Akshaya Tritiya 2025 What to Buy If Not Buying Gold

Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया पर क्या खरीदें अगर सोना खरीदना संभव न हो तो?

अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) हिन्दू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और इसे ‘अविनाशी सौभाग्य’ का प्रतीक माना गया है। अक्षय तृतीया का शाब्दिक अर्थ है – अक्षय, अर्थात कभी न क्षय होने वाला, और तृतीया, यानी तीसरा दिन। इस दिन किए गए दान, पूजन, स्नान, जप-तप और नए कार्यों का फल अक्षय रहता है, इसलिए इसे किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना गया है। खास बात यह है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) पर किसी कार्य के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है। परंपरागत रूप से इस दिन सोने के आभूषण (Gold Jewellery) या धातु खरीदने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदा गया सोना समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाता है। लेकिन हर कोई सोना (Gold) खरीदने में सक्षम नहीं होता, ऐसे में प्रश्न उठता है कि अगर सोना नहीं खरीद सकते, तो क्या खरीदें? सोने की जगह ये 5 वस्तुएं खरीदना होता है शुभ 1. मिट्टी के बर्तन – मिट्टी का संबंध मंगल ग्रह से होता है। इसे खरीदने से घर में शांति और स्थिरता आती है। साथ ही, यह कर्ज से मुक्ति दिलाने में भी सहायक माना जाता है। 2. हल्दी की गांठ – गुरु ग्रह से संबंधित यह वस्तु ज्ञान, स्वास्थ्य और समृद्धि को बढ़ावा देती है। इसे खरीदने और पूजा स्थान पर रखने से गृह कलह दूर होती है और वैवाहिक जीवन (Married Life) में मिठास आती है। 3 . रूई – रूई का संबंध शुक्र ग्रह से है, जो भौतिक सुख-सुविधाओं और लक्ष्मी कृपा का प्रतीक है। इसे इस दिन खरीदकर घर में रखने से आर्थिक समृद्धि आती है। 4. पीली सरसों – यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने वाली वस्तु है। पीली सरसों को अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन खरीदकर दरवाजे या पूजा स्थल पर रखने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 5. पीली कौड़ी – यह धन और समृद्धि की प्रतीक मानी जाती है। पीली कौड़ी को तिजोरी या पूजा स्थल में रखने से घर में धनलाभ के योग बनते हैं। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन आदि शंकराचार्य द्वारा रचित कनकधारा स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। यह स्तोत्र देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है और इसका पाठ करने से घर में अन्न, धन और सुख-शांति का वास होता है। अक्षय तृतीया 2025 (Akshaya Tritiya 2025) का मुहूर्त इस वर्ष अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) का पर्व 29 अप्रैल 2025 को शाम 5:31 बजे आरंभ होकर 30 अप्रैल 2025 को दोपहर 2:12 बजे तक रहेगा। मुख्य पर्व 30 अप्रैल, बुधवार को मनाया जाएगा। सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 30 अप्रैल की सुबह 5:31 बजे से लेकर 11:55 बजे तक रहेगा। अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) केवल भौतिक समृद्धि का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक उत्थान और शुभ संकल्पों का पर्व भी है। इस दिन यदि सोना खरीदना संभव न हो तो उपर्युक्त 5 वस्तुओं की खरीद से भी अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर शुभ कार्य करें, दान दें और सत्कर्मों से जीवन को धन्य बनाएं। Latest News in Hindi Today Hindi News Akshaya Tritiya #AkshayaTritiya2025 #GoldAlternatives #AuspiciousBuying #SilverPurchase #WealthAndProsperity #SpiritualShopping #AkshayaTritiyaTips #HinduFestivals #LuckyItems #FestiveShopping

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BSF jawan detained Pakistan

Pregnant wife plea: गलती से सरहद पार पहुंचे BSF जवान को पाकिस्तानी रेंजरों ने नहीं छोड़ा, परेशान गर्भवती पत्नी ने की यह गुजारिश

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन यानी 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर में एक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान पूर्णम कुमार साव, जो कि गलती से बॉर्डर पार करके पाकिस्तान चला गया था। इस गलती की वजह से उसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया। आज छह दिन बीत जाने के बाद भी जवान को पाकिस्तान रेंजर्स ने नहीं रिहा किया है। होती देरी को देख इस बीच बीएसएफ जावन की परेशान पत्नी अपने पति का कुशलक्षेम जानने के लिए सोमवार को कोलकाता से पंजाब पहुंच गई। बता दें कि बीएसएफ (BSF) जवान की पत्नी रजनी जो कि गर्भवती है, वो सोमवार देर शाम को अपने 8 साल के बेटे आरव, 2 बहनों और 1 भाई के साथ चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर (Pregnant wife plea) पहुंची। इस दरम्यान कोलकाता से रवाना होने से पहले बीएसएफ जावन के बेटे ने भावुक होते हुए कहा कि “पाकिस्तान हमारा सब कुछ ले ले, बस मेरे पिता को छोड़ दे।” जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी- रजनी  बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति को छह दिन पाकिस्तानी सेना ने कैद कर रखा है। वो पंजाब जाकर सीमा सुरक्षा बल के अफसरों से बात करेंगी। और जरूरत पड़ी तो दिल्ली का भी दरवाजा (Pregnant wife plea) खटखटाएंगी।” इस बीच उन्होंने साफ़ कहा कि “बीएसएफ के अधिकारियों ने उनसे कहा है कि वो चिंता न करें, उनके पति ठीक हैं।” जवान की पत्नी ने कहा कि “उनके पति दुश्मन देश की सेना की कैद में तो उनको चिंता कैसे नहीं होगी भला।” इस पूरे मामले पर बीएसएफ जवान की पत्नी ने कहा कि “उनको संदेह हो रहा है कि उनसे अवश्य कुछ छिपाया जा रहा है। दरअसल, 23 अप्रैल को बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार साव फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर फसल काट रहे किसानों पर नजर रखने और उनकी सुरक्षा हेतु गए थे, लेकिन गलती से पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स से उनको पकड़ लिया।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए ऐसा नहीं है कि बीएसएफ के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिस रोज पूर्णम कुमार साव बॉर्डर पार गए थे उसी दिन बीएसएफ के अधिकारियों ने पाक रेंजर्स से दो बार फ्लैग मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने जवान को रिहा करने की गुजारिश भी कि लेकिन पाक रेंजर्स जवान को रिहा करने के लिए तैयार नहीं (Pregnant wife plea) हुए। इतना ही नहीं, बाद में बार-बार फ्लैग मीटिंग बुलाने पर भी पाकिस्तान का कोई भी अधिकारी बैठक में नहीं आया। कहने की जरुरत नहीं कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एक फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बानी हुई है। भारत पहलगाम हमले को पाकिस्तानी सेना की साजिश बता रहा है। पाकिस्तान में भय का माहौल है।  Latest News in Hindi Today Hindi Pregnant wife plea #BSFJawan #PakistanRangers #PregnantWife #BorderIncident #IndiaPakistanTensions #BSFNews #EmotionalPlea #SoldierDetained #BSFUpdate #BreakingNews

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Lord Rama

राम की अंतिम लीला: क्यों लिया भगवान श्रीराम ने सरयू में जल समाधि?

भगवान श्रीराम (Lord Rama) का जीवन भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों में आदर्श पुरुष के रूप में वर्णित है। रामायण की गाथा केवल उनके जीवन के वीरता और धर्मपालन के किस्सों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन के अंतिम चरणों में जल समाधि लेने की घटना भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस पौराणिक कथा के पीछे गहरे धार्मिक और आध्यात्मिक रहस्य छिपे हैं। आइए जानते हैं भगवान राम द्वारा जल समाधि लेने के पीछे की कथा और उसका महत्व। भगवान राम (Lord Rama) का राजतिलक और कालदूत का संदेश लंका विजय और अयोध्या वापसी के बाद भगवान राम का राजतिलक हुआ और अयोध्या में ‘रामराज्य’ की स्थापना हुई। यह कालखंड धर्म, न्याय और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। लेकिन समय का चक्र निरंतर चलता रहता है। जब भगवान राम का धरती पर मानव रूप में कार्यकाल पूरा होने का समय आया, तो स्वयं ब्रह्मा के आदेश पर कालदूत उनके पास आया। कालदूत ने भगवान राम को सूचित किया कि अब उनका पृथ्वी पर कार्य समाप्त हो गया है और उन्हें अपने वास्तविक स्वरूप – विष्णु लोक में लौटना होगा। राम ने काल से एकांत में मिलने की बात कही थी। लेकिन उसी समय उनका प्रिय भाई लक्ष्मण कुछ विशेष परिस्थिति में उस गोपनीय सभा में प्रवेश कर गया। भगवान राम ने पहले ही शपथ ली थी कि यदि कोई इस वार्ता के दौरान आएगा, तो उसे त्यागना पड़ेगा। शपथ के पालन हेतु भगवान राम को अत्यंत दुख के साथ लक्ष्मण का त्याग करना पड़ा। लक्ष्मण का त्याग और भगवान राम का निर्णय एक विशेष घटना के दौरान लक्ष्मण जी (Lord Rama) उस कक्ष में प्रवेश कर गए जहाँ भगवान राम और कालदेव (यमराज) के बीच गुप्त वार्ता चल रही थी। इस अनजाने में हुए व्यवधान से उनकी बातचीत में विघ्न उत्पन्न हो गया। भगवान राम ने पहले ही प्रतिज्ञा की थी कि वार्ता में किसी के हस्तक्षेप पर उसे त्यागना होगा। अपनी इसी प्रतिज्ञा का पालन करते हुए, भगवान राम ने भारी हृदय से लक्ष्मण का त्याग कर दिया।लक्ष्मण जी (Laxman Ji) ने अपने बड़े भाई की मर्यादा, प्रतिज्ञा और अयोध्या की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस निर्णय को सहर्ष स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने भगवान राम से विदा ली और सरयू नदी के तट पर जाकर जल समाधि लेकर अपने सांसारिक जीवन का त्याग कर दिया। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया भगवान राम ने भी ली जल समाधि लक्ष्मण जी (Laxman Ji) के जल समाधि लेने के बाद भगवान राम गहरे शोक में डूब गए। साथ ही उन्हें यह भी भली-भांति ज्ञात हो गया था कि पृथ्वी पर उनके अवतार का उद्देश्य अब पूर्ण हो चुका है। इस बीच ब्रह्मा जी और अन्य देवताओं ने भी उन्हें अपने दिव्य धाम, बैकुंठ, लौटने का आग्रह किया।अंततः भगवान राम (Lord Rama) ने सरयू नदी के तट पर पहुंचकर उसमें प्रवेश किया और जल समाधि के माध्यम से अपनी पृथ्वी पर लीला का समापन किया। इस प्रकार वे अपने मूल धाम, बैकुंठ, में लौट गए। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Lord Rama #LordRam #JalSamadhi #Ramayana #Ayodhya #HinduMythology #RamFinalLeela #ShriRam #SaryuRiver #RamSamadhi #RamStory

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Vaibhav Suryavanshi Shines in Rajasthan's

Vaibhav Suryavanshi: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बल्लेबाजी के आगे बेबस हुई गुजरात टाइटंस, राजस्थान ने दी करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 18वें सीजन का मुकाबला बढ़ते समय के साथ-साथ रोमांचक होता जा रहा है। आईपीएल 2025 का 47वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और  गुजरात टाइटंस के बीच खेला गया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने गुजरात टाइटंस को करारी शिकस्त दी। बड़ी बात यह कि इस मुकाबले में 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने अपनी तूफानी पारी से इतिहास रच दिया। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात ने राजस्थान को 210 रनों का लक्ष्य दिया था। गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने अपने बल्ले से जमकर रन बटोरे। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने 50 गेंदों में 84 रन बनाए तो वहीं साई सुदर्शन ने 39 रन की पारी खेली। पहले विकेट के लिए इन दोनों ने  93 रनों की साझेदारी की। इस तरह गुजरात टाइटंस ने राजस्थान रॉयल्स को 211 रनों का लक्ष्य दिया। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से सबसे अधिक महेश तीक्षणा ने दो विकेट लिए। उन्होंने गुजरात के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन और शुभमन गिल को पवेलियन भेजा। इसके अलावा जोफ्रा आर्चर और संदीप शर्मा को 1-1 विकेट मिला। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने महज 35 गेंदों में जड़ा शतक  गुजरात टाइटंस द्वारा दिए गए 211 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों ने भी जमकर अपने बल्ले का जौहर दिखाया। खासकर वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 166 रन की तूफानी साझेदारी की। जहाँ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर कमाल कर दिया तो वहीं यशस्वी जायसवाल ने 40 गेंदों में नाबाद 70 रन बनाए। 101 रन बनाकर आउट होने के बाद बल्लेबाजी करने आए नितीश राणा मजह 4 रन की पारी खेलकर आउट हो गए। इसके बाद अंत में कप्तान रियान पराग ने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर 25 गेंद शेष रहते ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस के गेंदबाज पूरी तरह से नाकामयाब रहे। बता दें कि अधिकतर गेंदबाजों ने 15 से भी ज्यादा की इकोनॉमी से रन दिए। राशिद खान को छोड़कर गुजरात के सभी गेंदबाज टीम की हार का कारण बने।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की बल्लेबाजी के बदौलत राजस्थान ने आसानी से जीता मैच बता दें कि वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में इतिहास रच दिया। वो आईपीएल के इतिहास में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। यही नहीं, उन्होंने यूसुफ पठान का भी रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दरअसल, यूसुफ पठान ने आईपीएल में 37 गेंदों में शतक लगाया था। 35 गेंदों में शतक लगाकर वैभव ने पठान का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 11 छक्के और 7 चौके लगाए हैं। इस मुकाबले में वह 37 गेंदों में 101 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। गौर करने वाली बाय यह कि इस मुकाबले में 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर अपने बल्ले से जमकर कोहराम मचाया। इस तरह आईपीएल में वो सबसे कम उम्र में विस्फोटक शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। यह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की बल्लेबाजी का ही कमाल था जो राजस्थान ने 2 विकेट खोकर 211 रनों के लक्ष्य को महज 15.5 ओवर में हासिल कर लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Vaibhav Suryavanshi #VaibhavSuryavanshi #RajasthanRoyals #GujaratTitans #IPL2025 #CricketProdigy #TeenCricketer #ExplosiveBatting #YoungTalent #IPLHighlights #CricketNews

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Mastermind of Pahalgam attack

Mastermind of Pahalgam attack: पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड रह चुका है पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप का कमांडो

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों को ढूंढने के लिए रात दिन एक कर दिया है। अनवरत जांच में अब एक नया खुलासा हुआ है। खुलासे के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने इस हत्याकांड के पीछे एक मुख्य आतंकवादी की पहचान कर ली है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक आतंकी की पहचान पाकिस्तानी नागरिक और पाकिस्तान के स्पेशल फोर्स के पूर्व पैरा कमांडो हाशिम मूसा (Mastermind of Pahalgam attack) के रूप में हुई है। हाशिम मूसा को ही पहलगाम में हुए क्रूर आतंकी हमले के पीछे का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। रक्षा सूत्रों ने खुलासा किया है कि मूसा, जो कि अब लश्कर-ए-तैयबा के साथ काम कर रहा है। मूसा को जम्मू और कश्मीर भेजे जाने से पहले पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक मूसा को भारतीय और विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों सहित गैर-स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाने का काम सौंपा गया था। पहलगाम के आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण (Mastermind of Pahalgam attack) दिया गया था महत्वपूर्ण बात यह है कि एक जिपलाइनिंग वीडियो के बाद यह खुलासा हुआ है जिसमें आतंकवादियों को सटीकता के साथ भागते लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया (Mastermind of Pahalgam attack) है। दरअसल, यहां एक पर्यटक जिपलिंग कर रहा था और इसी दौरान वह सेल्फी वीडियो भी बना रहा था। इस वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रहा है कि कैसे लोग आतंकी हमले के बाद भाग रहे हैं और आतंकी उन्हें निशाना बना रहे हैं। इस वीडियो को देखकर यह साफ कहा जा सकता है कि आतंकियों को विशेष सैन्य प्रशिक्षण दिया गया था। बता दें कि पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जंग जैसे हालात बनते जा रहे हैं। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।   इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं गौरतलब हो कि पहलगाम आतंकी हमले (Mastermind of Pahalgam attack) के बाद भारत सरकार ने कई कड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों में अटारी में बॉर्डर बंद करना, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीजा छूट योजना को निलंबित करना, उन्हें अपने देश लौटने के लिए 40 घंटे का समय देना और दोनों पक्षों के उच्चायोगों में अधिकारियों की संख्या कम करना इत्यादि शामिल है। इसके अलावा बड़ी बात यह कि भारत ने पहलगाम हमले के मद्देनजर 1960 में हस्ताक्षरित सिंधु जल संधि को भी स्थगति कर दिया है। सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद तिलमिलाए पाकिस्तान ने परमाणु युद्ध की खुली धमकी दी डाली है। अहम बात यह कि पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण माहौल बने हुए हैं। तनाव का आलम यह है कि दोनों के बीच कभी भी युद्ध हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mastermind of Pahalgam attack #PahalgamAttack #PakistanTerror #SSGCommando #TerrorMastermind #KashmirViolence #IndiaSecurity #TerrorAlert #JammuAndKashmir #PakistaniInvolvement #IndiaVsTerror

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Baloch Liberation Army attack

ISI officer killed: बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तान में मचाया कत्लेआम, की आईएसआई अधिकारी की हत्या

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान हालत ऐसे ही खस्ता है। भारतीय सेना के खौफ के आगे भीगी  बिल्ली बना पाकिस्तान इस कदर खौफ़जदा है कि एलओसी पर उसने चौबीसों घंटे सुरक्षा चाकचौबंद कर दी है। उसे बखूबी पता है कि भारत अपने निर्दोष नागरिकों का बदला लेने के लिए कभी भी बड़ी कार्रवाई कर सकता है। ये डर क्या कम था कि बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने उसकी पतलून गीली कर रखी है। दरअसल, बीएलए ने पाक आर्मी का जीना हराम कर रखा है। आए दिन बीएलए के लड़ाके नागरिकों और सैनिकों को निशाना बना रहे हैं। इस बार तो इन लड़ाकों ने पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के एक अधिकारी को ही ठिकाने (ISI officer killed) लगा दिया। विद्रोही समूह के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने एक बयान में कहा कि “बीएलए के लड़ाकों ने रविवार शाम को पसनी में एक खुफिया अभियान चलाया, जिसमें पंजाब के खुशाब जिले के चोरंगी जोहराबाद के पास हकीम वाला निवासी मुहम्मद आज़म के बेटे मोहम्मद नवाज को निशाना बनाया गया।” बता दें कि मोहम्मद नवाज ग्वादर में तैनात एक आईएसआई अधिकारी थे। कई दिनों से बीएलए की खुफिया शाखा ज़िराब उनपर नजर बनाए हुए थी।  लड़ाकों ने केच जिले के जमुरान के जामकी टैंक इलाके में एक स्नाइपर (ISI officer killed) हमला किया कहा जा रहा है कि आईएसआई अधिकारी (ISI officer killed) को शाम 7 बजे पसनी शहर के मसकन चौक कब्रिस्तान के पास एक रिमोट-नियंत्रित विस्फोट से निशाना बनाया गया। बीएलए ने कहा कि एक डेथ स्क्वाड ऑपरेटिव  सलमान, मुनीर अहमद का बेटा, बब्बर शूर पसनी का निवासी भी विस्फोट में मारा गया है, जबकि एक अन्य ऑपरेटिव शाह नज़र घायल हो गया।” इस विस्फोट में उनका वाहन पूरी तरह से नष्ट होने की खबर है। समूह ने आरोप लगाया कि आईएसआई अधिकारी  को पसनी में बालाच के रूप में पहचाने जाने वाले एक स्थानीय डेथ स्क्वाड नेता द्वारा सुविधा प्रदान की जा रही थी। यही नहीं, जानकारी के मुताबिक एक अलग ऑपरेशन में समूह के लड़ाकों ने केच जिले के जमुरान के जामकी टैंक इलाके में एक स्नाइपर हमला किया, जिसमें एक पाकिस्तानी सैनिक मारे जाने की खबर है।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला बीएलए ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हमले तेज करने की कसम (ISI officer killed) खाई है इसके अलावा एक अन्य ऑपरेशन में बीएलए के लड़ाकों ने कथित तौर पर कलात जिले के मंगूचर इलाके में खज़िनाई में क्वेटा-कराची राजमार्ग पर नाकाबंदी की थी। इस नाकाबंदी में बीएलए ने बलूचिस्तान में एक प्रमुख चीनी समर्थित खनन परियोजना, सैंदाक परियोजना से जुड़े वाहनों को निशाना बनाया। इसके बीएलए ने दावा किया कि उसने रविवार और सोमवार की रात के दौरान बोलन जिले के धादर इलाके में पुलिस लाइन पर हथगोले से हमला किया। साथ ही बयान में समूह ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हमले तेज करने की कसम (ISI officer killed) खाई है। गौर करने वाली बात यह कि भारत के साथ पाकिस्तान के तनाव के बीच बीएलए ने भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। बता दें कि बीएलए ने ग्वादर में एक रिमोट-नियंत्रित विस्फोट में न सिर्फ आईएसआई अधिकारी को निशाना बनाया बल्कि केच और कलात जिलों में भी कई हमले किए, जिसमें एक सैनिक की मौत हुई।  Latest News in Hindi Today Hindi ISI officer killed #ISIOfficerKilled #BalochLiberationArmy #PakistanNews #BLAAttack #Terrorism #PakistanCrisis #Balochistan #ISI #BreakingNews #WorldNews

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Story of Lord Parshuram’s Wrath

परशुराम जयंती 2025: धर्म की रक्षा के लिए उठाया था फरसा, जानिए क्यों किया क्षत्रियों का 21 बार संहार

भगवान परशुराम की जयंती (Parshuram Jayanti) प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में यह तिथि 29 अप्रैल को शाम 5 बजकर 31 मिनट से आरंभ होकर 30 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। हालांकि, अधिकांश हिन्दू त्योहार उदयातिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, लेकिन चूंकि भगवान परशुराम का जन्म प्रदोष काल में हुआ था, इसलिए इस बार परशुराम जयंती (Parshuram Jayanti) 29 अप्रैल 2025, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। भगवान परशुराम को ‘दिव्य योद्धा’, ‘ब्रह्म क्षत्रिय’ और ‘अखंड तपस्वी’ के रूप में पूजा जाता है। उन्हें भगवान विष्णु का क्रोधी रूप माना जाता है, जिन्होंने अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होकर अपने फरसे से क्षत्रियों का 21 बार विनाश किया। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि आखिर परशुराम ने क्षत्रियों को 21 बार क्यों मारा था? इसके पीछे कौन सी कथा है? 21 बार क्षत्रियों का विनाश क्यों? एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान परशुराम (Lord Parshuram) और सहस्त्रार्जुन के बीच एक भीषण युद्ध हुआ। सहस्त्रार्जुन, जो महिष्मती का सम्राट था, अत्यंत अहंकारी हो गया था और धर्म की सभी सीमाओं को लांघ चुका था। वह वेदों, पुराणों और ब्राह्मणों का अपमान करता था, साथ ही ऋषियों के आश्रमों को भी नष्ट कर रहा था। जब यह अन्याय पराकाष्ठा पर पहुंचा, तब परशुराम अपने फरसे (परशु) को लेकर महिष्मती पहुंचे और सहस्त्रार्जुन से युद्ध किया। इस संग्राम में उन्होंने अपने अद्भुत पराक्रम से सहस्त्रार्जुन की हजारों भुजाएं और उसके धड़ को काट डाला। इस घटना के बाद, परशुराम ने अपने पिता के कहने पर इस वध का प्रायश्चित करने के लिए तीर्थ यात्रा शुरू की। इसी बीच सहस्त्रार्जुन का पुत्र अपने अन्य क्षत्रिय साथियों के साथ परशुराम के पिता महर्षि जमदग्नि के आश्रम पहुंचा, जहां तपस्या कर रहे ऋषि की हत्या कर दी और आश्रम को भी आग के हवाले कर दिया। जब माता रेणुका ने इस भयावह दृश्य को देखा, तो उन्होंने दुख में डूबे स्वर में अपने पुत्र परशुराम को पुकारा। जब परशुराम लौटे, तो उन्होंने अपनी मां को विलाप करते देखा और पाया कि उनके पिता का सिर धड़ से अलग था, और शरीर पर 21 गंभीर घाव थे। यह दृश्य देखकर परशुराम अत्यंत क्रोधित हो उठे। उन्होंने उसी क्षण यह प्रतिज्ञा की कि वे हैहय वंश और उसके समर्थक क्षत्रियों का अंत करेंगे। उन्होंने शपथ ली कि वे 21 बार क्षत्रियों का संहार कर इस पाप का प्रतिशोध लेंगे। पुराणों के अनुसार परशुराम ने अपने इस संकल्प को पूरा करते हुए 21 बार पृथ्वी को क्षत्रिय विहीन कर दिया। उनका यह अभियान धर्म की पुनर्स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए था। परशुराम नाम कैसे पड़ा पुराणों के अनुसार, भगवान परशुराम (Lord Parshuram) का वास्तविक नाम ‘राम’ था। लेकिन जब भगवान शिव ने उन्हें एक दिव्य अस्त्र ‘परशु’ प्रदान किया, तो वे हमेशा उसी अस्त्र को अपने साथ रखने लगे। शिवजी द्वारा दिए गए इस परशु को धारण करने के कारण ही वे ‘परशु-राम’ कहलाए, जिसका अर्थ है – परशु धारण करने वाला राम। यही नाम कालांतर में प्रसिद्ध हुआ और वे ‘परशुराम’ के नाम से विख्यात हो गए। इसे भी पढ़ें:-  शिवधाम की ओर आध्यात्मिक सफर फिर से शुरू, जानिए तारीखें और पंजीकरण प्रक्रिया क्षत्रियों का संहार और धर्म की स्थापना कहा जाता है कि परशुराम ने प्रत्येक युद्ध में क्षत्रियों को पराजित करने के बाद उनकी भूमि को ब्राह्मणों को दान कर दिया। उन्होंने कुरुक्षेत्र के निकट ‘समंतपंचक’ नामक स्थान पर क्षत्रियों का रक्त बहाया और वहाँ पाँच सरोवर बनाए। इसके बाद उन्होंने तपस्या की और हिंसा का मार्ग त्याग दिया। परशुराम अमर माने जाते हैं और आज भी कई मान्यताओं के अनुसार वे हिमालय में तपस्या कर रहे हैं। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Lord Parshuram #ParshuramJayanti2025 #LordParshuram #HinduFestival #ParshuramHistory #DharmaProtector #VishnuAvatar #ParshuramWrath #KshatriyaAnnihilation #ParshuramLegend #ParshuramStory

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Power packed flour

Power packed flour: न्यूट्रिएंट्स और कई फायदों से भरपूर हैं यह 5 आटे, जो हर मौसम के लिए है बेस्ट

आटा (Flour) वो मुख्य इंग्रेडिएंट है जिसका इस्तेमाल कई व्यंजनों को बनाने के लिए किया जाता है। हम भारतीयों  का कोई भी आहार रोटी के बिना पूरा नहीं होता। अगर बात की जाए आटे के फायदे की, तो यह ऊर्जा और न्यूट्रिएंट्स का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत है। आटा (Flour) पाचन में मदद करता है, वजन को सही रखने में मददगार है और यही नहीं हार्ट के लिए भी इसे फायदेमंद माना गया है। आटा (Flour) कई तरह का होता है और कुछ तरह के आटे के प्रकार अन्य से हेल्दी होते हैं क्योंकि इनमें अधिक फाइबर और अन्य न्यूट्रिएंट्स होते हैं। आपको यह जानकार हैरानी हो सकती है कि कुछ आटे अनाज से नहीं बनते हैं बल्कि उन्हें नट्स और सीड्स से बनाया जाता है। आइए जानें इन शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour) के बारे में। शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार ट्रेडिशनल आटा (Flour) को गेहूं से बनाया जाता है लेकिन अन्य तरह के आटे को नट्स और नेचुरली ग्लूटेन फ्री अनाज से बनाया जाता है जैसे कोकोनट, बादाम, बकविट आदि। शक्ति से भरपूर आटा (Power packed flour) इस प्रकार है:  1. गेहूं का आटा (Wheat flour) गेहूं के आटे को सबसे अधिक खाया जाता है। इससे रोटी, पूरी और परांठा आदि बनाया जाता है। मैदे की तुलना में यह अधिक हेल्दी होता है। इसे चोकर और पूरे गेहूं के दाने को पीस के बनाया जाता है। प्रोटीन, फाइबर के अलावा इसमें कई अन्य जरुरी मिनरल्स होते हैं जैसे सेलेनियम, मैंगनीज, फोलेट, कॉपर आदि। अधिक फाइबर युक्त होने के कारण डायजेस्टिव सिस्टम के लिए यह फायदेमंद है। इसके अलावा भी इस आटे के कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं।  2. चावल का आटा (Rice flour) चावल का आटा (Rice flour) एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है, जिसे ग्लूटोन इनटॉलेरेंस और सेलिएक डिजीज से पीड़ित लोग भी आसानी से खा सकते हैं। यह आसानी से पच जाता है और फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, कॉपर का अच्छा स्त्रोत हैं। इसे खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती जिससे वजन को सही रखने में मदद मिलती है। यही नहीं चावल का आटा (Rice flour) में फैट और कोलेस्टेरोल कम होता है, यानी यह हार्ट फ्रेंडली है।  3. रागी आटा (Ragi flour) रागी आटा (Ragi flour) को न्यूट्रिशनल पावरहाउस कहा जाता है, क्योंकि इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम और जिंक होता है। इसके कारण हड्डियों के स्वास्थ्य, मसल्स के फंक्शन आदि के लिए इसे बेहतरीन माना जाता है। इस आटे का ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे ब्लड ग्लूकोज लेवल (Blood Glucose Level) सही रहता है। यानी, यह डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए बेहतरीन माना गया है। रागी आटा (Ragi flour) को रोटी, इडली और कूकीज आदि को बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।    4. मल्टीग्रैन आटा (Multigrain flour) मल्टीग्रैन आटा भी कई न्यूट्रिएंट्स प्रदान करता है। यह गेहू, ओट्स, मिलेट, जौ आदि का मिश्रण है। कई आटे का यह कॉम्बिनेशन फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है। यही नहीं, यह सामान्य आटे से अधिक हेल्दी माना जाता है। इससे बने आहार को बनाने से एनर्जी मिलती है और इसके साथ ही अधिक समय तक भूख नहीं लगती। इसमें फाइबर भी अधिक होता है जिससे गट सही रखने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? 5. ज्वार का आटा (Sorghum flour) ज्वार का आटा (Sorghum flour) भी एक ग्लूटेन फ्री विकल्प है, जो फाइबर, विटामिन और मिनरल्स, जिंक और आयरन से भरपूर होता है। इसमें मौजूद हाई फाइबर कंटेंट से ब्लड फ्लो रेगुलेट रहता है और डाइजेशन को सही रखने में मदद मिलती है। ज्वार का आटा (Sorghum flour) रोटी, चपाती, इडली, परांठा आदि बनाने में इस्तेमाल होता है। न्यूट्रिशंस से भरपूर होने के कारण इन्हें आप आसानी से अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fortified flour #Fortifiedflour #Riceflour #Sorghumflour #Ragiflour #flour

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Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission

बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन

सरकारी नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक और सुनहरा मौका है। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन (Bihar Technical Service Commission) ने 11 हजार से अधिक स्टाफ नर्स के लिए पोस्ट्स निकाली हैं। इसके लिए आप अभी आसानी से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इन पोस्ट्स के लिए आवेदन करने के लिए केवल कुछ ही दिन ही निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित डेट्स के बाद, आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते। अगर आपको इन पोस्ट्स के बारे में अधिक जानकारी चाहिए, तो आप इसकी ऑफिशियल पर विजिट कर सकते हैं। आइए जानें बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission) के बारे में विस्तार से। इसके लिए कैसे अप्लाई करना चाहिए, यह भी जानें। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission) बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission) के लिए 11,389 वेकेंसीज निकाली गई हैं। इसके लिए आप 25 अप्रैल से 23 मई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन भर सकते हैं। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन  (Bihar Technical Service Commission) द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts) के बारे में अन्य जानकारी इस प्रकार है: स्टाफ नर्स पोस्ट्स के लिए योग्यता स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts) के लिए अप्लाई (Apply) करने वाले कैंडिडेट्स के पास जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी (GNM) पाठ्यक्रम या बीएससी (नर्सिंग) की डिग्री होनी चाहिए। यह नर्सिंग कोर्स भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) द्वारा मान्यता प्राप्त किसी इंस्टीट्यूट से ही किया जाना चाहिए। अगर कैंडिडेट ने बिहार के बाहर के इंस्टीयूट्स से नर्सिंग की है, तो उनके पास इंडियन नर्सिंग काउंसिल द्वारा सुटेबिलिटी सर्टिफिकेट होना चाहिए। यही नहीं, कैंडिडेट्स द्वारा बिहार नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल पटना में रजिस्टर कराना भी अनिवार्य है। एज लिमिट बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए एज लिमिट 21 से 37 साल निर्धारित की गई है। महिलाओं के लिए यह उम्र 21 से 40 साल है। लेकिन , कुछ रिजर्व्ड कैंडिडेट्स को इसमें छूट दी गई है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। स्टाफ नर्स पोस्ट्स के लिए कैसे करें अप्लाई इसे भी पढ़े: आखिरी तारीख करीब, बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2025 के लिए अभी करें अप्लाई बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts released by Bihar Technical Service Commission) की फीस इस स्टाफ नर्स पोस्ट्स (Staff Nurse Posts) के लिए जनरल, ओबीसी, ईबीसी, ईडब्ल्यूएस आदि के लिए आवेदन शुक्ल 600 रुपए रखा गया है। इसके साथ ही एससी और एसटी महिला (Women) उम्मीदवारों के लिए यह शुक्ल ₹150 रुपए है। इस पोस्ट के लिए कैंडिडेट्स का सिलेक्शन मेरिट लिस्ट और एक्सपीरियंस के अनुसार किया जाएगा। अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इस मौके को हाथ से न जानें दें और तुरंत अप्लाई करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Bihar Technical Service Commission #StaffNurse #StaffNursePosts #BiharTechnicalServiceCommission #StaffNursePostsreleasedbyBiharTechnicalServiceCommission

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Pakistan Calls for Pahalgam Terror Attack

China support Pakistan: पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष भारतीयों और 2 विदेशी नागरिकों की जान गई थी। इस हमले को लेकर भारत पाकिस्तान को लेकर हमलावर है। दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात हैं। एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आलम यह है कि युद्ध अब हो कि तब हो। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान निष्पक्ष जाँच की मांग कर रहा है। इस बीच चीन ने पाकिस्तान की ओर से की गई मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच की वकालत कर दी (China support Pakistan) है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। पाकिस्तान की ओर से भी इसे लेकर दलील पेश की जा रही है। वह मांग कर रहा है कि इसकी जांच भारत-पाक नहीं बल्कि तीसरे पक्ष के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समिति करे। चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। अहम बात यह कि चीन, कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और निष्पक्ष जांच की शीघ्र शुरुआत का समर्थन करता है। वह उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, एक-दूसरे की ओर बढ़ेंगे और तनाव कम करने के लिए काम करेंगे। इस पूरे मामले पर वांग ने कहा कि “आतंकवाद से लड़ना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है।” इसे भी पढ़ें:- कश्मीर में आतंक के खिलाफ एकजुटता की नई शुरुआत: उमर अब्दुल्ला चीन पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है वांग ने कहा कि “एक मजबूत दोस्त और हर मौसम में रणनीतिक सहयोगी साझेदार के तौर पर चीन पाकिस्तान की वैध सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह समझता है और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है।” जानकारी के पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बताया कि इशाक डार ने वांग यी को वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति से भी अवगत कराया। यही नहीं, डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन की प्रशंसा की और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। गौर करने वाली बात यह कि चीन की ओर से यह समर्थन शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच या निष्पक्ष जांच की मांग की थी। और तो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ़ कह चुके हैं कि “ये दो देशों के बीच का मसला है और वह इस मामले में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं रखते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi  #PakistanTerrorAttack, #PahalgamAttack, #ChinaSupportsPakistan, #PakistanDemandsInvestigation, #TerrorismInKashmir, #ChinaPakistanRelations, #JammuAndKashmir, #InternationalDiplomacy, #PakistanChinaSolidarity, #TerrorismInvestigation

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