World Hypertension Day

World Hypertension Day: जानें क्यों मनाया जाता है हाइपरटेंशन डे और इससे बचने का क्या है उपाय

हाइपरटेंशन (Hypertension) यानी हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure), एक ऐसी समस्या है जिसमें आर्टरीज वाल्स पर दबाव डालने वाले ब्लड की फाॅर्स बहुत अधिक होती है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार यह समस्या गंभीर हो सकती है लेकिन इससे पीड़ित अधिकतर रोगियों में इसका कोई भी लक्षण नजर नहीं आता है। हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों को इस रोग के प्रति जागरूक करना और इससे बचाव और कंट्रोल को प्रोमोट करना है। आइए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) के बारे में जानें विस्तार से। इस समस्या से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day): पाएं जानकारी वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे (World hypertension day) को बनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हाइपरटेंशन (Hypertension), इसके रिस्क के बारे में बताना और जागरूक करना है। इसके साथ ही इस दिन के माध्यम से लोगों को इस रोग से बचने के तरीकों को भी बताया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हाइपरटेंशन (Hypertension) से पूरी दुनिया में लगभग दस लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। इससे कई समस्याओं का रिस्क बढ़ सकता है जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और किडनी डिजीज आदि। हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन के लक्षणों को जल्दी पहचान कर सही उपचार हो सकता है। इसलिए इसके लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अब जानिए वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास के बारे में। वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day) और इतिहास इस साल वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे की थीम (Theme of World Hypertension Day)  है ब्लड प्रेशर को सही से मापें, इसे कंट्रोल करें और लंबे समय तक जीएं। यह थीम ब्लड प्रेशर को सही से मापने और इसकी कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव पर जोर देती है। क्योंकि, इससे लम्बे समय तक जीने में मदद मिल सकती है। अगर बात की जाए इस दिन के इतिहास की, तो इस दिन की शुरुआत 14 मई 2005 को वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग (WHL) द्वारा की गई थी। बाद में, 2006 से इसे हर साल 17 मई को मनाया जाने लगा। इसे भी पढ़ें: काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा हाइपरटेंशन से बचाव के तरीके हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हाइपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से बचाव के तरीके इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi World Hypertension Day #highbloodpressure #hypertension #ThemeofWorldHypertensionDay  #Worldhypertensionday

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Why Turkey is Supporting Pakistan: क्या इस वजह से तुर्की कर रहा है पाकिस्तान की मदद?Turkey Pakistan relations

22 अप्रैल को जम्म-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुई कायराना आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। मजे की बात यह कि 3 दिन चली कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिया। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बल्कि कई एयर बेस भी तबाह कर दिया। इस दौरान 100 से अधिक आतंकी मारे गए और कई लोग घायल हुए। इसे अलावा 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान भी मारे गए थे। फ़िलहाल अपनी हर देख पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई। और फिर भारत अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए राजी हुआ। फ़िलहाल दोनों देशों की सरहदों पर शांति है। कहने की जरूरत नहीं इस पूरी कार्रवाई में पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा। खैर, इन सब के बीच ध्यान देने वाली बात यह कि इस पूरी कवायद में तुर्की और चीन पाकिस्तान के साथ खुलकर खड़े थे। चीन का तो समझ आता है कि चीन ने पाकिस्तान में इतना इन्वेस्ट कर दिया है कई उसका साथ देना मजबूरी बन गई है। लेकिन (Why Turkey is Supporting Pakistan) तुर्की? तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल (Why Turkey is Supporting Pakistan) की है वो तुर्की, जिसकी भारत ने करोड़ों डॉलर की मदद की थी। तुर्की वही देश है जहां विनाशकारी भूकंप आने के बाद भारत ने फौरन सहायता भेजी थी। इतना कुछ करने के बाद भी तुर्की एहसान फरामोश निकला। भारत और पाकिस्तान में बीच युद्धजनक स्थिति में तुर्की ने पाकिस्तान की मदद की। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या यह महज दोस्ती का मामला है या फिर इसके पीछे कोई और मंशा (Why Turkey is Supporting Pakistan) है? आइये जानते हैं इसके पीछे की मंशा। दरअसल, हाल के वर्षों में तुर्की ने अपनी रक्षा उद्योग को मजबूत किया है। वो दुनिया के शीर्ष हथियार निर्यातकों में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। तुर्की हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक बनना चाहता है। तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। तुर्की अब दुनिया का 11वां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बन गया है। तीनों तरफ दुश्मनों से घिरे होने के कारण पाकिस्तान को रक्षा उपकरणों की हमेशा से दरकार रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के साथ तुर्की ने कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं। जिनमें मिलगेम युद्धपोत, विभिन्न ड्रोन और टी-129 अटैक हेलीकॉप्टर शामिल हैं।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी (Why Turkey is Supporting Pakistan) रणनीति है गौर करने वाली बात यह कि ये सौदे तुर्की के रक्षा उद्योग के लिए अरबों डॉलर की आमदनी का स्रोत (Why Turkey is Supporting Pakistan) हैं। बड़ी बात यह कि तुर्की का मकसद सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है बल्कि, वह दुनिया भर में अपने हथियार बेचने का इच्छुक है।  अफ्रीका, मिडल ईस्ट और एशिया में तुर्की अपने रक्षा उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान जैसे देशों में मदद और सहयोग देकर, तुर्की इन बाजारों में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। बेशक, तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति है, जो उसके हथियार उद्योग को बढ़ावा देने में मदद करती है। आगामी वर्षों में, तुर्की इस रणनीति के जरिए अपने रक्षा उद्योग को और मजबूत करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Why Turkey is Supporting Pakistan #TurkeyPakistan #TurkeySupportsPakistan #ErdoganPakistan #KashmirIssue #TurkeyForeignPolicy #PakistanTurkeyTies #IslamicAlliance #TurkeyIndiaTensions #GlobalPolitics #MiddleEastNews

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Masik Karthigai

मासिक कार्तिगाई 2025: 26 मई को मनाएं यह पावन पर्व, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि

मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह में कृतिका नक्षत्र के दिन मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में, भगवान शिव (Lord Shiva) और भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की आराधना के लिए प्रसिद्ध है। इस दिन दीप जलाकर अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह में मासिक कार्तिगाई की तिथि वैदिक पंचांग के अनुसार 26 मई को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दोपहर 12:11 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। इसी दिन सुबह 8:23 बजे से कृतिका नक्षत्र का योग भी आरंभ हो जाएगा। चूंकि मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) व्रत कृतिका नक्षत्र के शुभ संयोग में मनाया जाता है, इसलिए इस वर्ष यह पावन पर्व 26 मई को ही विधिपूर्वक मनाया जाएगा। शुभ योग इस बार मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) पर विशेष और दुर्लभ शोभन योग का संयोग बन रहा है। यह शुभ योग सुबह 7 बजकर 2 मिनट तक प्रभावी रहेगा। इसके अलावा, इसी दिन दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शिववास योग भी प्रारंभ हो जाएगा। मान्यता है कि शिववास योग के दौरान भगवान शिव )Lord Shiva) कैलाश पर्वत पर माता गौरी (Mata Gauri) के साथ विराजमान रहते हैं। ऐसे में इस योग में शिव की पूजा और आराधना करने से भक्तों को इच्छित फल की प्राप्ति होती है। मासिक कार्तिगाई का धार्मिक महत्व मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) पर्व का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव (Lord Shiva) और भगवान मुरुगन (Lord Murugan)  की पूजा के लिए समर्पित होता है। कहा जाता है कि इस दिन दीप जलाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और अज्ञानता का नाश होता है। यह पर्व आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मासिक कार्तिगाई कथा  पौराणिक मान्यता के अनुसार, मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) का दिन भगवान मुरुगन (Lord Murugan)  के जन्म से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि भगवान शिव (Lord Shiva) की तीसरी आंख से इसी दिन भगवान मुरुगन का प्राकट्य हुआ था। वे छह विभिन्न रूपों में प्रकट हुए और छह अप्सराओं ने उनका पालन-पोषण किया। बाद में देवी पार्वती ने इन छह स्वरूपों को एकाकार कर एक बालक का रूप प्रदान किया। इसी कारण भगवान मुरुगन को ‘षण्मुख’ या ‘शनमुघम’ कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है—छह मुखों वाले देवता। इसे भी पढ़ें:- क्यों देवी यमुना कहलाती हैं ‘कालिंदी’? जानिए भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस दिव्य कथा पूजन विधि मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai)  के दिन भगवान शिव और भगवान मुरुगन (Lord Murugan)  की पूजा विधि इस प्रकार है: प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। फिर पूजा स्थल पर उत्तर-पूर्व दिशा में भगवान शिव और भगवान मुरुगन की तस्वीर स्थापित करें। भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और धूप-दीप अर्पित करें। भगवान मुरुगन को विशेष रूप से फूल, फल और पंचामृत चढ़ाएं। इसके पश्चात दोनों देवी-देवताओं के मंत्रों का जाप करें और श्रद्धा से उनकी आरती करें। आरती के बाद प्रसाद सभी में बांटें। इस दिन घर में धूप और कपूर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। साथ ही, दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Masik Karthigai #MasikKarthigai2025 #KarthigaiFestival #TamilFestival #HinduFestivals2025 #KarthigaiDeepam #SpiritualCelebration #TamilTradition #PoojaVidhi #KarthigaiSignificance #26May2025Festival

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Controversial remark on Sofia Qureshi

Controversial remark on Sofia Qureshi: सोफिया कुरैशी अनर्गल टिपण्णी पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई बीजेपी के इस मंत्री को फटकार, कही यह बात

बीते दिनों मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi) की थी। इस टिपण्णी के बाद जबलपुर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगल पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार देर रात विजय शाह के खिलाफ महू के मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। इस अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को जमकर फटकार लगाई है। जानकारी के मुताबिक मंत्री को फटकारते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को तब और जिम्मेदार होना चाहिए जब देश ऐसी स्थिति से गुजर रहा हो।” लताड़ते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “उन्हें पता होना चाहिए कि वह क्या कह रहे हैं?” यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि “आप किस तरह का बयान दे रहे हैं? जाओ कर्नल सोफिया से माफी मांगो।”  विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी अनर्गल विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi)  बता दें कि विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर अनर्गल विवादित टिप्पणी (Controversial remark on Sofia Qureshi) की थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने जमकर फटकार लगाई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के मंत्री विजय शाह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमति जताई। हालाँकि कोर्ट ने यह साफ कर दिया कि मामले की हाई कोर्ट ही मॉनिटरिंग करेगा। सुप्रीम कोर्ट ही नहीं, हाई कोर्ट ने भी मंत्री के साथ-साथ राज्य सरकार की क्लास लगाई। जानकारी के मुताबिक महू के मानपुर थाने में दर्ज एफआईआर की ड्राफ्टिंग पर असंतोष जताते हुए राज्य शासन को नए सिरे से सुधार के निर्देश भी दिए हैं। अब इस मामले पर शुक्रवार को फिर से सुनवाई निर्धारित की गई है। जानकारी के लिए बता दें कि विजय शाह ने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद कराने के लिए अर्जी लगाई थी। याचिका में उन्होंने अपने बयान पर खेद प्रकट करते हुए माफी भी मांगी।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर मंत्री विजय शाह के विवादित बयान (Controversial remark on Sofia Qureshi) का मामला पकड़ चुका है तूल  कहने की जरूरत नहीं, मंत्री विजय शाह के विवादित बयान (Controversial remark on Sofia Qureshi) का मामला तूल पकड़ चुका है। कोर्ट ही नहीं, अब तो राजनीतिक पार्टियां भी उनकी टिपण्णी का विरोध कर रही हैं। कांग्रेस ने मंत्री विजय शाह को उनके पद से हटाने की मांग की है। यही नहीं, इंदौर, भोपाल और जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में विजय शाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया गया। देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी अपने बड़बोले मंत्री के खिलाफ क्या एक्शन लेती है। फ़िलहाल इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में सुनवाई हुई।  Latest News in Hindi Today Hindi news Controversial remark on Sofia Qureshi #SofiaQureshi #SupremeCourt #BJPMinister #ControversialRemark #IndianPolitics #CourtReprimand #FreedomOfSpeech #PoliticalDrama #SofiaQureshiControversy #Justice

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Golden Boy of India

Golden Boy of India: गोल्डन ब्वॉय नीरज चोपड़ा बने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल

भारतीय सेना ने गोल्डन ब्वॉय (Golden Boy of India) के नाम से मशहूर ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा को टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप नियुक्त किया है। उन्हें भारत की टेरिटोरियल आर्मी रेगुलेशन, 1948 के Para-31 के तहत शामिल किया गया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल की रैंक दी है। बता दें कि भारत सरकार के गजट में नीरज चोपड़ा की नियुक्ति का भारत के राष्ट्रपति द्वारा ऐलान किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 16 अप्रैल से लागू होगी। इससे पहले वो राजपूताना राइफल्स में नायब सूबेदार के पद पर थे। गौरतलब हो कि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा 26 अगस्त 2016 को भारतीय सेना में जूनियर कमीशंड अधिकारी के रूप में भर्ती हुए थे। अब उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का पद दिया गया है। कहने की जरूरत नहीं, इसके साथ ही ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट को भारतीय सेना में एक बड़ी जिम्मेदारी मिली है।  नीरज चोपड़ा (Golden Boy of India) से पहले भी कई खिलाड़ी टेरिटोरियल आर्मी का बने हैं हिस्सा, धोनी भी हैं शामिल  जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग द्वारा 13 मई को अधिसूचना जारी की गई। इस अधिसूचना में कहा गया है कि “प्रादेशिक सेना विनियम 1948 के पैरा-31 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति हरियाणा के पानीपत के गांव और डाकघर खंडरा के पीवीएसएम, पद्मश्री, वीएसएम पूर्व सूबेदार मेजर नीरज चोपड़ा (Golden Boy of India) को 16 अप्रैल 2025 से प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल का मानद पद प्रदान करती हैं।” बता दें कि नीरज से पहले भी कई खिलाड़ी टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा हैं, इनमें भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल हैं।  इसे भी पढ़ें:- भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर: भारतीय एयर डिफेंस ने पाकिस्तानी हमले को किया नाकाम नीरज (Golden Boy of India) ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर रच दिया था इतिहास  भाला फेंक में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक हैं नीरज (Golden Boy of India) ने टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था। वह देश के लिए व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने थे। हरियाणा के पानीपत के पास खंडरा गांव के रहने वाले इस 27 वर्षीय भाला फेंक खिलाड़ी ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर की दूरी के साथ पहला स्थान हासिल कर गोल्ड अपने नाम किया था। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भी रजत पदक जीता था। बात करें उनकी निजी जिंदगी की तो उन्होंने इस वर्ष प्रोफेशनल टेनिस खिलाड़ी हिमानी मोर से शादी की है। बड़ी बात यह कि नीरज मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। आशा है, नीरज न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे बल्कि ओलिंपिक खेलों में देश का गौरव भी बढ़ाएंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Golden Boy of India #NeerajChopra #GoldenBoyOfIndia #LieutenantColonel #TerritorialArmy #IndianArmy #OlympicGold #NeerajInArmy #IndiaPride #AthleteToArmy #SportsHero

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British Author Praises India’s Operation Sindoor

British Author Backs Operation Sindoor: ब्रिटिश लेखक ने की ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ, कहा- पश्चिमी देशों को भारत का समर्थन करना चाहिए

पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस तरह पाकिस्तान की ठुकाई की है उससे समूची दुनिया अचंभित है। आतंकवाद का पर्याय बन चुके पाकिस्तान की दुनिया भर में किरकिरी हो रही है। यह किसी से छुपा नहीं है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकवाद को शरण देता आया है। इस ऑपरेशन के बाद आतंकियों के लिए जन्नत कहे जाने वाले पाकिस्तान को मुंह छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। इस बीच ब्रिटिश लेखक डेविड वेंस ने भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ खुलकर (British Author Backs Operation Sindoor) की है। भारत की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि “अगर भारत को पश्चिमी देश सपोर्ट करते हैं तो भारत चीन के खिलाफ वेस्ट की दीवार की तरह बन सकता है।” यही नहीं, उन्होंने पाकिस्तान को सपोर्ट करने के लिए चीन की आलोचना की। उन्होंने बीजिंग पर आरोप लगाते हुए कहा, “चीन एशिया क्षेत्र में पाकिस्तान को प्रॉक्सी की तरह इस्तेमाल करता है। इसलिए चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।”  भारत को सपोर्ट दिया गया तो पश्चिम देशों के लिए भारत चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह काम (British Author Backs Operation Sindoor) करेगा बता दें कि न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि “चीन पाकिस्तान को प्रॉक्सी की तरह इस्तेमाल करता है, इसलिए उसपर भरोसा नहीं किया जा सकता। मुझे लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप को यह बात समझनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “यह और भी बेहतर होगा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप इस बात को समझ जाएं कि अगर भारत को बेहतर सपोर्ट दिया गया तो भारत पश्चिम देशों के लिए चीन के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह काम (British Author Backs Operation Sindoor) करेगा। पाकिस्तान के खिलाफ हम भारत को जितना समर्थन करेंगे, उतना ही बेहतर होगा, क्योंकि चीन का पाकिस्तान का काफी इंट्रेस्ट है। जो लोग भारत के हित के बारे में नहीं सोच रहे हैं, मैं मानता हूं वो पश्चिम के बारे में भी नहीं सोच रहे हैं।” इस बीच उन्होंने पाकिस्तान को सपोर्ट करने के लिए तुर्की को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “पाकिस्तान के पक्ष में तुर्की द्वारा दिए जाने वाले एंटी इंडिया बयान की खुलकर आलोचना की जानी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर चीन भारत के लिए एक समस्या है और पाकिस्तान के असफल देश (British Author Backs Operation Sindoor) है-  ब्रिटिश लेखक डेविड वेंस वेंस ने कहा कि “मुझे कोई आश्चर्य नहीं है। चीन भारत के लिए एक समस्या है और जैसा मैंने कहा कि पाकिस्तान के असफल देश (British Author Backs Operation Sindoor) है। मुझे लगता है कि तुर्की भी एक विवादास्पद देश है। तो इन सबके बाद मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। एर्दोगान और चीन के बीच मैं ज्यादा अंतर नहीं कर पाता।” यही नहीं इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के लिए भी भारत का मजबूती से समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से इसका इंताजर था, क्योंकि यह फैसला लेना जरूरी था।” हालांकि, उन्होंने यह कहा कि “यह होना जरूरी था और ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा है। पाकिस्तान एक असफल और आतंकवादी देश है। ऐसे में यह जरूरी है कि भारत द्वारा ऐसा कदम उठाया गया।” Latest News in Hindi Today Hindi news British Author Backs Operation Sindoor #OperationSindoor #BritishAuthorSupportsIndia #IndiaDefense #WesternSupportIndia #Geopolitics #OperationSindoorPraise #IndiaSecurity #IndiaUKRelations #GlobalSecurity #SupportIndia

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Pulwama Encounter

2 Terrorists Killed by Security Forces: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से सीमा सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन किलर चलाकर आतंकियों को जड़ से खत्म करने फैसला कर लिया है। इसी सिलसिले में सुरक्षाबल रात-दिन एक कर दहशतगर्दों की खोज में लगे हुए (2 Terrorists Killed by Security Forces) हैं। इस समय पूरे प्रदेश में न सिर्फ आतंकियों की खोज में तलाशी अभियान चालू है एनकाउंटर में आतंकियों को ढ़ेर भी किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। जानकारी के मुताबिक ये मुठभेड़ जम्मू कश्मीर के त्राल के नादिर गांव में हो रही है। इस मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन अज्ञात आतंकवादी मारे गए। यह इलाका दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अंतर्गत आता है। खबर है कि इस इलाके में अभी भी 02 से 03 आतंकी छुपे हुए हैं। बता दें कि पिछले 48 घंटे के भीतर यह दूसरी मुठभेड़ है। यह घटना शोपियां जिले के केल्लर इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के तीन आतंकवादियों को मार गिराने के ठीक दो दिन बाद हुई है। अवंतीपोरा के नादेर, त्राल इलाके में एनकाउंटर शुरू हो (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया है दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी घाटी फिर से दहशत फैलाना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन किलर चलाकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया (2 Terrorists Killed by Security Forces) है। इस बीच त्राल इलाके में त्राल सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ को लेकर कश्मीर जोन की पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि “अवंतीपोरा के नादेर, त्राल इलाके में एनकाउंटर शुरू हो गया है। पुलिस और सुरक्षा बल काम पर लगे हुए हैं। आगे की डिटेल्स जारी की जाएगी।” गौरतलब हो कि इससे पहले मंगलवार को जम्मू कश्मीर के शोपियां में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था। ये तीनों आतंकी लश्कर-तैयबा के थे। भारतीय सेना ने बताया है कि इन आतंकियों को ऑपरेशन किलर के तहत आतंकी संगठन के तीन सदस्यों को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। मारे गए इन तीन आतंकियों में से दो की पहचान शाहिद कुट्टे और अदनान शफी के रूप में हुई है, जो दोनों शोपियां के रहने वाले हैं।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया बता दें कि आतंकी कुट्टे साल 2023 में लश्कर में शामिल हुआ था। वो पिछले साल 8 अप्रैल को डेनिश रिसॉर्ट में हुई गोलीबारी की घटना में शामिल था। इस घटना  में दो जर्मन पर्यटक और एक ड्राइवर घायल हो गए थे। यही नहीं, पिछले साल मई में शोपियां के हीरपोरा में भाजपा सरपंच की हत्या में भी वह शामिल था। शोपियां में मारे गए आतंकवादियों के पास से तीन एके-47 राइफलें तथा अन्य हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। गौरतलब हो कि राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट को शोकल केलर, शोपियां के सामान्य क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद मुठभेड़ में तीन खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया (2 Terrorists Killed by Security Forces) गया। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।  Latest News in Hindi Today Hindi news 2 Terrorists Killed by Security Forces #PulwamaEncounter #JammuAndKashmir #TerroristKilled #IndianArmy #SecurityForces #KashmirNews #AntiTerrorOperation #BreakingNews #JammuKashmirNews #TerrorFreeIndia

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Benefits of black nettle

काला बिछुआ के फायदे: आयुर्वेदिक उपचार का एक प्रभावी विकल्प है यह पौधा

काला बिछुआ (Black nettle) को बाघनखी, हाथाजोड़ी, बिछु, उलट-कांटा आदि के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम है मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua)। यह एक ऐसा पौधा है जो केवल बरसात के मौसम में उगता है और उसके बाद यह सुख जाता है। जब इसका फल सुख जाता है और फट जाता है, तो उसमे से एक बड़ा काला और भूरा बीज निकलता है। यह पौधा दो मीटर तक ऊंचा होता है और इसके पत्ते किडनी के आकार के होते हैं। इस पौधे में कई औषधीय गुण होते हैं। इसके बीज और पत्तियों का इस्तेमाल आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियों में किया जाता है। संक्षेप में कहा जाए तो यह बेहद फायदेमंद पौधा है। आइए जानें क्या हैं काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle)? काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle): पाएं जानकारी काला बिछुआ (Black nettle) अपने खास बनावट के लिए प्रसिद्ध है। इसके बीज देखने में जंगली जानवर के मुड़े हुए नाखून जैसे लगते हैं, इसलिए इसका नाम बाघनख है। यह असली पौधा केवल विंध्याचल के जंगलों, हिमालय आदि में मिलता है। काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) एक हेल्थ के लिए लाभदायक पौधा है। काला बिछुआ के फायदे (Benefits of black nettle) इस प्रकार हैं: पेट के लिए फायदेमंद काला बिछुआ (Black nettle) के बीज और पत्ते पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद हैं जैसे कब्ज, गैस, एसिडिटी आदि। पेट की समस्याओं के इलाज के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। स्किन प्रॉब्लम्स से छुटकारा स्किन प्रॉब्लम्स से राहत पहुंचाने में भी काला बिछुआ (Black nettle) को फायदेमंद पाया गया है। स्किन की परेशानियों जैसे पिम्पल्स, एक्जिमा आदि से राहत पाने में इस पौधे के बीज और पत्ते को बेनेफिशियल पाया गया है। यानी, स्किन के लिए इस पौधे का इस्तेमाल किया जा सकता है।  सांस संबंधी समस्याओं से राहत सांस संबंधी समस्याओं से भी यह पौधा राहत पहुंचा सकता है। काला बिछुआ (Black nettle) के फायदे में यह बेहद महत्वपूर्ण है। अस्थमा और  ब्रोंकाइटिस जैसी सांस सम्बन्धित प्रॉब्लम्स के ट्रीटमेंट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्यूनटी को करे मजबूत काला बिछुआ (Black nettle) यानी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) के बीज और पत्ते इम्युनिटी को भी मजबूत कर सकते हैं। इसके साथ ही ऐसा भी माना गया है कि बुखार और दर्द के ट्रीटमेंट में भी मार्टिनिया एनुआ (Martynia annua) का उपयोग किया जा सकता है।  इसके अलावा काला बिछुआ (Black nettle) में एंटी-कोलेस्ट्रॉल, एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant), एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द दूर करने वाले गुण होते हैं। वीक मेमोरी, पीठ में दर्द, डायबिटीज, सीने में जलन जैसी बीमारियों के इलाज में भी इस पौधे को लाभदायक पाया गया है। नोट:-यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Benefits of black nettle #Martyniaannua #blacknettle #Benefitsofblacknettle

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children poisoned by mother

Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight: पति के साथ हुई कहासुनी के बाद चार बच्चों के साथ महिला ने खाया जहर, तीन की मौत

बिहार के औरंगाबाद जिले के रफीगंज स्टेशन पर एक हृदयविदारक घटना घटी। जहाँ, एक महिला ने अपने चार बच्चों को जहर दे (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) दिया। यही नहीं, बच्चों को जहर देने के बाद खुद भी जहर खा लिया। इस तरह क्षणिक क्रोध के चलते लिया गया यह फैसला तीन बच्चों की जान ले लिया। खबर के मुताबिक पारिवारिक विवाद के चलते महिला ने यह हृदयविदारक कदम उठाया। इस घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई है। महिला और एक बच्चे की हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक किसी बात को लेकर रफीगंज स्टेशन परिसर में पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े से आहत महिला ने ये कदम उठाया। 6 साल के रितेश कुमार की हालत नाजुक है और उसका इलाज चल रहा है। मृतकों में 1 साल की शिवानी, 5 साल की सूर्यमणि कुमारी तथा 3 साल की राधा कुमारी शामिल है। बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही रफीगंज थानाध्यक्ष शंभू कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर राम सुमेर अस्पताल जा धमके। फ़िलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। खैर, लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां अपनी ही औलाद के साथ ऐसा कैसे कर सकती है? पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर सोनिया देवी ने ऐसा क्यों किया? रितेश कुमार और सोनिया देवी की हालत गंभीर, सदर अस्पताल औरंगाबाद किया (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) गया रेफर इस पूरे मामले पर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि “जवानों को सूचना मिली थी कि डाउन प्लेटफार्म पर एक महिला और चार बच्चे परेशान (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) हैं। इसके बाद आरपीएफ के जवान और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रफीगंज में भर्ती कराया।” डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी) ने बताया कि “महिला ने खुद जहरीला पदार्थ खाया और फिर अपने चारों बच्चों को भी खिला दिया। इलाज के दौरान तीन बच्चों की मौत हो गई। रितेश कुमार और सोनिया देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया गया।”  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल चारों बच्चों के साथ रफीगंज स्टेशन पहुंचकर उठाया यह कदम  बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन बच्चों की मौत देखकर (Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight) मृतक के चाचा राम सूरज बिंद और मौसी बेबी देवी गमगीन हैं। इस पूरी घटना पर सोनिया देवी के देवर राम सूरज बिंद ने बताया कि “रवि बिंद का परिवार रफीगंज स्टेशन पर आया था। रवि बिंद गोह प्रखंड के बन्देया थाने के झिकटिया गांव के रहने वाले हैं। रात में रवि बिंद और सोनिया देवी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। सुबह रवि बिंद काम करने के लिए कहीं चले गए थे। इसके बाद सोनिया देवी अपने चारों बच्चों के साथ रफीगंज स्टेशन पहुंची और यह कदम उठा लिया।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Woman Poisons Herself and 4 Kids After Fight #womanPoisonsKids #FamilyTragedy #DomesticDispute #ShockingNews #IndiaNews #ChildDeath #MotherSuicide #CrimeNews #BreakingNews #EmotionalNews

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CM Yogi strict order

Yogi Adityanath action: सीएम योगी के इस आदेश के बाद दूध, घी, पनीर बेचने वालों के साथ इनकी खैर नहीं, चौराहों पर लगेगी तस्वीर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी सख्ती के लिए जाने जाते हैं। उनके शासन में अपराधियों थर-थर कांपते हैं। अपराधियों के बाद बारी है मिलावटखोरों की। लगातार प्राप्त हो रही है शिकायतों के बाद योगी आदित्यनाथ ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली दवाओं के कारोबार को सामाजिक अपराध करार देते हुए इसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए (Yogi Adityanath action) हैं। उन्होंने कहा कि “अब मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। उनकी तस्वीरें प्रमुख चौराहों पर सार्वजनिक की जाएंगी, ताकि समाज को ऐसे अपराधियों के खिलाफ जागरूक किया जा सके। जानकारी के मुताबिक सूबे के मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि “दूध, पनीर, तेल, घी और मसालों जैसे रोजमर्रा के खाद्य उत्पादों की गहन जांच उनकी उत्पादन इकाइयों पर ही की जाए। इसके लिए डेडिकेटेड जांच टीमें गठित की जाएंगी।”  मिलावटी सामान और नकली दवाओं का उत्पादन, वितरण और बिक्री करने वालों के खिलाफ होगी दंडात्मक (Yogi Adityanath action) कार्रवाई  यही नहीं, इसके साथ ही मिलावटी सामान और नकली दवाओं का उत्पादन, वितरण और बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “प्रदेश में जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता (Yogi Adityanath action) है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री योगी ने पेशेवर रक्तदाताओं की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। बता दें कि प्रदेश में खाद्य एवं औषधि परीक्षण व्यवस्था को पुख्ता बनाने के लिए 12 नए मंडलों में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। इस कर्म में तीन माइक्रोबायोलॉजी लैब्स की शुरुआत भी की जा चुकी है। इसके अलावा लखनऊ और मेरठ में सूक्ष्मजीव और रोगकारक तत्वों की जांच का काम भी शुरू होगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी इस कदर संजीदा हैं कि उन्होंने नकली दवाओं के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय को और मजबूत करने का निर्देश दिया। यही नहीं, त्वरित कार्रवाई और संसाधन की कमी न रहे इस हेतु कॉर्पस फंड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा फूड सेफ्टी कनेक्ट, मोबाइल ऐप और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी कराई (Yogi Adityanath action) गई है उपलब्ध  जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु फूड सेफ्टी कनेक्ट, मोबाइल ऐप और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी उपलब्ध कराई (Yogi Adityanath action) गई है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि “जब तक नागरिक संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक समाधान अधूरा माना जाएगा।” खबर के मुताबिक नमूना जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पासवर्ड-प्रोटेक्टेड बारकोड प्रणाली लागू की गई है। यही नहीं, जांच रिपोर्टें अब वैज्ञानिक डिजिटल रिपोर्ट के रूप में भी प्रस्तुत की जाएंगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yogi Adityanath action #YogiAdityanathAction #UPNews #CMYogiOrder #DairyFraud #UttarPradeshNews #DoodhGheePaneer #YogiStrictAction #PublicHealthUP #FSSAIAlert #AdulterationFreeUP

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