Fenugreek water

Fenugreek Water: इस पानी को पीने से पहले जानिए किन लोगों को हो सकता है इससे नुकसान?

मेथी दाना एक ऐसा हर्ब है इसका इस्तेमाल खाना बनाने के साथ ही हेल्थ प्रॉब्लम्स के उपचार के लिए किया जाता है। मेथी (Fenugreek) का पौधा अधिकतम दो से तीन फीट लंबा होता है। इसके पत्ते हरे होते हैं और फूल सफेद होते हैं। कई सालों से इसका इस्तेमाल मेडिसिन के रूप में किया जाता रहा है। मेथी दाना और मेथी पानी (Fenugreek water) को वजन कम करने के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसके साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को मैनेज करने में भी इसे लाभदायक माना गया है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए। जानिए किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार मेथी (Fenugreek) का इस्तेमाल न्यूट्रिशंस और स्वाद के लिए कई इंडियन व्यजनों में किया जाता है। पाएं जानकारी कि किन लोगों को मेथी पानी नहीं पीना चाहिए (Who should not drink fenugreek water)? गर्भवती महिलाओं को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। इसे पीने से गर्भाशय संकुचन यानी कॉन्ट्रैक्शंस की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, इसे प्रेग्नेंसी के दौरान नहीं पीना चाहिए। प्रेग्नेंसी में किसी भी चीज का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को भी इस पानी को पीने से बचना चाहिए। यही नहीं, जिन महिलाओं को हॉर्मोन-सेंसिटिव कैंसरस हैं, उन्हें भी मेथी (Fenugreek) का पानी नहीं पीने की सलाह दी जाती है। 2. एलर्जी अगर किसी व्यक्ति को मेथी (Fenugreek), फलियों या अन्य प्लांट्स से एलर्जी है, तो उन्हें भी इसका सेवन करने से बचना चाहिए। ऐसे लोगों को मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से एलर्जी या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। 3. डायबिटीज मेथी (Fenugreek) से ब्लड शुगर लेवल (Blood Sugar Level) पर असर हो सकता है। इसलिए अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं या डायबिटीज की दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही मेथी पानी (Fenugreek water) का सेवन करें। 4. बच्चे बच्चों पर इस पानी का क्या असर हो सकता है, इसके बारे में पर्याप्त जानकारी मौजूद नहीं हैं। लेकिन, आमतौर पर बच्चों को मेथी पानी (Fenugreek water) देने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: World Hand Hygiene Day: जानें क्यों मनाया जाता है यह दिन और इसे कैसे सेलिब्रेट करें? 5. खास दवाईयां लेने वाले व्यक्ति मेथी (Fenugreek) कुछ खास दवाईयों के साथ इंटरेक्ट कर सकती हैं, जिनमें ब्लड थिनिंग ड्रग्स शामिल हैं। इसलिए, अगर आप कोई भी दवा ले रहा हैं तो मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचें या डॉक्टर की सलाह ले बाद ही इसे लें। 6. किडनी प्रॉब्लम्स  ऐसा पाया गया है कि मेथी से किडनी के फंक्शन्स प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों को किडनी की समस्या है, उन्हें मेथी पानी (Fenugreek water) पीने से बचना चाहिए। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Fenugreek water #Fenugreekwater #Fenugreek #Whoshouldnotdrinkfenugreekwater #fenugreeseeds

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Putin supports Modi

Putin Supports Modi After Pahalgam Attack: पहलगाम हमले के बाद रूसी व्लादिमीर पुतिन ने की पीएम मोदी से बात, कहा- “दोषियों को हर हाल में मिले सजा”

22 अप्रैल आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हमला कर दिया था। जिसमें 26 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। इस पहले के पीछे पाकिस्तान का हाथ बताया जा रहा है। बैसरन घाटी में हुए इस कायराना हमले के बाद से भारत और पकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है। हमले 13 दिन बाद भी लोगों को उम्मीद है कि भारत इस हमले का माकूल जवाब देगा। इस बीच तनातनी के बीच गौर करने वाली बात यह कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) किया। और भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने न सिर्फ निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की बल्कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूरा समर्थन देने की बात भी कही। इसा दौरान पुतिन ने जोर देते हुए कहा कि “इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।”  प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack) दीं शुभकामनाएं  इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बाबत अधिक जानकारी देते हुए कहा कि “दोनों नेताओं ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर राष्ट्रपति पुतिन को (Putin Supports Modi After Pahalgam Attack)  शुभकामनाएं दीं और उन्हें इस साल के अंत में भारत में आयोजित होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया।” बता दें कि इससे पहले आज यानी सोमवार को भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री नकातानी के बीच भी एक बैठक हुई। खबर के मुतबिक इस बैठक में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा हालात और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने को लेकर चर्चा की है। गौर करने वाली बात यह कि बीते 6 महीने में दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों की ये दूसरी बैठक है। इसे भी पढ़ें:- ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत और जापान के रक्षा मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा (Russian President Vladimir Putin) कि “नई दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी सैन से मिलकर खुशी हुई। भारत और जापान के बीच विशेष, रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी है। बैठक के दौरान हमने रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने सभी रूपों में आतंकवाद की निंदा की और सीमा पार खतरों का मुकाबला करने के लिए सहयोग और प्रयास को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” Latest News in HindiToday Hindi news Russian President Vladimir Putin #PutinSupportsModi #PahalgamAttack #ModiPutinTalk #IndiaRussiaTies #KashmirTerror #PutinStatement #PahalgamNews #ModiNews #TerrorAttackIndia #GlobalSupportIndia

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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Mohini Ekadashi 2025

मोहिनी एकादशी 2025: व्रत में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, नहीं मिलेगी पुण्य की प्राप्ति

मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) व्रत वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जो इस वर्ष गुरुवार 8 मई 2025 को पड़ रही है। यह व्रत भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की स्मृति में रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन उपवास करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है। मोहिनी एकादशी व्रत 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, जिसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है, इस वर्ष 8 मई को मनाई जाएगी। यह तिथि 7 मई को सुबह 10:19 बजे शुरू होगी और 8 मई को दोपहर 12:29 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि को मान्यता मिलने के कारण मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) का व्रत 8 मई को रखा जाएगा। व्रत के दौरान क्या खाएं मोहिनी एकादशी का उपवास रखने वाले श्रद्धालु व्रत के दौरान दूध, दही, फल, शरबत, साबुदाना, बादाम, नारियल, शकरकंदी, आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और राजगिरा के आटे से बने व्यंजनों का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रखें कि भोजन या फलाहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना के बाद ही करें। साथ ही, प्रसाद तैयार करते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। व्रत के दौरान इन चीजों से करें परहेज मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi)के दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, शराब, प्याज, लहसुन, अधिक मसाले और तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही इस व्रत में चावल और सामान्य नमक का उपयोग भी वर्जित माना गया है। यदि आप इस व्रत का पालन कर रहे हैं, तो इन सभी नियमों का विशेष रूप से ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।  पूजा विधि मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) के दिन प्रातःकाल स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की पूजा करें और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। ध्यान रखें कि इस दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है, इसलिए पूर्व में तोड़े गए पत्तों का ही उपयोग करें। मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु को भोग अर्पित करते समय इस मंत्र का उच्चारण करें—“त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये।गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर।।” इस मंत्र का जाप करते हुए श्रद्धा से भोग अर्पित करने पर भगवान विष्णु प्रसन्न होकर भोग स्वीकार कर लेते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा व्रत का पारण मोहिनी एकादशी व्रत का पारण 9 मई 2025 को सुबह 5:34 से 8:16 बजे के बीच किया जाएगा। इस दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत खोलना चाहिए। व्रत के नियमों का विधिपूर्वक पालन करने से भक्तों को श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mohini Ekadashi #MohiniEkadashi2025 #EkadashiFasting #HinduFestivals #VratRules #FastingDosAndDonts #SpiritualIndia #EkadashiTips #VratFoodGuide #MohiniVrat #HinduRituals

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Baglamukhi Jayanti 2025

बगलामुखी जयंती 2025: वृद्धि योग और शुभ संयोग से होंगे बिगड़े काम बन

हिन्दू धर्म में देवी बगलामुखी  (Devi Baglamukhi)  की पूजा का विशेष महत्व है। बगलामुखी जयंती पर देवी की उपासना करने से ना केवल व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक परेशानियाँ दूर होती हैं, बल्कि उसे जीवन में प्रगति और समृद्धि भी मिलती है। इस वर्ष बगलामुखी जयंती 5 मई 2025 को मनाई जाएगी और इस दिन वृद्धि योग सहित कई शुभ संयोग बन रहे हैं, जो जीवन के अटके कार्यों को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। बगलामुखी का महत्व देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) को “पीताम्बर देवी” भी कहा जाता है। वे शक्ति की देवी हैं और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मानी जाती हैं। बगलामुखी की पूजा से व्यक्ति के सारे विघ्न दूर होते हैं और उसे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। खासकर यह देवी उन लोगों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती हैं जो किसी मुश्किल स्थिति में फंसे हों या जिनकी किस्मत प्रतिकूल हो। देवी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है और जीवन के बिगड़े हुए काम भी सुधर जाते हैं। इस वर्ष बगलामुखी जयंती पर बनेगा विशेष योग वैदिक पंचांग के अनुसार, बगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) 5 मई 2025 को मनाई जाएगी। इस विशेष दिन मां बगलामुखी की पूजा के साथ-साथ वृद्धि योग और अन्य शुभ योग भी बन रहे हैं, जो इस तिथि को और भी महत्वपूर्ण बना देते हैं। वृद्धि योग एक ऐसा योग है, जब किसी शुभ कार्य या पूजा का फल त्वरित रूप से मिलता है। यह योग व्यक्ति की सफलता में चार चाँद लगाता है और उसके सभी बिगड़े काम को सुधारने में मदद करता है। इस दिन देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) की पूजा से न केवल शत्रुओं पर विजय मिलती है, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दृष्टिकोण से भी उन्नति होती है। वृद्धि योगज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष बगलामुखी जयंती पर वृद्धि योग का संयोग बन रहा है, जो रात 12:20 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस शुभ योग में देवी बगलामुखी की आराधना करने से आर्थिक उन्नति, भाग्य में वृद्धि और सफलता के प्रबल संकेत मिलते हैं। साथ ही देवी की कृपा से जीवन के तमाम संकट दूर हो सकते हैं। रवि योगइस विशेष दिन पर रवि योग भी बन रहा है, जो दोपहर 2:01 बजे से शाम 5:36 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि रवि योग में मां बगलामुखी की आराधना करने से साधकों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं और इच्छित सफलता प्राप्त होती है। शिववास योगबगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) पर शिववास योग का भी संयोग बन रहा है, जो सुबह 7:35 बजे से आरंभ होगा। इस योग में भगवान शिव कैलाश पर देवी पार्वती के साथ विराजमान रहते हैं। इस पावन समय में की गई पूजा से घर में सुख, शांति, समृद्धि और सौभाग्य का वास होता है। इसे भी पढ़ें:-  क्यों चढ़ाया जाता है हनुमान जी को सिंदूर? जानिए त्रेता युग से जुड़ी यह अद्भुत कथा बगलामुखी जयंती (Baglamukhi Jayanti) पर पूजा विधि इस दिन देवी बगलामुखी की पूजा का विशेष महत्व है। पूजा के दौरान श्रद्धालु पीले कपड़े, पीले फूल, और पीली वस्तुएं चढ़ाते हैं, क्योंकि देवी बगलामुखी का रंग पीला है। पूजा में विशेष रूप से नवग्रह शांति, वशीकरण, और शत्रुनाशक मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। सबसे प्रभावशाली मंत्रों में से एक है: “ॐ बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिव्हां कीलय बुद्धिं विनाशय ॐ स्वाहा।” इस मंत्र का जप करने से न केवल शारीरिक कष्टों से मुक्ति मिलती है, बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। बगलामुखी जयंती के दिन देवी बगलामुखी (Devi Baglamukhi) के हवन और यज्ञ का आयोजन भी अत्यंत फलदायक माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Devi Baglamukhi #BaglamukhiJayanti2025 #VridhiYoga #BaglamukhiMata #HinduFestivals2025 #JayantiPuja #SpiritualRituals #AuspiciousDay #TurnSetbacksIntoSuccess #BaglamukhiMantra #DivineBlessings

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Mamata Banerjee Murshidabad visit

Murshidabad visit: ममता के मुर्शिदाबाद दौरे से पहले हिंदू परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, की सीजीआई से यह शिकायत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दो दिवसीय दौरे (Murshidabad visit) पर मुर्शिदाबाद जाने वाली हैं। उनके दौरे से ठीक पहले एक नया बखेड़ा शुरू हो गया है। दरअसल, 11 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में नए वक्फ कानून को लेकर भड़की हिंसा में पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई थी। समसेरगंज में हुई हिंसा के दौरान मारे गए पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास के परिवार ने मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। जानकारी के मुताबिक परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (सीजीआई) संजीव खन्ना के साथ-साथ कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणम और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर पुलिस की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो परिवार का कहना है कि “पुलिस (Murshidabad Police) ने दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर उन्हें डराया-धमकाया।” बता दें कि परिवार ने अपनी शिकायत में लिखा कि “हमने पुलिस को लिखित बयान दिया था कि हम अपनी मर्जी से कोलकाता आए हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। इसके बावजूद, इंस्पेक्टर-इन-चार्ज शंकर नारायण साहा, माणिक मंडल, कौशिक घोष, राकेश राय, बबलू दास और चैतन्य दास ने हमें डराने की कोशिश की। हम इस घटना से डरे और सदमे में हैं।” पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके (Murshidabad visit) साथ बदसलूकी की- पीड़ित परिवार  खैर, मुर्शिदाबाद पुलिस (Murshidabad Police) ने इन आरोपों (Murshidabad visit) को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि “वे सॉल्ट लेक में दास परिवार के ठिकाने पर इसलिए गए थे, क्योंकि परिवार के एक सदस्य ने लिखित शिकायत दी थी कि दास परिवार का अपहरण कर लिया गया है।” तो वहीं एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि “हमने अपहरण की शिकायत के आधार पर सॉल्ट लेक में बीजेपी कार्यकर्ता के घर का दौरा किया। हम परिवार से बात करना चाहते थे, लेकिन उन्होंने सहयोग नहीं किया।” हालाँकि पुलिस की इस सफाई पर पीड़ित परिवार का कहना है कि “पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर उनके साथ बदसलूकी की।” बता दें कि दास परिवार ने अपने पत्र में सीजीआई, हाईकोर्ट और राज्यपाल से सुरक्षा की विनंती की है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा कि “हम डर के साये में जी रहे हैं। पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। हम केंद्र से केंद्रीय बलों की तैनाती और हाई कोर्ट तक सुरक्षित पहुँचने की व्यवस्था की माँग करते हैं, ताकि हमें संविधान के तहत न्याय मिल सके।” इसे भी पढ़ें:-  RJD नेता तेजस्वी यादव ने PM नरेंद्र मोदी को लिखा खत हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं- मुख्यमंत्री ममता बनर्जी  घटना की सूचना मिलते ही बीजेपी के कई नेता सॉल्ट लेक पहुंच गए। इस बीच बीजेपी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। बीजेपी नेताओं ने पुलिस पर ममता बनर्जी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। यही नहीं, उन्होंने दास परिवार को एक अज्ञात जगह पर शिफ्ट कर दिया। यहाँ गौर करने वाली बात ये कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब ममता बनर्जी आज मुर्शिदाबाद का दौरा (Murshidabad visit) करने वाली हैं। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि दास परिवार की शिकायत ने उनके दौरे से पहले एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री ममता ने पहले ही कहा था कि “वह वक्फ एक्ट को लेकर हुई हिंसा की स्थिति का जायजा लेने के लिए मई के पहले हफ्ते में मुर्शिदाबाद जाएंगी।” इस बीच उन्होंने यह भी दावा किया था कि “हिंसा के लिए बाहरी लोग जिम्मेदार हैं।”  Latest News in HindiToday Hindi news Murshidabad Police #MamataBanerjee #Murshidabad #HinduFamily #PoliceComplaint #CJI #WestBengalNews #BengalPolitics #MamataVisit #LawAndOrder #BreakingNews

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Punjab Kings win

Punjab Kings win: श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को दी 37 रनों से करारी शिकस्त

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 54वां मुकाबला पंजाब किंग्स लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेला गया। 4 मई को धर्मशाला में खेले गए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 37 रनों से हरा (Punjab Kings win) दिया। पंजाब ने प्रभसिमरन की धमाकेदार पारी की बदौलत लखनऊ को करारी शिकस्त दी। पंजाब की इस धमाकेदार जीत में कप्तान अय्यर का भी अहम योगदान रहा। अय्यर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 45 रन बनाए। दरअसल, पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में 5 विकटों के नुकसान पर 236 रनों का स्कोर खड़ा किया। 236 रनों के पहाड़ से लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 20 ओवर में 7 विकेट पर सिर्फ 199 रन ही बना सकी।  12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत (Punjab Kings win) मिली है लखनऊ सुपर जायंट्स की इस करारी शिकस्त (Punjab Kings win) पर कप्तान ऋषभ पंत ने कहा कि “निश्चित रूप से ये बहुत बड़ा टारगेट था। जब आप गलत समय पर अहम कैच छोड़ते हैं तो यह आपको भारी नुकसान पहुंचाता है। हमने सोचा कि यह और ज्यादा करेगा, लेकिन हमने शुरुआत में सही लैंथ नहीं चुनी। लेकिन यह खेल का एक अहम हिस्सा है।  सपना अभी भी जिंदा है। अगर हम अगले तीन मैच जीत सकते हैं तो हम निश्चित रूप से पलटवार कर सकते हैं और अद्भुत चीजें कर सकते हैं। हर मैच में आप अपने टॉप ऑर्डर से अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद नहीं कर सकते। हमें कभी-कभी स्कोर को डीप भी ले जाना पड़ेगा। हमारे सामने एक विशाल लक्ष्य था और इससे हमें बहुत नुकसान हुआ।” रोचक बात यह कि 12 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम को धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में जीत मिली है। इससे पहले आखिरी बार टीम को साल 2013 में कप्तान एडम गिलक्रिस्ट की अगुवाई में जीत मिली थी। 12 साल जाकर पंजाब किंग्स ने श्रेयस अय्यर की कप्तानी में जीत दर्ज की ही। इस तरह श्रेयस अय्यर पंजाब को धर्मशाला में जीत दिलाने वाले दूसरे कप्तान बन गए हैं।  इसे भी पढ़ें:- 10 साल बाद अपने ही घर में मुंबई इंडियंस को आरसीबी से मिली करारी शिकस्त पिछले दो सीजन में धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारी थी पंजाब किंग्स  बता दें कि पिछले दो सीजन में पंजाब किंग्स ने धर्मशाला में अपने चारों मैच (Punjab Kings win) हारे थे। साल 2010 से 2013 तक धर्मशाला में हर सीजन में 2 मैच खेले गए थे। इसके बाद 9 वर्षों तक यहाँ कोई मैच नहीं हुए थे। साल 2023 से अब यहां हर सीजन मैच खेले जा रहे हैं। आईपीएल  2025 में धर्मशाला को 3 मैच की मेजबानी मिली हुई है। इस जीत के साथ ही पंजाब की टीम न सिर्फ अपनी प्लेऑफ की दावेदारी मजबूत की बल्कि पाइंट्स टेबल में लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। पंजाब किंग्स ने अब तक 11 मैचों में 7 जीतों में दर्ज की है। 7 मैच जीतने के बाद पंजाब टीम के बाद 15 पाइंट हो गए हैं। आपको जानकर बड़ी हैरत होगी कि आईपीएल में यह 11 साल बाद ऐसा हुआ है कि जब पंजाब किंग्स की टीम के लीग स्टेज में 14 से ज्यादा पाइंट हो गए हैं। इससे पहले साल 2014 में टीम ने 22 पाइंट हासिल किए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Punjab Kings win #PunjabKingsWin #ShreyasIyer #PBKSvsLSG #IPL2025 #CricketVictory #PBKS #LKNvsPBKS #IPLHighlights #ShreyasIyerCaptain #CricketNews

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India Pakistan water dispute

Indus Water Treaty: बूंद-बूंद को तरसेंगे पाकिस्तानी, सिंधु जल संधि संस्पेंड करने के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी का पानी, अगला नंबर झेलम का

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने सभी का नाम और धर्म पूछकर दिन-दहाड़े गोली मार दी थी। इस हमले के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने हुए हैं। बढ़ते तनाव और लोगों के रोष को देखते हुए भारत ने पाकिस्तान के साथ छह दशक पुरानी सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था। भारत ने पहलगाम हमले के एक दिन बाद पाकिस्तानियों का पानी बंद करने का फैसला लिया था। इस फैसले से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है। अभी पाकिस्तानी इस सदमें से उबरे भी नहीं थे कि भारत ने एक और झटका दे दिया है। दरअसल, भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक (Indus Water Treaty) दिया है। ध्यान देने वाली बात ये कि यह कदम सिंधु नदी से पड़ोसी देश को एक भी बूंद पानी नहीं जाने देने के अपने फैसले पर अमल करते हुए उठाया गया है। यही नहीं, इसके अलावा भारत झेलम नदी पर बने किशनगंगा बांध से भी पानी के बहाव को कम करने की तैयारी कर रहा है।  पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक हो गया है (Indus Water Treaty) कम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक लंबी चर्चा और हाइड्रोलॉजिकल परीक्षण के बाद भारत ने बगलिहार बांध से गाद निकालने का काम शुरू कर (Indus Water Treaty)) दिया है। इसके चलते स्लुइस गेट को नीचे दिया है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी का बहाव 90% तक कम हो गया है। यही नहीं, नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन से जुड़े अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कुछ इसी तरह के अभियान की योजना किशनगंगा बांध के लिए भी बनाई गई है। इस पूरे मुद्दे पर एक दूसरे अधिकारी ने (पहचान न जाहिर करने की शर्त पर) कहा कि “हमने बगलिहार जल विद्युत परियोजना के द्वार बंद कर दिए हैं। हमने जलाशय से गाद निकालने का काम किया था और इसे फिर से भरना है।” इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील झेलम नदी का पानी भी रोकने की है (Indus Water Treaty) तैयारी  गौर करने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि पाकिस्तान द्वारा सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के कुछ ही घंटों के भीतर भारत ने ये कार्रवाई की है। यही नहीं, इसके अलावा इसमें देश के सभी बंदरगाहों पर पाकिस्तानी झंडों वाले जहाजों के रुकने पर प्रतिबंध भी शामिल (Indus Water Treaty) है। खबर के मुताबिक कहा तो यह भी जा रहा है कि उत्तर पश्चिमी हिमालय में गुरेज घाटी में स्थित किशनगंगा बांध जो कि झेलम नदी पर है, जहाँ पहला मेगा हाइड्रोपावर प्लांट लगा है, बहुत जल्द बड़े पैमाने पर वहां पवार भी रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके चलते इससे नीचे की ओर बहने वाले सभी पानी को रोक दिया जाएगा। Latest News in HindiToday Hindi news Indus Water Treaty) #IndusWaterTreaty #IndiaPakistan #WaterCrisis #ChenabRiver #JhelumRiver #IndiaNews #PakistanNews #WaterDispute #Geopolitics #IndusTreaty

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Rakshas Tal mystery

Rakshas Tal: वैज्ञानिकों का भी दिमाग चकराया: आखिर एक ही स्थान पर होने के बावजूद मानसरोवर झील और राक्षस ताल में क्यों है इतना भयानक अंतर?

इस साल यानी 30 जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Yatra) की शुरुआत होने जा रही है। भारी तादाद में श्रद्धालु कैलास मानसरोवर के दर्शन हेतु जाते हैं। इस दौरान कैलाश दर्शन के साथ ही लोग मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल (Rakshas Tal) के भी दर्शन करते हैं। यह दोनों झीलें 2-3 किलोमीटर की दूरी पर स्थिति हैं। सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बात यह कि मानसरोवर झील और राक्षस ताल एक ही वातावरण, एक जैसी ऊंचाई पर होने के बावजूद भी दोनों एक दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। कारण यही जो सदियों से लोग जानना चाहते हैं कि एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये दोनों झीलें इतनी अलग क्यों हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि धार्मिक शास्त्रों में बताए गए तथ्यों को विज्ञान नहीं मानता। यह तो ठीक, लेकिन विज्ञान भी इस बात का जवाब नहीं दे पाया है कि आखिर एक स्थान पर होने के बावजूद भी ये मानसरोवर और राक्षस ताल में इतना फर्क क्यों है? ऐसे में आइये जानते हैं दोनों में क्या है अंतर?   राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक तरह से खारे पानी की झील है बता दें कि राक्षस ताल (Rakshas Tal) एक अर्धचंद्राकार खारे पानी की झील है। अर्धचंद्राकार आकार अंधेरे का प्रतीक है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यह वही स्थान है, जहां राक्षस राजा रावण ने भगवान शिव की तपस्या और उनकी आराधना की थी। कहा जाता है कि भगवान शिव के अनन्य भक्त रावण ने खुद राक्षस ताल का निर्माण किया था। रावण अपनी इच्छा पूरी करने हेतु कैलाश पर्वत गया था। कैलाश जाने से पहले उसने राक्षस ताल में स्नान किया और वहीं ध्यान लगाया। इस बीच जब रावण ने राक्षस ताल में डुबकी लगाई, तो झील आसुरी शक्तियों के कब्जे में आ गई और नकारात्मकता से भर गई। कहते हैं कि राक्षस झील का पानी इतना खारा कि इसके अंदर मछली या कोई दूसरा जानवर रह ही नहीं सकता। झील का हल्के धूसर रंग का है। लोगों का दावा तो यहाँ तक है कि कुछ महीनों बाद राक्षस झील के पानी का रंग बदल जाता है।  इसे भी पढ़ें:-  इस National Infertility Awareness week जानिए क्यों जरूरी है यंग महिलाओं में फर्टिलिटी टेस्टिंग? किसी को भी राक्षस ताल (Rakshas Tal) के पास जाने की नहीं है इजाजत  यही नहीं, राक्षस ताल (Rakshas Tal) के ठीक करीब एक छोटी नदी भी है। जिसे गंगचु नदी कहते हैं। यह नदी मानसरोवर झील (Mansarovar Lake) और राक्षस ताल को जोड़ती है। ऐसी मान्यता है कि मानसरोवर से पवित्र जल ले जाने हेतु इस नदी को ऋषियों द्वारा बनाया गया था। राक्षस ताल का पानी खारा होने के साथ-साथ विषैला भी है। जानकारों की माने तो इसमें स्नान करने अथवा इसका पानी पीने से जान तक जा सकती है। कारण यही जो राक्षस ताल के इर्द गिर्द चीन सरकार ने बाड़ लगाकर राक्षस ताल के क्षेत्र को घेर रखा है। किसी को भी इस झील के पास जाने की इजाजत नहीं है। इसे सिर्फ दूर से ही देखा जा सकता है। बता दें कि राक्षस ताल, कैलाश पर्वत के पश्चिम में तकरीबन 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ताल के आसपास डोला, लाचतो, तोपसरमा और दोशर्बा नामक 4 द्वीप हैं। तिब्बती भाषा में इसे लांगगर चो या ल्हानाग त्सो के नाम से जाना जाता है। इसका है जहर की काली झील। ऐसा इसलिए कि तिब्बतियों का ऐसा मानना है कि इसका पानी शापित है। इसे छूने मात्र से भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिये लोग इसके आसपास भी नहीं भटकते।  Latest News in Hindi Today Hindi Mansarovar Lake #RakshasTal #MansarovarLake #MysteryLake #TibetMystery #HimalayanSecrets #ScienceVsMyth #NatureWonder #HolyLake #StrangePhenomena #MythicalLakes

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मोलस्कम कंटेजियोसम: सेकंड हैंड कपड़े पहनने से पहले जान लें इस व्यक्ति का दर्दनाक अनुभव

अपने भाई-बहनों के पुराने कपड़े (Clothes) पहनना हर भारतीय परिवार में एक रिवाज की तरह है। लेकिन, आजकल आप ऑफलाइन ही नहीं बल्कि ऑनलाइन भी सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद और बेच सकते हैं। ऐसी कई वेबसाइट्स हैं, जिनसे आप इस सुविधा का आनंद ले सकते हैं। पुराने कपड़े (Clothes) खरीदने के कई फायदे हैं जैसे यह सस्ते होते हैं, एनवायरनमेंट के लिए फायदेमंद हैं, कम कीमत में अच्छी क्वॉलिटी मिल जाती है। लेकिन, इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीदना महंगा पड़ा एक व्यक्ति को, जिसे इसके कारण एक बड़ी स्किन प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा। आइए जानें इस बारे में विस्तार से। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) के अन्य नुकसानों के बारे में भी जानें। सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनना पड़ा भारी: पाएं जानकारी सोशल मीडिया आजकल एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग हर एक चीज शेयर कर सकते हैं। हाल ही में एक व्यक्ति ने शेयर किया कि उसने सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) खरीद कर पहने और उसकी वजह से उसे वायरल स्किन इंफेक्शन हुआ। उस व्यक्ति के अनुसार इन कपड़ों की वजह से उसे  मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) जैसी समस्या का सामना करना पड़ा। मोलस्कम कॉन्टैगिओसम एक स्किन इंफेक्शन है। आइए जानें कि मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है? मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) एक वायरल स्किन इंफेक्शन है ,जिसका कारण होता है मोलस्कम कंटेजियोसम वायरस। इसके कारण स्किन पर छोटे, गोल और ऊपर उठे हुए मस्से हो सकते हैं। यह मस्से दर्दभरे नहीं होते हैं लेकिन इनमे खुजली हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर हानिरहित हैं लेकिन इसके कारण रोगी को परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। यह तो थी पुराने कपड़े (Clothes) पहनने से होने वाली समस्या के बारे में जानकारी। अब जानिए कि सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes)पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं? इसे भी पढ़ें: महामारी की आशंका: अमेरिका में H5N1 के नए मामले, दुनिया भर में चिंता सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से और क्या समस्याएं हो सकती हैं?  सेकंड हैंड कपड़े (Second hand clothes) पहनने से मोलस्कम कंटेजियोसम (Molluscum Contagiosum) ही नहीं बल्कि कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। यह समस्याएं इस प्रकार हैं: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Second hand clothes #clothes #Secondhandclothes #skinproblems #MolluscumContagiosum

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