Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों कहा “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है”

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के देशों में भेजा जा रहा है। यह मिशन न केवल पाकिस्तान की नापाक इरादे को उजागर कर रहा है बल्कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को भी मजबूती दे रहा है। और अब इसी संदर्भ में एक राजनीतिक विवाद सुर्ख़ियों में है। दरअसल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की द्वारा कही बात सुर्ख़ियों में है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने लिखा था पत्र  भोपाल के कांग्रेस नेता और विधायक आरिफ मसूद (Congress Leader Arif Masood) ने कुछ दिन पहले चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यह लिखा गया था कि ओवैसी के विदेश दौरे पर जा रहे सांसदों को कहा कि वे केंद्र सरकार से साफ करें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में दिए गए विवादित बयान पर यदि विदेशों में सवाल उठे तो उसका जवाब क्या दिया जाए। उनका तर्क था कि विदेशों में भारत की छवि पर असर न पड़े, इसलिए पहले से स्पष्टीकरण होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार अब इसी विषय पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और ओवैसी ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि  “दुनिया में कोई ऐसा माई का लाल पैदा  नहीं हुआ, जिसके सवाल का जवाब अल्लाह और उसके रसूल के सदके में ओवैसी न दे सके।” ओवैसी ने आरिफ मसूद को ‘छोटा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह पूरी बेबाकी से हर मंच पर जवाब देने को तैयार हैं।  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार भी उनकी बेबाकी की कद्र करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है।” उनका इशारा था कि हर दल उनके निर्णयों पर टिप्पणी कर रहा है, मानो वे किसी के अपने नहीं। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारतीय राजनीति में एक प्रखर और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। AIMIM की स्थापना उनके दादा अब्दुल वहीद ओवैसी ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय पहचान असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मिली। वे हमेशा से मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को संसद और अन्य मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। उनकी पार्टी AIMIM ने हैदराबाद के बाहर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। हालांकि उन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उनकी राजनीति ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है, लेकिन ओवैसी हमेशा यह कहते आए हैं कि वे सिर्फ संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर जब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जाती है, तब असली फोकस छूटने लगता है। आरिफ मसूद की चिंता अपनी जगह वाजिब हो सकती है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में  असदुद्दीन ओवैसी  (Asaduddin Owaisi) एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने विचारों को स्पष्ट और निर्भीकता से रखने से नहीं चूकते। उनकी यही शैली उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है – चाहे वह संसद हो या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच। Latest News in Hindi Today Hindi news Asaduddin Owaisi  #AsaduddinOwaisi #Congress #ArifMasood #OperationSindoor

आगे और पढ़ें
buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

आगे और पढ़ें
Easy tips to avoid heat

गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां

गर्मी का मौसम (Summer season) अपने साथ कई परेशानियों को ले कर आता है। डिहाइड्रेशन (Dehydration), सनबर्न, हीटस्ट्रोक ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गर्मी के मौसम में संभावना बढ़ जाती है। अधिक देर तक गर्मी (Heat) में रहना और अधिक फिजिकल एक्टिविटीज हीट सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दौरान अत्यधिक हीट शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्मी (Heat) से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स का पालन करें। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat in Summer season) नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority) के अनुसार हलके और कॉटन के कपडे पहनने से आप गर्मी (Heat) से कुछ हद तक बच सकते हैं। इसके साथ ही घर से बाहर जाते हुए पूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है। गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए ठंडा और हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक है। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं: धूप से बचें हाइड्रेट रहें गर्मी का मौसम (Summer season) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके खुद को ठंडा रखें। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं:  तरल पदार्थों का सेवन करें  गर्म मौसम में जितना हो सके कैफीन से दूर रहें और अधिक से अधिक पानी पीएं। नारियल पानी और जूस भी आप पी सकते हैं। ठंडे और गर्म दोनों पेय पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। लेकिन, अधिक चाय और कॉफी पीने से बचें। जितना हो सके एल्कोहॉल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। हेल्दी और हल्का आहार खाएं गर्म के मौसम में हल्का, बैलेंस्ड और हेल्दी मील लेना चाहिए। ऐसे फूड्स का अधिक सेवन करें जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे स्ट्राबेरीज, खीरा, तरबूज आदि। इनसे भी गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में दोपहर में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही आप अपनी रूटीन में कोई बदलाव न करें। लेकिन, इस दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन के ऐसे समय में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें जब गर्मी (Heat) का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration), हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।  घर को रखे ठंडा गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही जरूरी है कि आप घर पर रहें और घर को ठंडा रखें। इससे न केवल आप आरामदायक महसूस करेंगे बल्कि कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। घर को ठंडा रखना तब और भी मुश्किल हो सकता है जब गर्मी (Heat) अधिक हो। इसके लिए अपनी खिड़कियों, पर्दो आदि को बंद रखें, प्रभावी रूप से पंखों का इस्तेमाल करें आदि।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Easy tips to avoid heat #Easytipstoavoidheat #summerseason #summer #heat #dehydration

आगे और पढ़ें
Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

आगे और पढ़ें
Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

आगे और पढ़ें
Oral health In Women

महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है खराब ओरल हेल्थ: स्टडी

लोग अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बात करते है, लेकिन ओरल हेल्थ (Oral health) को अधिकतम नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओरल हेल्थ सबके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर वो चाहे महिला हो या पुरुष। महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) उनके पूरे जीवन में हॉर्मोनल फ्लेक्च्युएशन से काफी प्रभावित होती है, खासतौर पर यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि में। इस दौरान मसूड़ों से संबंधित बीमारियों और अन्य मौखिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं में ओरल हेल्थ बोन हेल्थ, माइग्रेन से संबंधित है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में।  महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): पाएं जानकारी इलिनोइस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ (Illinois Department of Public Health) ले अनुसार महिलाएं अपने पूरे जीवन हॉर्मोनल बदलावों का अनुभव करती रहती हैं। कुछ खास स्टेजेज के दौरान उन्हें खास ओरल हेल्थ (Oral health) की जरूरत होती है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक स्टडी यह बताती है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से महिलाओं को माइग्रेन और बॉडी पेन का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में की गयी इस स्टडी के बारे में। महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): क्या कहती है स्टडी? हाल ही में की एक स्टडी में यह पाया गया है कि महिलाओं की खराब ओरल हेल्थ (Oral health) उनमें माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है। इस स्टडी में खास ओरल माइक्रोब्स और कई पेन कंडीशंस के बीच में संबंध पाया गया है इस स्टडी में 67 महिलाएं शामिल थी, जिनमे से कुछ महिलाओं को फाइब्रोमायल्जिया था। फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसके कारण मांसपेशियों में दर्द, थकावट और नींद में समस्या जैसी परेशानियां होती है। इस स्टडी के रिजल्ट्स में यह पाया गया कि खराब ओरल हेल्थ वाली महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन की संभावना अधिक थी।  इस स्टडी के अनुसार जिन महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) सही नहीं है, उनमें चार ओरल माइक्रोबियल स्पीशीज की मात्रा अधिक होती है जो उम्र के बढ़ने के साथ दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसलिए, शोधकर्ता नियमित रूप से अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आइए जानें ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है?  अगर आप समूर्ण रूप से हेल्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी ओरल हेल्थ (Oral health) का भी ध्यान रखें। ओरल हेल्थ (Oral health) को हेल्दी बनाये रखने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk Oral health #Oralhealth #women’soralhealth #bodypain #migraine #Linkbetweenwomen’soralhealthandbodypainandmigraine

आगे और पढ़ें
OnePlus 13T and OnePlus 13

OnePlus 13T and OnePlus 13 में अंतर: जानिए कौन सा स्मार्टफोन है आपके लिए बेहतर?

वनप्लस एक चाइनीज स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2013 में हुई थी। यह कंपनी स्मार्टफोन बनाने में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अन्य स्मार्टफोन कंपनीज की तरह यह कंपनी में समय-समय पर नए प्रोडक्ट्स लांच करती रही है। हाल ही में इस कंपनी ने वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) लांच किया है। यह फोन अभी चाइना में ही लांच हुआ है। लेकिन, यह एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन है जो कई नए फीचर्स के साथ उपलब्ध है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फोन के फीचर्स वनप्लस 13 (Oneplus 13) के जैसे हैं। आइए जानें वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) के बारे में। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13): पाएं जानकारी वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) और वनप्लस 13 (Oneplus 13) के कुछ फीचर एक जैसे हैं, लेकिन इनमें कुछ अंतर भी हैं। वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) इस प्रकार है: डिस्प्ले  अगर बात की जाएं वनप्लस 13 (Oneplus 13) की डिस्प्ले की, तो वनप्लस 13 का यह 6.82 इंच है लेकिन वनप्लस 13टी की डिस्प्ले इससे थोड़ी छोटी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) के डिस्प्ले का साइज 6.32 इंच है। वहीं वनप्लस 13 का डिस्प्ले रिजोल्यूशन भी 13टी से अधिक है। कैमरा वनप्लस 13 में ट्रिपल कैमरा है,जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर, 50 मेगापिक्सेल का टेलीफोटो लेंस और 50 मेगापिक्सेल का अल्ट्रा-वाइड-एंगल शूटर है। वनप्लस 13 (Oneplus 13) में  ड्यूल कैमरा है, जिसमें 50 मेगापिक्सेल का प्राइमरी सेंसर और 50 मेगापिक्सेल का 2x टेलीफोटो लेंस है।  बैटरी वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13) में बैटरी भी शामिल है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी वनप्लस 13 से बड़ी है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की बैटरी 6260mAh की है लेकिन वनप्लस 13 में 6000mAh की बैटरी है। यही नहीं, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में वायरलेस चार्जिंग है लेकिन दूसरे नए फोन में वायरलेस चार्जिंग नहीं है। वेट वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) दूसरे फोन (Phone) के मुकाबले अधिक हल्का और पतला है। इसका वेट केवल 185 ग्राम है और मोटाई  8.15mm है। वहीं दूसरी और वनप्लस 13टी का वजन 210 ग्राम है और मोटाई 8.5mm है। एक और अंतर यह भी है कि वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। लेकिन, वनप्लस 13 (Oneplus 13) में अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म प्राइस अगर बात की जाए दोनों स्मार्टफोन्स की कीमत की, तो वनप्लस 13टी. वनप्लस 13 (Oneplus 13) के मुकाबले बहुत सस्ता है। वनप्लस 13टी (Oneplus 13T) की कीमत है ₹39,990 है और वनप्लस 13 का प्राइस ₹66,998 है। यह तो थे वनप्लस 13टी और वनप्लस 13 के बीच में अंतर (Difference between OnePlus 13T and OnePlus 13)। इन दोनों में कुछ समानताएं हैं लेकिन बहुत से अंतर भी हैं। आप अपनी सुविधानुसार मनचाहा मोबाइल फोन चुन सकते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi   #Smartphone #DifferencebetweenOnePlus13TandOnePlus13 #OnePlus13T #OnePlus13

आगे और पढ़ें
Woman dies from wrong pill

Wrong Medicine Kills Woman: दांत दर्द से राहत के लिए मांगी थी दवा, दुकानदार ने दी सल्फास की गोली, महिला की हुई मौत 

अक्सर दर्द होने पर हम नजदीकी मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक दवा लेते हैं। देश में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें न तो दवा का नाम पढ़ने आता है और न उन्हें यह पता होता है कि कौन सी दवा किस काम की होती है। उन्हें तो बस दवा का रंग याद रहता है कि पीली वाली दवा खाने से पेट दर्द से राहत मिलती है और सफ़ेद दवा खाने से सिर दर्द से। ऐसे में यदि किसी के दांत में दर्द हो और दवा लेने मेडिकल स्टोर जाए और दांत दर्द की दवा की जगह यदि कोई मेडिकल वाला सल्फास की दवा दे दे तो क्या कहियेगा? निश्चित ही यह अचम्भित करने वाली बात है। यह कोई कहानी नहीं बल्कि एक सच घटना है। घटना है, मध्य प्रदेश के झबुआ जिले की, जहाँ एक मेडिकल वाले ने एक महिला को जाने अनजाने में दर्द की दवा की जगह सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी। और तो और अनजान महिला ने उसे दांत दर्द की दवाई समझकर खा लिया और उसकी मौत हो गई। मामला, प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए। इस बीच मेडिकल स्टोर पर दवाई बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।  प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की हुई  (Wrong Medicine Kills Woman) पुष्टि  झाबुआ के पुलिस अधीक्षक पदम विलोचन शुक्ल के मुताबिक, “पुलिस ने दुकान मालिक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।” इस पूरे मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि “जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर धरमपुरी गांव की निवासी रेखा बृहस्पतिवार शाम को थांदला गेट के पास एक मेडिकल स्टोर गई थी और दांत दर्द से राहत के लिए दवा मांगी थी। दुकान के विक्रेता ने उसे सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी, जिसे उसने उसी रात घर पर खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।” पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘परिवार ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और दुकान के मालिक लोकेंद्र बाबेल (52) को गिरफ्तार कर लिया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर (Wrong Medicine Kills Woman) रहा है पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि दुकान में सल्फास की गोलियां (Wrong Medicine Kills Woman) क्यों रखी गई थीं। फ़िलहाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर रहा है। महिला को गोलियां देने वाले विक्रेता को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।” मामला उजागर होने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि भला कोई इतनी लापरवाही कैसे कर सकता है? वो भी ऐसी लापरवाही कि किसी की जान ही चली जाए। कुछ का तो कहना है कि उन्होंने इस तरह की लापरवाही कभी देखी नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #WrongMedicine #MedicalNegligence #SulphosTablet #ToothacheTragedy #PharmacyError #AccidentalPoisoning #NewsUpdate #IndiaNews #HealthAlert #DrugMixup

आगे और पढ़ें
Apple iPhone India production

Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy: ट्रंप की धमकी रही बेअसर, भारत में बना आईफोन ही खरीदेगा अमेरिका

ऑपरेशन सिंदूर से पस्त हुए पाकिस्तान सीज फायर के लिए राजी हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने सामने से भारत के डीजीएमओ को कॉल कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। तब जाकर भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हुआ था। यह खबर भारतीय मीडिया में आती कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद ही इस सीजफायर का श्रेय लेकर वाहवाही लूटी थी, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के खुलासे के बाद ट्रंप ने खुद अपने इस दावे से पल्ला झाड़ लिया था। मजबूरन यू टर्न लेने के बाद खार खाये ट्रंप ने भारत में एपल के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। ट्रंप नहीं चाहते कि एपल भारत में आईफोन का प्रोडकशन (Trump Apple warning) करें। गौर करंव वाली बात यह कि ट्रंप यहाँ भी शर्मिंदगी का सामना (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) करना पड़ा। ट्रंप की लाख नाराजगी के बावजूद टिम कुक का मेन फोकस इस सबसे परे अपकमिंग आईफोन सीरीज पर ही है। अमेरिकी मार्केट के लिए आईफोन (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) भारत से नहीं मंगवाए- ट्रंप  दरअसल, कतर दौरे पर गए ट्रंप ने एपल के सीईओ टिम कुक को कुछ ऐसा कहा जिससे दुनियाभर में हड़कंप मच गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका के मार्केट के लिए आईफोन भारत से नहीं मंगवाए (Trump Apple warning) जाएं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन का प्रोडक्शन अमेरिका में ही हो। एपल ने ट्रंप सरकार को कहा कि “कंपनी अगले चार साल में अमेरिका में 500 अरब डॉलर का इंवेस्टमेंट करेगी।” इसी कड़ी में एपल ह्यूस्टन में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाने वाली है। खबर है कि वहां पर सर्वर बनाए जाएंगे।  एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की (Apple India plant) बना रहा है योजना  जानकारी के मुताबिक एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना (Apple India plant) बना रहा है। खबर है कि भारत में बने आईफोन 17 Pro मॉडल को अमेरिका में भी बेचा जाएगा। गौरतलब हो कि अमेरिका में अधिकतर लोग एपल के प्रो मॉडल्स को खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, एप्पल ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये ट्रायल चल रहा है और ये दोनों कंपनियां एपल के बड़े मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हैं। हालाँकि एपल को उम्मीद है कि साल 2026 तक अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन मेड इन इंडिया होने वाले हैं। हालांकि देखना ये बड़ा दिलचस्प होगा कि ट्रंप के बयान के बाद क्या इस प्लानिंग में कोई बदलाव आता है या नहीं, लेकिन इससे एक बात तो बड़ी साफ हो गई है कि एपल अपकमिंग आईफोन सीरीज को भारत में (India-made iPhone) बनाने की तैयारी कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार किया है (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) बदलाव  गौर करनेवाली बात यह कि टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार बदलाव किया है। चीन में भी कुछ चीजों पर टैक्स काफी कम (Apple India plant) हो गया है। ऐसे में कंपनी इस इंतजार में है कि आगे चलकर अमेरिका क्या फैसला लेता है? फ़िलहाल कंपनी भारत से अमेरिका में आईफोन सप्लाई करने और भारत में बड़े लेवल पर प्रोडक्शन शुरू करने से पहले इंतजार कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Apple warning #AppleIndia #TrumpNews #iPhoneMadeInIndia #AppleStrategy #TechNews #iPhoneExport #MakeInIndia #FoxconnIndia #AppleVsTrump #GlobalTechShift

आगे और पढ़ें
Neeraj Chopra Doha 2025

Neeraj Chopra breaks records: दोहा डायमंड लीग में गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास, पहली बार 90 मीटर से दूर फेंका भाला

भारत के गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। दो ओलंपिक पदक जीत चुके 27 वर्ष के चोपड़ा ने अपने करियर के बेस्ट स्कोर (Neeraj Chopra breaks records) किया है। दरअसल, नीरज ने दोहा डायमंड लीग 2025 में 90.23 मीटर का भाला फेंककर नया राष्ट्रिय रिकॉर्ड बना दिया है। यह पहली बार है जब नीरज ने 90 मीटर का आंकड़ा पार किया है। कहने की जरूरत नहीं यह उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। बता दें कि इस लीग में उन्होंने अपने पहले प्रयास में 88.44 मीटर का थ्रो फेंका था। उनका दूसरा थ्रो फाउल रहा। अपने तीसरे प्रयास में 90.23 मीटर का जेवलिन थ्रो फेंककर उन्होंने अपनी जीत लगभग तय कर ही ली थी, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने आखिरी प्रयास में 91.06 मीटर का भाला फेंक दिया। और इसके साथ ही नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया तो वहीं, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 84 . 65 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। यही नहीं, भारत के एक और खिलाड़ी किशोर जेना, इस जेवलिन थ्रो इवेंट में 8वें नंबर पर रहे। किशोर ने अपना बेस्ट स्कोर 78.60 मीटर का भाला फेंककर दिया।  मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए (Neeraj Chopra breaks records) रखना है- नीरज चोपड़ा  खैर, इस कारनामे के बाद नीरज (Neeraj Chopra breaks records) ने कहा कि “मैं 90 मीटर की बाधा पार करके बहुत खुश हूं लेकिन यह खट्टा मीठा अनुभव रहा।” उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे कोच जान जेलेंजी ने कहा कि आज मैं 90 मीटर पार कर सकता हूं। हवा ने मदद की और मौसम थोड़ा गर्म होने से भी मदद मिली। मैने जूलियन से भी कहा था कि हम 90 मीटर थ्रो कर सकते हैं। मैं उसके लिये बहुत खुश हूं।” उन्होंने आगे कहा कि “मेरा मानना है कि आने वाले टूर्नामेंटों में इससे आगे का थ्रो कर सकता हूं। हम कुछ पहलुओं पर काम करेंगे और इस सत्र में फिर 90 मीटर पार करेंगे।” अपने अगले लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर चोपड़ा ने कहा कि “मेरा अगला लक्ष्य सिर्फ 90 मीटर की दूरी को बनाए रखना है। मेरा मानना ​​है कि मैं और दूर तक फेंकने के लिए तैयार हूं। यह एक लंबे सत्र की शुरुआत है। मुझे बहुत खुशी है कि जान ज़ेलेज़नी मेरे कोच हैं और हमने साउथ अफ्रीका में बहुत मेहनत की है। हम अभी भी कुछ पहलुओं पर काम कर रहे हैं।” बात करें उनके मौजूदा कोच कि तो वो चेक गणराज्य के जान जेलेंजी 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंकने वाले भालाफेंक खिलाड़ियों में शीर्ष पर हैं।  इसे भी पढ़ें:- गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा बने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल साल 2018 में पहली बार नीरज चोपड़ा ने दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में लिया था भाग  गौरतलब हो कि इस तरह नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra breaks records) 90 मीटर पार करने वाले दुनिया के 26वें और एशिया के तीसरे खिलाड़ी बन गए। ओलंपिक चैम्पियन पाकिस्तान के अरशद नदीम (92 . 97) और चीनी ताइपै के चाओ सुन चेंग (91 . 36) ही एशिया के दो अन्य खिलाड़ी हैं जो 90 मीटर से अधिक का थ्रो फेंक चुके हैं। बता दें कि नीरज चोपड़ा ने पहली बार साल 2018 में दोहा डायमंड लीग (Doha Diamond League) में भाग लिया था। उस लीग में 87. 43 मीटर के थ्रो के साथ वो चौथे स्थान पर रहे थे। फिर साल 2023 में यहां 88 . 67 मीटर का थ्रो फेंककर पहला स्थान हासिल किया और साल 2024 में 88 . 36 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा पायदान हासिल किया था।   Latest News in Hindi Today Hindi news Neeraj Chopra breaks records #NeerajChopra #DohaDiamondLeague #JavelinThrow #IndianAthlete #RecordBreaker #GoldenBoy #AthleticsNews #IndiaPride #SportsUpdate #90mThrow

आगे और पढ़ें
Translate »