Yudhishthira's chariot

महाभारत का सबसे रहस्यमय रथ: युधिष्ठिर का वह दिव्य वाहन जो हवा में तैरता था

महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में अर्जुन के रथ को अक्सर सबसे श्रेष्ठ माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि युधिष्ठिर का रथ उससे भी अधिक विशेष था? यह रथ जमीन पर नहीं, बल्कि हवा में तैरता था, इसकी पीछे की कहानी बेहद रोचक और आश्चर्यजनक है। युधिष्ठिर का दिव्य रथ महाभारत (Mahabharat) के युद्ध में प्रत्येक पांडव के पास अपना एक विशेष रथ था, जो उनके व्यक्तित्व और धर्म के अनुरूप था। अर्जुन के रथ का निर्माण स्वयं देवराज इंद्र ने करवाया था, और उस पर भगवान श्रीकृष्ण सारथी बने थे। लेकिन युधिष्ठिर का रथ इससे भी अद्भुत था। उनका रथ जमीन से कुछ इंच ऊपर हवा में तैरता रहता था, जिससे वह कभी भी धरती के दोषों से प्रभावित नहीं होता था। धर्मराज का रथ क्यों था इतना विशेष? युधिष्ठिर (Yudhishthira) को “धर्मराज” कहा जाता था क्योंकि वे सत्य और न्याय के सबसे बड़े पालक थे। उनके जीवन का हर कार्य धर्म के अनुसार था। ऐसा माना जाता है कि उनके रथ का हवा में तैरना उनके धर्मपरायण जीवन का प्रतीक था। जिस प्रकार युधिष्ठिर कभी भी अधर्म के मार्ग पर नहीं चले, उसी प्रकार उनका रथ भी कभी अधर्म को स्पर्श नहीं करता था। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ दुर्योधन ने पूछा था सवाल महाभारत (Mahabharat) के युद्ध से पहले जब दुर्योधन और अर्जुन दोनों श्रीकृष्ण की सेना लेने के लिए द्वारका पहुँचे, तब दुर्योधन ने युधिष्ठिर के रथ के बारे में एक सवाल पूछा था। उसने देखा कि युधिष्ठिर का रथ जमीन को छूता ही नहीं है, जबकि अन्य सभी के रथ सामान्य थे। दुर्योधन के पूछने पर श्रीकृष्ण ने बताया कि युधिष्ठिर के रथ का यह विशेष गुण उनके धर्म के कारण है। युधिष्ठिर का रथ भी जमीन पर आ गया कुरुक्षेत्र के युद्ध में एक समय ऐसा भी आया जब युधिष्ठिर (Yudhishthira) का रथ, जो अब तक अन्य रथों से ऊंचा था, जमीन पर आ गिरा। महाभारत युद्ध के दौरान जब पांडव गुरु द्रोण को पराजित करने में असफल रहे, तो उन्होंने एक चाल चली। उन्होंने यह अफवाह फैला दी कि द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा की मृत्यु हो चुकी है। असल में, पांडवों ने अश्वत्थामा नामक एक हाथी को मार दिया था और द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को युद्ध क्षेत्र से दूर उलझा दिया था। जब यह झूठी खबर गुरु द्रोण तक पहुंची, तो वे अत्यंत व्याकुल हो गए। हालांकि, उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि उनका वीर पुत्र मारा जा सकता है। सत्य जानने के लिए उन्होंने युधिष्ठिर से प्रश्न किया, क्योंकि उनकी सत्यनिष्ठा के लिए वे प्रसिद्ध थे। भाइयों के दबाव में आकर युधिष्ठिर ने कहा, “अश्वत्थामा मारा गया,” लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, “हाथी अश्वत्थामा मारा गया है, न कि आपका पुत्र।” परंतु इस महत्वपूर्ण सत्य को ढोल-नगाड़ों की गूंज में दबा दिया गया, जिससे द्रोणाचार्य केवल पहले भाग को ही सुन सके और शोक में डूब गए। छल से मारे गए गुरु द्रोण युधिष्ठिर (Mahabharat) की बात सुनते ही द्रोणाचार्य को आघात लगा और वह अस्त्र-शस्त्र छोड़कर रथ से नीचे उतर आए. तभी राजा द्रुपद के बेटे धृष्टद्युम्न ने कौरवों और पांडवों के गुरु द्रोणाचार्य का सिर धड़ से अलग कर दिया. इस तरह पांडवों ने छल से गुरु द्रोण को मारा था. चूंकि इस छल में युधिष्ठिर भी भागीदार थे, इसलिए उनका रथ उसी क्षण जमीन से छू गया और साधारण रथ की तरह हवा में उड़ने के बजाय धरती पर चलने लगा। इसी गलती के परिणामस्वरूप धर्मराज युधिष्ठिर को स्वर्ग जाने से पहले नरक के दर्शन भी करने पड़े। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Mahabharat #MahabharataMystery #YudhishthiraChariot #FloatingChariot #DivineVehicle #MahabharataSecrets #AncientIndia #Mythology #HinduEpics #VedicWisdom #MahabharataFacts

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Mood boosting superfoods

खुश रहने के लिए खाएं ये सुपरफूड्स: मूड बूस्टर के बारे में पूरी जानकारी

हम दिन में चाहे कितने भी चैलेंजेस का सामना करें, लेकिन अगर हमारा मनोबल हाई है, तो पूरी दुनिया का सामना करना आसान हो जाता है। जब हम भूखे होते हैं या हमारे शरीर में न्यूट्रिएंट्स की कमी होती है, तो हमारा मूड भी सही नहीं रहता। हमारा भोजन हमारे शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारा भोजन हमारे मूड को कैसे प्रभावित करता है, यह एक इक्वेशन पर आधारित है। भोजन में परिवर्तन हमारे ब्रेन स्ट्रचर, केमिस्ट्री और फिजिओलॉजी आदि को भी प्रभावित करता है। स्टडीज यह भी बताती हैं कि कुछ फूड्स हमारे मूड को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। आइए जानें मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) के बारे में।  मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ खास फूड्स में ऐसे कंपाउंड्स होते हैं, जो न्यूरोट्रांस्मीटर्स डोपामाइन, सेरोटोनिन आदि पर असर ड़ाल सकते हैं और जो मूड को बेहतर बनाते हैं। मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) की लिस्ट बहुत लम्बी है। आइए जानें कुछ फूड्स के बारे में:  डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) में फ्लवोनोइड्स होते हैं, जिन्हें सेरोटोनिन लेवल को बढ़ाने के साथ लिंक किया जाता है। यह डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकते हैं। आप डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate) को सुबह ओटमील में डालें, कॉफी में पीएं या डिनर के बाद इसके एक टुकड़े का मजा लें। इससे आपका मूड सही रह सकता है लेकिन, इसे कम मात्रा में ही खाएं। केला (Banana) मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में केला भी शामिल है। यह पीला फल ट्रिप्टोफैन (Tryptophan) से भरपूर होता है, जो एक एमिनो एसिड है। यह सेरोटोनिन का अच्छा स्त्रोत है। यही नहीं, यह विटामिन बी 6 से भी भरे होते हैं, जो मूड को सही रखने में मददगार हैं। ये नाश्ते के रूप में एकदम बेहतरीन हैं, इन्हें काटकर, स्मूदी में मिलाकर या मफिन में पकाकर भी खाया जा सकता है। बेरीज (Berries) स्ट्रॉबेरीज, ब्लूबेरीज, और रेस्बेरीज एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से लड़ने मददगार होते हैं हैं। ऑक्सीडेटिव तनाव को मूड डिसऑर्डर से जोड़ा गया है। इन फलों को आप पेनकेक्स या दही में मिला कर खा सकते हैं या ऐसे भी इनका सेवन किया जा सकता है। ऑयली फिश (Oily fish) अगर आप मच्छली के शौकीन हैं, तो आपके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। क्योंकि ऑयली फिश जैसे सालमोन, मैकेरल आदि में ओमेगा -3 फटी एसिड्स होता है, जिसमें एंटी- इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जिन्हें डिप्रेशन से लड़ने में फायदेमंद पाया गया है।  नट्स और सीड्स (Nuts and seeds) अखरोट, चिया सीड्स और फ्लेक्ससीड्स आदि ओमेगा-3 का बेहतरीन स्त्रोत है। इसके साथ ही इन्हें किसी भी डिश के साथ खाया जा सकता है। आप अपने सलाद को अख़रोट या अन्य सीड्स के साथ खा सकते हैं। चिया सीड्स को स्मूदीज में ड़ाल कर भी आप अच्छा स्वाद और न्यूट्रिएंट्स पा सकते हैं।  ओट्स (Oats) ओट्स (Oats) एक अच्छा ब्रेकफास्ट है। ओट्स (Oats) एनर्जी को धीरे-धीरे रिलीज करता है, जिससे शुगर का एकदम से बढ़ना कम हो सकता है और मूड सुधरने में मदद मिल सकती है। ओट्स (Oats) को कुक करने की जगह आप रात भर इन्हें भिगोएं और सुबह फल व नट्स के साथ खाएं।  पालक (Spinach) मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में पालक (Spinach) को भी शामिल किया जा सकता है। यह सब्जी फोलेट, बी विटामिन से भरपूर होती है, जो मूड रेगुलेटिंग न्यूरोट्रांसमिटर्स, सेरोटोनिन और डोपामिन आदि को बनाने में मदद कर सकती है। आप स्मूदीज में या ऑमलेट में पालक का इस्तेमाल कर सकते हैं। पालक  (Spinach) की सब्जी भी आपको भरपूर न्यूट्रिएंट्स प्रदान कर सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स एवोकाडो (Avocado) एवोकाडो न केवल खाने में स्वादिष्ट या क्रीमी होता है, बल्कि इसमें बी विटामिन्स (Vitamin B) और मोनोअनसेचुरेटेड फैट्स होते हैं जो न्यूरोट्रांसमीटर और ब्रेन हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं। आप एवोकाडो का टोस्ट बना कर खास सकते हैं या इसका सलाद भी बना सकते हैं। इसके साथ ही इसका मिल्कशेक भी बनाया जा सकता है। इनके अलावा मूड बूस्ट करने वाले सुपरफूड्स (Mood boosting superfoods) में बीन्स, ग्रीन टी, शकरकंदी आदि को भी शामिल किया जा सकता है। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mood boosting superfoods #Spinach #Oats #DarkChocolate #Moodboostingsuperfoods #superfoods

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Bhajanlal Sharma on illegal mining

Bhajanlal Sharma on illegal mining: अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जीरो टॉलरेंस, लिया यह बड़ा फैसला 

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने खनन माफियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ मुहीम छेड़ रखी है। इसके तहत सूबे में अवैध खनन माफिया पर एक्शन के दौरान जब्त की गई बजरी (कंकड़) और अन्य खनिज को 15 दिन के भीतर ही नीलाम कर दिया जाएगा। यही नहीं, जब्त वाहनों को 21 अप्रैल तक कोर्ट से राज्यसात कराने के बाद नीलाम कर दिया जाएगा। यह जानकारी माइंस एवं पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने शुक्रवार को अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान दी। अधिकारियों से वर्चुअल मीटिंग के दौरान टी. रविकान्त ने कहा कि “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहे हैं। सीएम के निर्देशानुसार विभाग ने अभियान की आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों को अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त व प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्हें स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि “इसमें किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”  15 दिन में की जाए नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining)  बता दें कि इस दौरान टी. रविकान्त ने बताया कि “जब्त बजरी, अन्य खनिज व वाहन पुलिस थानों में लंबे समय तक रखे रहने से छीजत होने की संभावना रहती है। साथ ही जब्ती का उद्देश्य भी पूरा नहीं होता। राज्य सरकार को राजस्व भी नहीं मिल पाता। ऐसे में उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए 15 दिन में नीलामी की कार्रवाई (Bhajanlal Sharma on illegal mining) की जाए। इसके अलावा अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर जिला कलक्टर के मार्गदर्शन व संबंधित विभागों से समन्वय बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूर्व में जब्त बजरी सहित खनिजों की नीलामी तय समय-सीमा में सुनिश्चित करवा दी जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश  अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं वैध खनन को बढ़ावा दिया जा सके इसलिए रविकान्त ने खनन क्षेत्रों के डेलिनियेशन और प्लॉट व ब्लॉक तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के साथ ही इनकी नीलामी की कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने रिकार्ड राजस्व अर्जन व 23.62 प्रतिशत की विकास दर अर्जित करने के लिए खान एवं भूविज्ञान विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों की प्रशंसा भी की। यही नहीं माइंस निदेशक दीपक तंवर ने बताया कि अवैध खनन गतिविधियों (Bhajanlal Sharma on illegal mining) के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किए जा रहे हैं और होमगार्ड सहित आवश्यक मानव संसाधन लगाया जा रहा है। देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान सरकार के इस कदम का क्या असर होगा और किस हद तक अवैध खनन पर लगाम लगाई जा सकेगी। Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma on illegal mining IllegalMining #BhajanLalSharma #ZeroTolerancePolicy #RajasthanNews #AntiMiningAction #MiningBan #EnvironmentalProtection

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KKR beat SRH by 80 runs

KKR beat SRH by 80 runs: आईपीएल के 15वें मुकाबले में केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद को दी 80 रनों से मात 

आईपीएल 2025 सीजन का 15वां मुकाबला कोलकाता के ईडेन गार्डंस में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला गया। वेंकटेश अय्यर 60 रनों की तूफानी पारी के और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर कोलकाता नाइटराइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी शिकस्त (KKR beat SRH by 80 runs) दी। दरअसल, टॉस जीतने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने 20 ओवर में छह विकेट खोकर 200 रन बनाए। 201 रन के विशाल लक्ष्‍य का पीछा करने उतरी सनराइजर्स हैदराबाद की शुरूआत बेहद खराब रही। टॉप ऑर्डर के बल्‍लेबाज ट्रेविस हेड (4), अभिषेक शर्मा (2) और ईशान किशन (2) एक के बाद एक आउट होते गए। इसके अलावा मिडिल ऑर्डर भी कुछ ख़ास नहीं कर सका। नितीश रेड्डी (19), कमिंडु मेंडिस (27) और हेनरिच क्‍लासेन ने (33) रन बनाए, लेकिन यह नाकाफी था। इसके अलावा अनिकेत वर्मा (6) और कप्‍तान पैट कमिंस (14) ने भी कोई ख़ास कारनामा नहीं किया। इस लड़खड़ाती बल्लेबाजी के चलते हैदराबाद 16.4 ओवर में 120 रन पर ही ऑलआउट हो गई।  शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से गया नवाजा (KKR beat SRH by 80 runs) इस तरह केकेआर ने यह मुकाबला 80 रन से अपने नाम (KKR beat SRH by 80 runs) कर लिया। केकेआर के लिए जीत के हीरो वेंकटेश अय्यर, वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती रहे। इन तीनों खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया। केकेआर की तरफ से वैभव अरोड़ा और वरुण चक्रवर्ती ने तीन-तीन विकेट चटकाए। आंद्रे रसेल को दो सफलताएं मिली। हर्षित राणा और सुनील नरेन के खाते में एक-एक विकेट आया। बता दें कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वैभव अरोड़ा ने 3 विकेट लेकर बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया। वैभव ने पहले ही ओवर में ट्रेविस हेड को आउट करके बड़ा झटका दिया। उसके बाद अगले ओवर में ईशान किशन को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेजा। तो वहीं हेनरिक क्लासेन का विकेट लेकर सनराइजर्स की जीत की उम्मीदें भी खत्म कर दी। शानदार गेंदबाजी के कारण वैभव को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।  इसे भी पढ़ें:-गुजरात टाइटंस ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु उन्हीं के घर में दी 8 विकेट से करारी शिकस्त यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है  इस जीत के साथ केकेआर ने आईपीएल के इतिहास में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। दरअसल, केकेआर आईपीएल में तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मैच जीतने वाली पहली टीम बन गई है। आईपीएल के इतिहास में केकेआर की टीम ने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे मुकाबले जीते हैं। केकेआर ने पंजाब के खिलाफ 21, आरसीबी के खिलाफ 20 और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 20 मुकाबले में जीत हासिल की है। आईपीएल में ऐसा करने वाली केकेआर पहली टीम बन गई है। जिसने तीन टीमों के खिलाफ 20 या उससे अधिक मुकाबले जीते हैं। बता दें कि हैदराबाद की यह आईपीएल इतिहास में रन के अंतर से सबसे बड़ी हार रही। यह केकेआर की आईपीएल 2025 में चार मैचों में दूसरी जीत है तो वहीं, एसआरएच की यह 4 मैचों में तीसरी हार है। Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 KKR beat SRH by 80 runs KKRvsSRH #IPL2025 #KKRWin #SRHvsKKR #IPLHighlights #KolkataKnightRiders #SunrisersHyderabad

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BSNL financial loss

BSNL financial loss: बीएसएनएल की अपनी इस लापरवाही के चलते मोदी सरकार को लगा 1758 करोड़ रुपये का चूना

कहा जाता है कि सरकारी काम में बड़ी हीलाहवाली और लापरवाही होती है। सरकारी महकमा अक्सर अपने लेटलतीफी के लिए जाना भी जाता है। कभी-कभी यह लेटलतीफी और लापरवाही सरकार को करोड़ों-अरबों का नुकसान करा देती है। ऐसा ही एक मामला एक जमाने में देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही भारतीय संचार निगम लिमिटेड यानी बीएसएनएल से जुड़ा है, जिसकी घोर लापरवाही की वजह से भारत सरकार को करोड़ों (BSNL financial loss) का चूना लगा। आप सोचेंगे कि हाशिये पर पड़ी बीएसएनएल ने भला ऐसा क्या कर दिया, जिससे गवर्नमेंट को करोड़ों का नुकसान हो गया? तो आपको बता दें अपने ढिलाई के लिए मशहूर बीएसएनएल ने मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को दस साल तक बिल ही भेजना भूल गई। आपको यह जानकर हैरत होगी कि साल 2014 से 2024 तक का समय बीत गया, लेकिन बीएसएनएल ने जियो को अपने बुनियादी ढांचे मसलन, जैसे टावर, फाइबर नेटवर्क और अन्य संसाधनों – के इस्तेमाल के लिए एक भी बिल नहीं भेजा। नतीजतन सरकार को 1758 करोड़ रुपये का चूना लग गया।  10 साल तक वसूली नहीं करने की वजह से सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का हुआ (BSNL financial loss) नुकसान  दरअसल, हाल ही में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी की रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। बीते मंगलवार को सीएजी ने कहा कि “दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने टावर जैसे बुनियादी ढांचे को साझा करने पर अपने समझौते के अनुसार रिलायंस जियो से 10 साल कोई वसूली नहीं की। इससे सरकार को 1,757.56 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। कैग ने यह भी कहा कि बीएसएनएल दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं को दिए जाने वाले राजस्व हिस्से से लाइसेंस शुल्क का हिस्सा काटने में विफल रही। इससे सरकारी कंपनी को 38.36 करोड़ रुपये का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। यही नहीं बयान में यह भी कहा गया है कि “बीएसएनएल मेसर्स रिलायंस जियो इन्फोकॉम लि.के साथ मास्टर सर्विस एग्रीमेंट को लागू करने में विफल रही।   मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था (BSNL financial loss) बीएसएनएल के साझा टावर जैसे बुनियादी ढांचे पर इस्तेमाल की गई अतिरिक्त प्रौद्योगिकी के लिए बिल नहीं दिया। इससे मई, 2014 से मार्च, 2024 के बीच सरकारी खजाने को 1,757.76 करोड़ का नुकसान (BSNL financial loss) हुआ। और उस पर दंडात्मक ब्याज भी देना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि बीएसएनएल ने बुनियादी ढांचा साझाकरण शुल्क का कम बिल बनाया था।” जानकारी के मुताबिक मई 2014 में बीएसएनएल और रिलायंस जियो के बीच एक करार हुआ था। करार के मुताबिक बीएसएनएल के निष्क्रिय पड़े टावर और फाइबर नेटवर्क जैसे संसाधनों को जियो के साथ साझा करना तय हुआ। और बदले में जियो को बीएसएनएल को भुगतान करना था। यह तो ठीक, लेकिन विगत दशकों से नुकसान झेल रही बीएसएनएल ने तय समय पर बिल भेजना जरूरी ही नहीं समझा। इस तरह दस साल बीत गए। और 10 साल बाद यह लापरवाही जाकर सामने आई।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है हैरत की बात यह है कि बीएसएनएल की लापरवाही सिर्फ जियो तक ही सीमित नहीं रही। कंपनी ने जियो के अलावा कई अन्य टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स के साथ भी रेवन्यू शेयरिंग के करार किए थे। इन करारों के तहत बीएसएनएल को लाइसेंस फीस वसूलनी थी, जो सरकार के खजाने में जमा होती। मगर बीएसएनएल इस कदर लापरवाह रही कि ये फीस वसूलना ही भूल गई। इस गलती की कीमत सरकार को 38 करोड़ 36 लाख रुपये के अतिरिक्त नुकसान के रूप में चुकानी पड़ी। बड़ी बात यह कि दोनों नुकसानों को जोड़ दिया जाये तो तकरीबन सरकार को करीब 1800 करोड़ रुपये का चूना (BSNL financial loss) लगा है। यानी टैक्स पेयर के पैसों को स्वाहा कर दिया। गौरतलब हो कि बीएसएनएल का इतिहास नुकसानों से भरा रहा है। साल 2013-14 में कंपनी को 14,979 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। उसके बाद से यह सरकारी दया और अभयदान पर ही निर्भर रही है। भारत सरकार द्वारा हजारों करोड़ निवेश करने के बाद कंपनी की हालत खस्ता बनी हुई है। कहने की जरूरत नहीं इससे बीएसएनएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Latest News in Hindi Today Hindi BSNL financial loss #BSNL #BSNLLoss #ModiGovernment #IndianTelecom #TelecomCrisis #BSNLFinancialLoss #GovernmentLoss #BSNLNews #EconomicImpact #BSNLUpdate

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Maa Lakshmi

इन 5 छोटे जीवों का घर में हो रहा है आगमन, तो समझलें लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर 

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, कुछ जीवों (Creature) का घर में आना शुभ संकेत माना जाता है। इन्हें देखकर न सिर्फ खुश होना चाहिए, बल्कि इनका सम्मान भी करना चाहिए, क्योंकि ये धन और सुख-समृद्धि लाने वाले माने जाते हैं। आइए जानते हैं कौन से हैं ये शुभ जीव? लक्ष्मी जी आ रही हैं आपके घर  1. छिपकली– धनवर्षा का संकेत शास्त्रों में छिपकली को बेहद शुभ माना गया है। अगर घर में छिपकली दिखाई दे, खासकर अगर वह आपके शरीर पर गिर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। कहते हैं कि इससे धन लाभ होता है और लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है। 2. तोता – समृद्धि का प्रतीक शकुन शास्त्र के अनुसार, घर में तोते का आना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे भगवान कुबेर का प्रतीक माना जाता है। जब तोता घर में प्रवेश करता है, तो यह सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत होता है। कहा जाता है कि तोता अपने साथ सकारात्मक समाचार लेकर आता है। 3. चींटी – मेहनत का फल मिलता है चींटियों का घर में आना भी शुभ माना जाता है, खासकर अगर वे लाल चींटियां हों। मान्यता है कि चींटियों को शक्कर डालने से मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) प्रसन्न होती हैं इसके साथ ही, ऐसा माना जाता है कि तोते के आगमन से घर में धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। 4. तितली – सुख-शांति का संदेश तितली का घर में प्रवेश करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इसे सौभाग्य और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। अगर तितली आपके सिर के ऊपर से गुजर जाए, तो यह बहुत ही शुभ संकेत होता है। 5. गौरैया (चिड़िया) – खुशखबरी लाती है गौरैया का घर में आना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि अगर गौरैया आपके घर में घोंसला बना ले, तो वहां सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसे भी पढ़ें:- जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ क्या करें जब ये जीव दिखें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Maa Lakshmi #GoddessLakshmi #LuckySigns #HomeProsperity #WealthAttracting #SpiritualSigns #VastuTips #PositiveEnergy #GoodLuck #LakshmiBlessings #FortuneSigns

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Kalimath Temple

कालीमठ मंदिर: जहाँ रक्तबीज का वध करके अंतर्ध्यान हुईं थीं माँ काली, नवरात्रि में दर्शन से पूरी होती हैं मनोकामनाएँ

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) एक प्राचीन और रहस्यमयी शक्तिपीठ है। नवरात्रि के पावन अवसर पर इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं तथा जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। कालीमठ सिद्ध शक्तिपीठ को लेकर कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं, जिनका उल्लेख स्कंद पुराण सहित अन्य ग्रंथों में भी मिलता है। मान्यता है कि जब धरती पर रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का अत्याचार बढ़ गया था, तब इंद्र सहित सभी देवताओं ने मां शक्ति की आराधना की। देवताओं की तपस्या से प्रसन्न होकर माता प्रकट हुईं। जब उन्होंने दैत्यों के उत्पात के बारे में सुना, तो उनका क्रोध इतना प्रबल हुआ कि उनका स्वरूप काला पड़ गया। इसके बाद माता ने रक्तबीज और शुंभ-निशुंभ का संहार करने के लिए कालीशिला में 12 वर्ष की कन्या के रूप में अवतार लिया। कालीशिला कालीमठ मंदिर से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। मान्यता है कि इस पवित्र शिला पर माता के चरणों के निशान आज भी विद्यमान हैं, जिनकी श्रद्धालु भक्त आस्था के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। माँ काली और रक्तबीज वध की पौराणिक कथा माता काली के कालीशिला में प्रकट होने के बाद उनका रक्तबीज के साथ भयंकर युद्ध हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) को यह वरदान प्राप्त था कि उसकी रक्त की हर बूंद से एक नया रक्तबीज उत्पन्न होगा। इसे रोकने के लिए माता काली ने उसकी रक्त बूंदों को धरती पर गिरने से पहले ही पान करना शुरू कर दिया। अंततः माता काली ने जिस स्थान पर रक्तबीज का संहार किया, वह स्थान रक्तबीज शिला के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह पवित्र शिला कालीमठ से कुछ दूरी पर स्थित है और श्रद्धालु यहां आकर देवी की शक्ति का स्मरण करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। कालीमठ में अंतर्ध्यान हुई देवी मां “रक्त बीज वधे देवि चण्ड मुण्ड विनाशिनि।रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।” पौराणिक कथाओं के अनुसार, रक्तबीज (Raktabija) का वध करने के बाद माता काली ने शुंभ-निशुंभ का भी संहार किया, जिससे देवताओं को भय से मुक्ति मिली। हालांकि, इन दैत्यों का वध करने के बाद भी माता काली का क्रोध शांत नहीं हुआ। उनका रौद्र रूप देखकर देवता भयभीत हो गए और उन्होंने भगवान शिव से सहायता की प्रार्थना की। भगवान शिव, देवी के क्रोध को शांत करने के लिए उनके मार्ग में लेट गए। जैसे ही माता काली ने शिव को अपने चरणों के नीचे देखा, उनका क्रोध शांत हो गया और वे तुरंत अंतर्ध्यान हो गईं। मान्यता है कि देवी काली जिस स्थान पर अंतर्ध्यान हुईं, वही कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के रूप में प्रसिद्ध हुआ। यहां देवी की कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। इसके बजाय, देवी की ऊर्जा और शक्ति का पूजन एक पवित्र कुंड में यंत्र रूप में किया जाता है। श्रद्धालु इस दिव्य स्थान पर आकर देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व नवरात्रि (Navratri) में करें कालीमठ के दर्शन नवरात्रि (Navratri) के पावन अवसर पर कालीमठ मंदिर (Kalimath Temple) के दर्शन करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। मां काली अपने भक्तों की हर सच्ची मनोकामना पूरी करती हैं। यह स्थान उन साधकों के लिए भी अत्यंत पवित्र है, जो तंत्र-मंत्र या ध्यान साधना के माध्यम से आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां दर्शन करने से आत्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कालीमठ कैसे पहुंचें? नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi News Kalimath Temple #KalimathTemple #MaaKali #NavratriDarshan #KalimathUttarakhand #ShaktiPeeth #KaliMata #HinduTemple #SpiritualJourney #DivineBlessings #ReligiousTourism

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Tinder's AI-powered flirting game

Tinder’s AI-powered flirting game: अपने डेटिंग स्किल को बेहतर बनाने का मौका

टिंडर (Tinder) एक लोकप्रिय डेटिंग ऐप (Dating app) है ,जिससे यूजर्ज अपने आसपास के लोगों से मिल सकते हैं और उनसे दोस्ती कर सकते हैं। इस ऐप में यूजर अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और अन्य लोगों के प्रोफाइल्स को भी देख सकते हैं। अगर दो यूजर एक दूसरे को पसंद करते हैं और मैच हो जाते हैं, तो वो एक दूसरे से चैट करते हैं। यह डेटिंग ऐप (Dating app) लोगों को अपना पार्टनर या जीवनसाथी से मिलने और समय बिताने का मौका देती है। दुनिया भर में लाखों लोग टिंडर (Tinder) का इस्तेमाल करते हैं। लोगों को लुभाने के लिए यह ऐप समय-समय पर कुछ नया ट्राई करती रहती है। अब यह एक नया फीचर ले कर आयी है। टिंडर (Tinder) एक एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम ले कर आया है, जो इसकी एंगेजमेंट को बूस्ट करती है। आइए जानें टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game): पाएं जानकारी आजकल एआई का इस्तेमाल बहुत अधिक हो रहा है और इससे जीवन काफी आसान हुआ है। आज हर व्यक्ति इसका प्रयोग कर रहा है। अब टिंडर (Tinder) ने एक नया फीचर लांच किया है, जिसमें यूजर एआई बोट के साथ फ्लर्ट कर सकते हैं। है न यह एक अजीब और अनोखी चीज? अब आपको यह जान कर और भी हैरानी होगी कि इस गेम को क्यों बनाया गया है? इस गेम को इसलिए बनाया है ताकि यूजर्स अपनी डेटिंग स्किल्स को सुधार सकें। इस गेम इसमें सुधार में मदद करेगी। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) के बारे में और जानें। टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) की विशेषताएं टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) का नाम है द गेम गेम और इससे यूजर विभिन्न एआई पर्सनालिटी के साथ बातचीत कर सकते हैं। इसमें यूजर अपनी आवाज का उपयोग करके रिस्पांस देते हैं और बॉट के साथ एक डेट के लिए फ्लर्ट करने का प्रयास करते हैं। इस गेम में यूजर को एक स्कोर दिया जाता है और इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया जाता है कि वो अपनी डेटिंग स्किल को कैसे सुधार सकते हैं। गेम में यूजर्स को अपने विहेवियर और अधिक आकर्षक बनाने और अपने संदेशों में अधिक अच्छे से बात करने को लेकर भी राय दी जाती है। अगर लेकिन, यह गेम अपनी अमेरिकी यूजर्स के लिए ही उपलब्ध है।  गेम के नियम टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) खेलने में लिए यूजर को टिंडर (Tinder) लोगो पर जाना होगा, जो इस डेटिंग ऐप (Dating app) में ऊपरी लेफ्ट कार्नर में है। इसमें यूजर को एक डेक कार्ड दिया जायेगा और हर कार्ड पर एक अलग एआई पर्सनालिटी और विज़ुअल्स हैं। यूजर को वॉइस कमांड का इस्तेमाल करके रियेक्ट करना होगा और एक लिमिटेड टाइम में डेट पाने के लिए ट्राई करना होगा। इसके बाद उन्हें स्कोर मिलेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस ऐप को ह्यूमन इंटरेक्शन के साथ रिप्लेस करने के लिए नहीं बनाया गया है। इसकी जगह इसे रियल लाइफ में रियल लोगों के साथ रियल बातचीत को प्रोत्साहित करने के लिए डिजाइन किया गया है।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट संक्षेप में कहा जाए तो टिंडर की एआई-पॉवर्ड फ्लिर्टिंग गेम (Tinder’s AI-powered flirting game) को यूजर को अपने कम्युनिकेशन स्किल्स में सुधार करने के लिए बनाया गया है। इससे यूजर एआई बोट से बात कर सकते हैं और उससे फ़्लर्ट कर सकते हैं। यही नहीं, इससे डेटिंग के प्रति एप्रोच में भी सुधार आ सकता है और यूजर को इसमें सुधार में मदद की जा सकती है। यह एक मजेदार गेम है, जो यूजर्स को पसंद आएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Tinder’s AI-powered flirting game #Tinder’sAI-poweredflirtinggame #game #Tinder’sAI #Datingapp

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AAPCON 2025 'Ayurveda Parv'

मुंबई में आयोजित होगा AAPCON 2025 ‘Ayurveda Parv’: पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा फेस्टिवल या इवेंट है, जो अधिकतर एक मल्टी-डे एक्सिबिशन होता है। इसका उपद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना है। इसका आयोजन कुछ संगठनों द्वारा किया जाता है जैसे मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) या द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM)। अन्य शब्दों में कहा जाए तो आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और इसके फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बार एएपीकॉन 2025 “आयुर्वेद पर्व” सम्मेलन और प्रदर्शनी पहली बार मुंबई में आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (एएपी) द्वारा आयोजित की जाएगी। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह एक प्लेटफॉर्म है, जिसमें आयुर्वेद के बारे में लोगों को बताया और जागरूक किया जाता है। इसमें प्रदर्शनी, साइंटिफिक सेशन, मेडिकल चेक-अप कैंप आदि का आयोजन किया जाता है। द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के अनुसार हर व्यक्ति के लिए क्वालिटी हेल्थकेयर सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम एकोसिस्टम बनाना आवश्यक है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ मिलकर आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) का आयोजन करता है। कहां मनाया जा रहा है इस साल आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  इस साल पांचवां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन होटल ताज लैंड्स 5 से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जैसे आयुर्वेद से जुडी एक्सीबिशंस, फ्री हेल्थ चेकअप और सेमीनार आदि। यह कॉसेप्ट ‘आयुर्वेद जगत सेतु’ पर बेस्ड है जिसका अर्थ है कि आर्युवेद ग्लोबल हेल्थ का ब्रिज है। इस एनुअल कॉनफेरेन्स को मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ सहयोग के साथ मनाया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। यानी, आयुर्वेद से जुड़े कई लोग इस सम्मेलन में शामिल होंगे और भारतीय आयुर्वेद सिस्टम को एक प्लेटफार्म प्रदान करेंगे।  इसे भी पढ़ें: 50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार? आयुर्वेद पर्व कॉन्फ्रेंस (Ayurveda Parv Conference) की डिटेल यह कॉन्फ्रेंस तीन दिन की रहेगी और इस दौरान हेल्थ (Health) से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की डिटेल इस प्रकार है: इसके साथ ही इसमें आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) में समुद्र मंथन फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के साथ लिवर वर्कशॉप्स और स्पेशल सेशन होंगे। यही नहीं, डिजिटल हेल्थ मार्केटिंग, कॉर्पोरेट हॉस्पिटल पार्टनरशिप और आयुर्वेद प्रोफेशनल के लिए अवसरों पर भी चर्चा होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Ayurveda Parv #AyurvedaParvconference #Ayurvedafestivalconference #MinistryofAYUSH #ASSOCHAM #AyurvedaParv #Ayurveda #AAPCON

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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