाना वो पहला राज्य है जिसने स्टेट-वाइड कूल रूफ पॉलिसी को अमल में लाया है। अन्य राज्य भी इस पॉलिसी को लाने की तैयारी कर रहे हैं। इस तकनीक (Technology) से घर के तापमान को कम किया जा सकता है और इससे बिजली का बिल भी कम आएगा। आइए पाएं जानकारी कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology) के बारे में। क्या है ये कूल रूफ तकनीक (Cool Roof Technology)? इस तकनीक (Technology) में ऐसे मेटेरियल और कोटिंग का इस्तेमाल किया जाता है जो अधिक सनलाइट को रिफ्लेक्ट करती है और कम गर्मी को एब्जॉर्ब करती है। इससे छत की सतह का तापमान कम होता है और इसके साथ ही बिल्डिंग में हीट ट्रांसफर भी कम होता है। यही नहीं, इससे ऊर्जा की बचत होती है और घर अधिक आरामदायक बनता है खासतौर पर गर्मी के मौसम में। इस तकनीक (Technology) से घर में एयर कंडीशनर की आवश्यकता नहीं पड़ती। यानी, बिना किसी नुकसान के गर्मी में घर को ठंडा बनाने रखने का यह एक आसान और प्रभावी उपाय है। कूल रूफ तकनीक के फायदे  (Benefits of Cool Roof Technology) क्या हो सकते हैं जानिए। कूल रूफ तकनीक के फायदे (Benefits of Cool Roof Technology) इस तकनीक (Technology) में ठंडी छतों को हाई सोलर परावर्तन के लिए बनाया जाता है यानी इनसे वातावरण में सूरज की किरणों को वापस प्रतिबिंबित कर दिया जाता है। कूल रूफ तकनीक के फायदे  (Benefits of Cool Roof Technology) इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: सैमसंग का ग्लासेज-फ्री 3D OLED मॉनिटर, जानिए इसके फीचर और प्राइस? साधारण छतों को ठंडा बनाने के लिए फाइबरग्लास वेब से बने डामर शिंगल का उपयोग किया जाता है। लेकिन इसमें फाइबरग्लास के ऊपर सिरेमिक की कोटिंग की जाती है जिससे सूरज से आने वाली किरणे रिफ्लेक्ट हो जाती है। इसके अलावा डामर सिंगल की जगह लकड़ी के शिंगल, कंक्रीट टाइलें, स्लेट टाइलों आदि का प्रयोग किया जाता है। धातु के शिंगल या टायलों का भी उपयोग किया जा सकता है। इससे घर के अंदर का तापमान कम रहता है और घर ठंडा रहता है। उम्मीद है कि आने वाले समय में यह कूल रूफ तकनीक (Cool roof technology) गर्मी से बचाव में बहुत अधिक इस्तेमाल की जा सकती है।  Latest News in Hindi Today Hindi  Cool Roof Technology #Coolrooftechnology #benefitsofcoolrooftechnology #coolroof #technology

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Double pneumonia

पोप फ्रांसिस की मौत का कारण है Double Pneumonia, जानिए इसके लक्षण और कारण

हाल ही में पोप फ्रांसिस की 88 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। पोप फ्रांसिस इतिहास के पहले लेटिन अमेरिकी पोप थे, जो अपनी उदारता और गरीबों के लिए दयाभावना के लिए जाने जाते रहेंगे। उनकी मृत्यु का कारण डबल निमोनिया (Double pneumonia) को माना जा रहा है। आपने निमोनिया (Pneumonia) के बारे में सुना होगा, लेकिन डबल निमोनिया (Double pneumonia) इससे भी गंभीर रोग है। निमोनिया (Pneumonia) में रोगी के केवल एक ही फेफड़े में इंफेक्शन होता है लेकिन डबल निमोनिया दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह स्थिति बहुत अधिक गंभीर हो सकती है। इस रोग के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है। आइए जानें डबल निमोनिया (Double pneumonia)  के बारे में विस्तार से। डबल निमोनिया (Double pneumonia) क्या है?  हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार डबल निमोनिया (Double pneumonia)  एक फेफड़ों का इन्फेक्शन है, जो दोनों फेफड़ों को प्रभावित करता है। यह इंफेक्शन फेफड़ों में एयर सैक्स या अल्विओली में सूजन पैदा कर देता है। इसके कारण इनमें फ्लूइड और पस भर जाती है और रोगियों को सांस लेने में समस्या हो सकती है। यह बीमारी सीरियस हो सकती है और जानलेवा भी साबित हो सकती है। डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) निमोनिया (Pneumonia) के समान हो सकते हैं। इसके डबल निमोनिया के लक्षण (Double pneumonia symptoms) इस प्रकार हैं: डबल निमोनिया के कारण निमोनिया (Pneumonia) का मुख्य कारण होता है वायरस या बैक्टीरिया। इसके अलावा कुछ कवक भी इसका कारण बन सकते हैं। डबल निमोनिया (Double pneumonia) की समस्या भी तब होती है, जब संक्रमित माइक्रोब दोनों फेफड़ों में निमोनिया का कारण बनते हैं। इसके कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? डबल निमोनिया का उपचार डबल निमोनिया (Double pneumonia) का उपचार इसके कारणों पर निर्भर करता है। इसके अलावा यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि इससे शरीर कैसे प्रभावित है? इसके उपचार के कुछ विकल्प इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Double pneumonia #Doublepneumonia #pneumonia #doublepneumoniasymptoms

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Amarnath yatra 2025

Amarnath yatra 2025: 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा, जानिए कैसे कर सकते हैं आप रजिस्टर?

हमारे देश में ऐसे कई तीर्थस्थल हैं, जिनके दर्शन हर साल लाखों लोग करते हैं। इन्हीं तीर्थस्थलों में से एक है अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa), जो हिमालय में स्थित है। ऐसा माना गया है कि यह वो जगह है जहां भगवान् शिव जी ने मां पार्वती को अमरता के रहस्य के बारे में ज्ञान दिया था। इस अमरता के रहस्य को अमर कथा के नाम से जाना जाता है। इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ का लिंग बनता है, जिसे शिव जी का प्रतीक माना जाता है। यह शिवलिंग चन्द्रमा के अनुसार घटता और बढ़ता रहता है। अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa) के दर्शन साल में केवल कुछ ही महीने किए जा सकते हैं। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) जल्द ही शुरू होने वाली है। आइए जानें इसके बारे में।  अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025): पाएं जानकारी अमरनाथ जम्मू और कश्मीर राज्य के श्रीनगर में स्थित है और समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 3,600 फुट है। यह एक प्रमुख हिन्दू तीर्थस्थान है। यहां यात्रा करने के लिए श्रद्धालुओं को सबसे पहले इसके लिए रजिस्ट्रेशन करानी होती है। इस साल यानी अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए सरकार ने 14 अप्रैल से रजिस्ट्रेशन्स की शुरुआत कर दी है। अगर आप भी अमरनाथ गुफा (Amarnath Gufa) के दर्शन करना चाहते हैं, तो आज ही अपना रेजिस्ट्रेशन कराएं। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) की तिथि जैसा की पहले ही बताया गया है कि अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra) करने के लिए पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है और इसकी रजिस्ट्रेशन 14 April 2025 से शुरू हो चुकी है। यह यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होने वाली है और 9 अगस्त 2025 तक चलेगी। सुरक्षा की दृष्टि से हर दिन केवल 15,000 यात्रियों को ही यहां जाने की अनुमति दी जाएगी। इसलिए, इच्छुक श्रद्धालुओं को जल्दी रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी जाती है। अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025): कैसे करें रजिस्ट्रेशन? अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए आप इस तरह से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इसमें रजिस्टर करने के लिए आपको अपना नाम, यात्रा की तिथि, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, फोटोग्राफ आदि भी भरना होगा। इसके साथ ही स्कैन्ड कम्पल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट अपलोड करना भी जरूरी है। अपना नंबर भी ओटीपी के माध्यम से वेरिफाई करना होगा। जब आप यह प्रोसेस पूरा कर लेंगे तो आपको दो घंटों के अंदर एक पेमेंट लिंक मिलेगा जहां आपको रजिस्ट्रेशन फीस (₹220) भरनी होगी। जब आपकी ट्रांजेक्शन पूरी हो जायेगी तो यात्रा रेजिस्ट्रेशन परमिट को डाउनलोड कर पाएंगे। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन  अमरनाथ यात्रा 2025 (Amarnath yatra 2025) के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी आप करा सकते हैं। अमरनाथ यात्रा (Amarnath yatra) के लिए जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) एडमिस्ट्रशन ने व्यवस्था कर रखी है। कुछ सेंटर जैसे वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाराजा हॉल इसके लिए टोकन स्लिप्स इशू कर रहे हैं। आमतौर पर यह टोकन आपके द्वारा चुनी यात्रा डेट के तीन दिन पहले इशू किए जाएंगे। श्रद्धालु हेल्थ चेकअप और औपचारिक रजिस्ट्रेशन के लिए सरस्वती धाम जा सकते है। उसी दिन, उन्हें अपना कार्ड लेने और प्रक्रिया पूरी करने के लिए जम्मू में आरएफआईडी कार्ड केंद्र भी जाना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi News Amarnath yatra 2025 #Amarnathyatra2025 #Amarnathyatra #AmarnathGufa #tirthsthan #Amarnath

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National Infertility Awareness week

इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग?

इनफर्टिलिटी (Infertility) गर्भधारण न कर पाने की असमर्थता को कहा जाता है। आमतौर पर इनफर्टिलिटी (Infertility) यानी 12 महीने तक नियमित और असुरक्षित संभोग के बाद भी कंसीव न कर पाना। इनफर्टिलिटी को अधिकतर महिलाओं से जोड़ कर देखा जाता है लेकिन यह समस्या महिलाओं और पुरुषों दोनों को हो सकती है। अप्रैल 23 से अप्रैल 29 तक को नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक (National Infertility Awareness Week) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। आजकल बहुत से लोग इनफर्टिलिटी (infertility) की समस्या से प्रभावित हैं। ऐसे में कम उम्र की महिलाओं को जल्दी फर्टिलिटी टेस्टिंग की सलाह दी जाती है। आइए जानें इस वीक और यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) के बारे में विस्तार से। नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) क्यों मनाया जाता है? रिजॉल्व: द नेशनल इनफर्टिलिटी एसोसिएशन (RESOLVE: The National Infertility Association) के अनुसार नेशनल इनफर्टिलिटी अवेयरनेस वीक  (National Infertility Awareness Week) को रिप्रोडक्शन हेल्थ से सम्बन्धित चुनौतियों के बारे में लोगों को शिक्षित करने के लिए मनाया जाता है। इसके अलावा इस सप्ताह उन लोगों को सक्षम बनाया जाता है जो बांझपन जैसी समस्या से गुजर रहे हैं।  कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? वीमन फर्टिलिटी प्रॉब्लम्स (Women Fertility Problem) की वजह है जीवन जीने के तरीके में खराबी। हालांकि, इसके अन्य कुछ कारण भी हो सकते हैं। यह समस्या सिर्फ 30 या 40 साल की उम्र की महिलाओं को प्रभावित नहीं कर रही है बल्कि आजकल 20 साल की उम्र की लड़कियों पर भी इसका असर हो रहा है। इस उम्र की लड़कियों में खासतौर पर लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) समस्या देखने को मिल रही है।  इसीलिए डॉक्टर यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की सलाह देते हैं, ताकि लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) की समस्या से बचा जा सके। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी चेकअप और जागरूक रहने से महिलाएं इस समस्या से कुछ हद तक बच सकती है। इसके कुछ समाधान इस प्रकार हैं: यह तो थी जानकारी कि यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग (Fertility Testing in Young Women) की क्यों दी जाती है? इसके कारणों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है ताकि महिलाएं इन्हें अवॉयड कर सकें।  इसे भी पढ़ें: जानिए प्रोटीन के उन 6 बेहतरीन वेजिटेरियन सोर्सस के बारे में, जो बना सकते हैं आपको हेल्दी फर्टिलिटी प्रॉब्लम के कारण कम उम्र की महिलाओं में फर्टिलिटी प्रॉब्लम और लो ओवेरियन रिजर्व (Low ovarian reserve) के कई कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi National Infertility Awareness Week #Lowovarianreserve #NationalInfertilityAwarenessWeek #Infertility #FertilityTestinginYoungWomen

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Benefits of Sattu Sharbat

सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक

क्या आपके दिन की शुरुआत भी चाय या कॉफी से होती है? यह एक ऐसी आदत है जिसे छोड़ना बहुत मुश्किल है। लेकिन, अगर आप अपनी इस आदत को बदल देते हैं, तो इससे होने वाले फायदे आपको हैरान कर सकते हैं। चाय या कॉफी की जगह आप अपने दिन की शुरुआत करें एक हेल्दी ड्रिंक से करें जिसका नाम है सत्तू शरबत। यह ड्रिंक सस्ता है और आसानी से मिलने वाला है। यही नहीं, यह न्यूट्रिएंट से भी भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स होते हैं। इस ड्रिंक को सत्तू के आटे से बनाया जाता है और इस हेल्दी ड्रिंक को बनाने के लिए चने को रोस्ट किया जाता है। जानिए सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) क्या हो सकते हैं? सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) की मानें तो सत्तू (Sattu) बहुत अधिक न्यूट्रिशनल बेनेफिट्स देता है, जिससे हमें कई हेल्थ बेनेफिट्स मिलते हैं। यह हैं सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat): पेट के लिए फायदेमंद  अगर इस ड्रिंक को खाली पेट पिया जाए, तो यह सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) हमारे शरीर के लिए एक वरदान की तरह साबित हो सकता है। इससे डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को सही से काम करने में मदद मिलती है और डायजेशन के लिए भी यह बेहतरीन है। सत्तू (Sattu) में पाया जाने वाले नमक, आयरन और फाइबर पेट सम्बन्धी समस्याओं को कम करने में सहायक हैं और बाउल मूवमेंट्स को सुधारते हैं। टॉक्सिन्स को निकाले बाहर सत्तू (Sattu) एक ऐसा एजेंट है, जिसके सेवन से शरीर और इंटेस्टाइन से हानिकारक तत्वों को बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) से शरीर एनर्जी से भरा रहता है और कई हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी सुरक्षा होती है। यही नहीं, इस ड्रिंक में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रहने के गुण भी होते हैं। डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद सत्तू (Sattu) में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) होता है। यानी यह, डायबिटीज पेशेंट्स के लिए फायदेमंद है। हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों से ब्लड में ग्लूकोज और इंसुलिन का लेवल बढ़ सकता है, ग्लूकोज इन्टोलेरेंस की समस्या हो सकती है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। यही नहीं सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीने से ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में भी मदद मिलती है। सत्तू (Sattu) में फाइबर भी अधिक होता है इसलिए हाई कोलेस्ट्रॉल वाले रोगियों के लिए भी एक अच्छा ड्रिंक है।  वजन कम करने में करे मदद अगर कोई व्यक्ति अपना वेट कम करना चाहता है, तो वो इस ड्रिंक को आजमाए और खाली पेट सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) पीये। इसे पीने से ब्लोटिंग कम होती है और मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है। यानी, यह ड्रिंक वजन कम करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। भूख सुधारे सत्तू शरबत के बेनेफिट्स (Benefits of Sattu Sharbat) भूख में सुधार से भी जुड़े हुए हैं। सत्तू में पोटैशियम और मैग्नीशियम होता है, जिससे भूख को सुधारने में मदद मिलती है। एक स्टडी के अनुसार सत्तू (Sattu) में पोटैशियम, कैल्सियम, सोडियम, आयरन, मैंगनीज और कॉपर होते हैं। अगर आपको भूख न लगने की समस्या है, तो आप सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में एनर्जी बढ़ाए सत्तू (Sattu) में मौजूद आयरन की वजह से शरीर में रेड ब्लड सेल्स (RBC) का विकास तेजी से होता है। ज्यादा रेड ब्लड सेल्स की वजह से शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है। इसलिए, अगर आप लो और सुस्त महसूस कर रहे हैं, तो सत्तू शरबत (Sattu Sharbat) का सेवन करें इससे आप लम्बे समय तक एनर्जी महसूस करेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Sattu Benefits #BenefitsofSattuSharbat #SattuSharbat #Sattu #healthydrink #drinkofsummer

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high blood pressure and kidney function

साइलेंट किलर: क्या हाई ब्लड प्रेशर से किडनी फंक्शन को हो सकता है नुकसान?

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) एक सामान्य कंडीशन है , जिसमें शरीर की आर्टरीज प्रभावित होती हैं। इसे हायपरटेंशन भी कहा जाता है। अगर किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो उसके शरीर में आर्टरीज वॉल्स के अगेंस्ट ब्लड का फाॅर्स लगातार बहुत अधिक होता है। इसमें हार्ट को ब्लड को पंप करने के लिए बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है। ब्लड प्रेशर को मिलीमीटर्स मर्क्युरी यानी (mm Hg) में मापा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को एक गंभीर समस्या माना जाता है। हाल ही की गई एक स्टडी में यह पाया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर किडनी फंक्शन (Kidney function) पर बुरा प्रभाव ड़ाल सकता है। चिंता की बात यह है कि इसका पहले कोई लक्षण भी नजर नहीं आता है। आइए जानें कि हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) क्या कहती है? हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर कई अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि। इससे पीड़ित अधिकतर लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है। एक स्टडी में यह बात पता चली है कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी फंक्शन (Kidney function) पर असर ड़ाल सकता है और इसका पहले कोई लक्षण नजर नहीं आता है। बियना मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) किडनी के फिल्टरिंग सेल्स में असामान्यताएं पैदा कर सकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रोगी को अन्य कोई समस्याएं हैं या नहीं जैसे डायबिटीज आदि। लेकिन, इस समस्या के जल्दी निदान और उपचार से किडनी डिजीज की प्रोसेस को स्लो करने और इसके नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। यह तो थी हाई ब्लड प्रेशर और किडनी फंक्शन के बारे में स्टडी (Study on high blood pressure and kidney function) के बारे में जानकारी। अब जानते हैं इस स्टडी के परिणामों के बारे में। क्या कहती हैं स्टडी? इस स्टडी में 99 लोगों के किडनी टिश्यूज को एनालाइज किया गया। इनमें से कुछ लोगों को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और डायबिटीज की समस्या थी, जबकि कुछ को नहीं थी। किडनी टिश्यूज को एनालाइज करने के लिए नए और बेहतर तरीकों का इस्तेमाल किया गया था जैसे मॉडर्न इमेजिंग और कंप्यूटर-असिस्टेड तरीके। इस स्टडी के परिणाम यह बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के मरीजों में किडनी के फिल्टरिंग सेल्स यानी पोडोसाइट्स की डेंसिटी कम होती है और उनके सेल न्यूक्लाई हेल्दी कंट्रोल्स की तुलना में बड़े होते हैं। यह चेंजेज डायबिटीज से सम्बन्धित नहीं है और यह बदलाव किडनी फंक्शन (Kidney function) की तरफ पहला कदम हो सकता है और यह बदलाव इतना छोटा होता है कि इसे केवल माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। इसे भी पढ़ें: रोजाना अनार का सेवन और हमारी सेहत: जानिए इसके 5 अद्भुत फायदों के बारे में हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के लिए क्या करें?  जीवनशैली में सही बदलावों से ब्लड प्रेशर लेवल को प्राकृतिक रूप से कम करने में मदद मिल सकती है। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi High blood pressure and kidney function #Studyonhighbloodpressureandkidneyfunction #Highbloodpressure #kidneyfunction #bloodpressure # #kidney

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Smart home devices

स्मार्ट होम, स्मार्ट जीवन: 6 स्मार्ट होम डिवाइसेस जो बिजली बचाएं और सुरक्षा भी प्रदान करें

आजकल टेक्नोलॉजी में इतना अधिक विकास हो चुका है कि हमारा जीवन और अधिक आरामदायक, सुविधाजनक और आसान हो गया है। स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) वो उपकरण हैं, जिन्हें घर में सुविधा, सुरक्षा और एनर्जी की वचत के लिए बनाया जाता है। इन्हें स्मार्टफोन (Smartphone), वॉयस असिस्टेंट, या अन्य स्मार्ट डिवाइसेस से कंट्रोल किया जा सकता है। इन स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) में स्मार्ट लाइट्स, स्पीकर्स, सिक्योरिटी कैमरा, डोर लॉक आदि शामिल हैं। इनके इस्तेमाल से न केवल हमें आराम और सुविधा मिलती है, बल्कि हमारा घर भी सुरक्षित रहता है और एनर्जी बचती है। आइए जानें ऐसे ही कुछ बेहतरीन स्मार्ट होम डिवाइसेस के बारे में। स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) कनेक्टिविटी स्टैंडर्ड्स अलायन्स (Connectivity Standards Alliance) के अनुसार आधुनिक और स्मार्ट उपकरण विश्वसनीय और सुरक्षित कनेक्टिविटी का वादा करते हैं। यह इस बात की स्वीकृति की मुहर है कि यह डिवाइस आज और कल एक साथ सहजता से काम करेंगे। यह स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) इस प्रकार हैं: रोबोट वैक्यूम (Robot vacuum) रोबोट वैक्यूम (Robot vacuum) वो उपकरण है, जो घर की सफाई करने की प्रोसेस को आसान बनाता है। यह घर के हर कोने को आसानी से साफ करता है। इसके साथ ही इसे स्मार्टफोन (Smartphone) से भी नियंत्रित किया जा सकता है। यही नहीं इसे आप अपनी जरूरतों के अनुसार पर्सनलाइज्ड कर सकते हैं। सफाई के बाद यह रोबोट वैक्यूम (Robot vacuum) अपने स्टैंड पर खुद ही चला जाता है। यानी, इसके लिए आपको किसी तरह की कोई मेहनत करने की जरूरत नहीं है। घर पर फर्श को साफ करने का यह बेहतरीन तरीका है। स्मार्ट डोर लॉक  अपने घर को सुरक्षित बनाने के लिए स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे दुनिया के किसी भी कोने से आप अपने स्मार्टफोन (Smartphone) से इसे नियंत्रित कर सकते हैं। इससे आपको कई सुविधाएं मिलेंगी जैसे रिमोट एक्सेस, ऑटो-लॉकिंग, कीलेस एंट्री आदि। यह डोर लॉक लोगों के घर से अंदर और बाहर आने की एक्टिविटीज के बारे में भी अलर्ट करता है। यानी, अपने घर को सुरक्षित बनाने का यह एक अच्छा तरीका है।  स्मार्ट लाइटिंग स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) में स्मार्ट लाइटनिंग भी एक अच्छी सुविधा है और इसके साथ ही इनसे घर और भी अधिक सुंदर लगता है। इन स्मार्टफोन (Smartphone) को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है, इनके रंगों को बदला जा सकता है और यही नहीं इन्हें आप म्यूजिक के साथ भी कोऑर्डिनेट कर सकते हैं। आप इन लाइट्स को डिम कर सकते हैं, बंद कर सकते हैं और अपनी इच्छानुसार जला सकते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो इससे घर अधिक स्मार्ट और बेहतरीन लगता है। वाई-फाई कनेक्टेड एयर प्यूरिफायर आजकल प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है। इससे कुछ हद तक राहत पाने के लिए लोग आजकल प्यूरीफायर का इस्तेमाल करते हैं। वाई-फाई कनेक्टेड एयर प्यूरिफायर घर की हवा को साफ और ताजा बनाए रखने में मदद करता है। यही नहीं, आप इसे कही से भी ऑन और ऑफ कर सकते हैं। इसमें आप टाइमर सेट कर सकते हैं और शेड्यूल भी सेट किया जा सकता है। यह आपके इशारों पर काम करता है। स्मार्ट डोरबेल अगर आप अपने घर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो स्मार्ट होम डिवाइसेस (Smart home devices) में यह डिवाइस बहुत काम का है। अपने घर के दरवाजे पर इस डिवाइस को लगा कर आप निश्चिंत हो सकते हैं, क्योंकि इससे आप आने वाले हर व्यक्ति का रियल-टाइम वीडियो देख सकते हैं और आपको अपने स्मार्टफोन (Smartphone) पर इसका अलर्ट भी मिल जायेगा। अगर आप घर पर नहीं हैं, तब भी आप घर के दरवाजे पर आए लोगों को देख सकते हैं और उनसे बात भी कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: सैमसंग का ग्लासेज-फ्री 3D OLED मॉनिटर, जानिए इसके फीचर और प्राइस? स्मार्ट सिक्योरिटी कैमरा सुरक्षा के दृष्टि से देखा जाए तो हर घर में स्मार्ट सिक्योरिटी कैमरा होना बहुत जरूरी है। यह कैमरे 360-डिग्री कवरेज, रियल-टाइम वीडियो स्ट्रीमिंग के साथ ही नाईट विजन भी प्रदान करते हैं। आप स्मार्टफोन (Smartphone) पर लाइव फीड देख सकते हैं और इसके साथ ही इसमें रिकॉर्डिंग भी होती है। यह कैमरा घर में कोई भी हलचल होने पर अलर्ट भी जारी करता है। Latest News in Hindi Today Hindi Smart Home Devices #SmartHomeDevices #RobotVacuum #HomeDevices #Smartphone

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how to handle wife’s affair

How to handle wife’s affair: वाइफ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर क्रोधित न हों, आजमाएं इन पांच तरीकों को 

किसी भी शादीशुदा जिंदगी में सबसे जरूरी है, ‘आपसी विश्वास’। दुनिया का कोई भी रिश्ता विश्वास और एक दूसरे के सम्मान पर ही टिका हुआ है। जब तक विश्वास है, तब तक रिश्ता बना रहता है। विश्वास के डगमगाते ही रिश्ता भी डगमगा जाता है। कभी-कभी शक के चलते हालात इस कदर बन जाते हैं कि प्रगाढ़ से प्रगाढ़ रिश्तों में भी दरार आ जाती है। वैसे भी कौन किसे कब धोखा दे, कहा नहीं जा सकता। कहीं पति, पत्नी से दगाबाजी कर बैठता है तो कहीं पत्नी पति से। एक तरह से देखा जाए तो दोनों धोखा देने के मामले में एक-दूसरे से कम (how to handle wife’s affair) नहीं हैं। हालाँकि पहले मर्दों के ही अफेयर होते थे, अब औरतों के भी अफेयर होने लगे हैं। पहले वासना लोगों के बस में हुआ करती थी, अब लोग वासना के बस में हैं। बस बात इतनी सी है।  हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध खैर, वर्तमान हालात पर नजर डालें तो कोई एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन के चक्कर में अपने लवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी को तो कहीं कोई अपने पति को ही  ठिकाने लगा दे रहा है। हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध। यह एक बड़ी गंभीर समस्या है, जिससे आज का युवा पीड़ित है। एक दूसरे पर शक करने की बीमारी ने सात जन्मों के पवित्र रिश्तों को खोखला कर दिया है। ऐसे में मान लो यदि आपकी अपनी वाइफ का दिल किसी और पर आ जाये या फिर वो किसी और के प्रेम में पड़ जाए तो? कहने की जरूरत नहीं, यह भी पति के लिए मुश्किल भरा क्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगबबूला होने के बजाय समझदारी से काम लें। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप आसानी से इस तरह की सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं। यदि आपको अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल के बारे में पता चलता हैं, तो इन पांच तरीकों को आजमाएं।  शांत होकर और खुले मन से करें (how to handle wife’s affair) बात  कहने की जरूरत नहीं, दुनिया का कोई भी पति नहीं चाहेगा कि उसकी अपनी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर हो। यह किसी भी पति के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में गुस्से में आकर पत्नी पर अनावश्यक लांछन लगाने अथवा कुछ भी कहने से बचें। सबसे पहले न सिर्फ शांत मन से बात को समझने की कोशिश करें बल्कि पत्नी की भावनाओं को भी समझें। धैर्यपूर्वक उनकी बातों (how to handle wife’s affair) को सुनें और मामले को हर संभव सुलझाने की कोशिश करें। पत्नी को ऐसा न करने की हिदायत दें। यदि परिवार है, तो उन्हें परिवार की जिम्मेदारी का अहसास कराएं। और किसी भी तरह का कदम उठाने से पहले उन्हें गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दें।  रिश्तों के महत्व  को (how to handle wife’s affair) समझाएं  आपको चाहिए कि आप अपने अनमोल पलों का उन्हें अहसास (how to handle wife’s affair) कराएं। अपने रिश्तों की गहराई और प्रेम को समझाएं। एक दूसरे के साथ साझा किए गए लम्हों की उनसे चर्चा करें, ताकि उन्हें रिश्तों के महत्व का अहसास हो सके। निश्चित यह उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या नया अट्रैक्शन उनके पुराने रिश्ते की गहराई से ज्यादा कीमती है।  पत्नी की भावनाओं का सम्मान करें  अपनी पत्नी के इमोशंस को अनदेखा करने या उनका मजाक उड़ाने से बचें। हो सकता है, उनके जज्बात सच्चे हों, वो बात और है कि ये आपके लिए दुखदायी हो। उनकी भावनाओं की कदर करें और उसे स्वीकारने की कोशिश करें। उन्हें अपनी पीड़ा का अहसास कराएं। उन्हें यह समझाएं कि उनका यह कृत्य किस तरह उन्हें भीतर ही भीतर खाये जा रहा है। बेशक आपका ये नजरिया रिश्तों को मधुर बना (how to handle wife’s affair) सकता है।  इग्नोर करने से रिश्तों में आ जाती है कड़वाहट  कभी-कभी वाइफ को इग्नोर करने से रिश्तों में कड़वाहट आ (how to handle wife’s affair) जाती है। पति को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर रिश्ते को सुधारने की पहल करे। मसलन, एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना, छोटी-छोटी खुशियां शेयर करना अथवा उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल रखना। इससे उनकी नजर में आपकी छवि अपने रिश्तों को बनाये रहने वाले के रूप में होगी। दरअसल,  ये दर्शाएगा कि आप रिश्ते को बचाने के लिए कितने गंभीर हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स समझदार इंसान से (how to handle wife’s affair) सलाह लें  यदि बातचीत से हालात सुधरते न दिखें, तो कपल काउंसलिंग या मैरिज थेरपी का सहारा लें। एक निष्पक्ष व्यक्ति भी दोनों पक्षों की बात सुनकर रिश्ते को मजबूत करने के तरीके सुझा सकता है। यह कदम रिश्ते को टूटने से बचा (how to handle wife’s affair) सकता है। यदि आपके परिवार में कोई समझदार इंसान हो तो नकी मदद लेना भी एक समझदारी से भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi how to handle wife’s affair RelationshipAdvice #MarriageCounseling #ExtramaritalAffair #EmotionalHealing #MentalPeace # MarriageCrisis #HandleAffairWisely #SelfGrowth #TrustIssues #CalmInChaos

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Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors

सैमसंग का ग्लासेज-फ्री 3D OLED मॉनिटर, जानिए इसके फीचर और प्राइस?

सैमसंग (Samsung) एक ऐसी लोकप्रिय कंपनी है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, और अन्य उत्पादों का निर्माण करती है। क्या आप जानते हैं कि सैमसंग फोर्ब्स ग्लोबल 2000 लिस्ट में शामिल है, जो दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे सफल कंपनियों की लिस्ट है? यह कंपनी अपने स्मार्टफोन्स और टेलीविजन और अन्य घरेलू उत्पादों आदि के लिए भी जानी जाती है। सैमसंग (Samsung) भी अन्य कंपनियों की तरह ही अपने नए उत्पादों को लांच करती रहती है। अभी सैमसंग (Samsung) ने इंडिया में अपने ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत दुनिया के पहले ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स लॉन्च किए हैं। यह नए गेमिंग मॉनिटर्स 4K 240Hz गेमिंग को सपोर्ट करते हैं और इससे गेमिंग का एक्सपीरियंस और भी बेहतर हो सकता है। आइए जानें सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) के बारे में। सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) : पाएं जानकारी सैमसंग (Samsung) ने इंडिया में अपने ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत दुनिया के पहले ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स लॉन्च किए हैं, जिसमें सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) शामिल हैं। इसके नए मॉडल्स में ओडिसी 3D (G90XF), ओडिसी ओएलईडी G8 (G81SF), और ओडिसी G9 (G91F) शामिल हैं। आइए जानें इनके बारे में: ओडिसी 3D (G90XF) यह मॉनिटर ओडिसी सीरीज (Odyssey series) के तहत सैमसंग (Samsung) मॉनिटर आई ट्रैकिंग और व्यू मैपिंग टेक्निक का इस्तेमाल करके वास्तविक टाइम में 3D विज़ुअल प्रदान करता है। इसमें एआई-पावर्ड वीडियो कन्वर्शन है जिससे 2D कंटेंट को 3D कंटेंट में चेंज किया जा सकता है और इस मॉनिटर को आप केवल  ₹1,27,299 में खरीद सकते हैं। इसके फीचर्स इस प्रकार हैं: ओडिसी ओएलईडी G8 (G81SF) यह दुनिया का पहला 4K ओएलईडी है जो 240Hz का है। यह मॉनिटर 27-इंच और 32-इंच वेरिएंट में आपको मिल जाएगा। जिनकी कीमत  ₹91,299 (27-इंच) और ₹1,18,999 (32-इंच) है। इनके मुख्य फीचर्स इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़ें: WhatsApp का नया अपडेट: वॉयस और वीडियो कॉलिंग का एक्सप्रियंस अब पहले से होगा और बेहतर ओडिसी G9 (G91F) यह सैमसंग (Samsung) मॉनिटर 49-इंच अल्ट्रा-वाइड कर्व्ड स्क्रीन और डुअल QHD रिज़ॉल्यूशन के साथ आपको मिलेगा। इसकी कीमत ₹94,099 है। इस मॉनिटर के फीचर्स इस प्रकार हैं:  यह तो थी सैमसंग ग्लासेज-फ्री 3D ओएलईडी मॉनिटर्स (Samsung Glasses-Free 3D OLED Monitors) के बारे में जानकारी। यह मॉनिटर सैमसंग (Samsung) की आधिकारिक वेबसाइट, प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, और ऑफलाइन रिटेलर्स पर उपलब्ध है। यही नहीं अगर आप इन्हें खरीदना चाहते हैं, तो आपको इन पर ₹10,000 तक का डिस्काउंट मिल जाएगा, लेकिन इस ऑफर सिर्फ सीमित समय के लिए है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Odyssey series #3DOLEDMonitors #Odysseyseries #Samsung #SamsungGlasses-Free3DOLEDMonitors

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