Pakistan pleads for ceasefire

Pakistan pleads for ceasefire: ऑपरेशन सिंदूर के बाद गिड़गिड़ाया पाकिस्तान, की युद्ध विराम की विनंती

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और सीमापार पाकिस्तान में मौजूद आतंकी लॉन्चपैड्स और ट्रेनिंग कैम्प्स ठिकानों पर जबरदस्त मिसाइल हमले किए हैं। जानकारी के मुताबिक इन हमलों में फ्रांसीसी मूल की स्काल्प (SCALP) मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है। दरअसल, इस हमले के बाद पाकिस्तान की तरफ से बड़ी प्रतिक्रिया आई है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि “अगर भारत सीमा पर अपने अभियान रोक देता है तो वे आगे की कार्रवाई से परहेज करने के लिए तैयार (Pakistan pleads for ceasefire) हैं।” गौर करने वाली बात यह कि यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब देर रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान में नौ ठिकानों (जिनमें पंजाब में 4 और पीओके में 5 शामिल हैं) को उड़ा दिया। बता दें कि भारत ने यह पलटवार जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में आतंकवादियों द्वारा 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या का बदला लेने के लिए किया। अगर भारत पीछे हटता है, तो हम निश्चित रूप से इन चीजों को खत्म कर (Pakistan pleads for ceasefire) देंगे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद रक्षा मंत्री आसिफ ने एक समाचार चैनल से कहा कि इसकी पहल भारत ने की है। अगर भारत पीछे हटने को तैयार है, हमने सिर्फ जवाब दिया है। हम यह कहते रहे हैं कि हम भारत के खिलाफ कभी भी कोई शत्रुतापूर्ण कार्रवाई नहीं करेंगे। लेकिन अगर हम पर हमला होता है, तो हम जवाब देंगे। अगर भारत पीछे हटता है, तो हम निश्चित रूप से इन चीजों को खत्म कर (Pakistan pleads for ceasefire) देंगे। लेकिन जब तक हम पर हमला होता रहेगा, हमें जवाब देना ही होगा।” इसे भी पढ़ें:-  जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना  पाकिस्तान का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है, ये आतंकवादियों का शरण स्थली बना है- विक्रम मिसरी  ध्यान देने वाली बात यह कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि “22 अप्रैल को पहलगाम में कायराना और बर्बरतापूर्ण हमला किया। इसमें वहां मौजूद लोगों को करीब से और परिवारों के सामने सिर पर गोली मारी गई। परिवार के सदस्यों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। जम्मू कश्मीरी में पर्यटन बढ़ रहा था। पिछले साल सवा 2 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट कश्मीर आए थे। आतंकी हमले का मकसद इसे रोकना (Pakistan pleads for ceasefire) था। इसका मकसद जम्मू-कश्मीर सहित भारत में सामुदायिक घटना कराने की कोशिश की। इस हमले की जिम्मेदारी उस टीआरएफ समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली, जो कि पाकिस्तानी आतंकी ग्रुप तश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। हमारी खुफिया एजेंसियों ने कई जानकारी जुटाई हैं। पाकिस्तान का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। ये आतंकवादियों का शरण स्थली बना है। पाकिस्तान ने अंतराराष्ट्रीय मंचों को गुमराह करता है। साजिद मीर को मृत्य घोषित किया, जो बाद में जिंदा पाया गया।” Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan pleads for ceasefire #pakistanpleads #operationsindoor #indiavspakistan #ceasefirerequest #pakistanarmy #indianarmystrike #indiafirst #bordernews #defencenews #viralnews #breakingupdate #stayalert #southasiatensions

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S Jaishankar’s Global Message After Operation Sindoor

ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दुनिया को दिया साफ संदेश, जानें विपक्ष ने क्या कहा…?

पहलगाम आतंकी हमले के ठीक 15 दिन बाद आधी रात को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) चला अपना बदला ले लिया है। भारत ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल से हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। इस हमले में सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने की खबर है। भारतीय सेना (Indian Army) की इस एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने अपने ‘एक्स’ पर एक लाइन का पोस्ट किया। जिसमें लिखा, ‘विश्व को आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।’ जयशंकर (S Jaishankar) ने अपने इस पोस्ट से दुनिया को साफ संदेश दे दिया कि हम आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अपना रहे हैं और दुनिया को भी ऐसा ही करना चाहिए। भारत पर हमला करने वालों को घर में घुस कर मारेंगे।  बता दें कि भारतीय सेना (Indian Army) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) में पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाया है। हमले में पाकिस्तानी सैन्य ढांचे और नागरिक इलाके प्रभावित नहीं हुए हैं। इस पूरे ऑपरेशन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) लगातार नजर बनाए हुए थे और उन्होंने ही इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) नाम दिया। इस हमले के बाद भारतीय सेना (Indian Army) ने लिखा है, “न्याय किया गया. जय हिन्द.”। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने एक्स पर लिखा है, “भारत माता की जय.”।  इसे भी पढ़ें:-   जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना विपक्ष ने एकजुटता दिखाते हुए कहा- हमें अपनी सेना पर गर्व   भारतीय सेना के इस नपे-तुले और लक्षित हमले के बाद देश के साथ एकजुटता दिखाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, “पाकिस्तान और पीओके में पनप रहे आतंकवाद के हर स्वरूप को खत्म करना भारत की एक दृढ़ राष्ट्रीय नीति है। हम पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के हमले पर गर्व करते हैं।” वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने लिखा कि, “हमें अपनी सेना पर गर्व है. जय हिन्द।”। जबकि एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने लिखा, “मैं हमारी सेनाओं द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर किए गए लक्षित हमलों का स्वागत करता हूँ। पाकिस्तानी डीप स्टेट को इसी तरह से कठोर सीख दी जानी चाहिए, जिससे वे फिर कभी दूसरा पहलगाम न कर सकें। पाकिस्तान में पनप रहे आतंकी ढांचे को पूरी तरह नष्ट कर देना चाहिए। जय हिन्द!” उद्धव ठाकरे गुट शिवसेना की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर कई पोस्ट किए और लिखा, “माथे का सिंदूर हम मिटने नहीं देंगे, मिटाया तो उसका करारा जवाब देकर रहेंगे। जय जवान! जय हिंदुस्तान! जय हिन्द!” Latest News in HindiToday Hindi news  Operation Sindoor #OperationSindoor #SJaishankar #IndiaRescueMission #IndianForeignPolicy #OppositionReaction #MEAIndia #JaishankarNews #GlobalIndia #OperationUpdate #PoliticalDebate

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India destroys Jaish HQ

India Destroys Jaish & LeT HQs: जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद समस्त भारतवासियों ने मोदी सरकार और भारतीय सेना से उम्मीद लगा रखा थी कि भारत जल्द से जल्द इस हमले का बदला लेगा। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए भारत की वीर सेना ने हमले का बदला लिया भी। भारत ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में करारा जवाब दे दिया है। दरअसल, 7 मई की तड़के सुबह भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादियों से जुड़े नौ ठिकानों पर हमला (India Destroys Jaish & LeT HQs) किया। बता दें कि इस हमले को आर्मी, नेवी और एयरफोर्स, तीनों ने मिलकर अंजाम दिया। भारत द्वारा की गई इस एयर स्ट्राइक में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े अन्य आतंकी नेटवर्कों (Pakistan terror camps) को नष्ट कर दिया। गौर करने वाली बात यह कि चुने गए इन नौ टारगेट में से सभी का भारत में किए गए प्रमुख आतंकी साजिशों से नाता रहा है।  आतंकी मसूद अजहर के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का (India Destroys Jaish & LeT HQs) मुख्यालय है आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान के दक्षिणी पंजाब में बहावलपुर को टारगेट बनाया। इसे टारगेट करने की वजह यह है कि यहाँ आतंकी मसूद अजहर के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का (India Destroys Jaish & LeT HQs) मुख्यालय है। जैश-ए-मोहम्मद नामक इस आतंकी समूह ने साल 2001 में संसद हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती बम विस्फोट सहित भारत में कई हाई-प्रोफाइल हमलों की जिम्मेदारी ली है। बहावलपुर के बाद भारत ने मुरीदके को टारगेट किया। लाहौर से लगभग 40 किलोमीटर उत्तर में स्थित मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा और उसकी शाखा, जमात-उद-दावा का लंबे समय से केंद्र (Pakistan terror camps) है। 200 एकड़ से अधिक में फैले, मुरीदके आतंकी गढ़ में ट्रेनिंग कैंप है। इस कारण भारत ने मुदिरके को निशाना बनाया। मुदिरके के अलावा भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित कोटली को निशाना बनाया। क्योंकि 50 से अधिक आतंकियों को ट्रेनिंग देने की क्षमता वाले कोटली को आत्मघाती हमलावरों और विद्रोहियों के लिए एक प्रमुख ट्रेनिंग ग्राउंड के रूप में जाना जाता है। यह आतंकियों का लॉन्च बेस है और यहाँ बॉम्बर्स को ट्रेनिंग मिलती है।  इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश महमूना कैंप में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों को ट्रेनिंग (Pakistan terror camps) देता है यही नहीं, भारत ने सियालकोट के पास स्थित महमूना कैंप को निशाना (India Destroys Jaish & LeT HQs) बनाया। दरअसल, महमूना कैंप में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों को ट्रेनिंग (Pakistan terror camps) देता है। इन आतंकियों का इस्तेमाल कश्मीर में आतंक फ़ैलाने के लिए किया जाता है। खैर इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के करीब स्थित सरजाल और बरनाला को भी टारगेट किया। इन्हें घुसपैठ का मुख्य द्वारा माना जाता है। कुल-मिलाकर भारत के एयरस्ट्र्राइक में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वाटर्स को पूरी तरह कर दिया है।  Latest News in HindiToday Hindi news  (India Destroys Jaish & LeT HQs) #IndiaStrikesBack #JaishMohammed #LeTHQDestroyed #IndianArmy #PakistanTerrorCamps #SurgicalStrike #NationalSecurity #CounterTerrorism #BreakingNewsIndia #IndiaPakistanTensions

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Operation Sindoor

Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान को दी सख्त चेतावनी, फिर गड़बड़ी की तो खैर नहीं, और भी आतंकी ठिकानों की कर ली है पहचान

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 बेकसूर लोग मारे गए। इस हमले की साजिश पाकिस्तान की कोख में पल रहे लश्कर-ए-तैयबा नामक आतंकी संगठन ने की थी। पहलगाम आतंकी हमले के बाद लोगों को बेसब्री से इस पल का इंतजार था कि भारत कब इस कायराना हमले का बदला लेगा। आखिरकार, भारत ने बदला ले ही लिया। पहलगाम हमले का जवाब देते हुए ठीक 14 दिन बाद 6 और 7 मई की दरम्यानी रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की आशंका है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है। बड़ी बात यह कि इस हमले में भारत ने पाकिस्तान के सिर्फ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। यह पाकिस्तान पर किया गया भारत की ओर से अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला है। भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान पर स्ट्राइक करने की बात को कन्फर्म किया है। इस बीच पाकिस्तान में किए गए स्ट्राइक के बाद भारत का सबसे बड़ा बयान सामने आया है। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि “अगर उसने फिर कोई गड़बड़ी की तो भारत फिर से हमला करेगा।” ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, यूएई और सऊदी अरब से की है बात  बता दें कि पाकिस्तान में स्ट्राइक करने के बाद भारत पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि “अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई गड़बड़ी की तो भारत उस पर फिर से हमला करेगा। भारत ने पाकिस्तान के कुछ अन्य आतंकी ठिकानों की पहचान कर ली है।” इस हमले के बाद भारत ने कुछ देशों से बात करते हुए उन्हें इसकी जानकारी भी दी है। जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत ने अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, यूएई और सऊदी अरब से बात की है। एयर स्ट्राइक के दौरान भारतीय वायुसेना ने मुरीदके, बहावलपुर, कोटली, गुलपुर, मुजफ्फराबाद, भिंबर, अमरू और सियालकोट में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।   इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का मकसद सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना था, न कि पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाना इस दौरान रक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि “ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का मकसद सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना था, न कि पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाना। तो वहीं पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, कोटली, मुजफ्फराबाद और बहावलपुर के अहमद ईस्ट इलाके में भारी तबाही हुई है। इसके अलावा पाक सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि “भारतीय हमलों के बाद उनके फाइटर जेट्स हाई अलर्ट पर हैं।” इसके अलावा बड़ी बात यह कि मुजफ्फराबाद में हमले के बाद पूरा इलाका ब्लैकआउट में चला गया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे युद्ध जैसी स्थिति बताते हुए भारत को खुलेआम चेतावनी दी। बेशक इससे सीमा पर तनाव और बढ़ने की आशंका लगाईं जा सकती है।  Latest News in HindiToday Hindi news  Operation Sindoor #OperationSindoor #IndiaPakistan #TerrorAlert #IndianArmy #PakistanWarning #CrossBorderStrike #NationalSecurity #TerrorCamps #IndiaDefence #BreakingNews

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Dengue

कर्नाटक में डेंगू का प्रकोप, 30 अप्रैल तक आए 1,186 मामले, जानें इससे कैसे बचें

डेंगू (Dengue) रोग गंभीर हो सकता है और इससे पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है। अधिकतर मरीजों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता ,है लेकिन इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, रैशेज, शरीर में दर्द आदि शामिल हैं। इसके गंभीर प्रकार को डेंगू (Dengue) हेमरेजिक फीवर कहा जाता है। हर साल इस रोग के कारण हजारों लोग प्रभावित होते हैं। अभी कर्नाटक राज्य में इस रोग के कई मामले सामने आ चुकें हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो 30 अप्रैल तक इसके लगभग 1,186 मामले आ चुके हैं। आइए जानें कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) के बारे में विस्तार से। डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के बारे में भी जानकारी पाएं। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka): पाएं जानकारी  कर्नाटक में पिछले साल डेंगू (Dengue) के कुल 32,826 के केसेस सामने आएं थे। हालांकि, यह मामले इस साल अभी कम हैं लेकिन चिंता की बात यह है कि यह मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह मामले सबसे अधिक बेंगलुरु में पाए गए हैं। इसका कारण गर्मी में बारिश, पानी का भरना और कंस्ट्रक्शंस आदि को माना गया है। यह मामले  2 मार्च तक 707 थे जो 30 अप्रैल तक 1,186 हो गए। हेल्थ एक्सपर्ट्सने  इन केसेस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहने और मच्छरों कि रोकथाम के उपायों को अपनाने के निर्देश दिए हैं। मच्छरों और डेंगू से बचाव (Dengue prevention) के लिए लोगों का सतर्क रहना बहुत जरूरी है। कर्नाटक में डेंगू के नए केसेस (New cases of dengue in Karnataka) चिंता का विषय हैं। इसके साथ ही एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि डेंगू (Dengue) के लक्षणों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। आइए जानें डेंगू के लक्षण क्या हो सकते हैं? डेंगू के लक्षण डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक डेंगू (Dengue) के हलके लक्षणों के मामले में रोगी एक या दो हफ्तों में स्वस्थ हो जाता है। लेकिन, दुर्लभ मामलों में यह गंभीर हो सकते हैं और यह बीमारी मृत्यु का कारण बन सकती है। इसके शुरुआती लक्षण इस प्रकार हैं: इसके गंभीर डेंगू के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक डेंगू से बचाव (Dengue prevention) नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Dengue #Dengue #newdenguecasesinKarnataka #denguesymptoms #preventionfromdengue

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Tips to cool down overheat mobile

Mobile Overheating: मोबाइल को गर्म होने से बचाने और कूल रखने के 5 आसान ट्र‍िक

मोबाइल (Mobile) फोन हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना कुछ मिनट गुजारना भी हमारे लिए मुश्किल है। लेकिन, मोबाइल (Mobile) का इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए, नहीं तो यह परेशानी की वजह बन सकता है। कई बार आपने यह नोटिस किया होगा कि मोबाइल एकदम गर्म हो जाता है। मोबाइल (Mobile) के गर्म होने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के कई कारण हो सकते हैं जिसमें अधिक समय तक इसका इस्तेमाल, सीधी सनलाइट के संपर्क में आना या इंटरनल इशूज आदि शामिल हैं। ऐसी स्थिति में इसे कूल करना बेहद जरूरी है। आइए जानें ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) के बारे में पाएं जानकारी मोबाइल (Mobile) का गर्म होना हानिकारक होता है जिससे फोन आग पकड़ सकता है या फोन फट भी सकता है। ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) इस प्रकार हैं: हीट और सनलाइट से हटाएं जैसे पहले ही बताया गया है कि हीट और सनलाइट मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण बन सकते हैं। इस मामले में तुरंत फोन को सनलाइट से हटाएं और किसी ठंडी जगह पर रखें। किसी गर्म जगह पर इसे रखने से भी बचना चाहिए। केस को रिमूव करें मोबाइल (Mobile) केस फोन कि सुरक्षा तो करते हैं, लेकिन यह हीट का कारण बन सकते हैं और नुकसान कर सकते हैं। अगर आपका मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) हो गया है, तो मोबाइल केस को तुरंत निकाल दें। इससे फोन को ठंडा होने में मदद मिलेगी। अनावश्यक ऐप्स को बंद कर दें कई बार मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) का कारण यह भी हो सकता है कि आपने फोन में बहुत अधिक ऐप्स खोल रखी हों। इन्हें बंद करने से फोन का वर्कलोड कम होता है। जिससे फोन को कूल होने में मदद मिलती है। एयरप्लेन मोड ऑन करें अगर आपका फोन गर्म हो गया है तो इसे ठंडा करने के लिए तुरंत अपना वाई-फाई, ब्लूटूथ आदि को बंद करें और एयरप्लान मोड को ऑन करें। यह मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसके साथ ही स्क्रीन की ब्राइटनेस को कम करने से भी इसमें लाभ होगा। इसे भी पढ़ें:- साइज से लेकर कीमत तक: एसी खरीदने से पहले जानिए ये 5 जरूरी बातें ठंडी जगह पर रखें  ओवरहीट होने पर मोबाइल को कूल करने के टिप्स (Tips to cool down overheat mobile) में यह सबसे आसान है। मोबाइल ओवरहीटिंग (Mobile overheating) के मामले में अपने फोन को पंखे या एयर कंडीशनर (AC) के पास रखें। लेकिन, इसे फ्रिज या फ्रीजर में रखने की गलती न करें। मोबाइल (Mobile) को नियमित रूप से रीस्टार्ट करने या सॉफ्टवेयर को बार-बार अपडेट करने रहने से भी हीट मैनेजमेंट में मदद मिल सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi Mobile overheating #overheat #Tipstocooldownoverheatmobile #mobile #phone #mobile overheat

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Japanese firm Yes Bank deal

Yes Bank may be acquired by a Japanese firm: बिकने वाली है यह बैंक, जापान की इस कंपनी के साथ हो सकती है डील

आज यानी मंगलवार के दिन यस बैंक के शेयरों में अच्छी खासी हलचल देखने मिली। शुरुआती कारोबार में तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर यस बैंक के शेयर 9.6 परसेंट की उछाल के साथ 19.44 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। खैर, दोपहर के बाद कारोबार में इसमें थोड़ी बहुत गिरावट भी देखी गई। फ़िलहाल गिरावट के साथ बैंक के शेयर 18.11 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सेशन में यस बैंक के शेयर 17.73 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए थे। बात करें यस बैंक के शेयरों में आई हलचल की, तो यस बैंक 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जापान के दूसरे सबसे बड़े (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) बैंक सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप की यूनिट (एसएमबीसी) से बातचीत चल रही है। बात सिर्फ ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) हुई है अटकी  ऐसे में यदि डील डन हो जाती है तो यह शायद भारत के बैंकिंग सेक्टर में हुई अब तक की सबसे सबसे बड़ी डील मानी (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) जाएगी। गौरतलब हो कि इससे पहले साल 2020 में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लक्ष्मी विलास बैंक को सिंगापुर के डीबीएस  बैंक से मर्ज किया गया था। इसके बाद देश के बैंकिंग सेक्टर में इतनी बड़ी डील अब तक नहीं हुई। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसएमबीसी पिछले साल से ही यस बैंक के सबसे बड़े इंवेस्टर भारतीय स्टेट बैंक और रिजर्व बैंक के साथ बातचीत कर रहा है। कहा जा रहा है कि बात ओनरशिप और वोटिंग राइट्स पर अटकी हुई है। आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है मंजूरी  हालाँकि आरबीआई की तरफ से एसएमबीसी को यस बैंक में 51 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी मिल (Yes Bank may be acquired by a Japanese firm) गई है। खबर तो यह भी है कि इस डील को फुल एंड फाइनल करने के लिए एसएमबीसी की एसबीआई से भी बातचीत चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह डील लगभग 14,000 करोड रुपये (1.7 बिलियन डॉलर) में हो सकती है। खबर है कि सुमितोमो या तो सीधे 26 परसेंट से कम हिस्सेदारी खरीदेगी और शेयर स्वैप के जरिए मर्जर करेगी या फिर 26 परसेंट हिस्सेदारी खरीदकर ओपन ऑफर लाएगी। कहने की जरूरत नहीं इससे सुमितोमो को बैंक का कंट्रोल मिल सकता है। बेशक यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव होगा। देखना दिलचस्प होगा कि यह डील मुकम्मल कब होती है।  Latest News in Hindi Today Hindi Yes Bank may be acquired by a Japanese firm #YesBank #JapaneseDeal #BankAcquisition #YesBankNews #StockMarketIndia #FinanceNews #ShareMarket #IndianBanks #InvestmentNews #BusinessUpdate

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Adi Shankaracharya

Adi Shankaracharya: सनातन धर्म के पुनरुत्थान के प्रतीक हैं ‘आदि शंकराचार्य’

वैशाख शुक्ल पंचमी (Vaishakh Shukla Panchami) तिथि को आदि शंकराचार्य की जयंती मनाई जाती है। यह दिन भारतीय आध्यात्मिक विरासत के सबसे महान विचारकों और संतों में से एक, आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) को समर्पित होता है।  उनका जन्म लगभग 788 ईस्वी में केरल के कालड़ी नामक गांव में हुआ था। उन्होंने मात्र 32 वर्ष की आयु में भारत में धर्म, दर्शन और संस्कृति की ऐसी नींव रखी, जो आज भी अडिग है। आदि शंकराचार्य का जीवन परिचय आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) का जीवन अत्यंत तपस्वी और विचारशील रहा। वे एक अद्वैतवादी (Advait Vedanta) संत थे, जिन्होंने यह प्रतिपादित किया कि “अहम् ब्रह्मास्मि” अर्थात आत्मा और परमात्मा अलग नहीं, बल्कि एक ही हैं। उनके विचारों ने उस समय समाज में फैली धार्मिक कुरीतियों और अंधविश्वास को चुनौती दी और सनातन धर्म की आत्मा को फिर से जीवित किया। धर्म की रक्षा हेतु लिए गए साहसी निर्णय शंकराचार्य ने मात्र आठ वर्ष की अवस्था में संन्यास धारण किया और भारत की धार्मिक एकता के लिए चारों दिशाओं में यात्रा की। उन्होंने उत्तर में बद्रीनाथ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में पुरी और पश्चिम में द्वारका में चार मठों की स्थापना की। इन चार मठों के माध्यम से उन्होंने भारत के कोने-कोने में वेदांत दर्शन का प्रचार-प्रसार किया। उनका उद्देश्य केवल धार्मिक उपदेश देना नहीं था, बल्कि उन्होंने बौद्ध धर्म के अंधानुकरण और ब्राह्मणवाद के अतिवाद के बीच एक संतुलन प्रस्तुत किया। उन्होंने कर्मकांड की जटिलता के बजाय आस्था, आत्मज्ञान और सरल भक्ति को महत्व दिया। आदि शंकराचार्य (Adi Shankaracharya) ने धार्मिक ग्रंथों को सरल बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने उपनिषदों, ब्रह्मसूत्रों, और वेदों पर भाष्य लिखे, जिससे इन जटिल ग्रंथों का अध्ययन सरल हो गया। उनके लिखे गए भाष्यों ने धर्म और ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने में मदद की। इसके अलावा, शंकराचार्य ने दशनामी संन्यासी अखाड़ों की स्थापना भी की थी। इसके साथ ही माना जाता है कि कुंभ मेले जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों की शुरुआत में भी उनका अहम योगदान था। केवल 32 वर्षों में किए असाधारण कार्य इतिहास में ऐसे बहुत कम उदाहरण मिलते हैं जब किसी संत ने इतनी अल्पायु में इतना विशाल कार्य किया हो। मात्र 32 वर्षों के जीवनकाल में शंकराचार्य ने 72 से अधिक धार्मिक ग्रंथों की रचना की। इनमें ब्रह्मसूत्र भाष्य, भगवद्गीता पर टीका और उपनिषदों की व्याख्या प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने समाज में फैले धार्मिक भ्रमों को दूर करने के लिए जनसंवाद और शास्त्रार्थ की परंपरा को अपनाया। काशी, प्रयाग, मथुरा और अन्य तीर्थस्थलों पर उन्होंने विभिन्न मतों से शास्त्रार्थ किया और अद्वैत वेदांत को प्रतिष्ठित किया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया आदि शंकराचार्य जन्म कथा कई वर्षों तक संतान न होने के कारण एक ब्राह्मण दंपति ने भगवान शंकर की आराधना की। उनकी कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और वरदान मांगने को कहा। ब्राह्मण दंपति ने भगवान शिव (Vaishakh Shukla Panchami) से ऐसी संतान की कामना की जो दीर्घायु हो और उसकी प्रसिद्धि दूर-दूर तक फैले। भगवान शिव (Lord Shiva)  ने उन्हें बताया कि वे या तो दीर्घायु संतान प्राप्त कर सकते हैं, जो सर्वज्ञ नहीं होगी, या फिर सर्वज्ञ संतान, जो दीर्घायु नहीं होगी। दंपति ने दीर्घायु की बजाय सर्वज्ञ संतान का वरदान मांगा। भगवान शिव (Lord Shiva) ने उनके वरदान के अनुसार संतान रूप में जन्म लिया। दंपति ने अपने पुत्र का नाम शंकर रखा। शंकराचार्य बचपन से ही अत्यंत प्रतिभाशाली थे। जब वह तीन साल के थे, उनके पिता का निधन हो गया, लेकिन इस छोटी सी उम्र में ही उन्होंने मलयालम भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया। आठ साल की उम्र में वे वेदों के ज्ञाता बन गए और 12 साल की उम्र में शास्त्रों का अध्ययन पूरा किया। 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने 100 से अधिक ग्रंथों की रचना की। इसके बाद, माता की आज्ञा से उन्होंने वैराग्य धारण किया और सन्यास जीवन को स्वीकार किया। केवल 32 साल की उम्र में उनका निधन हुआ, और वे धर्म की रक्षा के लिए किए गए अपने कार्यों के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Vaishakh Shukla Panchami #AdiShankaracharya #SanatanDharma #Vedanta #Advaita #Jagadguru #Hinduism #SpiritualReformer #Shankaracharya #VedicWisdom #HinduPhilosophy

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Modi skipped Kashmir visit

Modi Skipped Kashmir Visit : 3 दिन पहले पीएम मोदी के पास थी पहलगाम हमले की खुफिया जानकारी, इसीलिए वो नहीं गए कश्मीर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जु खरगे (Mallikarjun Kharge) ने सोमवार को झारखंड के रांची में केंद्र सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले से पहले खुफिया रिपोर्ट होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “मोदी जी (PM Modi) को हमले से तीन दिन पहले ही रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके चलते उन्होंने अपनी कश्मीर यात्रा रद्द (Modi Skipped Kashmir Visit) कर दी थी। दरअसल, सोमवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित संविधान बचाओ रैली में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार से प्रश्न पूछते हुए कहा कि “केंद्र ने आतंकी हमले की खुफिया रिपोर्ट होने के बाद भी पहलगाम में ज्यादा सुरक्षा क्यों नहीं तैनात की?” उन्होंने आगे कहा कि “हमले के तीन दिन पहले ही इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मोदी जी को भेजा था, इसलिए मोदी जी ने कश्मीर जाने का प्रोग्राम कैंसिल किया था। क्या केंद्र को पहलगाम हमले में जानमाल के नुकसान के लिए जवाबदेह नहीं होना चाहिए?” इसपर उन्होंने कहा कि “देश में जो कुछ भी हो रहा है सब आपके सामने है। 22 अप्रैल को देश में भयंकर आतंकी हमला हुआ। 26 लोगों की मौत हुई और सरकार ने माना कि ये इंटेलिजेंस फेल्योर है और इसे सुधारने की बात कही।” खरगे ने कहा कि “जब ये मालूम है आपको तो आपने अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की? सूचना मिली और कई पेपर भी आए हैं, जिसमें लिखा है कि हमले के तीन दिन पहले ही मोदी जी को भेजा गया था, जिसकी वजह से उन्होंने कश्मीर यात्रा रद्द की। अपनी बात पर सफाई देते हुए खरगे ने कहा कि “ये मैंने पेपर में पढ़ा था।”  जब आप चूक को मान रहे हैं, तो जितने लोग इस घटना में मारे गए हैं, उन सबकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी (Modi Skipped Kashmir Visit) चाहिए वो यहीं नहीं रुके, उन्होंने (Mallikarjun Kharge) आगे कहा कि “जब इंटेलिजेंस लोग आपकी रक्षा के लिए ऐसा कहते हैं कि वहां आपका (PM Modi) जाना मुनासिब (Modi Skipped Kashmir Visit) नहीं है तो आप वही बात अपने इंटेलिजेंस के लोगों को, सिक्योरिटी, पुलिस, बॉर्डर फोर्स को क्यों नहीं बताई?” मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि “मैं सवाल पूछता हूं कि आपने तो अपना प्रोग्राम तो कैंसिल कर दिया, लेकिन जो पर्यटक वहां अधिक मात्रा में गए थे, उनकी रक्षा के लिए भी आप अच्छी सेक्योरिटी भेज सकते थे। जब आप चूक को मान रहे हैं तो जितने लोग जो इस घटना में मारे गए हैं, उन सभीकी जिम्मेदारी भी आपको ही लेनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:-  भारत-पाक तनाव के बीच गृह मंत्रालय की तैयारियां तेज़, राज्यों में मॉक ड्रिल का आदेश हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार (Modi Skipped Kashmir Visit) चल रही है अपने चिरपरिचित अंदाज में उन्होंने (Mallikarjun Kharge) कहा कि “जिन लोगों की मौत हो रही है उनकी तरफ आपका ध्यान नहीं (Modi Skipped Kashmir Visit) है, आप बस कांग्रेस सरकार को गालियां देते रहते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ सरकार की लड़ाई में कांग्रेस का पूरा समर्थन हम देने के लिए तैयार हैं, क्योंकि ये पूरा-पूरा देश का मामला है।” खैर, इस बीच झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करते हुए खरगे ने कहा कि “हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं इन सब को भी धन्यवाद देता हूं।” Latest News in HindiToday Hindi news  Modi Skipped Kashmir Visit #Modi #Kashmir #PahalgamAttack #TerrorAlert #PMModi #BreakingNews #SecurityThreat #ModiNews #IndiaNews #BJP

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UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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