Ramadan 2025 timetable

रमजान 2025 सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल: जानिए 30 दिन के रोजों का सही समय

रमजान (Ramadan) का पवित्र महीना मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिकता, इबादत और संयम का समय होता है। यह महीना इस्लामिक कैलेंडर के नौवें महीने के रूप में मनाया जाता है और इसमें रोजे (उपवास) रखने का विशेष महत्व होता है। रोजे के दौरान सहरी (सुबह का भोजन) और इफ्तार (शाम का भोजन) का समय निर्धारित होता है, जो सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार तय किया जाता है। 2025 के रमजान महीने के लिए सहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का टाइम टेबल जारी किया गया है, जो मुस्लिम समुदाय के लिए रोजे रखने में मददगार साबित होगा। आइए, इस टाइम टेबल और रमजान के महत्व के बारे में विस्तार से जानते हैं। रमजान का महत्व रमजान (Ramadan) इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजे रखते हैं, जिसमें सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य शारीरिक इच्छाओं से परहेज किया जाता है। रोजे का मुख्य उद्देश्य आत्म-नियंत्रण, संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण को बढ़ाना है। इसके अलावा, रमजान के दौरान कुरान का पाठ, नमाज और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। सेहरी और इफ्तार का समय रोजे के दौरान सेहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का समय निर्धारित होता है। सेहरी सूर्योदय से पहले किया जाने वाला भोजन है, जिसे फज्र की नमाज से पहले खाया जाता है। इफ्तार सूर्यास्त के बाद किया जाने वाला भोजन है, जिसे मगरिब की नमाज से पहले खाया जाता है। सेहरी और इफ्तार का समय स्थान और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। रमजान 2025 का सेहरी-इफ्तार टाइम टेबल 2025 में रमजान का महीना से 02 मार्च से मनाया जाएगा।  रोजा तारीख सेहरी इफ्तार 1 02 मार्च, रविवार सुबह 05:15 बजे शाम 06:34 बजे 2 03 मार्च, सोमवार सुबह 05:14 बजे शाम 06:34 बजे 3 04 मार्च, मंगलवार सुबह 05:13 बजे शाम 06:35 बजे 4 05 मार्च, बुधवार सुबह 05:12 बजे शाम 06:35 बजे 5 06 मार्च, गुरुवार सुबह 05:11 बजे शाम 06:36 बजे 6 07 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:10 बजे शाम 06:37 बजे 7 08 मार्च, शनिवार सुबह 05:09 बजे शाम 06:37 बजे 8 09 मार्च, रविवार सुबह 05:08 बजे शाम 06:38 बजे 9 10 मार्च, सोमवार सुबह 05:07 बजे शाम 06:38 बजे 10 11 मार्च, मंगलवार सुबह 05:06 बजे शाम 06:39 बजे 11 12 मार्च, बुधवार सुबह 05:05 बजे शाम 06:40 बजे 12 13 मार्च, गुरुवार सुबह 05:03 बजे शाम 06:40 बजे 13 14 मार्च, शुक्रवार सुबह 05:02 बजे शाम 06:41 बजे 14 15 मार्च, शनिवार सुबह 05:01 बजे शाम 06:41 बजे 15 16 मार्च, रविवार सुबह 05:00 बजे शाम 06:42 बजे 16 17 मार्च, सोमवार सुबह 04:59 बजे शाम 06:43 बजे 17 18 मार्च, मंगलवार सुबह 04:57 बजे शाम 06:43 बजे 18 19 मार्च, बुधवार सुबह 04:56 बजे शाम 06:44 बजे 19 20 मार्च, गुरुवार सुबह 04:55 बजे शाम 06:44 बजे 20 21 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:54 बजे शाम 06:45 बजे 21 22 मार्च, शनिवार सुबह 04:53 बजे शाम 06:45 बजे 22 23 मार्च, रविवार सुबह 04:51 बजे शाम 06:46 बजे 23 24 मार्च, सोमवार सुबह 04:50 बजे शाम 06:46 बजे 24 25 मार्च, मंगलवार सुबह 04:49 बजे शाम 06:47 बजे 25 26 मार्च, बुधवार सुबह 04:48 बजे शाम 06:48 बजे 26 27 मार्च, गुरुवार सुबह 04:46 बजे शाम 06:48 बजे 27 28 मार्च, शुक्रवार सुबह 04:45 बजे शाम 06:49 बजे 28 29 मार्च, शनिवार सुबह 04:44 बजे शाम 06:49 बजे 29 30 मार्च, रविवार सुबह 04:43 बजे शाम 06:50 बजे 30 31 मार्च, सोमवार सुबह 04:41 बजे शाम 06:50 बजे इसे भी पढ़ें:- कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत रमजान के 30 दिनों का महत्व रमजान (Ramadan) के 30 दिनों का हर दिन विशेष महत्व रखता है। पहले 10 दिन रहमत (दया) के, अगले 10 दिन मगफिरत (क्षमा) के और अंतिम 10 दिन नजात (मुक्ति) के माने जाते हैं। रमजान के आखिरी 10 दिनों में लैलतुल कद्र (शब-ए-कद्र) का विशेष महत्व होता है, जिसे हजार महीनों से बेहतर माना जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news हिंदी समाचार Ramadan #Ramadan2025 #SehriIftarTimeTable #FastingTimings #RamadanSchedule #IslamicCalendar #SehriTime #IftarTime #RamadanMubarak #HolyMonth #FastingTips #RamadanPreparation #IndianMuslims #SpiritualJourney #RamadanGuidance #IslamicFaith #RamadanTimetable #SehriIftar

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Chaitra Navratri 2025: कब से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, जानें मां दुर्गा के आगमन का संकेत

भारत में हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस साल 2025 में चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है, जो 7 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान देवी दुर्गा (Devi Durga) की पूजा अर्चना की जाती है और भक्त पूरे नौ दिनों तक उपवासी रहकर मां के नौ रूपों की पूजा करते हैं। इस पर्व को विशेष रूप से हिंदू धर्म में महत्व दिया जाता है क्योंकि यह समय देवी के आदिशक्ति स्वरूप की उपासना के लिए समर्पित होता है। चैत्र नवरात्र क्यों मनाए जाते हैं? चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) का पर्व भारतीय पंचांग के अनुसार हर साल बहुप्रतीक्षित होता है। यह पर्व विशेष रूप से हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। इस पर्व के दौरान, भक्त विशेष रूप से देवी दुर्गा की पूजा करते हैं। चैत्र नवरात्र का पर्व बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है, जब धरती हरियाली से आच्छादित होती है और नया जीवन मिलता है। इस दौरान देवी दुर्गा की पूजा से जीवन में समृद्धि, सुख, शांति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शुभ मुहूर्त  चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होती है। साल 2025 में इसकी शुरुआत 30 मार्च को होगी। पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 29 मार्च को शाम 4:27 बजे शुरू होकर 30 मार्च को दोपहर 12:49 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 30 मार्च को ही नवरात्रि की पूजा और कलश स्थापना की जाएगी। यह पर्व 7 अप्रैल को समाप्त होगा, और इसी दिन रामनवमी भी मनाई जाएगी। घटस्थापना समय पंचांग के अनुसार 30 मार्च को घटस्थापना के लिए शुभ समय सुबह 6:13 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना की जा सकती है, जो दोपहर 12:01 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा। इन दोनों शुभ समय में कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों का महत्व चैत्र नवरात्र (Chaitra Navratri) के नौ दिनों में विशेष रूप से मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। यह नौ रूप हैं – शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री। प्रत्येक दिन इन रूपों की पूजा की जाती है और भक्त उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा भाव से अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- इन 3 दिनों तक बंद रहते हैं कपाट, बंटता है अनोखा प्रसाद! नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा विधि चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान विशेष पूजा विधि का पालन किया जाता है। भक्तों को नौ दिनों तक उपवासी रहने की परंपरा है, और इस दौरान वे देवी दुर्गा (Devi Durga) की उपासना करते हैं। इस दौरान शुद्धता बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान रखना होता है। साथ ही, घरों में विशेष रूप से कलश स्थापना की जाती है और मां दुर्गा (Maa Durga) की तस्वीर या मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है। इस दौरान नवरात्रि की आरती और भजन-कीर्तन भी किए जाते हैं। यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news  Chaitra Navratri #ChaitraNavratri2025 #NavratriDates #DurgaPuja #FestivalsOfIndia #Navratri2025 #MaaDurga #HinduFestivals #NavratriCelebration #ChaitraNavratri #DurgaAgman

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Women empowerment scheme

Women’s Day Special: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से शुरू होगा  महिला समृद्धि योजना का रजिस्ट्रेशन

जब भी कोई राजनीतिक दल चुनाव लड़ता है, तो वह जनता के बीच जाकर कई तरह के वादे करता है। इनमें आर्थिक सहायता से लेकर नई योजनाओं की घोषणा तक शामिल होती है। ये वादे चुनावी घोषणा पत्र के माध्यम से किए जाते हैं, जिसमें सरकार बनने के बाद उन्हें लागू करने का आश्वासन दिया जाता है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली में अपनी सरकार बनने के बाद महिलाओं को हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। अब इस योजना से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यह योजना महिला समृद्धि योजना (Mahila Samriddhi Yojana) के नाम से जानी जा रही है, और इसके कार्यान्वयन को लेकर नई घोषणाएं की गई हैं। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं। 8 मार्च को क्या होगा? दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Delhi CM Rekha Gupta) ने हाल ही में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा था कि महिला दिवस (8 मार्च) को महिलाओं के बैंक खातों में ₹2500 की राशि भेजी जाएगी। लेकिन अब इस संबंध में नई जानकारी सामने आई है कि महिला दिवस पर पैसे नहीं भेजे जाएंगे। इसके बजाय, 8 मार्च को इस योजना की आधिकारिक शुरुआत की जाएगी और उसी दिन से पंजीकरण (Ragistration) प्रक्रिया भी शुरू होगी। इससे पहले यह स्पष्ट नहीं था कि महिलाओं को इस योजना का लाभ कैसे मिलेगा और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी। अब दिल्ली सरकार ने यह साफ कर दिया है कि 8 मार्च को विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी और उसी दिन से महिलाएं इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगी। महिला समृद्धि योजना ( Mahila Samriddhi Yojana) के तहत पैसे कब मिलेंगे? अब जब यह स्पष्ट हो चुका है कि 8 मार्च (8 March) को केवल योजना की घोषणा और पंजीकरण शुरू होगा, तो सवाल उठता है कि महिलाओं के खातों में पैसे कब आएंगे? चूंकि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी, इसलिए यह संभावना है कि पंजीकरण पूरा होने के बाद जल्द ही लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है कि महिलाओं को पैसे कब तक मिलेंगे। संभावना है कि रजिस्ट्रेशन पूरा होने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही भुगतान शुरू किया जाएगा। सरकार की ओर से इस संबंध में जल्द ही अधिक जानकारी दी जा सकती है। किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ? महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य दिल्ली की गरीब और मध्यम वर्गीय महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो योग्यता मानदंडों को पूरा करती हैं। पात्र महिलाओं की श्रेणी: आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़: किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा? इसका मतलब यह है कि योजना का उद्देश्य वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं की मदद करना है, और इसे उन महिलाओं के लिए नहीं लागू किया जाएगा जो पहले से किसी अन्य सरकारी सहायता का लाभ ले रही हैं। महिला समृद्धि योजना  (Mahila Samriddhi Yojana) का उद्देश्य क्या है? दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की जा रही महिला समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना उन महिलाओं के लिए फायदेमंद होगी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिन्हें वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। योजना के संभावित लाभ: इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा कैसे करें आवेदन? दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 8 मार्च से शुरू होगी। हालांकि, अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि आवेदन ऑनलाइन होगा या ऑफलाइन। संभावना है कि महिलाएं दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगी, या फिर स्थानीय सरकारी कार्यालयों में जाकर पंजीकरण करा सकेंगी। इस बारे में सभी जरूरी जानकारी महिला दिवस पर दिल्ली सरकार द्वारा जारी की जाएगी। महिला समृद्धि योजना दिल्ली सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। हालांकि, पहले यह कहा गया था कि 8 मार्च को महिलाओं के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे, लेकिन अब स्पष्ट हो चुका है कि इस दिन केवल योजना की आधिकारिक शुरुआत और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। जो महिलाएं इस योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, उन्हें 8 मार्च से आवेदन प्रक्रिया शुरू करनी होगी, जिसके बाद सरकार द्वारा उनका योग्यता परीक्षण किया जाएगा और फिर पात्र महिलाओं को ₹2500 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। महत्वपूर्ण बिंदु: अब सभी की नजरें 8 मार्च पर टिकी हैं, जब दिल्ली सरकार इस योजना के बारे में पूरी जानकारी साझा करेगी। महिलाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता मिलेगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Mahila Samriddhi Yojana #WomensDay #March8 #Delhigovernment #MahilaSamriddhiYojana #BJP

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Punjab National Bank

पंजाब नेशनल बैंक- स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती 2025: वैकेंसी समेत जानें हर जरूरी डिटेल

सरकारी नौकरी पाना सभी का सपना होता है। अगर आप भी बैंक में नौकरी करना चाहते हैं, तो आपके लिए इससे ज्यादा अच्छी खबर कोई नहीं होगी। पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) की ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) पर एक नई नोटिफिकेशन को जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की पोस्ट्स के लिए भर्ती निकाली गयी है। अगर आप भी इस में अप्लाई करना चाहते हैं, तो सबसे पहले इसके लिए फॉर्म भरें। इसके बारे में पूरी जानकारी आपको पंजाब नेशनल बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी। आइए जानें पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती (Punjab National Bank Recruitment for Specialist Officer) के बारे में। पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती (Punjab National Bank Recruitment for Specialist Officer): पाएं जानकारी पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती (Punjab National Bank Recruitment for Specialist Officer) के लिए मिली नोटिफिकेशन के अनुसार इन पोस्ट्स के लिए इच्छुक उम्मीदवार 3 मार्च से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके आवेदन की अंतिम तिथि 24 मार्च है। इसके बाद आप इसके लिए अप्लाई नहीं कर सकते। इन तिथियों को अच्छे से याद कर लें। 3 मार्च से 24 मार्च तक ही इसके लिए आवेदन करें। पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती (Punjab National Bank Recruitment for Specialist Officer) के लिए योग्यता पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की पोस्ट्स के लिए उम्मीदवार के लिए यह जानना बहुत जरूरी है। इन पोस्ट्स के लिए उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा को भी निर्धारित किया गया है। यानी आवेदक की न्यूनतम आयु  21 साल और अधिकतम आयु 38 साल निर्धारित किया गया है। हालांकि, आरक्षित वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा में कुछ छूट दी गयी है। इसके बारे में अधिक जानकारी आपको ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) पर मिल जाएगी। अगर आप इन पोस्ट्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपके लिए संबंधित क्षेत्र में बीटेक, बीई, सीए, पीजीडीएम या एमसीए होना जरूरी है। किन पोस्ट्स पर आप अप्लाई कर सकते हैं?  पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की 350 पोस्ट्स के लिए भर्ती होने वाली है। इनमें  क्रेडिट ऑफिसर,  क्रेडिट ऑफिसर, इंडस्ट्रीज ऑफिसर,सीनियर मैनेजर, इंडस्ट्रीज ऑफिसर,सीनियर मैनेजर आदि शामिल हैं। इसकी डिटेल इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़े: राजस्थान लोक सेवा आयोग में लेक्चरर पदों पर भर्ती: जानें आवेदन करने के लिए क्या है योग्यता? पंजाब नेशनल बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की भर्ती (Punjab National Bank Recruitment for Specialist Officer) के लिए कैसे करें अप्लाई? पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) में स्पेशलिस्ट ऑफिसर की पोस्ट्स की भर्ती के लिए आप इस तरह से अप्लाई कर सकते हैं:  अगर बात की जाए आवेदन शुक्ल की, तो एससी और अन्य आरक्षित उम्मीदवारों के लिए आवेदन करने के लिए महज 59 रुपये का आवदेन शुल्क देना होगा। अन्य कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह आवेदन शुक्ल 1180 रुपये है। तो आज ही इस सुनहरे मौके का लाभ उठाएं और अप्लाई करें। अगर आपके मन में इससे जुडी कोई भी सवाल है तो पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) की ऑफिशियल वेबसाइट (Official website) पर जा कर जानकारी पाएं। Latest News in Hindi Today Hindi news Punjab National Bank #PunjabNationalBankRecruitmentforSpecialistOfficer #PunjabNationalBank #Officialwebsite

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Dates Benefits

खजूर के बेनेफिट्स: रमजान के दौरान स्वास्थ्य और एनर्जी का सबसे अच्छा स्रोत

खजूर (Dates) डेट पाम ट्री का फल है, जो दुनिया के कई टोपिकल क्षेत्रों में उगता है। यह फल पिछले कुछ समय में बहुत लोकप्रिय हुआ है। खजूर (Dates) एक स्वादिष्ट फ्रूट है, जिसे खाने से पूरा दिन एनर्जी मिलती है। रमजान के दौरान यह फूड बहुत प्रचलित है, क्योंकि यह पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है, आसानी से पच जाता है और ऊर्जा प्रदान करता है।इस छोटे, मीठे और स्वादिष्ट फल के कई हेल्थ बेनेफिट्स भी हैं। खजूर में न्यूट्रिएंट्स, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-ट्यूमर कंपाउंड्स होते हैं। इसके साथ ही इसका ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है। आइए जानें रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) के बारे में। रमजान में खजूर के बेनेफिट्सल(Benefits of dates in Ramadan): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार अपनी डायट में खजूर (Dates) को कई तरीकों से शामिल किया जा सकता है। इन्हें खाने का एक लोकप्रिय तरीका, विभिन्न व्यंजनों में इसे प्राकृतिक स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल करना है। ये एक बेहतरीन स्नैक भी है। रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) इस प्रकार हैं: पाचन में बेहतरीन खजूर (Dates) में डाइटरी फाइबर सही मात्रा में होता है। यानी इसके सेवन से आप कब्ज से बच सकते हैं। इसे खाने से बोवेल मूवमेंट सही रहता है और हल्दी गट माइक्रोबायोम मैंटेन रहता है। यानी, इस फल को खाने से गट हेल्थ और डाइजेशन सही रहता है। उपवास के बाद इस फल को खाना पेट को सही रखने में फायदेमंद है। हड्डियां रहे मजबूत खजूर (Dates) में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होते हैं, जो हड्डियों की हेल्थ को सही रखते हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति कम बोन डेंसिटी जैसी समस्या से पीड़ित हो, तो उनके लिए यह फल फायदेमंद है। खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) में यह बहुत महत्वपूर्ण है। एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में करे काम खजूर एक एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट के रूप में काम करता है क्योंकि इसमें फ्लवोनोइड्स और फेनोलिक एसिड होते हैं। नियमित रूप से खजूर (Dates) खाने से गठिया जैसे रोग के कम होने की संभावना बढ़ती है और संपूर्ण स्वास्थ्य सही रहने में सहायता मिलती है। दिमाग के लिए फायदेमंद खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) केवल शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग से भी जुड़े हुए हैं। ऐसा माना गया है कि इसके सेवन से कॉग्निटिव फंक्शन सही रहता है और ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाव में भी मदद मिलती है। खजूर में एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidant) होते हैं जो ब्रेन में ब्लड फ्लो को सुधरने में भी सहायता करते हैं। इसके साथ इससे मेमोरी में भी सुधार होता है। दिमाग की हेल्थ के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है।  डायबिटीज को करे मैनेज खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates) डायबिटीज से भी सम्बन्धित है। हालांकि, खजूर (Dates) मीठा होता है लेकिन इसका ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है। यह फल ब्लड शुगर लेवल को एकदम नहीं बढ़ाता बल्कि धीरे-धीरे बढ़ाता है। यानी यह डायबिटीज से रोगियों के खाने के लिए परफेट है। किडनी की सुरक्षा खजूर पोटैशियम होता है, इसलिए इस फल को किडनी फंक्शन के लिए फायदेमंद माना गया है। किडनी स्टोन और डिजीज से बचाव में भी इसे लाभदायक माना गया है। अगर आपको कोई किडनी सम्बन्धी समस्या है या उम्र के बढ़ने पर किडनी फंक्शन में परेशानी है, तो डेट खाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। स्किन हेल्थ को सुधारे डेट में विटामिन सी, इ के साथ ही अन्य न्यूट्रिएंट्स भी होते हैं, जो स्किन के लिए फायदेमंद हैं। यह फल स्किन को अल्ट्रावॉइलेट रे से बचाने में मदद करता है। यह एजिंग के लक्षणों, फाइन लाइंस, झुर्रियां आदि को भी दूर कर सकता है। इसलिए, स्किन के स्वास्थ्य के लिए भी इसका सेवन किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: ब्लैक कॉफी पीने के 8 अद्भुत फायदे: इसे पीकर करें सुबह की शुरुआत एनर्जी को बढ़ाए रमजान में खजूर के बेनेफिट्स (Benefits of dates in Ramadan) में यह बेहद महत्वपूर्ण है कि यह पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद करता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स और नेचुरल शुगर लेवल अधिक मात्रा में होते हैं। यानी, इसे खाने से पूरा दिन ऊर्जा से भरपूर रहने में मदद मिलती है। इसे रमजान या अन्य व्रत वाले दिनों में खाना हेल्थ के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of dates in Ramadan #BenefitsofdatesinRamadan #benefitsofdates #dates #ramadan

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Dhananjay Munde resigns

Dhananjay Munde resigns : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने आज यानी मंगलवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जल्द ही विधानसभा में इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। धनंजय मुंडे का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ा इस्तीफा धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े घटनाक्रमों के बाद सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें हत्या की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इस हत्या के आरोप में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हत्या की जांच के दौरान यह साफ हुआ कि मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड धनंजय मुंडे के बेहद करीबी सहयोगी थे। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे विपक्ष का दबाव भी बढ़ता गया। इस पूरे मामले के कारण महाराष्ट्र सरकार को धनंजय मुंडे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष ने दिया सरकार को अल्टीमेटम विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। विपक्षी दलों ने ऐलान किया था कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) इस्तीफा नहीं देते, तो वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और हत्या के मुख्य आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। सदन में हंगामे की आशंका के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार रात उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के आवास पर एक बैठक की। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मामले की गंभीरता पर चर्चा की और धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। धनंजय मुंडे पर इस्तीफे का दबाव क्यों बढ़ा? हत्या के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड और धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के करीबी संबंध जगजाहिर हैं। खुद धनंजय मुंडे भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि कराड उनके विश्वासपात्र हैं। जब संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) के चौंकाने वाले सबूत सामने आए, तो धनंजय मुंडे की मुश्किलें बढ़ गईं। क्या है संतोष देशमुख हत्याकांड? संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) बीते साल दिसंबर का है, जब मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख को अगवा कर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अपहरण एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के कारण हुआ था। आरोप है कि संतोष देशमुख ने कंपनी से अवैध वसूली को रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें किडनैप कर लिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के आरोपियों के धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) से करीबी संबंधों की बात सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे धनंजय मुंडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे। सरकार की सख्ती और आगे की कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही संकेत दे दिए थे कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनसीपी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद थे, लेकिन पार्टी की छवि बचाने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। अब जब मुंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना राजनीतिक असर और विपक्ष की रणनीति धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह घटनाक्रम न केवल एनसीपी के लिए एक झटका है, बल्कि भाजपा और शिवसेना के लिए भी एक अवसर हो सकता है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को और उछालने की कोशिश कर सकते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल की छवि को नुकसान पहुंचे। इस बीच, एनसीपी (NCP) को अपनी छवि सुधारने और संगठन को मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक कदम उठाने होंगे। पार्टी नेतृत्व अब यह तय करेगा कि धनंजय मुंडे को आगे क्या भूमिका दी जाए या उनसे पूरी तरह दूरी बना ली जाए। धनंजय मुंडे का इस्तीफा (Dhananjay Munde Resignation) महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ी जांच और विपक्ष के भारी दबाव के चलते मुंडे को पद छोड़ना पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह भुनाने की कोशिश करता है। इस घटनाक्रम से साफ है कि अब महाराष्ट्र में राजनीति (Maharashtra Politics) और भी तीव्र होने वाली है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Dhananjay Munde #SantoshDeshmukhMurder #NCP #MaharashtraPolitics #Dhananjay Munde #Maharashtra #BJP

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Bangladesh's interim leader

Muhammad Yunus statement on India: नरम पड़े मोहम्मद यूनुस के तेवर, भारत को लेकर अचानक दिया बयान, कही यह बड़ी बात

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) के सुर (Muhammad Yunus statement on India) भारत को लेकर बदलते जा रहे हैं। यूनुस भारत के खिलाफ लगातार हमलावर रहे हैं, लेकिन भारत का शिकंजा कसने पर अब उनके बोल बदल गए हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यूनुस ने एक इंटरव्यू में कहा कि “बांग्लादेश के पास भारत से अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और अन्य विकल्प नहीं है। ऐसा इसलिए, क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे पर निर्भर हैं।” हालांकि इस बीच उन्होंने यह भी कहा कि “कुछ दुष्प्रचार ने दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष को जरूर पैदा कर दिया है।” बता दें कि बीबीसी बांग्ला को दिए एक इंटरव्यू में मोहम्मद यूनुस ने उन दुष्प्रचार के स्रोतों का नाम नहीं लिया। अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “बांग्लादेश भारत के साथ अपने संबंध में सुधार करने हेतु गलतफहमी को दूर करने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, यूनुस का यह बयान 3-4 अप्रैल को थाईलैंड में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के आयोजन के एक महीने पहले आया है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के बीच एक द्विपक्षीय बैठक आयोजित हो सकती है।  मोहम्मद यूनुस ने बताया भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India)  इंटरव्यू के दौरान गौर करने वाली अहम बात यह कि मोहम्मद यूनुस ने भारत-बांग्लादेश के रिश्तों को बहुत अच्छा (Muhammad Yunus statement on India) बताया। उन्होंने कहा कि “दोनों देशों के रिश्तों में कोई कड़वाहट नहीं आई है। हमारे संबंध हमेशा अच्छे रहेंगे। वे अभी भी अच्छे हैं और भविष्य में भी अच्छे ही रहेंगे। इस बीच उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बांग्लादेश और भारत के बीच अच्छे संबंध रखने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।” अपनी बात रखते हुए उन्होंने आगे कहा कि “हमारे संबंध बहुत करीबी हैं। हम एक-दूसरे पर बहुत निर्भर हैं। दोनों देश ऐतिहासिक, राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण से इतने करीब हैं कि हम कभी अलग-थलग नहीं रह सकते।” इस बीच मोहम्मद यूनुस ने यह भी कहा कि हालांकि, दोनों देशों के बीच कुछ संघर्ष हुए हैं, जो काफी हद तक दुष्प्रचार के कारण हुए हैं। अब दूसरे लोग यह तय करें कि दुष्प्रचार करने वाले कौन हैं। लेकिन इस दुष्प्रचार के नतीजा यह हुआ है कि दोनों देशों के बीच गलतफहमी पैदा हो गई। हम उन सभी गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।  इसे भी पढ़ें :– अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं दरअसल, पिछले साल बांग्लादेश में हुए आरक्षण विरोधी उग्र छात्र आंदोलन के चलते बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उसके बाद से मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार का गठन होता है। इसके बाद से मुट्ठीभर कट्टरपंथियों द्वारा बांग्लादेश में रह रहे अल्संख्यक के न सिर्फ घरों को बल्कि मंदिरों को जानबूझकर निशाना बनाया जाने लगा। इस बीच आगजनी और लूटमार की कई घटनाएं आये दिन घट रही हैं लेकिन मोहम्मद यूनुस की सरकार है कान में तेल डाले बैठी है। इस बीच जब से भारत सरकार ने शिकंजा कसना शुरू किया है तब से मोहम्मद यूनुस के सुर बदले-बदले (Muhammad Yunus statement on India) से नजर आ रहे हैं। यह कह लें कि भारत को लेकर उनकी अकड़ ढीली होती देखी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Muhammad Yunus statement on India #MuhammadYunus #BangladeshIndiaRelations #FairDiplomacy#NobelLaureate #SheikhHasina #SouthAsiaPolitics #YunusStatement #BangladeshInterimGovt #EquitableRelations #IndiaBangladesh

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Election Fraud India

Voter List Scam: कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप

एक के एक बाद लगातार कई राज्यों में चुनाव जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस लंबे अरसे से एवीएम से छेड़छाड़ (Voter List Scam) जैसे कई गंभीर आरोप लगाती आ रही है।  पहले एवीएम और अब मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भगवा पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर पहले मतदाता सूची में हेरफेर करती है और फिर चुनाव जीतती है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि वह इसका समाधान कानूनी, राजनीतिक एवं अन्य तरीकों से निकालने की कोशिश करेगी।  जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने एक ही पहचान संख्या वाले कई मतदाताओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि “पार्टी इस मुद्दे को ऐसे ही जाने नहीं देगी क्योंकि इससे देश के चुनावी लोकतंत्र को गंभीर खतरा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं और विशेषज्ञों के अधिकार प्राप्त कार्य समूह (ईगल) ने एक बयान में कहा कि “यह चुनावी लोकतंत्र के रूप में भारत के विचार के लिए एक गंभीर खतरा है। यह राजनीतिक दलों और राजनीति से परे है। बाबासाहेब आंबेडकर ने चुनावों में विधायिका के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस इस मुद्दे को मिटने नहीं देगी और वह कानूनी, राजनीतिक, विधायी तथा किसी भी अन्य माध्यम से समाधान की तलाश में सक्रिय रूप से काम कर रही है।” बता दें कि इस समूह में अभिषेक सिंघवी, पवन खेड़ा, अजय माकन, दिग्विजय सिंह, नितिन राउत, गुरदीप सिंह सप्पल और वामशी चंद रेड्डी शामिल हैं। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं (Voter List Scam) के लिए किया जा रहा है कोंग्रेसी समूह ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर (Voter List Scam) में सहभागी है। और यह दावा भी किया कि इस मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पूरे मामले पर समूह ने कहा कि “एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं के लिए किया जा रहा है, चाहे वे एक ही राज्य के एक ही निर्वाचन क्षेत्र के हों या दूसरे राज्यों के। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला है। प्रत्येक भारतीय मतदाता के लिए एक अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र एक स्वच्छ मतदाता सूची की मूलभूत आवश्यकता और आधार है। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या वाले कई मतदाता एक ही पंजीकरण संख्या वाले कई वाहनों की तरह विचित्र हैं। किसी भी चुनावी लोकतंत्र में ऐसा सुनने में नहीं आता है।” गौरतलब हो कि दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताओं और असामान्य स्थितियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि यह तार्किक और सांख्यिकीय दोनों तरह से बेतुका है कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (40 लाख) ज्यादा नए मतदाता पंजीकृत किए, जबकि 2019 और 2024 के बीच पूरे पांच साल की अवधि में (32 लाख) इतने मतदाता पंजीकृत नहीं किए गए।”   इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में उठाया था चुनावों में धांधली (Voter List Scam) का मुद्दा  बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह मुद्दा (Voter List Scam) उठाया था। हालांकि इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी बुलाया था। इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने बयान में कहा कि “निर्वाचन आयोग की चुप्पी ने मतदाता सूची में हेराफेरी में उसकी मिलीभगत को और पुख्ता किया है। जब कई मतदाताओं द्वारा एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के सबूत सामने आए, तो आयोग ने शुरू में यह दावा किया कि एक मतदाता पहचान पत्र संख्या सभी राज्यों में हो सकती है, लेकिन यह किसी एक राज्य के लिए अलग होती है।” उन्होंने कहा कि “यह भी एक सरासर झूठ निकला, क्योंकि एक ही राज्य और एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदाताओं द्वारा एक ही पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद इस पर चुप्पी साध ली गई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Voter List Scam #VoterListScam #CongressVsBJP #ElectionFraud #IndianPolitics #VoteTampering #BJPCongressClash #ECUnderFire #ElectionScam #DemocracyAtRisk #PoliticalControversy

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Trump suspends Ukraine aid: अमेरिका ने यूक्रेन को दिया बड़ा झटका, सैन्य सहायता पर लगाई गई रोक

पिछले 3 वर्षों से भी अधिक समय से रूस और यूक्रेन के बीच खूनी जंग जारी है। अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में जल्द से जल्द जंग को रुकवाना चाहते हैं। यही नहीं, वो इस हेतु हर संभव प्रयास भी कर रहे हैं। इसी सिलसिले में हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बैठक भी हुई थी। उम्मीद थी कि इस बैठक में कोई न कोई हल निकाल लिया जायेगा। हल तो निकलना दूर की बात दोनों में आपस में ही तू-तू, मैं-मैं हो गई। हैरत यह कि इस बैठक में राष्ट्रपति अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वांस और वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच बुरी तरह से बहस हो गई थी। हालांकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी चैनल को दिए एकसाक्षात्कार में ट्रंप के साथ अभद्र व्यवहार करने के लिए ज़ेलेंस्की से माफ़ी मांगने को कहा था। लेकिन उन्होंने से साफ इंकार कर दिया था। कहने की जरूरत नहीं, इस बहस के बाद डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह झल्लाए हुए हैं। अपनी इसी झल्लाहट के ही चलते यूक्रेन को सबक सिखाने के लिए उन्होंने यूक्रेन को बड़ा झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक, अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता पर रोक (Trump suspends Ukraine aid) लगा दी है। दरअसल, एपी द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ शांति वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से ओवल ऑफ़िस की एक बुरी बैठक के बाद यूक्रेन को अमेरिकी सहायता पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।” ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद अमेरिकी ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने (Trump suspends Ukraine aid) का दिया आदेश  अमेरिकी और यूक्रेन के तनाव के बीच सोमवार को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि” राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ हुई बहस के बाद यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने का आदेश दिया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि “राष्ट्रपति ने साफ किया कि उनका ध्यान शांति पर है। अपने भागीदारों से भी उस लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध होने की आवश्यकता है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी सहायता रोक (Trump suspends Ukraine aid) रहे हैं। और इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि यह पीस डील में मदद करेगा।” एक अन्य अधिकारी ने बताया कि “यह रोक उन सभी सैन्य उपकरणों पर लागू होगी जो अभी यूक्रेन को दिए नहीं गए हैं। जो हथियार यूक्रेन को अमेरिका की ओर से पहले मिल चुके हैं, अभी भी वह उनका इस्तेमाल कर सकता है।”  इसे भी पढ़ें :– भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बनी बात, साल के अंत तक होगा अमल यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का है हिस्सा  बता दें कि ब्लूमबर्ग न्यूज और फॉक्स न्यूज ने सोमवार को ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप तब तक सभी सहायता रोक देंगे जब तक कि कीव शांति के लिए बात करने के लिए प्रतिबद्धता न दिखाए। ट्रंप ने ये आदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ज़ेलेंस्की पर आरोप लगाने के कुछ घंटों बाद दिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया था कि जेलेंस्की “जब तक अमेरिका का समर्थन उनके साथ है, वो शांति नहीं चाहते हैं।” सीएनएन के मुताबिक यूक्रेन की सैन्य मदद रोकना (Trump suspends Ukraine aid) ट्रंप की यूक्रेन पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ट्रंप को लगता है कि सहायता रोकने के बाद जेलेंस्की फिर समझौता करने के लिए तैयार होंगे। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने यूक्रेन को दी जाने वाली मदद पर रोक लगा दी है तो वहीं दूसरी तरफ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे के बाद अमेरिका ने इजराइल को दी जाने वाली मदद बढ़ा दी है। यही नहीं, बाइडेन प्रशासन में हथियारों की सप्लाई पर लगाए आर्जी प्रतिबंध को भी हटा दिया है। अमेरिका की इस पहल से गदगद नेतन्याहू ने ट्रंप का धन्यवाद किया है और अमेरिका को अपने सच्चा साथी बताया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump suspends Ukraine aid #TrumpUkraineAidPause #USMilitaryAidSuspension #ZelenskyPeaceTalks #USUkraineRelations #TrumpForeignPolicy #UkraineRussiaConflict #MilitaryAidReview#PeaceNegotiations #USForeignAssistance #GeopoliticalTensions

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Husband murder for insurance

Husband murder for insurance: 1 करोड़ के इंश्योरेंस की रकम पाने के लिए पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर की अपने ही पति की हत्या

पैसा इंसान की नीयत ख़राब कर देता है। बहुत मुमकिन है कि कभी-कभी पैसों की लालच में आकर अपने सगे रिश्ते ही खून के प्यासे हो जाते हैं। कई मामले ऐसे भी देखे गए हैं जहां चंद पैसों की लालच में सगे खून ने ऐसा रंग बदला कि समूची इंसानियत ही शर्मसार हो उठी। ऐसा ही एक मामला हुआ है महाराष्ट्र के सांगली जिले में, जहाँ एक करोड़ रुपये की बीमा राशि के लिए पत्नी ने बेटे और एक साथी के साथ मिलकर अपने ही पति को ही (Husband murder for insurance) मौत की नींद सुला दिया। सोचने वाली बात यह कि यह हत्या पति के एक करोड़ रुपये के बीमा को हथियाने के लिए की गई। दोनों मां बेटे को मौत को दुर्घटना बताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान वनिता बाबूराव पाटिल, उसके बेटे तेजस बाबूराव पाटिल और उसके मित्र भीमराव गणपतराव हुलवान के रूप में हुई है। 1 मार्च को इन्हें पुलिस ने सांगली से गिरफ्तार किया था। इस मामले पर सहायक पुलिस इंस्पेक्टर अमोल शिवशरण ने कहा कि “हालाँकि वनिता अपराध स्थल पर नहीं थी, लेकिन उसने ही योजना बनाई थी।” वनिता अपने पति पर आत्महत्या (Husband murder for insurance) का दबाव बनाने लगी बता दें कि पूरा मामला बीमा राशि के लिए किये कत्ल से जुड़ा है। दरअसल, 56 वर्षीय बाबूराव पाटिल पर 50 लाख रुपये का कर्ज था, जिसमें एक होम लोन भी शामिल था। अक्सर देनदार तकाजा करने घर आया करते थे। इस दरम्यान जब बैंक ने नीलामी नोटिस जारी कर दिया। रोज-रोज के तकाजे और बैंक की नोटिस से पत्नी वनिता और बेटा तेजस दोनों परेशान हो चुके थे। वो किसी भी तरह से इस कर्ज से मुक्त होना चाहते थे। आखिर समाज में उनकी अपनी इज्जत धूमिल जो हो रही थी। इस दरम्यान उन्हें अपने पति के इन्सुरेंस पॉलिसी के बारे में पता चला। उन्हें यह भी पता चला कि इन्सुरेंस के रकम करोड़ों में है। बता दें कि बाबूराव के पास चार बीमा पॉलिसियाँ थीं, जिनमें एक 1 करोड़ रुपये की टर्म प्लान भी शामिल थी। फिर क्या था, अपनी झूठी साख को बचाने के लिए एक दिन पत्नी वनिता बाबूराव से कहती है कि “वो आत्महत्या (Husband murder for insurance) कर ले। इससे हम कर्ज से मुक्त हो जाएंगे।” लेकिन पति ने उसे अनसुना कर दिया।  पति द्वारा अनदेखा किए जाने से वनिता नाराज थी (Husband murder for insurance) अब वो आये दिन बाबूराव पर आत्महत्या करने के लिए दबाव बनाने लगी। वो दबाव तो बना रही थी लेकिन बाबूराव था कि हर बार अनदेखा किए जा रहा था। पति द्वारा इस तरह अनदेखा किए जाने से वनिता क्रोधित हो उठी। और इस बीच उसने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने ही पति को ठिकाने लगाने की साजिश बनाने लगी। चूँकि वनिता कोई पेशेवर कातिल तो थी नहीं। उसे यह भी पता था कि यह काम अकेले माँ-बेटे के बस का नहीं है। इस काम में एक और शख्स की आवश्यकता होगी। सो, इस काम के लिए उसने अपने बेटे के दोस्त भीमराव गणपतराव हुलवान को पैसों का लालच देकर राजी किया। फिर तीनों ने मिलकर एक्सीडेंट (Husband murder for insurance) दिखाने की साजिश रचने लगे।  बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसे कार से कुचल (Husband murder for insurance) दिया इस बीच वनिता रोज-रोज बाबूराव पर आत्महत्या करने हेतु दबाव बनाने लगी। पैसों के खातिर पत्नी यह रवैया देख बाबूराव टूट गया और हाईवे पर जाकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की। लेकिन वो असफल रहा। इस बीच 10 फरवरी की रात 2 से 3 बजे के बीच मिरज-पंढरपुर हाईवे स्थित लांडेवाड़ी के पास उसके अपने बेटे तेजस और उसके मित्र ने उसके सर को डिवाइडर पर इतने जोर से पटका कि उसकी मौत (Husband murder for insurance) हो गई। इसके बाद दोनों घटनास्थल से फरार हो गए। ऐसा इसलिए ताकि पुलिस इसे एक्सीडेंट समझकर मामला रफादफा कर दे। अगले दिन सुबह बाबूराव पाटिल का शव आर्या होटल के पास उसके भाई सागर पाटिल को मिला। भाई को इस तरह जख्मी हालत में देख उसने आनन-फानन में उसे नजदीकी हॉस्पिटल ले गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस बीच डॉक्टरों ने घटना की सूचना पुलिस और उसके परिजनों को दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे एक्सीडेंट ही मानकर चल रही थी। इस संबंध में पुलिस ने मृतक के परिवार वालों से पूछताछ शुरू कर दी। सबके बयान से तो पुलिस संतुष्ट दिखी, लेकिन माँ-बेटे के गुमराह करने वाले बयान ने पुलिस को शक करने पर मजबूर कर दिया। पुलिस की पहली शक की सुई माँ-बेटे पर ही गई।  इसे भी पढ़ें:- इस वजह से हुई कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या, आरोपी ने खोले कई राज़ शुरुआती जांच में माँ-बेटे ने किया पुलिस को गुमराह (Husband murder for insurance) दरअसल, दोनों ने पुलिस को बताया कि घटना के दिन वे कराड में थे। खैर, पुलिस ने फिर से ज़ेरोईन करना शुरू किया। इसी बीच पुलिस मोबाइल के कॉल रिकार्ड्स, मोबाइल के लास्ट लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया। फिर उनके हाथ ऐसा सुराख़ लगा कि पुलिस ने एक बार फिर माँ-बेटे को पूछताछ के लिए बुलाया। और इस बात सख्ती से पूछताछ की। जब पुलिस ने उन्हें कॉल डिटेल्स और लोकेशन दिखाई तो माँ-बेटे दंग रह गए। थोड़ी ही देर में उन्होंने अपना जुर्म कुबूल कर लिया। इसके बाद सांगली पुलिस ने मृतक बाबूराव की पत्नी वनिता, बेटे तेजस और उसके साथी भीमराव को हत्या और हत्या की साजिश रचने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के मुताबिक तीनों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Husband murder for insurance #InsuranceMurder #CrimeForMoney #HusbandMurder #ShockingCrime #FamilyBetrayal #CrimeNews #InsuranceFraud #TrueCrime #MurderMystery #JusticeForVictim

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