Suicide over daughter’s marriage

Suicide over daughter’s marriage: बेटी के प्रेम विवाह करने व्यथित पिता ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द

हमारे देश में बालिग होने पर अपनी मर्जी से विवाह करने की आजादी है। कई बार लड़के लड़कियां माँ-बाप के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। ऐसे में या तो घर उन्हें त्याग देता है या बात बहुत बढ़ने पर उन्हें रास्ते से ही हटा देता है। कई मामलों में तो कुछ दिन बाद ही सही उन्हें स्वीकार भी कर लेता है। लेकिन क्या अपने सुना है कि बेटी की शादी से व्यथित एक पिता ने खुद को ही गोली मारली? यह अक्सर काम देखा गया है जिसमें बापने खुद को ही गोली मार ली। दरअसल, ग्वालियर जिले में एक पिता ने बेटी के प्रेम विवाह करने पर खुद को गोली मारकर अपनी (Suicide over daughter’s marriage) जान दे दी। सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, ‘यह कैसा कानून है जो बेटी के बालिग होते ही पिता से उसके सारे अधिकार छीन लेता है? बेटी को अपनी मर्जी से जीने का हक है, लेकिन क्या एक पिता की भावनाओं की कद्र भी नहीं? क्या एक पिता की भूमिका बेटी के बालिग होते ही खत्म हो जाती है? मृतक पिता ने खुदकुशी से पहले लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि उनका दुख बेटी के पसंद से नहीं, बल्कि बेटी को खो देने का है। अपना दर्द साझा करते हुए पिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बेटी को समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।  बेटी के फैसले से इस कदर टूटे कि अपनी जीवन लीला (Suicide over daughter’s marriage) ही समाप्त कर दी रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय मृतक संजू जायसवाल ने गुरुवार को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर (Suicide over daughter’s marriage) अपनी जान दे दी। मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता संजू की 21 वर्षीय बेटी हर्षिता ने पड़ोसी युवक आनंद अटालिया से प्रेम विवाह किया था। परिवार ने इस शादी का विरोध किया। बेटी को लाख समझाया लेकिन वो अपने फैसले पर अड़ी रही। इस बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला कोर्ट तक पहुँच गया। जानकारी मुताबिक अदालत में बेटी ने साफ कहा कि “वह बालिग है और पति के साथ रहना चाहती है।” पिता संजू को अपनी बेटी से यह उम्मदी नहीं थी। बेटी के इस फैसले से वो इस कदर टूटे कि उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक जब्त की है। सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस तहकीकात कर रही है और परिजन के बयान ले रही है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है मृतक ने लिखा कि संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है, वो वकील जो कुछ पैसों के लिए एक परिवार की बलि तक चढ़ा देते हैं, उनकी भी बेटियां होती हैं। वे कुछ नहीं सोचते पिता का दर्द, एक परिवार नष्ट होता है, उसका कुछ नहीं बचता। उन्होंने आगे लिखा कि “आर्य समाज की शादी मान्य नहीं हैं, तो कोर्ट कैसे बालिका को उसके साथ भेज सकता है। बकौल पिता, अगर बेटी 17 आयु से कम हैं तो उस तौर पर माता-पिता कुछ कहते हैं तो कोर्ट माता-पिता को सौंपता है, लेकिन यदि वो बालिग है तो नहीं सौंपता, यह गलत है। हर्षिता ने तूने गलत किया, परिवार नहीं खानदान बर्बाद कर दिया। पिता ने आगे कहा कि मैं उन दोनों को मार सकता हूं, लेकिन अपनी लड़की को कैसे मारता। रेनू (पत्नी) मुझे माफ कर देना, क्योंकि मैं उनको मारता तो तुम्हारा भविष्य खत्म हो जाता। इसलिए मैं खुद मर रहा हूं। रेनू, अपना और बेटे पूर्णांक का ख्याल रखना। पूर्णांक को अपनी किस्मत लिखना है। बेटा मुझे माफ करना..और इस तरह आखिरी शब्द लिखते हुए पिता ने खुद (Suicide over daughter’s marriage) को गोली मार ली। Latest News in Hindi Today Hindi News Suicide over daughter’s marriage #LoveMarriageControversy #FatherDaughterBond #SuicideCaseIndia #MarriageDispute #HeartbreakingNews #IndianFamilyCrisis #SuicideOverMarriage #EmotionalTrauma #FamilyHonorIssue #IndiaNewsUpdate

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Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

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Assistant Loco Pilot

रेलवे में ट्रेन ड्राइवर बनने का मौका, 9000 से अधिक पदों के लिए आवेदन शुरू

रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (Railway Recruitment Board) ने असिस्टेंट लोको पायलट (Assistant Loco Pilot) की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की हैं। अगर आप रेलवे में इस पोजीशन के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो यह जानकरी आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर असिस्टेंट लोको पायलट  (Assistant Loco Pilot) पोजीशन की बात की जाए, तो यह भारतीय रेलवे में एक महत्वपूर्ण पोस्ट है। असिस्टेंट लोको पायलट की जिमेदारी होती है ट्रेन के इंजन को चलाना और उसका रखरखाव करना। इसके लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 10 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुकी हैं। आप ऑनलाइन आसानी से इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। यही नहीं, इसकी पूरी जानकारी आपको इनकी ऑफिशियल वेबसाइट पर भी मिल जाएगी। आइए पाएं जानकारी रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा निकाली असिस्टेंट लोको पायलट पोस्ट्स (Railway Recruitment Board has announced Assistant Loco Pilot posts) के बारे में। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा निकाली असिस्टेंट लोको पायलट पोस्ट्स (Railway Recruitment Board has announced Assistant Loco Pilot posts) असिस्टेंट लोको पायलट  (Assistant Loco Pilot) पोस्ट्स के लिए अप्लाई करने के लिए आवेदकों के लिए किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित क्षेत्र में/ डिसिप्लिन में आईटीआई/ ग्रेजुएशन/ डिप्लोमा आदि किया जाना जरूरी है।  इसके लिए एप्लिकेंट की मिनिमम एज 18 साल और मैक्सिमम एज 30 साल निर्धारित की गई है। लेकिन, आरक्षित श्रेणी से सम्बन्धित अप्लीकेंट्स के लिए कुछ छूट दी गई है। इससे 9000 से अधिक पोस्ट्स को भरा जाएगा। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड द्वारा निकाली असिस्टेंट लोको पायलट पोस्ट्स (Railway Recruitment Board has announced Assistant Loco Pilot posts) के लिए आप कैसे ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं जानिए। कैसे करें अप्लाई? असिस्टेंट लोको पायलट  (Assistant Loco Pilot)  में भर्ती के लिए आप केवल ऑनलाइन ही अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए अप्लाई करने का प्रोसेस इस प्रकार है:  इसे भी पढ़े:– जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करें, जानिए ड्रेस कोड और अन्य गाइडलाइंस अन्य जानकारी असिस्टेंट लोको पायलट के लिए अप्लाई करने के लिए आपके लिए यह जानकारी होना जरूरी है:  Latest News in Hindi Today Hindi news  Assistant Loco Pilot Job #RailwayRecruitmentBoardhasannouncedAssistantLocoPilotposts #RailwayRecruitmentBoard #AssistantLocoPilot #LocoPilot #RailwayRecruitmens

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PM Modi Kashi projects

PM Modi Kashi projects: काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 3880 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन PM (Modi Kashi projects) किया। वाराणसी पहुंचने पर पीएम मोदी को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार के 8 साल पूरे होने के बाद पीएम मोदी का यह पहला वाराणसी दौरा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है।” जानकारी के मुताबिक मेंहदीगंज स्थित जनसभा में पीएम मोदी ने काशी वासियों को 39 करोड़ की नई परियोजनाओं की सौगात दी। इसके साथ ही 3 बुजुर्गों को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया। इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं मेरी काशी प्रगतिशील भी है। पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है। काशी के स्वयं महादेव रखवाले हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि “पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। यह सारी बातें, यह सारी योजनाएं पूर्वांचल को विकसित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मिल का पत्थर बनने वाली है। काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा। इन सभी विकास कार्यों के लिए बनारस के लोगों को पूर्वांचल के लोगों को मैं ढेर सारी बधाई देता हूं।” काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है- पीएम मोदी  अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि “हमरे परिवार के हमरे लोगन के हमार प्रणाम। आप सब लोग यहां हमें आपन आशीर्वाद देला। हम ई प्रेम के कर्जदार हौ। काशी हमार हौ, हम काशी के हौ। संकटमोचन के दर्शन का सौभाग्य मिला। काशी की जनता आज विकास (Modi Kashi projects) का उत्सव मनाने यहां इकट्ठी हुई है।” इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि “काशी महाकुंभ 2025 के भव्य आयोजन की भी गवाह है। हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में जीत और महाकुंभ के सफल आयोजन के बाद, प्रधानमंत्री आज यहां काशी पहुंचे हैं। काशी महाकुंभ के भव्य आयोजन की भी गवाह रही है। पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में, भक्त नई काशी में आने के लिए उत्साहित थे। 45-दिवसीय (महाकुंभ) के दौरान, 3 करोड़ से अधिक भक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।”  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस बीच बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से वाराणसी में सड़क संपर्क बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप पीएम मोदी ने क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके अलावा, पीएम मोदी ने वाराणसी रिंग रोड और सारनाथ के बीच एक सड़क पुल के साथ-साथ शहर के भिखारीपुर और मंडुआडीह क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर और वाराणसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एनएच-31 पर एक हाईवे अंडरपास रोड सुरंग की आधारशिला रखी। जिसकी लागत तकरीबन 980 करोड़ रुपये से अधिक है। यही नहीं, इस दौरान प्रधानमंत्री ने पिंडरा में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, बरकी गांव में सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी कॉलेज, 356 ग्रामीण पुस्तकालय और 100 आंगनवाड़ी केंद्रों सहित कई परियोजनाओं का उद्घाटन (Modi Kashi projects) भी किया। उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 77 प्राथमिक स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार और चोलापुर, वाराणसी में कस्तूरबा गांधी स्कूल के लिए एक नए भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी। पीएम मोदी ने गंगा नदी पर सामने घाट और शास्त्री घाट के पुनर्विकास, जल जीवन मिशन के तहत 345 करोड़ रुपये से अधिक की 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं, वाराणसी के छह नगरपालिका वार्डों के सुधार और वाराणसी के विभिन्न स्थलों पर भूनिर्माण और मूर्तिकला की स्थापना का भी उद्घाटन किया। Latest News in Hindi Today Hindi News Modi Kashi projects #PMModi #KashiDevelopment #VaranasiProjects #ModiInKashi #3880CroreGift #NewKashi #ModiInVaranasi #KashiTransformation #PMInauguration #KashiInfra

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Why Tahawwur Rana Wore a Brown Jumpsuit in India

Why brown jumpsuit: आखिर ब्राउन रंग के जंपसूट में ही भारत क्यों लाया गया तहव्वुर राणा?

26/11 मुंबई आतंकी हमले का मास्टमाइंड और खूंखार आतंकी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा चुका है। अब उसे एएनआई की कस्टडी में सौंप दिया गया है। इस बीच एनआईएए कस्टडी में उसकी एक फोटो जारी की गई, जो देखते-ही-देखते पूरे मडिया जगत में छा गई। संभवतः सुरक्षा कारणों की उसका चेहरा तो नहीं दिखाया गया लेकिन उसके सिर के पके हुए हुए बाल बहुत ककुछ बयां कर रहे थे। पके बालों के साथ उसके कपड़ों ने भी सभी का ध्यान आकर्षित किया। वो इसलिए कि आमतौर पर अपराधी को काली सफ़ेद पट्टी वाली ड्रेस में देखा गया है। लेकिन इस खूंखार आतंकी को ब्राउन रंग का ढीला सा जंपसूट पहनाया गया था। जिसने में भी उसे इस ड्रेस में देखा उसके मन में यही सवाल आया कि आखिर आतंकी को क्यों इस तरह के ड्रेस में (Why brown jumpsuit) अमेरिका से लाया गया है? विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है आमतौर पर लोग पैंट-शर्ट, टीशर्ट या कुर्ते पायजामे में दिखाई देते हैं लेकिन तहव्वुर जंपसूट में क्यों? उसका यही जंपसूट लोगों के चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसा नहीं है कि ब्राउन रंग का जंपसूट आतंकी तहव्वुर ने खुद अपनी मर्जी से नहीं पहना है। दरअसल, ब्राउन रंग का जंपसूट अमेरिका में कुछ खास कैदियों की एक तरह से यूनिफॉर्म है। बता दें कि कुछ विशेष परिस्थितियों में ही कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म (Why brown jumpsuit) पहनाई जाती है। जानकारी के मुताबिक मीडियम से हाई रिस्क वाले कैदियों को इस तरह की यूनिफॉर्म पहनाई जाती है। ऐसा इसलिए कि ताकि उनकी पहचान अलग से हो सके। यही नहीं, भूरे रंग को मनोबल गिराने वाला माना जाता है। आमतौर पर कैदियों में आत्मचिंतन की भावना आए, इस हेतु से भी कैदियों को इस रंग की यूनिफॉर्म दी जाती है। बता दें कि अमेरिका में पहले कैदियों को ऑरेंज रंग की वर्दी भी पहनाई जाती थी।  इसे भी पढ़ें:- इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं गौर करने वाली बात यह कि अमेरिका में समय-समय पर कैदियों की यूनिफॉर्म बदलती रही है। बता दें कि अमेरिका में 1820 से 1930 के बीच जेलों में कैदियों को काली-सफेद पट्टियों वाली वर्दी पहनाई जाती थी। कैदियों की यूनिफॉर्म महज कपड़े ही नहीं बल्कि सिस्टम और अपराध की प्रकृति को भी (Why brown jumpsuit) दर्शाते हैं। यही नहीं, यहां समय के साथ कैदियों के कपड़ों के रंग में भी बदलाव होता रहता है। कभी काली-सफेद पट्टियों वाली यूनिफॉर्म तो कभी चमकीली ऑरेंज रंग की ड्रेस, फिर गुलाबी और अब ब्राउन रंग के जंपसूट।  Latest News in Hindi Today Hindi News  Why brown jumpsuit #TahawwurRana #BrownJumpsuit #ExtraditionNews #IndiaNews #26NovemberAttack #PrisonUniform #RanaExtradition #MumbaiAttack #FBIExtradition #BreakingNews

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Marriage issues due to water shortage

Water crisis affecting marriages: इस गाँव में पानी की किल्लत के चलते लड़कों की नहीं हो पा रही है शादी, महिलाएं छोड़ रही हैं ससुराल

आमतौर पर लड़कों की शादी नहीं होने की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, रंग-रूप नौकरी-चाकरी खानदान इत्यादि। यह तो समझ में आता है कि लड़का गैरजिम्मेदार है या नौकरीपेशा नहीं है तो शादी नहीं हो होती या शादी में दिक्क्तें आती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कहीं पानी के लिए शादी लड़कों की शादी नहीं हो रही है? जी हाँ, सही पढ़ा आपने। बता दें कि ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव में पानी की किल्लत की वजह से लड़कों की शादी (water crisis affecting marriages) नहीं हो पा रही है। एक तो गर्मी का गर्म मौसम और ऊपर से बढ़ती पानी की किल्लत दोनों बदाबरली गांव की हालत खस्ता कर दी है। मौजूदा समय में बदाबरली गाँव भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि यहाँ के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। यहाँ तक कि न सिर्फ पानी की कमी के चलते युवाओं की शादी हो रही है बल्कि महिलाएं ससुराल छोड़कर अपने मायके लौट जा रही हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो गांव के करीब 200 से ज्यादा परिवारों को रोज पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।  लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से (water crisis affecting marriages) कर रहे हैं मना  बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक में स्थित आदिवासी गांव बदाबरली इस वक्त भयंकर जल संकट से जूझ रहा है। यहां पानी की ऐसी हालत हो चुकी है कि न सिर्फ लोगों का जीना मुश्किल हो गया है, बल्कि युवाओं की शादी भी टल रही है और कई महिलाएं ससुराल छोड़कर वापस अपने मायके लौट रही हैं। आलम यह है कि गांव के सारे हैंडपंप खराब हो चुके हैं। यही नहीं, आस-पास कोई तालाब या कुआं भी नहीं है। स्थनीय लोगों की माने तो रोजाना उन्हें 1.5 से 2 किलोमीटर दूर पैदल चलकर झरनों से पानी लाना पड़ता है या फिर दूसरे गांवों में जाकर पानी लाना पड़ता है। इसी पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ही निवासी रवींद्र नाग ने बताया कि “हमारे गांव में पानी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। लोग अपनी बेटियों की शादी यहां करने से मना (water crisis affecting marriages)  कर रहे हैं। गांव के तकरीबन 80 युवाओं की शादी नहीं हो पाईहै। इस परेशानी के चलते कई महिलाएं शादी के कुछ दिन बाद ही ससुराल छोड़कर चली गईं।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई नहीं (water crisis affecting marriages) निकला समाधान  शिकायत करने की बात पर गांव वालों का कहना है कि “उन्होंने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं (water crisis affecting marriages) निकला। गांव को आधिकारिक तौर पर वॉटर स्कार्सिटी रेड ज़ोन घोषित किया गया है। बदाबरली गांव के लिए एक मेगा ड्रिंकिंग वॉटर प्रोजेक्ट की योजना बनी थी, जिससे पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों को पानी मिलना था। लेकिन यह योजना नेशनल हाइवे डिपार्टमेंट से पाइपलाइन बिछाने की अनुमति न मिलने के चलते अधर में ही अटकी हुई है। खैर, इस बीच रूरल वाटर सप्लाई एंड सनिटेशन के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर प्रतीक कुमार राउत ने बताया कि “बदाबरली गांव को हमने हाइड्रोलॉजिकल मैप के आधार पर रेड जोन पाया है। पहले गांव में 4 ट्यूबवेल थे, जिनमें 3 खराब हो चुके हैं। हमारी कोशिश है कि जून तक पापड़ाहांडी ब्लॉक के 50 गांवों तक पानी पहुंचाया जाए।” तो वहीं गाँववालों का कहना है कि “यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे जोरदार आंदोलन शुरू करेंगे।” ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब सड़क और बिजली गांव तक पहुंच सकती है, तो पीने का पानी क्यों नहीं? कुछ भी हो, सरकार को बिना अधिक देर गंवाए जल्द से जल्द इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए। नहीं तो आने वाले समय में पानी की किल्लत का संकट गहरा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi News water crisis affecting marriages #WaterCrisis #MarriageProblems #VillageLife #IndianVillages #WaterShortage #BridesLeaving #RuralIndia #WaterScarcity #MarriageCrisis #VillageNews

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Hanuman Jayanti Rituals

हनुमान जन्मोत्सव 2025: बजरंगबली की कृपा चाहिए तो लगाएं ये भोग, हर परेशानी होगी दूर

हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जन्मोत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त और संकटमोचन श्री हनुमान जी के जन्म वर्ष 2025 में हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) की शुभ तिथि 12 अप्रैल को तय की गई है। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं, और मंदिरों में जाकर श्री हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन अगर विधिपूर्वक पूजा कर हनुमान जी को प्रिय भोग अर्पित किया जाए, तो उनकी असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। हनुमान जन्मोत्सव का महत्व हनुमान जी (Hanuman Ji) को हिंदू धर्म में वीरता, भक्ति, और सेवा का प्रतीक माना जाता है। वे भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार हैं और उनका जन्म त्रेता युग में अंजनादेवी और केसरी के घर हुआ था, इसलिए उन्हें अंजनीपुत्र और केसरीनंदन भी कहा जाता है। रामायण में उनकी भूमिका सबसे प्रमुख रही है — चाहे वह लंका जलाना हो, संजीवनी बूटी लाना हो, या फिर श्रीराम की भक्ति में लीन रहना हो। यह दिन केवल पूजा-पाठ का नहीं, बल्कि अपने जीवन में हनुमान जी के गुणों — साहस, निष्ठा, और सेवा भावना — को अपनाने का भी अवसर होता है। हनुमान जी को प्रिय हैं ये विशेष भोग हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) के शुभ अवसर पर यदि आप अपने आराध्य श्री हनुमान जी को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो उन्हें उनके प्रिय भोग अर्पित करना न भूलें। यह न सिर्फ़ आपकी भक्ति को पूर्ण करता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और शांति भी लाता है। बेसन के लड्डूहनुमान जी को बेसन से बने लड्डू बेहद प्रिय हैं। इसलिए इस खास दिन पर उन्हें ये लड्डू अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सफलता के नए द्वार खुलते हैं। बूंदी के लड्डूबजरंगबली को बूंदी या बूंदी के लड्डू चढ़ाना भी बेहद फलदायी माना गया है। यह भोग लगाने से भक्त को उनका मनचाहा वरदान प्राप्त होता है, चाहे वह स्वास्थ्य हो, करियर या परिवारिक सुख। इमरतीहनुमान जी को इमरती का मीठा भोग अर्पित करना उनकी कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम उपाय माना जाता है। मान्यता है कि इमरती चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। गुड़ और चनाहनुमान जी (Hanuman Ji) को गुड़ और भुना हुआ चना अर्पित करना मंगल दोष और जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होता है। यह एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावशाली भोग माना जाता है। केलाहनुमान जी को फलों में सबसे प्रिय है केला। उन्हें केला अर्पित करने से विशेष कृपा मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इस दिन केले का भोग ज़रूर लगाना चाहिए। खीरखीर का भोग लगाने से हनुमान जी की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि खीर चढ़ाने से न केवल आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं, बल्कि घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बनी रहती है। इसे भी पढ़ें:- इस दिन से शुरू होने वाली है Char Dham Yatra 2025, साइबर ठगी से बचने हेतु पुलिस ने श्रद्धालुओं से की यह खास अपील पूजा विधि हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Jayanti) के दिन सुबह स्नान कर लाल या केसरिया रंग के कपड़े पहनें। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति या चित्र का पंचामृत से अभिषेक करें। फिर उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और तुलसी पत्र अर्पित करें। पूजा के दौरान हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। पूजा के अंत में हनुमान जी को गुड़-चना या लड्डू का भोग लगाकर सभी को प्रसाद वितरित करें। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news Hanuman Jayanti #HanumanJayanti2025 #BajrangbaliBlessings #HanumanBhog #RemoveNegativity #HanumanDevotees #HanumanJayantiCelebration #PowerfulBhog #SpiritualRemedies #HanumanPuja2025 #BajrangbaliKripa

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7 Vastu Plants to Bring Positivity and Prosperity at Home

वास्तु के अनुसार घर में लगाएं ये 7 पौधे

वास्तु शास्त्र भारतीय संस्कृति की एक ऐसी विद्या है जो भवन निर्माण और उसमें रहने वालों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सहायक होती है। यदि घर में वास्तु दोष होता है तो इसका प्रभाव घर के वातावरण, मानसिक शांति, स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान उपायों के माध्यम से वास्तु दोष को दूर किया जा सकता है, उनमें से एक प्रभावी उपाय है—घर में शुभ पौधों को लगाना। घर में पौधे क्यों जरूरी हैं? प्रकृति से जुड़ाव न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि यह वातावरण को शुद्ध करके सकारात्मक ऊर्जा भी फैलाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, कुछ विशेष पौधे (Vastu plants) घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का प्रवाह बढ़ता है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ पौधों के बारे में जो वास्तु दोष को दूर करने के साथ-साथ सुख-शांति और समृद्धि भी लाते हैं। 1. तुलसी का पौधा तुलसी को हिंदू धर्म में देवी का स्थान प्राप्त है और यह न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय है, बल्कि आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी का पौधा घर के उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को बढ़ाता है। रोज सुबह तुलसी में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। 2. मनी प्लांट मनी प्लांट (Money Plant) को समृद्धि और धन-संपत्ति से जोड़कर देखा जाता है। यह पौधा घर के दक्षिण-पूर्व कोने में लगाने की सलाह दी जाती है, जो कि वास्तु में ‘अग्नि कोण’ कहलाता है। यह दिशा धन की दिशा मानी जाती है और यहां मनी प्लांट लगाने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। ध्यान रखें कि इसे कभी भी बाथरूम में या सूखने की स्थिति में न रखें, वरना इसका प्रभाव उल्टा हो सकता है। 3. बांस का पौधा (लकी बैम्बू) फेंग शुई और वास्तु दोनों में लकी बैम्बू पौधे (Bamboo Plant) को शुभ माना जाता है। यह पौधा घर में सौभाग्य, समृद्धि और दीर्घायु का प्रतीक है। इसे मुख्य दरवाजे के पास या ड्राइंग रूम में रखा जा सकता है। यह पौधा जितना अधिक तना वाला होता है, उतना ही अच्छा माना जाता है। यह पौधा रिश्तों में मिठास लाने और मानसिक तनाव को कम करने में सहायक होता है। 4. पारिजात वृक्ष पारिजात वृक्ष को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसमें स्वयं माता लक्ष्मी और भगवान नारायण का वास होता है। इसे घर की उत्तर दिशा में लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि पारिजात के फूल माता लक्ष्मी को बहुत प्रिय होते हैं। यदि इसे वास्तु अनुसार घर में लगाया जाए, तो न केवल वास्तु दोष समाप्त होता है, बल्कि घर में समृद्धि और सुख-शांति भी बनी रहती है। यह पौधा धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति में सहायक माना जाता है। 5. एलोवेरा एलोवेरा न केवल सौंदर्य और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह वास्तु दोष निवारण में भी प्रभावशाली है। यह पौधा नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इसे घर की पूर्व या उत्तर दिशा में रखें। इसका नियमित देखभाल करना बेहद जरूरी होता है। इसे भी पढ़ें:- इस दिन से शुरू होने वाली है Char Dham Yatra 2025, साइबर ठगी से बचने हेतु पुलिस ने श्रद्धालुओं से की यह खास अपील 6. आंवला  वास्तु शास्त्र (Vastu plants) के अनुसार आंवला का पेड़ अत्यंत शुभ और फलदायक माना गया है। इसे घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। ऐसी मान्यता है कि आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का निवास होता है। आंवला के पेड़ को यदि उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाया जाए तो यह अत्यधिक शुभ परिणाम देता है। इस पेड़ को नियमित जल अर्पित करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और विभिन्न प्रकार की परेशानियों से मुक्ति मिलती है। 7. पीपल और नीम का पौधा हालांकि पीपल और नीम जैसे पौधे बड़े होते हैं, लेकिन यदि आपके पास बगीचा है, तो इन पौधों को वहां लगाया जा सकता है। पीपल और नीम दोनों ही पर्यावरण को शुद्ध करने वाले पौधे हैं और घर के आसपास के वातावरण को पवित्र बनाए रखते हैं। नीम के पेड़ को घर के पश्चिम दिशा में लगाना शुभ माना जाता है। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।  Latest News in Hindi Today Hindi news Vastu plants #VastuPlants #HomeVastuTips #LuckyPlants #IndoorPlantsVastu #PositiveEnergy #VastuShastra #HomeDecor #VastuForHome #ProsperityPlants #PeacefulHome

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Tahawwur Rana extradition: अमेरिका से लाया गया मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा, पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला

26/11 मुंबई आतंकी हमले के एक बड़े आरोपी तहव्वुर राणा को  कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली लाया (Tahawwur Rana extradition) जा चुका है। इस खूंखार आतंकी को अमेरिका से एनआईए की 7 सदस्यीय टीम दिल्ली लेकर पहुंची है। दिल्ली एयरपोर्ट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वह यहां पहुंचा। इस बीच सबसे पहले तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। खबर है कि राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जा सकता है। बता दें कि 64 वर्षीय तहव्वुर राणा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में एक हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा जाएगा। राणा को रखने के लिए जेल में सभी आवश्यक सभी तैयारी पहले से ही कर ली गई थी। राणा साल 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक डेविड कोलमेन हेडली उर्फ दाऊद गिलानी का करीबी सहयोगी भी है। राणा को लेकर एक विशेष चार्टर्ड विमान बुधवार को अमेरिका से भारत के लिए रवाना हुआ था। 2008 के आतंकी हमले में 166 लोग मारे गए थे। मुंबई ले जाने पर तहव्वुर राणा को (Tahawwur Rana extradition) ऑर्थर रोड जेल में रखा जाएगा तहव्वुर राणा पर कई धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना, आपराधिक साजिश, हत्या, जालसाजी और गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम इत्यादि शामिल हैं। हालांकि, मुंबई पुलिस को अभी तक उसके शहर में स्थानांतरण के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। लेकिन माना जा रहा है कि उसे मुंबई ले जाने पर ऑर्थर रोड जेल के उसी सेल में रखा जाएगा, जहां आतंकी कसाब को रखा गया था। कहा जाता है कि डेविड कोलमेन हेडली का सहयोगी राणा के पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ करीबी संबंध थे। बता दें कि राणा के प्रत्यर्पण की घोषणा (Tahawwur Rana extradition) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस दौरे के दौरान की थी। इस घोषणा के बाद राणा ने सुप्रीम कोर्ट में प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी सभी कानूनी अपीलों को खारिज कर दिया गया था। इसे भी पढ़ें:– इस वजह से अमेरिका ने ईरान को दी सैन्य हमला करने की धमकी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने तहव्वुर राणा को बताया कनाडाई नागरिक (Tahawwur Rana extradition) प्राप्त जानकारी के मुताबिक तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाने में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद प्रत्यर्पित किया जा रहा है। खबर है कि राणा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में लिया जाएगा, जो रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के साथ मिलकर उसके प्रत्यर्पण का कोर्डिनेशन कर रही है। फिर उसे दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जा सकता है। कुल-मिलाकर मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जांच एजेंसी एनआईए की टीम अमेरिका से लेकर भारत आ चुकी है। इस बीच मजे की बात यह कि तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण की खबर सुनते ही पाकिस्तान बुरी तरह घबरा गया है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने उसे कनाडाई नागरिक बताते हुए उसका पाकिस्तान कनेक्शन होने से पल्ला झाड़ने की कोशिश की है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Tahawwur Rana extradition #TahawwurRana #MumbaiAttacks #Extradition #26November #USIndiaRelations #Terrorism #PakistanNews #IndiaNews #BreakingNews #GlobalSecurity

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Indore metro project

Indore metro project: सीएमआरएस ने दी हरी झंडी, इंदौर में मेट्रो रेल का रास्ता साफ

मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने इंदौर की मेट्रो रेल परियोजना (Indore metro project) को हरी झंडी दे दी है। यही नहीं, इसके साथ ही शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस आधुनिक साधन के वाणिज्यिक परिचालन का रास्ता साफ हो गया है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एमपीएमआरसीएल) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक संबंधित अधिकारी ने बताया कि “सीएमआरएस ने अपने विस्तृत निरीक्षण के बाद शहर की मेट्रो रेल परियोजना को मंजूरी दे दी है। सीएमआरएस का अंतिम निरीक्षण पिछले महीने हुआ था, जिसमें इस परियोजना को अलग-अलग पैमानों पर परखा गया था।” इस बीच अधिकारी ने यह भी बताया कि “शहर में पहले चरण में 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार यह गलियारा शहर के गांधी नगर स्टेशन से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन क्रमांक-तीन तक फैला है जिस पर पांच स्टेशन हैं। बता दें इंदौर में 7,500.80 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली मेट्रो रेल परियोजना के पहले चरण की नींव 14 सितंबर 2019 को रखी गई थी। इस परियोजना के तहत शहर में गोल आकार वाला करीब 31.50 किलोमीटर लम्बा मेट्रो रेल गलियारा बनाया जाना है। मेट्रो रेल के एक डिब्बे में (Indore metro project) करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं  अधिकारी के मुताबिक शहर में मेट्रो रेल के स्टेशन (Indore metro project) इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि इनके जरिये छह डिब्बों की रेल चलाई जा सकती है। हालांकि अधिकारी ने आगे बताया कि “शुरुआत में हम तीन डिब्बों की ही रेल चलाएंगे। यात्रियों की तादाद बढ़ने पर इसमें तीन और डिब्बे जोड़े जा सकते हैं।” यही नहीं इसके अलावा अधिकारी ने यह भी बताया कि “मेट्रो रेल के एक डिब्बे में करीब 300 यात्री सफर कर सकते हैं जिनमें सीट पर बैठने वाले 50 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 5.90 किलोमीटर लम्बे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल का ट्रायल रन सितंबर 2023 में किया गया था। बहरहाल, इस गलियारे पर मेट्रो रेल का वाणिज्यिक परिचालन कब शुरू होगा, इसकी तारीख फिलहाल तय नहीं हो सकती है। यह गलियारा शहर के नए बसाहट में है। बता दें कि यहाँ अधिक आबादी नहीं है। इस बीच जानकारों का मानना है कि “शुरुआत में इस मार्ग पर मेट्रो को पर्याप्त सवारियां मिलने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं।” इसे भी पढ़ें:- एमपी का फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट धौंस जमाने के लिए रखा था विदेशी नाम, करता था विदेश यात्रा, मोबाइल ने खोले कई राज  हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते- कैलाश विजयवर्गीय गौरतलब हो कि “दो अप्रैल को राज्य के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गलियारे पर मेट्रो रेल चलाने से पहले सवारियों की संभावित संख्या का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा था कि “हम शहर में मेट्रो रेल चलाकर (Indore metro project) घाटा नहीं उठाना चाहते, इसलिए हम किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi News Indore metro project #IndoreMetro #CMRSApproval #IndoreDevelopment #MetroGreenSignal #MPMetro #UrbanTransport #PublicTransportIndia #IndoreNews #IndoreUpdates #MetroRailIndia

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