समस्तीपुर से होगा प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी शंखनाद, 24 अक्टूबर को शाह भी करेंगे महागठबंधन पर वार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की जुबानी जंग तेज हो गई है. एनडीए ने अपना ‘मिशन बिहार’ चरम पर पहुंचा दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को बिहार के दौरे पर पहुंचेंगे और समस्तीपुर जिले के कर्पूरी ग्राम से प्रधानमंत्री मोदी चुनावी शंखनाद करेंगे. यह उनका चुनाव घोषणा के बाद पहला दौरा होगा, जो एनडीए के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. उसी दिन वे बेगूसराय में भी एक चुनावी सभा को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार में सक्रिय रहेंगे, जो सीवान और बक्सर में रैलियां करेंगे. दोनों नेताओं का यह समन्वित प्रयास एनडीए की मजबूत पकड़ को दर्शाता है. समस्तीपुर: हारी हुई सीटों पर पीएम का फोकस समस्तीपुर का चयन सोच-समझकर किया गया है. 2020 के चुनाव में इस जिले की 10 विधानसभा सीटों पर एनडीए और महागठबंधन ने 5-5 सीटें जीती थीं. एनडीए के रणनीतिकार अब उन 5 हारी हुई सीटों – हसनपुर, मोरवा, उजियारपुर, समस्तीपुर और विभूतिपुर – पर नजरें गड़ाए हैं. कर्पूरी ग्राम में रैली का आयोजन सामाजिक न्याय के प्रतीक कर्पूरी ठाकुर से जुड़ाव को मजबूत करेगा. उम्मीदवारों में जेडीयू के राजकुमार राय (हसनपुर) से लेकर रवीना कुशवाहा (विभूतिपुर) तक एनडीए मजबूत दावेदार उतार चुका है. पीएम मोदी की उपस्थिति से इन सीटों पर बहुजन वोटों को एकजुट करने की उम्मीद है. बेगूसराय में रैली पूर्वी बिहार के मतदाताओं को लुभाने का प्रयास होगा. शाह की रणनीति: सीवान-बक्सर में पकड़ मजबूत अमित शाह का यह दूसरा दौरा होगा. हाल ही में वे छपरा के तारैया में रैली कर चुके हैं. 24 अक्टूबर को सीवान और बक्सर की सभाओं के बाद 25 अक्टूबर को वे नालंदा, मुंगेर और खगड़िया जाएंगे. भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने महागठबंधन को ‘महालठबंधन’ कहकर तंज कसा, दावा किया कि माहौल एनडीए के पक्ष में है. एनडीए ने सीट बंटवारा पूरा कर लिया है, हालांकि हम और आरएलएसपी के साथ शुरुआती खींचतान हुई. दूसरी ओर, 30 अक्टूबर को पीएम मोदी मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां करेंगे. विपक्ष (India) में हलचल: डैमेज कंट्रोल की कोशिश महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस और आरजेडी के बीच तनाव चरम पर है. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ उम्मीदवार उतारे हैं. 23 अक्टूबर को पटना में अशोक गहलोत और तेजस्वी यादव की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जो डैमेज कंट्रोल का प्रयास है. जन सुराज के प्रशांत किशोर ने भाजपा पर तीन नेताओं के पर्चे वापस कराने का आरोप लगाया. एनडीए का स्लोगन ‘2025 में एनडीए 225’ जोर पकड़ रहा है, जबकि विपक्ष को एकजुट होने की चुनौती है. बिहार की 243 सीटों पर यह जंग दिलचस्प मोड़ ले रही है. कुल मिलाकर, 24 अक्टूबर एनडीए के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है.

